मानसून सत्र में यूसीसी की दिशा में बड़ा कदम उठाएगी मध्य प्रदेश सरकार: सीएम मोहन यादव
इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), भोजशाला विवाद और कांग्रेस की राजनीति पर अपनी सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगामी वर्षाकालीन (मानसून) विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक देश, एक विधान, एक प्रधान, एक निशान’ का संकल्प जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने रखा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उस संकल्प को आगे बढ़ाया और राष्ट्रीय एकता को मजबूती दी।
यूसीसी के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है तथा उनके सामने आने वाली सामाजिक और कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए समान नागरिक संहिता आवश्यक है।
डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने यूसीसी पर सीधे कानून लाने के बजाय व्यापक जनभागीदारी का रास्ता अपनाया। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की गई, जिसने प्रदेश के 55 जिलों और 10 संभागों में जाकर लोगों से संवाद किया तथा 10 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव प्राप्त किए। उन्हीं सुझावों के आधार पर विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी वोट बैंक की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि भोजशाला का मुद्दा हो या समान नागरिक संहिता, कांग्रेस स्पष्ट रुख अपनाने से बचती रही है।
भोजशाला विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि अदालत का जो भी फैसला आएगा, राज्य सरकार उसे पूरी गंभीरता से लागू करेगी।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार इसी वर्षाकालीन विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है, ताकि राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।