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बृजमोहन अग्रवाल ने महासमुंद में किया ध्वजारोहण
महासमुंद/छत्तीसगढ़ के शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज गणतंत्र दिवस पर महासमुंद में ध्वजारोहण किया तथा परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने मातृभूमि के लिए शहीद होने वाले वीर जवानों के परिवारजनों से भेंट कर उन्हें साल श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया।
विद्यार्थियों से चर्चा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को किया प्रेरित, आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जब भी अवसर मिलता है युवाओं से चर्चा करना पसंद करते हैं। अपनी चर्चाओं के दौरान वे न केवल युवा मन को सुनते हैं अपितु उन्हें आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण के काम में जुटने के लिए प्रेरित भी करते हैं। जगदलपुर में ज्ञान गुड़ी केंद्र अर्थात ज्ञान की पवित्र जगह के लोकार्पण के अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा कार्यक्रम का निर्णय लिया। इसमें बस्तर संभाग के युवाओं से मुख्यमंत्री ने चर्चा की। मुख्यमंत्री की सरलता-सहजता और आत्मीयता से युवा बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री से बहुत से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री ने चर्चा के समापन के अवसर पर युवाओं सेकहा कि आपसे बातचीत करना बहुत अच्छा लगता है। युवाओं की ऊर्जा प्रभावित करती है। राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य आपके हाथों में है इसलिए आपको सशक्त करने आपसे मिलता-जुलता रहता हूँ। पूरी चर्चा ने युवा दिलों को छू लिया। युवाओं ने मुख्यमंत्री को उनका पोट्रेट भी भेंट किया।
मैकाले की शिक्षा पद्धति में था दोष, मोदी जी की नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों का डर दूर कर देगी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के अपने दौरे में जगदलपुर में ज्ञान गुड़ी के लोकार्पण के अवसर पर विद्यार्थियों से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने युवाओं को अपने प्रश्न और जिज्ञासा खुलकर रखने के लिए प्रोत्साहित किया। बस्तर की कंचन यादव ने मुख्यमंत्री से पूछा कि जिन्हें परीक्षा से डर लगता है वे यह डर कैसे दूर करें। प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति का यह दोष था कि वो विद्यार्थियों को डराती थी। इसमें विद्यार्थियों पर भारी दबाव रहता था। हमारे प्रधानमंत्री हमेशा से विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं के दौरान वे हमेशा विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रहने के लिए सुझाव देते हैं। विद्यार्थियों से किये गये संवाद में उन्होंने पाया कि मैकाले की शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों पर परीक्षा का तनाव लादती है। शिक्षा पद्धति में सुधार किये जाने की जरूरत है और फिर उन्होंने नई शिक्षा नीति लागू की। इसमें विद्यार्थी के समग्र विकास के लिए पूरी गुंजाइश होती है। मुख्यमंत्री ने कंचन को बताया कि प्रधानमंत्री विद्यार्थियों से चर्चा करने हमेशा उत्सुक रहते हैं। मैं आपको बताना चाहूँगा कि 29 जनवरी को भी उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद का कार्यक्रम रखा है।
मुख्यमंत्री के बेहद सरल-सहज व्यक्तित्व के चलते युवाओं ने अपनी जिज्ञासा उनके समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने इन सभी का समाधान किया और बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सरकार किस तरह से आगे बढ़ने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा तब कारगर होती है जब उसमें देशी संस्कार और परंपरा को शामिल किया जाता है। भारत की पुरानी शिक्षा पद्धति को छोड़कर अंग्रेजों ने मैकाले की पद्धति को लागू किया। यह पद्धति तब से बदस्तूर चल रही थी जबकि दुनिया कितनी आगे निकल चुकी है। अब डिजिटल दुनिया आ गई है। प्रोफेशनल कोर्सेस का महत्व बढ़ा है। जनरल सिलेबस के साथ ही योग और फिजिकल फिटनेस से जुड़ी बातों को भी शिक्षा प्रणाली में शामिल करना था। यह सब देखते हुए प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति लागू की है।
जगदलपुर की ऐश्वर्या नायर ने मुख्यमंत्री से पूछा कि बस्तर में शिक्षा को लेकर आपकी क्या सोच है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में बेहतर शिक्षा पर हमारा हमेशा से फोकस रहा। हमारी पूर्ववर्ती सरकार ने दंतेवाड़ा में एजुकेशन सिटी बनाई। बस्तर में एजुकेशन पर इतना बड़ा काम पहले कभी नहीं हुआ था।
सबसे पहला विद्यालय परिवार, माँ-पिता गुरु
प्राथमिक शालाओं में शिक्षा पर आप क्या सोचते हैं। इस प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह समझना चाहिए कि बच्चों की पहली पाठशाला तो उनका परिवार होता है। इसलिए माता-पिता की अहम जिम्मेदारी है कि बच्चों की शिक्षा की नींव सबसे अच्छी हो। फिर आंगनबाड़ी केंद्र होता है और प्राथमिक शाला होती है। यह नींव है। यह मजबूत रहेगी तो आगे की पढ़ाई का ढांचा ठोस रहेगा।
मेडिकल कालेज जगदलपुर में सीटे बढ़ाएंगे
अंकिता ठाकुर ने कहा कि बस्तर के बेटे-बेटियां चाहते हैं कि यहीं मेडिकल कालेज में पढ़ाई करें और यहीं सेवाएं दें। यदि मेडिकल कालेज में सीटें बढ़ जाएंगी तो उन्हें उचित अवसर मिल पाएगा। मुख्यमंत्री ने अंकिता को इस संबंध में आश्वस्त किया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर में फहराया राष्ट्रीय ध्वज
बिलासपुर। जिला मुख्यालय के पुलिस परेड ग्राउंड के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर संभागायुक्त शिखा राजपूत तिवारी, आईजी अजय यादव, कलेक्टर अवनीश शरण,पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह भी मंच पर मौजूद थे।
जनजातीय संस्कृति में लोकतांत्रिक चेतना को प्रदर्शित करती हुई छत्तीसगढ़ की झांकी रही आकर्षण का केंद्र
रायपुर। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल छत्तीसगढ़ की झांकी "बस्तर की आदिम जनसंसद : मुरिया दरबार" ने दर्शकों का मन मोह लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के अनेक शीर्षस्थ लोग, विशिष्ट अतिथिगण तथा आम-नागरिक दर्शक-दीर्घा में उपस्थिति थे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि थे।
प्रदेश की इस झांकी के विषय चयन एवं प्रस्तुतिकरण के लिए राज्य शासन ने जनसंपर्क विभाग को जिम्मेदारी दी थी। विषयों पर व्यापक शोध एवं अन्वेषण के बाद वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में झांकी को तैयार किया गया था। छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम 'भारत लोकतंत्र की जननी' पर आधारित थी। यह झांकी जनजातीय समाज में आदि-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं को दर्शाती है, जो आजादी के 75 साल बाद भी राज्य के बस्तर संभाग में जीवंत और प्रचलित है। इस झांकी में केंद्रीय विषय "आदिम जन-संसद" के अंतर्गत जगदलपुर के "मुरिया दरबार" और कोंडागांव जिले के बड़े डोंगर में स्थित "लिमऊ-राजा" को दर्शाया गया था। झांकी के प्रदर्शन के दौरान कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने परब नृत्य भी प्रस्तुत किया।
भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान, हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है। हम ‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई’ का अनुसरण करते हैं। हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित है, जो हमें मानव धर्म के लक्ष्यों के प्रति जागरूक रखता है। इनके रास्ते पर चलते हुए हम छत्तीसगढ़ के जन-जन का सपना पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 75 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद प्रदेश की जनता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। गणतंत्र दिवस का यह समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान में हर्ष और उल्लास के वातावरण में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री ने समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद परेड की सलामी ली।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि आज के दिन, भारत के अमृत काल में, 75वें गणतंत्र दिवस के रूप में एक सुनहरी कड़ी जुड़ रही है। यह पावन अवसर हमारे देश के महान संविधान की सफलता का सबसे बड़ा पर्व है। इस अवसर पर मैं महान नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करते हुए देश को इस गौरवशाली मुकाम पर पहुंचाने वाली सभी विभूतियों को नमन करता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंद सिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने हमारे प्रदेश को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा और पूरे छत्तीसगढ़ में त्याग-बलिदान, न्याय-समानता जैसे आदर्शों की अलख जगाई। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना के विकास में आदिवासी अंचलों का अग्रणी योगदान दर्ज कराया था। बाद में इस राह पर चलकर प्रदेश के अनेक वीरों और राष्ट्र भक्तों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं प्रदेश और देश के विकास में योगदान दिया। ऐसी सभी विभूतियों को मैं सादर नमन करता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के लोगों ने अपना संविधान बनाया और स्वयं ही इस संविधान को अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी 1950 को, हमारे संविधान को लागू करने के साथ रख दी गई थी। हमारा संविधान, अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्षों का सफर बताता है कि हम एक सफलतम लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। मैं आज बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों का पावन स्मरण करता हूं, जिन्होंने सामूहिक बुद्धिमत्ता से संविधान रचकर हमारे गणतंत्र को राह दिखाई। हमारा संविधान समस्त नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार-अभिव्यक्ति-विश्वास-धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता का अधिकार प्रदान करता है। इस तरह लोकतंत्रात्मक गणराज्य के रूप में भारत की पहचान, सफलता और अभूतपूर्व उपलब्धियों का परचम पूरी दुनिया में फहरा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और अभियानों के कारण विगत लगभग एक दशक में देश ने सभी क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी सफलताएं अर्जित की हैं, जिसके कारण एक ओर जहां प्रत्येक देशवासी का माथा गर्व से ऊंचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर पूरी दुनिया ने भारत का लोहा माना है। अनेक क्षेत्रों में अब भारत, विश्व का नेतृत्व कर रहा है। हमारे गणतंत्र की गौरवगाथा से देश और प्रदेश के विकास को नए पंख मिले हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व और तत्कालीन माननीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा देकर, छत्तीसगढ़वासियों को विकास के पंख प्रदान किए थे। इस प्रकार 1 नवम्बर 2000 से छत्तीसगढ़ में विकास यात्रा शुरू हुई। गणतंत्र में सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है, आम जनता की इच्छाओं, आकांक्षाओं का सम्मान, प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा का ध्यान, प्रत्येक नागरिक की आवश्यकताओं की पहचान और उसके अनुसार सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन।
18 लाख हितग्राहियों को मिलेंगे पक्के आवास
उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता और गर्व का अनुभव हो रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने विगत 9 वर्षों में जिस प्रकार से देश की सेवा की है, उससे न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया में भी उनकी लोकप्रियता, न्यायप्रियता और नेतृत्व क्षमता स्थापित हुई है। उन्होंने जनकल्याण के साथ विश्व कल्याण की अपनी सोच से पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का आवास प्रदान करने की गारंटी को हमने सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। हमने अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इस तरह से हम देश में हर बेघर के सिर पर छत देने के लक्ष्य को पूरा करने में भी अपना योगदान देंगे।
घर-घर पहुंचेगा नल से जल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के साथ हमने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। निर्धारित लक्ष्य जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए हमने अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था कर दी है।
12 लाख किसानों को मिले धान बोनस के 3,716 करोड़ रूपए
अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य के जन्मदाता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस-‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर 2 साल की धान खरीदी के बकाया बोनस के एकमुश्त भुगतान को लेकर वादा किया गया था। यह वादा हमने नियत तिथि को निभाया और 12 लाख से अधिक किसानों को एकमुश्त 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।
प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी
‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत हमने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का आदेश जारी करके यह व्यवस्था लागू कर दी है। व्यवस्था में सुधार हेतु ऑनलाइन धान खरीदी केन्द्रों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से धान खरीदी की जा रही है। 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है।
सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली: 1,123 करोड़ रूपए का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा कि कृषक जीवन ज्योति योजना, हमारी ही पूर्ववर्ती सरकार की देन थी, जिसने किसानों के जीवन में बहार लाई थी। निःशुल्क बिजली प्रदाय से उनकी सिंचाई सुविधा और उत्पादन क्षमता में बहुत बढ़ोतरी हुई थी। सरकार बनते ही हमने इस योजना की समीक्षा की और पाया कि किसानों को निःशुल्क बिजली देने की यह व्यवस्था बहुत कारगर साबित हुई है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1 हजार 123 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार किसानों के साथ
किसान भाइयों और बहनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस बात का पूरा अहसास है कि आपको अपने जीवन में किन बड़ी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपकी मेहनत और त्याग अनमोल है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि कृषि तथा इससे संबंधित सभी क्षेत्रों पर हम लगातार ध्यान देंगे और समस्याओं का निराकरण करते जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जैविक खेती मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि योजनाओं का समय पर अधिकाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को देने की व्यवस्था की जाएगी।
महतारी वंदन योजना में मिलेगी 12,000 रूपए की राशि
मातृशक्ति को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि माताओं, बहनों, बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। उनकी सेहत, शिक्षा और पोषण के लिए भी समुचित योजनाएं कारगर ढंग से लागू की जाएंगी। हमने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 12 हजार रुपए वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ की है।
पारदर्शीता के साथ होंगी पीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं
युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम विद्यार्थियों और युवाओं की चिंता से अवगत हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ पीएससी की सभी प्रमुख परीक्षाओं की प्रक्रिया को यूपीएससी की तर्ज पर सुव्यवस्थित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। हमने पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार ने सभी प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनेक स्तरों पर परीक्षण प्रारंभ कर दिया है। हम नौनिहालों और युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, संस्कार, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सभी विषयों पर समग्रता से पहल करेंगे।
विकसित भारत संकल्प यात्रा से मिल रहा योजनाओं का लाभ
विकसित भारत संकल्प यात्रा की भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से प्रदेश में एक महाअभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर वंचित और कमजोर व्यक्ति तक पहुंचना और पात्रतानुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। यह यात्रा प्रदेश की सभी 11 हजार 654 ग्राम पंचायतों तथा 170 नगरीय निकायों में पहुंच रही है। भारत सरकार की जनहितकारी समस्त योजनाओं के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर उनसे संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूक कर रही है। इसके अलावा स्थल पर योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान से कमजोर तबकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में मदद मिल रही है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए पीएम-जनमन योजना
गणतंत्र दिवस के अवसर पर मैं प्रधानमंत्री की इस महान जनहितकारी पहल का अभिनंदन करता हूं, जो प्रत्येक नागरिक के सशक्तीकरण का माध्यम बनी है। इतना ही नहीं, समाज के सबसे पिछड़े समुदायों को लक्षित करते हुए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। राज्य में विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं अबूझमाड़िया को पीएम-जनमन के माध्यम से 9 केन्द्रीय मंत्रालयों द्वारा 11 लक्ष्यों पर कार्य किया जा रहा है ताकि इन समुदायों के लोगों और उनकी बसाहटों में जो अभाव बच गए हैं, उनका निराकरण किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा भी राज्य सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय के विकास की विभिन्न योजनाओं को कारगर ढंग से संचालित करने के लिए संकल्पबद्ध है। तेन्दूपत्ता तथा अन्य वनोपजों से उनकी आजीविका के साधनों को मजबूत करने तथा इनके रहवासी क्षेत्रों में बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध करने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के संबंध में कहा कि मैं प्रदेशवासियों को साधुवाद देता हूं, जिनके सहयोग से छत्तीसगढ़ को देश के तीसरे सबसे स्वच्छ राज्य का खिताब मिला है। मैं चाहूंगा कि स्वच्छता के सभी मापदण्डों पर आप सबकी लगन और जागरुकता लगातार बढ़े। हमें प्रदेश को स्वच्छता के शिखर पर पहुंचाना है ताकि जीवन स्तर उन्नयन के विभिन्न प्रयासों का अधिक लाभ सबको मिले।
गरीब परिवारों को पांच वर्ष तक मिलेगा निःशुल्क चावल
कोविड-19 की विश्वव्यापी आपदा से निपटने के लिए किसी भी जरूरतमंद परिवार को पोषण समस्या न हो यह ध्यान में रखते हुए केन्द्र शासन ने निःशुल्क अनाज प्रदान करने की योजना शुरू की थी। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय की व्यवस्था कर दी है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।
वन नेशन वन राशन कार्ड से पीडीएस में पारदर्शीता
मुख्यमंत्री ने पीडीएस प्रणाली से संबंधित सुधारों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कारगर, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें हितग्राहियों को अपनी पसंद की किसी भी राशन दुकान से राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा है।
36 लाख महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान विशेष अभियान संचालित करते हुए उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सेहत, सुविधा और स्वाभिमान की स्थिति में बहुत सुधार आया है।
अयोध्या के तीर्थ यात्रा के लिए रामलला दर्शन योजना
हमारा छत्तीसगढ़ धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का प्रदेश है। यहां हर क्षेत्र में कुछ न कुछ विशेषताएं हैं, जिसका सम्मान करते हुए एक साझा संस्कृति का विकास प्रदेश में हुआ है। हमारी सरकार सभी जातियों, धर्मों, समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए समरस विकास के रास्ते पर चलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम में प्रभु राम की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रति लोगों की जिज्ञासा और अगाध श्रद्धा भाव का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति वर्ष हजारों लोगों का अयोध्या धाम तथा काशी विश्वनाथ धाम, प्रयागराज की तीर्थयात्रा कराई जाएगी।
सुशासन से करेंगे हर वादा पूरा
छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन, पर्यटन विकास के अवसर, परंपरागत ज्ञान तथा कौशल, परिश्रमी तथा विवेकशील जनता, नवीन संभावनाओं के अनुसार अपने को ढालने की इच्छाशक्ति, नई चुनौतियों का सामना करने का साहस जैसे तमाम आवश्यक तत्व मौजूद हैं। सुशासन के माध्यम से सही दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नक्सलवाद तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों, हिंसा व अन्याय पर तेजी से रोक लगे। संविधान की भावना अनुसार सभी क्षेत्रों और सभी वर्ग के लोगों को विकास के समुचित अवसर मिलें। सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं ताकि सभी छत्तीसगढ़वासियों की आय और जीवन स्तर उन्नयन में वृद्धि का सिलसिला तेजी से आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर वादा पूरा करने के लिए तत्पर है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके प्यार, सहयोग और समर्थन से हम छत्तीसगढ़ महतारी का, छत्तीसगढ़ के जन-जन का हर सपना पूरा करेंगे।
राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने गणतंत्र दिवस पर रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण
रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। राज्यपाल हरिचंदन ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में ध्वजारोहण
राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज सुबह राजभवन में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
राज्यपाल ने इस अवसर पर राजभवन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उनके परिजनों तथा बच्चों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने बच्चों को चॉकलेट भी बांटे। समारोह में राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, राज्यपाल के विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव सहित राजभवन सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्यगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर में फहराया तिरंगा
जगदलपुर। देश आज 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गणतंत्र दिवस के मौके पर जगदलपुर के लालबाग मैदान में तिरंगा फहराया। फिर परेड की सलामी ली। बिलासपुर में डिप्टी सीएम अरुण साव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया है।
जगदलपुर के मंच से मुख्यमंत्री साय ने कहा भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान, हमारी चेतना में एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन समाहित। जन-जन के सपनों को करेंगे साकार, हमारी सरकार हर वादा पूरा करेगी। हमारा संविधान दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान।

मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी महाविद्यालय जगदलपुर में क्रांतिकारी डेबरीधुर की प्रतिमा का किया अनावरण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जिला मुख्यालय जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रांतिकारी डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर में भूमकाल आंदोलन के नायक वीर डेबरीधुर जी की प्रतिमा का और उनके जीवन परिचय पर आधारित शिलालेख का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने भूमकाल आंदोलन के क्रांतिकारी डेबरीधुर के योगदान का पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के भूमकाल विद्रोह में आदिवासी जननायक वीर गुंडाधुर के साथ क्रांतिकारी डेबरीधुर जैसे कई अन्य नायकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। बस्तर के आदिवासी नायकों का योगदान अविस्मरणीय और अतुलनीय है। श्री साय ने कहा कि बस्तर क्रांतिकारियों की धरती है। यहां के आदिवासी जननायकों ने अपनी वीरता और साहस से दमनकारी शक्तियों का पूरजोर मुकाबला किया। वीर गेंदसिंह, हिड़मा मांझी, नागुल दोरला, वीर झाड़ा सिरहा जैसे अनेकों बस्तर के वीरों ने अपनी माटी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
इस मौके पर विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक संतोष बाफना, बैदूराम कश्यप, सुभाऊ कश्यप सहित बस्तर कमिश्नर श्याम धावड़े, आईजी सुंदरराज पी., महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. एस. कुरील, कलेक्टर विजय दयाराम के. भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि डेबरीधुर बस्तर के महान भूमकाल विद्रोह 1910 के महानायक गुण्डाधूर के निकट सहयोगी क्रांतिकारी और बलिदानी के रूप में जाने जाते हैं। बस्तर के ग्राम एलेंगनार में जन्में डेबरीधुर धुर्वा जनजाति के आदिवासी युवक थे। उनका वास्तविक नाम बोरगाधुर था, लेकिन तीर धनुष, तलवार, कुल्हाड़ी आदि हथियार चलाने सहित अन्य सभी कार्य बायें हाथ से करने के कारण वे डेबरीधुर कहलाए। बस्तर अंचल में डेबरी का अर्थ बायाँ होता है।
डेबरीधुर ने अपने वीर साथी क्रांतिकारी नायकों के साथ अंग्रेजों के शोषण, अनाचार, दमन और अत्याचार से बस्तर को मुक्त करवाने के लिए गाँव-गाँव में बैठक के माध्यम से लोगों को जागरूक व संगठित कर संघर्ष के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने गुण्डाधुर के साथ कदम से कदम मिलाकर लड़ाई का नेतृत्व किया।
भूमकाल विद्रोह विश्वासघातियों के कारण अंग्रेजों के पक्ष में जाने लगा। डेबरीधुर गिरफ्तार कर लिए गए। सम्भवतः दिनांक 29 मार्च 1910 को उन्हें जगदलपुर स्थित गोलबाजार के इमली के वृक्ष में फांसी दे दी गई। उस समय उनकी उम्र महज 22 वर्ष की थी। भूमकाल के इस वीर महायोद्धा के अमूल्य बलिदान को बस्तर कभी विस्मृत नहीं कर सकेगा। भूमकाल के स्मृति दिवस 10 फरवरी को प्रतिवर्ष आदिवासी समाज द्वारा वीर गुण्डाधुर और डेबरीधुर सहित आंदोलन के सभी नायकों के शहादत को यादकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा मां शाकम्भरी जयंती में शामिल हुए
रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आज गुरुवार को अपने एक दिवसीय कबीरधाम प्रवास के दौरान विभिन्न ग्रामों में आयोजित मां शाकंभरी जयंती आयोजन में शामिल हुए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा बोडला विकासखंड के ग्राम मोतिमपुर, बरपेलाटोला, अमलीडीह, मजगांव, समनापुर और नेवारी में आयोजित शाकंभरी जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मां शाकम्भरी देवी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने सभी को मां शाकम्भरी देवी जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मातृत्व शक्ति, माता-बहनों की सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने का निर्णय लिया है। जो सिर्फ महिलाओं को समर्पित होगा व इस सदन में महिलाएं पारस्परिक, पारिवारिक सांस्कृतिक, व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करेंगी।
शाकंभरी जयंती के अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान के लिए ग्राम अमलीडीह में मरार समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम मजगांव में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, आहाता निर्माण के लिए 2 लाख रुपए, ग्राम समनापुर में भवन निर्माण के लिए 05 लाख रूपए, आहता निर्माण के लिए 03 लाख रूपए, ग्राम नेवारी में भवन निर्माण के लिए 08 लाख रूपए देने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि क्षेत्र और ग्राम विकास के लिए जो भी मांग और समस्याओं को संज्ञान में लाया जाएगा, उन्हें भी प्राथमिकता से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, कैलाश चन्द्रवंशी, ईश्वरी साहू, पोखराज सिंह परिहार, रामप्रसाद बघेल, मनीराम साहू, मयंक गुप्ता सहित पंच, सरपंच, समाजिक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पटेल (मरार) समाज द्वारा आयोजित मां शाकंभरी जयंती के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि मां शाकंभरी, मां अन्नपूर्णा और शक्ति स्वरूपा दुर्गा का भी अवतार है। पूरे प्रदेश में मां शाकंभरी जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और वन देवी के रूप में भी पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने पटेल समाज की तारिफ करते हुए कहा कि पटेल समाज एक संगठित और सशक्त समाज है। उन्होंने कहा कि समाज पूरे प्रदेश में एक सशक्त और संगठित समाज की अवधारणा को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज का मूल व्यवसाय खेती-किसानी, सब्जी-भाजी के उत्पादन कर अपने अजीवका का साधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पटेल समाज को अब कृषि के क्षेत्र के साथ ही प्रत्येक क्षेत्र मे अपनी भागीदारी बढ़ानी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार मोदी की गारन्टी को पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में 18 लाख परिवार को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृत दी है। उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी किया जा रहा है। राशनकार्डधारी परिवारों को अगले 5 साल तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जाएगा। इससे 67 लाख 92 हजार 153 परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) भर्ती मामले की सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया गया है। 02 वर्ष के धान के बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रूपए 13 लाख किसानों के खाते में हस्तांतरित किया है।

अनूठे विषय को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित छत्तीसगढ़ की झांकी कर्तव्य पथ पर कल बिखेरेगी आदिवासी संस्कृति का सौंदर्य
रायपुर। अपने अनूठे विषय को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो रही छत्तीसगढ़ की झांकी "बस्तर की आदिम जनसंसद : मुरिया दरबार" कल 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में प्रदर्शित होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्षस्थ लोगों, विशिष्ट अतिथियों तथा आम-नागरिकों की दर्शक-दीर्घा में उपस्थिति होगी। अनेक देशों के अतिथिगण भी गणतंत्र-दिवस की परेड में आमंत्रित होते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति की विशिष्टता और सुंदरता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का यह महत्वपूर्ण अवसर होगा।
देश के 28 राज्यों के बीच कड़ी प्रतियोगिता के बाद छत्तीसगढ़ की झांकी को इस साल नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र-दिवस परेड में प्रदर्शन के लिए चुना गया है। परेड के लिए स्पर्धा में शामिल 28 में से 16 राज्यों की झांकियों का चयन किया गया है। झांकी का रोचक विषय और डिजाइन रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति को रिझाने में कामयाब रहा। छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम 'भारत लोकतंत्र की जननी' पर आधारित है। यह झांकी जनजातीय समाज में आदि-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं को दर्शाती है, जो आजादी के 75 साल बाद भी राज्य के बस्तर संभाग में जीवंत और प्रचलित है। इस झांकी में केंद्रीय विषय "आदिम जन-संसद" के अंतर्गत जगदलपुर के "मुरिया दरबार" और कोंडागांव जिले के बड़े डोंगर में स्थित "लिमऊ-राजा" को दर्शाया गया है। हाल ही में नई-दिल्ली की रंगशाला में प्रेस-रिव्यू के दौरान प्रदेश की झांकी ने नेशनल-मीडिया से जमकर तारीफें बटोरी हैं।
शाकम्भरी जयंती पर अयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। प्रदेश के स्कूल शिक्षा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल आज राजधानी रायपुर के घड़ी चौक में आयोजित शाकम्भरी जयंती कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शमिल हुए।
मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मां शाकम्भरी जयंती की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां शाकम्भरी का आशीर्वाद प्रदेश को मिल रहा है और आज दान पुण्य का छेर-छेरा के पर्व है जिसके पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ मरार समाज द्वारा प्रसादी के रूप में निःशुल्क सब्जी वितरण का आयोजन किया गया। ऐसी मान्यता है कि छेर-छेरा के दिन दान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है और समृद्धि आती है। अच्छी बात है कि इस परंपरा को छत्तीसगढ़ का मरार पटेल समाज निभा रहा है।
ज्ञात हो कि मरार पटेल महासंघ रायपुर जिला कार्यकारिणी के तत्वाधान में आराध्य देवी मां शाकम्भरी जयंती प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी राजधानी रायपुर के घड़ी चौक में आज बड़े हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। दानपुण्य का पर्व छेरछेरा और मरार समाज की आराध्य देवी माँ शाकंभरी जंयती के अवसर पर प्रसादी के रूप में निःशुल्क सब्जी वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर जिले को 100 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर विकासखंड के बुरुंदवाड़ा सेमरा में लगभग 3 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से निर्मित सिरी (एमआरसी) और समृद्धि (एमआरएफ) का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने बस्तर जिले में 100 करोड़ 42 लाख 28 हजार रूपए की राशि के 195 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 24 करोड़ 44 लाख 60 हजार रूपए की लागत के 110 कार्यों का लोकार्पण तथा 75 करोड़ 98 लाख 88 हजार रूपए के लागत से 89 कार्यों का भूमिपूजन सम्मिलित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने 7 करोड़ 12 लाख की लागत से चित्रकोट और तिरथा में इंद्रधनुष पार्क निर्माण का शिलान्यास भी किया। इस दौरान इंद्रधनुष पार्क के निर्माण की कार्ययोजना के संबंध में वीडियो के माध्यम से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एमआरएफ और एमआरसी का पुस्तक का विमोचन किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में एमआरएफ और एमआरसी सेंटर के कचरा प्रबंधन की व्यवस्था का अवलोकन किया और महिला समूह के सदस्यों द्वारा मशीनों के माध्यम से कचरा अलग करने और व्यवस्थित कर विक्रय करने के प्रक्रिया की जानकारी ली। बुरुंदवाड़ा सेमरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीदियों को 83 ई-रिक्शा प्रदान किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों को 30 करोड़ रूपए का ऋण भी वितरण किया गया। इस अवसर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, पूर्व विधायक संतोष बाफना, कमिश्नर श्याम धावड़े, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे सहित अन्य गणमान्य अतिथि जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
गौरतलब है कि बुरुंदवाड़ा सेमरा में जिला पंचायत, एचडीएफसी बैंक के सेंटर फॉर एनवायरमेंट एजुकेशन (सीईई) और सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सयुंक्त साझेदारी से 03 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित स्वच्छ केंद्र-एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एंड मटेरियल रिसाइक्लिंग सेंटर) का संचालन किया जा रहा है। सेंटर का मुख्य उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र में बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देकर परिवर्तनकारी परियोजना को व्यवहार में लाना है। साथ ही अपशिष्ट प्रबंधन मूल्य श्रृंखला में एक चक्रीय अर्थव्यवस्था और एक व्यवसाय मॉडल को बढ़ावा देना है। इससे संस्था से जुड़ी महिला स्व सहायता समूह को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। जगदलपुर शहर के कचरा प्रबंधन के माध्यम से नगर निगम की स्वच्छता दीदियों से उनके सामानों की खरीदी कर आर्थिक लाभ पहुंचाना है।
परियोजना का लक्ष्य एक स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली बनाना है, जो रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सूखे और प्लास्टिक कचरे की मात्रा को कम करता है। एमआरएफ/एमआरसी विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थों की छंटाई, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगा, उचित निपटान सुनिश्चित करेगा और पर्यावरणीय दुष्प्रभाव को कम करेगा।
मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और मटेरियल रिसाइक्लिंग सेंटर (एमआरसी) की स्थापना ‘सूखे और प्लास्टिक कचरे से मुक्त ग्रामीण और शहरी परिदृश्य‘ परियोजना के तहत की जा रही है। सभी एकत्र किए गए सूखे कचरे और प्लास्टिक को शहर के नगर निगमों (सीएमसी), अपशिष्ट बीनने वालों और अन्य हितधारकों से एमआरएफ के लिए प्राप्त किया जाता है। एमआरएफ सभी प्रकार के सूखे कचरे को अलग करता है, इसमें प्लास्टिक भी शामिल है, जो अपशिष्ट आपूर्ति श्रृंखला में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देगा। पीईटी, पीई, एचडीपीई, एलडीपीई, पीवीसी, पीएस और पीपी कचरे को जमा किया जाता है और टुकड़े कर रिसाइक्लर्स (पैलेट या अन्य सामग्री/उत्पादों का उत्पादन करने के लिए), सीमेंट भट्टियों (सह-प्रसंस्करण) को आपूर्ति की जाती है। जिसका उपयोग ईंधन, सड़क निर्माण आदि में किया जाता है।

सही प्रत्याशी को वोट देने का मतलब राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान: बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। युवा शक्ति को केवल वोट नहीं देना है। बल्कि अपने आस पास के लोगों को जागरूक भी करना है। लोगों को बताना होगा कि, सही वोट का मतलब राष्ट्र निर्माण में योगदान है। यह बात वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर डिग्री कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
जहां वर्चुअल माध्यम के जरिए 'नमो नवमतदाता सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने देश भर के युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर भी अग्रवाल ने कहा कि, राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की अहम भूमिका है। जो खुद जागरूक होने के साथ ही समाज को भी जागरूक बनाता है। हमारे युवा उज्ज्वल भविष्य की आकांक्षाओं से परिपूर्ण हैं। जिसके पास सक्षम, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि नौजवान कल का नागरिक हैं। लेकिन वो आज के नागरिक है जो बेहतर भारत का निर्माण कर सकते हैं। पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनकर एक मजबूत राष्ट्र के नींव रखी जा चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने ऐतिहासिक लक्ष्यों की प्राप्ति की है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह में फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से मताधिकार का सदुपयोग करने किया गया जागरूक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकायुक्त न्यायमूर्ति टी पी शर्मा ने कहा है कि लोकतंत्र को निरंतर सुदृढ़ करने और लोकतंत्र की सफलता में मतदाताओं की सशक्त तथा अहम भूमिका है। 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि अपने मताधिकार का उपयोग करना मतदाताओं का अधिकारी भी है और कर्तव्य भी। इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय रायपुर के विवेकानंद सभागार में आयोजित समारोह में कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पी एस ध्रुव, जिला निर्वाचन अधिकारी रायपुर गौरव कुमार सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
न्यायमूर्ति टी. पी. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ शहरी क्षेत्रों में भी मतदान के प्रति जागरूकता बढ़नी चाहिए । उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि हम मतदान के अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य के महत्व को स्वयं समझे और साथ ही अन्य लोगों को भी जागरूक करें।
राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता कर रहे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है जो आश्वस्त करता है कि देश में लोकतंत्र आने वाले दिनों में और सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में लगातार पारदर्शिता बढ़ती जा रही है जो यह भी आश्वस्त करती है आम मतदाताओं की भूमिका बढ़ रही है। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने सभी उपस्थित लोगों को मतदाता जागरूकता की शपथ भी दिलाई।
न्यायमूर्ति टी पी शर्मा एवं कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर कृषि महाविद्यालय परिसर में मतदाता जागरूकता पर आधारित एक दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में प्रदेशभर में आयोजित किए जाने वाले मतदाता जागरूकता अभियानों पर आधारित छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है।
राज्य स्तरीय समारोह के दौरान निर्वाचन कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। प्रमुख लोकायुक्त न्यायमूर्ति टी पी शर्मा तथा कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने जिला सूरजपुर के तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आईएएस संजय अग्रवाल, जिला गरियाबंद के तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आईएएस आकाश छिकारा और राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ जिला (स्वीप) पुरस्कार से जिला कांकेर के तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आईएएस डॉ. प्रियंका शुक्ला व जिला धमतरी के तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आईएएस ऋतुराज रघुवंशी को सम्मानित किया ।
इसके अलावा निर्वाचकीय कार्यों में उत्कृष्टता के साथ कार्य करने हेतु विशेष जूरी पुरस्कार से जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेंदर यादव (नोडल अधिकारी स्वीप) को और उत्कृष्ट उप जिला निर्वाचन अधिकारी पुरस्कार से उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला मुंगेली के प्रवीण तिवारी, जिला सूरजपुर की प्रियंका वर्मा और जिला कबीरधाम के रितुराज बिसेन को सम्मानित किया गया।
इसी तरह बेस्ट इलेक्शन सुपरवाइजर पुरस्कार जिला रायगढ़ के निर्वाचन पर्यवेक्षक फकीर मोहन षड़ंगी, सर्वश्रेष्ठ क्रियेटिव तैयार करने हेतु राज्य स्तरीय प्रोत्साहन पुरस्कार जिला कोरिया के पटवारी योगेश कुमार गुप्ता, उत्कृष्ट रिटर्निंग ऑफिसर पुरस्कार कोरबा विधानसभा के रिटर्निंग अधिकारी श्रीकांत वर्मा, कुरूद विधानसभा के सोनाल डेविड, रायपुर शहर दक्षिण के पुष्पेंद्र शर्मा को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पुरस्कार से कोरबा जिला के भूषण मंडावी, राजनांदगांव जिला के विजय कोठारी, मुगेली जिले की छाया अग्रवाल को सम्मानित किए गए।
उत्कृष्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी पुरस्कार से खरसिया विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रोहित कुमार सिंह, अंतागढ़ के अंजोर सिंह पैकरा, प्रेमनगर के रवि सिंह, बेमेतरा की सुरूचि सिंह, सिहावा की गीता रायस्त को सम्मानित किया जाएगा। उत्कृष्ठ सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी पुरस्कार से जिला सक्ती के मनमोहन प्रताप सिंह, जिला बस्तर के आशीष साहू, जिला सूरजपुर के समीर शर्मा, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की प्रीति लोरोकर, जिला धमतरी के केतन कुमार भोयर, उत्कृष्ट सहायक प्रोग्रामर पुरस्कार से जिला कोरबा के शीतल अग्रवाल, जिला बस्तर के शिवभान सिंह, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के आशीष कुमार द्विवेदी, जिला राजनांदगांव के भूपेन्द्र सिंह, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के ओंकार वर्मा और उत्कृष्ट डाटा एंट्री ऑपरेटर पुरस्कार से जिला जांजगीर-चांपा के आकाश कुमार शर्मा, जिला बीजापुर के नंदिनी देहारी, जिला जशपुर के सुनील डनसेना, जिला दुर्ग के देवप्रकाश साहू व जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के रविशंकर प्रजापति को सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त सेवा मतदाताओं और मतदाता जागरूकता के लिए दो राज्य स्तरीय आइकन को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नव मतदाताओं को उनके मतदाता परिचय पत्र भी सौंपे गए।

खाद्य विभाग ने ऑनलाईन की सुविधा देकर नवीनीकरण की प्रक्रिया को बनाया आसान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में प्रचलित सभी 77 लाख राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य आज से शुरू हो गया है। खाद्य विभाग ने राशन कार्डों के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन सुविधा देकर इसे काफी आसान बना दिया है। पहले दिन आज एक लाख 41 हजार 547 राशनकार्डधारियों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, इनमें से एक लाख 33 हजार 640 लोगों ने स्वयं मोबाइल एप्प के माध्यम से तथा 7 हजार 907 हितग्राहियों ने उचित मूल्य दुकान संचालक के माध्यम से नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन सुविधा का लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं और स्वयं अपने मोबाइल से खाद्य विभाग के एप्प के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया के राशनकार्डधारी हितग्राही भी उत्साह के साथ अपना कार्ड का नवीनीकरण करवा रहे हैं। बगिया निवासी सरस्वती बाई ने प्राथमिकता श्रेणी के राशन कार्ड का नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। गौरतलब है कि राशनकार्ड नवीनीकरण 25 जनवरी से 15 फरवरी 2024 तक किया जा रहा है। हितग्राही राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए अपने मोबाइल एप्प के माध्यम से या उचित मूल्य दुकान संचालक के माध्यम से नवीनीकरण के लिए आवेदन भी कर सकते है।
बालोद जिले के ग्राम हीरापुर के राशनकार्डधारी त्रिवेणी साहू ने बताया कि ऑनलाईन आवेदन करना बहुत ही आसान है। राशनकार्ड नवीनीकरण करने का कार्य अपने हाथ में है, घर बैठे मोबाइल एप्प में आसानी से आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता श्रेणी के राशनकार्ड के लिए उन्होंने ऑनलाइन नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है, उनका राशनकार्ड क्रमांक 226465366111 है। इसी प्रकार ग्राम झलमला के राशनकार्डधारी सुरूचि के पुत्र टीकेश्वर ने बताया कि उनका सामान्य राशनकार्ड क्रमांक 226465806718 का मोबाइल एप्प से आवेदन किया गया है और बहुत ही कम समय में नवीनीकरण का कार्य पूरा हो गया। छत्तीसगढ़ शासन ने ऑनलाईन की सुविधा देकर प्रक्रिया को बहुत ही सरल बना दिया है। जगदलपुर जिले के ग्राम तेलीसेमरा निवासी सुजाता राव ने भी राशन कार्ड का नवीनीकरण कराया।

शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अफसर नपेंगे, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल एक्शन मोड में
रायपुर। पूर्व सरकार में शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी करने वालों अब जल्द ही गाज गिरने वाली है. इस मामले की जांच के आदेश शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दे दिया है. मंत्री बृजमोहन ने कहा, एक-एक शिकायत की जांच कराएंगे. दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा.
शिक्षा मंत्री बृजमोहन ने कहा, कुछ शिकायतों पर जांच के लिए निर्देश दिया है. और भी शिकायत मिलेगी तो जांच के निर्देश दिए जाएंगे. जांच में चाहे कोई भी दोषी हो, किसी को नहीं बख्शा जाएगा. दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
भर्ती में विषय बाध्यता ख़त्म किया गया है, इसे लेकर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, इसकी जानकारी लेकर आगे कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि कांग्रेस सरकार में 14580 और 12289 शिक्षक का पोस्ट निकाला गया था, जिसमें जमकर गड़बड़ी करने का आरोप अभ्यर्थियों ने लगाया है.
क्रेडा द्वारा स्टेकहोल्डर्स को दी गई ऊर्जा संरक्षण भवन कोड की जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए वाणिज्यिक भवनों के डिजाइन और संरचना में आवश्यक सुधार कर ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ ऊर्जा संरक्षण भवन कोड बनाया गया है। इस कोड से नए वाणिज्यिक भवनों की ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। यह कोड बिजली में खपत में कमी के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। इस नए कोड में अक्षय ऊर्जा का उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, भारत सरकार की सहायता से छत्तीसगढ़ विगत 24 जनवरी 2024 को छत्तीसगढ़ ऊर्जा संरक्षण भवन कोड की विस्तार से जानकारी देने के लिए स्टेकहोल्डर्स की बैठक आयोजित की गई।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा ने बताया कि वाणिज्यिक भवनों और नई इमारतों में ऊर्जा दक्षता लाने में ऊर्जा संरक्षण भवन कोड एक महत्वपूर्ण नियामक उपाय है। इस कोड का उपयोग से निर्मित भवनों में ऊर्जा की आवश्यकता 25 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के नियमों की अधिसूचना प्रक्रियाधीन है। इस कोड के क्रियान्वयन से नए वाणिज्यिक भवनों के माध्यम से प्रति वर्ष कम से कम 3 करोड़ यूनिट बिजली की बचत होगी। उन्होेंने यह भी बताया कि स्टेकहोल्डर्स के सहयोग से बिल्डिंग के नियमों बिल्डिंग अनुमति प्रक्रिया और एसओआर में इसे शामिल किया जाना है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक मनोज खरे ने कहा चूंकि अधिकांश थर्मल पावर प्लांट कोयला आधारित हैं और राज्य में उत्पादित बिजली कई अन्य राज्यों को निर्यात की जाती है, इसलिए औद्योगिक क्षेत्र के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन का भार पहले से ही अधिक है। छत्तीसगढ़ के भवन निर्माण क्षेत्र और बुनियादी ढांचे के विकास से इन उत्सर्जन में बढ़ोतरी हो रही है। हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए, उद्योगों, भवनों, परिवहन, डिस्कॉम और नगर पालिकाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता पहल लागू की जानी चाहिए। प्रत्येक क्षेत्र की संचयी बचत, ग्रीन हाऊस गैस के उत्सर्जन में पर्याप्त बचत हासिल करने में सक्षम होगी।
बैठक में जानकारी दी गई ऊर्जा संरक्षण भवन कोड को 17 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था। यह एक तकनीकी कोड है जो विभिन्न भवन डिजाइन और सिस्टम दक्षता मापदंडों के अनुपालन के माध्यम से कुल निर्मित क्षेत्र 1000 वर्गमीटर से अधिक या 50 किलोवाट और उससे अधिक के कनेक्टेड लोड या 60 के.वी.ए. और उससे अधिक की अनुबंध भार के साथ वाणिज्यिक भवनों में ऊर्जा दक्षता प्राप्त करने के लिए न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करता है। बैठक में डिजाइन ऑक्यूपेंसी सर्विसेज, जयपुर के सस्टेनेबिलिटी कंसल्टेंट और बिल्डिंग एनर्जी विशेषज्ञ मोहित त्रिपाठी ने राज्य में सीजीईसीबीसी के क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों से एकीकृत दृष्टिकोण के लिए आगे बढ़ने के तरीके पर एक तकनीकी प्रस्तुति दी।

