रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां मौसम को खुशनुमा बना दिया है, वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए प्रदेशवासियों को अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिक गायत्री वाणी कंचिभोटला ने बताया कि अगले 6 दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में तेज बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हो सकती है। सरगुजा में होने वाली यह बारिश छत्तीसगढ़ के मध्य क्षेत्र पर भी सीधा असर डालेगी।
रायपुर सहित आसपास के जिलों में भी आने वाले दिनों में मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजधानी में अगले कुछ दिनों तक बारिश के कारण लोगों को ठंडक का एहसास होगा, लेकिन लगातार पानी गिरने से जनजीवन पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इस बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में तापमान में और गिरावट आएगी। फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इससे किसानों और आम जनता दोनों को राहत मिली है। खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को फायदा होगा और बोआई के लिए बेहतर हालात बनेंगे।
हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ जगहों पर जलभराव और निचली बस्तियों में दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले सप्ताह तक छत्तीसगढ़ का ज्यादातर इलाका मानसून की चपेट में रहेगा। उत्तर से लेकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक बारिश का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
प्रदेश के लोग मानसून की इस रफ्तार से फिलहाल राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन विभाग का मानना है कि सितंबर के पहले सप्ताह के बाद ही बारिश के असर में कमी आने लगेगी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने EOW की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित ही प्रार्थना हो।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जबकि एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य की ओर से पैरवी की। यह याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। पहली सुनवाई में राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी कानूनी टीम कल नई याचिका दाखिल करेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार संभालते ही विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा अभियान (MD), और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी शामिल हुए। यह उनकी पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बैठक थी, जिसमें उन्होंने विभाग की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
सीएसी को अध्यापन कार्य करने का निर्देश
बैठक में मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सीएसी (Cluster Academic Coordinator) को भी अध्यापन कार्य करना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पहले भी आदेश जारी किए गए थे, लेकिन वे अमल में नहीं आ पाए। उन्होंने निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए ताकि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक सुधार हो सके।
अतिरिक्त गतिविधियों पर भी जोर
बैठक में मंत्री यादव ने कहा कि रेड क्रॉस, स्काउट-गाइड और एनसीसी जैसी गतिविधियों का संचालन स्कूलों में निर्वाध रूप से होना चाहिए। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।
इसके अलावा, उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ में नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ाने के लिए पहल की जाए, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
ईमानदारी और दबाव रहित काम करने का निर्देश
मंत्री यादव ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी दबाव में आए बिना ईमानदारी के साथ कार्य करें। उनका कहना था कि शिक्षा गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी तभी संभव होगी जब अधिकारी और कर्मचारी निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से काम करेंगे।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप कार्ययोजना
बैठक में मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अध्यापन व्यवस्था लागू की जाए और इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त कर प्रदेश में शिक्षा सुधार की दिशा में काम किया जाए। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान की परियोजनाओं, माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा सुधार प्रक्रिया और SCERT द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
मंदिर में पूजा के बाद ग्रहण किया कार्यभार
कार्यभार ग्रहण करने से पहले मंत्री यादव ने रायपुर स्थित दूधाधारी मंदिर पहुंचकर भगवान की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर के महंत राम सुंदर दास से आशीर्वाद लिया। पदभार संभालने के बाद गजेन्द्र यादव ने कहा कि उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि अधिकारी और कर्मचारी मिलकर विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे। यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ दुनिया के सामने उभर रहा है। “हमारी पहचान केवल धरोहर और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”
पवेलियन में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, बुनाई, हस्तनिर्मित उत्पाद, हर्बल आइटम्स और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
जापान और अन्य देशों से आए आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के पैवेलियन की सराहना करते हुए विशेष रूप से हस्तशिल्प और बांस उत्पादों, बस्तर आर्ट और लोकसंगीत पर आधारित प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच प्रदेश की एक सकारात्मक छवि बनी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पवेलियन में मौजूद मेहमानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रदेश के साथ जुड़कर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर हमारी भागीदारी यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का भी एक मजबूत केंद्र बन सकता है।”
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। औद्योगिक विकास, पर्यटन संवर्द्धन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित इन मुलाकातों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोले।
छत्तीसगढ़ पवेलियन की भव्यता और उसमें प्रदर्शित सामग्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश न केवल अतीत की सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, बल्कि आने वाले कल का भविष्य-रेडी हब भी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह प्रवास छत्तीसगढ़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रायपुर/नई दिल्ली। 23 अगस्त को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के फैकल्टी क्लब, दिल्ली में इफ़्सेफ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा ने की। बैठक में दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई और सर्वसम्मति से सात सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया।
इफ़्सेफ की सात सूत्रीय मांगें
बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार, इफ़्सेफ की प्रमुख सात मांगें इस प्रकार हैं—
1. राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन किया जाए और आयोग की अनुशंसाओं को लागू होने तक महंगाई भत्ते (DA) का 50% मूल वेतन में समाहित किया जाए।
2. ठेका, संविदा, दैनिक वेतन एवं आउटसोर्सिंग प्रथा पर रोक लगाकर सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
3. पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए।
4. स्वायत्तशासी संस्थानों में बोनस देने की प्रक्रिया पुनः लागू की जाए।
5. सरकारी संस्थानों का निजीकरण और निगमीकरण बंद किया जाए।
6. आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों को नियमित कर शासकीय सेवक घोषित किया जाए।
7. ईपीएफ के तहत पेंशन पाने वालों को अंतिम वेतन का 50% पेंशन दिया जाए।
आंदोलन की चरणबद्ध रूपरेखा
बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा—
सितंबर माह में सभी राज्य इकाइयां कार्यालयों, विद्यालयों और जिला मुख्यालयों में कर्मचारी जागरण अभियान चलाएंगी।
अक्टूबर माह में राज्यों के जिला एवं राजधानी मुख्यालयों पर एक दिन का सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
नवंबर माह के दूसरे सप्ताह में देशभर के कर्मचारी दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल प्रदर्शन करेंगे।
पदाधिकारियों ने रखा विचार
राष्ट्रीय कार्यकारिणी को राष्ट्रीय अध्यक्ष वी.पी. मिश्रा, राष्ट्रीय सलाहकार दीपक ढोलकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल शुक्ला, ओ.पी. शर्मा, विष्णु भाई पटेल, महासचिव प्रेमचंद, उप महासचिव अतुल मिश्रा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई को भी नई जिम्मेदारी दी गई। प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री सूरज प्रसाद देवांगन को छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई का संयोजक नियुक्त किया गया।
नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी मिसेज इंडिया प्रतियोगिता ‘गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया सीजन 2025’ का आयोजन नई दिल्ली के फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा में किया गया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में फाइनलिस्ट के तौर पर छत्तीसगढ़ से एकमात्र प्रतियोगी प्रज्ञा प्रसाद को चुना गया था। ग्रैंड फिनाले में प्रज्ञा प्रसाद को ‘गृहलक्ष्मी मिसेज इंटेलिजेंट’ क्राउन से सम्मानित किया गया। प्रज्ञा प्रसाद 28 प्रतियोगियों में 9वें पायदान पर रहीं।
प्रज्ञा प्रसाद ने कहा कि “इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है। मेरी बेटी सिद्धि ने इसके लिए प्रेरित किया। वैसे हर बच्चे को उसकी मां दुनिया में सबसे सुंदर और प्रतिभाशाली लगती है। मेरा मानना है कि जीवन में या तो हम जीतते हैं या फिर सीखते हैं। मैं यहां कुछ सीखने, पर्सनैलिटी को ग्रूम करने, कॉन्फिडेंस बिल्ड अप करने और खुद की खोज में आई।” उन्होंने ये भी कहा कि “कुछ चीजें हानि-लाभ के गणित से परे होती हैं। मैंने इस प्रतियोगिता में हिस्सा अपनी खुशी, आत्म-संतुष्टि और कुछ नया सीखने के लिए लिया।”
गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया के इस लेवल तक पहुंचने के लिए फॉर्म भरने से सफर शुरू हुआ। इसके बाद ऑडिशन्स हुए और मैं फाइनल राउंड के लिए शॉर्ट लिस्ट हो गई। फिर शुरू हुआ ग्रूमिंग सेशन्स। विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स ने ऑनलाइन ग्रूमिंग सेशन्स लिया। जैसे फिटनेस के लिए देश की जानी-मानी एक्सपर्ट शगुन कृष्णा, सोशल मीडिया बेसिक्स एंड पर्सनल ब्रांडिंग डॉ फरज़ाना लकड़ावाला, कोर पर्सलानिटी एंड कम्युनिकेशन स्किल्स वत्सला जोसेफ, मेकअप बेसिक्स कीर्ति वर्मा।
बतौर फाइनलिस्ट मैंने चैरिटी वर्क भी किया। पुणे के निसर्ग सृष्टि वेलफेयर फाउंडेशन (Noise Pollution के लिए काम) और स्पर्श NGO (मेंस्ट्रुअल हाईजीन के लिए काम) के साथ चैरिटी की। साथ ही मेंस्ट्रुअल हाईजीन के लिए फंड रेज़ करने का काम भी किया। इस दौरान आयोजकों की टीम ने ब्रांड प्रमोशन के लिए गिफ्ट्स भेजे, जिसकी रील्स बनाकर इंस्टा पर अपलोड करनी थी ताकि कॉन्टेस्ट के बाद कंपनी अपने ब्रांड्स की प्रमोशन के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन कर सके।
इसके बाद नई दिल्ली के मयूर विहार स्थिति फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा में 21, 22 और 23 को ग्रूमिंग, प्रोफेशनल फोटोशूट, टैलेंट राउंड, रैंप वॉक की प्रैक्टिस हुई। 24 अगस्त को ग्रैंड फिनाले का आयोजन हुआ। प्रज्ञा प्रसाद 28 प्रतियोगियों में 9वें पायदान पर रहीं, उन्हें ‘गृहलक्ष्मी मिसेज इंटेलिजेंट’ क्राउन से सम्मानित किया गया। ग्रैंड फिनाले में शहनाज हुसैन ग्रुप के फाउंडर पद्मश्री शहनाज हुसैन और ब्लॉसम कोचर ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरपर्सन डॉ ब्लॉसम कोचर ज्यूरी के रूप में शामिल हुए। पूर्व क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा, आलेख फाउंडेशन की फाउंडर डॉ रेने जॉय, एमटीवी सेलेब्रिटी एंड फिटनेस इन्फ्लूएंसर पीयू शर्मा, शगुन कृष्णा और राधिका भूषण भी विभिन्न राउंड के दौरान ज्यूरी के तौर पर शामिल हुईं।
गृहलक्ष्मी मिसेज इंडिया प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं के लिए जीवन भर का अनुभव प्रदान करना है। आयोजकों के अनुसार ये प्रतियोगिता महिलाओं को दुनिया में कदम रखने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए समर्पित है। यहां उन्हें सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक और सत्र प्रदान करते हैं, जो विशेष रूप से दुनिया की शीर्ष प्रतियोगिता के मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। लक्ष्य केवल खिताब जीतना नहीं बल्कि, प्रतिभा का जश्न मनाने और विशेषज्ञों की मदद से उन्हें निखारना है।
रायगढ़। जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना पूंजीपथरा पुलिस ने रविवार सुबह सरायपाली बाजार चौक पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 9 ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन करते हुए पकड़े गए। जानकारी के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई। जब पुलिस ने वाहनों को रोककर रॉयल्टी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, तो चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर चालकों के खिलाफ धारा 106(1) BNSS के तहत कार्रवाई की और मामले की सूचना खनिज विभाग को भी भेज दी।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने बताया कि जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। किसी भी सूरत में गैरकानूनी खनन और परिवहन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल शासन को राजस्व की हानि पहुँचाती हैं, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में लगातार अवैध कारोबारों पर कार्रवाई की जा रही है। चाहे वह रेत हो, शराब हो या कबाड़ और अन्य बहुमूल्य खनिज, हर स्तर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूंजीपथरा पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। इलाके के लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से अवैध रेत परिवहन का खेल चल रहा था, जिससे ग्रामीण सड़कों का हाल खराब हो रहा था और दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती थी। अब इस कार्रवाई से उन्हें राहत मिली है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और खनन माफियाओं पर भी दबाव बनेगा। वहीं खनिज विभाग को सूचना भेजे जाने के बाद आगे विभागीय कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में कहीं भी अवैध परिवहन या खनन की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस या खनिज विभाग को दें।
रायपुर। बारिश के मौसम में राजधानी रायपुर की जनता बिजली आपूर्ति बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशान है. रविवार को रायपुर पश्चिम की दर्जनों कॉलोनियों जैसे कैलाशपुरी, पुजारी नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, वीरभद्र नगर, मठपारा और राधा स्वामी नगर में दोपहर तीन बजे से बिजली आपूर्ति बंद ठप रहने से ब्लैक आउट की स्थिति रही. इन कॉलोनी के हजारों लोग दोपहर से लेकर रात तक परेशान रहे. बिजली की अंडरग्राउंड लाइन में खराबी आने के कारण खोजने में पॉवर कंपनी के अधिकारियों का पसीना छूट गया.
रविवार के दिन दोपहर में अचानक बिजली गुल हो जाने से हजारों लोगों का संडे खराब हो गया, उनके बहुत सारे रुक गए, दोपहर से देर शाम तक बिजली सप्लाई बंद होने से लोग परेशान रहे, आक्रोशित लोगों ने बिजली ऑफिस में फोन कर शिकायत की, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.
बिना किसी सूचना के बिजली बंद होने के बारे में बिजली विभाग के अधिकारी भी कोई जवाब देने की स्थिति नहीं थे, स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन बिजली गुल रहती है, जिसके कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बिजली की समस्या के संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति सुधर नहीं रही है, यदि ऐसा ही हाल रहा तो प्रशासन के प्रति लोगों की नाराजगी बढ़ेगी.
रायपुर। नगर निगम अब शहर के किसी भी प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा से पहले ही उसके संबंध में हाईकोर्ट में कैविएट दायर करेगा। इससे कोई भी व्यक्ति या संस्था प्रोजेक्ट को लेकर हाईकोर्ट से एकतरफा स्टे नहीं ला सकेगा।
कैविएट दाखिल होने के बाद कोर्ट बिना नगर निगम का पक्ष सुने कोई भी निर्णय नहीं देगा। नगर निगम ने गंज मंडी, भैंसथान, नवीन मार्केट आदि प्रोजेक्ट को लेकर पहले ही कैविएट दायर कर रखा है। विभिन्न योजनाओं पर प्रभावित लोगों और संस्थाओं के हाईकोर्ट से स्टे लाने के कारण काम शुरू नहीं हो पाता या उसमें अनावश्यक देरी होती है।
ऐसे उदाहरणों को देखते हुए नगर निगम ने अब पहले ही कैविएट दायर करने के निर्णय लिया है। इससे किसी भी प्रोजेक्ट पर नगर निगम को अपना पक्ष रखने का मौका मिल जाता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं। भारत ने प्राचीन काल से ही लोकतंत्र की भावना को आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभाएं लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। यही माध्यम है जिससे जनता की आकांक्षाएं शासन की नीतियों में बदलती हैं। डॉ. सिंह आज नई दिल्ली में ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में ‘भारत लोकतंत्र की जननी‘ विषय पर सम्बोधित कर रहे थे।
ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में पंचायते जीवित इकाई के रूप में कार्य करती हैं। पंचायतों में सामूहिक निर्णय के माध्यम से विवादों का समाधान चर्चा से होता था। पंचायतीराज की यह परंपरा आज भी लोकतंत्र की रीढ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1946 में गठित संविधान सभा लोकतंत्र का अनुपम उदाहरण है।
गौरतलब है कि यह सम्मेलन वीर विठ्ठल भाई पटेल प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर के जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ आज केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में किया। इस सम्मेलन में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में भारत के कई राज्यों की विधानसभा के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनप्रतिनिधियों और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सरकार लगातार संवाद और संपर्क पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में रविवार को राज्य के कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रतिनिधिमंडल ने नवा रायपुर स्थित उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में विधायक प्रतिनिधि अनोज यादव, जनपद पंचायत सदस्य राजकुमार यादव, जनपद पंचायत सदस्य अशर्फी यादव और ग्राम पंचायत परहियाडीह की सरपंच भागीरथी आयाम शामिल थे। सभी जनप्रतिनिधियों ने मंत्री नेताम को क्षेत्र की समस्याओं और विकास की जरूरतों से अवगत कराया।
बैठक के दौरान ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जनपद पंचायत स्तर तक की प्राथमिक आवश्यकताओं, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने बताया कि सीमावर्ती और वनांचल क्षेत्रों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस की जाती है। कई जगहों पर ग्रामीण सड़कों की स्थिति खराब है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। वहीं, छोटे नालों और खेतों में सिंचाई सुविधा का विस्तार आवश्यक है ताकि किसान वर्षभर फसल उत्पादन कर सकें। मंत्री राम विचार नेताम ने प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर जिले के विकास को प्राथमिकता दे रही है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला विशेषकर आदिवासी बहुल और दूरस्थ इलाकों वाला क्षेत्र है, जहां विकास की गति तेज करने के लिए विशेष योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों को मुख्य बाजारों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठा रही है। इस मुलाकात के दौरान ग्राम पंचायत परहियाडीह की सरपंच भागीरथी आयाम ने विशेष रूप से गांव की महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण और योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
वहीं, विधायक प्रतिनिधि अनोज यादव और जनपद सदस्य राजकुमार यादव ने गांवों में पेयजल आपूर्ति और सिंचाई तालाबों के जीर्णोद्धार पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में कई इलाकों में पेयजल संकट गहराता है, ऐसे में हैंडपंप और ट्यूबवेल की मरम्मत के साथ-साथ नए जलस्रोतों की स्थापना जरूरी है। मंत्री नेताम ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उठाई गई सभी समस्याओं को विभागीय स्तर पर संज्ञान में लिया जाएगा और प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही सरकार का ध्येय है। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और प्रतिनिधियों ने मंत्री नेताम को क्षेत्र के लोगों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
रायपुर। ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन आकर्षण का केंद्र बन गया। उद्घाटन दिवस पर 22 हजार से अधिक दर्शकों ने यहाँ पहुँचकर छत्तीसगढ़ की विरासत, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक का अनुभव किया।
भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया।
छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगम
पैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है।
पर्यटन और विरासत की छटा
पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है।
इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है।
औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़
पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं।
विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।
कला और शिल्प की पहचान
छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है।
इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है।
कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है।
वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थिति
वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव का आज शालेय शिक्षक संघ ने प्रांतीय स्तर पर जोरदार स्वागत किया। राजधानी रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। इस दौरान शिक्षामंत्री का फूलमाला और गुलदस्तों से अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव ने आत्मीयता से सभी पदाधिकारियों और शिक्षकों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। यादव ने आश्वस्त किया कि शिक्षा विभाग को समुन्नत बनाने और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ ठोस प्रयास किए जाएंगे।
शालेय शिक्षक संघ ने अपने वक्तव्य में कहा कि लंबे समय से शिक्षा विभाग कई चुनौतियों से जूझ रहा है। विभाग की नीतिगत कमियां, प्रशासनिक अराजकता और शिक्षकों की अनसुलझी समस्याओं ने शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि नए शिक्षामंत्री अपने सक्रिय नेतृत्व से विभाग को पटरी पर लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे।
संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने इस अवसर पर कहा, “हमें विश्वास है कि गजेंद्र यादव शिक्षा के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और जब तक उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं होगा, शिक्षा व्यवस्था अपेक्षित ऊंचाई तक नहीं पहुंच सकती।”
इस अभिनंदन समारोह में प्रांतीय पदाधिकारियों और संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में कहा कि गजेंद्र यादव का कार्यकाल शिक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
शिक्षामंत्री का अभिनंदन करने वालों में प्रमुख रूप से प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, उपाध्यक्ष विष्णु शर्मा, प्रांतीय मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा सहित प्रदेश के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। साथ ही अतुल अवस्थी, कृष्णराज पांडेय, अजय वर्मा, घनश्याम पटेल, तिलक सेन, खेमन साहू, द्वारिका भारद्वाज, भेमराज देवांगन, प्रताप धनकर, वेद राम जांगड़े, विजय बेलचंदन, अशोक देशमुख, योगेश वर्मा, उमेश चंद्राकर, मिलेश्वर देशमुख, रविकांत देवांगन, राकेश ठाकुर, रोहित देशमुख, अभिनव शर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई।
अभिनंदन समारोह का माहौल सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण रहा। शिक्षामंत्री ने सभी शिक्षकों को विश्वास दिलाया कि वे उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करेंगे और शिक्षा विभाग को राज्य में एक आदर्श व्यवस्था के रूप में स्थापित करने का हर संभव प्रयास करेंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।
मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।
उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक सुनील सोनी, इंद्र कुमार साव, अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी
तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।
महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।
ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।
महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।
कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।
रायपुर। मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब उसका अस्तित्व दूसरों के जीवन में प्रकाश और आशा भर दे। इसी दिव्य ध्येय को साकार करते हुए नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर ने रायपुर के विशाल नगर स्थित शगुन फार्म में नारायण लिंब एवं कैलिपर्स फ़िटमेंट शिविर आयोजित किया। यह केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि असंख्य टूटे सपनों और ठहरी हुई ज़िंदगी को फिर से गति देने का महापर्व था।
इस शिविर में 382 से अधिक दिव्यांगजन कृत्रिम अंग पाकर एक बार फिर अपने पैरों पर खड़े हुए। जिन पैरों ने वर्षों पहले चलना छोड़ दिया था, वे आज फिर से जीवन की राह पर चल पड़े। जिनके चेहरे पर निराशा की लकीरें थीं, वहाँ अब आत्मविश्वास और प्रसन्नता की उजली मुस्कान खिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा- नारायण सेवा संस्थान सचमुच अपने नाम को सार्थक कर रहा है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। किसी परिवार में एक सदस्य असहाय हो जाए तो पूरा परिवार पीड़ा झेलता है, और जब वही सदस्य फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो जाता है, तो पूरा परिवार जीवित हो उठता है। आज इन 400 जीवनों को जीने का नया उत्साह मिला है, यह दृश्य अद्भुत और हृदयस्पर्शी है।
विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबडा ने कहा- “धरती पर देवता उतर आए हैं जो किसी को नया हाथ, नया पैर दे रहे हैं। यह कितनी अद्भुत और महान सेवा है कि जो हाथ कभी लिख नहीं सकते थे, वे आज लिख सकेंगे; जो पैर चलना भूल चुके थे, वे अब फिर से डग भरेंगे।”
शिविर की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मंचासीन समाजसेवी ओपी निगम, संजय पारख, मीरा राव, डॉ अशोक भट्टड, सीताराम अग्रवाल, पंकज शर्मा व अनंत श्रीवास्तव सहित समस्त अतिथियों का स्वागत मेवाड़ी परंपरा से हुआ।
संस्थान के संरक्षक महेश अग्रवाल ने कहा— “रायपुर में अप्रैल में हुए चयन शिविर में 500 से अधिक दिव्यांगजन आए थे, जिनमें से 382 आज कृत्रिम अंग पाकर नया जीवन पा रहे हैं। यह केवल अंग नहीं, बल्कि उनकी रुकी हुई ज़िंदगी को आगे बढ़ाने की चाबी है।”
उन्होंने कहा 45 सदस्यीय टीम ने जर्मन टेक्नोलॉजी से बने नारायण लिंब का फ़िटमेंट किया। डॉक्टरों ने न केवल अंग लगाए, बल्कि उनके उपयोग और देखरेख की प्रशिक्षण भी दी। समारोह के दौरान लाभांवित दिव्यांगों की परेड ने सभी की आंखें नम कर दीं और हृदय गर्व से भर गया। शिविर समारोह के अंत में आभार हरि प्रसाद लढ्ढा ने व्यक्त किया वहीं संचालन महिम जैन ने किया।
नारायण सेवा संस्थान का सफर 1985 से आरम्भ हुआ। संस्थापक कैलाश मानव को पद्मश्री और हाल ही में सामुदायिक सेवा एवं सामाजिक उत्थान सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल अपने मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ चुके हैं। 2023 में उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
अब तक संस्थान 40 हज़ार से अधिक कृत्रिम अंग नि:शुल्क लगा चुका है और आज छत्तीसगढ़ में यह संकल्प और प्रबल हुआ कि यहां के दिव्यांगजन भी जीवन की राह पर आत्मगौरव से कदम बढ़ाएंगे।
कोरबा। केराझरिया पंचायत में रविवार को शराबबंदी को लेकर महिलाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद 100 से अधिक महिलाएं छाता लेकर सड़कों पर उतरीं। उन्होंने अवैध शराब विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि शराब का अवैध कारोबार फौरन बंद नहीं हुआ तो वे प्रशासन से कार्रवाई की मांग करेंगी। साथ ही खुद भी कड़े कदम उठाएंगी। महिलाओं की चिंता है कि गांव के स्कूली बच्चे, युवा और बुजुर्ग नशे की चपेट में आ रहे हैं। इससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
उनका कहना है कि शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। नशे की लत से परिवार टूट रहे हैं। महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं। बच्चों का भविष्य खतरे में है। सरपंच गिरजा पैखरा ने कहा कि शराब पूरे समाज को खोखला कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य और गांव की शांति के लिए इस बुराई को जड़ से खत्म करना है। ग्रामीणों ने भी महिलाओं के इस पहल का समर्थन किया है। अब पूरा गांव एकजुट होकर शराब के खिलाफ खड़ा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के मौसम को खुशनुमा बना दिया है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और प्रदेशभर में ठंडी हवाओं के साथ सुहावना मौसम देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले सात दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, जबकि कुछ जिलों में भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश का दौर 31 अगस्त तक जारी रह सकता है। शनिवार को भी रायपुर शहर में दिनभर रुक-रुककर वर्षा होती रही, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
किसानों के लिए फायदेमंद, नागरिकों के लिए चुनौती
लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होगी, जिससे खरीफ फसलों को फायदा होगा। धान की रोपाई करने वाले किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, भारी वर्षा से कई शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे आम नागरिकों को यातायात और दैनिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 108 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं दुर्ग जिले में शनिवार को सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि न्यूनतम तापमान भी दुर्ग जिले में ही रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि 24 अगस्त को प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी वर्षा भी हो सकती है। विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
कमजोर पड़ रहा सिस्टम
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब का क्षेत्र वर्तमान में पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके साथ ही लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर झारखंड की तरफ बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
सुकमा। नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर मेट्टागुड़ा कैंप से जवानों की टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों के खुफिया डंप को बरामद कर बड़ी सफलता हासिल हुई है. नक्सलियों के छिपाए गए कंट्रीमेड रायफल, विस्फोटक और भारी मात्रा में लोहे की सामग्री सुरक्षाबलों ने बरामद की है.
जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद 203 कोबरा वाहिनी, 241 बस्तर बटालियन सीआपीएफ और जिला बल की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा पहाड़ी, दारेली व आस-पास क्षेत्र की ओर रवाना हुई. अभियान के दौरान कोईमेंटा पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा डंप कर कंट्रीमेड हथियार और अन्य नक्सल सामग्राी को बरामद किया गया.
बरामदगी के दौरान जवानों को नक्सलियों के डंप से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है. इसमें कंट्रीमेड रायफल, बीजीएल लांचर और उसका बैरल, यूएवी नेत्रा का टूटा हुआ प्रोपेलर, इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग, बैंच वाइस और स्टील पाइप शामिल है. इसके अलावा 7 लोहे के छड़, करीब 2 किलो वजनी 45 लोहे के बेस प्लेट, 8 किलो के 47 पोल एंगलर और लगभग 480 भारी-भरकम आयरन क्लैंप बरामद किए गए. वहीं 35 ग्राउंड सपोर्टर, 1 किलो, 18 और 12 इंच के दर्जनों क्लैंप, एक टी-टाइप क्लैंप, काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच और टूटी हुई इन्वर्टर बैटरी भी मिली. मौके से करीब 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर और एक इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड भी जब्त किया गया.