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डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री साय ने दी शुभकामनाएं, कहा- सादगी, मितभाषिता और जनसेवा डॉ. रमन सिंह के स्वभाव की पहचान
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव के स्टेट स्कूल ग्राउंड में युवा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह जन-जन के नेता हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ को नई दिशा दी। प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है कि वे दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और अपना मार्गदर्शन इसी तरह देते रहें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज हम एक ऐसे व्यक्तित्व का जन्मदिन मना रहे हैं, जिन्होंने पंद्रह वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का नया इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार हुआ, जिसे पूरे देश ने अपनाया। गरीबों और वंचितों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की यह योजना आज भी उनकी संवेदनशीलता की मिसाल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाया। आज छत्तीसगढ़ अपने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान कर रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक की खरीदी कर रहा है — यह उनके द्वारा स्थापित मॉडल की निरंतरता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए। विशेषकर जनजातीय अंचलों में स्कूलों और अस्पतालों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। यही कारण है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दंतेवाड़ा के एजुकेशन सिटी पहुँचे, तो वहाँ के बच्चों से मिलकर उन्होंने राज्य की इस उपलब्धि की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सादगी और मितभाषिता डॉ. रमन सिंह के स्वभाव की पहचान है। वे अपनी विशाल उपलब्धियों के बावजूद सदैव विनम्र रहे हैं। छोटे-बड़े हर व्यक्ति से वे सहजता से मिलते हैं और हर किसी पर अपनी सौम्य व्यक्तित्व की गहरी छाप छोड़ते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रही है। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में विधानसभा ने कई नवाचार किए हैं, जैसे प्रबोधन कार्यक्रम, जिसमें विधायकों को संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की गहन समझ दी गई।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से वातावरण को सुरमयी बना दिया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम उपाध्यक्ष बनवारी लाल अग्रवाल का निधन
कोरबा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम पूर्व उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बनवारी लाल अग्रवाल का 78 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद 15 अक्टूबर की रात निधन हो गया। उन्हें अंचल में उनके स्नेही नाम “बनवारी भैया” के तौर पर जाना और पहचाना जाता था। बीजेपी के वरिष्ठ नेता बनवारी लाल अग्रवाल के निधन की खबर मिलते ही कोरबा सहित प्रदेश के भापता और नेताओं में शोक व्याप्त है।
राजनीतिक जीवन- छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम उपाध्यक्ष रहे बनवारी लाल अग्रवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध और एक सिद्धांतवादी भाजपा नेता थे। छत्तीसगढ़ राज्य गठित होने के बाद वह राज्य के पहले विधानसभा उपाध्यक्ष बने। इसके अलावा उन्होंने विशेष क्षेत्र विकासप्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। कोरबा के कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहने से पूर्व साडा के अध्यक्ष पद पर रहकर उन्होने शहर के विकास में अहम भूमिका निभाई।
आपको बता दे वे पिछले एक लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार बालको हॉस्पिटल और कुछ दिन एक निजी अस्पताल में किया गया। लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो पाया। उन्होंने 15 अक्टूबर बुधवार की रात अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली।आज 16 अक्टूबर 2025 को दोपहर 3 बजे उनके निवास स्थान दुरपा रोड से उनकी अंतिम यात्रा शुरू होकर मोतीसागर पारा, कोरबा स्थित मुक्तिधाम जाएगी।
BJP प्रत्याशियों के नामांकन रैली में शामिल होने बिहार रवाना हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन रैली में शामिल होने बिहार के लिए रवाना हुए. इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, आज बिहार प्रवास पर जा रहे हैं. वहां दो चरणों में विधानसभा का चुनाव होना है. प्रथम चरण के लिए नॉमिनेशन चल रहा है. तीन विधानसभा प्रत्याशियों के नामांकन रैली में शामिल होकर भाजपा के पक्ष में लोगों से समर्थन मांगेंगे.
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बिहार चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी है. इस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा, अब वो तो पहले भी जा चुके हैं. कई प्रदेश के प्रभारी बनकर जा चुके हैं. क्या परिणाम आया है सबने देखा है. मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भी बिहार के लिए रवाना हुए.
बता दें कि सीएम साय सुबह 11.35 बजे पटना के स्काउट एंड गाइड मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. दोपहर 1 बजे तारापुर विधानसभा प्रत्याशी सम्राट चौधरी के नामांकन रैली में शामिल होंगे. दोपहर 2.15 को मुंगेर विधानसभा के उम्मीदवार कुमार प्रणय के नामांकन रैली में शिरकत करेंगे. फिर शाम साढ़े 6 बजे सीएम साय विशेष विमान से रायपुर लौटेंगे.
एक भारत, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं की एकता यात्रा: उपमुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर। देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री अरुण साव ने आज प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी दी कि भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के युवाओं के साथ “सरदार @150 यूनिटी मार्च” निकाली जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और युवाओं में देशभक्ति की भावना को जागृत करना है। छत्तीसगढ़ में यह यात्रा 31 अक्टूबर, राष्ट्रीय एकता दिवस से प्रारंभ होकर 25 नवंबर तक चलेगी। इससे पहले 6 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में निबंध और रील प्रतियोगिताओं के माध्यम से अभियान की शुरुआत की जा चुकी है, जिसमें युवाओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई है।
यात्रा के तहत प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में 3 दिवसीय पदयात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिदिन 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। प्रत्येक जिले में एक दिन की यात्रा होगी, जिसका नेतृत्व संबंधित सांसद और प्रभारी मंत्री करेंगे। इस पदयात्रा में युवा, एनसीसी, एनएसएस, पूर्व सैनिक, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। यात्रा के दौरान सेवा कार्यों को भी शामिल किया जाएगा। अभियान के तहत नशा मुक्त भारत, वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल जैसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य न केवल युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है, बल्कि उनके जीवन में अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी बढ़ावा देना है।
यात्रा के दूसरे चरण में, देश के प्रत्येक जिले से चयनित पांच युवा सरदार पटेल जी की जन्मस्थली करमसद से केवड़िया तक 150 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। यह युवा देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत साबित होंगे और राष्ट्रीय एकता के संदेश को फैलाएंगे। केवड़िया में आयोजित भव्य समापन समारोह में छत्तीसगढ़ की विशेष प्रदर्शनी, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुति भी प्रदर्शित की जाएगी। इस कार्यक्रम में युवाओं के योगदान को सराहा जाएगा और विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों का परिणाम भी साझा किया जाएगा।
अरुण साव ने कहा कि यह यात्रा केवल पदयात्रा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय सेवा, समाज कल्याण और देशभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भाग लेकर देश और समाज के विकास में योगदान दें। यात्रा का उद्देश्य न केवल सरदार पटेल की जयंती मनाना है, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना भी है। यह अभियान युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे अपने समाज और देश के लिए सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
धान उपार्जन 2025-26 : किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवम्बर से प्रारंभ — राज्य शासन ने की विस्तृत तैयारी
रायपुर। राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन 15 नवम्बर 2025 से प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया है।
धान उपार्जन की प्रक्रिया को अधिक कृषक उन्मुख, दक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग द्वारा संभागवार जिला स्तरीय अधिकारियों की कार्यशाला सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक नागरिक आपूर्ति निगम के सभाकक्ष में आयोजित की जा रही है।
सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, प्रबंध संचालक, विपणन संघ तथा संचालक, खाद्य विभाग के मार्गदर्शन में रायपुर एवं बिलासपुर संभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को 15 अक्टूबर 2025 को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में जिलों से नोडल अधिकारी के रूप में अपर कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर सम्मिलित हुए, साथ ही जिला विपणन अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, उप-पंजीयक / सहायक पंजीयक सहकारिता, संग्रहण केंद्र प्रभारी, उपार्जन केंद्र प्रभारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि भी प्रशिक्षणार्थी के रूप में उपस्थित थे।
कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से होगी धान उपार्जन की सतत निगरानी
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा धान उपार्जन एवं निराकरण प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
इसके क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर भी कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं। इस संदर्भ में मोबाइल एप के माध्यम से विभिन्न प्रकार के अलर्ट के निराकरण की प्रक्रिया पर संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इस हेतु पर्याप्त मानव संसाधन एवं तकनीकी अधोसंरचना की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन जिला अधिकारियों को प्रदान किया गया है, जिसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है।
किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रशिक्षण
उपार्जन केंद्रों में धान के उचित रखरखाव एवं किसानों की सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु उपार्जन केंद्र प्रभारियों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा किसानों से एक-एक दाना धान खरीदे जाने की प्रतिबद्धता को पूर्ण करने के लिए समिति एवं जिला स्तर के अधिकारियों की संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। इसी अनुक्रम में, धान उपार्जन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा या समस्या का तत्काल निराकरण किया जाए।
संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी और उड़नदस्ता दल की तैनाती
प्रदेश के उपार्जन केंद्रों को पूर्व वर्षों में दर्ज प्रकरणों और संभावित अनियमितताओं के आधार पर अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील उपार्जन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन केंद्रों पर पृथक नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाएंगे, जो समय-समय पर उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
इसके अलावा इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से प्राप्त अलर्ट संदेशों के आधार पर उड़नदस्ता दल द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के सीमावर्ती उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त चेक पोस्ट की स्थापना की जा रही है ताकि अवैध धान की आवक को रोका जा सके। इस संबंध में सभी जिलों को अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
टोकन व्यवस्था, प्रशिक्षण और ट्रायल रन की समय-सारणी तय
प्रशिक्षणार्थियों को प्रस्तावित टोकन व्यवस्था (ऑनलाइन तथा समिति के माध्यम से) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, संग्रहण केंद्रों में धान के उचित रखरखाव के लिए भी आवश्यक निर्देश प्रसारित किए गए।
जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा 25 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2025 के मध्य जिला एवं अनुविभाग स्तर पर धान उपार्जन विषयक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 4 नवम्बर से 7 नवम्बर 2025 के बीच उपार्जन केंद्रों में ट्रायल रन किया जाएगा तथा 09 नवम्बर 2025 से टोकन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होगी। सभी जिलों को 30 अक्टूबर 2025 तक धान उपार्जन से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली बिल बढ़ोतरी का कांग्रेस ने किया विरोध, कलेक्टोरेट कार्यालय का किया घेराव
कांकेर। प्रदेश सरकार द्वारा बिजली बिलों में की गई बढ़ोतरी और हाफ-बिल योजना की सीमा समाप्त किए जाने के विरोध में बुधवार को युवा कांग्रेस ने कांकेर में जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने “बिजली चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाते हुए विशाल सभा के बाद कलेक्टोरेट का घेराव किया, जहां पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई बार जोरदार धक्का-मुक्की हुई.

आंदोलन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़े तथा तीसरे बैरिकेड पर पुलिस से टकराव हुआ. प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को काबू में रखने की कोशिश की. किसी के घायल होने की सूचना फिलहाल नहीं मिली है.
प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयराज भानु चिब, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, अमित पटानिया, विकास उपाध्याय, सावित्री मंडावी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने जनता पर बिजली दरों के जरिए अतिरिक्त बोझ डाला है और महंगाई पर जनता की कमाई पर असंतुलित असर पड़ा है.

प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “सरकार बनने के बाद दो साल में चार बार बिजली बिल बढ़ाए गए हैं. बिजली बिल-ऑफ योजना समाप्त कर जनता की कमाई को चिन्हित कर लिया गया है. यदि बढ़े हुए बिल वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.” उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक बिजली सस्ती नहीं की जाती और जनता को राहत नहीं मिलती, यह विरोध जारी रहेगा और आवश्यकतानुसार और उग्र कार्यक्रम किए जाएंगे.

राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयराज भानु चिब ने भी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जिस तरह से बिजली लगातार बीजेपी शासन में आगे बढ़ाती जा रही है. जब कांग्रेस की सरकार थी तो 400 उनिट बिजली आदे दाम पे मिलती थी. बीजेपी सरकार में आते ही सबसे पहले इस चीज को खतम किया और बिजली महंगी कर रही है.

इसके खिलाफ हम प्रोटेस्ट कर रहे हैं और हम देख रहे हैं कि लगातार बिजली बढ़ा रहे हैं. कोंग्रेस के समय जो घरों में बिल 150 रुपया 200 रुपया आता था, आज वो 2,500-3,000 आ रहा है. एक महिला के खाते में 1000 डाल कर दूसी तरफ उसी महिला के परिवार से 2,500-3,000 बिजली का बिल बढ़ा कर वापिस बीजेपी लेने का काम कर रही है. ये खेल हम उनको खेलने नहीं देंगे. इसके कारण इसी लिए आज हमने प्रोटेस्ट किया और लगातार चलता रहेगा.

उन्होंने आगे कहा कि ये बिजली चोर जो हैं इनको गद्दी छोड़नी पड़ेगी क्योंकि ये छत्तीसगढ़ के लोगों के उपर लगातार पैसों का टेक्स का बोझ क्यों डाल रहे हैं क्योंकि इनको पता है, छत्तीसगढ़ के लोगों को जितना मरजी दुखी कर लें, छत्तीसगढ़ के लोग बादमे वोट दें या ना दें, बाद में वोट चोरी करके फिरसे सरकार में आ जाएंगे. लेकिन राहूल गांधी ने इनकी चोरी पकड़ ली है. अब वोट चोरी बीजेपी वालों को करने नहीं देंगे, जो चोरी करके नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने उनको बनने नहीं देंगे, जो चोरी करके छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री बीजेपी बने, उनको भी बनने नहीं देंगे.
प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे।

अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा। विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।
प्रदेश के हर अन्नदाता को उसके परिश्रम का पूरा मूल्य मिले, यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता - मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की विस्तृत नीति घोषित की है। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हितों और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
खाद्य विभाग की सचिव रीना कंगाले ने जानकारी दी कि धान की खरीदी 3100 प्रति क्विंटल की दर पर की जाएगी। धान उपार्जन का कार्य 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस वर्ष भी प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।
धान खरीदी का सम्पूर्ण कार्य छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (MARKFED) के माध्यम से किया जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड होगी।
धान खरीदी केवल उन्हीं प्राथमिक कृषि साख समितियों और लेम्पस के माध्यम से होगी जो मार्कफेड के कम्प्यूटरीकरण कार्यक्रम से जुड़ी होंगी।
प्रदेश के सभी जिलों में विगत वर्ष संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों और नए स्वीकृत केन्द्रों के माध्यम से खरीदी होगी। इसके साथ ही 55 मंडियों और 78 उपमंडियों का उपयोग धान उपार्जन केन्द्र के रूप में किया जाएगा।
धान खरीदी के लिए आवश्यक साख-सीमा की व्यवस्था मार्कफेड द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर भुगतान में कोई विलंब न हो।
प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत एवं पारदर्शी होगी। किसान अपने निकटस्थ समितियों में पंजीकरण कर एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से धान विक्रय कर सकेंगे। पोर्टल पर ऋण पुस्तिका आधारित फार्म आईडी से खरीदी की अनुमति दी जाएगी।
भारत सरकार कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टैक पंजीयन आईडी के आधार पर एकीकृत किसान पंजीयन पोर्टल में कराए पंजीयन फार्मर आईडी से होगा किसान लिंकिंग खरीदी एवं समिति में एग्रीस्टैक पंजीयन होने से समिति में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं होगी।
धान खरीदी प्रक्रिया में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को जारी रखा गया है, जिससे पारदर्शिता और वास्तविक किसान की पहचान सुनिश्चित की जा सके। केवल किसान स्वयं, या उनके माता-पिता, पति/पत्नी, या पुत्र/पुत्री ही धान विक्रय कर सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में एसडीएम द्वारा प्रमाणित “विश्वसनीय व्यक्ति” को अधिकृत किया जा सकेगा।
धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी कर नियंत्रित और व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सीमांत व लघु किसानों को दो टोकन और दीर्घ किसानों को तीन टोकन दिए जाएंगे। अंतिम दिन नई पर्ची जारी नहीं होगी और शाम 5 बजे तक पहुँचे धान की खरीदी उसी दिन की जाएगी।
धान की खरीदी 50:50 अनुपात में नये और पुराने जूट बोरे (Gunny Bags) में की जाएगी। नये जूट बोरे मार्कफेड द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता से क्रय किए जाएंगे। पुराने बारदानों को उपयोग योग्य बनाकर नीले रंग में “Used Bag allowed for KMS 2025-26” का स्टेंसिल लगाया जाएगा।
सभी उपार्जन केन्द्रों में कांटे-बांट का विधिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। किसानों को पारदर्शी प्रक्रिया का भरोसा दिलाने के लिए सत्यापन प्रमाणपत्र खरीदी केन्द्रों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। धान की नमी 17% से अधिक नहीं होनी चाहिए। हर केन्द्र पर आर्द्रतामापी यंत्र उपलब्ध रहेंगे।
धान के संग्रहण हेतु ऐसे केन्द्र चुने जाएंगे जो ऊँचे एवं जलभराव-रहित हों। सभी केन्द्रों में पॉलिथीन कवर, सीमेंट ब्लॉक, और ड्रेनेज सुविधा अनिवार्य रूप से होगी ताकि बारिश में धान सुरक्षित रहे।
किसानों के खाते में भुगतान पीएफएमएस सिस्टम के माध्यम से सीधे किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि राशि केवल किसान के खाते में ही अंतरण हो; किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भुगतान नहीं किया जाएगा।
हर उपार्जन केन्द्र में कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, और नेटवर्क सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। डाटा-एंट्री ऑपरेटरों का नियोजन 6 माह के लिए ₹18,420 प्रतिमाह के मानदेय पर किया जाएगा। सभी खरीदी केन्द्रों के डाटा का अपलोडिंग 72 घंटे के भीतर अनिवार्य किया गया है।
धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व सभी केन्द्रों का निरीक्षण, उपकरणों की जांच और सॉफ्टवेयर ट्रायल रन 31 अक्तूबर तक पूरा किया जाएगा। एनआईसी और मार्कफेड की टीम द्वारा यह तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: धान खरीदी की उन्नत व्यवस्था—ट्रायल रन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता व पर्यवेक्षण के सख्त प्रोटोकॉल लागू
राज्य शासन ने समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया को और पारदर्शी, तकनीकी एवं जवाबदेह बनाने हेतु नए चरण की विस्तृत व्यवस्थाएँ लागू की हैं। मार्कफेड के नेतृत्व में प्रशिक्षण, ट्रायल-रन, गुणवत्ता-निगरानी, भंडारण-परिवहन, नियंत्रण कक्ष और बीमा से जुड़ी स्पष्ट समयसीमाएँ तय की गई हैं।
मार्कफेड द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार धान उपार्जन से जुड़े सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को कम्प्यूटरीकरण का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण में खरीदी सॉफ्टवेयर, भुगतान प्रविष्टि, गुणवत्ता/नमी एंट्री, टोकनिंग व PFMS प्रक्रियाएँ शामिल रहेंगी।
जिले के प्रत्येक धान उपार्जन और संग्रहण केन्द्र में 3 से 6 नवंबर 2025 तक ट्रायल-रन होगा। सभी स्वीकृत केन्द्रों में 31 अक्तूबर 2025 तक कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण कर ट्रायल-रन में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
भारत सरकार के निर्देशानुसार PCSAP (Procurement Centers Self-Assessment Portal) पर खरीदी केन्द्रों की ग्रेडिंग हेतु जारी SOP का पालन अनिवार्य रहेगा, जिससे केन्द्र-वार प्रदर्शन की नियमित स्वयं-मूल्यांकन और निगरानी संभव होगी।
भारत सरकार की FAQ विनिर्दिष्टियों और कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था पर FCI/NIC के साथ संभाग-स्तरीय प्रशिक्षण कराए जाएंगे। इसके बाद उपखंड-स्तर पर समितियों के अध्यक्ष/प्राधिकृत अधिकारी, प्रबंधक, मार्कफेड/राजस्व अमला (निरीक्षक/पटवारी) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुविभाग-स्तरीय प्रशिक्षण 25 अक्तूबर 2025 तक पूर्ण होगा।
गुणवत्ता नियंत्रण की दो-स्तरीय समितियाँ संग्रहण केंद्र स्तर पर और समिति स्तर पर कार्य करेंगी। संग्रहण केन्द्र-स्तर पर तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित दल निगरानी करेगा और आवश्यकता पर ही धान को रिजेक्ट घोषित करेगा—प्रभारी अपने स्तर पर अमान्य नहीं कर सकेंगे।
समिति-स्तर पर अध्यक्ष/प्राधिकृत अधिकारी, सरपंच, कलेक्टर नामित प्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री द्वारा अनुमोदित 02 जनप्रतिनिधियों (राइस मिलर नहीं) की समिति केवल पंजीकृत किसानों से FAQ अनुरूप धान खरीदी सुनिश्चित करेगी।
किसानों को भुगतान केवल पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में होगा। मार्कफेड खरीदी अवधि में समर्थन मूल्य, प्रासंगिक व्यय और भंडारण/सुरक्षा व्यय की अग्रिम राशि समितियों को उपलब्ध कराएगा; प्रथम प्राथमिकता किसानों के भुगतान को ही रहेगी और मद-वार व्यय की कम्प्यूटर एंट्री अनिवार्य होगी।
भंडारण केन्द्रों पर कैप-कवर, ड्रेनेज सामग्री, नमी-मापी (कैलिब्रेशन सहित) और जहाँ संभव हो धर्मकांटा की व्यवस्था रहेगी। खरीदी केन्द्रों में संचित समस्त धान का 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य उठाव कराया जाएगा। सुरक्षित भंडारण हेतु विभाग का SOP लागू रहेगा।
परिवहन दरें राज्य-स्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार होंगी; चावल का परिवहन-दर भी धान के परिवहन-दर पर आधारित रहेगा। केन्द्र-वार बफर-लिमिट संयुक्त दल के भौतिक परीक्षण से कलेक्टर द्वारा निर्धारण कराई जाएगी। त्वरित निराकरण हेतु अधिक क्षमता वाले जिलों/मिलर्स से पूर्व-संलग्नीकरण किया जाएगा और जहाँ संभव हो सीधा मिलर्स को उठाव बढ़ाया जाएगा।
पड़ोसी राज्यों से धान की अनधिकृत आमद रोकने सीमाई चेकिंग दल तैनात होंगे। 30 अप्रैल 2026 तक अन्य राज्यों से धान का आयात संचालक (खाद्य) की अनुमति से ही होगा।
पंजीकृत मिलों द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया से होगी। विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजनांतर्गत PDS हेतु चावल का उपार्जन छ.ग. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन करेगा; सरप्लस चावल एफसीआई को प्रदाय किया जाएगा।
धान उपार्जन के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण हेतु प्रत्येक जिले में प्रभारी सचिव को जिम्मेदारी दी जाएगी। राज्य व जिला-स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित होंगे। शिकायतों के लिए कॉल सेंटर: 1800-233-3663 प्रदर्शित रहेगा, शिकायत का निवारण 3 दिवस में कराया जाएगा। प्रत्येक केन्द्र/समूह-केन्द्र के लिए नोडल अधिकारी तैनात होंगे। संवेदनशील केन्द्र कलेक्टर के प्रस्ताव पर अधिसूचित कर वहाँ वरिष्ठ अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। अभिलेख-प्रपत्रों का एकरूप मुद्रण मार्कफेड कराएगा।
धान खरीदी की एंड-टू-एंड निगरानी और रिसाइक्लिंग रोकथाम हेतु मार्कफेड मुख्यालय में इंटीग्रेटेड कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा (व्यय राज्य शासन वहन करेगा)। बैंक-राशि परिवहन के दौरान आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। धान और उपार्जन केन्द्रों में कार्यरत समस्त व्यक्तियों का बीमा मार्कफेड कराएगा (आवश्यक विवरण 31 अक्तूबर 2025 तक उपलब्ध कराना होगा)। समितियाँ/बैंक/मार्कफेड द्वारा खरीदी केन्द्रों का मिलान 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाएगा।
पारदर्शिता, जवाबदेही और किसान हित सर्वोपरि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के हर अन्नदाता को उसके परिश्रम का पूरा मूल्य मिले, यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य शासन ने इस बार भी यह सुनिश्चित किया है कि खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, बायोमेट्रिक-आधारित और तकनीकी रूप से मजबूत हो। किसानों को समय पर भुगतान, गुणवत्तायुक्त प्रक्रिया और निष्पक्ष अवसर मिलना इस नीति का मूल उद्देश्य है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि हर अन्नदाता को उसके परिश्रम का पूरा मूल्य समय पर मिले—यही हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की बस्तर ओलंपिक 2025 की तैयारियों की समीक्षा: सभी व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
रायपुर। बस्तर संभाग के सभी विकासखंडों में आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। उप मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अब तक 3 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में भागीदारी के लिए अब तक तीन लाख नौ हजार से अधिक खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। इनमें कांकेर जिले के 42 हजार 228, कोंडागांव के 43 हजार 333, दंतेवाड़ा के 44 हजार 395, नारायणपुर के 46 हजार 074, बस्तर के 52 हजार 312, बीजापुर के 40 हजार 437 तथा सुकमा जिले के 40 हजार 830 प्रतिभागी शामिल हैं।
20 अक्टूबूर तक जारी रहेगा पंजीयन
बीते 22 सितंबर से बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन की शुरूआत की गई थी। खिलाड़ियों के पंजीयन का काम आगामी 20 अक्टूबूर तक जारी रहेगा। बस्तर ओलंपिक का विकासखंड स्तर पर आयोजन 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक, जिला स्तरीय आयोजन 5 नवम्बर से 15 नवम्बर तक तथा संभाग स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 30 नवम्बर तक किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में बस्तर ओलंपिक की पंजीयन प्रक्रिया एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार की योजनाओं—जैसे दीवार लेखन, मशाल यात्रा, पोस्टर, बैनर, पैंपलेट वितरण, हाट-बाज़ारों में प्रचार इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीयन की स्थिति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में पंजीयन कम हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की तुलना में पुरुष प्रतिभागियों के कम पंजीयन को देखते हुए जिला खेल अधिकारियों को पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल चुकी है। अतः इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन मानते हुए विकासखंड से लेकर संभाग स्तर तक उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरणा स्रोत के रूप में आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक होने वाले विकासखंड स्तरीय आयोजनों के लिए सभी जिलों को समय पूर्व संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में पंजीयन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा खेल विभाग से प्राप्त बजट के अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के सहयोग से सीएसआर निधि से वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि ठाकुर और खेल अधिकारी गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे।
11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी, नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे अपना दमखम

विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर एक महीने से भी अधिक समय तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों को शामिल किया गया है। जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं तथा सीनियर वर्ग में महिला और पुरूषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रसायन एवं उर्वरक समिति की पहली बैठक में रखे कृषि सशक्तिकरण के सुझाव
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज नई दिल्ली में रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति(2025-26) की पहली बैठक में भाग लिया।
बैठक में देश में रसायन एवं उर्वरक क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उद्योगों की उत्पादकता और सुरक्षा को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत के कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए उर्वरक उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और पर्यावरण अनुकूल तकनीक को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने समिति के सदस्यों के साथ मिलकर नीति सुधार, निवेश वृद्धि और नई शोध योजनाओं को गति देने के सुझाव प्रस्तुत किए।
उन्होंने विश्वास जताया कि समिति के माध्यम से ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे देश के किसान सशक्त होंगे और रसायन-उर्वरक उद्योग आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देगा।
स्मृति पुस्तकालय योजना से शिक्षा को मिला नया संबल : साधना स्वर्णबेर ने दान की 150 पुस्तकें
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना शिक्षा के क्षेत्र में नया संबल प्रदान कर रही है। इसी क्रम में भोर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष साधना स्वर्णबेर की ओर से जेईई (प्री), मेन्स और एडवांस परीक्षा के साथ ही कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं की किताबें दान की गईं। इसके अलावा पीएससी, नेट, स्लेट, प्री-बी.एड, पीईटी जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें तथा पत्रकारिता, अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन जैसे विषयों की लगभग 150 से अधिक पुस्तकें भी दान की गईं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इन पुस्तकों को ग्रहण करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता का आभार व्यक्त किया।
जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत अब तक 5300 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना अथवा रोजगार अधिकारी केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है।
इस अवसर पर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर (आईएएस) नम्रता जैन तथा जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विधानसभा के चीफ मार्शल सुशांत रॉय बने मंत्री खुशवंत साहेब के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय में पदस्थ चीफ मॉर्शल सुशांत रॉय को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब की निजी स्थापना में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है.

चैतन्य बघेल की ज्यूडिशियल रिमांड 29 अक्टूबर तक बढ़ी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ज्यूडिशियल रिमांड 29 अक्टूबर तक यानी 14 दिनों तक बढ़ा दी है। चैतन्य बघेल की दिवाली जेल में ही मनेगी। चैतन्य बघेल मनी लॉन्ड्रिंग केस में 18 जुलाई 2025 से जेल में हैं।
EOW ने पहले 13 अक्टूबर को चार्जशीट पेश करने के लिए समय मांगा था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाई थी। कोर्ट ने चार्जशीट पेश करने के लिए 2 दिन यानी 15 अक्टूबर का समय दिया था, लेकिन ईओडब्ल्यू टीम अभी तक चार्जशीट पेश नहीं कर पाई है। EOW ने चैतन्य को कोर्ट के निर्देश पर 24 सितंबर को रिमांड पर लिया था। EOW के अधिकारियों का दावा है कि, चैतन्य बघेल से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। आने वाले दिनों में शराब घोटाला मामले में जांच का दायरा बढ़ेगा, जिससे कुछ और लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद चैतन्य के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि आज बाकी आरोपियों की रिमांड आज खत्म हो रही थी, लेकिन उनकी 2 दिन की रिमांड बढ़ाई गई है। इसके साथ ही सभी आरोपियों का केस एक साथ चले, इसलिए 29 अक्टूबर तक रिमांड बढ़ाई गई है।
5 लाख की ईनामी महिला नक्सली गीता उर्फ कमली सलाम ने किया आत्मसमर्पण
कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में में सक्रिय 5 लाख की इनामी महिला नक्सली गीता उर्फ कमली सलाम ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. पूर्वी बस्तर डिवीजन की टेलर टीम कमांडर (LBD) रही गीता ने पुलिस अधीक्षक वाॅय अक्षय कुमार (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण किया.
गीता पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के अनुसार, लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों, संगठन के अंदर बढ़ते मतभेद और वरिष्ठ नेताओं के आत्मसमर्पण से प्रेरित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया.
महिला नक्सली ने बताया कि शासन की विकास योजनाओं, सड़कों और मोबाइल नेटवर्क के विस्तार, बिजली-पानी की उपलब्धता और ग्रामीणों तक पहुँच रही जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर उसने नक्सली मार्ग छोड़ दिया.
आत्मसमर्पण करने पर गीता को “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति” के तहत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है. साथ ही शासन की पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएँ प्रदान किए जाने की प्रक्रिया जारी है.
यह आत्मसमर्पण पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक उत्तर बस्तर रेंज अमित तुकाराम काम्बले, और पुलिस अधीक्षक वाॅय अक्षय कुमार के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है. इस अभियान में एएसपी (ऑप्स) रूपेष कुमार डाण्डे, डीएसपी (ऑप्स) सतीष भार्गव और अन्य अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि में बढ़ोतरी
रायपुर। राज्य के नर्सिंग महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवनेदन करने की तिथि तीन दिन बढ़ा दी गई है। विद्यार्थी अब 17 अक्टूबर शाम पांच बजे तक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन भर सकेंगे। नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग समिति के अध्यक्ष ने इस बारे में सूचना भी जारी कर दी है। इस वर्ष 2025 में काउंसलिंग के जरिए बी.एस.सी. नर्सिंग, एम.एस.सी. नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग, और पोस्ट बेसिक डिप्लोमा इन साईकियाट्रिक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। पहले इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर थी जिसे बढ़ाकर 17 अक्टूबर कर दिया गया है। काउंसलिंग, आवंटन और प्रवेश संबंधी सभी जानकारियां चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की वेबसाईट www.cgdme.in पर भी उपलब्ध कराई गई है।
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाईन आवेदन के लिए अनारक्षित और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 1 हजार रूपए और अनुसूचित जाति-जनजाति के उम्मीदवारों को 500 रूपए शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाईन आवेदन में किसी तरह की गलती हो जाने पर त्रुति सुधार के लिए 1 हजार रूपए शुल्क निर्धारित किया गया है। त्रुटि सुधार के समय पहले दिए गए ई-मेल एवं मोबाईल नंबर में कोई परिवर्तन नहीं हो सकेगा। ऑनलाईन आवेदन के समय ही अभ्यर्थियों को संस्था का चयन करना होगा। इसके लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि तक अभ्यर्थियों को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखने होंगे। अपूर्ण आवेदन या पंजीयन फीस के बैंक गेटवे से जमा नहीं होने पर अभ्यर्थी अपात्र घोषित किये जा सकेंगे। अतः अभ्यर्थियों को ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि से 17 अक्टूबर से 24 घंटे पहले आवेदन भरने की कार्यवाही पूरी कर लेनी चाहिए।
पहली काउंसलिंग में आवंटित अभ्यर्थियों को संवीक्षा कराना एवं प्रात्र होना जरूरी होगा। शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेना अनिवार्य किया गया है। शासकीय नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश नहीं लेेने पर अभ्यर्थी अपात्र घोषित किये जा सकेंगे। ऑनलाईन आवेदन के बाद आगे की कार्यवाही के लिए काउंसलिंग शेड्यूल का अवलोकन विभागीय वेबसाईट पर किया जा सकता है।
दीयों और पूजा सामग्री के बिक्री से समूह की महिलाएं हो रही समृद्ध
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की संकल्प को पूरा करने की दिशा में स्वसहायता समूह की महिलाएं अपनी योगदान दे रहीं हैं। दीपावली पर्व के अवसर पर कलात्मक दीयों और पूजा सामग्री का निर्माण करके स्थानीय हाट बाजारों में बिक्री करके समृद्ध हो रहीं हैं। जिला प्रशासन एवं ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से पेंड्रा जनपद की पांच महिला स्वसहायता समूहों की 12 महिलाएं मिलकर अब तक 70 हजार मिट्टी के दीये तैयार कर लिए हैं। इसके साथ ही अगरबत्ती, बाती एवं तोरण तैयार कर स्थानीय बाजारों-कोटमी, नवागांव और कोड़गार हाट बाजार में बेच रही हैं। समूह द्वारा निर्मित दीये रायपुर में आयोजित सरस मेला में भी प्रदर्शित किया गया है और बेचे भी जा रहे हैं। समूह द्वारा अब तक 1 लाख 11 हजार 500 रूपये की दीयों एवं पूजा सामग्री का बिक्री की जा चुकी है। समूह की सदस्य ग्राम झाबर निवासी क्रांति पुरी ने बताया कि इस काम से उन्हें करीब 9 हजार रुपये का मुनाफा हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की दिवाली उनके लिए बहुत खास बन गई है और वे इस आय से काफी खुश हैं। ब्लॉक मिशन प्रबंधक मंदाकिनी कोसरिया ने जानकारी दी कि इस कार्य से सीधे तौर पर पांच महिला स्वसहायता समूहों के परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी सक्षम हो रही हैं। यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रही है, बल्कि परंपरागत दीयों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। मिट्टी के दीयों की बिक्री से जहां महिलाओं की आमदनी बढ़ी है, वहीं पर्यावरण के लिए भी अनुकूल विकल्प है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अव्वल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन उत्कृष्ट कार्य हुआ है। पिछले जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़ इस योजना के क्रियान्वयन में देश में सबसे पिछले पायदान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री साय की सतत मॉनीटरिंग के बाद पिछले नौ माह में छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले पायदान पर आ गया है। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को श्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का सम्मान प्रदान किया गया।
यह सम्मान राज्य के अथक प्रयासों और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यशैली का प्रमाण है। सम्मान देने के मुख्य कारण पहचान किए गए सभी मुद्दों पर गहन फील्ड ऑडिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयुष्मान योजना के दावा प्रक्रिया में टर्नअराउंड टाइम को उल्लेखनीय रूप से घटाया गया, जिससे लाभार्थियों को त्वरित सेवाएं मिलीं। सभी संबंधित हितधारकों की विस्तृत संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर उन्हें जागरूक बनाया गया।

सीएम साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई
एनएचए की पैनल्ड स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ प्रभावी संचार तंत्र स्थापित कर समन्वय को बेहतर किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। यह योजना सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए है और इसका उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है।