रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर जिले के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ मिले। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम की दिशा में गंभीर पहल करने पर जोर देते हुए कहा कि किशोरी बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देकर जागरूक बनाया जाए, ताकि राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल हो सके।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि केंद्र नियमित समय पर खुलें, बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने केंद्रों की साफ-सफाई, अध्यापन व्यवस्था और पोषण वाटिका व रेडी-टू-ईट वितरण की भी समीक्षा की। कुपोषण उन्मूलन पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने एनआरसी सेंटरों के सुचारू संचालन और कुपोषित बच्चों को नियमित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर कार्य शीघ्र पूर्ण करने, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित करने और आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल देते हुए श्रीमती राजवाड़े ने सक्षम योजना की समीक्षा कर महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही।
बैठक में महतारी वंदन योजना, चाइल्डलाइन, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, सखी वन स्टॉप सेंटर सहित विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए।
बैठक में समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव, बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी विस्मिता पाटले, प्रभारी उप संचालक समाज कल्याण विभाग स्टेला खलखो सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर। जिले के किसानों के हित में चलाई जाने वाले कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था, अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा किसी भी समस्या पर सहायता प्राप्त होगी। इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 06 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक जशपुर रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है। जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में इन नवीन पहलों से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे।
किसानों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी
किसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांन्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे। बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी।
किसान कॉल सेंटर में 08069378107 नम्बर पर किसानों को मिलेगी सहायता
इस किसान कॉल सेंटर के माध्यम से जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों एवं समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए आज मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्रिबिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे। किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर 08069378107 पर सम्पर्क करना होगा।
जिले के किसानों की उत्पादों कोे पूरे देश से मिलेंगे खरीददार
जी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर ना रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा। देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददार ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा। इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नगदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज बलरामपुर जिले के चयनित 26 अग्निवीरों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, गांव और जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं को सेना में शामिल होकर देशसेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की भावना से ही सफलता की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना में शामिल होकर ये युवा सीमाओं की रक्षा करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
इस अवसर पर बलरामपुर जिले के चयनित अग्निवीरों में पिंकू पैकरा, जिन्दल, विकाश पैकरा, प्रकाश सिंह, खेल साय, आर्यन, देव नंन्दन पन्ना, नरेन्द्र यादव, रंजीत केरकेट्टा, रमेश पैकरा, प्रियांशु, सनोज, निकिता नरसिंह, शशि किरण, सोहन लाल, महेन्द्र पैकरा, मिथलेश पैकरा, छोंटू, बज्जू पैकरा, पंकज, विवेक पैकरा, विधायक पैकरा, किशुन पैकरा, सोभनाथ पैकरा, अमित कुजूर और एंजेल लकड़ा शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षक सुदर्शन यादव और उनकी टीम के निःशुल्क सेना भर्ती प्रशिक्षण के उल्लेखनीय प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रशिक्षण से लाभान्वित 30 युवाओं में से 26 युवा अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, एस एस पी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी। यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें।
कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।
दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक
जशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है।
2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया।
दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों को और भी समृद्ध करेगा। रोमांचक-रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, ज़िपलाइन, ट्रेकिंग, मयाली डैम पर वॉटर स्पोर्ट्स, पैरामोटर और हॉट एयर बलून से माधेश्वर पहाड़ों के दृश्य देखे जा सकेंगे। जनजातीय नृत्य (कर्मा, सरहुल), लोक संगीत, हस्तशिल्प कार्यशालाएँ (मिट्टी, बाँस, गोंदना कला, लकड़ी व लोहे की कारीगरी), लोकनाट्य और स्थानीय व्यंजन का भी अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल, टीम-बिल्डिंग गतिविधियाँ और तारों भरे आसमान के नीचे अलाव की गर्माहट से लोगों के मन में आनंद की अनुभूति होगी। जशपुर जम्बूरी 2025 का उद्देश्य है प्रतिभागियों को प्रकृति, परंपरा और समुदाय की उस धारा से जोड़ना, जहाँ हर पल एक नई कहानी कहता है। कार्यकम में आभार व्यक्त डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा ने किया।
रायपुर। राजधानी रायपुर एक बार फिर भक्ति और आध्यात्म के महासागर में गोते लगाने को तैयार है। वरिष्ठ समाजसेवी श्री बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में 'स्व. श्री पुरषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन' के तत्वावधान में, गुढ़ियारी की पुण्य धरा पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर, पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से दिव्य 'श्री हनुमंत कथा' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आध्यात्मिक महोत्सव आगामी 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2025 तक चलेगा, जिसमें दिव्य दरबार का भी आयोजन किया जाएगा।
इस विराट आयोजन के सफल क्रियान्वयन और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप देने के लिए आज, 14 सितंबर को, कार्यक्रम कार्यालय का विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया, जिसे मुख्य आयोजक श्री बसंत अग्रवाल ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि यह कार्यालय आयोजन की तैयारियों का केंद्र बिंदु होगा, जहां से सभी व्यवस्थाओं का संचालन और समन्वय किया जाएगा।
कार्यालय शुभारंभ के इस पावन अवसर पर सर्व समाज का प्रतिनिधित्व देखने को मिला, जिसमें लोकेश कावड़िया, सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, किशोर महानंद, राजकुमार राठी सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख, वरिष्ठजन और भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित होकर इस पुण्य कार्य के साक्षी बने।
उद्घाटन के पश्चात एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कथा की विभिन्न व्यवस्थाओं जैसे पंडाल, भोजन (भंडारा), जल, सुरक्षा, यातायात, और लाखों भक्तगणों के बैठने की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। आयोजन से जुड़े सभी सेवादारों को उनकी योग्यतानुसार जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि प्रत्येक व्यवस्था त्रुटिहीन और सुगम हो।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बसंत अग्रवाल ने कहा, "यह हम सभी छत्तीसगढ़वासियों का परम सौभाग्य है कि पूज्य गुरुदेव पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी एक बार फिर अपनी अमृतमयी वाणी से रायपुर की धरा को पवित्र करने आ रहे हैं। उनका आगमन प्रदेश के लिए किसी आध्यात्मिक महोत्सव से कम नहीं है। हमारा और हमारी पूरी टीम का यह संकल्प है कि कथा श्रवण के लिए आने वाले प्रत्येक भक्त को एक सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।"
उन्होंने आगे कहा, "इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी समाजों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। कार्यालय के उद्घाटन के साथ ही अब तैयारियां और तेज कर दी गई हैं।"
शहर के भक्तों में कथा को लेकर जबरदस्त उत्साह और प्रतीक्षा का माहौल है। कार्यालय के शुभारंभ के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि रायपुर एक और अविस्मरणीय आध्यात्मिक आयोजन की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है।
इस दौरान विनोद अग्रवाल, श्रवण शर्मा, हेमंत साहू, महेश शर्मा, आजाद गुर्जर, जगदेव अग्रवाल, सतनारायण स्वामी, डॉ. विकास अग्रवाल, मोहन बजाज सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गरियाबंद। ई-30, एसटीएफ, सीएएफ और कोबरा 207 बटालियन ने लगातार तीन दिनों तक चले ऑपरेशन के दौरान 10 बड़े नक्सली लीडर को ढे़र करने में सफलता हासिल की थी. इस उपलब्धि पर गरियाबंद पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम सहित तमाम आला अधिकारियों ने पुलिस लाइन में उनके साथ (बड़ा खाना) भोजन किया.
गरियाबंद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी अरुण देव गौतम के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल विरोधी अभियान विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ, कोबरा 207 एसटीएफ के अधिकारीगण पहुंचे थे.
कार्यक्रम दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने नक्सल विरोधी ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता के लिए ई-30, एसटीएफ, सीएएफ एवं कोबरा 207 बटालियन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के साथ नक्सल ऑपरेशन में सहभागिता देने वाले सभी जवानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दिए.
रायपुर। रायपुर नगर पालिका निगम के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 8 के नगर निवेश विभाग ने शहीद भगत सिंह वार्ड (क्रमांक 21) के टाटीबंध क्षेत्र में 1746 वर्गफुट के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया. जोन 8 की कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के मार्गदर्शन में उप अभियंता लोचन प्रसाद चौहान की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई. जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने अभियान चलाकर स्वीकृति के विपरीत बने इस निर्माण को तत्काल तोड़ा और संबंधित निर्माणकर्ता को भविष्य में नियमों का पालन करते हुए निर्माण करने की कड़ी हिदायत दी.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित अभिनव पहल "प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां" के तहत रायपुर जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी अब अपने जन्मदिवस को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए नन्हें बच्चों संग खुशियां बांट रहे हैं।
इसी कड़ी में विजय नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आबकारी विभाग की उपनिरीक्षक अनुला झाड़े ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आंगनबाड़ी तथा स्कूली बच्चों के साथ विशेष समय बिताया। बच्चों के साथ केक काटा तथा उन्हें फल, मिठाई, पौष्टिक आहार वितरित की।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले के 14 कर्मचारियों को जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एसएमएस और ई-कार्ड के माध्यम से शुभकामनाएं भेजी गई और उन्हें पास के आंगनबाड़ी या विद्यालय में बच्चों संग जन्मदिन मनाने हेतु प्रेरित किया गया.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मानसून की गतिविधियों पर ब्रेक लगा हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में दिन भर बादल छाए रहने के बाद भी बारिश नहीं हो रही है। बारिश नहीं होने के चलते राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रायपुर समेत आस-पास के जिलों में लोगों को भीषण उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच मौसम विभाग ने जनता को खुशख़बरी दी है। मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आने वाले दो दिनों तक भारी बारिश होगी। मौसम विभाग ने खासकर बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं रायपुर, बिलासपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, सूरजपुर, सरगुजा, कोरबा, बलरामपुर, रायगढ़, जशपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर में सुबह से बादल छाए हुए हैं और दिन भर बादल छाए रहेंगे।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों में बारिश के अलर्ट के साथ ही बिजली गिरने की भी संभावना जताई है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आज जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना तथा उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ना है।
इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न अभिनव कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके माध्यम से बच्चों में विज्ञान के प्रति उत्सुकता और जिज्ञासा को नए आयाम मिलेंगे तथा शिक्षा का स्वरूप अधिक व्यावहारिक और प्रयोगशील बनेगा।
उल्लेखनीय है कि विज्ञान भारती पूर्व से ही जिले में कई गतिविधियों में सहयोग कर रही है। इनमें “स्पेस ऑन व्हील” कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अनुभव कराना, विज्ञान क्लबों की स्थापना द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थी विज्ञान मंथन जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की ओर प्रेरित करना शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समझौता जिले के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलेगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस नई पीढ़ी ही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञाननिष्ठ समाज की नींव रखेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और विज्ञान को समाज में परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन मानती है और इस दिशा में सभी प्रयासों को प्रोत्साहन देती रहेगी। जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती का यह संयुक्त प्रयास न केवल विद्यालयीन शिक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार की दुनिया में नई उड़ान भी देगा। इस साझेदारी से जशपुर जिले में शिक्षा का स्तर और ऊँचा होगा तथा आने वाली पीढ़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी की रोशनी से अपने भविष्य को और अधिक सशक्त बना सकेगी।
रायपुर। राज्य शासन द्वारा चिकित्सा स्नातकोत्तर (एम.डी./एम.एस./डिप्लोमा) पाठ्यक्रम में प्रवेशित एवं वर्ष 2025 की विश्वविद्यालय परीक्षा में सम्मिलित हुए पीजी बॉन्डेड चिकित्सकों को उनके अनुबंध की शर्तों के अनुरूप संविदा आधार पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में कुल 155 चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं, जिनकी सेवाएं आगामी आदेश तक प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में ली जाएंगी।
इन नियुक्तियों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में महत्वपूर्ण सुधार होगा। विशेष रूप से जिला अस्पतालों को इन नियुक्तियों का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और रोगियों को समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
जारी आदेशानुसार, प्रथम चरण की काउंसलिंग में 133 तथा द्वितीय चरण में 22, इस प्रकार कुल 155 पीजी बॉन्डेड चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति की गई है। इन्हें राज्य के जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापित किया गया है।
रायपुर। भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की बैठक आज रायपुर सांसद एवं संस्था के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी कार्यक्रमों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जंबूरी की तैयारी, सदस्यता विस्तार तथा समाजोपयोगी अभियानों पर विस्तृत चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि युवाओं के मानसिक, शारीरिक विकास के साथ देश सेवा में कार्य कर रहे स्काउटिंग को लोग और अच्छे से जाने इस हेतु नव भारत निर्माण थीम पर मै 33 जिलों में दौरा करूंगा।
श्री अग्रवाल ने कहा कि भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स एक गौरवशाली संस्था है, जिससे जुड़ना स्वयं में गर्व की अनुभूति है। यह संगठन केवल अनुशासन और सेवा भाव ही नहीं सिखाता, बल्कि समाज निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर राज्य मुख्य आयुक्त डा सोमनाथ यादव ने बताया कि आगामी दिनों में राज्य पुरस्कार जांच शिविर संभाग स्तर पर आयोजित किया जाएगा,वही उन्होंने बताया कि नवंबर माह में लखनऊ में आयोजित जंबूरी मे राज्य से 3 सौ से अधिक स्काउट्स गाइड्स हिस्सा लेंगे, इसी तरह प्राकृतिक आपदा में स्काउट्स गाइड्स की भूमिका को लेकर प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। डॉ सोमनाथ यादव ने बताया कि बच्चों को साहसिक कार्यों में भी हिस्सेदारी हो इस हेतु लगातार एडवेंचर कैंप आयोजित किए जा रहे है।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय में आगामी 23 से 29 नवम्बर तक लखनऊ में होने वाली राष्ट्रीय जंबूरी में राज्य के 313 रोवर्स-रेंजर्स भाग लेंगे। इस हेतु प्री-जंबूरी की तैयारी के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
दिसंबर में रायपुर में होने वाली अंतरराष्ट्रीय जंबूरी की रूपरेखा पर चर्चा हुई तथा विभिन्न समितियों का गठन कर स्थान चयन व ठहरने की व्यवस्था पर विचार किया गया।इस जंबूरी में विश्व भर से 10,000 से ज्यादा रोवर्स-रेंजर्स शामिल होंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ से 3,000 प्रतिभागी को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया। पिछली कार्यसमिति की पुष्टि करते हुए नवनिर्मित कार्यकारिणी का अनुमोदन किया गया।
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक जिले में 1000 पौधे स्काउट्स-गाइड्स के माध्यम से लगाने का संकल्प लिया गया। पौधारोपण स्कूल, कॉलेज, सड़क किनारे एवं सार्वजनिक स्थलों पर होगा। साथ ही आपदा सेवा में बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित राहत कार्यों में सक्रिय योगदान देने पर बल दिया गया।
सदस्यता विस्तार
छोटे जिलों से 10 एवं बड़े जिलों से 20 व्यापारी, उद्योगपति और प्रतिष्ठित नागरिकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही कॉलेजों, निजी विश्वविद्यालयों में रोवर्स-रेंजर्स की इकाइयां शुरू करने का निर्णय लिया गया।
संस्था की गतिविधियों को समाज तक पहुंचने के लिए मीडिया सेल और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स की टीम तैयार करने का निर्णय लिया गया।
सांसद खेल महोत्सव में योगदान
रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले सांसद खेल महोत्सव में वालंटियर्स की जिम्मेदारी स्काउट्स एंड गाइड्स को सौंपी गई। श्री अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में संस्था की गतिविधियों को समाज में व्यापक पहचान दिलाने के लिए सभी जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें बुद्धिजीवियों, व्यापारी वर्ग एवं समाजसेवियों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स का योगदान महत्वपूर्ण है और इसे और सशक्त बनाना हम सबका लक्ष्य है।
इस अवसर पर स्काउट्स एंड गाइड्स के पूर्व पदाधिकारी एवं वर्तमान में छत्तीसगढ़ मत्स्य कल्याण बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष भरत लाल मटियारा, छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर को सम्मानित भी किया गया।
बैठक में राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा, सुनीता बोहरा, उर्वशी भीमा मंडावी, राजेंद्र गोलछा, कोषाध्यक्ष मुरली शर्मा सहित पदाधिकारी एवं राज्य परिषद सदस्य, जिला मुख्य आयुक्त गण, जिला सचिव शामिल हुए। बैठक का संचालन राज्य राज्य प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट शैलेन्द्र मिश्रा ने तथा आभार व्यक्त प्रभारी राज्य सचिव सरिता पांडेय ने की। इस अवसर पर राज्य संगठन आयुक्त गाइड शिवानी गणवीर, राज्य संगठन आयुक्त स्काउट विजय यादव सहित राज्य मुख्यालय के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर। राष्ट्र की सुरक्षा में हर पल मुस्तैद रहने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को अब तकनीकी दक्षता से भी सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रोजेक्ट “तेजस” के तहत द्वितीय बैच के जवानों के लिए 6 दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन 8 से 13 सितंबर 2025 तक शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), सड्डू, रायपुर में किया गया।
इस प्रशिक्षण के तहत जवानों को ऑटोमोबाइल, डीजल जनरेटर संचालन एवं अन्य उपकरणों की मरम्मत जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाया गया, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बने रहें तथा देश की सेवा में और अधिक दक्षता के साथ योगदान दे सके।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और आईटीआई सड्डू ने संयुक्त रूप से तेजस का संचालन किया जा रहा है। इसका अर्थ है— “सशस्त्र बलों के बेहतर प्रदर्शन हेतु तकनीकी सशक्तिकरण।”
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर CRPF के कमांडेंट आलोक अवस्थी ने जवानों को प्रमाण पत्र प्रदान किया और कहा कि "जवान इस प्रशिक्षण को लेकर उत्साहित दिखे।" इस अवसर पर सहायक कमांडेंट इकबाल अहमद, जिला रोजगार अधिकारी केदार पटेल एवं प्राचार्य मेजर नरेंद्र उपाध्याय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीसरी बार बिजली बिल बढ़ाकर आम जनता पर भारी बोझ डाल दिया है।
महंत ने कहा कि हाल ही में 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की गई और सरकार ने इसे मामूली बताया, लेकिन अब इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘बिजली बिल हाफ’ योजना पहले ही बंद कर दी गई है और अब उपभोक्ताओं को हर महीने औसतन 1,000 रुपये ज्यादा बिल चुकाना पड़ रहा है।
महंत ने सवाल उठाया कि सरकार का मकसद आखिर क्या है। उन्होंने कहा, “अभी पौने दो साल ही हुए हैं, और लगातार बिजली दरें बढ़ाई जा रही हैं। कोयला हमारा है, हमारे खेत-खलिहान खोदे जा रहे हैं, फिर भी छत्तीसगढ़ के लोगों को महंगी बिजली क्यों दी जा रही है?”
नेताप्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि अगर अधिकारी इस निर्णय के पीछे का कारण समझाने में असफल हो रहे हैं तो मुख्यमंत्री को स्वयं जनता को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि बिजली बिल की बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
राज्य में बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। किसान संगठनों ने भी बिजली दरों में वृद्धि का विरोध करते हुए कहा है कि इससे सिंचाई लागत बढ़ जाएगी और उत्पादन प्रभावित होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली बिल बढ़ोतरी का मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी कर रहा है।
कोरबा। कोरबा के ग्राम हरदीबाजार में खेत में काम कर रहे दंपति पर आकाशीय बिजली की चपेट में आ गये। इस घटना में जहां ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गयी, वही गर्भवती पत्नी की हालत नाजुक बतायी जा रही है। जिसे अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक ये घटना हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम उतरदा का है। बताया जा रहा है कि गांव में प्रवीण कुमार मरावी का परिवार निवास करता है। आज दोपहर प्रवीण अपनी पत्नी कीर्ति मरावी के साथ खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक गरज के साथ तेज बारिश होने लगी। दंपति बारिश से बचने के लिए पेड़ का सहारा लेते, इस दौरान दोनों आकाशीच बिजली की चपेट में आ गये। बताया जा रहा है कि गाज की चपेट में आकर जहां प्रवीण की मौके पर ही मौत हो गयी।
वहीं उसकी पत्नी बेहोश होकर खेत में गिर गयी। करीब एक घंटे बाद जब पत्नी को होश आया, तब उसने घटना की जानकारी परिजनों को दी। आनन फानन में दोनों को कोरबा मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद पति को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल पत्नी का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों की शादी को एक ही साल हुआ था। पत्नी 5 माह की गर्भवती है, जिससे परिवार में नन्हे मेहमान के आने का इंतजार था। लेकिन इससे पहले पति की मौत से पूरे परिवार में मातम व्याप्त है।
रायपुर। वित्तीय समावेशन योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्ति हेतु चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत विकासखंड आरंग के ग्राम रीवा में एक दिवसीय वित्तीय समावेशन शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य देय खातों का Re-KYC (पुनः केवाईसी) कराना तथा ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं का निरंतर लाभ सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर निशा नाम्बियार, प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक, वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग, केंद्रीय कार्यालय, भारतीय रिज़र्व बैंक, ने शिविर का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों एवं बैंक अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए Re-KYC की महत्ता पर जोर दिया और उपस्थित नागरिकों को समय पर अपने खातों का पुनः सत्यापन पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया।
श्रीमती नाम्बियार ने शिविर आयोजन में शामिल बैंकों के प्रयासों की सराहना की और प्रतिभागियों को भारतीय रिज़र्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना 2021, दावा न की गई जमाराशियों की प्रक्रिया तथा डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपाय के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में रीवा ग्राम पंचायत एवं आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आम नागरिकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान मौके पर ही विशेषज्ञों द्वारा किया गया। शिविर में बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सीआरजीबी, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूको बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और ग्रामीणों की Re-KYC प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया।
अग्रणी जिला प्रबंधक मो. हाफिज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस शिविर में कुल 745 खातों की Re-KYC सफलतापूर्वक पूर्ण की गई।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की 3 करोड़ जनता के आरोग्य के साथ हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार करेंगे। पिछले 20 महीनों में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करते हुए दुर्गम अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य हमारी सरकार ने किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दंत चिकित्सा और दांतों की देखभाल से जुड़े उपयोगी उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा डेंटल एसोसिएशन की वार्षिक स्मारिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार बनने के पहले दिन से ही हमने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई है, साथ ही फिजियोथैरेपी, नर्सिंग और मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल जैसे संस्थानों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के साथ ही हम प्रगति की भी बात कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2000 में जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से मरीजों और बुजुर्गों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं, सस्ती जेनेरिक दवाइयां आम जनता को राहत प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पान मसाला, गुटखा और तंबाकू की वजह से मुँह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि दाँतों की देखभाल और सुंदर मुस्कान देने में दंत चिकित्सकों की अहम भूमिका है।उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएँ।
उन्होंने भावुक होकर अपने संसदीय कार्यकाल की स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि 1999 में जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, उस समय एम्स दिल्ली पर पूरे देश के मरीजों का दबाव था। तब हमने संसद में निवेदन किया था कि छत्तीसगढ़ में भी एम्स की स्थापना हो। सौभाग्य से 1 नवम्बर 2000 को राज्य गठन के बाद पहली किस्त में छह राज्यों को एम्स की सौगात मिली और छत्तीसगढ़ को भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार किया और 10 मिशन बनाकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
श्री साय ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का जीएसडीपी 5 लाख करोड़ है, जिसे वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इस दिशा में हम पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध है, मेहनतकश किसान और परिश्रमी जनता इसकी असली ताकत हैं। “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की कहावत को दोहराते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश 2047 तक अपने लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेगा।
जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में जीएसटी के स्लैब को 5 और 18 प्रतिशत में एकरूप किया गया है। इससे व्यापार और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा तथा व्यावसायिक गतिविधियाँ सरल होंगी। यह प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि को दर्शाता है, जो भारत को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि “मानव की मुस्कान सबसे कीमती है और उसे सुरक्षित रखने व सहेजने में दंत चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दंत चिकित्सक मुँह और दाँत से जुड़ी बीमारियों पर विस्तृत चर्चा करेंगे और उनके उपचार की दिशा में नए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और नक्सल प्रभावित व दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और यह हमारे प्रयासों का प्रमाण है कि सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति के साथ अब कुल 15 मेडिकल कॉलेज होंगे। इसके अलावा बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 12 नए नर्सिंग कॉलेज और पाँच फिजियोथैरेपी कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और दुर्गम क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में सबसे अधिक कैशलेस इलाज सुविधा देने वाला राज्य बन चुका है।
कॉन्फ्रेंस में इंडियन डेंटल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रेसिडेंट डॉ. अरविंद कुमार, पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. राजीव सिंह, कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन डॉ. वैभव तिवारी सहित बड़ी संख्या में देशभर से आए दंत चिकित्सक उपस्थित रहे।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका आज रूंगटा इंटरनेशलन स्कील्स युनिवर्सिटी भिलाई में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के विद्यारंभ समारोह में शामिल हुए। इस दौरान राज्यपाल ने युनिवर्सिटी के ड्रोन क्लब का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल, विधायक वैशाली नगर रिकेश सेन एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डे भी सम्मिलित हुए। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि रूंगटा अंतर्राष्ट्रीय कौशल विश्वविद्यालय में प्रतिभाशाली लोगों को संबोधित करने में अपार प्रसन्नता हो रही है, जो हमारे छत्तीसगढ़ राज्य और हमारे राष्ट्र के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब आप यहाँ से स्नातक होंगे, तो आपके पास केवल एक डिग्री ही नहीं होगी, बल्कि आपके पास वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य को परिभाषित करने वाली कंपनियों के प्रमाणपत्र भी होंगे। आपका रिज्यूमे एक ऐसी भाषा बोलेगा जिसे दुनिया भर के नियोक्ता समझते और सम्मान करते हैं। राज्यपाल ने कहा आप सभी रोज़गार की तलाश से आगे सोचे, रोज़गार सृजन के बारे में सोचें। समाज में समस्याओं की पहचान करने और ऐसे समाधान विकसित करने के बारे में सोचें जिनसे लाखों लोगों को लाभ हो सके। यहाँ की सहायता प्रणाली - मार्गदर्शन से लेकर वित्तपोषण तक - आपके सपनों को हकीकत में बदलने के लिए डिज़ाइन की गई है। राज्यपाल ने कहा कि यहाँ की ड्रोन प्रयोगशाला इस बात का एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे तकनीक का उपयोग सामाजिक लाभ के लिए किया जा सकता है। ड्रोन केवल उड़ने वाले उपकरण नहीं हैं; वे ऐसे उपकरण हैं जो कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा वितरण और पर्यावरण निगरानी में क्रांति ला सकते हैं। जब आप इस प्रयोगशाला में प्रयोग और नवाचार करते हैं, तो याद रखें कि प्रत्येक परियोजना में जीवन को प्रभावित करने और समुदायों को बदलने की क्षमता है।
राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों से कहा किं आज नियोक्ता ऐसे पेशेवरों की तलाश में हैं जो गंभीरता से सोच सकें, टीमों में काम कर सकें, प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें और बदलाव के साथ तालमेल बिठा सकें। ये क्लब पाठ्येतर गतिविधियाँ नहीं हैं; ये आपके पेशेवर विकास का अभिन्न अंग हैं। 2,000 युवा दिमागों के एक ही छत के नीचे इकट्ठा होने से, आप बदलाव की एक शक्तिशाली ताकत का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन इस अवसर के साथ आपके अपने, आपके परिवार, आपके संस्थान, समाज और राष्ट्र के प्रति ज़िम्मेदारी भी आती है। आप जिस दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, वह पिछली पीढ़ियों के अनुभव से बहुत अलग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और अनगिनत अन्य तकनीकें हर उद्योग को नया रूप दे रही हैं। आज जो नौकरियाँ मौजूद हैं, वे कल अप्रचलित हो सकती हैं, जबकि नई भूमिकाएँ उभरेंगी जिनकी हम आज कल्पना भी नहीं कर सकते। राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल के रूप में, मुझे कई सफल पेशेवरों, उद्यमियों और अन्य लोगों से मिलने का सौभाग्य मिला है। उन्हें सिर्फ़ उनका तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्याओं को सुलझाने की उनकी क्षमता, जोखिम उठाने की उनकी इच्छाशक्ति, दूसरों का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता और बदलाव लाने की उनकी प्रतिबद्धता भी अलग बनाती है।
राज्यपाल डेका ने कहा, इस रोमांचक यात्रा की शुरुआत करते हुए, मैं चाहता हूँ कि आप जिज्ञासु रहें, हर चीज़ पर सवाल उठाएँ, हर अवसर का लाभ उठाएँ और सीखना कभी बंद न करें, सहयोगी बनें, सर्वाेत्तम नवाचार तब होते हैं जब विविध विचार एक साथ काम करते हैं। साहसी बनें, असफल होने से न डरें, कोशिश करने से न डरें और प्रतिबद्ध रहें। उत्कृष्टता कोई संयोग नहीं है, यह निरंतर प्रयास का परिणाम है। अपने कौशल का उपयोग वास्तविक समस्याओं को हल करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने के लिए करें। मैं एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता हूँ जहाँ आरआईएसयू के स्नातक प्रमुख निगमों का नेतृत्व कर रहे हों, नवीन कंपनियाँ शुरू कर रहे हों, अभूतपूर्व शोध कर रहे हों और विभिन्न क्षमताओं में समाज की सेवा कर रहे हों। मैं आपको छत्तीसगढ़ का गौरव और भारत की ताकत बनते हुए देख रहा हूँ। अब से तीन या चार साल बाद जब आप इन द्वारों से बाहर निकलेंगे, तो आप अपने साथ न केवल शैक्षणिक डिग्रियां लेकर जाएंगे, बल्कि उद्योग प्रमाणपत्र, व्यावहारिक अनुभव, उद्यमशीलता की मानसिकता और सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी भी चुनौती को स्वीकार करने का आत्मविश्वास भी लेकर जाएंगे।
राज्यपाल ने छात्रों से कहा, आप न केवल इस संस्थान का भविष्य हैं, बल्कि आप हमारे राज्य, हमारे देश और हमारी पूरी दुनिया का भविष्य हैं। यहाँ आप जो कौशल अर्जित करते हैं, जो नेटवर्क बनाते हैं, जो नवाचार करते हैं और जिन मूल्यों को अपनाते हैं, उनका प्रभाव इन परिसरों की दीवारों से कहीं आगे तक जाएगा। इस परिवर्तनकारी यात्रा पर निकलते समय, अपने परिवारों का आशीर्वाद अपने साथ लेकर चलें। आपके संस्थान की अपेक्षाएँ, आपके राज्य की आकांक्षाएँ और आपके राष्ट्र की आशाएँ। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को आगे की शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप कुशल पेशेवर, नवोन्मेषी उद्यमी और ज़िम्मेदार नागरिक बनकर उभरें, जिन पर हम सभी को गर्व होगा। राज्यपाल डेका ने अपने कर कमलों से युनिवर्सिटी के प्रतिभावान छात्रों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने एक पेड़ मां के नाम योजना के अंतर्गत युनिवर्सिटी परिसर में वृक्षारोपण भी किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने संक्षिप्त उद्बोधन में सांसद बघेल ने कहा कि भिलाई शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ने जा रहा है। रूंगटा युनिवर्सिटी में देश ही नहीं विदेश से भी बच्चे यहां पढ़ने आए हैं। जिस भाव से बच्चे यहां आए है, उनकी सभी भाव की पूर्ति करने में युनिवर्सिटी की शिक्षा पद्धति सहायक हो। सांसद ने शिक्षा के साथ अनुशासन पर जोर देते हुए सभी नव प्रवेशी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। विधायक रिकेश सेन ने कहा कि युनिवर्सिटी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के विद्यारंभ हेतु प्रदेश के राज्यपाल स्वयं यहां पधारे है। यह सौभाग्य की बात है कि रूंगटा युनिवर्सिटी वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अपने संबोधन में ’’ काक चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निद्रा, अल्पाहारी, गृहत्यागी’’ विद्यार्थियों को विद्यार्थी के उक्त पांच लक्षणों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए उनको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।