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बंदूक छोड़ स्टार्टअप की राह पर युवा, बस्तर यूनिवर्सिटी में इनोवेशन महाकुंभ का आयोजन, हजारों युवाओं को विशेषज्ञ देंगे आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण

बस्तर। छत्तीसगढ़ का बस्तर जो कभी नक्सलवाद की वजह से सुर्खियों में रहता था, अब एक नई पहचान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। शिक्षा, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। युवा अब बंदूक नहीं, बल्कि बिजनेस और स्टार्टअप की भाषा सीखने को तैयार हैं। इसी कड़ी में बस्तर यूनिवर्सिटी में इनोवेशन महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 4 और 5 मई को होगा, जो बस्तर के भविष्य की नई इबारत लिख सकता है।

बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मंच

इस महाकुंभ में 1 हजार से अधिक पढ़े-लिखे बेरोजगार आदिवासी छात्र शामिल होंगे। इन युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और व्यवसाय की बारीकियां सिखाई जाएंगी। कार्यक्रम में 642 छात्राएं और 389 छात्र हिस्सा लेंगे। ये सभी प्रतिभागी बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों से आएंगे। कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर के युवा इसमें शामिल रहेंगे। यह मंच उन्हें नौकरी ढूंढने से आगे बढ़कर खुद रोजगार देने वाला बनाने की दिशा देगा।

पुनर्वासित माओवादी भी बनेंगे मुख्यधारा का हिस्सा

इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि इसमें करीब 200 पुनर्वासित माओवादी भी शामिल होंगे। जो कभी बंदूक के रास्ते पर थे, अब वे विकास और रोजगार की राह चुन रहे हैं। उन्हें उद्योग, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता की शिक्षा दी जाएगी। यह पहल नक्सलवाद के खत्म होने और समाज में सकारात्मक बदलाव का मजबूत संकेत है। बस्तर अब हिंसा नहीं, बल्कि विकास की कहानी लिखने की ओर बढ़ रहा है।

देशभर के विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

इस महाकुंभ में पूरे देश से 50 से अधिक विशेषज्ञ शामिल होंगे। मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, आईआईटी भिलाई, CGCOST, और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञ युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। कॉमर्स, इंडस्ट्री, साइंस एंड टेक्नोलॉजी से जुड़े विभाग भी इसमें भाग लेंगे। स्वावलंबी भारत अभियान के सदस्य भी युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के गुर सिखाएंगे। यह आयोजन बस्तर को राष्ट्रीय स्तर से जोड़ने का काम करेगा।

हल्बी भाषा में ज्ञान – हर युवा तक पहुंच

कार्यक्रम की सभी सत्रों का अनुवाद बस्तर की स्थानीय हल्बी भाषा में भी किया जाएगा। ताकि हर वर्ग का युवा इसे आसानी से समझ सके और उससे लाभ उठा सके। करीब 7 हजार से अधिक छात्र इस कार्यक्रम को ऑनलाइन माध्यम से भी देखेंगे। यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए यह ज्ञान दूर-दराज के गांवों तक पहुंचेगा। यह पहल शिक्षा को स्थानीय स्तर पर सुलभ बनाने का मजबूत उदाहरण है।

बड़े नेताओं की मौजूदगी से बढ़ेगा कार्यक्रम का महत्व

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल और गृह मंत्री करेंगे। जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। इससे कार्यक्रम की गंभीरता और महत्व और भी बढ़ जाता है। सरकार का सीधा फोकस अब बस्तर के युवाओं को आगे बढ़ाने पर है।

बस्तर के लिए नई उड़ान की शुरुआत

कुलपति मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। जो बस्तर के युवाओं को नई दिशा देने का काम करेगा। नक्सलवाद की छाया से निकलकर अब बस्तर विकास और नवाचार की राह पर बढ़ रहा है। इनोवेशन महाकुंभ इस बदलाव का प्रतीक बन सकता है। अगर यह प्रयास सफल रहा, तो बस्तर आने वाले समय में देश के उभरते स्टार्टअप हब के रूप में पहचान बना सकता है।

कुलपति मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि 4 और 5 मई को इनोवेशन महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बस्तर संभाग के 1038 छात्र शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशिक्षित करना है, ताकि बस्तर का भविष्य मजबूत और विकसित बन सके।