प्रदेश
मुठभेड़ में 7 नक्सली मारे गए, सीएम साय ने कहा – प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 7 नक्सली मारे गए. सीएम विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर लिखा है कि निश्चित ही सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. उनके साहस को सलाम करता हूं. नक्सलवाद के खिलाफ हमारी सरकार मजबूती से लड़ाई लड़ रही है. प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य है.
आज नारायणपुर और दंतेवाड़ा के सीमावर्ती इलाके में रूक रूक कर हो रही मुठभेड़ में सात वर्दीधारी नक्सली मारे गए हैं. नारायणपुर पुलिस ने दो नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए हैं. वहीं पांच वर्दीधारी नक्सलियों के शव दंतेवाड़ा पुलिस को मिले हैं. इसकी पुष्टि पुलिस कप्तान गौरव राय ने की है.
जानिए कब-कब मारे गए नक्सली
इससे पहले 2 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में आठ नक्सलियों को मार गिराया था. 16 अप्रैल को कांकेर जिले में सुरक्षा बल के जवानों ने टॉप कमांडर समेत 29 नक्सलियों को मारे थे. नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा पर 30 अप्रैल को तीन महिलाओं सहित 10 नक्सली मारे गए थे. 10 मई को बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराया था.
बंगाल में ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द, कोर्ट का फैसला नहीं मानने पर भाजपाइयों ने CM ममता बनर्जी का फूंका पुतला
रायपुर। पश्चिम बंगाल में कोलकाता हाईकोर्ट ने करीब पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया है. इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले को नहीं मानने की बात कही है. इसका भाजपाइयों ने विरोध किया है. बता दें कि कोलकाता उच्च न्यायालय ने 2010 से 2024 तक के पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को रद्द कर दिया है और 2010 से जो सर्टिफिकेट दिया गया था उसको भी रद्द किया है. कोर्ट के फैसले को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नहीं मानने और उसे फिर से लागू करने की बात कही है. इसके चलते आज भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने रायपुर के बूढ़ातालाब के पास बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान की निंदा की है और आदेश जारी किया है कि सभी प्रदेशों में जिला पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान का विरोध कर उनका पुतला दहन किया जाए और कोलकाता उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए स्वागत किया जाए.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान के विरोध स्वरूप राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश का पालन करते हुए रायपुर में जिला पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री यादराम साहू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला दहन किया गया एवं कोर्ट के फैसला का सम्मान किया गया. पुतला दहन के कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश के उपाध्यक्ष शांतनु साहू, प्रदेश मंत्री देवदत्त साहू, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी नरेंद्र निर्मलकर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्रवण यदु, जिला मंत्री वरुण साहू, कार्यालय जिला प्रभारी निलेश नायक, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र साहू, मंडल अध्यक्ष लव यादव, करण यादव,थानेश्वर साहू, नरेंद्र फूल सिंह यादव, पूर्व पार्षद संतोष साहू,पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.
डिप्टी सीएम शर्मा बोले – नगरीय निकाय में जाति प्रमाणपत्रों की होगी जांच, 5 साल में बड़े पैमाने पर बनाए गए हैं फर्जी सर्टिफिकेट
रायपुर। पश्चिम बंगाल में पांच लाख ओबीसी सर्टिफिकेट का रद्द कर दिया गया है. कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा है कि वोट बैंक के लिए मुस्लिमों को ओबीसी कोटे का लाभ दिया गया है. इस मामले में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में विगत 5 सालों में नगरीय निकाय में बड़ी संख्या में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाए गए हैं, इसकी जांच की जाएगी.
कोलकाता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी सभी ओबीसी प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया है. इनकी संख्या करीब पांच लाख है. हाईकोर्ट ने ओबीसी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को असंवैधानिक करार दिया है और 37 वर्गों को दिए गए ओबीसी आरक्षण को भी रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि रद्द प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किसी भी रोजागार प्रक्रिया में नहीं किया जा सकेगा.
भाजपा का कार्टून पोस्टर वार : लिखा, शहजादे राहुल गांधी स्वयं के गिरेबान में झांककर देखिए…इसकी बड़ी वजह
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा है कि देश में पीएम मोदी की चल रही प्रचंड लहर के चलते राहुल गांधी मानसिक संतुलन खो चुके हैं। क्योंकि राहुल को कांग्रेस और इंठी गठबंधन की हार तय लगने लगा है। यही कारण है कि अब वे मीडिया और विज्ञापन को लेकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर भी आरोप लगाने में पीछे नहीं रह रहे हैं। अभी तक तो गनीमत थी, राहुल संविधान और देश की संवैधानिक संस्थाओं को भ्रष्टाचार पर करने के नाते उस पर राजनैतिकरण का आरोप तो चुनाव से पहले ही लगा रहे हैं। श्री शर्मा ने उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी की जुबान कब क्या बोल जाए उसका कोई भरोसा नहीं है, इस बात को देश की जनता भी जानती है। राहुल अब मानसिक दिवालियापन के शिकार हो गए हैं। वे कभी मीडिया को ब्लैकमेलर तो कभी गोदी मीडिया कहने से भी गुरेज नहीं करते।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि ये वही कांग्रेस पार्टी है जब चुनाव जीतती है तो ईवीएम पर कुछ नहीं बोलती है और जैसी ही हारती है तो वह खुद की समीक्षा के बजाए ईवीएम को अपनी हार का जिम्मेदार ठहराती है। कांग्रेस की जिस राज्य में सरकार बनती है, वह मीडिया पर सबसे पहले इमरजेंसी लगाती है। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार में पत्रकारों पर कैसे फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए, वह किसी से छिपा नहीं है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि राहुल की दिमागी हालत ठीक नहीं है, तभी उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को 1 हजार करोड़ रुपए मीडिया को विज्ञापन के नाम पर देने बयान देकर हंसी के पात्र बन गए हैं। लेकिन शहजादे फिर बोलने के झोंक में भूल गए उनके ही कांग्रेस की भूपेश पे की सरकार चंद महीनों पूर्व थी, जिसे जनता ने लूट भ्रष्टाचार के चलते सत्ता की कुर्सी से खींचकर धूल चटा दी है। राहुल जी, 1 हजार करोड़ रुपए तो आपके भूपेश बघेल की सरकार ने बांटे होंगे। पहले अपने गिरेबां में झांकिए राहुल, इस बार जनता आपको और आपकी कांग्रेस को ऐसी हार देगी कि वजूद ही खत्म हो जाएगा। क्योंकि जनता आपकी तुष्टिकरण की राजनीति को समझ चुकी है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने पूछा कि ब्लैकमेलर कहकर राहुल गांधी ने मीडिया जगत का अपमान किया है। क्या वह बताएंगे, कि उन्होंने और उनकी कांग्रेस पार्टी ने ऐसा कौन सा कुकर्म किया था, जिससे मीडिया उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। इसको भी देश को बताना चाहिए। साथ ही कितने कुकर्मों के लिए कितनी बार ब्लैकमेल किए। राहुल जी, आप अपनी दादी के इंजरमेंसी वाली तानाशाही मानसिकता को उजागर कर दिया है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि इंडी गठबंधन के अलीबाबा 40 चोरों के सरदार राहुल, आपकी कांग्रेस की यूपीए सरकार में 10 साल के कार्यकाल में हुए 12 लाख करोड़ रुपए के टूजी, थ्री जी, कामनवेल्थ सहित अनगित घोटाले हुए थे। जिसे मीडिया ने ही उजागर किया था, और देश को कांग्रेस के लूट वाले पंजों से बचाया था और जनता ने मोदी पर भरोसा जताते हुए देश का प्रधानमंत्री बनाया। आज देखिए भारत विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था बनने के बाद अब 2029 तक तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। कांग्रेस का तो सिर्फ लूट का ही ट्रैक रिकार्ड रहा है।
पुरी में योगी आदित्यनाथ के साथ दहाड़े बृजमोहन अग्रवाल, संबित पात्रा और पृथ्वीराज हरिचंदन के लिए किया प्रचार
पुरी/ रायपुर। ओडिशा में छठे चरण के चुनाव के मतदान का प्रचार गुरुवार को थम गया। प्रचार के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पुरी में जनसभा को संबोधित किया और भाजपा उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे। बानपुर में आयोजित सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बृजमोहन अग्रवाल के साथ ही पुरी से पार्टी लोकसभा उम्मीदवार संबित पात्रा एवं चिल्का विधानसभा उम्मीदवार पृथ्वीराज हरिचंदन ने भी सभा को संबोधित किया।
बृजमोहन अग्रवाल ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि, पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक सम्पूर्ण राष्ट्र में मोदी की लहर है। ओडिशा में पटनायक सरकार का अंत नजदीक है। राज्य की जनता भाजपा के साथ है इसका उदाहरण है कि भीषण गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में लोग इस सभा में एकत्रित हुए हैं। यहां की जनता पटनायक पांडियन से त्रस्त हो चुकी है। भाजपा सरकार ही ओडिशा का तेज गति से विकास कर सकती है। जिसके लिए आप लोगों से आह्वान करता हूं कि लोकसभा के लिए संबित पात्रा और विधानसभा के लिए पृथ्वीराज हरिचंदन समेत सम्पूर्ण ओडिशा में भाजपा प्रत्याशियों को वोट दें और राज्य के साथ ही केंद्र में एक बार फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाएं।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभुषण हरिचंदन के सुपुत्र भाजपा प्रत्याशी पृथ्वीराज हरिचंदन के रोड़ शो में भी हुए शामिल
बृजमोहन अग्रवाल इससे पहले बुधवार को बानपुर में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभुषण हरिचंदन के सुपुत्र भाजपा प्रत्याशी पृथ्वीराज हरिचंदन के लिए रोड़ शो किया तथा भाजपा के पक्ष में जनता से वोट मांगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने राजनांदगांव, दुर्ग और महासमुंद में मतगणना की तैयारियों का लिया जायजा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज राजनांदगांव, दुर्ग और महासमुंद का दौरा कर आगामी 4 जून को होने वाली मतगणना की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने तीनों जिला मुख्यालयों में स्ट्रांग-रूम में रखे ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मतगणना हेतु तैयार किए जा रहे मतगणना कक्षों का अवलोकन किया। श्रीमती कंगाले ने निर्बाध और सुव्यवस्थित मतगणना के लिए मतगणना स्थल पर विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रश्मि वर्मा और दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर सहित तीनों जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने तीनों जिलों में विधानसभावार मतगणना कक्षों, उम्मीदवारों एवं उनके गणना अभिकर्ताओं की बैठक व्यवस्था, प्रवेश पास, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मॉनिटरिंग, मतगणना के दिन वीडियोग्राफी, सुरक्षा व्यवस्था, बैरीकेडिंग, डाक मतपत्रों तथा वीवीपैट पर्ची की गिनती की व्यवस्था, मीडिया सेंटर तथा उद्घोषणा स्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मतगणना हॉल में मोबाइल फोन, आईपेड, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, कैमरा एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेगा। मीडिया प्रतिनिधि मीडिया सेंटर तक मोबाइल ले जा सकते हैं। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों को छोटे-छोटे समूहों में मतगणना कार्य का अवलोकन कराने निर्देशित किया। श्रीमती कंगाले ने मतगणना स्थल और मतगणना कक्षों की ड्राइंग-डिजाइन का अवलोकन कर निर्वाचन अभिकर्ताओं की सुविधा के लिए इसे मतगणना स्थल में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए जिससे अभिकर्ता अपने निर्धारित मतगणना कक्ष तक सुगमता से पहुंच सके। उन्होंने मतगणना स्थल में विधानसभावार मतगणना कक्ष तक पहुंचने के लिए बनाए गए मार्गों का भी अवलोकन किया।
श्रीमती कंगाले ने तीनों जिले में मतगणना स्थलों पर सहायक रिटर्निंग ऑफिसर्स (एआरओ) से चर्चा कर मतगणना के लिए टेबलों की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वोटों की गिनती के लिए कंट्रोल यूनिट को स्ट्रांग-रूम से मतगणना कक्ष तक लाने और वापस ले जाने की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने स्ट्रांग-रूम के बाहर मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर स्ट्रांग-रूम की सुरक्षा व मॉनिटरिंग व्यवस्था तथा मतगणना स्थल पर इंतजामों के संबंध में फीडबैक भी लिया। इन पर दलों के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बताते हुए संतुष्टि जताई। उल्लेखनीय है कि लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के लिए प्रदेश में तीन चरणों में डाले गए वोटों की गिनती आगामी 4 जून को सभी संबंधित जिला मुख्यालयों में होगी।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगो ने संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया: किरण देव
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस कथन का तीखा प्रतिकार करते हुए न्यायालय की खुली अवहेलना करार दिया है, जिसमें ममता बनर्जी यह कहती नजर आ रही हैं कि “मैं कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करूंगी, बंगाल में मुसलमानों को ओबीसी आरक्षण देना नहीं छोड़ूंगी।”
देव ने आरक्षण को लेकर दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले के बाद बनर्जी के वायरल हुए वीडियो का हवाला देकर कहा कि ममता बनर्जी का कथन न केवल संविधान की आत्मा को लहूलुहान करने वाला है, अपितु इससे यह भी एकदम साफ हो गया है कि संविधान और आरक्षण के नाम पर झूठा प्रचार करके कांग्रेस और भाजपा विरोधी दल देश को भ्रमित करने का शर्मनाक कृत्य कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि 2010 के बाद पश्चिम बंगाल में जारी किए गए सभी ओबीसी प्रमाणपत्रों को रद्द करने के कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि ममता बनर्जी की सरकार गैर-संवैधानिक तरीके से, तुष्टीकरण की नीति को आगे बढ़ा रही थीं। भाजपा पर संविधान बदलने और आरक्षण खत्म कर देने के झूठे आरोप लगाकर कांग्रेस और उसका इंडी ‘ठगबंधन’ अपने पाप-कर्मों को छिपाने की साजिश में लगा है, कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्णय ने विपक्षी दलों के इस टूलकिट नैरेटिव की बखिया उधेड़ दी है। श्री देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस और उसकी पिछली भूपेश सरकार ने आरक्षण के नाम पर जिस तरह के राजनीतिक षड्यंत्रों की हदें पार कर दी थीं उसकी सजा कांग्रेस को प्रदेश की जनता ने दी लेकिन अपनी शर्मनाक हार से कोई सबक लेने के बजाय कांग्रेस छत्तीसगढ़ में संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने का ढोल पीटती रही। अब कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घुटनों पर ला दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने प. बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी का बयान देश की न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ा रहा है। सत्ता के अहंकार में चूर बनर्जी को प. बंगाल की जनता और पूरे इंडी ‘ठगबंधन’ को देश की जनता इस लोकसभा चुनाव में करारा सबक देने जा रही है।
देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चुनाव में बड़े ही स्पष्ट शब्दों में इस विषय को उठाया कि किस तरीके से ममता बनर्जी, राहुल गांधी और बाकी सारे दल घमंडिया गठबंधन के तहत तुष्टीकरण करने के साथ-साथ संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। संविधान में साफ लिखा है कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा और विपक्षी दल अपने तुष्टीकरण से प्रेरित अपने उसी एजेंडे पर आगे बढ़ रहे हैं।
देव ने कहा कि ममता बनर्जी संविधान की रक्षा की शपथ लेते हुए मुख्यमंत्री बनी हैं और संविधान से ऊपर कोई भी नहीं है। राहुल गांधी संविधान की पुस्तक लेकर फिरते रहते हैं लेकिन ऐसे मुद्दों पर जब हाई कोर्ट का फैसला आ जाता है और तुष्टीकरण का पर्दाफाश होता है, तो चुप्पी साध लेते हैं।
आरक्षण पर कलकत्ता हाई कोर्ट का निर्णय कांग्रेस और इंडी गठबंधन के गाल पर करारा तमाचा : उपमुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आरक्षण को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट के ताजा फैसले का स्वागत करते हुए इसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन के गाल पर करारा तमाचा बताया है।
संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने का मिथ्या आरोप भाजपा पर मढ़कर अनर्गल प्रलाप करने वाली कांग्रेस और उसके इंडी गठबंधन ने पिछड़े वर्ग के हक पर डाका डाला, उसे लूटा, पिछड़े वर्ग के लोगो के साथ षड्यंत्र किया। साव ने कहा कि इस निर्णय ने कांग्रेस समेत तमाम भाजपा विरोधी दलों का पिछड़ा वर्ग विरोधी डीएनए जगजाहिर कर दिया है।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग का आरक्षण छीनकर मुसलमानो को देना असंवैधानिक है और भाजपा पूरी ताकत से ऐसे षड्यंत्रकारियों से लड़कर पिछड़े वर्ग के अधिकारों को सुनिश्चित करेगी।
साव ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय का ताजा-ताजा फैसला जो आया है, उसके बाद कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन का राजनीतिक दोगलापन और झूठ बेनकाब हो चला है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल किस प्रकार से पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लूटकर पिछड़ा वर्ग के अधिकारों पर डाका डालकर अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए मुसलमानों को आरक्षण देने का काम कर रहे हैं, यह अब आईने की तरह साफ हो गया है।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि जिस प्रकार से अनेक राज्यों में कांग्रेस की सरकारों ने मुस्लिम समाज को धर्म के आधार पर आरक्षण दिया, वह आरक्षण पूरी तरह संविधान के विपरीत है। पिछड़ा वर्ग के हितों पर डाका डालकर आरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय और शोषण करने का काम कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल करते रहे हैं, कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले यह बात स्पष्ट हो गई है।
साव ने दो टूक कहा कि किसी को भी पिछड़ा वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा, पूरी ताकत से पिछड़े वर्ग के साथ किए जाने वाले अन्याय का विरोध होगा और पूरी ताकत से उसके लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा स्थगित
रायपुर। शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परिषद्, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा हिन्दी एवं अंग्रेजी कम्प्यूटर मुद्रलेखन की विभिन्न गति की डिप्रेशन प्रति घंटे के मान से आयोजित की जाने वाली कौशल परीक्षा अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। यह परीक्षा प्रदेश के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं बस्तर संभाग में 26 मई, 02 जून, 09 जून और 16 जून 2024 को परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली थी।
परिषद द्वारा परीक्षाओं के पुनः आयोजन करने संबंधित आगामी तिथि निर्धारित कर सर्वसंबंधित परीक्षार्थियों के लिए प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित की जाएगी। साथ ही परिषद की वेबसाईट https://shiksha.cg.nic.in/ctsp पर तिथियों की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
निलंबित IAS रानू साहू, सौम्या चौरसिया को झटका, EOW को मिली 4 दिनों की रिमांड…
रायपुर। कोयला घोटाला मामले में निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया को आज रायपुर के विशेष कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने रानू साहू और सौम्या को चार दिन के लिए ईओडब्ल्यू की रिमांड पर सौंपा गया. बता दें कि ईओडब्ल्यू ने रानू और सौम्या की रिमांड के लिए कोर्ट में में याचिका लगाई थी. ईओडब्ल्यू अब आरोपियो से कई बिंदुओं पर पूछताछ करेगी.
बता दें कि छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय ने 540 करोड़ रुपए के कथित कोयला घोटाले का खुलासा किया था. इसके बाद 21 जुलाई 2023 को रानू साहू के देवेंद्र नगर स्थित सरकारी घर पर ED ने छापा भी मारा था. इस दौरान करीब चौबीस घंटे की जांच के बाद ED ने 22 जुलाई की सुबह IAS रानू साहू को गिरफ्तार कर लिया था. इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार ने उन्हें पद से निलंबित कर दिया था. इस मामले में रानू साहू के अलावा सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई, एसएस नाग, सूर्यकांत तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा कुछ कांग्रेसी नेता भी जांच के दायरे में आए थे. यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है.
मुख्यमंत्री साय को किर्गिस्तान में फंसी लड़की ने वीडियो जारी कर किया धन्यवाद, सीएम ने सोशल मीडिया में शेयर कर कही ये बात…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को गुरुवार को किर्गिस्तान में फंसी छत्तीसगढ़ की छात्रा ने उससे संपर्क कर वहां फंसे सभी विद्यार्थियों का हाल चाल जानने के लिए एक वीडियो के माध्यम से धन्यवाद किया है। सीएम साय ने छात्रा के इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्वीटर) पर शेयर किया है।
सीएम साय ने छात्रा के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, कि मैंने अपना कर्तव्य निभाया। भारत सरकार किर्गिस्तान सरकार के साथ सतत संपर्क में है। बच्चों के हितों की सुरक्षा ही हमारा ध्येय है।
क्या है पूरा मामला समझिये
दरअसल, किर्गिस्तान में मिस्त्र की छात्राओं से छेड़छाड़ की घटना के बाद विवाद शुरू हुआ है, जिसको लेकर स्थानीय छात्र हिंसक हो गए और खासकर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के छात्रों के साथ हिंसा कर रहे हैं। इसके चलते वहां तनाव के हालात हैं। किर्गिस्तान में भारत के 17 हजार विद्यार्थी मेडिकल और अन्य विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से छत्तीसगढ़ के लगभग 70-80 विद्यार्थी हैं।
जिसके बाद छात्रा ने वीडियो शेयर कर कहा, कि मै शिवानी तंबोली, छत्तीसगढ़ के जांजगिर जिले से हूँ। अभी मैं किर्गिस्तान के बिश्केक में चौंथे साल की पढ़ाई कर रही हूँ। हाल ही में अभी कुछ इंसीडेंट हुआ था बिश्केक में, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ से 70-80 विद्यार्थी यहां फंसे हुए हैं, जिनमें 20 विद्यार्थी जांजगिर से हैं। अभी यहां का माहौल इतना खराब है, कि हम बच्चे निकल नहीं पा रहे हैं। हमको घर जाना है। हमने अपनी समस्या धीरे-धीरे भारत सरकार तक पहुंचाई, तो हमारे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने मुझसे संपर्क किया। उन्होंने फोन पर हमारा हाल चाल जाना। इसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद बोलना चाहती हूँ।
देखें सीएम साय का पोस्ट:
राजस्व के पेंडिंग मामलों पर सख्त हुए मंत्री टंकराम वर्मा, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ के खेल व राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी और नेता राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के 300 सीटों पर जीत के दावे को हास्यास्पद बताया है। वहीं राहुल गांधी के मीडिया बिकाऊ है वाले बयान को लेकर केबिनेट मंत्री वर्मा ने भारतीय मीडिया को देश की ताकत बताते हुए राहुल पर जमकर हमला बोला है। इसके अलावा उन्होंने राजस्व के पेंडिग मामलों पर सख्ती दिखाई है।
राजस्व के 40 हजार मामले पेंडिग
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रदेश में राजस्व की पेंडिंग मामलों पर कहा, कि रेवेन्यू के 40 हजार से ज्यादा मामले एक साल से पेंडिंग हैं। किसानों को भटकना न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार लंबित प्रकरणों का 6 महीने में निपटारा करेगी। उन्होंने आगे कहा, कि समय पर मामलों का निपटारा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरेगी।
कांग्रेस के जीत के दावों पर मंत्री टंकराम-
केबिनेट मंत्री वर्मा ने कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में 300 सीटों पर जीत के दावों को लेकर कहा, कि कांग्रेस के बातों पर मुझे हंसी आती है, 400 सीटों से ऊपर बीजेपी की जीत होगी। सभी वर्गों के लिए मोदी सरकार ने काम किया है। बीजेपी की सरकार बनेगी कोई संदेह नहीं है।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
वहीं उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बुधवार को दिये गए “मीडिया बिकाऊ है” वाले बयान को लेकर राहुल पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, कि राहुल गांधी में हताशा और निराशा भर गई है। लोग कांग्रेस छोड़कर जा रहे हैं, इसलिए राहुल गांधी बौखला गए हैं।
उन्होंने आगे कहा, कि मीडिया को खरीदने की ताकत किसी में नहीं है, मीडिया देश की ताकत है। लोकतंत्र का मीडिया आधार स्तंभ है। मीडिया तो लोगों की आवाज बनता है।
रजिस्ट्री का नया सिस्टम बना परेशानी का सबब: सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं हो रहा डाटा, मंत्री ओपी चौधरी ने व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में फरवरी माह में शुरू हुआ जमीन रजिस्ट्री का नया सिस्टम न केवल क्रेता-विक्रेता बल्कि अधिवक्ताओं के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है. इन परेशानियों से अधिकारियों को अवगत कराने के लिए कई बार कलेक्टर परिसर स्थित रेड क्रॉस भवन में अधिवक्ता जुटे थे. लेकिन परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ती भी जा रही है. वहीं इस पूरे मामले छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, राज्य सरकार का दावा था कि नए NGDRS सिस्टम से ऑनलाइन रजिस्ट्री होते ही जमीन का नामांतरण भी हो जाएगा, लेकिन रजिस्ट्री के 4-4 महीने बाद भी डाटा अपडेट नहीं हो पा रहा हैं. इस वजह से तहसील के आरआई और पटवारी जमीन-मकान का नामांतरण नहीं कर रहे हैं. रोजाना दर्जनों लोगों को यह कहकर वापस किया जा रहा है कि रजिस्ट्री दफ्तर से जब तक डाटा नहीं मिलेगा नामांतरण नहीं होगा. इससे पहले रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव ने कहा था कि कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से डाटा तहसील तक ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है. जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा. लेकिन अभी तक इस तकनीकी खामी को ठीक नहीं किया जा सका है.
वर्तमान में रजिस्ट्री विभाग से अभी हर दिन 100 से 150 रजिस्ट्री हो रही है. रजिस्ट्री होने के बाद इन सभी जमीन या मकान का डाटा राजस्व विभाग से संबंधित सॉफ्टवेयर में सेंड नहीं हो पा रहा है. इस वजह से तहसील रिकार्ड में जमीन की जानकारी अपडेट नहीं हो पा रही है. इससे लंबित मामलों की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई है. इस मामले में तहसील के आला अफसर भी पंजीयन विभाग की गलती बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं. इस वजह से लोगों को तहसील और पंजीयन दफ्तर के बीच भटकना पड़ रहा है. रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर लगा रहे वकीलों और स्थानीय लोगो का कहना कई दिनों से चक्कर लग रहे है, लेकिन डाटा अपडेट नहीं हो रहा है जिससे परेशानी ही हो रही है. पहले के सिस्टम में दो दिनों में कंपलीट पेपर हाथ में आ जाते थे लेकिन अब कई दिनों के चक्कर लगाने के बाद पेपर हाथ में नहीं आते है.
मंत्री ओपी चौधरी ने व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश
गौरतलब है कि पिछले 2 में महीने में जितनी रजिस्ट्री हुई है. उन सभी के नामांतरण अटक रहे हैं. जमीन का नामांतरण नहीं होने की वजह से कई बार लोग अपने ही मकान और जमीन की खरीदी बिक्री नहीं कर पा रहे है. वहीं इस पूरे मामले छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा की पहले डिफरेंट सॉफ्टवेयर था. अभी NGDRS का सॉफ्टवेयर है. उसमें भी कई इश्यूज आ रहे हैं. उसको भी हम अतिरिक्त टेक्निकल मैनपॉवर लाकर के व्यवस्था में सुधार का प्रयास करेंगे. दो-तीन महीने के भीतर रजिस्ट्री व्यवस्था पूरी तरीके से सुचारू रूप से चलेगी. आने वाले दिनों में हमारा कैशलेस रजिस्ट्री तक पहुंचाने का लक्ष्य है. उसके लिए हमारा भी विभाग लगातार प्रयास करेंगा. मुख्यमंत्री का भी इसमें लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है.
डाटा अपलोड होने के बाद ही होती है नामांतरण की प्रक्रिया
जानकारों का कहना है की राजस्व विभाग के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में डाटा अपलोड होने के बाद ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होती है. रजिस्ट्री के पुराने सिस्टम में रजिस्ट्री के दो दिन बाद ही पूरा डाटा राजस्व विभाग के सॉफ्टवेयर में पहुंच जाता था. इसके बाद ऑटोमेटिक ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होकर पूरी हो जाती थी. लेकिन नए सिस्टम में डाटा पहुंच ही नहीं रहा है. इस वजह से परेशानी बढ़ गई है.
बता दें कि फरवरी माह में शुरू हुआ NGDRS का ये नया सॉफ्ट वेयर कई राज्यों शुरू हो चुका है. लेकिन छत्तीसगढ़ में इसे शुरू हुए केवल 3 महीने का वक्त ही हुआ है. इसके शुरु होते ही कई तरह की खामियां सामने आ चुकी हैं. फिलहाल सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इसे सही तरीके से ठीक होने में 2 महीने का वक्त लग सकता है. 2 महीने के बाद आम जनता को किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं होगी. अब आगे देखना होगा मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश के बाद यह नया सॉफ्टवेयर कितना कारगर साबित होगा.
शिव महापुराण कथा में पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को आमंत्रित किया गया
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को 27 मई से होने वाले शिव महापुराण कथा में आमंत्रित किया गया. इस दौरान पवन खंडेलवाल, विशाल खंडेलवाल, बसंत अग्रवाल, सागर खंडेलवाल व मोनू साहू उपस्थित रहे. आयोजक मण्डल ने आज डॉ. रमन सिंह के मौल श्री विहार स्थित निवास पहुंचकर आमंत्रण पत्र सौंपा. डॉ रमन सिंह ने आयोजन मे पहुंचने का भरोसा दिलाया है.
अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सरपंच को किया निलंबित, अवैध कार्यों में पाई गई संलिप्तता…
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद क्षेत्र में लगातार अवैध रेत परिवहन की खबर सामने आती रहती है। ऐसे में प्रशासन भी अवैध रेत माफियाओं सहित रेत खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को परसदाजोशी की महिला सरपंच को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, महिला सरपंच सुनीता सोनी को अवैध परिवहन मामले में नोटिस के बावजुद परसदाजोशी पंचायत क्षेत्र के खदानों में अवैध परिवहन जारी था। इसके साथ ही अवैध रेत खनन और परिवहन में संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद सरपंच को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
बता दें, राजिम एसडीएम अर्पिता पाठक ने महिला सरपंच की संलिप्तता पाए जाने पर निलंबन कार्रवाई की है। पाठक ने बताया, कि इस पंचायत क्षेत्र में बहने वाले महानदी में लगातार अवैध रेत परिवहन जारी था, प्रसाशान समय-समय पर कार्यवाही कर रहा था, लेकिन पंचायत ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन नहीं किया। माह भर पहले पंचायत को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, जिसका जवाब भी संतोष प्रद नही मिला। इसलिए धारा 39 के तहत कार्यवाहक सरपंच सुनीता सोनी को पद से निलंबित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष से परसदाजोशी पंचायत अवैध खनन वाले हाई प्रोफाइल घाट के रूप में चर्चा में है। पिछले साल तक यहां खनिज विभाग की स्वीकृत खदान थी, लेकिन चिन्हांकित स्थान के अतिरिक्त स्थानों पर लगतार अवैध माइनिंग होती रही। पंचायत आंख मूंद कर तमाशा देखता रहा और 80 हजार घन मीटर के अवैध खनन हो गई।
बता दें, खदान का अनुबंध खत्म होने के बावजुद यहां इस साल भी अवैध परिवहन जारी रहा। इस पंचायत क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थान पर अब भी अवैध खनन जारी है। पूरे मामले में शुरू से ही पंचायत की मौन सहमति थी। महीने भर पहले नोटिस जारी हुआ तो, कार्रवाई से बचने पंचायत ने आनन-फानन में अवैध परिवहन की लिखित शिकायत तब की, जब माइनिंग विभाग व प्रसाशन ने अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी।
कोयला घोटाले केस में निलंबित IAS रानू साहू और डिप्टी कलेक्टर सौम्या चौरसिया कोर्ट में पेश
रायपुर। कोयला घोटाला केस में निलंबित आइएएस रानू साहू और डिप्टी कलेक्टर सौम्या चौरसिया को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए अतुल श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया। ईओडब्ल्यू ने दोनों को रिमांड पर लेने अर्जी लगाई है। ईओडब्लू के प्रोडक्शन वारंट की तामील करने के लिए एडिशनल एसपी चंद्रेश ठाकुर को जवाबदेही मिली है।
सौम्या चौरसिया और रानू साहू को न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी कोर्ट की विशेष न्यायाधीश निधि शर्मा तिवारी न्यायालयीन कार्य की वजह से हाईकोर्ट में है, इसलिए इन्हें न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया गया।
क्या है कोयला घोटाला
कोयला घोटाला मामले में ईडी के अनुसार कोयले के परिवहन में 25 रुपए टन की अवैध वसूली होती थी। ईडी ने कोर्ट को बताया है कि यह गिरोह बनाकर किया जाता था। इस गिरोह का किंगपिन सूर्यकांत तिवारी था। सूर्यकांत तिवारी को असीमित ताकत तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया से हासिल होती थी।
सौम्या चौरसिया के प्रभाव की वजह से राज्य में पुलिस हो या प्रशासन कोई भी सूर्यकांत तिवारी को रोकने की हैसियत नहीं रखता था। ईडी ने इस घोटाले को पांच सौ करोड़ रुपए का बताया था। इस मामले में सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर बिश्नोई समेत कई लोग करीब सत्रह महीनों से भी ज़्यादा समय से जेल में बंद हैं।
एम्स के द्वितीय दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
रायपुर। राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। एम्स के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल और उषा जिंदल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया। इस बार दीक्षांत समारोह में 509 चिकित्सा छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएंगी।
एम्स प्रबंधन का कहना है कि दीक्षांत समारोह की तिथि तय नहीं हुई है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में उम्मीद है। लेफ्टिनेंट जनरल जिंदल ने बताया कि एम्स के लिए यह गौरव का क्षण है कि समारोह के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने राष्ट्रपति से दीक्षांत समारोह में मुख्य अभिभाषण के साथ स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए भी अनुरोध किया है।
अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रो. आलोक चंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस बार दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस के 203 छात्रों (2017 और 2018 बैच), बीएससी (नर्सिंग) की 116 छात्राओं (2018 और 2019 बैच), एमडी,एमएस,एमडीएस के 143 और डीएम व एमसीएच की 14 डिग्री प्रदान की जाएंगी। चार छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे। दीक्षांत समारोह के सुचारू आयोजन के लिए एम्स की ओर से विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है।