प्रदेश
राष्ट्रपति से मुलाकात कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थी, CM साय से साझा किए यादगार अनुभव
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा और राष्ट्रपति महोदया के साथ हुए आत्मीय संवाद के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इस विशेष अवसर के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में गौरव की बात है। प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी यात्रा के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। राष्ट्रपति महोदया ने उनसे सहजता और आत्मीयता के साथ बातचीत की तथा उनकी शिक्षा, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए क्षणों से जुड़े अपने अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं। ऐसे अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके सपनों को नई ऊंचाई देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट और संवाद का विशेष अवसर प्राप्त हुआ था। इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदया ने विद्यार्थियों से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
राष्ट्रपति भवन में इस मुलाकात का एक अत्यंत भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति महोदया का यह आत्मीय स्नेह नुकेश के साथ ही वहां उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी जीवनभर संजोकर रखने वाली स्मृति बन गया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी राष्ट्रपति भवन में देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, गीत-संगीत और सांस्कृतिक सौंदर्य से सजी इस प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तुति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विशेष रूप से प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के बच्चों ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़े राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी सुंदर परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान और हमारी अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी जब इसे आत्मसात कर देश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो हमारी परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपति महोदया से प्राप्त प्रोत्साहन और इस यात्रा से मिले अनुभव को वे अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, प्रदेश और देश को गौरवान्वित करें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर जिले की राजवती पोयाम, सुकमा जिले के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग जिले की पायल राजानी, महासमुंद जिले की रागनी साहू, रायपुर जिले के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद जिले के दुर्गेश साहू एवं डिगेश सेन शामिल थे।
इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित थे।
समान नागरिक संहिता पर जनसंवाद तेज, महिला अधिकारों और आदिवासी परंपराओं पर हुई अहम चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का सर्वसमावेशी प्रारूप तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आज यूसीसी समिति के समक्ष बस्तर से लेकर सरगुजा तक के प्रतिनिधियों की आवाज गूंजी। इस परिचर्चा में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग और अध्यक्ष राज्य फिल्म विकास निगम ने विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। समिति के सदस्यों सेवानिवृत्त आईएएस एम. के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक ताने-बाने का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इस दौरान कंवर, गोंड, बैगा और उरांव जैसी प्रमुख जनजातियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए आदिवासियों की सदियों पुरानी रूढ़िगत प्रथाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशिष्टता को नए कानून में पूर्ण संरक्षण देने की बात कही। इसके साथ ही विवाह पंजीयन, संपत्ति के अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर भी समिति के साथ गंभीर विचार-विमर्श हुआ।



महिला अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक बदलावों का समर्थन किया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकार, राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने और धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के संदर्भ में यूसीसी की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-कला और जनजातीय धरोहर को अक्षुण्ण रखने का सुझाव देते हुए कहा कि वैवाहिक और संपत्ति अधिकारों में समानता से समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं को नया आत्मविश्वास और कानूनी सुरक्षा मिलेगी।
संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत समिति प्रदेशभर में व्यापक जन-संवाद चला रही है। प्रस्तावित संहिता का मूल उद्देश्य धर्म या समुदाय के भेदभाव से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए एक समान विधिक ढांचा तैयार करना है। इसके तहत विवाह एवं तलाक,भरण - पोषण,उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव इन संबंध में विचार और सुझावों पर समिति मंथन करेगी। वर्तमान में समिति जिला स्तरीय फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से आम जनता, कानूनविदों और सामाजिक संगठनों की राय जुटा रही है, ताकि छत्तीसगढ़ में एक पारदर्शी, न्यायसंगत और जन-हितैषी समान नागरिक संहिता लागू की जा सके।
ED का छत्तीसगढ़ में बड़ा एक्शन: दुर्ग-धमतरी के बाद बलरामपुर पहुंची टीम, अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया से पूछताछ
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दुर्ग और धमतरी के बाद अब ED की टीम ने बलरामपुर में दबिश दी है। जांच एजेंसी की टीम दो वाहनों से बलरामपुर पहुंची और सीधे सर्किट हाउस गई, जहां अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया से पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, ED की टीम सुबह दो वाहनों से बलरामपुर पहुंची। टीम के सर्किट हाउस पहुंचने के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। इसके बाद अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया को बुलाकर उनसे पूछताछ शुरू की गई। फिलहाल पूछताछ का सिलसिला जारी है।
चेतन बोरघारिया का पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से भी जुड़ाव रहा है। वे तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी के तौर पर काम कर चुके हैं। वर्तमान में वे बलरामपुर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। ऐसे में ED की टीम द्वारा उनसे पूछताछ किए जाने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कार्रवाई किस मामले में, स्थिति स्पष्ट नहीं
फिलहाल ED की इस कार्रवाई का संबंध किस मामले से है, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी की ओर से भी पूछताछ के कारण या जांच के दायरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सर्किट हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ED की टीम अपनी कार्रवाई कर रही है और पूछताछ के दौरान क्या जानकारी सामने आती है, इसका फिलहाल इंतजार किया जा रहा है।
दुर्ग में भी ED की कार्रवाई
बलरामपुर में ED की कार्रवाई से पहले दुर्ग में भी जांच एजेंसी ने दबिश दी थी। पुरानी भिलाई स्थित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए के.के. चंद्रवंशी के घर ED की टीम पहुंची थी। करीब आठ अधिकारियों की टीम दो वाहनों से वहां पहुंची और घर के अंदर दस्तावेजों की जांच की गई। सुरक्षा के लिए जवान भी तैनात किए गए थे। कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसके अलावा सिकोल भांटा में रिटायर्ड पटवारी कमलेश राजूपत के निवास पर भी ED की टीम पहुंची थी। यहां दुर्ग के बड़े बिल्डर्स से लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। कमलेश राजूपत वर्तमान में पटवारी संघ के अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी बेटी पटवारी के पद पर कार्यरत हैं।
धमतरी में भी सुबह से जांच
इधर, धमतरी में भी ED की टीम ने कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम चेतन बोरघारिया के घर पर जांच कर रही है। करीब छह सदस्यीय टीम दो वाहनों से वहां पहुंची थी और दस्तावेजों समेत अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल किए जाने की जानकारी है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बल भी तैनात रहे।
फिलहाल बलरामपुर, दुर्ग और धमतरी में हुई इन कार्रवाइयों को लेकर ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने और एजेंसी की ओर से जानकारी जारी किए जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन कार्रवाइयों का दायरा क्या है और जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं।
सेक्टर-18 में 40 एकड़ में आकार लेगा राष्ट्रीय स्तर का शिक्षण संस्थान, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा, कौशल और ज्ञान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भूमि की रजिस्ट्री भी पूर्ण कर ली गई। इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों की ओर न जाना पड़े तथा उन्हें अपने ही प्रदेश में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के समान अवसर मिलें, इस दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार उपस्थित थे।
40 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक कैंपस
नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर NMIMS का आधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाते हुए आज लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे पहले ही मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान के पूर्ण रूप से विकसित होने पर यहां लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
युवाओं के लिए खुलेंगे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए द्वार
NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा। प्रदेश के युवाओं को प्रबंधन, कौशल विकास तथा आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही राज्य में प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे।
इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए देश के बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे नवा रायपुर में विविधतापूर्ण और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा।
शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल और उद्यमिता को भी मिलेगी गति
NMIMS की स्थापना का प्रभाव केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान के माध्यम से प्रदेश में कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होंगे। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्र के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी विस्तार मिलेगा। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में विकसित हो रहे नए औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल युवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
नवा रायपुर की राष्ट्रीय स्तर के एजुकेशन हब के रूप में मजबूत होगी पहचान
राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी से युक्त शहर के साथ ही एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का यहां स्थापित होना इस परिकल्पना को नई गति देगा।
देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आने से नवा रायपुर के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परिवेश का विस्तार होगा। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी सहायक गतिविधियों, सेवाओं और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इससे नवा रायपुर की पहचान देश के उभरते हुए प्रमुख शिक्षा केंद्रों में और मजबूत होगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की युवा-केंद्रित विकास नीति में शिक्षा, कौशल, नवाचार और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। NMIMS की स्थापना इसी सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के साथ छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान न केवल प्रदेश के हजारों युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा, कौशल और ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का 2027 परीक्षा कैलेंडर जारी, जानें भर्ती परीक्षाओं की पूरी डेट
रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) ने वर्ष 2027 का परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। कैलेंडर में विभिन्न विभागों में भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ प्रवेश परीक्षाओं, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और राज्य पात्रता परीक्षा (SET) की तिथियां भी घोषित की गई हैं।
UPSC की तर्ज पर जारी हुआ वार्षिक कैलेंडर
UPSC की तर्ज पर कर्मचारी चयन मंडल ने वार्षिक कैलेंडर जारी करने की व्यवस्था शुरू की है। व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) का नाम बदलकर कर्मचारी चयन मंडल किए जाने के बाद यह पहला वार्षिक परीक्षा कैलेंडर है। कैलेंडर से साफ है कि मंडल भर्ती परीक्षाओं के साथ विभिन्न व्यावसायिक और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षाएं भी आयोजित करेगा।
छात्र पहले से तैयार कर सकेंगे समय-सारिणी
परीक्षा की तारीखें पहले से जारी होने से अभ्यर्थी और प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र अपनी पढ़ाई की समय-सारिणी पहले से तैयार कर सकेंगे।
तीन तारीखें आकस्मिक परीक्षाओं के लिए आरक्षित
कर्मचारी चयन मंडल ने 19 सितंबर, 28 नवंबर और 19 दिसंबर 2027 को आकस्मिक परीक्षाओं के लिए आरक्षित रखा है। वार्षिक कैलेंडर जारी होने के बाद यदि किसी विभाग की ओर से परीक्षा आयोजित कराने के लिए आकस्मिक आवेदन प्राप्त होता है, तो इन आरक्षित तिथियों पर परीक्षा आयोजित की जा सकेगी।
परीक्षा कैलेंडर मंडल के वेबसाइट पर अपलोड
कर्मचारी चयन मंडल ने विस्तृत परीक्षा कैलेंडर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ संबंधित परीक्षा के लिए जारी होने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन को भी जरूर देखें, क्योंकि कैलेंडर में दी गई तिथियों में आवश्यकता के अनुसार बदलाव संभव हो सकता है।

मनी लॉन्ड्रिंग केस: ED की अटैच 6 संपत्तियों के बदले FD देने की मांग खारिज, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED द्वारा अटैच की गई 6 अचल संपत्तियों के बदले 4 करोड़ 36 लाख 5 हजार 780 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को वैकल्पिक सुरक्षा के तौर पर स्वीकार करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई 31 अगस्त को जस्टिस बिभू दत्त गुरु की सिंगल बेंच में हुई।
6 अचल संपत्तियों को मुक्त कराने की थी मांग
याचिकाकर्ता ऋषभ सोनी और एक अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ED की ओर से अटैच छह अचल संपत्तियों को मुक्त करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि ये संपत्तियां अपराध की सीधी आय नहीं हैं, बल्कि PMLA की धारा 2(1)(u) के तहत समकक्ष मूल्य के तौर पर अटैच की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि संपत्तियों के मूल्य के बराबर FD जमा कराए जाने से ED का हित सुरक्षित रहेगा और कारोबार भी प्रभावित नहीं होगा।
ED ने याचिका का किया विरोध
ED ने इसका विरोध करते हुए कहा कि PMLA या 2013 के नियमों में अटैच अचल संपत्ति को स्वेच्छा से FD से बदलने का कोई सामान्य वैधानिक अधिकार नहीं दिया गया है। नियम 5(5) भी केवल विशेष परिस्थितियों में लागू होता है और इसमें FD स्वीकार करना अनिवार्य नहीं है।
FD देने का सामान्य अधिकार नहीं- हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने माना कि अटैच संपत्ति के बदले FD देने का कोई सामान्य अधिकार कानून में नहीं है। केवल वित्तीय या व्यावसायिक कठिनाई के आधार पर संपत्ति को बदलने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि PMLA की धारा 42 के तहत वैधानिक अपील का विकल्प उपलब्ध है। ऐसे में अनुच्छेद 226 के तहत रिट क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल उचित नहीं है। कोर्ट ने याचिका में कोई आधार नहीं पाते हुए इसे खारिज कर दिया।
CGPSC मुख्य परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित, 265 पदों के लिए 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू में होंगे शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 (CGPSC Mains Exam 2025 Result) का रिजल्ट जारी कर दिया है। मुख्य परीक्षा के प्राप्तांकों और मेरिट के आधार पर 608 अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के लिए किया गया है। 20 विभिन्न सेवाओं के 265 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा फरवरी में आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर 3,921 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए थे। मुख्य परीक्षा का आयोजन 6 से 9 जून तक किया गया था।
बता दें कि मुख्य परीक्षा में सफल 608 अभ्यर्थियों के लिए इंटरव्यू की संभावित तारीख 21 सितंबर तय की गई है। इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित इंटरव्यू से एक दिन पहले आयोग के कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इस दौरान अभ्यर्थियों के सभी मूल प्रमाण-पत्रों का सत्यापन किया जाएगा। आयोग के निर्देश के अनुसार अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित समय पर उपस्थित होना होगा।
साक्षात्कार के लिए चयनित सभी 608 अभ्यर्थियों की लिस्ट


उपराष्ट्रपति के दौरे से पहले रायपुर अलर्ट, एयरपोर्ट-एम्स रूट पर सुरक्षा रिहर्सल
रायपुर। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन बुधवार को राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। वे AIIMS Raipur के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रायपुर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

जानिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, उपराष्ट्रपति सुबह करीब 10 बजे रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद 10.45 बजे एम्स रायपुर पहुंचेंगे, जहां सुबह 11 बजे से तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोपहर 12.30 बजे एम्स से रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। इसके बाद दोपहर 1.30 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर रिहर्सल
उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रायपुर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एयरपोर्ट से एम्स तक के रूट पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर रिहर्सल और मॉकड्रिल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों और जवानों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मुख्य सचिव ने ली थी उच्च स्तरीय बैठक
दौरे से पहले सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और प्रोटोकॉल समेत अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा चुकी है। पिछले दिनों मुख्य सचिव विकास शील ने मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक लेकर उपराष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों की समीक्षा की थी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।

CGPSC घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आरती वासनिक और ललित गनवीर को जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला मामले में गिरफ्तार तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने की. दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरती वासनिक और पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.
कोर्ट में बचाव पक्ष ने क्या बताया?
सर्वोच्च न्यायलय में आरती वासनिक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.बी. मुरेश के साथ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि आरती वासनिक एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं. मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और मुकदमे के दौरान 100 से अधिक गवाहों का परीक्षण किया जाना है. यह भी तर्क दिया गया कि मुकदमे में देरी अभियुक्त की वजह से नहीं, बल्कि अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण हो रही है.
आरती वासनिक पर घोटाले में सीधी भूमिका का आरोप नहीं
बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील दी कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से आरती वासनिक की किसी प्रत्यक्ष भूमिका का आरोप नहीं लगाया गया है. साथ ही कथित तौर पर मामले से लाभान्वित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां फिलहाल स्थगित होने की जानकारी भी दी गई.
जेल से बाहर आएंगी आरती वासनिक
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरती वासनिक और ललित गनवीर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.
जानें क्या है सीजीपीएससी घोटाला
सीजीपीएससी घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में 2020 से 2022 के बीच हुई अनियमितताओं से जुड़ा मामला है. आरोप है कि इस दौरान आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी तथा अन्य उच्च पदों पर चयनित किया गया. इस घोटाले ने प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई. जांच एजेंसी ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए और पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया. वर्तमान में यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है.
युवा कांग्रेस चुनाव में भूपेश खेमे का दांव सफल, हनी बग्गा निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष बने
रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव का परिणाम आने से पहले ही हनी परमीत बग्गा निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। इसके बाद भूपेश बघेल खेमे में खुशी की लहर देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के विभिन्न पदों के लिए 30 अगस्त से ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेशभर में युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सदस्यता अभियान में भी जुटे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 19 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच के दौरान अधिक आयु होने के कारण आदित्य भगत का नामांकन निरस्त हुआ, जिसके बाद 18 प्रत्याशी प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में रह गए।
युवा कांग्रेस चुनाव में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लिए निर्धारित श्रेणियों के तहत अल्पसंख्यक समाज से हनी परमीत बग्गा और गुलजेब अहमद ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। जांच के दौरान गुलजेब अहमद का नामांकन निर्धारित आयु सीमा से अधिक होने के कारण निरस्त हो गया। इसके बाद हनी परमीत सिंह बग्गा निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए।
प्रदेश अध्यक्ष पद का चुनाव जारी
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह है कि प्रदेश अध्यक्ष पद का चुनाव अभी जारी है और उसका परिणाम भी सामने नहीं आया है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही हनी बग्गा का प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचन हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव में उनका प्रदर्शन चाहे जो भी हो, वे निर्वाचित प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में युवा कांग्रेस में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
भूपेश बघेल खेमे के लिए बड़ी उपलब्धि
हनी परमीत बग्गा को पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के करीबी खेमे से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया के बीच उनका निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष निर्वाचित होना भूपेश बघेल खेमे के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं इसे देवेंद्र यादव खेमे के लिए एक झटके के रूप में भी देखा जा रहा है।
हनी बग्गा ने जताया आभार
निर्विरोध प्रदेश उपाध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद हनी परमीत बग्गा ने कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरकर संगठन और युवा साथियों के बीच अपनी भूमिका मजबूत करने का प्रयास किया है। चुनाव प्रक्रिया में अल्पसंख्यक समाज से दो प्रत्याशियों ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। इनमें से एक प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के बाद उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित होने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि यह निर्वाचन उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस अवसर के लिए अपने नेता भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं, राष्ट्रीय नेतृत्व और युवा कांग्रेस के सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। हनी बग्गा ने कहा कि वे संगठन द्वारा दी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाने के साथ युवा कांग्रेस संगठन को और मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस होंगे न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए ओडिशा हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र के नाम की सिफारिश की है। 6 अगस्त 2026 को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह सिफारिश वर्तमान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद की जाने वाली नियुक्ति के संबंध में है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से जारी बयान के अनुसार, कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसलिए फिलहाल इसे नियुक्ति नहीं, बल्कि कॉलेजियम की सिफारिश के रूप में देखा जाएगा। नियुक्ति के लिए आगे निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
4 सितंबर के बाद संभाल सकते हैं जिम्मेदारी
वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम महापात्र?
न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। वे दिवंगत न्यायमूर्ति शरत चंद्र महापात्र के पुत्र हैं। जस्टिस महापात्र ने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया था। उन्होंने सिविल, सर्विस, क्रिमिनल और संवैधानिक कानून समेत कानून की विभिन्न शाखाओं में करीब 26 वर्षों तक वकालत की।
वकालत के दौरान उन्होंने ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग (OPSC) के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा वे केन्द्रीय सहकारी बैंकों, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत विभिन्न संस्थाओं के अधिवक्ता भी रहे।
2015 में बने हाईकोर्ट के जज
न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। तब से वे ओडिशा हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल का राजस्थान तबादला
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल के तबादले को लेकर भी कॉलेजियम ने सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई।


प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में बदलाव, पोर्टफोलियो जजों की नई जिम्मेदारियां तय
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने प्रदेश के सिविल जिलों के लिए पोर्टफोलियो जजों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं. चीफ जस्टिस के आदेश से जारी सूची के अनुसार विभिन्न न्यायमूर्तियों को जिलों का प्रशासनिक दायित्व सौंपा गया है. नई व्यवस्था आज से प्रभावी होगी. इसके साथ ही राज्य शासन ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग में भी महत्वपूर्ण पदस्थापना किए हैं. हाई कोर्ट रजिस्ट्री के प्रशासनिक कामकाज में भी बदलाव किया गया है.
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के संयुक्त सचिव और उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी मनीष कुमार ठाकुर की सेवाएं विधि एवं विधायी कार्य विभाग को सौंपी गई हैं. मुंगेली की प्रथम सिविल जज (सीनियर डिवीजन एवं सीजेएम) जसविंदर कौर अजमानी मलिक को छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग, रायपुर में उप सचिव के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है.
नई सूची के अनुसार न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर की जिम्मेदारी दी गई है. न्यायमूर्ति पार्थ प्रीतम साहू सरगुजा, कोरिया, धमतरी और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) के पोर्टफोलियो जज होंगे. जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास को राजनांदगांव और बेमेतरा और न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी को दुर्ग और बालोद का दायित्व सौंपा गया है. जस्टिस सचिन सिंह राजपूत रायगढ़ और महासमुंद, जबकि न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय बलौदाबाजार और बस्तर (जगदलपुर) की जिम्मेदारी संभालेंगे. न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल को कोंडागांव और मुंगेली, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल को बिलासपुर और उत्तर बस्तर (कांकेर), न्यायमूर्ति विभू दत्ता गुरु को रायपुर और कबीरधाम न न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद को जशपुर का पोर्टफोलियो जज बनाया गया है.
स्थापना में ओएसडी के रूप में पदस्थ निम्न न्यायिक सेवा के अधिकारी रवि कुमार कश्यप को हाई कोर्ट रजिस्ट्री के अपर रजिस्ट्रार और प्रशासन को प्रशासनिक कार्यों में सहायता प्रदान करने का दायित्व सौंपा गया है.
पूर्व CM भूपेश बघेल के PA केके चंद्राकर के घर ED की दबिश, चल रही है जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए के.के. चंद्रवंशी के पुरानी भिलाई स्थित घर पर मंगलवार को सुबह-सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापा मारा है. दो गाड़ियों में अधिकारियों की टीम पहुंची हुई है. मौके पर दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, ईडी के करीब 8 अधिकारी तड़के सुबह दो गाड़ियों में सवार होकर के.के. चंद्रवंशी के पुरानी भिलाई के निवास पर पहुंचे. इसके बाद टीम ने घर के अंदर प्रवेश कर दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की. सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए गए हैं. फिलहाल ईडी की टीम द्वारा किन मामलों को लेकर यह कार्रवाई की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
भूपेश बघेल के पीए के घर छापेमारी के बाद से राजनीतिक माहौल गरमाने के आसार हैं. फिलहाल ईडी की टीम केके चंद्रवंशी के निवास पर मौजूद है और जांच जारी है. कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है और जांच के दौरान क्या-क्या सामने आया, इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
TIN पोर्टल खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहुड’ पहल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज संसाधनों के सतत एवं समावेशी विकास के साथ जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित TIN (ट्राइबल इंसेंटिव्स ऑन नेचुरल रिसोर्सेज़) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान केंद्रीय कोयला और खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे, केंद्रीय शहरी आवासन राज्य मंत्री तोखन साहू और सीएमडीसी के चेयरमैन श्री सौरभ सिंह सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।
यह पोर्टल बस्तर संभाग के जनजातीय समुदायों द्वारा संग्रहित टिन अयस्क के क्रय से लेकर परिवहन, बिक्री, मूल्य निर्धारण और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और समयबद्ध बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। पोर्टल में लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) आधारित मूल्य निर्धारण की व्यवस्था की गई है, जिससे टिन संग्राहकों को बाजार की स्थिति के अनुरूप अधिक पारदर्शी मूल्य मिल सकेगा। वहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से विक्रय की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी, भुगतान में देरी की संभावना घटेगी और जनजातीय परिवारों को अपने प्राकृतिक संसाधनों से मिलने वाले आर्थिक लाभ का अधिक प्रत्यक्ष एवं समयबद्ध लाभ मिलेगा।
टिन खरीदी की पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल, हर चरण की होगी निगरानी
TIN पोर्टल के माध्यम से टिन अयस्क के संग्रहण से लेकर भुगतान तक प्रत्येक चरण को डिजिटल वर्कफ्लो से जोड़ा गया है। इसमें डिजिटल हितग्राही पंजीयन एवं पहचान, बैंकिंग सेवाओं का एकीकरण, क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट सत्यापन, स्मार्ट कार्ड/पहचान सुविधा, ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन, भुगतान राशि की स्वचालित गणना, ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग और संपूर्ण ऑडिट ट्रेल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सीएमडीसी मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों और क्रय केंद्रों तक रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी विकसित की गई है। पोर्टल के माध्यम से हितग्राहियों को डिजिटल संचार, एसएमएस अलर्ट और भुगतान एवं लेन-देन की स्थिति की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल संग्राहकों को अपने टिन की बिक्री और भुगतान की जानकारी समय पर मिलेगी, बल्कि सीएमडीसी के लिए स्टॉक, राजस्व, भुगतान और क्रय प्रक्रिया की निगरानी भी अधिक प्रभावी होगी।
06 टिन क्रय केंद्रों से खरीदी, 03 नए केंद्र प्रस्तावित
सीएमडीसी द्वारा वर्तमान में बस्तर संभाग में 06 टिन क्रय केंद्रों के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों से टिन अयस्क की खरीदी की जा रही है। इनमें दंतेवाड़ा जिले के बचेली, कटेकल्याण और चिकपाल तथा सुकमा जिले के तोंगपाल, नामा और चिंतलनार में संचालित क्रय केंद्र शामिल हैं। अधिक से अधिक जनजातीय संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर टिन विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में 03 नए टिन संग्रहण एवं क्रय केंद्र स्थापित करने की योजना है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के संग्राहकों को अपने उत्पाद को बाजार तक ले जाने में होने वाली कठिनाइयों में कमी आएगी और अधिक हितग्राही औपचारिक एवं पारदर्शी क्रय व्यवस्था से जुड़ सकेंगे।
टिन क्रय व्यवस्था में लागू हुई नई SOP, प्रक्रिया होगी सरल और किफायती
TIN पोर्टल के साथ CMDC द्वारा टिन अयस्क की खरीदी से बिक्री तक की प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार कर लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक क्रय केंद्र के लिए अलग सैंपलिंग की व्यवस्था, सैंपल की संख्या को 12 से घटाकर 6 करना, प्रत्येक सैंपल का मानकीकरण 50 ग्राम करना तथा परीक्षण परिणामों को लेकर असहमति की स्थिति में री-एनालिसिस का प्रावधान किया गया है। इससे प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होने के साथ परीक्षण एवं विश्लेषण से जुड़ी लागत में भी कमी आएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मासिक विश्लेषण शुल्क को 14,400 रुपए से घटाकर 7,200 रुपए किया गया है तथा इन सुधारों से CMDC को लगभग 10 लाख रुपए वार्षिक तक की संभावित बचत का अनुमान है। क्रय, बिक्री और परिवहन दरों के नियमित निर्धारण से पूरी प्रक्रिया में स्पष्टता भी बढ़ेगी।
LME आधारित मूल्य से उचित मूल्य, DBT से सीधे खाते में भुगतान
TIN पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में LME आधारित मूल्य निर्धारण और DBT भुगतान व्यवस्था शामिल है। इससे टिन के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए अधिक पारदर्शी मूल्य व्यवस्था विकसित होगी। विक्रय राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से हितग्राहियों को भुगतान के लिए किसी मध्यस्थ पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बैंकिंग प्रणाली से एकीकरण के कारण भुगतान अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होगा। साथ ही डिजिटल भुगतान व्यवस्था जनजातीय समुदायों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ते हुए वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा देगी।
टिन संग्रहण को आजीविका से जोड़ने की दिशा में पहल
बस्तर के दक्षिणी क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय लंबे समय से टिन अयस्क का संग्रहण करते रहे हैं। वर्ष 2013 में दंतेवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पांच टिन अयस्क संग्रहण सहकारी समितियों का गठन किया गया था। अब TIN पोर्टल इसी सामुदायिक व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए टिन संग्रहण को अधिक व्यवस्थित एवं स्थायी आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित करने का प्रयास है। इससे प्राकृतिक संसाधनों से मिलने वाले आर्थिक लाभ को स्थानीय समुदायों तक सीधे पहुंचाने, उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत करने में मदद मिलेगी।
टिन खरीदी से जनजातीय हितग्राहियों को लगातार मिला आर्थिक लाभ
CMDC द्वारा जनजातीय हितग्राहियों से टिन अयस्क की खरीदी के माध्यम से लगातार आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707.2 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए लगभग 90.82 लाख रुपए, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20,895.335 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए लगभग 3.81 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
सरकार और CMDC के लिए भी बनेगा मजबूत डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म
TIN पोर्टल केवल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह टिन की पूरी मिनरल वैल्यू चेन के डिजिटल प्रबंधन की व्यवस्था है। इससे सरकार को रियल टाइम राजस्व एवं क्रय संबंधी जानकारी प्राप्त होगी, जबकि CMDC को कागजी कार्यवाही कम करने, स्टॉक ट्रैकिंग, ऑडिट अनुपालन, भुगतान और क्रय केंद्रों की निगरानी में सुविधा मिलेगी। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की नीतियों और योजनाओं के लिए भी बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे। इस प्रकार TIN पोर्टल छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहुड’ पहल के रूप में सामने आया है। LME आधारित पारदर्शी मूल्य निर्धारण, DBT, डिजिटल पहचान, बैंकिंग एकीकरण, रियल टाइम मॉनिटरिंग और मानकीकृत SOP के माध्यम से इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर के टिन संग्राहक जनजातीय हितग्राहियों को उनके संसाधनों का अधिकतम, पारदर्शी और समयबद्ध आर्थिक लाभ मिल सके।
सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच हुआ महत्वपूर्ण एमओयू, कौशल विकास और वित्तीय सहयोग को मिलेगी गति
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू किया गया। इस समझौते से खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग, टिन संकलित करने वाले हितग्राहियों को पारदर्शी भुगतान और मूल्य संवर्धन का लाभ मिलेगा।
राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का पैदल मार्च
रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज FIR के विरोध में रायपुर में कांग्रेस ने पैदल मार्च निकाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर रायपुर ग्रामीण और शहर जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से सिविल लाइन थाना तक पैदल मार्च किया। मार्च का नेतृत्व रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे और रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने किया।
कांग्रेस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित जातिवादी शुद्धिकरण अनुष्ठान का भी विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में शामिल भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। पैदल मार्च के बाद कांग्रेस नेताओं ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने संयुक्त रूप से कहा कि जातिगत भेदभाव का विरोध करना अपराध नहीं है। राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय, संविधान और समानता के पक्ष में आवाज उठाई है। दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ़ में कक्षा 1 से 12वीं तक की तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की संशोधित समय-सारणी जारी, जानिए कब होगी परीक्षा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा पहली से 12वीं तक होने वाली तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की संशोधित समय-सारणी जारी कर दी है। संचालनालय की ओर से जारी आदेश में परीक्षा की तारीखों के साथ कक्षावार विषयों की जानकारी भी दी गई है।
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि पहले जारी किए गए दिशा-निर्देशों में परीक्षा समिति के गठन सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जो निर्देश दिए गए थे, वे यथावत रहेंगे। संशोधित समय-सारणी के अनुसार ही स्कूलों में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
21 सितंबर से शुरू होगी तिमाही परीक्षा
कक्षा पहली से 8वीं तक की तिमाही परीक्षा 21 सितंबर 2026 से शुरू होगी। पहले दिन हिन्दी, 22 सितंबर को गणित और 23 सितंबर को अंग्रेजी की परीक्षा होगी। कक्षा 3री से 5वीं तक 24 सितंबर को पर्यावरण विषय की परीक्षा होगी।
कक्षा 6वीं से 8वीं तक 23 सितंबर को विज्ञान, 24 सितंबर को अंग्रेजी, 25 सितंबर को सामाजिक विज्ञान और 26 सितंबर को संस्कृत की परीक्षा निर्धारित की गई है। कक्षा पहली और दूसरी के लिए 24 सितंबर के बाद की विषयवार परीक्षा नहीं रखी गई है, जबकि कक्षा तीसरी से 5वीं तक की परीक्षाएं 24 सितंबर तक होंगी।
परीक्षा का समय
प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं यानी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर की परीक्षा के लिए समय दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा।
कक्षा 9वीं से 12वीं तक का शेड्यूल
कक्षा 9वीं और 10वीं की तिमाही परीक्षा भी 21 सितंबर 2026 से शुरू होगी। कक्षा 9वीं में क्रमशः हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा संस्कृत एवं अन्य तृतीय भाषाओं की परीक्षाएं होंगी।

कक्षा 10वीं में पहले दिन गणित, दूसरे दिन हिन्दी, तीसरे दिन अंग्रेजी, चौथे दिन सामाजिक विज्ञान, पांचवें दिन संस्कृत एवं अन्य तृतीय भाषाएं और छठे दिन विज्ञान की परीक्षा होगी।

कक्षा 11वीं और 12वीं में अलग-अलग संकाय एवं विषयों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें हिन्दी, अंग्रेजी, भौतिक शास्त्र, भूगोल, व्यवसाय अध्ययन, रसायनशास्त्र, लेखाशास्त्र, राजनीति विज्ञान, जीवविज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र सहित अन्य विषय शामिल हैं।
व्यावसायिक विषयों की परीक्षा भी निर्धारित
कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक विषयों की परीक्षा भी समय-सारणी में शामिल की गई है। इनमें आईटी, ऑर्गेनाइज्ड रिटेल, ऑटोमोबाइल सर्विस टेक्निशियन, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, ब्यूटी एंड वेलनेस, टेलीकम्युनिकेशन, बैंकिंग फाइनेंशियल सहित अन्य व्यावसायिक विषय शामिल हैं।
कक्षा 9वीं और 10वीं के व्यावसायिक विषयों की परीक्षा 28 सितंबर 2026 को होगी। कक्षा 11वीं और 12वीं के व्यावसायिक विषयों की परीक्षा 30 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
अर्धवार्षिक परीक्षा 1 दिसंबर से
जारी संशोधित समय-सारणी के मुताबिक कक्षा पहली से 8वीं तक की अर्धवार्षिक परीक्षा 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी। पहले दिन हिन्दी और 2 दिसंबर को गणित की परीक्षा होगी। 3 दिसंबर को कक्षा पहली से 5वीं तक अंग्रेजी तथा कक्षा 6वीं से 8वीं तक विज्ञान की परीक्षा होगी।
इसके बाद 4 दिसंबर को कक्षा तीसरी से 5वीं में पर्यावरण और कक्षा 6वीं से 8वीं में अंग्रेजी की परीक्षा होगी। 5 दिसंबर को कक्षा 6वीं से 8वीं में सामाजिक विज्ञान और 7 दिसंबर को संस्कृत की परीक्षा होगी। कक्षा 9वीं से 12वीं की अर्धवार्षिक परीक्षाएं भी 1 दिसंबर 2026 से शुरू होंगी और विषयवार परीक्षा 11 दिसंबर तक चलेगी।
आय से अधिक संपत्ति मामले में तत्कालीन DEO दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा, 10 हजार रुपये का लगाया जुर्माना
दंतेवाड़ा। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दंतेवाड़ा के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुभाष गंजीर को विशेष न्यायालय ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी को 88.30 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी माना है।
2017 में दर्ज हुआ था मामला
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में अपराध क्रमांक 04/2017 के तहत धारा 13(1)(ई) और 13(2), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी सुभाष गंजीर पर पदस्थापना के दौरान स्वयं और परिवार के सदस्यों के नाम पर य से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था। सूचना के सत्यापन के बाद 14 फरवरी 2017 को अपराध पंजीबद्ध किया गया।
तीन ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
मामले में विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद 15 फरवरी 2017 को ACB की टीम ने आरोपी के शासकीय आवास दंतेवाड़ा, वृंदावन कॉलोनी जगदलपुर और पैतृक ग्राम कोटपाड़, जिला कोरापुट (ओडिशा) में छापेमारी और तलाशी की कार्रवाई की थी।
88.30 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति का दोषी करार
मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ विधिवत अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई और अभियोग पत्र तैयार कर विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, दंतेवाड़ा में पेश किया गया। मामले में विचारण के बाद विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य ने 31 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। न्यायालय ने सुभाष गंजीर को 88.30 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का दोषी मानते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।