प्रदेश
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर घिरी सरकार, मंत्री अरुण साव ने जांच के दिए आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की जांच कराए जाने की घोषणा की. सदन में सत्ता पक्ष के ही विधायकों के स्मार्ट सिटी के कार्य में भ्रष्टाचार को लेकर घेरा, जिसके बाद मंत्री ने जांच की घोषणा की.
सत्ता पक्ष के विधायक सुनील सोनी ने कहा कि रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 30 करोड़ का काम हुआ है. अकेले म्यूजिकल फाउंटेन में 5.24 करोड़ का खर्च हुआ है. हमारी शिकायत पर ही केंद्र सरकार ने जांच कराई थी. जांच में 18 लाख खर्च हुए थे, जांच रिपोर्ट पटल पर रखी जाए.
सुनील सोनी के अलावा भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक ने भी स्मार्ट सिटी के कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. इस पर मंत्री अरुण साव ने कहा कि किसी भी शिकायत और गड़बड़ी का परीक्षण कराएंगे. दोषी पर कारवाई भी होगी.
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव ने में ध्यानाकर्षण में सिरपुर महोत्सव में आय-व्यय एवं संचालन व्यवस्था में अनियमितता का मुद्दा उठाया. जवाब देते हुए संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि महोत्सव के आयोजन के लिए 15 लाख रुपए का आबंटन किया गया. चिन्हारी पोर्टल में सभी जानकारी उपलब्ध है.
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 10 लाख रुपए प्रचार के लिए खर्च किया गया. यह कहना उचित नहीं है कि अनियमितता हुई है. बाहर से आए गेस्ट को कोई भुगतान नहीं किया है. इस पर द्वारकाधीश यादव ने कहा कि हंसराज रघुवंशी 60 लाख रुपए एक कार्यक्रम का लेता है. इस पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह कहना गलत है कि बाहर से आए गेस्ट कलाकार को भुगतान नहीं किया गया.
मंत्री ने बताया कि प्रशासन के द्वारा ऑनरिकॉर्ड भुगतान किया गया है. इस पर विधायक ने कहा कि क्या भुगतान का जांच करेंगे. इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जांच करने की बात कही.
छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…
रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस भीषण संघर्ष की स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए पश्चिम एशिया में मौजूद राज्य के नागरिकों की सहायता और समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार लेखा अजगल्ले, लॉयजन अधिकारी, कार्यालय आवासीय आयुक्त, छत्तीसगढ़ भवन नई दिल्ली को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें पश्चिम एशिया क्षेत्र में आवागमन और वहां मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए उनका संपर्क नंबर भी जारी किया है। आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल नंबर 8349840582, कार्यालयीन दूरभाष 011-46156000 तथा फैक्स नंबर 011-46156030 पर संपर्क किया जा सकता है।

रोक के बावजूद ‘7 हिल्स’ बियर की बिक्री, जांच के बाद विक्रेता पर गिरी गाज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विदेशी बियर की सप्लाई में बड़ा झोल का मामला एक बार फिर से चर्चे में है। आबकारी विभाग की जांच में पाया गया कि राजनांदगांव में रोक के बावजूद “सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स 500 एमएल” बियर बेची गई। मामले की जांच के बाद मुख्य विक्रेता कैलाश देवांगन को सेवा से पृथक करने और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं प्रीमियम मदिरा दुकान राजदीप इंटरप्राइजेस के प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव की सरकारी मदिरा दुकान में बियर के लेबल और रैपर बदलकर बिक्री की गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स 500 एमएल कैन में असल में “गोल्डन प्राइड प्रीमियम लेगर बियर” भरी हुई थी। जांच में पता चला कि इस बियर का निर्माण 15 अक्टूबर 2025 को हुआ था और इसकी वैधता 13 अप्रैल 2026 तक थी।
आबकारी विभाग के रोक के बावजूद बिक्री करने पर कार्रवाई करते हुए मुख्य विक्रेता कैलाश देवांगन को सेवा से पृथक करने और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया आरंभ की है। साथ ही दुकान प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी यह भी सामने आई है कि मनपसंद ऐप पर सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स 500 एमएल कैन उपलब्ध था, जिसे युवक ने ख़रीदा। उसके बाद लेबल और रैपर बदलकर बियर बेचने का मामला उजागर हुआ और सोशल मीडिया पर वीडियो काफी वायरल हुआ।
निर्माता कंपनी ने किया था बड़ा झोल
सबसे पहले आबकारी विभाग ने 17 नवंबर 2025 को सूरजपुर जिले की लटोरी और रायगढ़ जिले की बड़ेरामपुर विदेशी मदिरा दुकानों में निरीक्षण के दौरान बियर कैन में गड़बड़ी पाई थी। जांच में पाया गया कि “सुपर स्ट्रांग 7 हिल्स 500 एमएल” कैन से लेबल हटाने पर अंदर “गोल्डन बर्ड प्रीमियम लेगर बियर” का प्रिंट दिखाई दे रहा था। यह बियर माइकल ब्रेवरेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित बताई गई। मामले की पुष्टि होने के बाद आबकारी विभाग ने राज्य के सभी गोदामों से संबंधित बियर की सप्लाई रोक दी और प्रदेश की सभी विदेशी मदिरा दुकानों में इस ब्रांड की बिक्री पर रोक लगा दी। वहीं कंपनी को शराब दुकानों से बचे हुए स्टॉक्स को वापस ले जाने भी निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी तक कंपनी ने बियर की पेटियों का पूरी तरह से उठाव नहीं किया है।
आबकारी आयुक्त कार्यालय ने इसे छत्तीसगढ़ एक्साइज एक्ट 1915 और विदेशी मदिरा नियम 1996 के उल्लंघन के रूप में माना और कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कंपनी से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया। विभाग को कंपनी की ओर से प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर 7 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया गया। सुनवाई के बाद आबकारी विभाग ने कंपनी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अफीम खेती मामले में सख्त कार्रवाई: भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के भाई की अवैध संपत्ति पर चला बुलडोजर
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती मामले में लगातार कार्रवाई हो रही है। भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की गिरफ्तारी के बाद अब प्रशासन ने उनके परिवार से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने विनायक ताम्रकार के छोटे भाई बृजेश ताम्रकार के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। वहीं दुर्ग पुलिस ने भाजपा नेता विनायक के घर से सात बोरी डोडा, करीब 2 किलोग्राम खसखस और अफीम में चीरा लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष हथियार बरामद किए हैं।
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने पहले ही इन संपत्तियों का निरीक्षण किया था, जिसके बाद कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, बृजेश ताम्रकार द्वारा संचालित सीमेंट पोल बनाने की फैक्ट्री भी अवैध कब्जे की जमीन पर संचालित पाई गई। जांच के बाद राजस्व विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की है।
अवैध कब्जों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
गौरतलब है कि दुर्ग जिले के समोदा–झेंझरी इलाके में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने उनकी और उनके परिजनों की संपत्तियों की जांच शुरू की थी। फिलहाल जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
भाजपा नेता विनायक के घर से 7 बोरी डोडा, खसखस बरामद
इधर दुर्ग पुलिस ने अफीम की खेती मामले में आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और उनके साथियों से जुड़े ठिकानों पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस की टीम ने विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर और विकास बिश्नोई के अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विनायक ताम्रकार के घर से सात बोरी डोडा, करीब 2 किलोग्राम खसखस और अफीम में चीरा लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष हथियार बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह बरामदगी अफीम की खेती और उससे जुड़े अवैध कारोबार के सबूत के तौर पर अहम मानी जा रही है। मामले में पुलिस पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में हाथियों और बाघों की मौत पर सदन में सवाल, सरकार ने बताए आंकड़े
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते तीन सालों में 9 बाघ और 38 हाथियों की मृत्यु हुई है. इनके अलावा 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मृत्यु हुई है. यह जानकारी वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश द्वारा बाघ और अन्य जानवरों की मौत की मांगी गई जानकारी पर दी.
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान सातवें दिन की कार्यवाही के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश द्वारा मांगी गई जानकारी पर प्रदेश में बाघ, हाथी और अन्य वन्य जीवों की मौत को लेकर पूछे गए सवाल के यह जानकारी दी.
मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बीते तीन सालों में छत्तीसगढ़ में 38 हाथियों की मौत हुई है. वर्ष 2023 में बलरामपुर में एक और धरमजयगढ़ में एक-एक हाथी की मौत हुई. वर्ष 2024 में 18 हाथी की मौत हुई, इनमें से रायगढ़ में चार, कोरबा में एक, बलरामपुर में तीन और उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक, सूरजपुर में तीन, धमतरी में एक, बिलासपुर में एक, धरमजयगढ़ में तीन, सरगुजा एलीफेंट रिजर्व में एक हाथी की मौत हुई है.
वर्ष 2025 में 16 हाथियों की मौत हुई, इनमें से रायगढ़ वन मंडल में 7, धरमजयगढ़ में 4, कोरबा में 2, बलरामपुर में एक, सूरजपुर में एक, कटघोरा में एक हाथी की मौत हुई है. वहीं वर्ष 2026 में अब तक दो हाथियों की मौत हुई है, इनमें से एक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक और रायगढ़ वन मंडल में एक हाथी की मौत हुई है.
बीते दो सालों में छत्तीसगढ़ में 9 बाघों की मौत हुई है, इनमें से वर्ष 2024 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ वन मंडल और कोरिया में एक-एक बाघ, वर्ष 2025 में अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक, नंदनवन वन सफारी में दो, अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व में दो, सूरजपुर में एक बाघ मिलाकर कुल 6 बाघों की मौत हुई थी. वर्ष 2026 में अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत हुई है.
विधानसभा में करोड़ों के धान को चूहे खा जाने के मुद्दे पर आया स्थगन, प्रस्ताव खारिज होने पर विपक्ष का हंगामा, हुए निष्कासित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को प्रदेश में धान के भंडारण और उसे चूहों द्वारा खाए जाने के आरोपों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग की। हालांकि अध्यक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिए जाने के बाद विपक्षी विधायक नाराज हो गए और सदन के गर्भगृह तक पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे की स्थिति के बीच सभी विपक्षी सदस्य स्वतः निष्कासित हो गए।
दरअसल नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शून्यकाल के दौरान यह स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों से यह खबरें सामने आ रही हैं कि खरीदी केंद्रों और गोदामों में रखा किसानों का धान चूहों द्वारा खाया जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के हित से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए इस पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।डॉ. महंत ने कहा कि राज्य में बड़ी मात्रा में धान खरीदा जाता है और यदि उसके भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं होगी तो इसका सीधा नुकसान किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था को होगा। उन्होंने सरकार से इस मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे का समर्थन किया और कहा कि प्रदेश के कई जिलों से धान खराब होने और चूहों द्वारा खाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। विधायक उमेश पटेल ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह की खबरें आ रही हैं, इसलिए इस विषय पर गंभीरता से चर्चा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि धान के भंडारण में लापरवाही हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने इस स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इसके बाद विपक्षी विधायक नाराज हो गए और विरोध जताते हुए सदन के गर्भगृह तक पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। सदन में कुछ समय के लिए माहौल काफी गरमा गया।
विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य में धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से की गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के लगभग 25 लाख किसानों से धान की खरीदी की गई है और कुल 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।
खाद्य मंत्री ने आगे कहा कि किसानों को धान खरीदी के एवज में अब तक 46 हजार 277 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि यह कहना सही नहीं है कि धान को चूहों द्वारा खा लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए धान के निराकरण की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। साथ ही 10 मार्च तक खरीदी केंद्रों में संग्रहित लगभग 128.628 लाख टन धान का निराकरण किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि धान को सुरक्षित तरीके से संग्रहित रखा गया है और भंडारण की पूरी व्यवस्था की गई है।
हालांकि सरकार के इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सदन में विरोध जारी रखा। धान के भंडारण और चूहों द्वारा खाए जाने के आरोपों को लेकर हुई इस बहस ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक माहौल को काफी गरमा दिया।
परिवहन विभाग पर उठे सवाल, सदन में तीखी बहस के बाद विपक्ष ने किया वॉकआउट
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन की कार्यवाही के दौरान व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस का मामला उठा. विषय पर पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई. विपक्ष ने अंत में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात कहते हुए सदन से वॉकआउट किया.
विधायक ओंकार साहू ने मामला उठाते हुए पूछा कि तीन सालों में कितने वाहनों को बिना परीक्षण फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया?
तीन सालों में परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की ओवर लोडिंग बिना परमिट संचालन बिना बीमा पाए जाने पर कितने प्रकरण बने और कितनी राशि वसूल हुई?
इस पर परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा – फिटनेस परीक्षण की जानकारी निरंक है. बिना भौतिक परीक्षण फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता है. 3 सालों में ओवरलोडिंग बिना परमिट संचालन के 77810 प्रकरण बनाए गए हैं. 3 सालों में 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपए की वसूली हुई है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर पूरक प्रश्न में कहा – मंत्री से जो जानकारी मांगी गई वह जानकारी नहीं आई है. विभाग से लिखित में जवाब नहीं आया. परिवहन विभाग ढीला है. अगर जानकारी नही आई तो हम बहिष्कार करेंगे. इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा – भूपेश बघेल को प्रश्न पूछने का अधिकार है, लेकिन धमकी देने की नहीं.
इस पर भूपेश बघेल ने कहा, मंत्री जी का परिवहन विभाग पर कंट्रोल नहीं है. विभाग से जानकारी नहीं मिली है. जबाब नहीं मिलने के कारण हम वॉकआउट करते हैं.
राज्य में 42 डिप्टी कलेक्टर पद रिक्त, अब भर्ती में 50-50 अनुपात लागू: सीएम साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र के दौरान प्रशासनिक पदों पर भर्ती और पदोन्नति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने राज्य में डिप्टी कलेक्टर के रिक्त पदों और पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने जानना चाहा कि वर्तमान में राज्य में डिप्टी कलेक्टर के कितने पद खाली हैं और क्या इन पदों की पूर्ति सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों माध्यमों से की जाती है।
विधानसभा में इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि वर्तमान समय में राज्य में डिप्टी कलेक्टर के कुल 42 पद रिक्त हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिप्टी कलेक्टर के पदों की पूर्ति सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों माध्यमों से की जाती है।मुख्यमंत्री ने बताया कि तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए 40 प्रतिशत का अनुपात निर्धारित किया गया है। इसके तहत योग्य और अनुभवी तहसीलदारों को पदोन्नति देकर डिप्टी कलेक्टर बनाया जाता है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2001 से लेकर वर्ष 2025 तक कुल 336 अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नत किया जा चुका है। यह पदोन्नतियां समय-समय पर निर्धारित नियमों और अनुपात के अनुसार की गई हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि पदोन्नति के अनुपात में समय-समय पर बदलाव भी हुआ है। वर्ष 2001 से 2020 तक डिप्टी कलेक्टर पदों की पूर्ति सीधी भर्ती और पदोन्नति के 50/50 अनुपात में की जाती थी। यानी आधे पद सीधे भर्ती से और आधे पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाते थे।
हालांकि वर्ष 2021 से 2025 के बीच यह अनुपात बदलकर 60/40 कर दिया गया था। इस अवधि में 60 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से और 40 प्रतिशत पद तहसीलदारों को पदोन्नति देकर भरे गए।विधानसभा में पूछे गए सवाल के दौरान विधायक अटल श्रीवास्तव ने यह भी जानना चाहा कि क्या वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर पदों की पूर्ति के लिए सीधी भर्ती और पदोन्नति का 50/50 अनुपात लागू किया गया है या इसे लागू करने के लिए कोई प्रस्ताव लंबित है।
इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि सीधी भर्ती और तहसीलदार से पदोन्नति के लिए 50/50 अनुपात लागू करने के संबंध में 20 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के बाद अब दोनों माध्यमों से बराबर-बराबर पदों की पूर्ति करने का रास्ता साफ हो गया है।सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जहां एक ओर योग्य उम्मीदवारों को सीधी भर्ती के माध्यम से अवसर मिलेगा, वहीं लंबे समय से सेवा दे रहे तहसीलदारों को भी पदोन्नति का उचित मौका मिल सकेगा।
छत्तीसगढ़ में नेशनल हेराल्ड को करोड़ों के विज्ञापन पर सदन में सवाल, सीएम साय ने दिया जवाब
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के दौरान मंगलवार को नेशनल हेराल्ड, संडे नवजीवन और नवसृजन मैगज़ीन को प्रदेश में बीते सालों में दिए गए विज्ञापनों की जानकारी मांगी गई. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नेशनल हेराल्ड को पांच सालों में 4.24 करोड़ रुपए का विज्ञापन दिया गया. वहीं नवसृजन को इस अवधि में कोई भुगतान नहीं किया गया.
सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने पूछा कि 2019-20 से 2025-26 तक जनसंपर्क विभाग ने नेशनल हेराल्ड, संडे नवजीवन और नवसृजन मैगज़ीन को विज्ञापन मद में कितनी राशि दी है, इनका कार्यालय कहां है और यह कहां से संचालित से होते हैं?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नेशनल हेराल्ड को वर्ष 2019-20 को 34 लाख, 2020-21 में 58 लाख, 2021-22 में 68 लाख, 2022-23 में 1.28 करोड़ और 2023-24 में 1.36 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया. 2024-26 में कोई राशि नहीं दी गई है. इस दौरान नवसृजन मैगज़ीन को कोई भुगतान नहीं किया गया, संडे नवजीवन को 3 करोड़ 6 लाख का विज्ञापन मिला है.
उन्होंने बताया कि नेशनल हेराल्ड के प्रबंधकर्ता पवन बंसल है, और इसके मुखिया कौन है पूरा देश जानता है. पूरक प्रश्न में पूछा कि क्या सरकार राजनीतिक दलों के विचारों के मुख पत्र को पैसा दे सकती है क्या? क्या जिन्होंने दिया है उनपर कार्यवाही होगी? भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि विज्ञापन किस नीति के तहत् ये दिया गया, क्या इसकी जाँच होगी क्या? इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 8 लाख प्रति पृष्ठ के आधार पर दिया गया. विज्ञापन नियमावली 2019 के आधार पर विज्ञापन दिए गए.
डोंगरगढ़ में बैंक भवन की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विधानसभा में गरमाया मामला, कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल का फूटा गुस्सा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन की कार्यवाही के दौरान डोंगरगढ़ में सहकारी बैंक शाखा भवन निर्माण स्थान पर अतिक्रमण को लेकर कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने कहा कि सरकार इतनी कमजोर है कि आबंटित सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं हटा पा रही है. जवाब में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कलेक्टर से अतिक्रमण हटाने पर चर्चा होने की जानकारी दी.
कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने सवाल किया कि उस जमीन पर किसका कब्जा है? उस जगह पर शाखा भवन निर्माण का भूमिपूजन हो चुका है, लेकिन निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार बैंक की शाखा किराए पर चला रही है. शाखा निर्माण की राशि स्वीकृत है, इसके बाद भी भवन निर्माण क्यों नहीं हुआ?
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भवन नहीं है, इसलिए किराए से चला रहे है. इस पर हर्षिता बघेल ने कहा, बैंक किसानों के लिए है. किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है. कब तक अतिक्रमण हटेगा? कब तक भवन बनेगा? मंत्री केदार कश्यप ने कहा, जल्द से जल्द बनाएंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरक प्रश्न में कहा, कितनी जमीन आबंटित है? कितनी जमीन है? कितनी जमीन पार्किंग के लिए है? मंत्री केदार कश्यप ने कहा, 2200 वर्ग जमीन आबंटित है. 3 हजार वर्ग मीटर जमीन की जरूरत पार्किंग के लिए जरूरत है. इस पर भूपेश बघेल ने कहा, आपके पास 19 हजार वर्ग फ़ीट जमीन खाली है. इसका मतलब आप निजी व्यक्ति को फायदा पहुचाने के लिए अतिक्रमण नहीं हटवाया जा रहे हैं. इस पर मंत्री ने दोहराया कि जल्द से जल्द अतिक्रम हटाएंगे.
धान खरीदी को लेकर विधानसभा में सवाल-जवाब, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया—16 लाख से ज्यादा किसानों ने रकबा किया समर्पित
रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने सवालों का जवाब दिया. धान खरीदी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया है कि 16 लाख 55 हजार से अधिक किसानों ने दो लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है. इस संबंध में कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने सवाल पूछा था.
दिलीप लहरिया ने सवाल पूछा था कि खरीफ विपणन वर्ष2025–26 में प्रदेश में तकनीकी कारणों, एग्रीस्टेक पोर्टल और खरीदी की समय सीमा समाप्त होने के कारण अनेक किसान पंजीयन एवं टोकन होने के बावजूद धान नहीं बेच पाए हैं? यदि हां तो ऐसे किसानों की संख्या कितनी है. एग्रीस्टेक पोर्टल में रकबा/ शून्य कम अथवा त्रुटिपूर्ण दर्शाए जाने के कारण धान विक्रय से वंचित किसानों की आर्थिक क्षति का आकलन किया गया है या नहीं? यदि हां तो क्षतिपूर्ति के लिए शासन ने क्या किया है. इसके अलावा यह भी पूछा गया था कि किसानों से रकबा समर्पण किन परिस्थितियों में तथा शासन की किस नीति या आदेश के तहत कराया गया है ? अब तक कितने किसानों ने रकबा खसरा समर्पित किया है. ऋण वसूली के संबंध में भी सवाल पूछते हुए कांग्रेस विधायक दिलीप लहरिया ने पूछा कि जिन ऋणी किसानों का धान नहीं खरीदा जा सकता है. उनके अल्पकालीन कृषि ऋण के संबंध में शासन की क्या नीति है?
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने जवाब में बताया है कि धान खरीदी अवधि के दौरान किसानों द्वारा लाये गये मानक धान का पूर्ण खरीदी किया गया है. जिन किसानों के द्वारा धान विक्रय का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, उनसे रकबा समर्पण कराया जा सकता है. संबंधी निर्देश थे. खरीफ वर्ष 2025-26 में 1655149 किसानों ने 2.16 लाख हेक्टेयर रकबा का समर्पण किया. मंत्री ने बताया है कि जिन ऋणी कृषकों के द्वारा धान उपार्जन अवधि के दौरान अपना धान उपार्जन केन्द्रों विक्रय के लिए नहीं लाया गया है. उनके शेष ऋणों की वसूली देय तिथि के पूर्व कृषकों से व्यक्तिगत संपर्क कर नगद राशि वसूली की कार्यवाही की जाती है.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए 14,655 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14,655 करोड़ 73 लाख 55 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 2137 करोड़ 75 लाख 66 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग-नगरीय निकाय के लिए 27 करोड़ 9 लाख 95 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 4922 करोड़ 64 लाख 79 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 2242 करोड़ 74 लाख 70 हजार रूपए, नगरीय प्रशासन एवं नगरीय विकास-नगरीय कल्याण के लिए 1698 करोड़ 98 लाख 70 हजार रूपए, लोक निर्माण कार्यों से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 15 करोड़ 4 लाख 20 हजार रूपए, नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता हेतु 3444 करोड़ 62 लाख 45 हजार रूपए तथा खेल एवं युवा कल्याण के लिए 166 करोड़ 83 लाख 10 हजार रुपए शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं बजट में दिखती हैं। हमने पहले साल ज्ञान, दूसरे साल गति और इस साल संकल्प की थीम पर बजट प्रस्तुत किया है। सरकार के ये तीनों बजट जन कल्याण और जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। मोदी की एक-एक गारंटी को पहले दिन से पूरा करने का काम सरकार कर रही है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सदन में कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य के बजट से पूरा सहयोग मिल रहा है। कार्यों का कड़ाई से मूल्यांकन करते हुए पारदर्शिता के साथ निर्माण एजेंसियों को भुगतान किया जा रहा है। जिन योजनाओें के काम 80 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो गए हैं, उन्हे प्राथमिकता से पूर्ण करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 5077 टंकियां बनाई गई है। गांव के सभी घरों में नल से पानी पहुंचने वाले 5028 से अधिक गांवों को हर घर जल प्रमाणित कराया गया है।
श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में स्वीकृत 29 हजार 173 सिंगल विलेज योजनाओं में से 7000 योजनाएं पूर्ण हो गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 9 लाख परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने तथा शेष योजनाओं को पूर्ण करने के लिए 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के अंतर्गत जल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में 7490 सोलर पंपों के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था की गई है। इनके संचालन एवं संधारण के लिए 3 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। ग्रामीण बसाहटों में हैण्डपंपों के संधारण के लिए आगामी बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि से प्रदेश में स्थापित करीब 3 लाख हैण्डपंपों का संचालन-संधारण किया जाएगा।
श्री साव ने सदन में बताया कि समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य मद से 20 करोड़ रूपए, नगरीय योजनाओं के ऋण के लिए 30 करोड़ रूपए तथा राज्य के ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों जहां भूगर्भीय जल की उपलब्धता कम है तथा सतही स्रोत उपलब्ध है, उन क्षेत्रों में नाबार्ड पोषित योजना अंतर्गत 44 समूह जल प्रदाय योजना के लिए 260 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि धमतरी जिले में सिर्री समूह जल प्रदाय योजना के लिए 2 करोड़ रूपए, सुतियापाट जलाशय से ठाठापुर तक 54 गांवों तथा भीरा छीरपानी जलाशय से 66 गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक निर्माण विभाग
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विभागीय अनुदान मांगों पर चर्चा के उत्तर में कहा कि लोक निर्माण विभाग के आगामी बजट में सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण तथा मरम्मत के लिए 9451 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी बजट में राजधानी रायपुर में महत्वपूर्ण जंक्शनों पर फ्लाईओव्हरों के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इन फ्लाईओव्हरों के निर्माण से शहर का यातायात सुगम होगा एवं जाम से मुक्ति मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों में भी कई फ्लाईओव्हरों के निर्माण प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने सदन में बताया कि सड़कों के निर्माण के साथ ही दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास सरकार लगातार कर रही है। सड़क सुरक्षा कार्यों तथा दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार ने 51 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है।
श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर विगत 1 नवंबर को लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण किया है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा 148 अन्य भवनों को पूर्ण कर लोकार्पण कराया गया है। साथ ही 225 भवनों का भूमिपूजन भी किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में योजनाबद्ध तरीके से सड़कों के संधारण के लिए ओ.पी.आर.एम.सी. योजनांतर्गत 103 किमी लंबे सिमगा-खरोरा-आरंग-नयापारा-कुरुद मार्ग के रख-रखाव के लिए 59 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए एजेंसी भी तय कर दी गई है। आगामी 5 वर्षों तक एजेंसी द्वारा लगातार इस सड़क की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इसी तर्ज पर वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेशभर की 1534 किमी महत्वपूर्ण सड़कों के नवीनीकरण एवं नियमित संधारण के लिए 180 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
श्री साव ने सदन में बताया कि इस साल लोक निर्माण विभाग में दिवंगत कर्मचारियों के 19 परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति के साथ ही 07 मानचित्रकारों और 80 उप अभियंताओं की नई नियुक्ति की गई है। भृत्य से लेकर मुख्य अभियंता के पदों पर 371 शासकीय सेवकों को पदोन्नति दी गई है। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों के बेहतर संचालन तथा प्रशासनिक कसावट के लिए 07 नवीन संभागीय कार्यालय एवं 12 नवीन उप संभागीय कार्यालय सृजित किए गए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री साव ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के उत्तर में कहा कि आगामी वर्ष के बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 तथा गृह प्रवेश सम्मान योजना के लिए 909 करोड़ 50 लाख रूपए एवं स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लिए 467 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में मिशन अमृत 2.0 के लिए 512 करोड़ रूपए, पीएम ई-बस सेवा योजना के लिए 30 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रूपए तथा नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं।
श्री साव ने बताया कि आगामी बजट में विभिन्न नगरीय निकायों में अधोसंरचना मद के अंतर्गत 840 करोड़ रूपए, मोर संगवारी सेवा के लिए 5 करोड़ रूपए तथा ई-गर्वनेंस योजना के लिए 10 करोड़ रूपए के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली भूमिगत विद्युतीकरण योेजना के लिए 100 करोड़ रूपए और आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के आगामी वर्ष के बजट प्रावधानों के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ रूपए, युवा रत्न सम्मान योजना के लिए 1.50 करोड़ रूपए तथा खेल अकादमियों के लिए 15 करोड़ एक लाख रूपए के प्रावधान किए गए हैं। राज्य युवा महोत्सव, बस्तर ओलंपिक तथा सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों से आयोजित बस्तर ओलंपिक बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रहा है। बड़ी संख्या में युवा एवं महिलाएं उत्साहपूर्वक इनमें अपनी सहभागिता दे रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण द्वारकाधीश यादव, अजय चंद्राकर, व्यास पाठक, सुनील सोनी, कुंवर सिंह निषाद, धर्मजीत सिंह, भोलाराम साहू, मोतीलाल साहू, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, अनुज शर्मा, राम कुमार यादव, प्रमोद मिंज, नीलकंठ टेेकाम, रोहित साहू, प्रणव कुमार मरपच्ची, लखेश्वर बघेल, शेषराज हरवंश, लता उसेंडी, शकुंतला पोर्ते, उत्तरी जांगड़े, अंबिका मरकाम और सावित्री मंडावी ने भाग लिया।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को मिलेगी नई रफ्तार, केंद्र सरकार ने RCPLWEA और PMGSY-I की 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई अवधि
रायपुर। केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज (RCPLWEA) तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-I) की अवधि को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लंबित सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में नई गति मिलेगी।
केंद्र सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क संपर्क को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। योजनाओं के तहत पहले से स्वीकृत परियोजनाओं के शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होती है और विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की अवधि बढ़ने से बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में तेजी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रशासनिक पहुंच भी मजबूत होगी। इससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
धान में रेत मिलाकर हेराफेरी, खरीदी केंद्र प्रभारी बर्खास्त
बलौदाबाजार। धान में रेत मिलाकर व्यक्तिगत लाभ के नीयत से हेराफेरी कर गबन करने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए खरीदी केंद्र प्रभारी को बर्खास्त कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित निपनिया के धान उपार्जन केन्द्र निपनिया में उपार्जित धान के बोरों में रेत, कंकड़ धूल-मिट्टी मिलाने संबंधी वायरल वीडियो की जांच कर संयुक्त जांच दल ने 8 मार्च को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। जांच में धान उपार्जन केन्द्र निपनिया के भौतिक सत्यापन में 137.20 क्विंटल धान अधिक पाया गया था।
जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन द्वारा हमालों के माध्यम से लगभग 5300 कट्टों में 2 से 3 किलोग्राम रेत मिलाया गया है व मिलाए गए रेत के बराबर लगभग 132 क्विंटल धान का व्यक्तिगत लाभ के नियत से हेराफेरी कर गबन किया गया।
प्रतिवेदन में उल्लेखित तथ्यों के आधार पर उपायुक्त सहकारिता ने उपार्जन केन्द्र निपनिया के धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई के लिए अनुशंसा प्राधिकृत अधिकारी से की। प्राधिकृत अधिकारी द्वारा उपरोक्त कृत्य के लिए धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन की सेवा से पृथक करने की कार्रवाई गई।

NOC के लिए ग्राम पंचायत की मनमानी, लाइसेंसधारी ने लगाया अवैध रेत उत्खनन को सरंक्षण देने का आरोप
आरंग। रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र में मोहमेला पंचायत पर मनमानी के गंभीर आरोप लगे हैं. मोहमेला रेत खदान संचालित करने के लिए लाइसेंसधारी को ग्राम पंचायत से एनओसी नहीं दिए जाने का आरोप है. इस बीच एक ऑडियो वायरल हो हुआ, जिसमें रेत खदान में मशीन लोडिंग के रेट की बात कही जा रही है. लिखित शिकायत में रेत खदान में अवैध उत्खनन के कारोबार को संरक्षण देने का भी आरोप है.
जानकारी के मुताबिक, सरोज नेताम ने वर्ष 2023-2024 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी रेत टेंडर की प्रक्रिया में भाग लिया था. टेंडर के माध्यम से रेत खदान मोहमेला के लिए लायसेंस स्वीकृत किया गया. संचालन के लिए ग्राम पंचायत से एनओसी मांगी गई, लेकिन संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया. सरोज ने आरोप लगाया कि पंचायत की मंशा रेत खदान में कारोबार को सरंक्षण देने और अवैध रेत का कारोबार करने की है. अभी तक ट्रेक्टर का इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन अब पोकलेन मशीन और जेसीबी से हाईवा लोड किया जा रहा है. सरपंच सचिव प्रति हाइवा (गाड़ी) का 3000 रुपए अवैध रूप से वसूली कर राजस्व को हानी पहुंचा रहे हैं.
वायरल ऑडियो में मशीन लोडिंग का रेट तय
वायरल ऑडियो में मोहमेला रेत खदान में मशीन से रेत लोडिंग और वाहनों के लोडिंग दर की बात कही जा रही है. साथ ही समय शाम 06 से सुबह 06 बजे तक रेत लोडिंग की बात का जिक्र हो रहा है, जबकि शासन के नियमानुसार इस वक्त रेत उत्खनन पर प्रतिबंधित होता है. एक व्यक्ति कथित तौर पर कहते हुए सुनाई दे रहा है कि मोहमेला के अंदर नदी के अंदर मशीन लोडिंग किया जा रहा है. जिसमें 12 चक्का 7000 रुपए,10 चक्का 5500 में लोड किया जा रहा है. जिन्हें भी रेत की आवश्यकता हो समय का ध्यान रखे.
लाइसेंसधारी ने दी लिखित शिकायत
मोहमेला रेत खदान की लाइसेंसधारी सरोज नेताम ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, रायपुर कलेक्टर, खनिज अधिकारी, आरंग एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी आरंग को शिकायत पत्र सौंपा है. शिकायत में बताया कि उन्हें लोगों से बार-बार ट्रेक्टर के माध्यम से सरंपच, ग्राम पंचायत और सचिव द्वारा रेत का अवैध कारोबार जाने की सूचना दी गई. सरंपच 800 रुपए प्रति टेक्टर के हिसाब से अवैध वसूली कर रहा है. इसकी शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया. इसके बाद बताया गया कि अब पोकलेन मशीन और जेसीबी को रेत घाट पर उतार कर हाईवा लोड किया जा रहा है. पंचायत सदस्यों और सरपंच सचिव 3000 रुपए प्रति हाइवा (गाड़ी) के रूप में वसूली कर रहे हैं. यह सीधे तौर पर सरकार के राजस्व की चोरी हो रही है। इतना बड़ा अवैध कारोबार किस अधिकारी के सरंक्षण में किया जा रहा है.सरोज नेताम ने रेत खनन के अवैध कारोबार करने वाले सरपंच, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य और सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…
बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बड़ा फेरबदल करते हुए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिले में कुल 14 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।
जारी आदेश के तहत गरिमा ठाकुर, अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर को तहसीलदार सीपत बनाया गया है। सोनू अग्रवाल, तहसीलदार सीपत को तहसीलदार रतनपुर बनाया गया है। संदीप कुमार साय, तहसीलदार बोदरी को तहसीलदार मस्तूरी बनाया गया है। शिल्पा भगत, तहसीलदार रतनपुर को तहसीलदार बोदरी बनाया गया है। जयंती देवांगन, तहसीलदार मस्तूरी को तहसीलदार नजूल बनाया गया है। पंकज सिंह, अधीक्षक भू-अभिलेख बिलासपुर को सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी बिलासपुर बनाया गया है।
समर्थ थवाईत, नायब तहसीलदार बेलगहना को नायब तहसीलदार बेलतरा बनाया गया है। श्रद्धा सिंह, नायब तहसीलदार गनियारी को नायब तहसीलदार पचपेड़ी बनाया गया है। राहुल साहू, नायब तहसीलदार बेलतरा को नायब तहसीलदार बेलगहना बनाया गया है। टोपलाल सिदार को नायब तहसीलदार बेलतरा से नायब तहसीलदार उप तहसील सकर्रा बनाया गया है। ओम प्रकाश चंद्रवंशी, नायब तहसीलदार बोदरी को नायब तहसीलदार गनियारी बनाया गया है। विनीता शर्मा को नायब तहसीलदार पचपेड़ी से नायब तहसीलदार बिलासपुर बनाया गया है। सहोरिक को नायब तहसीलदार उप तहसील सकर्रा से नायब तहसीलदार बेलतरा बनाया गया है। अंकित सिंह राजपूत को जनगणना कार्य में संलग्न किया गया है।

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुई हैं। सोमवार को दोनों नेत्री प्रमाण पत्र लेने विधानसभा पहुंचीं। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद दोनों सांसदों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की खुशी साझा की और गले मिलकर बधाई दी। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि और समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों नेताओं को शुभकामनाएं दीं।

बता दें कि राज्यसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद दोनों उम्मीदवार निर्विरोध चुनी गईं। इसके बाद आज उन्होंने विधानसभा पहुंचकर आधिकारिक तौर पर अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया। दोनों सांसदों ने इस अवसर पर पार्टी नेतृत्व और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे राज्य और जनता के हितों को राज्यसभा में मजबूती से उठाने का काम करेंगी।

पहली बार दोनों पार्टी से महिला उम्मीदवार
ऐसा पहला संयोग बना है जब राज्यसभा चुनाव के लिए पहली बार दोनों पार्टियों ने महिला को उम्मीदवार बनाया। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें आती हैं। फिलहाल पांच से अब तीन सांसद महिला होंगी। हालांकि कांग्रेस की रंजीता रंजन का कार्यकाल मई में खत्म हो जाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ में अब तक पांच में से चार सांसद कांग्रेस के थे, लेकिन अब बीजेपी की संख्या बढ़ेगी। बीजेपी के सदन में दो सदस्य हो जाएंगे, जबकि कांग्रेस के तीन सदस्य रहेंगे। दोनों ही पार्टियों ने इस बार जातिगत और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी बनाए हैं।
विधानसभा चुनाव में पार्टी ने दोनों को नहीं दिया था मौका
छत्तीसगढ़ में अनोखा समीकरण बना है कि दोनों ही महिला नेता जिन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है वह 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदार थी, लेकिन पार्टी ने दोनों को मौका नहीं दिया था। अब राज्यसभा के लिए भेजकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है। फूलोदेवी नेताम बस्तर से आती हैं और कांग्रेस का बड़ा महिला चेहरा मानी जाती हैं। वह लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए भेजी जा रही हैं। वह छत्तीसगढ़ में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वहीं बीजेपी की लक्ष्मी वर्मा पार्टी में लंबे समय से प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रही थी। वह रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रही हैं, जबकि अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए भेजा है।