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‘सत्यमेव जयते’ का पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे कांग्रेस विधायक, नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में किया प्रवेश, हुए निलंबित…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन कांग्रेस के सभी विधायक ‘सत्यमेव जयते’ की तख्ती लेकर सदन में पहुंचे थे. विधायक नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे. सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई.
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. अजय चंद्राकर ने आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई. विपक्ष ने जाँच एजेंसियों के दुरूपयोग पर स्थगन लाया था. आसंदी ने विपक्ष के स्थगन को अग्राह्य किया.
इसके साथ ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई. नारेबाजी करते हुए विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचे. विपक्षी सदस्य सत्यमेव जयते के साथ जाँच एजेंसियों का दुरूपयोग करना बंद करो, भारत माता की जय, महात्मा गांधी की जय का नारा लगाते हुए गर्भगृह में पहुँचे. गर्भगृह में पहुंचने पर विपक्षी सदस्य निलंबित किए गए.
छत्तीसगढ़ विधानसभा : हंगामे के साथ शुरू हुआ चौथे दिन का सत्र, कांग्रेस विधायकों ने सीने पर लगाए पोस्टर…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ. कांग्रेस विधायक अपने सीने पर मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में पोस्टर लगाकर पहुंचे थे, इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताई. इस पर आसंदी ने व्यवस्था का हवाला देते हुए कांग्रेस विधायकों से पोस्टर-बैनर बाहर निकालकर प्रश्नकाल में शामिल होने को कहा.
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों के सीने पर सत्यमेव जयते का पोस्टर लगाए जाने पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल किया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बता दें कि क्या ऐसी परंपरा रही है. भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कांग्रेस के दो नेता पोस्टर नहीं लगाए हैं, और बाकी के विधायकों को मजदूर समझकर पोस्टर लगवाकर लाए हैं. इस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप मजदूर कहकर जनप्रतिनिधियों का अपमान कर रहे हैं.
इस आसंदी ने सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की बात कहते हुए कहा कि आप सभी वरिष्ठ सदस्य हैं. जिन्होंने भी बैनर-पोस्टर लगाकर रखे हैं, वे बाहर निकालकर सदन की कार्यवाही में शामिल हुए. इस पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के सवाल करने पर अजय चंद्राकर ने कहा कि व्यवस्था पर कोई सवाल नहीं होता. इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत के हस्ताक्षेप करने पर अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रश्नकाल में कोई भाषण नहीं होता है. इस तरह से पक्ष-विपक्ष के बीच नोक-झोंक के बीच आसंदी ने पांच मिनट के लिए स्थगित की.
मनरेगा का नाम बदलने पर गरमाई सियासत, CM साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा–
रायपुर। देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलने को लेकर चल रहे विवाद पर राजनीतिक बयानबाज़ी बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने इसे लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया है।
पंकज झा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के दिन ही भूपेश बघेल जी की कांग्रेस सरकार ने पंडित जी के नाम वाली सभी योजनाओं का नाम बदल दिया था। ऐसे लोग जब उचित नामकरण पर भी कलेजा पीटते हैं, तो क्या ही कहा जाए! घृणा उनके काम का आधार है। प्रेम, समन्वय, समावेश हमारे काम का।”
उन्होंने अपने पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए नाम परिवर्तन के आदेश की कॉपी भी साझा की है। जिनमें दीनदयाल उपाध्याय स्वालंबन योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी स्वालंबन योजना, दीनदयाल उपाध्याय सर्व‑समाज मांगलिक भवन योजना को डॉ. बीआर अंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना, दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना को इंदिरा प्रियदर्शनी एलईडी पथ प्रकाश योजना, दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केंद्र को राजीव गांधी आजीविका केंद्र और दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना का नाम बदलकर इंदिरा प्रियदर्शनी शुद्ध पेयजल योजना करने का आदेश जारी किया गया था।
गुरु खुशवंत साहेब के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में हुई सुनवाई, हाईकोर्ट से आरोपी को मिली जमानत
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने सतनामी समाज के गुरु और कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के खिलाफ व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी जीवन देवांगन की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जानकारी के अनुसार 20 नवंबर 2025 को जिला सतनामी समाज खैरागढ़ ने पुलिस अधीक्षक जिला खैरागढ़ के सामने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जीवन देवांगन ने 13 नवंबर के आसपास भाजपा मंडल ठेलकाडीह के व्हाट्सएप ग्रुप में एक आपत्तिजनक मैसेज पोस्ट की थी।
आरोप है कि दो आंगनबाड़ी वर्कर्स के बीच हुए झगड़े के दौरान जीवन ने एक मैसेज सर्कुलेट किया, जिसमें उसने धार्मिक नेता और कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के लिए अपमानजनक शब्द (“गुरु घंटाल”) का इस्तेमाल किया। शिकायत करने वालों ने कहा कि यह कमेंट गाली-गलौज वाला, अभद्र और अपमानजनक है और इससे समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह भी आरोप है कि आवेदक ने बाद में उस ग्रुप से मैसेज डिलीट कर दिया। सतनामी समाज ने कहा कि इस कमेंट से समाज की बेइज्जती और सांप्रदायिक चोट पहुंची है और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। इन आरोपों के आधार पर मौजूदा आवेदक के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 में एफआईआर दर्ज की गई।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में मिस्लेनियस क्रिमिनल केस प्रस्तुत कर जमानत का अनुरोध किया। आवेदक के वकील ने यह तर्क दिया कि आवेदक निर्दोष है और उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि कथित मैसेज एक प्रशासनिक, व्यक्तिगत विवाद के संदर्भ में भेजा गया था न कि किसी धार्मिक प्रथा, देवता या धर्म के संबंध में। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी आवेदक के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों मामलों का निपटारा हो चुका है। जांच और ट्रायल में काफी लंबा समय लगने की संभावना है, इसलिए उसे अग्रिम जमानत दी जाए।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, आवेदक पर लगाए गए आरोप की प्रकृति और गंभीरता, रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री, दोनों पक्षों के विद्वान वकीलों द्वारा दिए गए तर्कों को ध्यान में रखते हुए जांच और ट्रायल पूरा होने में कुछ समय लगने की संभावना है, इसलिए कोर्ट अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करने के पक्ष में है। इसके साथ ही जमानत स्वीकार कर ली। आरोपी को सुनवाई खत्म होने तक कोर्ट द्वारा दी गई हर तारीख पर ट्रायल कोर्ट के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 150 करोड़ का प्रावधान, हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने सीएम साय से की 4C एयरपोर्ट के लिए 500 करोड़ की मांग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर के बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट चकरभाठा के विस्तार के लिए अनुपूरक बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। समिति ने राशि के प्रावधान पर आभार व्यक्त करते हुए ज्ञापन सौंपा और मुख्य बजट में 4C एयरपोर्ट के लिए 500 करोड़ आवंटित करने की मांग की।
समिति के सदस्य सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल और तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह की पहल पर यह मुलाकात विधानसभा परिसर में हुई। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने सेना की 1012 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए मंजूरी का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए सेना की जमीन प्राप्त करने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुके हैं। जल्द ही मामले का समाधान हो जाएगा।
समिति ने मांग की है कि जमीन का मसला हल होने के बाद वर्तमान रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 2200 मीटर किया जाए। इसके अतिरिक्त 500 यात्रियों की क्षमता वाला एक नया टर्मिनल भवन और एक नया एटीसी टावर स्थापित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मेयर रामशरण यादव, सुदीप श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह ठाकुर, महेश दुबे, समीर अहमद और रवि बैनर्जी सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट: विकास, अनुशासन और भविष्य की मजबूत नींव - वित्त मंत्री ओ पी चौधरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह अनुपूरक बजट केवल संसाधनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि निरंतर आर्थिक प्रगति और संतुलित विकास की मजबूत दिशा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों और निगमों पर छोड़े गए ₹45,000 करोड़ से अधिक के लंबित ऋण ने इन संस्थानों को लगभग निष्क्रिय स्थिति में पहुँचा दिया था। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार ने मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को संबल प्रदान करने का गंभीर प्रयास किया है, जो राज्य में धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं। इन संस्थाओं को सुदृढ़ किए बिना किसानों का कल्याण और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने तथा विभिन्न औद्योगिक विकास एवं प्रोत्साहन योजनाओं को निरंतरता प्रदान करने के लिए अनुपूरक बजट में ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश, रोजगार और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए केवल राजस्व व्यय पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दूरदर्शी पूंजीगत व्यय ही भविष्य की समृद्ध अर्थव्यवस्था और मजबूत अधोसंरचना का आधार बनता है। सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में किया गया निवेश आने वाले दशकों तक विकास के स्थायी स्रोत तैयार करता है। इसी सोच के साथ सरकार ने पूंजीगत व्यय को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बनाया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद बीते 25 वर्षों में पूंजीगत व्यय में लगभग 55 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहाँ पूंजीगत व्यय ₹13,320 करोड़ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर ₹15,419 करोड़ और 2024-25 में ₹20,055 करोड़ तक पहुँचा। मुख्य बजट 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए ₹26,341 करोड़ का प्रावधान किया गया है, साथ ही अनुपूरक बजट में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के कुल आकार के अनुपात में भी पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पूर्व सरकार के समय यह लगभग 3.5 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसके 4.1 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक विकास और मजबूत अधोसंरचना निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
अपने वक्तव्य के समापन में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह सरकार वादों पर नहीं, बल्कि परिणामों पर विश्वास करती है। पूंजीगत व्यय के माध्यम से संकल्पों को कागज से जमीन तक उतारने का कार्य किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त, अधोसंरचना के दृष्टिकोण से मजबूत और देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।
अनुपूरक बजट में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) हेतु ₹175 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य में प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना (एडीबी लोन-3) के अंतर्गत ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट रेल लाइन परियोजना के लिए ₹86 करोड़ की राशि का प्रावधान कर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
अनुपूरक बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषि उन्नति योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही किसानों को 5 एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने हेतु ₹1,700 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और कृषि उत्पादन को स्थायी बल मिलेगा। किसानों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक में ₹187 करोड़ का प्रावधान कर उन्हें वित्तीय संबल प्रदान किया गया है।
इसके अतिरिक्त, फसल जोखिम से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹122 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के भवन निर्माण के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान कर राज्य में कृषि आधारित नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है।
अनुपूरक बजट में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। पिछली सरकार द्वारा छोड़े गए लंबित भुगतानों के निपटान हेतु अनुपूरक बजट में कुल ₹19,224 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा तंत्र को स्थायित्व प्रदान किया जा सके। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत ₹6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।
इसके साथ ही राज्य में धान खरीदी की महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि के निपटान हेतु ₹12,424 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से न केवल किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा ढांचे को भी दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी, जिससे आम नागरिकों के पोषण एवं खाद्य अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
अनुपूरक बजट में सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों तक फायर वाहन एवं आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था हेतु अनुपूरक बजट में ₹154 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे आपदा एवं अग्नि दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरा प्रणाली के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्य के समस्त परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के निर्माण हेतु अनुपूरक में ₹12 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अनुपूरक बजट में ₹35 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इन पहलों के माध्यम से सरकार न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है।
अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कुल ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ₹180 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश के लिए अनुकूल अधोसंरचना विकसित होगी और उद्योगों को सुस्पष्ट स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु लागत पूंजी अनुदान के रूप में ₹130 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे नए उद्यमों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को बल मिलेगा।
इसके अतिरिक्त उद्योगों की वित्तीय लागत को कम करने और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से ब्याज अनुदान के रूप में ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के माध्यम से राज्य सरकार निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में संतुलित और सतत औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।
अनुपूरक बजट में महिला एवं बाल विकास को सशक्त बनाने के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से राज्य की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर को सुदृढ़ करने और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही मातृ एवं शिशु पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत अनुपूरक में ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों से पोषण स्तर में सुधार, स्वास्थ्य संकेतकों को सुदृढ़ करने और भावी पीढ़ी के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और आवासीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य बजट में ₹8,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं अनुपूरक बजट के माध्यम से इसके लिए ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास सुनिश्चित किया जा सके।
इसके साथ ही ग्रामीण अधोसंरचना और बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ₹378 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक एवं संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के लिए ₹40 करोड़ तथा ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के आजीविका सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ₹286 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इन प्रावधानों के माध्यम से सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, अधोसंरचना, स्वच्छता और आजीविका के समन्वित विकास को सुनिश्चित करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
हवाई कनेक्टिविटी से लेकर किसान कल्याण और बस्तर में शांति तक: साय सरकार की बहुआयामी विकास रणनीति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के समावेशी विकास और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹150 करोड़ तथा रायगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन निवेशों से क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक गतिविधियों और नागरिक सुविधाओं को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय की सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की संवेदनशील और किसान-हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि बीते दो वर्षों में ₹25,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। यह न केवल किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करता है।
राज्य में शांति और सुरक्षा की दिशा में भी साय सरकार निर्णायक परिणाम लेकर आई है। 31 मार्च 2026 की समयसीमा के निकट आते हुए सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त और प्रतिबद्ध है कि छत्तीसगढ़ जल्द ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की समस्या से पूर्णतः मुक्त होगा। शांति, संवाद, विकास और सुरक्षा की बहुआयामी रणनीति के माध्यम से साय सरकार ने ऐसे वातावरण का निर्माण किया है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और विकास की यात्रा में सहभागी बन रहे हैं।
बस्तर, जहाँ कभी गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, आज वहाँ बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजन और बस्तर ओलंपिक जैसे खेल महोत्सव नई पहचान बना रहे हैं। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि साय सरकार की उस बहुआयामी विकास नीति का प्रमाण है, जिसने विश्वास, उत्सव और भविष्य की आशा को बस्तर की धरती पर पुनः स्थापित किया है।
"₹35,000 करोड़ का यह ऐतिहासिक अनुपूरक बजट छत्तीसगढ़ के भविष्य को मजबूत आधार देने वाला बजट है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और संवेदनशील शासन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यह बजट किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं और उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर सृजित करता है। पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देकर सरकार ने सड़कों, आवास, कृषि, उद्योग, कनेक्टिविटी और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। बस्तर में शांति, किसानों को सीधा आर्थिक लाभ, महिलाओं का सम्मान और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास—ये सभी इस बात के प्रमाण हैं कि सरकार वादों नहीं, परिणामों की राजनीति कर रही है और छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।"
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
सदन में कांग्रेस विधायक ने अजय चंद्राकर को दिया ऑफर, कहा – 15 विधायक लेकर आएं और सीएम पद पाएं, चंद्राकर ने कही ये बात…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र में सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर अपने तीखे अंदाज के चलते सुर्खियों में है। इसी बीच आज कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने सदन में अजय चंद्राकर को 15 विधायक साथ लेकर आने पर सीएम बनाने का ऑफर दे दिया। वहीं मुख्यमंत्री बनाने के ऑफर पर पलटवार करते हुए चंद्राकर ने कहा, संगीता सिन्हा के दिमाग में ओले पड़ गए हैं। वो कुछ भी बोल रही है।
मीडिया के सवाल पर संगीता सिन्हा ने कहा, पहले दिन विजन 2047 की चर्चा में विपक्ष ने भाग नहीं लिया। कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति में अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें बधाई भी दिए। चंद्राकर लगातार सरकार को घेर रहे। इस सरकार से वे दुखी लग रहे हैं इसलिए उन्हें 15 विधायक लेकर आने पर सीएम बनाने का ऑफर दिया।
लोकसभा में गूंजी भिलाई के विद्यार्थियों की आवाज़, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा से जुड़े जनहित मुद्दों को उठाया
नई दिल्ली/रायपुर। लोकसभा में रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने भिलाई टाउनशिप एवं उससे जुड़े खनन क्षेत्रों में संचालित सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के विद्यालयों से जुड़े महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को लोकसभा में प्रभावी ढंग से उठाकर एक बार फिर अपनी सजगता, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचय दिया है।
बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में इस्पात मंत्री से भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा संचालित विद्यालयों की संख्या, उनके भौतिक अवसंरचना के नवीनीकरण एवं उन्नयन की योजनाओं तथा शिक्षकों की उपलब्धता और उनके व्यावसायिक विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पर जानकारी मांगी।
सांसद बृजमोहन का कहना है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। भिलाई टाउनशिप एवं खनन क्षेत्रों में संचालित सेल–बीएसपी के विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा संचालित विद्यालयों में आधारभूत संरचना का सतत उन्नयन, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता और उन्हें आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से सशक्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समग्र एवं भविष्योपयोगी शिक्षा मिल सके।
केंद्रीय इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारास्वामी ने बताया कि, सेल-बीएसपी द्वारा भिलाई टाउनशिप एवं खनन क्षेत्र में कुल 10 विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी नियमित मरम्मत एवं रख-रखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही, योग्य शिक्षकों की सुनियोजित तैनाती एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सीबीएसई द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास की भी समुचित व्यवस्था है।
सांसद बृजमोहन ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के लिए संसद से लेकर जमीन तक निरंतर आवाज उठाते रहेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनदेखी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में यह विषय उठाकर न केवल भिलाई के हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताओं को आवाज़ दी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिकता से कोई समझौता न हो।
उनकी यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में जवाबदेही, पारदर्शिता और सतत सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के नागरिकों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस सार्थक और जनहितकारी प्रयास की सराहना की है, जो यह दर्शाता है कि वे सदैव शिक्षा, युवाओं और भविष्य निर्माण के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
राइस उद्योग की समस्याओं को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी से मिले राइस मिलर्स
नई दिल्ली/रायपुर। आज रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में "द फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया राइस मिलर्स एसोसिएशन" (FARIMA) के प्रतिनिधिमंडल ने संसद भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से भेंट कर राइस उद्योग से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में FARIMA के चेयरमैन जी. वेंकटेश्वर राव, प्रेसिडेंट तरसेम सैनी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट योगेश अग्रवाल तथा कोषाध्यक्ष माखन लाल सिंहला शामिल रहे।



भेंट के दौरान भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा ऑटोमैटिक ग्रेन एनालाइज़र (AGA) मशीन को बंद किए जाने, VFR (वैरायटी फ्री रिजेक्शन) तथा फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि AGA मशीन आधुनिक इमेज प्रोसेसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के माध्यम से बिना मानवीय हस्तक्षेप के कुछ ही मिनटों में खाद्यान्न की सटीक गुणवत्ता जांच करती है, जिससे पारदर्शिता, गति और भरोसेमंद व्यवस्था सुनिश्चित होती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अंतर्गत FCI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित AGA प्रणाली को खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसके पश्चात फरवरी 2023 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई संयुक्त बैठक में इसे देशभर में लागू करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ की कार्यप्रणाली के कारण अलग-अलग राज्यों में इसे बंद किया गया, जिससे राइस मिलर्स का उत्पीड़न हुआ और पारदर्शिता प्रभावित हुई।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं की ओर भी मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि FRK निर्माण इकाइयों में BIS एवं FSSAI मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य, किसानों की आय और सरकारी राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। FRK की गुणवत्ता में कमी के कारण राइस मिलें बंद हो रही हैं, धान खरीद प्रभावित हो रही है और किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि देशहित, किसानहित और उपभोक्ता हित में AGA मशीन को पूर्ण रूप से पुनः लागू किया जाए तथा वर्तमान परिस्थितियों में FRK व्यवस्था की समीक्षा कर इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने पर विचार किया जाए।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सभी बिंदुओं पर आवश्यक परीक्षण एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शराब घोटाला मामला : सौम्या चौरसिया की बढ़ी मुश्किलें, पूछताछ के बाद ईडी ने किया गिरफ्तार
रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, ED ने आज सौम्या चौरसिया को शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। वहीं लंबी पूछताछ के बाद ईडी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अब कल सुबह ईडी की विशेष कोर्ट में सौम्या चौरसिया को पेश किया जाएगा।
बता दें कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले की मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को रिहा किया गया था। रिहाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे।
क्या है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से शराब घोटाला हुआ। इसमें लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि चहेती कम्पनियों को काम मिल सके। उन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई। यह काम नोएडा की एक कंपनी ने किया। इसके बाद नकली होलोग्राम लगी शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाई गई। चूंकि नकली होलोग्राम था तो बिक्री की जानकारी शासन को नहीं हो पाती थी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इस तरह से शासन को 2165 करोड़ रुपए के टैक्स का चूना लगाया गया। यह रकम कांग्रेस भवन बनवाने से लेकर नेताओं,अधिकारियों और मंत्रियों तक बटे।
शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
ACB की बड़ी कार्रवाई, 25 हजार की रिश्वत लेते तहसील ऑफिस का बाबू गिरफ्तार
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक बार फिर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसील जरही में पदस्थ प्रभारी बाबू लोखन सोरी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बाबू ने क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रकरण के एवज में रिश्वत की डिमांड किया थी।
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी रमेश राम राजवाड़े निवासी कोटया का मकान क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रकरण लंबित था। इस मामले में बिल-वाउचर बनाने के एवज में आरोपी बाबू ने 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत पीड़ित ने एसीबी अंबिकापुर से की। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई.
इसके बाद आज दोपहर करीब 12:05 बजे तहसील जरही परिसर में आरोपी बाबू को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी को पकड़ने के बाद एसीबी की टीम आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है।
लंबित CRMC भुगतान के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, बस्तर में ओपीडी ठप, मरीज परेशान
नारायणपुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाने वाली CRMC नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि का भुगतान पिछले 12 माह से लंबित होने के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इसके चलते बस्तर संभाग के सभी जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई है।
डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, RMA और ANM ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और लंबित राशि का तत्काल भुगतान की मांग की। आज नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव और बस्तर जगदलपुर में जिला अस्पताल से लेकर CHC, PHC और SHC तक सभी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रही। ओपीडी बंद रहने से दूर-दराज क्षेत्रों से आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे आम जनता में नाराजगी देखने को मिली।
स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि वे जनता के हित में 12 महीनों तक धैर्य बनाए रखा, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने मांग की है कि विधानसभा सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री तत्काल भुगतान की घोषणा करें, ताकि सेवाएं पुनः शुरू की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आपातकालीन सेवाएं चालू हैं, लेकिन यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
84 लाख के इनामी 34 नक्सलियों ने किया सरेंडर, IED ब्लास्ट, फायरिंग, आगजनी की घटनाओं में थे शामिल
बीजापुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। एक बार फिर पुलिस के समक्ष बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। गांव में चल रही सरकार की महत्वपूर्ण योजना पूना मारगेम और पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर आज 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन लोगों पर कुल 84 लाख का इनाम घोषित था।
बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक कुल 824 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वहीं वर्ष 2024 में अब तक 1079 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है एवं 220 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षा बल के जवानों ने मार गिराया है।
सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को दिए गए 50-50 हजार रुपए
सीआरपीएफ डीआईजी बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ.जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। बीजापुर एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि सभी आत्मसमर्पित 34 माओवादी फायरिंग, IED ब्लास्ट, आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल थे। पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को 50-50 हजार रुपए नगद राशि प्रदान किया गया है।
कई जिलों के कलेक्टरों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट
रायपुर। राज्य शासन ने 11 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं. कई जिलों के कलेक्टर इधर से उधर किए गए हैं. कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को सरगुजा का कलेक्टर बनाया गया है. वहीं दंतेवाड़ा कलेक्टर की ज़िम्मेदारी संभाल रहे कुणाल दुदावत को कोरबा कलेक्टर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. सुकमा कलेक्टर देवेश ध्रुव को दंतेवाड़ा और नारायणपुर कलेक्टर रही प्रतिष्ठा ममगाई को बेमेतरा का कलेक्टर बनाया गया है. नम्रता जैन को नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई है.
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विधानसभा में अनुपूरक बजट मांग पर चर्चा : विधायक अजय चंद्राकर बोले – छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति को देना चाहिए बढ़ावा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज अनुपूरक बजट मांग पर चर्चा हुई. सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट आया है. राजस्व व्यय को बढ़ाने की शुरुआत भूपेश बघेल सरकार ने की. कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी को राजनीतिक विषय बनाया. छत्तीसगढ़ में नए क्षेत्रों में रोजागर का सृजन हो, इस दिशा में काम करना होगा. ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता देना है, जिसमें छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का हित हो.
अजय चंद्राकर ने कहा, छत्तीसगढ़ की संस्कृति दुनियाभर में सबसे समृद्ध संस्कृति है. इसे दुनियाभर के लोगों तक लेकर जाना चाहिए. छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने दिल्ली तक लेकर जाएं. अलग-अलग दुनिया के दूतावास के अधिकारियों को दिखाया जाए. इस दिशा में प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा, बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास को लेकर जल्द से जल्द काम होना चाहिए.
चंद्राकर ने कहा, कृषि क्षेत्र आज भी रोजगार का सबसे मजबूत क्षेत्र है. राज्य की ओर से कृषि अनुसंधान केंद्रों को पैसा नहीं मिल रहा है. इसकी चिंता की जाए. महिला स्व-सहायता समूह की अवधारणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की थी, जिससे आज कुटीर और पारंपरिक उद्योगों के साथ रोजगार के साधन बने. महिलाएं मजबूत हुई है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में 42 प्रतिशत से आबादी एससी-एसटी की है. उनके हित के बारे में हमारी सरकार बेहतर काम कर रही है.
कांग्रेस विधायक राघवेंद्र बोले – सरकार का विजन स्पष्ट नहीं
कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ आज कर्ज में डूबते जा रहा है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि 35 हजार करोड़ का भारी-भरकम अनुपूरक बजट की मांग क्यों की जा रही है. वह भी वित्तीय वर्ष के ठीक 3 महीने पहले. मुझे इस अनुपूरक बजट में ऐसी कोई बात दिख नहीं रही है.
उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में आज महिलाओं के साथ क्या हो रहा है ? महतारी वंदन के नाम पर 1 हजार दिया जा रहा है, लेकिन बिजली बिल पर उससे ज्यादा लिया जा रहा है. सरकार इवेंट मैनेजमेंट पर फोकस है. सरकार कार्यक्रम ज्यादा आयोजित कर रही है, काम कम हो रहा है. उत्सव जनता को मनाने दिया जा रहा है. सरकार उत्सव मनाने के लिए बजट खर्च कर रही है. दरअसल सरकार का विजन क्या है, यह स्पष्ट नहीं है. इस अनुपूरक बजट में भी कोई विजन नहीं है.
विधायक राघवेंद्र ने कहा, नए पदों पर भर्ती की बात की थी, इसमें कुछ नहीं है. अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई थी, अब तक नहीं की गई है. धान बेचने के लिए 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन ही नहीं हो पाया. किसानों को समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है. गिरदावरी का काम नए लड़कों से करा लिया गया. सड़क, धान, आदिवासी, किसान, युवा, महिलाओं के विकास पर लक्ष्य निर्धारित कर काम करना होगा.
छत्तीसगढ़ में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया अब पूरी तरह हुई ऑनलाइन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाते हुए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। राज्य में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से यह व्यवस्था प्रभावी हुई है।
संशोधित जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्म लेने वाले सभी बच्चों के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध दस्तावेज होगा। इससे पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं में स्पष्टता और एकरूपता आई है। अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे बच्चों के मामलों में पूर्व की तरह अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य रहेंगे। साथ ही, पहले जारी किए गए ऑफलाइन प्रमाण पत्रों को भी अब पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा सकता है।
राज्य में अक्टूबर 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। प्रारंभिक चरण में आई तकनीकी चुनौतियों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया गया, जिससे वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह सुचारु और तकनीकी रूप से सक्षम हो गया है। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय द्वारा समय-समय पर आवश्यक तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को पोर्टल संचालन संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राज्य सरकार ने आधार कार्ड निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं में भी एकरूपता लाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। इससे नागरिकों को समय पर और सही दस्तावेज उपलब्ध हो सकेंगे।
यह पहल राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आमजन को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं मिल रही हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पेश किया 35 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 35 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया. वित्तीय वर्ष समाप्त होने से महज तीन महीने पहले भारी-भरकम अनुपूरक बजट पर कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने सवाल उठाते हुए इसमें विजन नहीं होने की बात कही, वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने रोजगार मूलक उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया.
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज कर्ज में डूबते जा रहा है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि 35 हजार करोड़ का भारी-भरकम अनुपूरक बजट की मांग क्यों की जा रही है. वह भी वित्तीय वर्ष के ठीक 3 महीने पहले. मुझे इस अनुपूरक बजट में ऐसी कोई बात दिख नहीं रही है.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज महिलाओं के साथ क्या हो रहा है ? महतारी वंदन के नाम पर 1 हजार दिया जा रहा है, लेकिन बिजली बिल पर उससे ज्यादा लिया जा रहा है. सरकार इवेंट मैनेजमेंट पर फोकस है. सरकार कार्यक्रम ज्यादा आयोजित कर रही है, काम कम हो रहा है. उत्सव जनता को मनाने दिया जा रहा है. सरकार उत्सव मनाने के लिए बजट खर्च कर रही है. दरअसल, सरकार का विजन क्या है यह स्पष्ट नहीं है. इस अनुपूरक बजट में भी कोई विजन नहीं है.
कांग्रेस विधायक ने कहा कि नए पदों पर भर्ती की बात की थी, इसमें कुछ नहीं है. अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई थी, नहीं है. 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन ही नहीं हो पाया. किसानों को समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है. गिरदावरी का काम नए लड़कों से करा लिया गया. सड़क, धान, आदिवासी, किसान, युवा, महिलाओं के विकास पर लक्ष्य निर्धारित कर काम करना होगा.
रोजगार मूलक उद्योगों को देना होगा बढ़ावा
अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट आया है. राजस्व व्यय को बढ़ाने की शुरुआत भूपेश बघेल सरकार ने की. कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी को राजनीतिक विषय बनाया. छत्तीसगढ़ में नए क्षेत्रों में रोजगार का सृजन हो, इस दिशा में काम करना होगा. ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता देना है, जिसमें छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का हित हो. कृषि क्षेत्र आज भी रोजगार का सबसे मजबूत क्षेत्र है. राज्य की ओर से कृषि अनुसंधान केंद्रों को पैसा नहीं मिल रहा है. इसकी चिंता की जाए.
भाजपा विधायक ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह की अवधारणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की थी. जिससे आज कुटीर और पारंपरिक उद्योगों के साथ रोजगार के साधन बने. महिलाएं मजबूत हुईं हैं. छत्तीसगढ़ में 42 प्रतिशत से आबादी एससी-एसटी की है. उनके हित के बारे में हमारी सरकार बेहतर काम कर रही है.