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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड का श्रवण किया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, अखिलेश सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला सशक्त संवाद बन चुका है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरक प्रयासों और असाधारण उपलब्धियों को सामने लाने वाला मंच है, जो समाज में सेवा, नवाचार और सहभागिता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि सभी लोग प्रत्येक माह इसके प्रसारण का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए देश को नई दिशा का संदेश दिया है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट में भारत की तकनीकी शक्ति को विश्व ने सराहा और ‘मेड इन इंडिया’ के तीन एआई मॉडल लॉन्च होना देश की नवाचार क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से तकनीकी नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में धान की 500 से अधिक किस्मों की खेती हो रही है और देश विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के किसानों की अथक मेहनत, वैज्ञानिकों के निरंतर अनुसंधान और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अमूल के माध्यम से पशु चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा ‘सुश्रुत संहिता’ जैसे प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण और अनुवाद के प्रयासों का उल्लेख भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह भारत की परंपरा और तकनीक दोनों की शक्ति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री द्वारा केरल की 10 माह की बालिका आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के निर्णय का उल्लेख करते हुए उसे मानवता की अनुपम मिसाल बताया। उन्होंने बालिका के माता-पिता को नमन करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय कई लोगों को नया जीवन देने वाला है तथा समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रेरणादायी साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने डिजिटल फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों से सावधान रहने तथा केवाईसी एवं बैंकिंग सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है, जो आज के डिजिटल युग में अत्यंत प्रासंगिक है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने टी-20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की उपलब्धियों, राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘राजाजी उत्सव’ में सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा स्थापना, परीक्षार्थियों के लिए आत्मविश्वास के संदेश तथा रमजान और होली के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘मन की बात’ का प्रत्येक एपिसोड आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में देश के बढ़ते कदमों का सशक्त उदाहरण है। यह कार्यक्रम नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है और जन-जन की सकारात्मक पहल को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।
कौशल्या धाम परिसर में स्थापना के लिए पहुंची प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा
रायपुर। चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में स्थापना के लिए ग्वालियर से भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची वनवासी प्रतिमा रायपुर पहुंच गई है. प्रतिमा रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट डिजाइन सेंटर में प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने इस मूर्ति का निर्माण किया है.
प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा की स्थापना कांग्रेस शासनकाल में कौशल्या धाम परिसर में वर्ष 2021 में 51 फीट ऊंची श्रीराम की प्रतिमा के स्थान पर की जाएगी.
बता दें कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार ने उस समय राम वन पथ गमन और कौशल्या धाम जीर्णोद्धार को एक ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में प्रचारित किया था. प्रतिमा के स्वरूप को लेकर विपक्ष में रही भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि भगवान राम के स्वरूप के अनुरूप मनमोहक नहीं है. यह प्रतिमा भी ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई थी.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र
विगत वर्ष 20 नवंबर को भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद भी नई प्रतिमा की स्थापना में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए नई प्रतिमा के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था.
पत्र में उल्लेख किया गया था कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद भी यह मांग लगातार उठती रही, किंतु दो वर्षों के बाद भी मूर्ति परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने से जनता में निराशा व्याप्त है.
पर्यटन मंत्री ने दिया था आश्वासन
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि चंद्रखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में इसी माह प्रभु श्रीराम की नई मूर्ति स्थापित कर दी जाएगी. मूर्ति पूरी तरह तैयार है. रायपुर पहुंचने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ इसकी स्थापना की जाएगी.
SDM के बाद अब SDO और सब इंजीनियर पर गिरी गाज, इस मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई!
बिलासपुर। अरपा–भैंसाझार परियोजना के तहत भू-अर्जन में करोड़ों रुपये की अनियमितता के मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया गया है। तत्कालीन तखतपुर एसडीएम आनंद रूप तिवारी के निलंबन के लगभग एक महीने बाद अब जल संसाधन विभाग के तत्कालीन एसडीओ और उप अभियंता (सब इंजीनियर) को भी निलंबित कर दिया गया है।
बता दें कि यह कार्रवाई पूर्व में कराई गई प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें दोनों अधिकारियों को दोषी पाया गया था। उल्लेखनीय है कि मामले में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
3.42 करोड़ रुपये की अनियमितता का हुआ खुलासा
अरपा–भैंसाझार परियोजना के अंतर्गत चकरभाठा वितरक नहर निर्माण के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही थी। जांच में सामने आया कि एक ही खसरे को अलग-अलग रकबा दर्शाकर मुआवजा वितरण में 3 करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपये की अनियमितता की गई। आरोप है कि मुआवजा वितरण की आड़ में शासन को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
प्रारंभिक जांच तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार द्वारा गठित टीम ने की थी। टीम ने 24 फरवरी 2023 को शासन को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि भू-अर्जन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर गड़बड़ियां की गईं और इसमें जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। हालांकि उस समय संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
दोबारा जांच के बाद कार्रवाई तेज
बाद में कलेक्टर अवनीश शरण के पदभार ग्रहण करने के बाद मामले की पुनः जांच कराई गई। इसके आधार पर पटवारी मुकेश साहू (अधिग्रहण के समय पटवारी), जो प्रमोशन पाकर राजस्व निरीक्षक बन चुका था, को बर्खास्त करते हुए उसके खिलाफ सकरी थाने में अपराध दर्ज कराया गया था। इसके अलावा तत्कालीन एसडीएम रहे आनंद रूप तिवारी (निलंबन के समय बिलासपुर आरटीओ) को भी निलंबित कर दिया गया था।
नहर का एलाइनमेंट बदलने का आरोप, SDO और सब इंजीनियर निलंबित
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नहर का एलाइनमेंट बदला गया। इससे मुआवजा राशि में हेरफेर संभव हुआ। अब जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार तत्कालीन एसडीओ (सिंचाई विभाग) एसएल द्विवेदी और तत्कालीन उप अभियंता आरके राजपूत को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के तहत निलंबित कर दिया गया है। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई और आपराधिक जांच जारी है।
इनामी माओवादी कमांडर देवजी ने किया सरेंडर
रायपुर/जगदलपुर। लगातार बढ़ते फोर्स के दबाव के बीच तेलंगाना से माओवाद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. पोलित ब्यूरो मेंबर और केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य देवजी ने 18 माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है.
माओवादी संगठन के वर्तमान में सबसे बड़े कमांडर देवजी का आत्मसमर्पण माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. लंबे समय से फोर्स के सघन ऑपरेशन, नेटवर्क पर चोट और बढ़ती घेराबंदी के चलते माओवादी नेतृत्व के भीतर हताशा की स्थिति बन रही है. देवजी जैसे शीर्ष कमांडर का आत्मसमर्पण संगठन की रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों तरह की कमजोरी को उजागर करता है.
कुछ और नाम शेष हैं जिन्हें कराया जाएगा सरेंडर – विजय शर्मा
बड़े नक्सली कमांडर देवा के आत्मसमर्पण पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बसव राजू के न्यूट्रलाइज होने के बाद देवजी बड़ा नक्सली था, जिसने सरेंडर किया है. देवजी ने तेलंगाना में सरेंडर किया है, ऐसी सूचना मिली है. कुछ नाम और शेष हैं, जो निष्क्रिय है, उन्हें भी सरेंडर कराया जाएगा. मुख्य धारा से वो जुड़े, इसमें काम किया जा रहा है. बैंक की राशि, शादी-विवाह, खेती करें. इसकी व्यवस्था भी कराई जा रही है.
आत्मसमर्पण करने वाले टॉप माओवादी कमांडर
1 सुजाता उर्फ कल्पना उर्फ पोथुला पद्मावती (किसनजी की पत्नी) CCM 13.09.25 हैदराबाद तेलंगाना
2 मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति PBM/CCM 14.10.25 गढ़चिरौली महाराष्ट्र
3 सतीश उर्फ रूपेश उर्फ टक्कलपल्ली वासुदेव राव CCM 17.10.25 जगदलपुर छत्तीसगढ़
4 पुलुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना CCM 29.10.25 हैदराबाद तेलंगाना
5 रामदर मज्जी उर्फ सोमा CCM 08.12.25 राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
6 देवजी उर्फ तिरुपति पोलित ब्यूरो ccm 22.02.26 तेलंगाना
बिजली चोरी के मामले में हाई कोर्ट ने जांच व दस्तावेजी साक्ष्य को बताया विश्वसनीय, सजा के खिलाफ अपील की खारिज…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिजली चोरी के एक मामले में दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की आपराधिक अपील खारिज कर दी है. न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया है.
प्रकरण के अनुसार 28 जनवरी 2015 को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की सतर्कता टीम ने कवर्धा शहर में एक परिसर का निरीक्षण किया. जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी विक्की गुप्ता द्वारा लिए गए बिजली कनेक्शन में मीटर बोर्ड के पीछे सर्विस वायर से छेड़छाड़ कर अतिरिक्त तार और एमसीबी लगाकर मीटर को बायपास किया गया था. इस व्यवस्था के कारण बिजली की खपत तो हो रही थी, लेकिन मीटर में वास्तविक खपत दर्ज नहीं हो रही थी. जांच में कुल 2840 वॉट का घरेलू लोड पाया गया. मौके से तार, एमसीबी और अन्य सामग्री जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया.
एक लाख से अधिक का जुर्माना आकलित
बिजली विभाग ने गणना पत्रक के आधार पर आरोपी पर 1,18,925 का अस्थायी आकलन (प्रोविजनल असेसमेंट) लगाया और सात दिन में राशि जमा करने या आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया. हालांकि आरोपी ने न तो आपत्ति दी और न ही निर्धारित समय में राशि जमा की, जिसके बाद विशेष न्यायालय में परिवाद दायर किया गया.
ट्रायल कोर्ट ने दी थी सजा
कबीरधाम जिले के विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) ने 22 नवंबर 2018 को आरोपी को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 135(1)(ए) के तहत दोषी ठहराया. अदालत ने आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा और 1000 के अर्थदंड से दंडित किया था. जुर्माना न देने पर एक माह के साधारण कारावास का प्रावधान रखा गया था.
अपीलकर्ता की ओर से दलील दी गई कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा है. गवाहों के बयान में विरोधाभास हैं, और स्वतंत्र गवाह प्रस्तुत नहीं किए गए. यह भी कहा गया कि आरोपी ने आकलित राशि जमा कर दी थी, जिससे आपराधिक मंशा सिद्ध नहीं होती.
हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद कहा कि सतर्कता टीम द्वारा की गई जांच, जब्ती और दस्तावेजी साक्ष्य विश्वसनीय हैं. अधिकारियों के बयान जिरह में कमजोर नहीं पड़े और साक्ष्य स्पष्ट रूप से मीटर बायपास कर बिजली उपयोग को सिद्ध करते हैं. अदालत ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा अत्यंत हल्की और अनुपातिक है, इसलिए उसमें हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता. इसी के साथ कोर्ट ने आपराधिक अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि और सजा संबंधी आदेश को यथावत रखा.
होली पर घर जाना होगा आसान, बिलासपुर जोन से चलेंगी 15 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें
बिलासपुर। होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बड़ी राहत दी है. रेलवे प्रशासन द्वारा बिलासपुर जोन से 15 से अधिक होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है. वर्तमान में 6 प्रमुख ट्रेनों के कुल 14 फेरों की घोषणा के साथ ही इनमें रिजर्वेशन की सुविधा भी शुरू कर दी गई है.
विशेष ट्रेनों से छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे 7 राज्यों के लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी. रेलवे के अनुसार इन ट्रेनों के परिचालन से न केवल नियमित ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची कम होगी, बल्कि यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में भी आसानी होगी. वर्तमान में इन सभी ट्रेनों की विभिन्न श्रेणियों में पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं.
ये हैं कुछ स्पेशल ट्रेनें
दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग : यह ट्रेन दोनों दिशाओं से 2-2 फेरों के लिए चलेगी. दुर्ग से यह 1 व 2 मार्च (रविवार व सोमवार) को और निजामुद्दीन से 2 व 3 मार्च (सोमवार व मंगलवार) को रवाना होगी. इसका मार्ग न्यू कटनी जंक्शन से होकर रहेगा, जिसमें रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड और शहडोल जैसे स्टेशन शामिल हैं.
गोंदिया-छपरा-गोंदिया : छपरा के लिए दो अलग-अलग सेटों में ट्रेनें चलेंगी. पहली ट्रेन गोंदिया से 1 मार्च और वापसी में 3 मार्च को चलेगी. दूसरी ट्रेन गोंदिया से 2 मार्च और वापसी में 4 मार्च को प्रस्थान करेगी. ये ट्रेनें राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और उसलापुर होते हुए गंतव्य तक पहुंचेंगी.
दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग : बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन 1 मार्च को दुर्ग से और 2 मार्च को मधुबनी से चलेगी. यह झारसुगुड़ा के रास्ते रायपुर, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ स्टेशनों पर ठहराव लेगी.
गोंदिया-पटना-गोंदिया : पटना के लिए यह विशेष ट्रेन गोंदिया से 2 मार्च को और पटना से 3 मार्च को झारसुगुड़ा मार्ग से चलेगी.
बिलासपुर-चर्लपल्ली-बिलासपुर : दक्षिण की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन बिलासपुर से 27 फरवरी (शुक्रवार) को और चर्लपल्ली से 28 फरवरी (शनिवार) को बल्हारशाह के रास्ते चलेगी.
BJYM ने कांग्रेस कार्यालय का किया घेराव, फूंका राहुल गांधी का पुतला
रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मिट में युवा कांग्रेस द्वारा किए गए शर्मनाक, अमर्यादित और अभद्रतापूर्ण कृत्य के विरोध में शनिवार को भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकारिहा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन का घेराव किया. लगभग 2 हजार की संख्या में पहुंचे भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की. इसके पूर्व भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया था.
भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने का प्रयास : राहुल टिकारिहा
इस दौरान भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकारिहा ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय युवा कांग्रेस का नग्न प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी के खत्म होते वजूद का प्रत्यक्ष उदाहरण है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने और राष्ट्र की प्रतिष्ठा को कम करने का प्रयास किया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआई शिखर सम्मेलन में अभद्र और अमर्यादित प्रदर्शन कर कांग्रेस की भारत विरोधी मानसिकता को पुनः साबित किया है. कांग्रेस पार्टी के लिए राजनीति देश से बड़ी है. कांग्रेस के किए गए अमर्यादित कृत्य के लिए जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रीय गौरव से ऊपर अपने राजनीतिक हितों को रखती है.
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकारिहा ने कहा कि आज पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर है. भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है. एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा देश की छवि को दुनिया में बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय हित के साथ खड़े होने के बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दे रही है. देश की प्रतिष्ठा और सम्मान से ऊपर पक्षपातपूर्ण राजनीति को रखना बेहद खेदजनक है.
इस दौरान भाजयुमो प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र देवांगन, कुणाल ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी गुप्ता, जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी, जिला महामंत्री शंकर साहू, श्रेणिक बोथरा, प्रदेश कार्यालय प्रभारी अंकित द्विवेदी, मीडिया प्रभारी वाशु शर्मा, अनमोल तिवारी, सुनील शुक्ला, पूर्णिमा चौकसे, अश्वनी विश्वकर्मा, अमन यादव, विभूति कश्यप, राज गायकवाड़ आशीष आहूजा, राहुल यादव, अनवेश पांडे, कन्या शक्ति, तनु ठेठवार, निशा वैष्णव उपस्थित रहे.
माओवादियों की नापाक साजिश नाकाम, जवानों ने 17 IED समेत डंप सामान किए बरामद
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. जवानों ने थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नीलमड़गु की ओर सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया. इस दौरान नक्सलियों के प्लांटेड 16 बीयर बॉटल आईईडी और एक 5 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया गया.
बीडीडी टीम ने डिमाइनिंग करते हुए सभी आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया. सर्चिंग में जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम में छिपाकर रखी गई संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई.
जब्त सामग्री में रस्सी, फ्लेक्सिबल वायर, मल्टीमीटर, आयरन सोल्डरिंग रॉड, वायर कटर, एम-सील, पेंसिल बैटरी (1.5V AAA), डीसी मोटर, माओवादी वर्दी, मैगजीन पाउच, दवाइयां, माओवादी साहित्य और पाम्फलेट शामिल हैं.
डिप्टी सीएम अरुण साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश
लोरमी। उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी प्रवास के दौरान ग्राम कारीडोंगरी एवं दरवाजा के बीच मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान श्री साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, अब तक पुल का निर्माण पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ है। समय सीमा से काफी पीछे हैं। कम मजदूरों से समय पर काम पूर्ण कैसे होगा।

श्री साव ने मौके पर मौजूद अधिकारी से कहा कि, बारिश के पूर्व पुल का निर्माण किसी भी स्थिति में पूरा हो जाना चाहिए, क्योंकि वनांचल के ग्रामीणों को बारिश में बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता है, पुल नहीं होने से ग्रामीणों का संपर्क कट जाता है। वहीं धीमी गति से निर्माण पर ठेकेदार की सिर्फ नोटिस से काम नहीं चलेगा, पेनाल्टी की आवश्यकता हो तो वो भी लगाएं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा, यह बहुप्रतीक्षित पुल बन जाने से बड़ी राहत मिलेगी, इसके निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने एसपी के आदेश पर लगाई रोक, कहा- आपराधिक मामला और विभागीय जांच साथ-साथ नहीं चल सकते
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि जब किसी शासकीय कर्मचारी के खिलाफ समान आरोपों पर आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित हो और उसी आधार पर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई हो, तो दोनों कार्यवाही एक साथ नहीं चलाई जा सकती. मामला सिविल लाइन, बलौदाबाजार निवासी पुलिस आरक्षक पी. के. मिश्रा से जुड़ा है, जो जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में पदस्थ हैं.
क्या है मामला ?
जानकारी के अनुसार 28 मार्च 2025 को आरक्षक पी. के. मिश्रा के विरुद्ध थाना खरोरा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(6) और 310(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया था. इसके बाद 8 जून 2025 को संबंधित न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया गया और मामला न्यायालय में विचाराधीन है. इसी बीच 9 मई 2025 को पुलिस अधीक्षक, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा उन्हीं आरोपों के आधार पर आरक्षक के विरुद्ध विभागीय आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई.
हाईकोर्ट में दी गई चुनौती
विभागीय जांच से आहत होकर आरक्षक ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और वर्षा शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की. याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व के कई निर्णयों में स्पष्ट किया है कि यदि आपराधिक मामले और विभागीय जांच में आरोप तथा गवाह समान हों, तो पहले आपराधिक न्यायालय में साक्ष्य परीक्षण होना चाहिए. इस संबंध में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वर्सेस नीलम नाग, कैप्टन एम. पॉल एंथोनी वर्सेस भारत गोल्ड माइंस लिमिटेड और अविनाश सदाशिव भोसले वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया जैसे मामलों का हवाला दिया गया. याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि समान गवाहों के साथ विभागीय जांच जारी रहने से आपराधिक मामले की निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा.
मुकदमे की कार्यवाही पूरी होना आवश्यक
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए आरक्षक पी. के. मिश्रा के विरुद्ध संचालित विभागीय जांच कार्यवाही पर स्थगन (स्टे) लगा दिया. अदालत ने माना कि जब आपराधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है और दोनों मामलों में अभियोजन साक्षी समान हैं, तो पहले आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही पूरी होना आवश्यक है.
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, BJP कार्यालय घेरने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका, झूमाझटकी भी हुई
रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार को उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब युवा कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय के घेराव का प्रयास किया। प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजीव गांधी चौक से रैली निकालते हुए भाजपा कार्यालय की ओर कूच किए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर जमकर नारेबाजी की। युवाओं से जुड़े मुद्दों, बेरोजगारी, महंगाई और विभिन्न योजनाओं को लेकर सवाल उठाए। युवा कांग्रेस ने कहा कि यह आंदोलन युवाओं की आवाज को उठाने के लिए किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय तक पहुंचकर घेराव करना चाहते थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए थे। रास्ते में बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया, जिसके बाद कुछ देर तक कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक युवाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस प्रदर्शन को राजनीतिक स्टंट बताया है।
युवा कांग्रेस ने उठाए ये सवाल
क्या देश की छवि नेता विपक्ष को गोली मारने जैसी बयानबाज़ी से ख़राब नहीं होती?
क्या देश की छवि चीनी रोबोट को ‘मेड इन इंडिया’ बताने से ख़राब नहीं होती?
क्या देश की छवि अमेरिका के सामने नतमस्तक होकर ट्रेड डील करने से ख़राब नहीं होती?
प्रभावी एंटी नक्सल ऑपरेशन पर सम्मान : CRPF की 65वीं बटालियन को मिला बेस्ट ऑपरेशन का अवार्ड
गरियाबंद। गुवाहटी में शनिवार को हुए 87वें सीआरपीएफ दिवस समारोह में 65वीं बटालियन को छत्तीसगढ़ में प्रभावी एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाने के लिए बेस्ट ऑपरेशन बटालियन अवार्ड से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर सम्मेलन कंपनी कमांडेड राधे श्याम सिंह ने अवार्ड प्राप्त किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सराहना करते हुए कहा कि नक्सल मुक्त भारत के अटल संकल्प को पूर्ण करने में सीआरपीएफ के 65वीं बटालियन की अहम भूमिका रही है.
एक साल में 2 सीसी मेंबर समेत 28 को किया ढेर
जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक चलाए गए नक्सल विरोधी प्रत्येक संयुक्त अभियान में 65 वीं बटालियन की रणनीति मिल का पत्थर साबित हुआ. प्रदेश में मौजूद 7 कम्पनियों में 5 नक्सल प्रभावित गरियाबंद में तैनात है. सर्वाधिक प्रभावित इलाका कुल्हाड़ीघाट, छिन्दौला, ओड़ और बिन्द्रानवागढ़ में कुल 5 कम्पनियां तैनात है. एक साल में चलाए गए ऑपरेशन में 2 सीसी मेंबर समेत 28 कुख्यात नक्सली मारे गए. वहीं सटीक सूचना तंत्र और कारगर रणनीति के आगे 29 नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया. नक्सल मुक्त जिला के कगार पर पहुंच चुके गरियाबंद के लिए 65 वीं बटालियन की भूमिका अहम रही है.
कमांडेड राधे श्याम सिंह ने कहा कि यह सम्मान बटालियन की आसाधारण परिचालन क्षमता, प्रभावी नेतृत्व और राष्ट्र सुरक्षा के प्रति अटूट निष्ठा का गौरवपूर्ण प्रतीक है. बटालियन के उन सभी जवानों को इसका श्रेय जाता है, जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता, आंतरिक सुरक्षा और स्थायी शान्ति की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि बटालियन का हर जाबाज सिपाही भविष्य में भी इसी वीरता, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करें.
माँ का आशीर्वाद और अपार जनस्नेह : बगिया में आत्मीयता के साथ मना मुख्यमंत्री का जन्मदिन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का 62वाँ जन्मदिवस उनके गृहग्राम बगिया में अत्यंत उत्साह, आत्मीयता और पारिवारिक स्नेह के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गृहग्राम बगिया स्थित अपने घर पहुंचते ही सबसे पहले अपनी माता जसमनी देवी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय के जन्मदिवस पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी के स्नेह, शुभकामनाओं और आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनस्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने अपने जन्मदिवस को विशेष और यादगार बनाने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस विशेष अवसर पर बगिया स्थित श्री राम सदन में सत्यनारायण व्रत कथा श्रवण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनकी माताजी जसमनी देवी, धर्मपत्नी कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ व्रत कथा का श्रवण किया तथा ईश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आगमन से पूर्व ही उनके गृहग्राम बगिया स्थित गृहनिवास में उनसे मिलने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों में मुख्यमंत्री से भेंट करने और उन्हें शुभकामनाएं देने को लेकर विशेष उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली।
क्रिकेट में जिले का नाम रोशन कर चुकी छात्राओं को मुख्यमंत्री ने प्रदान की क्रिकेट किट
क्रिकेट की दुनिया में जिले का नाम रोशन करने वाली शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, इचकेला की प्रतिभाशाली छात्राओं को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रोत्साहित करते हुए 15 क्रिकेट किट प्रदान किया। छात्रावास की इन छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले को गौरवान्वित किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप इसी लगन, अनुशासन और मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ती रहें तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रोशन करें।
पारंपरिक परिधान में आए पहाड़ी कोरवा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को दी जन्मदिवस की बधाई
बगीचा से आए विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पहाड़ी कोरवा समाज के सदस्य अपने पारम्परिक वेशभूषा एवं तीर-धनुष के साथ उपस्थित हुए, जिससे उनकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनके क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। इस पर पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में उनके क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य संचालित हो रहे हैं तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और उनके क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत सदस्य कृष्ण कुमार राय सहित जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्यगण, पंचायत प्रतिनिधि, नगरीय निकायों के प्रतिनिधिगण, जनप्रतिनिधि, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह तथा अन्य अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
PTRSU कन्या छात्रावास में दूषित पानी से 25 छात्राएं पीलिया की शिकार, NSUI का जोरदार प्रदर्शन, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
रायपुर। रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PTRSU) के नवीन कन्या छात्रावास में दूषित पानी पीने से कई छात्राएं पीलिया का शिकार हो गई हैं. इस घटना को लेकर एनएसयूआई ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि शनिवार को डॉक्टरों की टीम को एक घंटे तक बाहर रोका दिया गया. उन्हें मुलाकात करने तक नहीं दिया गया. एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कुलपति, रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की.
जानकारी के मुताबिक, नवीन कन्या महिला छात्रावास में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण दर्जनों छात्राएं पीलिया से संक्रमित हो गई हैं. कई छात्राओं की तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना को लेकर कांग्रेस ने छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के आरोप लगाए हैं. प्रदर्शन के दौरान कुलपति, रजिस्ट्रार और हॉस्टल अधीक्षक से इस्तीफे की मांग की गई.
घटना को दबाने की कोशिश : NSUI प्रभारी महामंत्री
एनएसयूआई के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रही है. कुलपति और रजिस्ट्रार मामले को दबाने में तुले हैं. अब तक कन्या छात्रावास में 25 छात्राएं पीलिया का शिकार हुईं है. छात्राएं गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. आज जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम आयी थी. लगभग 1 घंटे तक उनको हॉस्टल में घुसने नहीं दिया गया. सवाल करते हुए कहा कि अगर किसी बच्चे की मौत हो जाती है या गंभीर नुकसान होता है तो कौन जिम्मेदार होगा? जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक हम अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे रहेंगे.
एसीबी की बड़ी ट्रैप कार्रवाई: मस्तूरी के फूड इंस्पेक्टर को 90 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी-कर्मचारियों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज एसीबी बिलासपुर ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए मस्तूरी क्षेत्र के फूड इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। स्व सहायता समूह को शासकीय उचित मूल्य की दुकान आबंटित कराने के एवज में आरोपी अधिकारी ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी, जिसमें से 90,000 रुपये की रिश्वत की रकम एसीबी ने मौके से बरामद की है।

मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि ग्राम विद्याडीह, मस्तूरी थाना निवासी महेंद्र पटेल ने 3 फरवरी 2026 को एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम विद्याडीह में वर्तमान में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन पंचायत द्वारा किया जा रहा है। उक्त दुकान को शैल स्व सहायता समूह, विद्याडीह को आबंटित कराने के लिए समूह द्वारा करीब तीन माह पूर्व एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में आवेदन किया गया था। दुकान का शीघ्र आबंटन कराने के लिए समूह की ओर से महेंद्र पटेल को प्रयास करने को कहा गया था।
जब महेंद्र पटेल ने इस संबंध में मस्तूरी क्षेत्र के फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार से संपर्क किया, तो आरोपी अधिकारी ने एसडीएम के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दुकान का आबंटन आदेश जारी करवाने के एवज में 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था।
शिकायत का सत्यापन कराने पर आरोप सही पाए गए, जिसके बाद ACB टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। वहीं 21 फरवरी 2026 को प्रार्थी से व्यवस्था की गई राशि 90 हजार रुपये आरोपी को देने भेजी गई। आरोपी ने अपने महावीर सिटी, बिलासपुर स्थित आवास पर प्रार्थी से 90 हजार रुपये रिश्वत के रूप में स्वीकार किए, तभी एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत में ली गई पूरी राशि आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली गई है।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई कर रही है। साथ ही आरोपी के आवास पर सर्च की कार्रवाई भी जारी है।
बता दें कि हाल ही में एसीबी बिलासपुर द्वारा तहसीलदार, पटवारी, एसडीएम कार्यालय के बाबू और सीएसपीडीसीएल के अधिकारी-कर्मचारियों समेत अन्य मामलों में भी ट्रैप कार्रवाई की गई है। यह इस वर्ष एसीबी बिलासपुर की लगातार चौथी ट्रैप कार्रवाई है।
एसीबी की अपील
एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल इसकी सूचना एसीबी को दें।
BJP मंडल अध्यक्ष की कार में लगी भीषण आग, डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में जाते वक्त रास्ते में हुआ हादसा
मुंगेली। BJP मंडल अध्यक्ष की महिंद्रा XUV300 कार में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सभी लोग सुरक्षित हैं।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को डिप्टी सीएम अरुण साव के कार्यक्रम में शामिल होने BJP मंडल अध्यक्ष दिनेश कश्यप की कार से भाजपा के कार्यकर्ता बृंदावल की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनका वाहन अखरार के पास पहुंचा, अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें निकलने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग कुछ ही मिनटों में तेज़ी से फैल गई और पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कार में सवार तीन व्यक्ति तुरंत वाहन से बाहर निकले। समय रहते सभी के सुरक्षित बाहर निकल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। यदि थोड़ी भी देर होती तो गंभीर जनहानि हो सकती थी।
बताया जा रहा है कि उक्त महिंद्रा XUV300 कार पिछले दीवाली पर ही खरीदी गई थी। अचानक हुई इस आगजनी की घटना से वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यह ईश्वर की कृपा रही कि सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे डिप्टी सीएम के साथ ही आगे रवाना हो गए थे, उनके कार में उनके तीन साथी सवार थे। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि तकनीकी खराबी के चलते यह हादसा हुआ है।
DGP अरुण देव गौतम पहुंचे बिलासपुर, पुलिस अधिकारियों की ली बैठक
बिलासपुर। प्रदेश के डीजीपी अरुण देव गौतम बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने आईजी के रेंज कार्यालय स्थित सभागार में जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। हाल ही में हुए राजकिशोर नगर के लूटकांड में 24 घंटे के अंदर ही आरोपियों की गिरफ्तारी और शत प्रतिशत माल बरामद करने पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने बिलासपुर पुलिस की तारीफ की। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए हिदायत भी दी।
बिलासपुर प्रवास पर आए डीजीपी अरुण देव गौतम का आईजी कार्यालय आगमन पर सबसे पहले आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक की शुरुआत होने पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने सबसे पहले अधिकारियों का सामान्य परिचय लिया। परिचय के बाद राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसाय के साथ हुई लूट की विस्तार से पूरी जानकारी ली और सभी अपराधियों को 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर शत प्रतिशत माल रिकवरी करने पर पुलिस की तारीफ करते हुए पुलिस द्वारा बनाए गए अंतर्राज्यीय समन्वय की प्रशंसा की।
ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए डीजीपी के हिदायत देते हुए कहा कि पुलिस कार्यप्रणाली, गश्त – पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल लॉज चेकिंग और आसूचना तंत्र की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही सर्राफा ,बैंक जैसी जगहों की रेगुलर चेकिंग की जाए, सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों की चेकिंग पर भी ध्यान दिया जाए। पुलिस महानिदेशक गौतम ने राजपत्रित अधिकारियों को थाने का पर्यवेक्षण समुचित तरीके से और पर्याप्त गुणवत्ता के साथ किए जाने की भी हिदायत दी। थाने आने वाले फरियादियों की बात समुचित तरीके से सुनी जाए ,इसके लिए थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी थानों को संवेदनशील बनायें,यह भी पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया।पुलिस महानिदेशक के द्वारा मीटिंग के दौरान नाकाबंदी की व्यवस्था सुधारने और थाने में थाना प्रभारियों के द्वारा स्वयं रिपोर्ट सुनने और FIR लिखे जाने के लिए भी पर्याप्त पर्यवेक्षण हेतु सभी राजपत्रित अधिकारियों को कहा। संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की जांच सूक्ष्मता और गंभीरता से करने के लिए भी हिदायत दी।
अभियोजन संचालक माखनलाल पाण्डेय को विवेचना की गुणवत्ता और icjs सिस्टम के तहत ई चालान और ई साक्ष्य की प्रक्रिया,माननीय न्यायालय और थानों के समन्वय से शीघ्र ही अमल में आ सके, ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।
बैठक में होमगार्ड DIG लक्ष्मी चंद्रा वर्मा तथा अग्निशमन अधिकारी भी अपनी टीम के साथ मौजूद थे। उनसे पुलिस महानिदेशक के द्वारा फायर सेफ्टी, फायर ऑडिट के संबंध में चर्चा कर जिले की स्थिति की जानकारी ली गई ,और सिरगिट्टी, मोपका में हुए फायर केसेस के संबंध में विस्तृत पर्यवेक्षण रिपोर्ट तैयार करके, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से इसको शेयर करने के निर्देश भी डीजीपी अरुण देव गौतम के द्वारा दिए गए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए, पर्याप्त प्रयास पहले से ही किए जा सकें। बैठक के दौरान डीजीपी ने न केवल हिदायतें और निर्देश दिए, बल्कि विभिन्न घटनाओं और संस्मरणों के माध्यम से पुलिसिंग की बारीक बातें और पुलिस के कार्यप्रणाली के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग को रेंज के सभी जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली की पर्याप्त मॉनिटरिंग करने और मीटिंग में दिए गए निर्देश रेंज स्तर पर सही तरीके से अमल में लाए जाएं, इसके लिए सतत पर्यवेक्षण के लिए भी कहा।
ये रहे बैठक में उपस्थित
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग ,नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय, संभागीय सेनानी नगर सेना नरसिंह नेताम, एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, शहर पंकज पटेल, एडिशनल एसपी विशेष शाखा दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी दीपांकर नाथ, उप पुलिस अधीक्षक अंगुल चिह्न विद्या जौहर तथा जिले के पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।