जगदलपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की पड़ताल ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। प्रशासनिक जांच में 22 हजार मतदाताओं के नाम C कैटेगरी में डाले गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि C कैटेगरी में शामिल मतदाताओं में से 17 हजार 93 सिर्फ शहरी इलाकों से हैं। इन मतदाताओं पर आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान उन्होंने वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। जिला निर्वाचन कार्यालय ने ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी कर 2003 की मतदाता सूची से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है। हालांकि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदाता अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकते हैं। इधर, कांग्रेस ने SIR की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और निर्धारित दस्तावेज देने के बावजूद BLO द्वारा दस्तावेजों को खारिज किया जा रहा है। वहीं भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। भाजपा संगठन शहर के 48 वार्डों में मतदाता सत्यापन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की कवायद बता रहा है। मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण ने जहां प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच भी टकराव तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ को बचाने आम आदमी पार्टी ने 11 जनवरी से ब्लॉक स्तरीय छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा का ऐलान किया है। आप के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने बताया कि पिछले 2 महीनों के दौरान पार्टी की लगातार मैराथन बैठक हुई। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव संदीप पाठक व सहप्रभारी मुकेश अहलावत के मार्गदर्शन पर पार्टी के संगठनात्मक संरचना के अनुरूप पूरे प्रदेश में 450 ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। इनके माध्यम से छत्तीसगढ़ के 11664 ग्राम पंचायतों व 20363 गांवों में हम छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा निकालेंगे।
उन्होंने कहा, संसाधन सीमित है, लेकिन हमारे पदाधिकारी इस लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे है। इस यात्रा के बाद आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ एक नए रूप में प्रदेश की जनता के सामने खड़ी नजर आएगी। प्रदेश में इस यात्रा की तैयारी को लेकर लोकसभा व जिला स्तर पर महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकें की गई है। विधानसभा स्तर एवं बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए रणनीतिक योजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम ने बताया, सभी बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन निर्माण व जमीनी स्तर पर पार्टी को सशक्त बनाना एवं जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखना था। यात्रा को देखते हुए नियुक्तियों में बिल्कुल भी देरी नहीं की जा रही है। हर दिन प्रदेश में लोकसभा, विधानसभा, जिला सहित ब्लॉक स्तर में नई नियुक्तियां तत्काल हो रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 11 जनवरी से प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर “छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा” निकाली जा रही है। इस दौरान ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर की रणनीति के अनुसार अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने, जनसंपर्क को मजबूत करने तथा यात्रा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
उन्होंने कहा, नये साथियों के जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा, उत्साह एवं मजबूती प्राप्त होगी। आम आदमी पार्टी जनहित के मुद्दों, पारदर्शिता, ईमानदार राजनीति एवं जनसेवा के अपने मूल सिद्धांतों के साथ जनता के बीच और अधिक सशक्त रूप से पहुंचेगी। आगामी चुनावों में एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरेगी।
तखतपुर। छत्तीसगढ़ के पहले और देश के 95वें रामसर साइट के रूप में घोषित कोपरा जलाशय में शुक्रवार को भव्य बर्ड वॉचिंग और संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. 9 जनवरी 2026 को आयोजित यह पहला बर्ड वॉक कार्यक्रम प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा. उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 12 दिसंबर 2025 को कोपरा जलाशय को रामसर साइट घोषित किया था.
सुबह 7 बजे से 9 बजे तक आयोजित बर्ड वॉक में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 97 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज कुमार पाण्डेय ने किया. उन्होंने प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर रामसर साइट घोषित होने पर सभी को शुभकामनाएं दीं. इस दौरान कोपरा जलाशय से जुड़े ग्रामीणों को भी पक्षियों की प्रजातियों और उनके संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई.
कार्यक्रम में देश-प्रदेश के जाने-माने विशेषज्ञों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की. दिल्ली से आए ‘पॉन्ड मैन ऑफ इंडिया’ रामवीर तंवर, ‘वॉटर मैन ऑफ छत्तीसगढ़’ वीरेंद्र सिंह और वरिष्ठ वैज्ञानिक नीतू हरमुख सहित कई वरिष्ठ प्रकृति प्रेमी और पक्षी विशेषज्ञ शामिल हुए.
बर्ड वॉचिंग के दौरान प्रतिभागियों ने 82 प्रजातियों के स्थानीय, दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों का अवलोकन किया. इनमें रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, यूरेशियन कूट, गडवाल और ओपन बिल स्टॉर्क प्रमुख रहे. यह अनुभव सभी प्रकृति प्रेमियों के लिए यादगार रहा.
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर बिलासपुर पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही.
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि कोपरा जलाशय का छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बनना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है. यह राज्य की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाता है. इस अवसर पर उन्होंने कोपरा जलाशय के आधिकारिक लोगो का विमोचन भी किया. लोगो में प्रवासी पक्षी बार-हेडेड गूज को दर्शाया गया है, जबकि ‘हमर कोपरा, हमर गौरव’ संदेश स्थानीय सहभागिता और संरक्षण भावना को प्रतिबिंबित करता है.
संगोष्ठी के दौरान रामवीर तंवर ने जलाशयों के संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला. वहीं वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जलाशयों की स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है.
कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ वन अधिकारियों ने स्मृति वन के विकास को लेकर चर्चा की. भविष्य में स्मृति वाटिका को और विकसित कर पर्यावरणीय दृष्टि से आदर्श स्थल बनाने की योजना पर सहमति बनी.
कार्यक्रम को सफल बनाने में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही. वन मंडलाधिकारी नीरज द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया.
गौरतलब है कि रामसर साइट अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि होती है, जिसे 1971 के रामसर कन्वेंशन के तहत संरक्षण प्रदान किया जाता है. भारत इस संधि में वर्ष 1981 में शामिल हुआ था और देश की पहली रामसर साइट चिल्का झील है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य सूचना आयोग में अहम नियुक्तियां की हैं। पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है।
इसी क्रम में सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के पद पर दो अहम नियुक्ति की गई है।इनमें सेवानिवृत्त आईएएस उमेश कुमार अग्रवाल तथा वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा शामिल हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इन सभी नियुक्तियों की सेवा शर्तें, वेतन एवं अन्य भत्ते भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 24 अक्टूबर 2019 के तहत “सूचना का अधिकार (केंद्रीय सूचना आयोग एवं राज्य सूचना आयोगों में पदावधि, वेतन, भत्ते एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 2019” के अंतर्गत निर्धारित होंगे। उक्त आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा उनके आदेशानुसार जारी किया गया है।
रायपुर। स्काउट्स एंड गाइड्स अध्यक्ष पद से हटाने पर नाराज सांसद बृजमोहन अग्रवाल को मनाने की कोशिशें शुरू हो गई है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने शुक्रवार को बृजमोहन से मुलाकात की है और करीब आधे घंटे तक चर्चा की। इसके बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के साथ दामाखेड़ा भी गए और वहां संत समागम के आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक में शामिल हुए।
दूसरी तरफ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी मीडिया से चर्चा में कहा है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल उनके बड़े भाई हैं, और उनसे मिलकर नाराजगी दूर करेंगे। इससे पहले स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष, और पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल जैन ने शुक्रवार को कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ही स्काउट्स एंड गाइड्स के पदेन प्रदेश अध्यक्ष हैं।
बिलासपुर। दुर्ग जिले के जनपद पंचायत पाटन में पदस्थ जागेंद्र कुमार का स्थानांतरण छत्तीसगढ़ शासन के आदेश दिनांक 16 दिसंबर 2025 के तहत प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर जिला पंचायत राजनांदगांव किए जाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए उत्तरवादीगणों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि जागेंद्र कुमार की नियुक्ति मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के पद पर फरवरी 2022 में हुई थी। वर्ष 2023 में उनका स्थानांतरण जनपद पंचायत सक्ती से जनपद पंचायत बेरला, जिला बेमेतरा किया गया। इसके बाद अक्टूबर 2024 में उनका स्थानांतरण जनपद पंचायत बेरला, जिला बेमेतरा से जनपद पंचायत पाटन, जिला दुर्ग किया गया, जिसके तहत जागेंद्र कुमार ने 27 नवंबर 2024 को जनपद पंचायत पाटन जिला दुर्ग में कार्यभार ग्रहण किया।
किंतु 16 दिसंबर 2025 को इसका स्थानांतरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन, जिला दुर्ग से प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत राजनांदगांव किए जाने से परिवेदित होकर हाईकोर्ट अधिवक्ता मशीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की गई, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति पी. पी. साहू जी के यहां हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी द्वारा यह आधार लिया गया कि याचिकाकर्ता का मूल पद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत है, लेकिन उपरोक्त स्थानांतरण आदेश के तहत उनका स्थानांतरण प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर जिला पंचायत राजनांदगांव किया गया है, जो कि प्रतिनियुक्ति का पद है तथा प्रतिनियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता की सहमति नहीं ली गई है, जो कि विधि विरुद्ध है। और याचिकाकर्ता की पदस्थापना वर्तमान जनपद पंचायत पाटन में 27 नवंबर 2024 को हुई है और वर्तमान में इस जनपद पंचायत में केवल एक वर्ष एक माह ही हुआ है, जो कि स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 की कंडिका 3.9 का उल्लंघन है, क्योंकि इसमें स्पष्ट लिखा गया है कि दिनांक 1 जून 2025 की स्थिति में एक वर्ष से कम अवधि में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी द्वारा अन्य आधार यह भी लिया गया कि याचिकाकर्ता वर्तमान में सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पद पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण छत्तीसगढ़ राज्य में निर्वाचन नामावलियों के कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उपरोक्त आधारों पर न्यायालय ने याचिकाकर्ता के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए उत्तरवादी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री जैन का स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पहली बार आयोजित हो रहे पाँच दिवसीय राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजन के लिए डॉ. अनिल जैन को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. अनिल जैन के सक्षम नेतृत्व में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित होना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी मंच बनेगी। देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, सामाजिक और युवा शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह जंबूरी न केवल युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगी, बल्कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रायपुर। किसान से धोखाधड़ी मामले में जैजैपुर के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को पुलिस ने जेल भेज दिया है। इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, हमारी सरकार करप्शन के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। जो भी गड़बड़ी करेगा उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। कानून सबके लिए बराबर है।
छत्तीसगढ़ में पहली बार रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन पर सीएम साय ने कहा, पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय स्तर के इवेंट हुए हैं। बड़ा कार्यक्रम जम्बूरी भी हो रहा है, जिसमें देशभर से 15 हजार से ज्यादा लोग शामिल हो रहे हैं। रोवर-रेंजर के कैडेट भी पधारे हैं। छत्तीसगढ़ की धरती में सभी का स्वागत है। इससे छत्तीसगढ़ का मान और सम्मान बढ़ेगा।
गोवा दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, गोवा प्रवास के दौरान पिछले 25 वर्षों से जनजातीय समाज के कला और संस्कृति को सहेजने के लिए आदि लोकउत्सव का आयोजन होता रहा है। इस बार हमारा सौभाग्य है कि इस आयोजन के शुभारंभ में गोवा सरकार ने आमंत्रित किया। आने वाले तीन दिनों तक आयोजन चलेगा। इस आयोजन में पूरे देशभर से जन जातीय समाज के लोग शामिल होंगे।
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कार्यरत तकनीकी सहायकों के तबादले से जुड़े मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायालय ने संबंधित तबादला आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
प्रकरण के अनुसार, टिकमचंद कौशिक एवं सूर्यबली सिंह, जो कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत हैं, उनका तबादला कलेक्टर सह कार्यक्रम समन्वयक द्वारा 4 दिसंबर 2025 को किया गया था। उक्त आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पृथक-पृथक रिट याचिकाएं प्रस्तुत की गईं।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक द्वारा यह दलील दी गई कि राज्य शासन द्वारा कलेक्टर एवं संभागायुक्त को तकनीकी सहायकों के स्थानांतरण के लिए प्रदान किया गया अधिकार 16 मई 2023 को वापस ले लिया गया है, इसके बावजूद बिना किसी वैधानिक अधिकार के 4 दिसंबर 2025 को स्थानांतरण आदेश जारी किया गया, जो प्रथम दृष्टया अवैध एवं अधिकार क्षेत्र से परे है।
सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने प्रकरण में राज्य शासन सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया। राज्य शासन की ओर से पैनल अधिवक्ता ने प्रतिवादियों क्रमांक 1 से 4 तथा अन्य अधिकारियों की ओर से नोटिस स्वीकार किया, जबकि शेष प्रतिवादियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू ने यह निर्देश पारित किया कि याचिकाकर्ताओं से संबंधित 4 दिसंबर 2025 के तबादला आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक रहेगी। प्रकरण को मार्च 2026 में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह आदेश मनरेगा के तहत कार्यरत तकनीकी सहायकों एवं मनरेगा में कार्यरत सभी कर्मचारियों के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बिना वैधानिक अधिकार के पारित प्रशासनिक आदेशों पर न्यायालय सख्त रुख अपनाने को तैयार है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने संविदा लाइन कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगा दी है. छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ द्वारा 12 से 14 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय सांकेतिक काम बंद हड़ताल की घोषणा की गई थी, जिसे कंपनी प्रबंधन ने प्रतिबंधित कर दिया है.
पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) राजेंद्र प्रसाद ने इस संबंध में पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि संविदा कर्मचारी अपनी सेवा शर्तों के अनुसार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 से शासित हैं और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1968 के अंतर्गत नियंत्रित होते हैं. इन नियमों के तहत कर्मचारियों के लिए प्रदर्शन, हड़ताल तथा स्वीकृति से पहले अवकाश पर जाना प्रतिबंधित है और इसे कदाचरण की श्रेणी में माना जाता है.
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्युत सेवा अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में आती है, ऐसे में कार्य की निरंतरता बनाए रखना और अपने कार्यक्षेत्र में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है.
कंपनी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रस्तावित सांकेतिक हड़ताल की तिथि पर किसी भी प्रकार की हड़ताल या कार्य बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
भिलाई। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथा वाचक युवराज पांडेय पर बीते दिनों हुए हमले को लेकर भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले कथा वाचकों को चार्टर्ड प्लेन और वीआईपी सुरक्षा मुहैया कराई जाती है, जबकि छत्तीसगढ़ के अपने संतों और कथा वाचकों को असुरक्षित छोड़ दिया गया है.
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि युवराज पांडेय प्रदेश के प्रसिद्ध कथा वाचक हैं, जिनके लाखों अनुयायी हैं. उनकी कथाओं में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने मांग की कि प्रदेश के स्थानीय संतों और कथा वाचकों को भी उचित सुरक्षा दी जानी चाहिए.
गौरतलब है कि गरियाबंद निवासी प्रसिद्ध कथावाचक युवराज पांडेय की कथा आगामी फरवरी माह में भिलाई के कैम्प क्षेत्र में आयोजित होने वाली है. इससे पहले उन पर हुए हमले की घटना को लेकर यह बयान सामने आया है. विधायक ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की जरूरत जताई है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस कल्याण समिति एवं परामर्शदात्री परिषद की आज नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में बैठक हुई. पुलिस महानिदेशक (भापुसे) अरुण देव गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस मुख्यालय में पदस्थ भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों उपस्थित रहे.
परामर्शदात्री परिषद की बैठक में पूर्व बैठकों के लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई. साथ ही वर्तमान में संचालित कल्याणकारी योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति पर विचार–विमर्श करते हुए, पुलिसकर्मियों के हित में भविष्य की कार्ययोजनाओं एवं प्राप्त नवीन सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भापुसे) एसआरपी कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (योजना–प्रबंधन) (भापुसे) प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (वित्त/सतर्कता/अभियान/छत्तीसगढ़) (भापुसे) विवेकानंद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण/चयन) (भापुसे) दीपांशु काबरा तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तचर) (भापुसे) अमित कुमार प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे.
बैठक का संचालन पुलिस उप महानिरीक्षक (प्रशासन) (भापुसे) पायल माथुर ने और प्रस्तुतिकरण सहायक पुलिस महानिदेशक (लेखा/कल्याण) अनुराग सिंह सिसोदिया ने किया. कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भापुसे) डीबी नारायण मीणा, द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया.
बिलासपुर। गुरु घासी दास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के कथित अमर्यादित व्यवहार को लेकर शहर के प्रबुद्ध वर्ग में आक्रोश है. साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान अतिथि कथाकार के अपमान का मामला राजभवन तक पहुंच गया है. लेखक, साहित्यकार और प्रबुद्ध नागरिक एकजुट होकर कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति-राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है.
दरअसल, 7 जनवरी को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘समकालीन हिंदी कहानी’ विषय पर एक साहित्यिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति ने मंच से ही आमंत्रित अतिथि कथालेखक के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हुए उन्हें भरी सभा में जाने के लिए कह दिया. इस व्यवहार से पूरा प्रबुद्ध वर्ग आहत महसूस कर रहा है.
घटना के विरोध में बिलासपुर के लेखकों, संस्कृतिकर्मियों और जनसंस्कृति मंच के सदस्यों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में कहा गया है कि कुलपति का यह व्यवहार न केवल कथाकार का अपमान है, बल्कि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की गरिमा के भी खिलाफ है.
प्रबुद्धवर्ग का कहना है कि जहां विश्वविद्यालयों में विचारों की स्वतंत्रता और स्वस्थ होना चाहिए, वहां इस तरह का तानाशाही और अभद्र आचरण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. साहित्यकारों का आरोप है कि इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई है. साहित्यप्रेमियों ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजकर कुलपति के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की की मांग की है.
रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर में विकास कार्यों और राशि आवंटन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आज पत्रकार वार्ता कर मौजूदा परिषद पर भेदभाव और अनदेखी के आरोप लगाए हैं. नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि अमृत मिशन योजना के अंतर्गत रायपुर का चयन किया गया था. 8 जनवरी 2026 को मेयर इन काउंसिल की बैठक में 15 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का जिक्र किया गया, जो केंद्र सरकार द्वारा अमृत 2.0 योजना के तहत रायपुर नगर निगम को प्राप्त हुई है.
आकाश तिवारी ने कहा कि पिछले कांग्रेस कार्यकाल में अमृत मिशन के तहत 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप रायपुर नगर निगम को 15 करोड़ रुपये की राशि अमृत मिशन 2.0 के तहत मिली. वहीं एसटीपी निर्माण कार्य, जो पूर्व परिषद द्वारा कराया गया था, उसके लिए निगम को 8.75 करोड़ रुपये मिलने प्रस्तावित हैं. इसके साथ ही उक्त कार्य के लिए 4 स्टार रैंकिंग भी निगम को प्राप्त हुई है.
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिषद द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य और नाला निर्माण के कार्यों का श्रेय महापौर और उनकी परिषद ले रही है, जबकि ये सभी कार्य पूर्व परिषद की योजनाओं और प्रयासों का परिणाम हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि केवल तीन वार्डों जिसमें महात्मा गांधी वार्ड, बंजारी माता वार्ड और संत कबीर दास वार्ड में 2 करोड़ 34 लाख रुपये के विकास कार्यों की राशि आवंटित की गई है. इसके अलावा रायपुर के शेष 67 वार्डों के लिए किसी भी प्रकार की विकास राशि आवंटित नहीं की गई, जो गंभीर चिंता का विषय है.
आकाश तिवारी ने सवाल उठाया कि क्या इन वार्डों को जानबूझकर विकास से वंचित रखा जा रहा है और क्या वहां की जनता ने कोई गुनाह किया है? उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री द्वारा सभी वार्डों के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक वह राशि प्राप्त नहीं हुई. इस विषय को कई बार संज्ञान में लाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना भी समझ से परे है.
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित ‘आदि लोकोत्सव’ पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘आदि लोकोत्सव’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।
जांजगीर-चांपा। किसान से लाखों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में जांजगीर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को चालान पेश करने के बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपी जैजैपुर कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया है। विधायक साहू 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर रहेंगे।
बता दें कि विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ चाम्पा थाने में धारा 420,467,468,471,34 ipc के तहत अपराध दर्ज है। पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया था। सीएसपी योगिता बाली खापर्डे, जांजगीर थाना प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय और उप निरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा चाम्पा थाना को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने आज कोर्ट में चालान पेश किया। CJM न्यायालय ने चालान लेने के उपरांत जेल वारंट बनाया, जिसके बाद आरोपी बालेश्वर साहू ने रेगुलर बेल के लिए उसी कोर्ट में आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। पुलिस ने विधायक साहू को जेल दाखिल कर दिया है।
किसान से 42.78 लाख की ठगी का है आरोप
चांपा थाना, जिला जांजगीर-चांपा में विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। मामला उनके 2015 से 2020 के बीच सहकारी बैंक बम्हनीडीह में मैनेजर रहते हुए किसान राजकुमार शर्मा से 42.78 लाख रुपये की ठगी का है। राजकुमार का आरोप है कि बालेश्वर साहू ने अपने अधीनस्थ गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन की राशि निकाली है।
बालोद। छत्तीसगढ़ में आयोजित नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी के बीच स्काउट-गाइड के राज्य अध्यक्ष को लेकर उठे विवाद के बीच स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा दिया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की नाराजगी कैसे दूर करेंगे, इस सवाल पर मंत्री यादव ने कहा, बृजमोहन जी मेरे बड़े भाई है। भारत स्काउट एंड गाइड की राज्य परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर वे नाराज हैं तो उससे मुलाकात करुंगा।
बता दें कि कांग्रेस ने जंबूरी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। वहीं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि विवाद के चलते जम्बूरी के कार्यक्रम को स्थगित किया था। वैधानिक अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें हटाए बिना नए अध्यक्ष की घोषणा करना नियमों के खिलाफ है, जिसके चलते उन्होंने न्यायालय का रुख किया है। मुझे हटाए बिना अध्यक्ष की जो घोषणा सरकार ने की है, वह वैधानिक नहीं है। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, बृजमोहन भैया का कहना सही है। स्काउट गाइड की अलग नियम और परंपरा है।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, पुराने लोग बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देते हैं। स्काउट की कार्यप्रणाली अलग है। कांग्रेस के लोग बिना सोच समझे आरोप लगाने का काम किया है। देशभर के बच्चे जंबूरी कार्यक्रम में आए हैं। बृजमोहन भैया कोई दूसरे नहीं है। हमारे परिवार के बड़े भैया हैं, जाकर उनसे मिल लेंगे। उन्होंने कहा, हमारे पिताजी हम पर नाराज होते हैं। हमारे बड़े भैया हम पर नाराज होते हैं। स्वभाविक है छोटा भाई हूं, बृजमोहन भैया से जाकर मिलूंगा। उनसे समय लिया हूं, आज वे दिल्ली में हैं, कल जाकर मुलाकात करुंगा।