प्रदेश
वनमंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्रीय मंत्री श्री पाटिल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित राज्य की लोक कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
आयुष संचालनालय द्वारा जिला आयुर्वेद अधिकारियों और आयुष ग्राम के चिकित्सकों के लिए कार्यशाला का आयोजन
रायपुर। राज्य शासन के आयुष संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश में आयुष ग्राम विकसित करने आज राजधानी रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यशाला में जिला आयुर्वेद अधिकारियों और सभी विकासखंडों के आयुष ग्राम के चिकित्सकों को आयुष ग्राम में क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष जीवन शैली के सिद्धांतों और प्रथाओं को अपनाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल व उपचारों पर आधारित आयुष ग्राम की परिकल्पना को साकार करने छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों में आयुष ग्राम का चिन्हांकन किया गया है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश में 146 आयुष ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य की रक्षा और आजीवन स्वस्थ रखने आयुर्वेद, योग तथा आयुष पद्धतियों के अनुसार उन्हें शिक्षित किया जाएगा। आयुष ग्रामों में जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव ने कार्यशाला में आयुष अधिकारियों और चिकित्सकों को सर्वसुलभ औषधीय पौधों के रोपण एवं उपलब्ध बाजार की जानकारी दी। उन्होंने औषधीय गुणों से भरपूर स्टीविया, शतावरी, कालमेघ, लेमन-ग्रास, केऊकंद, अश्वगंधा, सर्पगंधा जैसे 20 पौधों को प्रदर्शित कर इनके रोपण के लिए उपयुक्त मौसम और खेती के बारे में विस्तार से बताया।
आयुष विभाग के सहायक संचालक-सह-राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गजेन्द्र बघेल ने कार्यशाला में आयुष ग्राम की परिकल्पना और वहां संचालित की जाने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष ग्राम में लोगों को पेड़-पौधों के औषधीय गुणों के बारे में जागरुक कर इनके पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत गांवों का चिन्हांकन कर स्थानीय लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप स्वस्थ जीवन शैली, उचित आहार-विहार, सामान्य रोगों के उपचार के लिए आसपास पाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, बिलासपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. विद्याभूषण पाण्डेय ने प्रतिभागी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘आयुर्विद्या’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आयुर्वेद के बारे में जागरुक करना है। स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को आयुष की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान कर इस क्षेत्र में उनके कौशल का उन्नयन करना है। कार्यशाला में आयुष विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुनील कुमार दास और उप संचालक डॉ. ए.सी. किरण सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।


विद्युत उपकेन्द्र निर्माण में लापरवाही, 2 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड, 33 को कड़ी चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनीज के अध्यक्ष पी. दयानंद ने आज विद्युत अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। जिन संस्थाओं द्वारा लंबे समय से कार्यों में लापरवाही की जा रही है और जिनके कारण निर्धारित समय सीमा में कार्य नहीं हो पा रहे हैं ऐसी 2 संस्थाओं को तीन वर्षों की लिए ब्लैकलिस्टेड किया गया। एक संस्था के निवेदन पर उसे कार्य पूर्ण करने के लिए 3 माह का समय दिया गया यदि इस समयावधि में उन्होंने कार्य पूरा नहीं किया तो उन्हें भी ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। इसके अलावा 32 संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। श्री दयानंद ने कड़े तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी कि विद्युत विकास कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्री दयानंद ने आज छत्तीसगढ़ स्टेट ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एस.एस.), प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पी.एम. जनमन) तथा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना की समीक्षा की। उन्हें आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत विकास कार्यों को जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए उन्होंने समस्त संस्थाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पी.एम. सूर्यघर बिजली योजना को लोकप्रिय तथा लोगों की पहुंच में लाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी ली तथा इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि 33/11 के.वी. उपकेंद्रों तथा लाइनों के निर्माण का कार्य संबंधित ठेकेदारों की लापरवाही के कारण पूरा नहीं हो पा रहे हैं।
इसे देखते हुए जशपुर जिले के सोनक्यारी एवं कुडे़केला 33/11 केवी उपकेंद्र के निर्माण कार्य में कोताही के लिए जिम्मेदार संस्था मेसर्स एनकेजेए एंड डेवलपर्स इन्फ्रा रायपुर को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्टेड किया गया। इनका कार्य 4 मार्च, 2024 तक पूर्ण हो जाना था लेकिन बहुत कम कार्य किया गया है। जशपुर जिले में अंकिरा से गंजियाडीह के बीच लाईन निर्माण के कार्य में लापरवाही करने वाले मेसर्स सुरेंद्र राठौर को भी ब्लैकलिस्टेड करते हुए उनकी अमानत राशि राजसात करने के निर्देश दिये गये। इसी तरह सरगुजा जिले के चंगोरी 33/11 केवी उपकेंद्र का ठेका लेने वाली संस्था मेसर्स धनंजय कुमार तिवारी द्वारा 24 दिसम्बर 2023 को कार्य पूर्ण किया जाना था, उन्होंने मात्र 40 प्रतिशत काम किया है। इन्हें भी ब्लैकलिस्टेड किया जा रहा था लेकिन इन्होंने तीन माह का समय मांगा है। तीन माह में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने पर इन्हें भी ब्लैकलिस्ट किया जायेगा।
श्री दयानंद ने पीएम जनमन योजना के तहत 7 हजार 77 घरों में बिजली कनेक्शन देने का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार की योजनाएं व्यापक जनहित के लिए होती है। यदि उनका लाभ सही समय पर संबंधित क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पाये तो यह लापरवाही वे बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन पर जोर देते हुए जनहित के कार्याें को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं जिससे लोगों को जल्दी से जल्दी न्याय मिल सके और उनके विकास के रास्ते आसान हो सके।
शिक्षा स्तर में सुधार होने पर ही बनेगा विकसित भारत: श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन
रायपुर। देश की शिक्षा बेहतर से बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई शिक्षा नीति लागू की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भी सोच यही है कि हमारे प्रदेश के बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त करके अच्छे नागरिक बनें और देश की सेवा करें। इसके लिए आज से प्रदेश सहित कोरबा जिले के सभी 248 संकुल स्तर पर मेगा पालक-शिक्षक बैठक आयोजित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। शिक्षा के स्तर में सुधार होने पर ही हमारा देश विकसित भारत बन पाएगा। उक्त उद्गार वाणिज्य, उद्योग, व्यापार एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने मंगलवार को कोरबा के शासकीय कन्या शाला विद्यालय में आयोजित संकुल स्तरीय मेगा पालक-शिक्षक बैठक में व्यक्त किए।
श्री देवांगन ने कहा कि हर एक बच्चा बड़ा होकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना देखता है। यदि वह मन लगाकर ईमानदारी से मेहनत करता है और अच्छी शिक्षा प्राप्त करता है तो वह अपनी मंजिल पा लेता है। उन्होंने कहा कि स्कूल की शिक्षा के साथ ही पालक अपने बच्चों को घर पर पढ़ाएं। अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए ज्यादा समय दें। बच्चा जितना शिक्षित होगा, हमारा देश उतना ही आगे बढ़ेगा। प्राइवेट स्कूलों में फीस महंगी होती है, जहां पर सभी बच्चों का पढ़ना संभव नहीं हो पाता। इसलिए छत्तीसगढ़ शासन-प्रशासन के द्वारा मानक स्तर की अच्छी स्कूलों की व्यवस्था की जा रही है। भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में छात्रों को छात्रवृत्ति, पुस्तकें, गणवेश, कम्प्युटर शिक्षा आदि सुविधाएं दी जा रही है, जिसके माध्यम से पिछड़े वर्ग के बच्चे भी आईएएस बन रहे हैं। इन शिक्षा सुविधाओं का लाभ लेने के लिए पालक और शिक्षक अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। मंत्री श्री देवांगन ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया तथा सभी को पौधरोपण हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि इस मेगा पालक-शिक्षक बैठक का उद्देश्य अपने बच्चों की पढ़ाई, उनके सर्वांगीण विकास में पालकों की व्यवस्थित तरीके से भागीदारी बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने पालकों से अच्छा मार्गदर्शन मिलना आवश्यक है। इस हेतु पालकों को बच्चों की शिक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा समय देना होगा। आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। कलेक्टर ने कहा कि पालकों के द्वारा शिक्षा व्यवस्था के लिए दिए सुझावों को जिला प्रशासन द्वारा अमल में लाने का प्रयास किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी पालकों से आव्हान किया कि हर पालक अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय देवें तथा बच्चों का गुणात्मक विकास करें।
कार्यक्रम में पालक माधवलाल साहू ने सुझाव देते हुए कहा कि घर में बच्चों के लिए माता-पिता कम ही समय दे पाते हैं। बच्चों के लिए शिक्षा आज मानसिक बोझ की तरह है, इसमें सुधार की आवश्यकता है। सैद्धांतिक शिक्षा की साथ ही बच्चों को टेक्नीकल, व्यवसायिक, शिक्षा भी दी जाए, जिससे की बच्चे केवल नौकरी पर ही निर्भर न रहें और अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें।
इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन एवं कलेक्टर अजीत वसंत ने विद्यालय के बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान मेधावी छात्राओं तस्मया खातुन, धनेश्वरी साहू, नेहा कर्ष, ऊषा नेताम को स्मृति चिन्ह देकर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी टी. पी. उपाध्याय, बीईओ संजय अग्रवाल, शासकीय साडा कन्या विद्यालय के प्राचार्य श्री सिंह सहित शिक्षक, पालक, छात्राएं उपस्थित थे। जिले के विद्यालयों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संकुल स्तरीय मेगा पालक शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया एवं पालको को बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु प्रेरित किया गया।




बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए शिक्षक और अभिभावक दोनों की है अहम भूमिका: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर। बच्चों के अच्छे रिजल्ट और भविष्य के लिए शिक्षक और अभिभावक दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इस आशय केे विचार महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मेगा पैरेंट्स टीचर सम्मेलन व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम अभिभावकों को बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षकों से बीच-बीच में मिलकर उनके बारे में जानकर चर्चा करते रहना चाहिए।
श्रीमती राजवाड़े आज सूरजपुर जिला के ग्राम चांदनी बिहारपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यमिक शाला में आयोजित मेगा पैरेंट्स टीचर सम्मेलन में शामिल हुई। उन्होंने वहां शिक्षकों एवं अभिभावकों से नई शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा की। श्रीमती राजवाड़े अचानक बच्चों की कक्षा में पहुंची और बच्चों से उनकी पढ़ाई से जुड़े सवाल जवाब किए। उन्होंने बच्चों से उनकी समस्याएं भी पूछी और उसके तत्काल निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।





फेडरेशन की मुख्यमंत्री से मुलाकात: प्रदेश उपाध्यक्ष टिकेश्वर भोई की अगुवाई में फेडरेशन ने की मुख्यमंत्री से चर्चा, इन मांगों से कराया अवगत
रायपुर। पदोन्नति, लंबित वेतन सहित कई मांगों को लेकर सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष टिकेश्वर भोय ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। एक दिवसीय दौरे पर जशपुर पहुंचे मुख्यमंत्री से टिकेश्वर भोय ने शिक्षक से जुड़े करीब आधा दर्जन मुद्दों को लेकर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने फेडरेशन को आश्वस्त किया कि शिक्षकों की मांगों कोे प्रति सरकार गंभीर है, जल्द ही इस मुद्दें पर अधिकारियों से बातचीत कर निर्णय लिया जायेगा।
इससे पहले छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक ,समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष टिकेश्वर भोय की अगुवाई में जशपुर जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, कुनकुरी ब्लॉक अध्यक्ष भरत यादव, कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष फरसाबहार गोकुलानंद यादव ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में मुख्यमंत्री से शिक्षकों से लंबी चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की मांगों से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की परेशानी को गंभीरता पूर्वक सुना।
इस दौरान जशपुर जिला में प्रधान पाठक को लंबित पदोन्नति , बलरामपुर जिला में प्रधान पाठक का दो वर्ष से पदांकन पोस्टिंग लंबित एवं राजपुर ब्लॉक में हड़ताल अवधि का लंबित वेतन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी। मुख्यमंत्री ने उचित निराकरण का भरोसा दिलाया है। फेडरेशन की तरफ से कहा गया कि शिक्षक बच्चों के प्रति समर्पण भाव दिखाते हुए पढ़ाई करा रहे हैं। लेकिन कु छ समस्याओं की वजह से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। अगर सरकार की तरफ से शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण कर दिया गया, तो शिक्षा व्यवस्था और भी बेहतर हो सकती है। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया है।


‘एक पेड़ मां के नाम’ पर जेल मुख्यालय नवा रायपुर में किया गया वृक्षारोपण
रायपुर। ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान के तहत आज नवा रायपुर स्थित जेल मुख्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और हरित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाना था। वृक्षारोपण कार्यक्रम में जेल महानिदेशक राजेश मिश्रा, जेल उपमहानिरीक्षक एस एस तिग्गा सहित जेल मुख्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए, जिनमें जेल महानिदेशक द्वारा कटहल का पौधा, उपमहानिरीक्षक द्वारा आम और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। इस मौके पर जेल प्रशासन ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ट्री गार्ड एवं फेंसिंग नेट लगाने की व्यवस्था की।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 4 करोड़ पौधारोपण किए जाने का लक्ष्य है।

विधानसभा अध्यक्ष की फटकार पर कलेक्टरों को भेजी चिट्ठी, पूर्व विधायक के निधन से जुड़ा है मामला…
रायपुर। दिवंगत विधायकों की सूचना समय पर नहीं मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा लगाई गई शासन को फटकार का असर हुआ है. मंत्रालय से कलेक्टरों को पत्र जारी कर भविष्य में त्रुटि न होने की चेतावनी दी गई है. पत्र के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किया है.
मामला विधानसभा के मानसून सत्र का है, जब सत्र के अंतिम दिन मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक विजय सिंह के निधन की सूचना मिली थी. इस पर कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों के विधायकों के कड़े एतराज के बाद स्पीकर डॉ. सिंह ने भी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने यह व्यवस्था सुधारने शासन को निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा कि यह देखने में आया है कि कई बार इस तरह की सूचना देने में स्थानीय प्रशासन की लापरवाही दिखाई पड़ती है, इसलिए राज्य शासन इसे गंभीरता से ले।
सर्कुलर में कहा गया है कि वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, संसद सदस्य लोकसभा व राज्य आदि के बारे में जानकारी मिलते ही तत्काल विधानसभा सचिवालय को अवगत कराया जाए. इसमें छत्तीसगढ़ व अविभाजित मध्यप्रदेश के सदस्यों को भी शामिल किया गया है. दिवंगत विधायक सिंह को लेकर जीएडी ने कहा है कि ऐसा लगता है यह प्रभावी व्यवस्था में खामी का नतीजा है. यह उचित नहीं है.
रायपुर रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, फोड़ा गया कांच, देंखे Video
रायपुर। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 में मौजूद लिफ्ट के अंदर आज कुछ यात्री फंस गए. घटना के बाद यात्री काफी देर तक अंदर डरे सहमे रहे. इसके बाद लिफ्ट का कांच तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया. घटना के रायपुर रेलवे स्टेशन की लिफ्ट के मेंटेनेंस पर सवाल उठ रहे है. यात्रियों का आरोप है कि रेलवे के अधिकारी समय-समय पर यदि लिफ्ट की मेंटेंनस करवाते तो शायद ऐसे हादसे नहीं होते.
वहां मौजूद लोगों के मुताबिक लिफ्ट से यात्रियों को निकलाने की काफी कोशिश की गई. लेकिन जब कोई सफलता नहीं मिली तो लिफ्ट के कांच को तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया.
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छत्तीसगढ़ में 11 अगस्त से शुरू होगा BJP का हर घर तिरंगा अभियान, प्रदेशभर में बांटे जाएंगे 12 लाख झंडे, 14 अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत प्रदेश में 12 लाख तिरंगा झंडे बांटने की घोषणा की है। इस अभियान को लेकर भाजपा की एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें बिहार सरकार के मंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि भाजपा एक संगठनात्मक और वैचारिक आंदोलन है, जो गैर-राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करती है। कोविड-19 महामारी के समय भी भाजपा ने “सेवा ही संगठन” कार्यक्रम के तहत जन सेवा की थी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 11 से 15 अगस्त तक एक पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसके दौरान हर घर में तिरंगा फहराने का अभियान चलाया जाएगा। 11, 12 और 13 अगस्त को सर्व व्यापी तिरंगा यात्रा का आयोजन होगा, जो युवा मोर्चा के नेतृत्व में हर विधानसभा में आयोजित होगी। इस दौरान महापुरुषों के माल्यार्पण के साथ स्वच्छता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मौन जुलूस भी निकाला जाएगा। प्रदेश सचिवालय में हर कार्यकर्ता सभी कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने बताया कि इस देशव्यापी कार्यक्रम को लेकर की गई बैठक में संकल्प लिया गया है कि छत्तीसगढ़ इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, टांकराम वर्मा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, विधायक राकेश अग्रवाल और अवधेश चंदेल भी मौजूद थे।
मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों ने 4% DA बढ़ोतरी समेत 7 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
रायपुर। रायपुर में अधिकारी और कर्मचारियों ने ‘झन कर इंकार, हमर सुनव सरकार’ के नारे के साथ महँगाई भत्ता और एरियर्स समेत सात सूत्रीय मांग को लेकर मंत्रालय से संचालनालय तक मशाल रैली निकाली। अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारी राजेश चटर्जी और कमल वर्मा ने बताया कि यह रैली अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि 20-30 अगस्त तक सभी सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 11 सितंबर से जिला, ब्लॉक, तहसील स्तर पर मशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा, और 27 सितंबर को सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन होगा।
आज मशाल रैली और चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों ने महँगाई भत्ता, एरियर्स सहित सात सूत्रीय माँगों को जोर-शोर से उठाया और जमकर नारेबाजी की, इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मंत्रालयीन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की सात सूत्रीय मांग
1. कर्मचारियों को केंद्र के समान 1 जनवरी 2024 से महँगाई भत्ता में 4% वृद्धि के साथ 50% महँगाई भत्ता दिया जाए।
2. 1 जुलाई 2019 से लंबित महँगाई भत्ता एरियर्स को GPF खाते में जमा किया जाए।
3. कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान स्वीकृत किया जाए।
4. कर्मचारियों को केंद्र के समान गृह भाड़ा दिया जाए।
5. अर्जित अवकाश नकदीकरण की सीमा 240 दिन से बढ़ाकर 300 दिन की जाए।
6. प्रदेश के लिपिकों के वेतनमान में सुधार किया जाए।
7. संचालनालयीन कर्मचारियों को संचालनालयीन भत्ता और मंत्रालय में प्रवेश के लिए पत्र दिया जाए।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि अगर उनकी माँगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
साय कैबिनेट की अहम बैठक कल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 7 अगस्त बुधवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में होगी। बैठक प्रातः 11 बजे से आयोजित होगी।
कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुदान सहायता उपलब्ध कराने आबंटन जारी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की पहल पर कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत वर्ष 2024-25 के लिए 14 जिलों को 1 करोड़ 07 लाख रूपए की राशि आबंटित की गई है।
आबंटित राशि में जिला राजनांदगांव को 10 लाख रूपए, धमतरी 3 लाख रूपए, दुर्ग 29.50 लाख रूपए, खैरागढ़-छुईखदान 3 लाख रूपए, बलौदाबाजार 46 लाख रूपए, कोण्डागांव 50 हजार रूपए, बलरामपुर 50 हजार रूपए, कबीरधाम 50 हजार रूपए, कोरबा 2 लाख रूपए, बालोद 3 लाख रूपए, बेमेतरा 2 लाख रूपए, महासमुंद 3 लाख रूपए, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी 3 लाख रूपए, गरियाबंद एक लाख रूपए शामिल है। अनुदान सहायता की इस राशि का वितरण डीबीटी या संबंधित हितग्राही अथवा आश्रित के बैंक खाते के माध्यम से किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से वनमंत्री केदार कश्यप ने की सौजन्य भेंट
रायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप आज अपने एक दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव से सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्य की विभिन्न जनजातीय विषयों पर सार्थक चर्चा की। श्री कश्यप ने राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व के चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य में जनजातियों के संरक्षण तथा उनके उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
वनमंत्री कश्यप ने केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव को जानकारी देते हुए बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ मर्यादित रायपुर द्वारा लगभग 6.5 लाख आदिवासी परिवारों से वर्ष 2014-15 से लघु वनोपज का क्रय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को वर्ष 2014-15 से 2019-20 तक की अवधि में उक्त व्यापार में रुपये 52.18 करोड़ की हानि हुई है। श्री कश्यप ने हानि की 75 प्रतिशत राशि रुपये 39.14 करोड़ रूपए की प्रति पूर्ति राशि शीघ्र उपलब्ध कराने और लघु वनोपज के समर्थन मूल्य पर क्रय करने की सुचारू व्यवस्था के लिए 200 करोड़ रूपए अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री के समक्ष डिजिटल एप्प ई-जादुई पिटारा की खूबियों का किया गया प्रदर्शन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष आज जशपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुआं में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए संचालित डिजिटल एप ई- जादुई पिटारा की खूबियों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षिका शशिकिरण कश्यप ने बहुत ही सुंदर तरीके से एक छोटी सी कहानी बताई। कक्षा 5वीं के बच्चे प्रतीक कुजूर, स्नेहा मिंज और प्रियंका बाई ने किस तरह खेल-खेल में इस एप के माध्यम से सिखाया जाता है उसका बहुत ही सुंदर प्रदर्शन किया।
ई-जादुई पिटारा नई शिक्षा नीति ने तहत ही बनाया गया है ताकि बच्चों को पढ़ाई बोझ न लगे और नवाचार के माध्यम से बच्चे कठिन विषयों को भी खेल खेल के माध्यम से आसानी से सीख सकते हैं। यह एप में मुख्य रूप से प्राइमरी तक के बच्चों के लिए बनाया गया है। इस एप के माध्यम से बच्चों को उनके रुचि के अनुकूल बहुत ही सरल और मनोरंजक तरीके से सिखाया जाता है।
इस एप्प में कहानियां, बालगीत, पहेलियां, कार्ड, ऑडियो पुस्तकें, खिलौने और खेल, हैंडबुक चार्ट और जादुई पिटारा बॉक्स के माध्यम से बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। इस एप से बच्चे, शिक्षक और पालक जुड़े रहते हैं। कोई भी स्कूल में यदि कोई भी रचनात्मक गतिविधि होती है तो उसे इस एप में अपलोड कर सकते है। जिसे कोई भी पालक, बच्चे और टीचर अवलोकन कर सकते है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और पूरे मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में सीजीएमएससी संचालक मंडल की 48वीं बैठक का आयोजन
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में सीजीएमएससी संचालक मंडल की 48वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन की संचालक पद्मिनी भोई साहू ने संचालक मंडल के सामने कार्यवाही विवरण और लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
बैठक में आवश्यक निर्माण कार्य की वस्तुस्थिति, नए कार्यों कि जानकारी, जेम्स पोर्टल से उपकरणों, कंज्यूमेबल तथा दवाइयों की खरीदी सम्बन्धी चर्चा हुई और निर्णय लिए गए। बैठक कंज्यूमेबल के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो कंज्यूमेबल सामग्रिया GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा जो कंज्यूमेबल सामग्रियां GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नहीं है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उपकरणों के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो उपकरण GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर-अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा तथा जो उपकरण GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नही है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।
इसी तरह से रीएजेंट के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो रीएजेंट GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा जो रीएजेंट GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नही है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ , विशेष सचिव चंदन कुमार, आयुक्त चिकित्सा सेवा किरण कौशल, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ऋतुराज रघुवंशी, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जगदीश सोनकर, संचालक आयुष इफ्फत आरा समेत स्वास्थ्य एवं वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुंआ में आयोजित मेगा शिक्षक पालक कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुंआ में आयोजित मेगा शिक्षक पालक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की अच्छी शिक्षा और इनके उन्नत भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि अभिभावक शिक्षकों से नियमित रूप से संवाद करें जितना अधिक शिक्षक और अभिभावक संवाद प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे, उतना ही अधिक बच्चों का रचनात्मक विकास होगा उन्होंने पालकों तथा शिक्षकों से कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए उन्हें बेझिझक बोलने के लिए तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र हैं। यह केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है बल्कि किसी भी क्षेत्र में सबसे अच्छा काम करने के लिए भी शिक्षा बेहद जरूरी है। एक शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति दोनों ही जीवन जीते हैं लेकिन दोनों के जीवन की गुणवत्ता में काफी अंतर देखने में आता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चे के भीतर आई जिज्ञासाओं का समाधान करने की कोशिश करें। घर पहुंचने पर यह जरूर पूछें कि बच्चे ने आज क्या सीखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदरचुंआ के स्कूल से पुराना लगाव है। यहां के शिक्षक और जागरूक पालकों के कारण इस स्कूल में शिक्षा का स्तर काफी अच्छा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के समाज में पुरातन काल से ही शिक्षा का काफी महत्व रहा है। भारत विश्वगुरू कहलाता था। पूरी दुनिया से लोग यहां के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति लाई गई है जिसे प्रदेश में लागू किया गया है। इसमें नैतिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है। संस्कार सिखाने के साथ ही रोजगार के लिए भी विद्यार्थियों को तैयार किया जा रहा है। छात्रों के स्किल बिल्डिंग पर काम किया जा रहा है, ताकि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गर्मी में समर कैंप लगाए गए। बच्चों को बहुत सी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक बैठक का नियमित आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी पालकों से अनुरोध किया कि स्कूल आएं और अपने बच्चे के पढ़ाई लिखाई और प्रोग्रेस के बारे में जाने। उन्होंने कहा कि स्थानीय बोली भाषा में भी पढ़ाई को बढ़ावा दिया जायेगा। इसके लिए किताबें भी उपलब्ध कराई जायेगी। पीएम श्री योजना से स्कूलों में संसाधनों को बेहतर किया जायेगा। टॉपर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सरस्वती सायकल योजना से छात्राओं को सायकल वितरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर की तर्ज में प्रदेश के 22 जिलों में पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है, इसमें जशपुर और कुनकुरी में भी नालंदा परिसर खोलने जा रहे हैं। यहां बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के किताबें वातावरण भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री को पालक शिक्षक बैठक में 12 मुख्य गतिविधियों के बारे में स्कूल के बच्चों ने ही बताया। पालकों ने भी अपने अनुभव बताए। पालक श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है और एक यहां से ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है। वे एक जागरूक पालक हैं जो अपने बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी कौशल्या साय ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बंदरचुंआ स्कूल में सन 1997-98 से स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस के आयोजन में शामिल होने का मौका मिल रहा है। यहां के बच्चों के साथ दिल से जुड़ाव है। परीक्षा से पहले भी यहां बच्चों के मार्गदर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। बच्चों और पालकों से यही बात कहना चाहती हूं कि परीक्षा परिणाम के लिए तनाव नहीं लेना है। पूरी मेहनत से परीक्षा देना है। नंबर कम ज्यादा हो तो तनाव बिल्कुल न लेना है। परिवार पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं – इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बंदरचुंआ में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्राथमिक शाला बंदरचुंआ से छेराघोघरा चौक तक सड़क किनारे सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने, भुइयार बस्ती से सरना पहुंच मार्ग में सड़क और पुल, गायत्री मंदिर और शिव मंदिर के जीर्णाेद्धार, आश्रम छात्रावास को 50 सीटर से 100 सीटर करने तथा बंदरचुंआ में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा की।

