प्रदेश
मुख्यमंत्री ने “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय स्थित सभागार से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया और अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार 931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपए की सब्सिडी भी अंतरित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान योजना के माध्यम से लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले प्रदेश के निम्न एवं मध्यम आय वर्ग तथा कृषि उपभोक्ताओं को राहत देने की पहल की गई है। योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपए की राहत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे आजादी के बाद से अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हमारे अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल में आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया राशि बढ़ गई थी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इस परेशानी को समझते हुए समाधान योजना लागू की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है और अब तक लगभग 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिला स्व सहायता समूहों द्वारा सोलर पैनल वेंडर के रूप में कार्य किया जाना एक सकारात्मक पहल है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बिजली की बचत करने और घरेलू बिजली के अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को समाधान योजना के लिए बधाई देते हुए निर्देश दिए कि शिविर लगाकर और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को समाधान योजना से जोड़ा जाए।
उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को विद्युत देयक जमा करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा और पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा और आगामी माह में कोई अधिभार नहीं लगेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित थे।
17 मार्च को कांग्रेस का विधानसभा घेराव: मनरेगा और स्थानीय मुद्दों को लेकर करेगी प्रदर्शन, PCC ने की जिलेवार प्रभारियों की नियुक्ति
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ संग्राम और प्रदेश के जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 17 मार्च 2026 को राजधानी रायपुर में विधानसभा घेराव कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आदेश जारी कर जिलावार प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार यह आदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर PCC प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू ने जारी किया है। आदेश में बताया गया है कि बूथ, पंचायत और वार्ड स्तर पर कमेटियों के गठन के लिए पहले से नियुक्त जिलावार प्रभारियों को ही विधानसभा घेराव कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
जानिए किसे मिली कहां की जिम्मेदारी



प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिला प्रभारियों से आग्रह किया है कि वे 15 मार्च 2026 से पहले अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में बैठक आयोजित करें। इस बैठक में बूथ, पंचायत और वार्ड कमेटियों के गठन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ-साथ विधानसभा घेराव कार्यक्रम की रूपरेखा भी तय की जाएगी।
साथ ही जिला प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें और इसकी जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को उपलब्ध कराएं।
भूपेश बघेल के आरोपों पर केदार कश्यप का जवाब: अवैध काम पर सरकार सख्त
रायपुर। प्रदेश में अफीम की खेती पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बीजेपी की सरकार में तत्काल कार्यवाही होती है. मामले सामने आने के बाद दुर्ग में तत्काल कार्यवाही की गई. सरकार अवैध काम को खत्म कर रही है. पांच साल तक सत्ता में रही कांग्रेस ने कोयला, शराब घोटाला किया. अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया.
वहीं घरेलू गैस की किल्लत पर विपक्ष के स्थगन पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 62 लाख से ज्यादा घरेलू कनेक्शन हैं. सरकार मॉनिटरिंग कर रही है, कहीं कोई कमी नहीं है. विपक्ष ने सदन में इस मुद्दे को लाने की कोशिश की. जबकि यह मामला विधानसभा का नहीं है, यह वैश्विक स्तर पर समस्या है.
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या को निपटाने के लिए लगातार कोशिश हो रही है. इसमें लगातार सकारात्मक पहल देखने मिल रही है. विपक्ष सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. विपक्ष की लोगों में पैनिक क्रिएट करने की कोशिश कर रहा है. कांग्रेस को अपनी बात रखनी है, तो सांसदों को मुद्दा रखना चाहिए.
दरअसल, विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अफीम खेती पर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि प्रदेश में अफीम की खेती हो रही है, वो भी बीजेपी से जुड़े लोग कर रहे हैं. प्रदेश के लोग पहले अफीम-डोडा देखे नहीं थे. अब नगरी, सिहावा तरफ भी अफीम की खेती की जानकारी मिली है. सरकार ने दोगुनी आय नहीं, बल्कि सौ गुना आय करने की रणनीति निकाली है. बीजेपी को सरकार में रहने की अधिकार नहीं है.
अफीम की खेती को नया स्टार्टअप बताते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि लोगों को अफीम की खेती से रोजगार मिलेगा. मेक इन छत्तीसगढ़ के तहत छत्तीसगढ़ का अफीम बना दिया है. सरकार ने अन्य फ़सल के तौर पर अफीम की खेती को लिखा है, मतलब फ़सल की श्रेणी में अफीम आ गया है.
छत्तीसगढ़ के IPS अमित कुमार केंद्र में ADG के लिए इम्पैनल्ड
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 1998 बैच के प्रतिष्ठित IPS अधिकारी अमित कुमार को केंद्र सरकार ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) रैंक के लिए इम्पैनल कर लिया है। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में इंटेलिजेंस चीफ (ADG इंटेलिजेंस) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात हैं, जिसकी जिम्मेदारी उन्हें जनवरी 2024 में सौंपी गई थी।
केंद्र सरकार द्वारा जारी हालिया आदेश के अनुसार, 1998 बैच के कुल 30 IPS अधिकारियों को ADG/ADG समकक्ष पदों के लिए पैनल में शामिल किया गया है, जिसमें अमित कुमार का नाम प्रमुखता से शामिल है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने पर अब केंद्र में ADG रैंक पर उनकी पोस्टिंग हो सकती है।
पहले भी केंद्र में निभाई अहम भूमिका
IPS अमित कुमार पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI (Central Bureau of Investigation) में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। राज्य में वे रायपुर, राजनांदगांव, बीजापुर, जांजगीर और दुर्ग जिले में एसपी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित
उनकी ईमानदार छवि, प्रशासनिक कुशलता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जनवरी 2025 में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal for Distinguished Service) से सम्मानित किया जा चुका है। राज्य पुलिस में वे भरोसेमंद और प्रभावशाली अधिकारियों में शुमार हैं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रूपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं है। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है और उनके जीवन में स्वावलंबन लाने का काम किया है।
श्रीमती राजवाड़े ने सदन में कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए ’किशोरी बालिका योजना’ के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ’शुचिता योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी के गारंटी को पूरा करने राज्य सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ’रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हेें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
समाज कल्याण विभाग
सदन को जानकारी देते हुए श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में लगभग 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को पेंशन का लाभ डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वृद्धाश्रमों के संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। इन्हीं बातों को ध्येय में रखकर हमारी सरकार सेवा, संवेदना और संकल्प के साथ समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल ने 10वीं–12वीं बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल किया जारी, जानें कब हैं कौन सी परीक्षा?
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल ने कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (हायर सेकेंडरी) बोर्ड परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी कर दिया है। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के लिए यह परीक्षा मार्च–अप्रैल 2026 में आयोजित की जाएगी। जारी टाइम टेबल के अनुसार हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षा 16 मार्च 2026 से शुरू होगी, जबकि हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा 17 मार्च 2026 से आयोजित होगी। परीक्षा एक पाली में सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक ली जाएगी।
बता दें कि छात्रों को परीक्षा केंद्र पर स्थान ग्रहण करने का समय सुबह 8:30 बजे, उत्तरपुस्तिका वितरण का समय सुबह 8:35 बजे, प्रश्न पत्र वितरण का समय 8:40 बजे और उत्तर लेखन कार्य का समय 8:45 से 11:45 बजे तक रखा गया है।
ओपन स्कूल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के लिए निर्धारित टाइम टेबल में शासन या स्थानीय अवकाश घोषित होने पर भी परीक्षाएं अपने निर्धारित कार्यक्रम अनुसार ही होंगी। हालांकि आवश्यक होने पर बोर्ड स्वयं परीक्षा तिथियों में परिवर्तन कर सकता है।
कब होंगी प्रायोगिक परीक्षाएं ?
ओपन स्कूल ने टाइम टेबल के साथ प्रायोगिक परीक्षा की जानकारी भी शामिल की है। परीक्षा केंद्राध्यक्ष 8 अप्रैल 2026 तक प्रायोगिक परीक्षा अपने सुविधा अनुसार संपन्न कराएंगे। सैद्धांतिक परीक्षा के दौरान छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा की सूचना अनिवार्य रूप से दी जाएगी। हायर सेकेंडरी सैद्धांतिक परीक्षा वाले दिन हाईस्कूल की प्रायोगिक परीक्षा और हाईस्कूल सैद्धांतिक परीक्षा वाले दिन हायर सेकेंडरी प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की जा सकती है। छात्र प्रायोगिक परीक्षा की तिथि और समय की जानकारी अपने परीक्षा केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा टाइम टेबल

छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल ने छात्रों को सलाह दी है कि वे समय सारणी, परीक्षा निर्देश और प्रायोगिक परीक्षा संबंधी जानकारी ध्यानपूर्वक नोट कर लें और परीक्षा केंद्र पर समय से उपस्थित हों।
नक्सलवाद, गैस संकट और अफीम खेती पर कांग्रेस का हमला, 17 मार्च को विधानसभा घेराव
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर नक्सलवाद, कानून व्यवस्था, महंगाई और गैस संकट को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सलवाद खत्म करने के सरकारी दावों का स्वागत तो किया है, लेकिन उन्होंने कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
बैज ने कहा कि अगर सच में नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है तो क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि मार्च के बाद प्रदेश में कोई नक्सली घटना नहीं होगी। किसी कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या नहीं होगी और किसी निर्दोष को फर्जी नक्सली बताकर जेल नहीं भेजा जाएगा या एनकाउंटर नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार यह भरोसा देगी कि प्रदेश के खनिज संसाधनों को निजी हाथों में नहीं बेचा जाएगा।
प्रदेश में अफीम की खेती को लेकर भी कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक बैज का कहना है कि कभी धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ को अब अफीम का कटोरा बनाया जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और प्रदेश में गैस की किल्लत को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत 17 मार्च को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है, जिसमें प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर चल रही बहस के बीच अब इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साल 2016 से ही सरकारें नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन देती रही हैं। ऐसे में अगर इस बार सच में नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है तो कांग्रेस इसका स्वागत करती है, क्योंकि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांति आना बेहद जरूरी है, लेकिन बैज ने सरकार से कई गंभीर सवाल भी पूछे हैं। उन्होंने कहा कि क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि मार्च के बाद प्रदेश में कोई नक्सली घटना नहीं होगी और किसी राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या नहीं होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या निर्दोष लोगों को फर्जी नक्सली बताकर जेल भेजने या एनकाउंटर करने जैसी घटनाएं पूरी तरह बंद हो जाएगी।
‘खनिजों को निजी कंपनियों को बेचने का सिलसिला नहीं चलेगा’
बैज ने खनिज संसाधनों के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश के खनिजों को निजी कंपनियों को बेचने का सिलसिला नहीं चलेगा। कांग्रेस ने प्रदेश में अवैध अफीम की खेती को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक बैज का कहना है कि छत्तीसगढ़ को कभी देश में धान का कटोरा कहा जाता था, लेकिन अब हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि प्रदेश को अफीम का कटोरा बना दिया गया है।
‘एजेंसियों में नहीं मिल रहे सिलेंडर, कई होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित’
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और प्रदेश में गैस की कमी को लेकर बैज ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद एजेंसियों में सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इसका असर आम परिवारों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ रहा है और कई जगहों पर कारोबार प्रभावित हो रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर अब कांग्रेस ने आंदोलन का रास्ता चुना है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत 17 मार्च को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। कांग्रेस का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
विधानसभा में खुलासा: पुलिस ने साल भर में वाहनों पर उड़ाए 350 करोड़
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने महज़ साल भर में किराए के वाहनों पर 130 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सरकारी एवं किराए के वाहनों पर डीजल-पेट्रोल के लिए 148 करोड़, मरम्मत पर 41 करोड़ तथा अन्य मदों पर 30 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। कुल मिलाकर यह खर्च लगभग 350 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ये आंकड़े राज्य विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा भाजपा विधायक राजेश मूणत के सवाल के लिखित जवाब में पेश किए गए हैं।
गृह विभाग की ओर से दिए गए जवाब में यह बताया गया है कि पुलिस विभाग के पास कुल 2618 हल्के वाहन, 720 मध्यम वाहन, 364 भारी वाहन और 6279 मोटरसाइकिल उपलब्ध हैं, जिनमें से कई पुराने एवं कंडम घोषित हो चुके हैं। आवश्यकता अनुसार जिला पुलिस इकाइयाँ वित्त विभाग के नियमों के तहत निजी वाहन किराए पर लेती हैं।
किराए पर लिए गए वाहनों की संख्या एवं खर्च-सभी जिलों का पूरा विवरण (16 फरवरी 2026 तक):
- रायपुर (रायपुर + रायपुर ग्रामीण) – 6600 वाहन, ₹15,51,44,247
- बिलासपुर – 3199 वाहन, ₹6,35,53,716
- जांजगीर-चांपा – 525 वाहन, ₹63,41,844
- दंतेवाड़ा – 2585 वाहन, ₹4,68,68,168
- सक्ती – 133 वाहन, ₹24,77,095
- सूरजपुर – 412 वाहन, ₹71,49,234
- धमतरी – 742 वाहन, ₹1,61,72,115
- कबीरधाम – 1913 वाहन, ₹4,10,84,415
- जशपुर – 1271 वाहन, ₹2,16,44,216
- मुंगेली – 2395 वाहन, ₹3,63,29,671
- नारायणपुर – 6809 वाहन, ₹8,50,39,622
- बलौदाबाजार-भाटापारा – 588 वाहन, ₹17,90,117
- महासमुंद – 377 वाहन, ₹86,68,431
- दुर्ग – 2300 वाहन, ₹3,47,48,067
- बलरामपुर-रामानुजगंज – 446 वाहन, ₹1,53,20,973
- कोंडागांव – 3048 वाहन, ₹5,49,38,020
- कोरिया – 131 वाहन, ₹24,68,578
- सुकमा – 1752 वाहन, ₹7,40,85,772
- खैरागढ़-छुईखदान – 1081 वाहन, ₹91,51,783
- बस्तर – 3881 वाहन, ₹7,46,80,909
- बीजापुर – 6997 वाहन, ₹26,30,78,000
- रायगढ़ – 561 वाहन, ₹46,28,231
- सरगुजा – 1396 वाहन, ₹2,21,02,456
- कांकेर – 3659 वाहन, ₹7,58,31,996
- बेमेतरा – 272 वाहन, ₹58,42,399
- राजनांदगांव – 2511 वाहन, ₹4,63,03,800
- मोहला-मानपुर – 700 वाहन, ₹2,68,75,937
- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई – 1082 वाहन, ₹2,17,74,695
- कोरबा – 813 वाहन, ₹88,19,190
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – 366 वाहन, ₹92,16,887
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही – 493 वाहन, ₹81,58,499
- गरियाबंद – 2080 वाहन, ₹4,49,91,320
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ – 229 वाहन, ₹51,40,010
डीजल-पेट्रोल, मरम्मत एवं अन्य व्यय – सभी जिलों का जिला-वार विवरण
बस्तर संभाग
बीजापुर- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि-5.63 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 11.52 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 29.81 लाख
अन्य खर्च- 15.76 लाख
दंतेवाड़ा- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.77 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 2.27 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 15.38 लाख
अन्य खर्च- 12.88 लाख
नारायणपुर– सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 2.50 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 7.93 करोड़
मरम्मत पर खर्च -31.99 लाख
अन्य खर्च- 20.91 लाख
बस्तर– सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 2.8 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 4.59 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 21.86 लाख
अन्य खर्च- 24.70 लाख
सुकमा- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 2.14 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 3.6 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 38.84 लाख
अन्य खर्च- 17.80 लाख (शासकीय वाहन)/ 1.73 लाख (निजी वाहन)
कांकेर- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.79 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 4.77 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 14.38 लाख
अन्य खर्च- 11.05 लाख
कोंडागांव- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 95.50 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 2.91 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 14.13 लाख
अन्य खर्च- 8.39 लाख
अन्य संभाग की स्थिति
रायपुर कमिश्नरेट- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 5.82 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 9.36 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 55.08 लाख
अन्य खर्च- 30.40 लाख
गरियाबंद– सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 86.82 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 1.91 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 7.38 लाख
अन्य खर्च- 4.76 लाख
धमतरी– सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 2.37 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 4.60 लाख
मरम्मत पर खर्च – 12.76 लाख
अन्य खर्च- 24.71 लाख
दुर्ग- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 3.34 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 3.39 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 21.86 लाख
अन्य खर्च- 23.56 लाख
बेमेतरा- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 88.01 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 39.21 लाख
मरम्मत पर खर्च – 3.10 लाख
अन्य खर्च- 5.57 लाख
बालोद- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.16 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 39.87 लाख
मरम्मत पर खर्च – 9.08 लाख
अन्य खर्च- 13.68 लाख
बिलासपुर- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 2.17 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 0 (सभी मदें शून्य)
मरम्मत पर खर्च – 18.17 लाख
अन्य खर्च- 21.56 लाख
मुंगेली- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 89.46 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 15.41 लाख
मरम्मत पर खर्च – 6.87 लाख
अन्य खर्च- 11.69 लाख
कोरबा- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 88.84 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 30.36 लाख
मरम्मत पर खर्च – 11.77 लाख
अन्य खर्च- 7.68 लाख
जांजगीर-चांपा- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.18 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 24.40 लाख
मरम्मत पर खर्च – 12.15 लाख
अन्य खर्च- 16.22 लाख
सरगुजा- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.57 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 1.43 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 8.95 लाख
अन्य खर्च- 7.29 लाख
सूरजपुर- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 92.13 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 32.21 लाख
मरम्मत पर खर्च – 8.39 लाख
अन्य खर्च- 13.23 लाख
बलरामपुर-रामानुजगंज- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 92.12 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 23.31 लाख
मरम्मत पर खर्च – 6.91 लाख
अन्य खर्च- 5.48 लाख
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 54.29 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 15.09 लाख
मरम्मत पर खर्च – 2.83 लाख
अन्य खर्च- 4.37 लाख
राजनांदगांव- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.84 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 1.43 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 4.96 लाख
अन्य खर्च- 9.36 लाख
महासमुंद- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.17 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 56.08 लाख
मरम्मत पर खर्च – 7.58 लाख
अन्य खर्च- 6.85 लाख
रायगढ़- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 97.34 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 26.36 लाख
मरम्मत पर खर्च – 7.27 लाख
अन्य खर्च- 9.80 लाख
कबीरधाम- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.28 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 65.23 लाख
मरम्मत पर खर्च – 13.17 लाख
अन्य खर्च- 12.94 लाख
जशपुर- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 1.30 करोड़
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 1.27 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 3.55 लाख
अन्य खर्च- 10.89 लाख
कोरिया- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 49.84 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 0 (सभी मदें शून्य)
मरम्मत पर खर्च – 3.92 लाख
अन्य खर्च- 3.02 लाख
खैरागढ़-छुईखदान- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 69.75 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 1.60 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 3.33 लाख
अन्य खर्च- 6.83 लाख
मोहला-मानपुर- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 62.40 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 1.17 करोड़
मरम्मत पर खर्च – 7.53 लाख
अन्य खर्च- 10.81 लाख
सारंगढ़-बिलाईगढ़- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 44.23 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 15.59 लाख
मरम्मत पर खर्च – 4.15 लाख
अन्य खर्च- 4.33 लाख
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 45.79लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 26.82 लाख
मरम्मत पर खर्च – 4.67 लाख
अन्य खर्च- 4.19 लाख
बलौदाबाजार-भाटापारा- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 87.74 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 49.34 लाख
मरम्मत पर खर्च – 9.02 लाख
अन्य खर्च- 11.77 लाख
सक्ती- सरकारी गाड़ी पर डीजल-पेट्रोल के खर्च राशि- 69.92 लाख
निजी वाहनों पर डीजल-पेट्रोल में खर्च राशि- 9.16 लाख
मरम्मत पर खर्च – 8.38 लाख
अन्य खर्च- 9.55 लाख




CRPF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, नक्सलियों का IED डंप बरामद
गरियाबंद। जिले के थाना मैनपुर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ा नक्सली डंप मिला, जिसमें आईईडी बनाने की सामग्रियों के साथ दवाइयां और दैनिक उपयोग में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियां बरामद की गई.
65वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की F कंपनी, गरियाबंद पुलिस तथा गरियाबंद पुलिस की E-30 टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर 12 मार्च को कुल्हारीघाट, देवडोंगर, चारडीह, रानीभरझोला व आसपास के जंगल क्षेत्र में संयुक्त रूप से एरिया डोमिनेशन के साथ सर्च अभियान चलाया.
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को रानीभरझोला के जंगल क्षेत्र में एक संदिग्ध स्थान मिला. जांच के दौरान बम डिटेक्शन एंड डिस्पोज़ल (BDDS) डॉग स्क्वॉड की सहायता से नक्सलियों के डंप में की गई खुदाई में इलेक्ट्रिक वायर, बैटरी, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक फ्यूज, कॉर्डेक्स वायर, विस्फोटक पाउडर, पावर सोर्स, ट्रिगर मैकेनिज्म, कमांड वायर, कंटेनर सहित अन्य सामग्री बरामद की गई.
इसके अलावा मौके से कुछ मेडिकल सामग्री तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं. सभी सामग्रियों को सुरक्षा बलों द्वारा जब्त कर लिया गया है. सुरक्षा बलों के अनुसार, इस कार्रवाई से नक्सलियों की संभावित गतिविधियों को विफल करने में सफलता मिली है तथा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी. क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है.
छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बच्चों से पुताई करवाने पर कार्रवाई, हाईकोर्ट ने आरटीई सीटें घटाने पर सरकार से पूछा सवाल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आरटीआई से जुड़ी जनहित याचिका समेत अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि स्कूल में बच्चों से पुताई करवाने वाली प्राचार्या को हटा दिया गया है. वहीं, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सरकार से पूछा है कि चालू सत्र में आरक्षित सीटों की संख्या 85 हजार से घटकर सीधे 30 हजार कैसे कर दी गई? इस पर सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा देने को कहा गया है. इस मामले में 24 मार्च को सुनवाई होगी.
हाईकोर्ट ने मीडिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से शपथ पत्र मांगा था. बुधवार को पेश किए गए शपथ पत्र में बताया गया कि सूरजपुर के तिलसिवा के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल की प्राचार्या विधु शर्मा को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह सुनील महाजन को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. बताया गया कि जांच में पाया गया कि प्राचार्या का व्यवहार पालकों के प्रति बेहद रूखा और सख्त था. यह भी खुलासा हुआ कि वे बिना किसी आधिकारिक अनुमति के स्कूल परिसर में ही रह रही थीं, और उनके पति का भी वहां आना-जाना लगा रहता था.
सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरटीई के तहत दुर्ग में कुल 172 ऑफलाइन शिकायतों में से केवल 54 का निराकरण हुआ है, जबकि 118 मामले अब भी लंबित हैं. हाई कोर्ट ने दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी को इन्हें 2 सप्ताह के भीतर निपटाने का आदेश दिया है. रायपुर के एक निजी स्कूल द्वारा बिना आवश्यक मान्यता के प्रवेश विज्ञापन जारी करने पर हाई कोर्ट ने उसे नया पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया है.
कक्षा पहली में ही आरक्षण को चुनौती
हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका पर भी चर्चा हुई, इस याचिका में राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें आरटीई के तहत 25% आरक्षण को केवल पहली कक्षा तक सीमित कर दिया गया है और प्री-स्कूल यानी नर्सरी और केजी को इससे बाहर रखा गया है. इस मामले में याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह कानून का उल्लंघन है और राजस्थान हाईकोर्ट ने भी ऐसे ही एक प्रतिबंध को असंवैधानिक ठहराया है.
गैस की कमी को लेकर विधानसभा में जोरदार हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान महँगाई और गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा मचाया. आसंदी ने स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी.
सदन में गुरुवार को शून्यकाल में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने युद्ध के कारण गैस की कमी नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन गैस की क़िल्लत शुरू हो गई है. इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह मुद्दा राज्य का नहीं है, इसकी चर्चा यहाँ नहीं होनी चाहिए.
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुद्दा भले ही केंद्र का है, लेकिन व्यवस्था तो राज्य सरकार को देनी होगी. राज्य की जनता सफर कर रही है. इसके साथ ही सदन में विपक्ष ने मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया. हो-हंगामे के बीच आसंदी ने सदन की कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित की.
पांच मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोबारा विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा अजय चंद्राकर के घर खाना बन रहा हैं, ये केंद्र का विषय है. कालाबाजरी हो रही है. लोग सड़कों पर लोग लाइन में गैस के लिए सड़क में खड़े हैं.
भूपेश बघेल ने कहा व्यवसायिक गैस तो बंद कर दिया गया है, शादी का सीजन है, आज की स्थिति में बैगर गैस खाना नहीं बन सकता है. हम सभी को गैस सिलेंडर की ज़रूरत है सभी लोग चिंतित हैं. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रभाव है. लेकिन हमें अपने राज्य की समस्या पर चर्चा करना चाहिए.
इस पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव की माँग की, लेकिन आसंदी से स्थगन नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्यों ने गर्भगृह में जाकर हंगामा शुरु कर दिया. इस पर विपक्ष के 35 सदस्य स्वमेंव निलंबित हो गए.
कोटवार की नौकरी पर बेटे का दावा खारिज, हाईकोर्ट बोला– यह वंशानुगत पद नहीं
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है कि यह पद कोई वंशानुगत या खानदानी नहीं है, जिस पर केवल पूर्व कोटवार का बेटा ही हक जता सके. जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच निकट संबंधी होने के नाते मिलने वाली प्राथमिकता केवल तभी लागू होती है जब अन्य सभी योग्यताएं समान हों.
बेमेतरा जिले के नवागढ़ तहसील के ग्राम गनियारी में पदस्थ कोटवार खेलनदास पनिका का 6 नवंबर 2010 को निधन हो गया था. मृत्यु के बाद रिक्त पद के लिए उनके बेटे परदेशी राम और एक अन्य ग्रामीण रामबिहारी साहू ने आवेदन किया था. प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद राजस्व अधिकारियों ने रामबिहारी साहू को इस पद के लिए अधिक उपयुक्त पाया और उनकी नियुक्ति कर दी.
इस फैसले को परदेशी राम ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इसमें निकट संबंधी होने का हवाला देते हुए पिता की जगह अपनी नियुक्ति करने की मांग की थी. हाई कोर्ट ने इस मामले में दिए गए फैसले में कहा कि पुलिस रिपोर्ट के अनुसार परदेशी राम के खिलाफ वर्ष 1996 और 2013 में शांति भंग करने के आरोप में सीआरपीसी की धारा 107/116 के मामले दर्ज थे. कोटवार नियम 2 के तहत उम्मीदवार का चरित्र साफ होना अनिवार्य है.
वहीं, याचिका के समय परदेशी राम की उम्र 54 वर्ष थी, जबकि कोटवार की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है. वहीं, नियुक्त किए गए रामबिहारी साहू की उम्र 34 वर्ष थी. इस वजह से उसे लंबी सेवा के लिए अधिक उपयुक्त माना गया. इसके अलावा परदेशी राम केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ा है, जबकि चयनित उम्मीदवार रामबिहारी साहू पांचवीं पास हैं. हाई कोर्ट ने माना कि बेहतर शिक्षा कर्तव्यों के निर्वहन में सहायक होती है.
विरासत का दावा करना गलत
हाईकोर्ट ने कहा कि कोटवार का पद छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 के तहत एक सांविधिक पद है. यह कोई निजी संपत्ति नहीं है जिसे वारिस को सौंप दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न मामलों का हवाला देते हुए कहा कि अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट का काम यह देखना है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया सही थी या नहीं. राजस्व मंडल और कमिश्नर के आदेश को सही बताते हुए याचिका खारिज कर दी गई है.
राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग के लिए 153.82 करोड़ स्वीकृत, डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा –
रायपुर। राज्य शासन ने गरियाबंद जिले में मुख्य जिला मार्ग राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद के मजबूतीकरण और उन्नयन के लिए 153 करोड़ 82 लाख 34 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 35.5 किमी सड़क का मजबूतीकरण और उन्नयन किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग ने सड़क व पुल-पुलिया निर्माण के लिए 139 करोड़ 48 लाख 72 हजार रुपए तथा भू-अर्जन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 14 करोड़ 33 लाख 62 हजार रुपए मंजूर किए हैं। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इस साल 1 जनवरी को केन्द्रीय सड़क निधि योजनांतर्गत इस सड़क के मजबूतीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से आज राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने कहा, किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।
मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रूपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रूपए, मछली पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39,568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रूपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित व्यय के लिए 447 करोड़ 30 लाख रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रूपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए शामिल हैं।
कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूलभाव खेती-किसानी से जुड़ा है। यह हमारी आत्मा में बसी हुई है। राज्य में 70-80 प्रतिशत लोगों की कृषि पर निर्भरता है। छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश भी है। राज्य में विश्व स्तरीय जनजातीय संग्रहालय बनाकर हमने इतिहास में जगह नहीं पाने वाले जनजातीय नायकों को स्थान दिया है। हमारे इस विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय के अध्ययन के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और अधिकारी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर अमन-चैन और खुशहाली के रास्ते की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हमने “संकल्प” की थीम पर तैयार किया है। इस “संकल्प” से ही हम राज्य के विकास की सिद्धि को हासिल करेंगे।
श्री नेताम ने सदन में कहा कि कृषि उन्नति योजना के माध्यम से हम राज्य के किसानों का धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को हर साल 10 हजार रूपए की आदान राशि दे रहे हैं। इससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए गए कल्याणकारी फैसलों से खेती अब लाभ का व्यवसाय हो गया है। साथ ही खेती का रकबा बढ़ रहा है, किसान समृद्ध और किसान खुशहाल हो रहे हैं।
आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में खाद्य पोषण सुरक्षा और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों एवं पड़ती भूमि में मसूर, तिवरा, चना जैसे दलहनी फसलों की खेती के लिए उन्नत बीज तैयार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक फसली जमीन को दो फसली बनाने के काम को अभियान के रूप लेना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देने हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहले भी हमारी सरकार ने गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया है, शेष जिलों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरसों, अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की जा रही है।
श्री नेताम ने सदन में बताया कि किसानों के लिए हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने कम पानी में अधिक फसल लेने की तकनीकों की जानकारी भी दी जा रही है। किसानों को “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
श्री नेताम ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सभी काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध का उत्पादन बढ़ाने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में हरे चारे के विकास के लिए 7.50 करोड़, चिलिंग प्लांट के लिए 50 लाख, शूकर वितरण के लिए 5 करोड़ और बकरी वितरण के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य बीजों के उत्पादन में बेहतर काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ इसके उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर अब 6वें से 5वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि धमधा के राजपुर में मत्स्य कॉलेज के लिए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए इस बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
श्री नेताम ने अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि वनांचलों में बड़ी संख्या में आश्रम-छात्रावासों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। विगत दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनके निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की अति पिछड़ी जनजातियों को आत्मनिर्भर बनाने कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में बीजापुर में 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय बनाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से हमारी सरकार प्रदेश के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस योजना के तहत अनेक गांवों का कायाकल्प हुआ है।
कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण पुन्नुलाल मोहले, व्यास कश्यप, मोतीलाल साहू, कवासी लखमा, धर्मजीत सिंह, जनक ध्रुव, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, धरमलाल कौशिक, रामकुमार यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, लता उसेंडी, अंबिका मरकाम, भावना बोहरा और सावित्री मंडावी ने भाग लिया।
स्वास्थ्य विभाग में बड़ी कार्रवाई: अस्पतालों में संलग्न व्यवस्था खत्म होगी
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में जिला जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संलग्न को समाप्त किए जाने की घोषणा की. इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बात की घोषणा विधायक प्रबोध मिंज के सवाल पर की. विधायक ने मंत्री से सरगुजा जिले अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत पद एवं उनके विरुद्ध वर्तमान में पदस्थ कर्मचारियों की जानकारी, विधानसभावार उपलब्ध कराने के साथ, कौन-कौन से कर्मचारी कब से एवं कहां अन्यत्र संलग्न किए गए हैं?, रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर कर्मचारी पदस्थ किए जावेंगे?, सरगुजा जिले में भवनविहीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी विधानसभावार उपलब्ध करावें एवं कब तक क्षेत्रों में भवन उपलब्ध करावेंगे?
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका
रायपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को अपने बैंक खाते की जानकारी में सुधार करने के लिए 15 मार्च 2026 तक का अंतिम अवसर दिया गया है।
रायपुर जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई में अध्ययनरत ऐसे अनुसूचित जाति विद्यार्थी, जिनका शिक्षा सत्र 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान बैंक खाता बंद होने या आधार से सीडिंग नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति की राशि उनके खाते में जमा नहीं हो पाई है, वे अपने बैंक खाते की जानकारी में सुधार कर सकते हैं।
विद्यार्थियों को अपने बैंक खाते और आधार सीडिंग से संबंधित त्रुटियों का सुधार http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन 15 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद बैंक खाता या आधार सीडिंग से संबंधित सुधार का अवसर नहीं दिया जाएगा।
यदि तय समय सीमा तक विद्यार्थी अपने खाते की त्रुटि में सुधार नहीं करते हैं और छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल पाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यार्थी की होगी।
किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विद्यार्थी अपने संस्थान के छात्रवृत्ति प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वे कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, रायपुर (कलेक्टोरेट परिसर, कक्ष क्रमांक 40, छात्रवृत्ति शाखा) में कार्यालयीन समय के दौरान भी संपर्क कर सकते हैं।