बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तकनीकी शिक्षा विभाग के एक आदेश को खारिज करते हुए एक कर्मचारी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा कि 16 साल बाद की जाने वाली वेतन वसूली पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। न्यायमूर्ति ए.के. प्रसाद की एकलपीठ ने कहा कि यदि विभागीय गलती से अधिक वेतन दिया गया है तो उसका बोझ कर्मचारी पर नहीं डाला जा सकता।
मामला एक सरकारी सेवक से जुड़ा है, जो 1996 में तकनीकी शिक्षा विभाग में व्याख्याता बना और बाद में प्राचार्य पद तक पहुँचा। विभाग ने 21 दिसंबर 2022 को आदेश जारी कर यह कहते हुए वसूली शुरू कर दी थी कि 2006 के बाद से उसे अधिक वेतन मिला है। जबकि वेतन निर्धारण पूरी तरह विभागीय अधिकारियों के आदेश से हुआ था और इसमें कर्मचारी की कोई भूमिका नहीं थी। याचिकाकर्ता के वकील मतीन सिद्दीकी और दीक्षा गौराहा ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीह (2015) फैसले के अनुसार, यदि अतिरिक्त भुगतान कर्मचारी की धोखाधड़ी या गलत सूचना देने से नहीं हुआ है तो वसूली नहीं की जा सकती। इस सिद्धांत की पुष्टि बाद में थॉमस डेनियल (2022) और जोगेश्वर साहू (2023) मामलों में भी हुई है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में कहीं भी ऐसा नहीं है कि कर्मचारी ने विभाग को गुमराह किया हो। वह केवल वही वेतन लेता रहा जो विभाग ने खुद तय किया था। अदालत ने माना कि इतने लंबे समय बाद वसूली करना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि कर्मचारी पर असहनीय आर्थिक बोझ डालने जैसा है। अदालत ने 21 दिसंबर 2022 का आदेश निरस्त कर वसूली पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि यदि पहले से कोई राशि वसूल की गई है तो तीन महीने के भीतर लौटाई जाए। हालांकि, अदालत ने विभाग को यह स्वतंत्रता भी दी कि भविष्य में नियमों के अनुसार वेतन संशोधन किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना होगा।
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 का आठवां दिन विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोक-शास्त्रीय कलाओं की अनूठी छटा से सराबोर रहा। रामलीला मैदान में आयोजित सुर, ताल, छंद और घुंघरू के आठवें दिन कलाकारों की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और समारोह की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार रामदास अठावले ने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना, राजा चक्रधर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राजा चक्रधर सिंह केवल रायगढ़ के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। वे एक महान शासक, समाजसेवी और संगीत साधक थे। गरीबों, किसानों, मजदूरों और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए उन्होंने कार्य किया और कथक को नया आयाम देकर ‘रायगढ़ घराने‘ की स्थापना की। आज उनका यह सांगीतिक धरोहर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान पा रहा है। इस मौके पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
चक्रधर समारोह में आठवें दिन का मुख्य आकर्षण अबूझमाड़ का प्रसिद्ध मल्लखंभ दल रहा। उनकी रोमांचक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को उत्साहित कर तालियों से सभागार गूंजा दिया। इस अवसर पर रायपुर की आशिका सिंघल, संगीता कापसे संगीत कला अकादमी रायपुर, दुर्ग की देविका दीक्षित, बिलासपुर की वासंती वैष्णव एवं टीम, जबलपुर की निलांगी कालान्तरे और बेंगलुरु के डॉ.लक्ष्मी नारायण जेना ने कथक की विभिन्न शैलियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। रायपुर की अजीत कुमारी कुजूर ने भरतनाट्यम और मुंबई के अर्नव चटर्जी ने मधुर गायन से समा बांध दिया। चक्रधर समारोह के अवसर पर पद्मश्री स्व. डॉ. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में विशेष काव्य संध्या का आयोजन हुआ। कवियों की प्रस्तुतियों में हास्य, वीर रस और व्यंग्य का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शक देर तक तालियों से कवियों का उत्साहवर्धन करते रहे।
अबूझमाड़ के विश्व प्रसिद्ध मल्लखंब दल ने दिखाया ताकत, संतुलन और लचीलेपन का अद्भुत संगम चक्रधर समारोह में उस समय अविस्मरणीय बन गई, जब अबूझमाड़ से आए मनोज प्रसाद के नेतृत्व में मल्लखंब दल ने मंच पर प्रवेश किया। परंपरा, अनुशासन और अद्भुत संतुलन के साथ खिलाडिय़ों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा कार्यक्रम स्थल रोमांचित हो उठा। बस्तर और नारायणपुर के छोटे-छोटे गांवों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचे इंडियाज गॉट टैलेंट सीजन-10 के विजेता नरेंद्र गोटा और फुलसिंह सलाम ने अपने साथियों संग अद्भुत मल्लखंब कला की प्रस्तुति दी।
मंच पर कलाकारों ने खंभे पर कौशल, कला व जिम्नास्टिक की अद्भुत मुद्राओं का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस प्रस्तुति ने साबित कर दिया कि सुदूर वनांचल की प्रतिभाएं अब विश्व मंच तक अपनी पहचान दर्ज करा रही हैं। समारोह में उपस्थित हजारों दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से इन कलाकारों की सराहना की और उन्हें छत्तीसगढ़ का गौरव बताया। यह वही दल है जिसने 2023 में इंडियाज गॉट टैलेंट सीजन 10 जीतकर पूरे देश का दिल जीता था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी इन कलाकारों ने भारत का परचम लहराया है।
इन कलाकारों की सफलता के पीछे है अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी, जो 2018 से आदिवासी अंचलों के बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है। अब तक इस अकादमी के 500 से अधिक राष्ट्रीय पदक विजेता तैयार हो चुके हैं और 50 से अधिक बच्चे यहाँ रहकर शिक्षा एवं मल्लखंब की विधिवत ट्रेनिंग ले रहे हैं। इनके प्रशिक्षक मनोज प्रसाद ने अपनी मेहनत, समर्पण और जुनून से इन बच्चों को विश्वस्तरीय मंच दिलाया है।
रायपुर। बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।
बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।
सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके।
स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कृषि केन्द्रों का सतत निरीक्षण जारी है। इसी क्रम में प्रभारी उप संचालक कृषि भीमराव घोडे़सवार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ब्रजेश तुरकाने द्वारा पिथौरा के उर्वरक दुकानां का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी, मुकेश कृषि सेवा केन्द्र सोनासिल्ली के प्रतिष्ठान में पी.ओ.एस. स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा संबंधित फर्मो द्वारा मासिक प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने के कारण संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है।
इसी प्रकार चंचला कृषि केन्द्र लोहरीनडोगरी एवं पटेल ब्रदर्स पिथौरा द्वारा बिना स्त्रोत के कीटनाशी दवा के विक्रय करने के कारण संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संबंधित फर्म से जवाब प्राप्त होने के पश्चात् उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं कीटनाशी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कृषको से अपील की है कि कृषक बिल लेकर ही उर्वरक का विक्रय करें एवं कालाबाजारी की शिकायत पाए जाने पर संबंधित विकासखण्डों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क करे।
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गर्मा गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल को अनुचित ठहराते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
छत्तीसगढ़ में NHM कर्मियों की हड़ताल को लेकर राजनीति तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल को अनुचित बताते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर टालमटोल का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों से बातचीत की मांग की।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि NHM कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को पहले ही पूरा कर दिया गया है। कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है और अब प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मौसमी बीमारियों का सीजन है और ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करना सही नहीं है। मंत्री ने कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा,
“मैं सभी से निवेदन करता हूं कि काम पर वापस लौट आएं। सरकार उनकी मांगों को सुन रही है और समाधान की दिशा में कदम उठा रही है।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का पलटवार
वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि NHM के कर्मचारी हड़ताल पर हैं और सीएम हाउस का घेराव कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।बैज ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा,
“बीजेपी ने चुनाव के दौरान ‘मोदी गारंटी’ का नारा देकर NHM कर्मचारियों से वोट लिया था, लेकिन अब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। सरकार सिर्फ टालमटोल कर रही है।”
बैज ने साफ कहा कि सरकार को तुरंत कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए और हड़ताल खत्म करवाना चाहिए।
बढ़ती परेशानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
NHM कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश के कई हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीण इलाकों में दवाइयों और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं बाधित हो रही हैं। ऐसे में सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और NHM कर्मचारियों के बीच कब और कैसे बातचीत आगे बढ़ती है। मंत्री के आश्वासन और कांग्रेस की सख्त प्रतिक्रिया के बीच कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। श्री कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक आशाराम नेताम, विधायक प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 18 अगस्त 2025 से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही थी। इससे पूर्व 13 अगस्त 2025 को आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रस्तुत 10 मांगों में से 5 मांगों पर सहमति व्यक्त कर आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके थे, जबकि शेष मांगों पर शासन स्तर पर विचार-विमर्श जारी था।
हड़ताल के दौरान विभिन्न स्तरों से बार-बार नोटिस जारी कर कर्मचारियों को कार्य पर लौटने के लिए कहा गया। इसके बावजूद भी अधिकारी एवं कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, जिससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं और मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि सचिव, स्वास्थ्य विभाग अमित कटारिया ने 29 अगस्त को एक आदेश जारी कर सभी को काम पर वापस लौटने के निर्देश दिए थे। आदेश का पालन न करने की स्थिति में उन्हें सेवा से पृथक किए जाने का उल्लेख भी आदेश में निहित था। इसके बाद भी काम पर वापस नहीं लौटना आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।
शासन का स्पष्ट मत है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। लोकहित को दरकिनार कर की गई यह हड़ताल नियम विरुद्ध आचरण की श्रेणी में आती है और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाली रही है।
फलस्वरूप, स्वास्थ्य द्वारा आंदोलनरत 25 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, शेष प्रकरणों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक आयोजित हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सक्रिय रूप से भागीदारी की।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि बैठक में जीएसटी प्रणाली में सुधार से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सुधार आम नागरिकों को सहूलियत देंगे, व्यापार जगत को गति प्रदान करेंगे और देश की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जीएसटी सुधार केवल कर संरचना का सरलीकरण नहीं है, बल्कि यह इज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूत करने और राज्यों तथा देश की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने का भी माध्यम है।
यह उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में व्यापक सुधारों का आह्वान किया था। आज आयोजित यह बैठक उस संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और ठोस कदम साबित हुई है।
बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्रीगण, राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष व सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया।
गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें सोमेश साव, देवाशीष बरिहा, आकाश साहू, विशाल यादव, अभिषेक सिन्हा ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहुंच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।
सोमेश साव सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें
सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहुँच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद सोमेश, ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।
रायपुर। सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएँ मायके में उपवास करती हैं। तीजा महिलाओं को मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व है।
तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है।
कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रूप कुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी तथा पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
बिलासपुर। बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े एक अहम मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने सर्जन डॉ. प्रवेश शुक्ला को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एसीबी, ईओडब्लू और पुलिस की एफआईआर को निरस्त कर दिया है।
कोर्ट ने लगाया अधिकारियों पर गंभीर आरोप
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से अभियोजन चलाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में की गई कार्रवाई न्यायसंगत नहीं थी।
शराब घोटाले से जुड़ा मामला
यह मामला शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर से जुड़ा है। दरअसल, ढेबर को जिला अस्पताल से एम्स रेफर किए जाने के प्रकरण में शासन ने डॉ. प्रवेश शुक्ला पर “सेवा में कमी” का आरोप लगाते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया था। इसके साथ ही एसीबी, ईओडब्लू और पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
अब मिली राहत
हाईकोर्ट के ताजा आदेश से डॉ. शुक्ला को बड़ी राहत मिली है। अदालत के फैसले के बाद माना जा रहा है कि शासन द्वारा की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होंगे।
रायपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले आज छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में श्री अठावले ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने तथा समाज के वंचित वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति योजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव तारण प्रकाश सिन्हा एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, समाज कल्याण संचालक रोक्तिमा यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
केन्द्रीय मंत्री श्री अठावले ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी है। राज्यों के साथ बेहतर तालमेल से योजनाओं की पहुंच और परिणाम दोनों बेहतर होंगे।
रायपुर। अफ्रीका महाद्वीप के इथोपिया में व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर बिलासपुर के उद्योगपतियों, माइनिंग व्यवसाईयों, राइस मिलर्स, पर्यटन सेवा प्रदाताओं और इन विभागों के अधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई. इथोपिया में भारत के राजदूत अनिल राय ने बिलासपुर कलेक्टोरेट में कलेक्टर संजय अग्रवाल की मौजूदगी में बैठक लेकर छत्तीसगढ़ लद्यु उद्योग संघ, प्रमुख उद्योगपतियों, माइनिंग से जुड़े व्यवसाईयों, राइस मिलर्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर अफ्रीका के विभिन्न देशों में उपलब्ध व्यापारिक अवसरों, निवेश की संभावनाओं और साझेदारी के मॉडलों पर विस्तार से चर्चा की. स्वसहायता समूहों की महिलाएं भी बैठक में शामिल हुईं. उन्होंने समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों और उनकी खासियतों की जानकारी दी.
राजदूत अनिल राय ने बैठक में बताया कि अफ्रीका में कई ऐसे क्षेत्र है जहां भारतीय उद्योगपतियों, व्यापारियों व राइस मिलर्स के लिए अपार अवसर हैं. उन्होंने खनन, राइस मिलिंग और उद्योगों की स्थापना पर जोर देते हुए कहा कि अफ्रीका के कई देशों में खनिज संसाधनों के भंडार हैं, लेकिन तकनीकी सहायता की कमी है. इस क्षेत्र में भारत की अहम भूमिका हो सकती है. उन्होंने पर्यटन, औद्योगिक इकाईयों की स्थापना, कृषि उपकरणों के निर्यात और कौशल विकास पर भी सुझाव दिए. राय ने स्थानीय उद्यमियों को बताया कि अफ्रीका के जीडीपी का 12 प्रतिशत माइनिंग से आता है.
बैठक में शामिल बिलासपुर के उद्योगपतियों और व्यवसाईयों ने इथोपिया में भारत के राजदूत अनिल राय के साथ बैठक के आयोजन के लिए जिला प्रशासन के पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि यदि उचित मार्गदर्शन मिले तो वे अफ्रीका में अपने व्यवसाय का विस्तार करने को तैयार हैं. बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार, जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल और छत्तीसगढ़ लद्यु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया सहित शहर के प्रमुख उद्योगपति, माइनिंग व्यवसायी, राइस मिलर्स, पर्यटन से जुड़े लोग और इनसे संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे.
रायपुर। पाकिस्तानी ड्रग्स की छत्तीसगढ़ में सप्लाई को लेकर भाजपा ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है. इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर ने भी कहा कि कीसी भी ढेबर का बेटा हो, कांग्रेस में एक से एक नगीने हैं. अभी देखते जाइए एक से एक नाम सामने आएंगे. देखते हैं कि कि कितने लोग नशे में है, और कितने होश में हैं. दीपक बैज बेचारे अध्यक्ष सिर्फ स्पष्टीकरण देने के लिए हैं. नीति विषयक बातें दीपक बैज करते नहीं.
बस्तर में बाढ़ प्रभावितों की मदद करने कांग्रेस की सहायता राशि की मांग पर तंज:
बस्तर में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ के हालात बने हुए हैं. ऐसे में बाढ़ प्रभावितों की मदद करने के लिए कांग्रेस ने राज्य सरकार से सहायता राशि की मांग की है. उनकी इस मांग को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि दीपक बैज के पत्र लिखने से क्या होगा? कितनी सहायता राशि मिलेगी, उसे बैज को सार्वजनिक करना चाहिए. कांग्रेस के लापता सांसद ज्यादा पैसे दे सकते हैं. लापता सांसद कितना पैसा देते हैं, उसे सार्वजनिक करना चाहिए.
कांग्रेस की बैक-टू-बैक बैठकों पर टिप्पणी:
आज कांग्रेस की बैक टू बैक 2 बैठकें हैं. इसे लेकर भी विधायक चंद्राकर ने कांग्रेस की चुटकी ली है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बैठकें आपस में लड़ाई के लिए होती हैं. अनुशासात्मक कार्रवाई की बैठक कांग्रेस में नहीं हो रही है. कहीं कांग्रेस अनुशासात्मक बैठक तो नहीं कर रही है? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस जनहित के विषय नहीं उठाती. पवन खेड़ा को नोटिस मिला है, कहीं बैठकें उसके समाधान के लिए तो नहीं हैं.
राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम वाले बयान का किया पलटवार:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि एटम बम के बाद हाइड्रोजन बम आएगा. उनके इस बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि हमारा लॉन्च हुआ नया सेमीकंडक्टर हम कांग्रेस हाइड्रोजन बम में लगा देंगे. कांग्रेस को जनहित की बात करनी चाहिए. कांग्रेस ने सेमीकंडक्टर लॉन्च नहीं किया, तो भारत पीछे हो गया. उन्होंने आगे कहा कि सेमीकंडक्टर की प्रशंसा करनी चाहिए. कांग्रेस को वोट चोरी का मुद्दा छोड़ना चाहिए राहुल गांधी का गोपनीय बम भी सामने आ चुका है लेकिन आज तक हुआ कुछ नहीं.
ईडी की कार्रवाई का समर्थन:
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में ED की लगातार कार्रवाई चल रही है. इसे लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि करप्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
रायपुर। गणेश चतुर्थी पर्व के उपरांत 6 सितंबर अनंत चतुर्दशी को शहरभर से लाई गईं श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेव घाट पर निर्मित विसर्जन कुंड में किया जाएगा. नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसके लिए विस्तृत आदेश जारी किए हैं.
आयुक्त ने बताया कि विसर्जन शोभायात्रा शारदा चौक से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती, लाखे नगर, सुन्दर नगर होते हुए महादेव घाट पहुंचेगी. लाखे नगर चौक से महादेव घाट तक वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप इस बार भी प्रतिमाओं का नदी में विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा. प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्मित कुंड में ही होगा ताकि नदी का जल प्रदूषित न हो. पूजन सामग्री को अलग कर उपयुक्त स्थान पर रखा जाएगा. साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी.
नगर निगम ने गणेश विसर्जन की संपूर्ण व्यवस्था के लिए समिति गठित की है, जिसके नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पांडेय होंगे. समिति के सदस्य विद्युत, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे. विसर्जन स्थल पर गोताखोर, मोटरबोट, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, अग्निशमन वाहन और पंडितों की व्यवस्था की जाएगी.
आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और संबंधित अधिकारियों को 6 से 12 सितंबर तक ड्यूटी पर रहने निर्देशित किया है. शहर के अन्य तालाबों में विसर्जन न हो, इसके लिए अस्थायी कुंड बनाए जाएंगे. विसर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, साफ-सफाई और पेयजल टैंकरों की भी व्यवस्था की जा रही है.
आयुक्त ने नगर निगम रायपुर की ओर से गणेश विसर्जन स्थल महादेव घाट खारून नदी के तट पर सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था करने निगम अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है। इस समिति के नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय मो. नं. 9424264100 को बनाया गया है. समिति में प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर मो.नं. 9425502640, प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश नायडू मो. नं. 9644000770, प्रभारी नगर निवेशक आभास मिश्रा मो. नं. 9907992294, जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470, जोन 6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव मो.नं. 8253087778, उपायुक्त स्वास्थ्य प्रीति सिंह मो. नं. 8319517473 को सम्मिलित किया गया है. यह प्रशासनिक समिति गणेश विसर्जन के लिए, शामियाना, लाईट, माईक, गोताखोर, चिकित्सा सुविधा आदि की व्यवस्था करेगी। इस समिति को आवश्यक सहयोग देने जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470 को निर्देशित किया गया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक और छुट्टी में बदलाव किया गया है। 6 सितंबर की छुट्टी में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने इस छुट्टी को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। दरअसल 15 अक्टूबर 2024 को अवकाश की सूची जारी की गयी थी। जिसमें 6 सितंबर को शनिवार को अवकाश घोषित कियागया था।
अब राज्य सरकार ने शनिवार को घोषित सार्वजनिक अवकाश को निरस्त करते हुए शुक्रवार यानि 5 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर ऐच्छिक अवकाश यथावत रहेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने दोनों हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया।इसी के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने भी प्रवीण चौबे पर कार्रवाई करने की मांग की।
बैठक में उठा अनुशासन का सवाल
इससे पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि कार्रवाई केवल छोटे कार्यकर्ताओं पर होती है, जबकि बड़े नेताओं की अनुशासनहीनता पर चुप्पी साध ली जाती है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जिलाध्यक्षों और नेताओं को समझाते हुए कहा कि वे अपने-अपने “चमचों” पर नियंत्रण रखें। उन्होंने साफ किया कि संगठन को कमजोर करने वाले बयानों के लिए शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार नहीं है, बल्कि ऐसे बयान फैलाने वाले कार्यकर्ताओं की गलती होती है।
चौबे के बयान से मचा था बवाल
दरअसल, कुछ दिन पहले पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने बयान दिया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व की जरूरत है। इस बयान ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी थी। विवाद बढ़ने पर चौबे ने यू-टर्न ले लिया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
अब कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद यह साफ हो गया है कि कांग्रेस संगठन इस मामले को हल्के में नहीं लेना चाहता। आने वाले दिनों में चौबे पर कड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।