अमृत मिशन के कार्यों पर नगर निगम की समीक्षा बैठक: निगम आयुक्त, महापौर, नेताप्रतिपक्ष, और पार्षद हुए शामिल, समस्या दूर करने अधिकारियों को दिया गया 10 दिन का अल्टीमेटम
वहीं नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने बताया बैठक दोपहर 1 बजे से जारी है जिसमें 42 वार्ड के जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया . 32 जनप्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए. नेता प्रतिपक्ष ने कहा अमृत मिशन के अधिकारी सिर्फ कागजों में दावा कर रहे हैं की अमृत मिशन अपना काम पूरा कर रहा है लेकिन एक भी पार्षद चाहे सत्ता पक्ष या विपक्ष के, अमृत विशन के कार्यों से संतुष्ट नहीं है . कल भाजपा दल के पार्षदों ने इस बात पर चर्चा की थी , अधिकारियों को बुलवा कर चर्चा की जाए जिससे दावों की सच्चाई सामने आ सके. आज बैठक में जल संकट से निजात पाने के लिए महापौर और उनकी टीम पूरी तरह से विफल हो चुकी है. बैठक में अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया गया है वार्डों में जल संकट का जल्द से जल्द निदान किया जाए.
समस्या दूर करने अधिकारियों को दिया गया 10 दिन का अल्टीमेटम
केंद्र सरकार की योजना के तहत 42 वार्डों में अमृत मिशन का काम हुआ है, उन वार्ड के पार्षदों को बुलाकर समीक्षा बैठक ली गई. जोन 1 से 10 तक अमृत मिशन के कार्यों पर चर्चा हुई , इससे जुड़े संबंधित अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे. रायपुर के महापौर एजाज़ ढेबर ने कहा अमृत मिशन योजना के तहत कई स्थानों पर काम चल रहे हैं और बहुत से जगहों पर कार्य नही भी हुए है, कुछ ऐसे भी स्थान है जहां कार्य फाइलों पर तो दर्ज है लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है, वही इस बैठक में अधिकारियों को 10 दोनों में कार्य को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है, साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि अमृत मिशन के कार्यों को जल्द से पूरा किया जाए अन्यथा ठेकेदारों के पेमेंट रोक दिए जाएंगे और संबंधित अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी, बैठक में आम जनों की समस्याओं को दूर करने अधिकारियों को तमाम दिशा निर्देश भी दिए गए हैं,
रायपुर नगर निगम के कमिश्नर के दावों में कितनी है सच्चाई…?
नगर निगम कमिश्नर आबिनाश मिश्रा ने बैठक में चर्चा पर कहा हमेशा से ही राजधानी रायपुर में जल संकट एक बड़ी समस्या रही है, कमिश्नर अभिनाश मिश्रा का कहना है की अमृत जल मिशन के कार्य खत्म होने जा रहे हैं, समस्याएं ज्यादा नहीं है, जो भी समस्याएं हैं उन्हें ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है.
कमिश्नर के दावे कुछ और कहते हैं लेकिन असल में जनता जल संकट से जूझ रही है. एक ओर दावा किया जाता है की राजधानी को टैंकर मुक्त किया जाएगा तो वहीं राजधानी रायपुर में टैंकर की दौड़ का सिलसिला आज भी जारी है.