रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को राजधानी के समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह परिसर में महाराष्ट्र मंडल द्वारा नवनिर्मित “सियान गुड़ी” – वरिष्ठजन क्रियाकलाप एवं मनोरंजन केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया।
यह केंद्र वरिष्ठजनों के सम्मान, सक्रिय जीवनशैली और आत्मनिर्भरता को समर्पित एक अभिनव एवं सराहनीय पहल है। जिसके लिए महाराष्ट्र मंडल को बहुत बधाई।
उन्होंने कहा कि, “सियान गुड़ी” केंद्र में वरिष्ठजनों के लिए मनोरंजन, रचनात्मक गतिविधियाँ, संवाद, योग, मानसिक एवं शारीरिक सक्रियता के साथ-साथ उनके अनुभव और कौशल को समाज से जोड़ने की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे वे आत्मसम्मान के साथ सक्रिय जीवन जी सकें।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनका अनुभव, मार्गदर्शन और आशीर्वाद जीवन की अमूल्य धरोहर है। जिन घरों में बुजुर्ग होते हैं, वहाँ अलग से भगवान की पूजा की आवश्यकता नहीं—बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची आराधना है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता वृद्धाश्रमों की नहीं, बल्कि डे-केयर सेंटर्स की है, जहाँ दिन में बुजुर्गों को विविध गतिविधियों से जोड़ा जाए और शाम को ससम्मान उनके घर लौटाया जाए। बुजुर्गों को सहानुभूति नहीं, सम्मानजनक सहयोग चाहिए। उनकी स्किल और अनुभव को समाज से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल में आयोजित 9वीं राष्ट्रीय रिंग फाइट चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राजधानी के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत, पार्षद दीपक जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ विश्वरंजन, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले सहित मंडल पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे इंतज़ार के बाद आईएएस अधिकारियों के प्रमोशन पर मुहर लग गई है। मंत्रालय में हाल ही में हुई विभागीय पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक में 20 आईएएस अधिकारियों के पदोन्नति प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रमोशन का आदेश जल्द जारी होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक 2001 बैच की आईएएस अधिकारी शहला निगार को प्रमुख सचिव बना जा सकता है। वर्तमान में शहला निगार कृषि विभाग की सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि प्रमुख सचिव स्तर के कई पद खाली होने के बावजूद विशेष प्रदर्शन और अनुभव के आधार इस पद के लिए शहला निगार के नाम पर मुहर लगी है।
सचिवों के पदों पर 6 अधिकारियों का होगा प्रमोशन, 8 बनेंगे विशेष सचिव
2010 बैच के 6 आईएएस अधिकारियों को सचिव के पद पर पदोन्नत किया जा सकता है। इस बैच के अंतर्गत जेपी मौर्या, सारांश मित्तर, पीएस एल्मा, रमेश शर्मा और धर्मेश साहू सचिव बनाए जा सकते हैं। वहीं, रानू साहू का प्रमोशन निलंबन के कारण रोक दिया गया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कार्तिकेय गोयल को प्रोफार्मा प्रमोशन दिया जा सकता है।
इसके अलावा 2013 बैच के 8 अधिकारियों को विशेष सचिव के पद पर पदोन्नत किया जा सकता है। इसमें गौरव सिंह (रायपुर), अजीत बसंत (सरगुजा), विनीत नंदनवार, इंद्रजीत चंद्रवाल (खैरागढ़), जगदीश सोनकर, राजेंद्र कटारा (बलरामपुर) और पीएस ध्रुव शामिल हैं। नम्रता गांधी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण प्रोफार्मा प्रमोशन दिया जा सकता है। इस बैच के चार अधिकारी वर्तमान में कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
संयुक्त सचिव के पद पर 5 आईएएस
2017 बैच के आईएएस अधिकारियों आकाश छिकारा, रोहित व्यास (जशपुर), मयंक चतुर्वेदी (रायगढ़), कुणाल दुदावत (कोरबा) और चंद्रकांत वर्मा को संयुक्त सचिव बनाया जा सकता है। इस बैच के तीन अधिकारी वर्तमान में कलेक्टर पद पर हैं।
रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला रायपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत नो-मैपिंग (श्रेणी-C) मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं. जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1 लाख 33 हजार 053 नो-मैपिंग मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया है.
विधानसभावार आंकड़ों के अनुसार धरसींवा विधानसभा क्षेत्र (47) में 8,896, रायपुर ग्रामीण (48) में 39,835, रायपुर नगर पश्चिम (49) में 46,675, रायपुर नगर उत्तर (50) में 17,416, रायपुर नगर दक्षिण (51) में 12,495, आरंग (52) में 3,531 और अभनपुर (53) विधानसभा क्षेत्र में 4,205 नो-मैपिंग मतदाता चिन्हांकित किए गए हैं.
जिला निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा 30 दिसंबर 2025 तक कुल 3,570 मतदाताओं को नोटिस तामील कराए जा चुके हैं. शेष मतदाताओं को भी चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, 3 जनवरी 2026 से जिले में कुल 116 अधिकारियों द्वारा जारी नोटिसों पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. संबंधित मतदाताओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाया जा सके.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारों को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर रायपुर जिला भाजपा द्वारा एकात्म परिसर में आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन एवं कार्यकर्ता सम्मान समारोह में भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद अरुण सिंह तथा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के साथ शामिल हुए।
इस अवसर पर उन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने श्रद्धेय अटल जी के साथ कार्य करते हुए भारतीय जनता पार्टी की मजबूत नींव रखी। सम्मानित वरिष्ठजनों में सचिनानंद उपासने, सुभाष राव, मोहन चौपड़ा, छगन मुंदड़ा एवं श्रीचंद सुंदरानी शामिल रहे।
इसके साथ ही जिला रायपुर की चारों विधानसभाओं में 100 से अधिक नए सदस्यों को भाजपा की सदस्यता दिलाने वाले “शतकवीरों” का भी सम्मान कर संगठन की मजबूती, विस्तार और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका का उत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये सम्मान श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों, संघर्षों और संगठन निर्माण के प्रति उनके समर्पण को समर्पित है, क्योंकि जिन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और शतकवीरों को आज सम्मानित किया गया है, उन्होंने अटल जी की नीतियों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल एक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि सपनों, संभावनाओं और आत्मसम्मान के रूप में किया। उनका सपना था कि यह राज्य गरीब, किसान, आदिवासी और गांव के अंतिम व्यक्ति के विकास का मॉडल बने।”
उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का गठन क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, प्रशासन को जनता के नजदीक लाने और संसाधनों का न्यायपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने की ऐतिहासिक पहल थी। अटल जी की अंत्योदय सोच ने गरीबों के लिए सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को नीति के केंद्र में रखा।
श्री अग्रवाल ने कहा कि “ग्रामीण विकास, सड़क कनेक्टिविटी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सर्व शिक्षा अभियान और किसानों के हित में लिए गए निर्णय आज भी देश को दिशा दे रहे हैं। अटल जी का जीवन राष्ट्र सेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवाद की राजनीति का जीवंत उदाहरण है।”
अंत में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “अटल जी के विचार, उनके आदर्श और उनका राष्ट्र निर्माण का संकल्प आज भी हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक है। उनके सपनों के छत्तीसगढ़ को और सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत, विधायक मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, महामंत्री अमित साहू , जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर समेत भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 26 दिसंबर को एक और सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत दायर की है, जिसमें राज्य के आबकारी विभाग में 2019 और 2023 के बीच किए गए एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया है. जांच में एक सुनियोजित आपराधिक सिंडिकेट का खुलासा हुआ है जिसने अवैध कमीशन और बिना हिसाब वाली शराब की बिक्री से जुड़े एक बहु-स्तरीय तंत्र के माध्यम से व्यक्तिगत लाभ के लिए राज्य की शराब नीति को खराब किया.
ED ने अपने सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत में बताया कि सिंडिकेट ने चार अलग-अलग तरीकों से अवैध कमाई की. इसमें पहला अवैध कमीशन था, जिसमें शराब आपूर्तिकर्ताओं से आधिकारिक बिक्री पर रिश्वत ली गई, जिसे राज्य द्वारा भुगतान की जाने वाली “लैंडिंग कीमत” को कृत्रिम रूप से बढ़ाकर सुविधाजनक बनाया गया, जिससे प्रभावी रूप से राज्य के खजाने से रिश्वत का वित्तपोषण किया गया. दूसरा बिना हिसाब की बिक्री की गई, इसमें एक समानांतर सिस्टम ने सरकारी दुकानों के ज़रिए डुप्लीकेट होलोग्राम और कैश में खरीदी गई बोतलों का इस्तेमाल करके “बिना हिसाब की” देसी शराब बेची, जिससे सभी एक्साइज ड्यूटी और टैक्स से बचा जा सका.
इसके अलावा कार्टेल कमीशन तय किया गया. इसमें डिस्टिलर्स ने बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने और राज्य में ऑपरेशनल लाइसेंस हासिल करने के लिए सालाना रिश्वत दी. इसके अलावा FL-10A लाइसेंस के जरिए भी घोटाला किया गया. इसमें विदेशी शराब बनाने वालों से कमीशन वसूलने के लिए एक नई लाइसेंस कैटेगरी शुरू की गई, जिसमें 60% मुनाफ़ा सिंडिकेट को दिया जाता था.
ED द्वारा दायर अभियोजन शिकायत से पता चला है कि तत्कालीन राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक पदानुक्रम में अवैध वित्तीय लाभ के लिए एक गहरी साज़िश रची गई थी. ED द्वारा दायर नवीनतम अभियोजन शिकायत में, 59 नए आरोपियों को आरोपी बनाया गया है, जिससे अब तक कुल आरोपियों की संख्या 81 हो गई है.
अधिकारियों में रिटायर्ड I.A.S और तत्कालीन संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा के अलावा तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर आईएएस निरंजन दास की भूमिका सामने आई. जैसे वरिष्ठ अधिकारी नीति में हेरफेर करने और सिंडिकेट के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने में मुख्य थे. CSMCL के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण पति त्रिपाठी (I.T.S.) को अवैध वसूली को ज़्यादा से ज़्यादा करने और भाग-B के ऑपरेशन्स को कोऑर्डिनेट करने का काम सौंपा गया था. इसके अलावा, जनार्दन कौरव और इकबाल अहमद खान सहित 30 फील्ड-लेवल एक्साइज अधिकारियों को “प्रति केस तय कमीशन” के बदले बिना हिसाब की शराब की बिक्री को सुविधाजनक बनाने के लिए आरोपी बनाया गया था.
इनके अलावा राजनीतिक अधिकारी: तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा और चैतन्य बघेल (तत्कालीन मुख्यमंत्री के बेटे) सहित उच्च पदस्थ राजनीतिक हस्तियों पर नीतिगत सहमति देने और अपने व्यापार में इस्तेमाल करने में उनकी भूमिका के लिए आरोप लगाए गए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया को अवैध नकदी संभालने और आज्ञाकारी अधिकारियों की नियुक्तियों के प्रबंधन के लिए एक प्रमुख समन्वयक के रूप में पहचाना गया.
इसके अलावा निजी व्यक्ति और संस्थाएँ की भी भूमिका सामने आई है. इस सिंडिकेट का नेतृत्व अनवर ढेबर और उनके सहयोगी अरविंद सिंह ने किया. निजी निर्माताओं, जिनमें M/s छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड, M/s भाटिया वाइन मर्चेंट्स, और M/s वेलकम डिस्टिलरीज शामिल हैं, ने जानबूझकर शराब के पार्ट-B अवैध निर्माण में भाग लिया और पार्ट-A और पार्ट-B कमीशन का भुगतान भी किया. सिद्धार्थ सिंघानिया (नकदी संग्रह) और विधु गुप्ता (डुप्लीकेट होलोग्राम आपूर्ति) जैसे सुविधादाताओं को भी उक्त धोखाधड़ी में प्रमुख निजी कर्ता के रूप में पाया गया.
मामले में PMLA 2002 की धारा 19 के तहत कुल नौ प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. जिनमें अनिल टुटेजा (पूर्व-IAS); अरविंद सिंह; त्रिलोक सिंह ढिल्लों; अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (ITS); कवासी लखमा (विधायक और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन आबकारी मंत्री); चैतन्य बघेल (पूर्व-CM के बेटे): सौम्या चौरसिया (CM कार्यालय में उप सचिव) और निरंजन दास (IAS) शामिल हैं. जबकि कुछ वर्तमान में जमानत पर हैं, अन्य न्यायिक हिरासत में हैं.
ED ने कई अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं. जिसमें कुल 382.32 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को जब्त किया गया है. इन कुर्की में नौकरशाहों, राजनेताओं और निजी संस्थाओं से जुड़ी 1,041 संपत्तियां शामिल हैं, जैसे रायपुर में होटल वेनिंगटन कोर्ट और ढेबर और बघेल परिवारों से संबंधित सैकड़ों संपत्तियां शामिल है.
रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर के संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के दो सालों की उपलब्धियों की जानकारी दी। वहीं आने वाले तीन सालों की रुपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि बीजेपी सरकार बनने के बाद 112 कार्यों के लिए 8092 करोड़ की स्वीकृति मिली।
डिप्टी सीएम साव ने बताया कि 2023-24 में 81 कार्यो के लिए 550 करोड़ की स्वीकृति मिली। वहीं 2024- 25 में 436 कार्यों के लिए 2589 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली। 2025-26 में 608 नई सड़कें बनाई जाएगी। पुल एवं भवन कार्य के लिए 4950 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। प्रशासकीय स्वीकृति जारी है। 2025 से आज तक 1012 निविदा प्रमुख अभियंता द्वारा लगाई गई।
साव ने बताया, वर्ष 2025- 26 में 4824 करोड़ की निविदा स्वीकृत की गई। दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 तक 1126 कार्यों के निर्माण 8092 करोड़ स्वीकृत किए गए। वर्तमान में 3641 सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 164 पुल निर्माण कार्य अब तक पूरे हुए हैं। वहीं 143 पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। 252 भवन कार्य पूरे हो गए हैं एवं 265 कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया, 371 मुख्य अभियंता पदों पर पदोन्नति की गई। 7 नवीन संभागीय कार्यालय एवं 12 नवीन उप संभागीय कार्यलय सृजित किए गए हैं। वहीं नवीन विधानसभा का लोकार्पण पीएम मोदी के कर कमलों से कराया गया, यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि है।
रायपुर। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब तेज़ी से मूर्त रूप ले रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम, ग्राम फुटहामुड़ा से प्रारंभ होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबी यह नहर परियोजना नगरी विकासखंड के 22 ग्रामों के लगभग 1940 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी। परियोजना के पूर्ण होने से खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों का रकबा बढ़ेगा, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता और आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक स्तर पर भी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। मुख्य नहर से प्रभावित 10 ग्रामों में 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन पूरा हो चुका है, वहीं वन प्रकरण से प्रभावित 24.42 हेक्टेयर भूमि की अंतिम स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। इन स्वीकृतियों के बाद निर्माण कार्य में आने वाली सभी प्रमुख बाधाएं समाप्त हो गई हैं और कार्य अब निर्बाध गति से आगे बढ़ रहा है।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अनुसार, यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होने से कृषि आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र से होने वाले पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
ज्ञात हो कि फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी विकासखंड के किसानों को दीर्घकालीन लाभ देने वाली योजना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो, ताकि यह परियोजना कृषि समृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा दे सके। उल्लेखनीय है कि हाल ही में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आवश्यक संसाधनों की समीक्षा की गई थी। अधिकारियों के मार्गदर्शन में अब कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। फुटहामुड़ा नहर परियोजना को नगरी अंचल में हरित क्रांति की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
रायपुर। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम - कार्तिक यात्रा का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।
रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और उसके नेता अपनी बात भी ढंग से नहीं रख पा रहे हैं. अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘जी-रामजी बिल’ का भी विरोध कर रही है, जबकि इस बिल में निर्णय लेने का अधिकार पूरी तरह ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के पास है. इसके बावजूद कांग्रेस यह भ्रम फैला रही है कि सभी फैसले केंद्र सरकार करेगी. उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्र लिखकर नीचे स्तर तक सही जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.
मनरेगा को लेकर अरुण सिंह ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में विधानसभा में केवल गड्ढों की ही चर्चा होती थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में सबसे ज्यादा घोटाले पश्चिम बंगाल में सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ज़मीनी स्तर पर ठोस कदम उठा रही है, फिर भी जनहित के ‘जी-रामजी’ बिल का विरोध किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस की आदत बन चुकी है कि वह हर सकारात्मक कार्य का विरोध करती है, इसी कारण जनता उसे लगातार नकार रही है. आने वाले चुनावों में असम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ेगा और कहीं भी सम्मानजनक सीटें मिलने के आसार नहीं हैं.
अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश नक्सलवाद मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को हथियार मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, विद्युतीकरण और नियद नेल्लनर योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से व्यापक लाभ मिला है. पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का जीडीपी में योगदान कम था, अब इन क्षेत्रों की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि भारत आने वाले समय में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा.
छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार के दो वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए अरुण सिंह ने कहा कि राज्य में नए निवेश आ रहे हैं और उद्योगपतियों का रुझान बढ़ा है. जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर तक पानी पहुंचाया गया है और सरकार का मुख्य उद्देश्य योजनाओं की पूर्णता है.
सनातन धर्म को गाली देने में कांग्रेस को मजा आता है : अरुण सिंह
सनातन धर्म और कथावाचकों को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण सिंह ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को सनातन धर्म को गाली देने में मजा आता है. उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है.
दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया
आरएसएस पर टिप्पणी के मामले में दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण सिंह ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने संघ और भाजपा को हमेशा गालियां दी हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हो सकता है उन्हें क्षणिक सद्बुद्धि आई हो, लेकिन भाजपा इतनी बड़ी ताकत है कि किसी को जबरन प्रवेश कराने की जरूरत नहीं है.
रायपुर। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ने छाती के एक दुर्लभ एवं जटिल कैंसर मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर एक बार फ़िर एक 29 वर्षीय पुरुष मरीज की जान बचाई। मरीज छाती में गांठ, सांस लेने में तकलीफ और लगातार दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था।
कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने केस की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि – पूर्व में मरीज का उपचार एम्स रायपुर के कैंसर विभाग में चल रहा था, जहां बायोप्सी जांच में मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में छाती के बीच स्थित गांठ का आकार लगभग 13x18x16 सेंटीमीटर पाया गया, जो हृदय के समीप बड़ी रक्त नलियों से चिपकी हुई थी। उच्च जोखिम को देखते हुए एम्स रायपुर के चिकित्सकों ने पहले कीमोथेरेपी देने का निर्णय लिया।
जनवरी 2025 से जून 2025 तक मरीज को छह चक्र (cycle) कीमोथेरेपी दी गई, जिससे गांठ का आकार घटकर 4x3x4 सेंटीमीटर रह गया। इसके बाद मरीज को एम्स रायपुर से रेफर कर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के पास भेजा गया।
डॉ. गुप्ता ने सभी जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। गांठ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए हृदय सर्जरी विभागाध्यक्ष से परामर्श लिया गया तथा निश्चेतना विभाग से सर्जरी की फिटनेस प्राप्त की गई। लगभग 3 से 4 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में गांठ को बाएं फेफड़े के एक हिस्से सहित अत्यंत निपुणता से निकाला गया।
सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को कुछ दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उपचार के बाद मरीज समय- समय पर फॉलोअप के लिए चिकित्सालय आ रहा है।
इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. के. के. साहू, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. सोनम एवं डॉ. अनिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर छाती के मध्य भाग में जर्म कोशिकाओं से उत्पन्न होने वाला दुर्लभ कैंसर है, जो सामान्यतः 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में पाया जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द शामिल हैं। इस कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी एवं सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर कार्य करते हैं। यदि इस कैंसर का समय रहते पता चल जाए और उचित उपचार किया जाए तो पांच वर्षीय सर्वाइवल रेट 90 प्रतिशत से अधिक होता है।
पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं इससे संबद्ध अस्पताल में कैंसर उपचार हेतु सभी उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीज का उपचार कैंसर सर्जरी, हार्ट सर्जरी, निश्चेतना (Anesthesia) विभाग एवं अन्य सहयोगी विभागों के सामूहिक प्रयास से सफल हुआ जो सराहनीय है। -डॉ. विवेक चौधरी, डीन, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय
ऑपरेशन के दौरान गाँठ बाएँ फेफड़े, एओर्टिक आर्च और पल्मोनरी ट्रंक से चिपकी हुई थी जिसे हमारे सर्जन्स ने निपुणता के साथ निकाला। मरीज का सफल उपचार मरीज के परिजनों के साथ-साथ हम सबके लिए गर्व का विषय है।
रायपुर। स्वास्थ्य सेवाओं में तेज और प्रभावी सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बैठक में राज्यों को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि “टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा तथा जनभागीदारी आधारित मॉडल से स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किया जाएगा.”
बैठक के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रणबीर शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
इस दौरान नड्डा ने दवा विनियमन को कड़ा करने, निदान सुविधाओं का विस्तार करने, टेलीमेडिसिन व रोगी-केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी को व्यापक रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया.केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में स्वास्थ्य परामर्श अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से औषधि प्रबंधन, निदान सेवाओं और जनस्वास्थ्य पहलों को नई दिशा मिलेगी और इनका प्रभाव सीधे नागरिकों तक पहुंचेगा.
केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्यों के सभी रक्तकोष निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें तथा उनकी नियमित निगरानी व निरीक्षण को कठोर बनाया जाए. नि:शुल्क औषधि एवं निदान योजना के अंतर्गत अधिकतम जनसंख्या को लाभान्वित करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को प्राथमिकता देने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्यों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए.
बैठक में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने और उनके माध्यम से क्षय रोगियों के लिए पोषण एवं खाद्य सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया. नड्डा ने कहा कि जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जाँच को तीव्र गति से पूर्ण कर समयबद्ध निदान सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएँ संचालित कर कैंसर उपचार को सुदृढ़ किया जाएगा.
उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) एवं नवजात मृत्यु दर (NMR) में कमी लाने हेतु निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, जबकि गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी की जाए. इसी क्रम में कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान, MMR और IMR पर उन्मुखीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि TB कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें राज्यों को उपलब्ध कराई जाएँगी. बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग भी केंद्र के समक्ष रखी गई . नड्डा ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की सराहना करते हुए मानव संसाधन में अतिरिक्त सहयोग हेतु केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया.
बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली ट्रस्ट मॉडल पर संचालित होती रहेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से खाद्य एवं औषधि नमूनों की जाँच बढ़ाई जाएगी और खाद्य सुरक्षा क्षमता विस्तार हेतु राज्य आवश्यक स्थान उपलब्ध कराएँगे, जिसके लिए केंद्र वित्तीय मदद प्रदान करेगा.
विस्तृत चर्चा के पश्चात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “केंद्र और राज्य की साझेदारी ही स्वास्थ्य सुधारों की आधारशिला है. हमारा लक्ष्य केवल सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि परिणामों पर केंद्रित बदलाव है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे.”
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। भारतीय सेना में तैनात जवान तुलसी राम सहारे की एक दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब जवान छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे और गांव के समीप नदी से रेती निकासी का कार्य चल रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर अचानक पलट गया और जवान उसके नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना कोड़ेकुर्सी थाना क्षेत्र के ओटेकसा गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, तुलसी राम सहारे हाल ही में अवकाश पर अपने पैतृक गांव पहुंचे थे और परिजनों व ग्रामीणों के साथ समय बिता रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। इस घटना ने पूरे गांव और आसपास के इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी से रेती निकालते समय ट्रैक्टर का संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह पलट गया। हादसा इतना गंभीर था कि आसपास मौजूद लोग कुछ कर पाते, उससे पहले ही जवान की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।
सूचना मिलने पर कोड़ेकुर्सी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे को दुर्घटनावश बताया जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
जैसे ही जवान की मौत की खबर फैली, पखांजूर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। एक होनहार सैनिक की असमय मौत से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र गमगीन है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल है।
इस दुखद अवसर पर सैनिक कल्याण बोर्ड कांकेर के जवानों द्वारा तुलसी राम सहारे को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। सैन्य परंपराओं के अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
रायपुर। न्यू ईयर पार्टी को लेकर राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में उत्साह का माहौल है। 31 दिसंबर की रात को लोग नववर्ष का स्वागत धूमधाम से करने की तैयारी में हैं। वहीं, किसी भी तरह की अव्यवस्था, विवाद, कानून-व्यवस्था की समस्या या अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए रायपुर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, ढाबा, फॉर्म हाउस और बार संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
रायपुर पुलिस अधिकारियों ने राजधानी के प्रमुख होटल, बार और पार्टी आयोजकों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि नववर्ष के जश्न के दौरान नियमों का पालन अनिवार्य होगा। पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि सभी सेलिब्रेशन पार्टियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ही आयोजित की जाएंगी, ताकि किसी भी आपराधिक या अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी आयोजन स्थल पर बिना लाइसेंस शराब की बिक्री, सूखे नशे का उपयोग या बिक्री, अथवा रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने जैसी गतिविधियां पाई गईं, तो संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन होने पर होटल या बार का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
इसके अलावा संचालकों को पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्थिति में मुख्य मार्ग या सर्विस रोड पर अवैध पार्किंग नहीं होने दी जाएगी, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
पुलिस ने आउटर क्षेत्र में स्थित संस्थानों के लिए भी विशेष नियम तय किए हैं। निर्देशानुसार, नववर्ष की रात 12:00 बजे से 12:30 बजे तक इन संस्थानों को बंद रखना अनिवार्य होगा। बिना वैध लाइसेंस शराब परोसने, सार्वजनिक स्थानों या वाहनों में शराब सेवन कराने पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि आयोजन के दौरान आमंत्रित प्रत्येक ग्राहक की जिम्मेदारी आयोजनकर्ता या संचालक की होगी। यदि कोई ग्राहक शराब के नशे में हो जाता है, तो उसे सुरक्षित तरीके से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संचालक की ही होगी। साथ ही आयोजन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, सिक्योरिटी गार्ड्स और आपात स्थितियों से निपटने के इंतजाम अनिवार्य रहेंगे।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आयोजन से पहले संबंधित थाना को पूरी जानकारी देना आवश्यक होगा। कार्यक्रम के दौरान यदि हुड़दंग, झगड़ा या सूखे नशे का उपयोग पाया गया, तो संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर। छ्त्तीसगढ़ के बलरापुर जिले में पटवारी को फसल गिरदावरी कार्य में लापरवाही भारी पड़ गई. रामचंद्रपुर तहसील में पदस्थ पटवारी विवेक शुभम वैभव के खिलाफ निंलबन का एक्शन लिया गया है. इस संबंध में कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने आदेश जारी किया है.
दरअसल, रामचंद्रपुर तहसील में फसल गिरदावरी में लापरवाही की शिकायत सामने आने पर जांच कराई गई. जांच में पटवारी विवेक शुभम वैभव की लापरवाही और उदासीनता पाई गई, जिसे छ०ग० सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 (1) (2) (3) के विपरित माना गया. पटवारी को छ०ग० सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) (क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) जिला बलरामपुर-रामानुजगंज भेज दिया गया है. आदेश में उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि में पटवारी विवेक शुभम वैभव को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढुढरुडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 13.56 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों का लोकार्पण और 26.68 करोड़ 68 रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक गोमती साय, पूर्व सांसद नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, जिला पंचायत सदस्य गेंद बिहारी सिंह सहित कंवर समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्थलगांव विकासखण्ड में जिन नवनिर्मित कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 2.71 करोड़ रूपए लागत से ग्राम आमाटोली में 100 सीटर बालक छात्रावास भवन, 3.04 करोड़ रुपए लागत से ग्राम पंचायत पंगसुवा दर्रापारा तक सड़क, 2.35 करोड़ रुपए लागत से सराईटोला से बरपारा पहुंच मार्ग, 3.06 करोड़ लागत से पालीडीह बस्ती से लाखझार तक सड़क, 6.34 करोड़ लागत से कर्राजोर से होते हुए बरपारा, धनुपारा से काडरो पहुंच मार्ग, 2.73 करोड़ रुपए लागत से बंधनपुर से छातासराई तक पहुंच मार्ग, 2.16 करोड़ रुपए लागत से सूरजगढ़ के मिडिल स्कूल पक्की सड़क से लुडेग गौठान तक पहुंच मार्ग, 2.01 करोड़ लागत के तिलडेगा अटल चौक से आमाकानी पहुंच मार्ग और 2.25 करोड़ रुपए लागत से एस.टी.पी. निर्माण कार्य शामिल है।
इसी तरह जिन नवनिर्मित कार्यों का लोकार्पण किया उनमें विकासखण्ड कांसाबेल में 2.63 करोड़ रुपए लागत से कांसाबेल के कोरंगा बस्ती से ग्यारटोली पहुंच मार्ग, 1.07 करोड़ रुपए लागत से छुरीटोली से अलंगीझार पहुंच मार्ग, 1.97 करोड़ रुपए लागत से करंजटोली डाड़ीडिपा होते हुए चक्रधर नगर पहुंच मार्ग, 1.72 करोड़ रुपए की लागत से कोरंगा बस्ती से खैरवारटोली पहुंच मार्ग, 4.28 करोड़ रुपए की लागत से मुसकुटी से मुख्य मार्ग पहुंच मार्ग, 3 करोड़ रुपए की लागत से करंजटोली-रजौटी पहुचं मार्ग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से घोघरा के चौक से फरसाटोली मेन रोड पहुंचमार्ग, 10 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, नक्टीमुंडा और 54.01 लाख रुपए की लागत से पत्थलगांव में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), कार्यालय भवन शामिल है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि वनवासी कल्याण आश्रम का जनजातीयों की सेवा और उनके संरक्षण की दिशा में अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। वे आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन, 10-10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20-20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से अंचल के जनजातीय समाज को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम को विधायक गोमती साय और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने भी सम्बोधित किया और अस्पताल भवन के लिए 95 लाख की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
खैरागढ़। नववर्ष 2026 को लेकर राजनांदगांव पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने हाईटेक निगरानी और सख़्त प्रशासनिक रणनीति लागू कर दी है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अपराधियों के लिए कोई ढील नहीं, जबकि कानून का पालन करने वालों की पूरी सुरक्षा की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिलेभर को सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर की कमान राजपत्रित अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई है। करीब 600 पुलिसकर्मियों, 20 निरीक्षकों और 9 राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती के साथ निगरानी व्यवस्था को जमीन से आसमान तक मजबूत किया गया है। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौक चौराहों, पर्यटन स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
जिले के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। मंगटा क्षेत्र में 24 घंटे मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए निगरानी बदमाशों, आदतन अपराधियों और संदिग्ध तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है। होटल, ढाबा और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष टीमों को तैनात कर अवैध शराबखोरी, हुड़दंग और असामाजिक गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नियमों की अनदेखी पर सख्ती से कार्रवाई
सड़क सुरक्षा को लेकर भी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। 60 पुलिसकर्मियों की विशेष यातायात टीम शराब पीकर वाहन चलाने, ब्लैक फिल्म और नियमों की अनदेखी पर सख़्ती से कार्रवाई कर रही है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। आपात हालात से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को सीपीआर और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया है। फर्स्ट एड किट, एंबुलेंस सेवाएं और अतिरिक्त पेट्रोलिंग वाहनों के साथ फील्ड में तैनाती की गई है। पैदल गश्त, बाइक पेट्रोलिंग और मोबाइल पेट्रोलिंग लगातार जारी है।
आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
नववर्ष के अवसर पर मंदिरों, पर्यटन स्थलों और पिकनिक स्पॉट्स पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को सीसीटीवी सक्रिय रखने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। कार रेंटल एजेंसियों को भी वाहन देने से पहले पहचान सत्यापन अनिवार्य किया गया है। डोंगरगढ़ मंदिर परिसर में विशेष पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक हेल्पलाइन नंबर 9479246435 और पुलिस कंट्रोल रूम 9479192199 पर संपर्क कर सकते हैं। राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नववर्ष में शांति भंग करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। संदेश साफ है कि पुलिस मुस्तैद है, अपराध नहीं होगा।