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‘सरगुजा महाराज’ में कांग्रेस की गुटबाजी पर टीएस सिंहदेव की प्रतिक्रिया, बोले—
रायपुर। ‘सरगुजा महाराज’ वाट्सअप ग्रुप में दिखी कांग्रेस की गुटबाजी पर पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि कल यह बात मेरी जानकारी में आई थी. तब यह पता चला कि मैं भी ग्रुप का एडमिन हूं. मैं विचारों के आदान-प्रदान का स्वागत करता हूं. मैं चाहता हूं कि स्वच्छ विचारों में मतांतर होना चाहिए. अगर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है, तो उन्हें हटाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि राम जी का नाम भी मिशन में सम्मिलित कर दिया, जबकि भगवान राम का इस मिशन में नाम में नहीं है. छल देखिए रूरल आजीविका मिशन को यहां भी भगवान के साथ जोड़ा जा रहा है.
वहीं 2 साल में कई मंत्रियों के OSD और PA बदले जाने पर टीएस सिंहदेव ने कहा कि OSD हो या PA, निरंतर निगरानी होनी चाहिए. OSD और PA भी अधिकारिक तंत्र का हिस्सा है. जनहित में काम के बजाए अनैतिक कार्यों की बात आ रही है.
तमिलनाडु-पांडिचेरी पीसीसी स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा जाएगा. चुनौती जीतने की है. जिस संगठन में आप सदस्य है. समय-समय पर, स्थिति अनुसार जवाबदारी देता है.
परीक्षा पे चर्चा में छत्तीसगढ़ अव्वल: देश के अभिभावकों के लिए बना रोल मॉडल
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है।



अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है।
'परीक्षा पे चर्चा' में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है।
इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है।
परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है।
इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शीतकालीन अवकाश के दौरान आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” में सभी विद्यालयों, समुदाय, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और इस आयोजन के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इस सफलता से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी परीक्षा पे चर्चा मेलों का आयोजन किया जा रहा है और लोग उत्साहपूर्वक इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में परीक्षा पे चर्चा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पंजीयन प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई और वहीं पर पंजीयन कराने में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों द्वारा बहुत बड़ी संख्या में पंजीयन किया गया।
पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी और इस बात की पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि “परीक्षा पे चर्चा” माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इस संवाद में परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाता है तथा पालकों को यह संदेश भी दिया जाता है कि वे अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि बच्चों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाएँ। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को तनाव का विषय न मानकर उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक सामाजिक चेतना विकसित कर रही है।
“परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त की गई यह उपलब्धि पूरे राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाने का जो संदेश दिया गया है, उसे छत्तीसगढ़ ने दिल से अपनाया है। कुल पंजीयन में देश में चौथा स्थान और पालक सहभागिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे यहां अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ी है और वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इसी उत्साह के साथ हम 30 लाख से अधिक पंजीयन के लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने के इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते रहेंगे।”
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
इंदौर मॉडल पर रायपुर को संवारने की कवायद तेज, ड्रेनेज और डंपिंग यार्ड का 5 घंटे चला मैदानी निरीक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को स्वच्छता और सुनियोजित शहरी विकास के क्षेत्र में इंदौर मॉडल पर विकसित करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने रविवार को करीब पांच घंटे तक शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर ड्रेनेज सिस्टम और डंपिंग यार्ड की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान विधायक मूणत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे नालों का गंदा पानी किसी भी स्थिति में खारून नदी में न जाए।
सरोना डंपिंग यार्ड का निरीक्षण
निरीक्षण की शुरुआत सरोना डंपिंग यार्ड से की गई, जहां कचरा हटाने का काम तेजी से जारी है। पोकलेन मशीनों की मदद से अब तक लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र साफ किया जा चुका है। जनप्रतिनिधियों ने शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के साथ-साथ सरोना क्षेत्र की खाली शासकीय भूमि का तत्काल सीमांकन करने के निर्देश दिए। इन जमीनों पर जनहित से जुड़ी नई परियोजनाओं के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
नालों के पानी से निगम को होगी आय
चिंगरी और पीहर नाले के निरीक्षण के दौरान विधायक राजेश मूणत ने कहा कि नालों की सफाई इस तरह की जाए कि पानी ओवरफ्लो न हो और सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि एसटीपी में उपचारित पानी को औद्योगिक संस्थानों को उपलब्ध कराकर नगर निगम के लिए स्थायी आय का स्रोत विकसित किया जा सकता है।
खारून नदी की शुद्धता पर जोर
महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को चेताया कि रायपुर में किसी भी तरह की अव्यवस्था या स्वच्छता से जुड़ी अप्रिय स्थिति न बनने पाए। उन्होंने चंदनीडीह स्थित 75 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी और स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि खारून नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए नालों का गंदा पानी सीधे ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाए।
निरीक्षण में रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जोन 8 अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर, पार्षद महेंद्र औसर, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता पी. राजेश नायडू, इमरान खान, जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल सहित स्वच्छ भारत मिशन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
SI, सूबेदार और प्लाटून कमांडर के पदों पर भर्ती के लिए इस तारीख से शुरू होगा दस्तावेज सत्यापन और फिजिकल टेस्ट, देखें पूरा शेड्यूल
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने गृह पुलिस विभाग के अंतर्गत सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर पदों पर भर्ती परीक्षा–2024 की चयन प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण (PMT) की तिथियों की घोषणा की है।
आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, रायपुर एवं राजनांदगांव में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर होगी। अभ्यर्थियों को उनके प्रवेश पत्र में दर्शाए गए केंद्र पर निर्धारित तिथि को उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग समय सुबह 7 बजे निर्धारित किया गया है, जबकि शारीरिक माप परीक्षण सुबह 8 बजे से शुरु किया जाएगा। निर्धारित समय के बाद उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षण में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के लिए प्रवेश पत्र 26 दिसंबर 2025 को जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, परीक्षा और चयन प्रक्रिया से संबंधित अन्य आवश्यक निर्देश भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं।
आयोग ने अभ्यर्थियों को सूचित किया है कि प्रवेश पत्र डाक या किसी अन्य माध्यम से व्यक्तिगत रूप से नहीं भेजे जाएंगे। इसलिए सभी अभ्यर्थी समय रहते वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ निर्धारित तिथि व केंद्र पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर ही दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण में सम्मिलित हों, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
यातायात जागरूकता अभियान: पुलिस ने चालकों को नियमों की दी जानकारी, फिर नि:शुल्क हेलमेट वितरित किए
बलौदाबाजार। वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी देने तथा नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित वाहन चलाने की समझाइश देने पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता मातहतों के साथ सड़क पर उतरकर जागरूकता अभियान चलाया.
अभियान के दौरान युवाओं को सबक के साथ यातायात नियमों का पाठ पढ़वाया और निशुल्क हेलमेट प्रदान किया और हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों का सम्मान किया तो चार पहिया वाहन और भारी वाहन चालकों को सीटबेल्ट लगाकर ही वाहन चलाने की समझाइश दी गई. वहीं मोडिफाइड साइलेंसर को निकलवाया भी गया. इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अभिषेक सिंह सहित पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल थे.

पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि जिले में पुलिस द्वारा यातायात जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है यह पूरे जनवरी माह चलेगा इस दौरान वाहनों की जांच के साथ ही चालकों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही नियमों के पालन करने से मिलने वाले फायदे बताये जाएंगे. इसके अलावा स्कूलों, कालेजों में भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि आज हमने शुरुआत की है. निशुल्क हेलमेट वितरण किया गया है. मै सभी वाहन चालकों से से अपील करती हूँ कि यातायात नियमों का पालन करें और वाहन चलाते समय आवश्यक कागजात अवश्य रखें और दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहन कर ही वाहन चलाएं. नाबालिगों को दोपहिया वाहन की जगह साइकिल दें, जिससे उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा.

लिमहाटोला में सड़क हादसा: खड़ी बस को ट्रक ने मारी टक्कर, चार यात्री घायल, चालक फरार
बालोद। डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम लिमहाटोला में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ। यात्रियों को उतारने के लिए सड़क किनारे खड़ी एक यात्री बस को पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के आगे खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी चपेट में आ गईं।
जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल सवार सड़क किनारे बाइक खड़ी कर चिकन खरीदने गए थे, तभी यह दुर्घटना हुई। हादसे में बस में सवार तीन महिलाएं और एक पुरुष घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अपने वाहन से तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
बताया गया कि दादा ट्रेवल्स की यह बस भानुप्रतापपुर से दल्लीराजहरा जा रही थी, जिसमें 40 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिससे क्षेत्र में लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
मनरेगा नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, 10 जनवरी से शुरू होगा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’
रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव के प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। ग्रामीण आजीविका और काम के अधिकार पर इसे सीधा हमला बताते हुए कांग्रेस कार्यसमिति ने 27 दिसंबर को हुई बैठक में सर्वसम्मति से “मनरेगा बचाओ संग्राम” नाम से राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल करना है।
कांग्रेस के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 10 जनवरी को जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस से होगी। 11 जनवरी को जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों—जैसे महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के समीप—एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी नेता, निर्वाचित जनप्रतिनिधि और मनरेगा श्रमिक शामिल होंगे।
पंचायत स्तर तक पहुंचेगा आंदोलन
12 से 29 जनवरी के बीच सभी ग्राम पंचायतों में चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व सरपंचों, रोजगार सेवकों और मनरेगा मजदूरों तक पहुंचाए जाएंगे। साथ ही विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण भी किया जाएगा।
धरना और ज्ञापन का कार्यक्रम
30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरने आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अहिंसा, संवैधानिक मूल्यों और काम के अधिकार को केंद्र में रखा जाएगा। इसके बाद 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला कलेक्टर कार्यालयों के सामने मनरेगा बचाओ धरना दिया जाएगा और वीबी-जीराम जी विधेयक को वापस लेने तथा मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
विधानसभा घेराव और राष्ट्रीय रैलियां
कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव भी करेगी। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। अभियान के अंतिम चरण में एआईसीसी द्वारा देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बड़ी रैलियों का आयोजन किया जाएगा, जिनकी तिथियां और स्थान बाद में घोषित किए जाएंगे।
चैतन्य बघेल की रिहाई पर सियासी हलचल तेज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत बोले— सत्य की जीत, षड्यंत्रों का अंत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को शराब घोटाला मामले में सशर्त जमानत मिलने और रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद प्रदेश की राजनीति में प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जेल पहुंचकर चैतन्य बघेल से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं।
फेसबुक पर साझा पोस्ट में चरणदास महंत ने लिखा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।” उन्होंने बताया कि जमानत मिलने के बाद वे सेंट्रल जेल पहुंचकर चैतन्य बघेल के उत्साहवर्धन के लिए उपस्थित रहे। महंत ने अपने संदेश में कहा कि षड्यंत्रों के बादल छंट चुके हैं और अब न्याय का सूर्य उदित हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस पूरे संघर्ष में वे और उनका दल मजबूती से साथ खड़े रहे और न्याय के लिए यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आई और न्याय की जीत हुई।
उल्लेखनीय है कि चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एसीबी/ईओडब्ल्यू से जुड़े मामलों में सशर्त जमानत मिली है। करीब 168 दिनों तक जेल में रहने के बाद उनकी रिहाई को कांग्रेस नेताओं ने सत्य और न्याय की विजय बताया है। रिहाई के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह का माहौल है और लगातार नेताओं के समर्थन भरे बयान सामने आ रहे हैं।
बालोद में जंबूरी 2026 पर विवाद गहराया, टेंडर से पहले कार्य शुरू होने का आरोप, कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बालोद जिले में प्रस्तावित जंबूरी 2026 आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही कार्य कराए जाने का दावा किया गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में विभागीय मंत्री और अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुबोध हरितवाल ने आरोप लगाया कि जंबूरी आयोजन से संबंधित टेंडर 3 जनवरी को जेम पोर्टल पर खुलना था, लेकिन उससे पहले ही शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, बालोद स्थित आयोजन स्थल पर एक निजी कंपनी द्वारा काम शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मौके पर भारत किराया भंडार के ट्रक, सामग्री और श्रमिकों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि काम पहले से तय था।
कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी, तब किसके निर्देश पर संबंधित कंपनी को कार्य शुरू करने की अनुमति दी गई। साथ ही यह भी सवाल किया गया कि जेम पोर्टल जैसी पारदर्शी प्रणाली होने के बावजूद टेंडर से जुड़ी जानकारी पहले कैसे सार्वजनिक हुई। कांग्रेस ने मंत्री गजेंद्र यादव की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए पूछा कि क्या संबंधित कंपनी को पहले ही काम मिलने का आश्वासन दिया गया था।
कांग्रेस का कहना है कि नियमों का पालन करते हुए टेंडर प्रक्रिया का इंतजार कर रहे अन्य निविदाकर्ताओं के साथ अन्याय हुआ है और इससे होने वाले संभावित नुकसान की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। सुबोध हरितवाल ने बताया कि जंबूरी 2026 का आयोजन 9 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित है और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की है, ऐसे में विभागीय मंत्री और अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच आवश्यक है।
कांग्रेस ने टीएस सिंहदेव को अहम जिम्मेदारी सौंपी, तमिलनाडु और पुडुचेरी स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष नियुक्त
रायपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों के लिए स्क्रीनिंग कमेटियों की घोषणा कर दी है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।
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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान : आपात स्थितियों से निपटने एनएचएआई की पहल, दुर्घटना प्रबंधन को लेकर मॉकड्रिल आयोजित
रायपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर एक लाइव मॉक-ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक-ड्रिल के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों और एनएचएआई के फील्ड स्टाफ को विभिन्न आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के तरीकों का लाइव प्रदर्शन किया।
इस दौरान हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर देने की सही और वैज्ञानिक तकनीक का डेमो दिया गया। साथ ही अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई जैसी मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। मॉक-ड्रिल में वाहन में तकनीकी खराबी और सड़क दुर्घटना के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित तरीके से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने के बारे में विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कोहरे और रात्रि यात्रा में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयास
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एनएचएआई द्वारा सर्दियों के मौसम में कोहरे और रात के समय यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील भी की जा रही है।
रायपुर में निगम का बुलडोजर एक्शन: टाटीबंध और सोनडोंगरी में अवैध कब्जों पर कार्रवाई, 18 दुकानें व 15 निर्माणाधीन मकान ध्वस्त
रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध कब्जों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ नगर पालिक निगम ने सख्ती तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को जोन क्रमांक 8 की टीम ने टाटीबंध और सोनडोंगरी क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। अभियान के दौरान अवैध रूप से निर्मित 18 दुकानों और 15 निर्माणाधीन मकानों को ध्वस्त किया गया।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। वीर सावरकर नगर (वार्ड क्रमांक 1) के अंतर्गत अटारी जाने वाले मार्ग और ट्रांसपोर्ट नगर टाटीबंध के पास करीब 20 हजार वर्गफीट क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से बनाई गई 18 दुकानों को जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह गिरा दिया गया।
इसके अलावा पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड (वार्ड क्रमांक 2) के अवधपारा, सोनडोंगरी इलाके में की गई अवैध प्लॉटिंग पर भी बुलडोजर चला। यहां बिना किसी अनुमति के लगभग 15 मकानों का निर्माण किया जा रहा था, जिन्हें निगम की टीम ने तोड़ दिया। साथ ही अवैध कॉलोनी में काटी गई सड़कों को भी नष्ट किया गया।
जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने और अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान में कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर, उप अभियंता लोचन चौहान, अबरार खान सहित नगर निवेश विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।
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दो साल में किसानों को 94,960 करोड़ का भुगतान, धान खरीदी में रिकॉर्ड; कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गिनाईं विभागीय उपलब्धियां
रायपुर। कृषि, किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दो वर्षों के कार्यों को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभागीय उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर काम कर रही है और “विकसित भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर नीतियां लागू की जा रही हैं। मंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में किसानों को सीधे उनके खातों में कुल 94 हजार 960 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जिससे प्रति किसान औसतन लगभग 3 लाख रुपये का लाभ पहुंचा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने खाद और बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की है। पहले यह एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब व्यवस्था मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगी। अब तक 18,644 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए जा चुके हैं और तय समयसीमा तक शेष किसानों से भी धान खरीदी पूरी कर ली जाएगी। बीते दो वर्षों में प्रदेश में धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।
मंत्री नेताम ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, गौधाम योजना के तहत गौठानों की स्वीकृति, पशुओं के इलाज और देखभाल की व्यवस्थाओं तथा पॉम ऑयल की खेती के प्रति बढ़ते रुझान की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि किसान अब दलहन, तिलहन और मसालों की खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
इस मौके पर कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने विभागीय कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मिट्टी की उर्वरता और जलवायु को ध्यान में रखते हुए कृषि योजनाएं बनाई जा रही हैं। प्राकृतिक उर्वरकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और एग्रिस्टेक पोर्टल के माध्यम से संसाधनों का आबंटन किया जाएगा। रबी फसलों के क्षेत्र विस्तार के साथ दलहन और तिलहन को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है।
शहला निगार ने बताया कि 2047 विजन के तहत फसल उत्पादन में वैल्यू एडिशन पर फोकस किया जा रहा है और किसानों के एफपीओ को बढ़ावा दिया जाएगा। पिछले दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख किसानों को सहायता दी गई है। धान किसानों को रिकॉर्ड 25,265 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें वर्ष 2023-24 में 13,289 करोड़ और 2024-25 में 11,976 करोड़ रुपये शामिल हैं। वहीं 33 हजार गन्ना किसानों को 92.57 करोड़ रुपये का गन्ना बोनस दिया गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 1.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपये का लाभ मिला है और खरीफ 2025 से धान के अलावा अन्य फसलों के किसानों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। एससी-एसटी और महिला किसानों को बीज प्रमाणीकरण शुल्क पर शत-प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती के लिए 23,050 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है। बीते दो वर्षों में 21 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं, जबकि 2,200 से अधिक किसानों को ट्रैक्टर और 5,000 से ज्यादा किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश में 22 हजार हेक्टेयर में ड्रिप और स्प्रिंकलर से सूक्ष्म सिंचाई, 38 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती और 50 हजार हेक्टेयर में जैविक प्रमाणीकरण किया गया है। छत्तीसगढ़ में 36 गौ-धाम को मंजूरी मिली है, जिनमें से 11 पहले से संचालित हैं और प्रत्येक गौ-धाम में 150 से 200 घुमंतू पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है। आने वाले समय में पशु नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ई-नाम पोर्टल में छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड को प्रथम पुरस्कार मिला है। मत्स्य बीज उत्पादन और मत्स्य पालन में छत्तीसगढ़ देश में छठे स्थान पर है और वर्ष 2025 में झींगा सह मछली पालन की शुरुआत की जाएगी। सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं और किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
हिड़मा के उत्तराधिकारी बरसे देवा ने किया आत्मसमर्पण, 48 नक्सलियों के साथ हथियार डाले; PLGA बटालियन बिखरी
रायपुर। माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। कुख्यात नक्सली नेता और हिड़मा का उत्तराधिकारी माने जाने वाले बरसे देवा ने शनिवार को तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उसके साथ 48 अन्य नक्सलियों ने भी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।
कौन था बरसे देवा
माओवादी नेता हिड़मा के मारे जाने के बाद संगठन ने बरसे देवा को उसकी जगह शीर्ष जिम्मेदारी सौंपी थी। माना जाता है कि उसके आत्मसमर्पण के साथ ही माओवादियों की सबसे घातक मानी जाने वाली पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन लगभग पूरी तरह टूट चुकी है। पुलिस के अनुसार, बरसे देवा संगठन के लिए अत्याधुनिक हथियारों की व्यवस्था और सप्लाई नेटवर्क संभालने में अहम भूमिका निभाता था।
डीजीपी का बयान
तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं दी जाएंगी। प्रारंभिक सहायता के रूप में प्रत्येक को 25 हजार रुपये का चेक सौंपा गया है। साथ ही, जिन पर इनाम घोषित था, उन्हें नियमों के अनुसार इनामी राशि भी प्रदान की जाएगी।
क्यों अहम है यह आत्मसमर्पण
बरसे देवा और उसके साथियों का आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हिड़मा के बाद बरसे देवा ही सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती था। एक साथ बड़ी संख्या में शीर्ष नक्सलियों के हथियार डालने से इस इलाके में माओवादी गतिविधियों के लगभग समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।
15 जनवरी को सेना दिवस पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में होगा ऐतिहासिक ‘सामूहिक वन्देमातरम’ का आयोजन, सांसद बृजमोहन ने ली तैयारियों को लेकर ली बैठक
रायपुर। 15 जनवरी को सेना दिवस के पावन अवसर पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिलेगा। वन्देमातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रायपुर एवं बलौदा बाजार–भाटापारा जिले के सभी शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में एक साथ सामूहिक वन्देमातरम गान का ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज संबंधित विभागों, शिक्षा संस्थानों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रायपुर और बलौदा बाजार–भाटापारा क्षेत्र के लगभग 3000 स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यह आयोजन होगा, जिसमें करीब 5 लाख विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 25,000 विद्यार्थी एक साथ वन्देमातरम का सामूहिक गान करेंगे। जिनके ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में NCC, NSS, रेडक्रॉस तथा स्काउट्स एंड गाइड्स के कैडेट्स की भी सक्रिय सहभागिता रहेगी। सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सुबह 11 बजे एकत्रित होंगे। पहले प्रस्तावना का वाचन होगा और ठीक 12:55 बजे पूरे क्षेत्र में एक साथ वन्देमातरम गान आरंभ होगा। इसके पूर्व 11:30 से 12:30 बजे तक देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि महान साहित्यकार एवं राष्ट्रभक्त कवि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा 7 नवंबर 1875 को रचित वन्देमातरम गीत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जन-जन के भीतर राष्ट्रभक्ति की चेतना जगाने का कार्य किया। उसकी 150वीं वर्षगांठ और सेना दिवस जैसे गौरवपूर्ण अवसर पर यह आयोजन आज की पीढ़ी के मन में समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और सुदृढ़ करेगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक गीत का सामूहिक गायन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, सेना के सम्मान और भारत माता के प्रति अटूट श्रद्धा से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, निजी विश्वविद्यालय आयोग के अध्यक्ष वी के गोयल, पंडित रविशंकर विवि के कुलसचिव एस के पटेल, कुलसचिव तकनीकी विवि के कुलसचिव दिनेश सिन्हा, आयुष विवि के कुलसचिव, एडिशनल डायरेक्टर एविएशन सूरज कुमार साहू, डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ ए एस कन्नौजे, एडिशनल कमिश्नर नगर निगम मनोज पांडेय,
एनसीसी से स्क्वाड्रन लीडर एम जोरार, जिला स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक एम मिंज, एनटीपीसी के डीजीएम कम्युनिकेशन सहदेव सेठी, डॉ. लुकेश्वर सिंह गजपाल, प्रोग्राम कोआर्डिनेशन एनएसएस रायपुर, मृत्युंजय शुक्ला सचिव स्काउट्स एंड गाइड्स , प्रवेश जोशी जिला खेल अधिकारी, श्रीकांत चितले कृषि विवि, लक्ष्मी सिंह जवाहर नवोदय विद्यालय माना उपस्थित रहे।
भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल जेल से रिहा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कंधों पर उठाकर किया जोरदार स्वागत, गूंजे नारे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात, ‘बस्तर पंडुम 2026’ में किया आमंत्रित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोक जीवन से अवगत कराते हुए कहा कि बस्तर पंडुम राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।