प्रदेश
वेदांता प्लांट हादसा अपडेट : उच्चस्तरीय जांच शुरू, 29 अप्रैल तक आमजन से मंगाए गए साक्ष्य, अब तक 24 मजदूरों की हो चुकी है मौत
सक्ती। सक्ती जिले के वेदांता पावर लिमिटेड में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में अब तक 24 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 गंभीर रूप से घायल श्रमिक विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील जैन को उच्चस्तरीय जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आमजन से साक्ष्य व दस्तावेज मांगे गए हैं, जिन्हें 29 अप्रैल तक प्रस्तुत किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत सिंघीतराई स्थित प्लांट के बॉयलर यूनिट–1 में तकनीकी खराबी के कारण यह भयावह हादसा हुआ। घटना के समय वहां कार्यरत कुल 34 श्रमिक इसकी चपेट में आए थे। विस्फोट इतना तेज था कि मौके पर ही कई मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद घायलों को तत्काल अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां 10 श्रमिकों का इलाज अब भी जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को उच्चस्तरीय जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से आमजन, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से साक्ष्य एवं दस्तावेज आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए 29 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक, आयुक्त कार्यालय बिलासपुर संभाग में सुनवाई निर्धारित की गई है। यदि कोई व्यक्ति इस दुर्घटना से जुड़े तथ्य, दस्तावेज या महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।
बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन ने कहा है कि इस जांच का उद्देश्य दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना, दोषियों की जिम्मेदारी तय करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है। इसलिए आमजन से अपेक्षा है कि वे उपलब्ध तथ्यों के साथ सहयोग प्रदान करें।
नगर निगमों की समीक्षा में अरुण साव का सख्त रुख, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
रायपुर। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सोमवार को प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।
नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे।
कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान दें।
बजट खर्च करने के लिए नहीं, बल्कि समस्याओं का करें स्थायी समाधान- साव
उप मुख्यमंत्री साव ने पेयजल आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।
अपूर्ण आवासों को पूर्ण करने के निर्देश
डिप्टी सीएम साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रारंभ आवासों के निर्माण एक माह के भीतर हर हाल में शुरू करने के साथ ही मार्च-2026 में स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु के पहले प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 18 माह की अवधि में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव अविलंब विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सके।
पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने के निर्देश
डिप्टी सीएम साव ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने बैंकों से बात कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूजल को रिचार्ज करने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक संख्या में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य कराने को कहा। उन्होंने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के मिशन में वर्तमान समय की जरूरतों और तकनीकों के साथ नई कार्य पद्धति अपनाने के निर्देश निकायों के अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव भागवत जायसवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा
डिप्टी सीएम अरुण साव ने आज दो सत्रों में मैराथन बैठकों में नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की। वे 21 अप्रैल को दिनभर नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले को लेकर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB-EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं। दोनों को 19 अप्रैल 2026 को हिरासत में लिया गया।
बता दें कि ACB-EOW ने अपराध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (बी), 8 और भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120-बी के तहत इस मामले में अपराध दर्ज किया है।
ED की कार्रवाई से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अधिकारियों ने 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन को सूचना भेजी गई, जिसके आधार पर ACB-EOW ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
115 करोड़ के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी
जांच में सामने आया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को करीब 115 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। नियमानुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान के रूप में दी जानी थी, लेकिन जांच में पाया गया कि कर्मचारियों तक यह रकम नहीं पहुंची।
बताया गया कि एजेंसियों के माध्यम से यह राशि अवैध रूप से कमीशन के तौर पर निकाली जाती थी और CSMCL के अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों में बांटी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अंततः यह रकम कथित रूप से अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी।
रिश्वत की रकम पहुंचाने में थी भूमिका
जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के कर्मचारी थे और 29 नवंबर 2023 को कंपनी के बैंक खाते से निकाली गई 28.80 लाख रुपए की राशि को CSMCL अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए भेजे गए थे। यह रकम आरोपी नवीन प्रताप सिंह तोमर द्वारा भेजे गए व्यक्तियों को सौंपी जानी थी।
27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड रहेंगे दोनों आरोपी
दोनों आरोपियों को 20 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। ACB-EOW का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
महिला आरक्षण बिल गिरने पर BJP का प्रदर्शन : CM साय ने कहा – एक दिन का विशेष सत्र बुलाएंगे, निंदा प्रस्ताव होगा पास
रायपुर। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर भाजपा ने आज रायपुर में जनआक्रोश रैली निकाली। इस दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष के रुख के खिलाफ विधानसभा में एक दिन का विशेष सत्र बुलाएंगे, जिसमें निंदा प्रस्ताव पास होगा।
भाजपा महिला मोर्चा की जनआक्रोश यात्रा बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया। महिला मोर्चा जनआक्रोश रैली को लेकर सीएम ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार महिलाओं का सम्मान बढ़ाया है। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ से लेकर देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के रूप में एक महिला विराजमान हैं। पीएम ने लगातार महिलाओं के लिए काम किया है।
सीएम ने कहा, देश के विकास के लिए 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देने का था, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने इसे पास नहीं होने दिया। देश की 70 करोड़ महिलाओं को धोखा दिया है। आज यहां भी महिलाओं ने आक्रोश रैली निकाली थी, हम भी उनके साथ खड़े थे। जनआक्रोश यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, डिप्टी सीएम अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा समेत जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार पर सुनवाई जुलाई अंतिम सप्ताह तक टली, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आश्वासन पर दी मोहलत
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने बिलासपुर एयरपोर्ट हवाई सुविधा विस्तार से संबंधित जनहित याचिकाओं की सुनवाई आज जुलाई के अंतिम सप्ताह तक के लिए टाल दी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार पर अत्यधिक धीमी गति से काम करने का आरोप लगाया। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सरकार ओपन टेंडर के माध्यम से निजी एयरलाइंस कंपनियों को आमंत्रित करने से इनकार कर रही है। वहीं राज्य सरकार ने कार्यों में प्रगति दिखाने के लिए कोर्ट से अगस्त माह तक का समय मांगा है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बिलासपुर हवाई सुविधा विस्तार के मामले में लगातार मॉनिटरिंग कर विभिन्न आदेश देता आया है जिससे बिलासपुर में हवाई सुविधा विस्तार संबंधी कई कार्य समय पर हुए हैं। आज की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास में दाखिल किए गए शपथ पत्र का ब्यौरा देते हुए बताया कि रनवे कारपेटिंग बाउंड्री वॉल आदि कार्य सैंक्शन है और शुरुआत से अभी तक लगभग 100 करोड रुपए बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास में खर्च किए जा चुके हैं। जहां तक नई उड़ानों का प्रश्न है राज्य सरकार एलाइंस एयर को सब्सिडी दे रही है। परंतु निजी एयरलाइंस कंपनियों को बिलासपुर से उड़ान शुरू करने के लिए कोई आमंत्रण नहीं दिया गया।
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि व्यावसायिक स्तर पर एयरलाइंस चाहे तो बिलासपुर से फ्लाइट संचालन कर सकती है उसमें कोई रोक नहीं है लेकिन जहां तक सब्सिडी का प्रश्न है तो यह केवल सरकारी कंपनी को दिया जा रहा है।
याचिका कर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि जब केंद्र सरकार उड़ान योजना में सब्सिडी देने के माध्यम से ओपन टेंडर कर सकती है और निजी एयरलाइंस समेत सभी एयरलाइंस को आमंत्रित कर सकती है तो यही कार्य राज्य सरकार भी कर सकती है और उसे इससे पीछे नहीं हटना चाहिए। इस प्रस्ताव को भी राज्य सरकार की ओर से स्वीकार नहीं किया गया और कहा गया कि निजी एयरलाइंस कंपनी चाहे तो कमर्शियल उड़ान संचालित करे।
आज की सुनवाई में अतिरिक्त महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि इन जनहित याचिकाओं का उद्देश्य पूरा हो चुका है अतः और आगे किसी सुनवाई की जरूरत नहीं।
राज्य सरकार के इस स्टैंड का याचिका कर्ताओं की ओर से वरिष्ठअधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने कड़ा विरोध किया और कहा कि याचिकाओं में 4c एयरपोर्ट बनाने का अनुतोष मांगा गया है और अभी तो 3c एयरपोर्ट ही बना है 4c एयरपोर्ट के लिए कोई भी कार्य सैंक्शन तक नहीं हुआ है ऐसे में सुनवाई को इस स्तर पर समाप्त नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने भी याचिकाओं में मांगे गए अनुतोष की जांच की और कहा कि याचिकाए 4c एयरपोर्टके लिए ही लगाई गई है । इस स्तर पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाओं की सुनवाई जारी रहे इस पर राज्य सरकार आपत्ति नहीं करेगी। परंतु उसे लंबा समय दिया जाए जिससे कि वह इस मामले में कुछ ठोस प्रगति कर न्यायालय को बता सके और सुनवाई को अगस्त माह तक टालने की मांग की।
राज्य सरकार के आश्वासन पर विचार कर हाई कोर्ट जनहित याचिकाओं की सुनवाई जुलाई अंतिम सप्ताह तक के लिए टाल दी। उस समय तक हुई प्रगति के संबंध में राज्य सरकार एक नया शपथ पत्र दाखिल करेगी।
अफवाहों पर न दें ध्यान… प्रदेश में LPG सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की किल्लत नहीं, कालाबाजारी करने वाले 100 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज
रायपुर। पश्चिम एशिया संकट (28 फरवरी 2020) के बाद से राज्य सरकार प्रदेश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के लगातार संपर्क में है। केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में इन सभी ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम लोगों को किसी तरह की अफवाह या भ्रम में आने की जरूरत नहीं है।
इसी को लेकर आज सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव कृषि विभाग शहला निगार, संचालक खाद्य एवं आपूर्ति डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रदेश में ईंधन की अद्यतन स्थिति की जानकारी पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 63.59 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए मार्च 2026 और वर्तमान माह अप्रैल 2026 में मांग के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। माह मार्च 2026 में 35,000 टन घरेलू एलपीजी की आवश्यकता के विरुद्ध 35,073 टन (100%) आपूर्ति की गई। वहीं अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल तक 20,619 टन घरेलू एलपीजी राज्य को प्राप्त हो चुकी है। राज्य के सभी चार एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
मार्च 2026 के दूसरे सप्ताह में भ्रम और अफवाह के कारण औसत दैनिक बुकिंग संख्या 74,000 से बढ़कर 1,30,000 तक हो गई थी, जो वर्तमान में घटकर औसतन 64,000 रह गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की मांग के अनुसार आपूर्ति होने से असामान्य बुकिंग में कमी आई है तथा वर्तमान माह अप्रैल 2026 में यह सामान्य स्तर पर आ गई है।
कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं के लिए भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अप्रैल 2026 में 1533 टन के आवंटन के मुकाबले 1745 टन (116%) एलपीजी उपलब्ध रही, जिसमें से 19 अप्रैल तक 885 टन की आपूर्ति की जा चुकी है।
प्रदेश में संचालित 2485 पेट्रोल-डीजल पंपों तथा तीनों ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। मार्च 2026 में प्रदेश की मासिक पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर के मुकाबले 1.27 लाख किलोलीटर (126%) पेट्रोल उपलब्ध रहा। वहीं अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल तक 77,942 किलोलीटर पेट्रोल राज्य को प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार, मार्च 2026 में डीजल की मासिक आवश्यकता 1.68 लाख किलोलीटर के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183%) डीजल उपलब्ध रहा। अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल तक 1.17 लाख किलोलीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में लगातार आकस्मिक जांच और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 419 छापों में 3946 सिलेंडर जब्त किए गए हैं तथा 105 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आम उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए राज्य स्तर और सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी संचालित किया जा रहा है।
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्य स्तरीय विविध कार्यक्रमों का आयोजन, समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल होंगे प्रदेशभर के वालंटियर्स
रायपुर। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की राज्य शाखा रायपुर द्वारा 08 मई को वर्ल्ड रेड क्रॉस डे के अवसर पर राज्य स्तरीय विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रेडक्रॉस भवन, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य शाखा के चेयरमैन टोमन साहू ने की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्व रेडक्रॉस दिवस पर समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर के रेडक्रॉस वालंटियर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में रेडक्रॉस की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जारी की गई। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) प्रशिक्षण, रक्तदान शिविरों का वृहद आयोजन तथा विभिन्न विशेष दिवसों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कार्ययोजना में जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से विद्यार्थियों को मानवीय सेवा कार्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। इसके तहत शैक्षणिक भ्रमण, प्राकृतिक अध्ययन, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, काउंसलर प्रशिक्षण, एडवेंचर कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दिवसों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में कोषाध्यक्ष संजय पटेल, राष्ट्रीय प्रतिनिधि युवराज देशमुख, डॉ. प्रदीप साहू, योगेश जैन, डॉ. अशोक गिरी गोस्वामी, लिंगराज पटेल सहित रेडक्रॉस सोसायटी के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
अंबिकापुर में ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का भूमिपूजन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दिया समाज को नई दिशा का संदेश
अंबिकापुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को अंबिकापुर में अग्रवाल समाज के ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का भूमिपूजन किया। 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल और सर्वसुविधायुक्त लॉन से बनने वाला यह भव्य भवन छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम भगवान अग्रसेन महाराज के वंशज हैं और अग्र समाज का इतिहास हमेशा से सेवा और समर्पण का रहा है। हजारों वर्षों से हमारे पूर्वजों ने तीर्थ स्थलों पर भवन, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर समाज सेवा की अनूठी परंपरा कायम की है। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का निर्माण एक सराहनीय पहल है।

सांसद श्री अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हमारे समाज की परंपरा आज की नहीं, हजारों साल पुरानी है। जहां-जहां पुराने तीर्थ स्थल हैं, वहां अगर भवन बने हैं, बावड़ियां बनी हैं या अन्न क्षेत्र बने हैं, तो उसमें अग्रवाल समाज का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन आज हमारी नई पीढ़ी इस दिशा में उतनी सक्रिय नजर नहीं आ रही है, यह चिंता का विषय है।”

उन्होंने कहा कि “हम आज भी अपने पूर्वजों के कार्यों का गौरव गान करते हैं, लेकिन जरूरी है कि हम स्वयं भी वैसा ही योगदान दें। समाज में संस्कारों की कमी आ रही है, और यह हमें गंभीरता से सोचने की जरूरत है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “सिर्फ बिल्डिंग बनाने से कुछ नहीं होता, घर तब बनता है जब उसमें बच्चों की किलकारियां गूंजती हैं। उसी तरह यह भवन भी तभी सार्थक होगा, जब इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी होगी।”
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि “जब तक समाज का कमजोर व्यक्ति इस भवन से नहीं जुड़ेगा, तब तक यह केवल एक बिल्डिंग बनकर रह जाएगा। जरूरी है कि हम ऐसे लोगों को भी इसमें शामिल करें, ताकि उन्हें लगे कि यह उनके लिए बना है और उनके काम आएगा।”
उन्होंने सुझाव दिया कि समाज को केवल भव्य भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास की व्यवस्था जैसे कार्यों पर भी ध्यान देना चाहिए। “अगर हम अपने समाज के गरीब और किराए के घर में रहने वाले परिवारों को अपना घर दे दें, तो इससे बड़ा आशीर्वाद और कोई नहीं हो सकता,” उन्होंने कहा।
सांसद श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि “भवन बनाना एक बात है, लेकिन उसे जागृत और जीवंत बनाना अलग बात है। जब यह भवन समाज के हर वर्ग के उपयोग में आएगा, तभी इसकी वास्तविक सार्थकता होगी।”
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “मंदिर में हम भगवान की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करते हैं, लेकिन यदि हमने एक बच्चे को शिक्षित कर दिया या किसी गरीब का इलाज करा दिया, तो उससे बड़ा भगवान कोई दूसरा नहीं है।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ समाज को जोड़ने, संस्कारों को सशक्त करने और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का केंद्र बनेगा। इस अवसर पर अग्रवाल समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मंत्री राजेश अग्रवाल, अग्रवाल सभा अंबिकापुर अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, संजय, विनोद, कृष्ण कुमार, मनोज जैन समेत बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विमान क्रैश की खबर निकली अफवाह : मौके पर नहीं मिले कोई साक्ष्य
जशपुर। जिले के नारायणपुर क्षेत्र में प्राइवेट विमान क्रैश होने की खबर अफवाह निकली है। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की दोपहर जिले के नारायणपुर क्षेत्र में कुछ धुआं उठने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर कलेक्टर रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह ने निरीक्षण किया, जहां प्लेन क्रैश होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरा के माध्यम से निगरानी रख रही है।
विमान हादसा को लेकर प्रशासन ने बताया कि जंगल में सूखे पत्तों पर लगी आग की वजह से धुआं उठ रहा था। खनिज सर्वे के काम में लगे हेलीकाप्टर को नजदीक से उड़ते देख लोगों को लगा कि हेलीकाप्टर या फिर कोई विमान क्रैश हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। जंगल में लगी आग की वजह से लोगों को अंदेशा हुआ।
कोरबा में ट्रैफिक सिग्नल पर बनेंगे प्रतीक्षा शेड, धूप-बारिश से मिलेगी राहत
रायपुर। शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रेफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रेफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
आमजन को गर्मी, बरसात में नही होगी परेशानी
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।
उद्योग मंत्री की प्रेरणा से बन रहे प्रतीक्षा शेड
महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।
सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे; द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
कांकेर में एक और नक्सली ने किया आत्मसमर्पण
कांकेर। तेलंगाना कैडर की नक्सली रूप के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद से बचे नक्सलियों में खौफ है. इस बीच नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और सफलता हाथ लगी है. कांकेर में सोमवार को उत्तर बस्तर इलाके में परतापुर एरिया कमिटी में सक्रिय रहे दासरू ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्ण कर दिया है.
जानकारी के मुताबिक, परतापुर एरिया कमिटी में सक्रिय सदस्य के रूप में काम करने वाले दासरू आमाबेड़ा थाना पहुंचा. जहां उसने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए और मुख्यधारा में शामिल हो गया. पुलिस अधीक्षक निखिल राखेछा ने आत्मसमर्पण की पुष्टि की है. प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति के तहत प्रारंभिक सहायता राशि, कौशल प्रशिक्षण, आवास, आजीविका के साधन और सुरक्षा प्रदान की जाती है.
पुनर्वास नीति के तहत दोनों को पृथक-पृथक 25,000-25,000 रुपये (कुल 50,000 रुपये) की प्रोत्साहन राशि तत्काल नगद प्रदान की गई. इसके साथ ही भविष्य में 3 वर्ष तक 10,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड राशि, निःशुल्क आवास एवं भोजन, स्किल डेवलपमेंट हेतु प्रशिक्षण, कृषि भूमि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी.
जशपुर में क्रैश हुआ प्राइवेट विमान
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां एक प्राइवेट विमान के क्रैश होने की सूचना मिली है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विमान नारायणपुर क्षेत्र के आरा पहाड़ से टकरा गया, जिसके बाद मौके पर आग की तेज लपटें उठती हुई देखी गईं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद पहाड़ के इलाके से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिसने घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया। इस दुर्घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आग की भयावह स्थिति स्पष्ट देखी जा सकती है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि विमान में कितने लोग सवार थे या कोई यात्री मौजूद था या नहीं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। लाल उमेद सिंह खुद घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनके साथ पुलिस और राहत दल की टीमें भी मौके की ओर बढ़ रही हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि फिलहाल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन टीमों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। लाल उमेद सिंह खुद घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनके साथ पुलिस और राहत दल की टीमें भी मौके की ओर बढ़ रही हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि फिलहाल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन टीमों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी की याचिकाओं को एक साथ किया टैग, 23 अप्रैल को होगी संयुक्त सुनवाई
नई दिल्ली। रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दो अलग-अलग याचिकाएं विचाराधीन रहीं, जिनमें एक याचिका हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर पर रोक लगाने से संबंधित चैंबर में दाखिल की गई थी, जबकि दूसरी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दो नंबर बेंच में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया और आगे की संयुक्त सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत इस स्तर पर नहीं दी जाएगी और संबंधित आवेदन पर निर्णय चैंबर जज द्वारा किया जाएगा।
इस दौरान मृतक रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के वकील भी अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने पक्ष रखा। बेंच ने फिलहाल मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए अगली सुनवाई तक स्थिति यथावत रखने का निर्देश दिया।
अमित जोगी का बयान
सुनवाई के बाद अमित जोगी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने उनके दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है। इसमें दिनांक 25.03.2026 के लीव टू अपील आदेश के विरुद्ध दायर एसएलपी और 02.04.2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध वैधानिक अपील शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई अब 23 अप्रैल को होगी।
अमित जोगी ने यह भी बताया कि सुनवाई में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे और शशांक गर्ग उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी कानूनी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होनी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
करेंसी टावर में 20 मिनट तक लिफ्ट फंसी ACS ऋचा शर्मा, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने शहर के व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर में सोमवार सुबह छत्तीसगढ़ शासन की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ऋचा शर्मा करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। इस दौरान लिफ्ट के भीतर रोशनी और वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे घबराहट का शिकार हो गईं।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना सुबह लगभग 6:30 बजे की है। एसीएस ऋचा शर्मा रोज की तरह मॉर्निंग वर्कआउट के लिए वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर चौक के पास बने करेंसी टावर पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि वे टावर में स्थित जिम जाने के लिए लिफ्ट का उपयोग कर रही थीं। जैसे ही लिफ्ट ऊपर बढ़ी, वह अचानक तकनीकी खराबी के चलते बीच में ही रुक गई।
शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि कुछ ही समय में लिफ्ट फिर से चल पड़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धीरे-धीरे स्थिति गंभीर होती गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिफ्ट के अंदर न पर्याप्त रोशनी थी और न ही हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था। बंद जगह में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण उनकी घबराहट बढ़ती गई और तबीयत पर असर पड़ने लगा।
सबसे गंभीर बात यह रही कि लिफ्ट में इमरजेंसी अलार्म सिस्टम या हेल्पलाइन नंबर जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद नहीं थीं या स्पष्ट रूप से कार्यरत नहीं थीं। इससे तत्काल मदद मिलने में देरी हुई और स्थिति और अधिक चिंताजनक बन गई।
बताया जा रहा है कि किसी तरह ऋचा शर्मा ने अपने मोबाइल फोन के जरिए प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। इसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। इस दौरान उन्होंने राज्य के ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव से भी फोन पर बात कर करेंसी टावर में बिजली आपूर्ति, पावर बैकअप और सोलर सिस्टम की स्थिति को लेकर जानकारी ली। उन्होंने भवन में मौजूद आपातकालीन व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए।
सूचना मिलते ही भवन प्रबंधन और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और लिफ्ट को खोलने का प्रयास शुरू किया गया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आखिरकार लिफ्ट का दरवाजा खोला गया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि बाहर आने के बाद भी उनकी स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और आराम कराया।
इस घटना के बाद करेंसी टावर की लिफ्ट व्यवस्था और भवन प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस टावर में लिफ्ट खराब हुई हो। बावजूद इसके, प्रबंधन द्वारा अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम: गर्मी से राहत के आसार, कई इलाकों में बारिश-अंधड़ की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मौसम का मिजाज बदलने वाला है. भीषण गर्मी से परेशान हो रहे लोगों को हल्की राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने आज यानी सोमवार को कुछ इलाकों में बारिश, अंधड़ और बिजली गिरने की संभावना जताई है. वहीं अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होने के आसार हैं. इस दौरान मध्य क्षेत्र में ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति से हल्की राहत मिल सकती है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कुछ जगहों पर बारिश हुई. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 44.5 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. संभावना है कि अगले दो दिनों में एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चलेगी. वहीं एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने और तेज हवा (40-50 KMPH) चलने की संभावना है.
ग्रीष्म लहर से राहत
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से तटीय उड़ीसा तक झारखंड तक विस्तारित है. दूसरा उत्तर दक्षिण द्रोणी का मन्नार की खाड़ी से उत्तर अन्दरूनी कर्नाटक तक फैला हुआ है. एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक बिहार, गंगेटिक पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग, बांग्लादेश तक विस्तारित है. एक प्रति चक्रवात अंदरुनी महाराष्ट्र और उससे लगे तेलंगाना तथा उत्तर अंदरुनी कर्नाटक तक विस्तारित है. इन मौसम प्रणालियों के कारण आज एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं. एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ और बिजली गिरने की संभावना है. अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है. दक्षिणी इलाके में वर्षा का मुख्य क्षेत्र रह सकता है.
सीएसईबी राखड़ बांध फूटा, जेसीबी ऑपरेटर की मौत, 3 मजदूरों का सफल रेस्क्यू, जांच टीम गठित
कटघोरा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब नवागांव के कला में स्थित सीएसईबी का राखड़ बांध (झाबु डेम) अचानक फूट गया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक जेसीबी ऑपरेटर की मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूरों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
ऐसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, घटना के समय जेसीबी ऑपरेटर सहित कुल पांच लोग राखड़ डेम में मरम्मत कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक बांध फूट गया और राखड़ का तेज बहाव शुरू हो गया। देखते ही देखते जेसीबी मशीन बह गई और मलबे में दबकर ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान मड़वारानी निवासी हुलेश्वर कश्यप के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहीं आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों की मदद से तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वही, मलबे में दबे जेसीबी और चालक को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के बाद सीएसईबी प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि डेम की मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह हादसा हुआ।
मुआवजे की घोषणा
प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 5 लाख रुपये नगद और 18 लाख रुपये का चेक, कुल 23 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
FIR की मांग
वहीं इस घटना को लेकर युवा कांग्रेस ने आक्रोश जताते हुए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
जांच टीम गठित
इधर जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
डॉ. रमन सिंह ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र, अमलीडीह फ्लाईओवर पर सर्विस रोड की जरूरत बताई
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अमलीडीह फ्लाईओवर के पास सर्विस रोड निर्माण को लेकर पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव को पत्र लिखा है और आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में बताया है कि रायपुर ग्रामीण के विधायक मोतीलाल साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि अमलीडीह फ्लाईओवर में चढ़ने-उतरने के लिए तीन दिशाओं में सामान्य सड़कें बनी हुई हैं, लेकिन खुशी-वाटिका कॉलोनी की ओर पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि वर्तमान में प्रचलित तीनों सड़कों का तत्काल उन्नयन किया जाए और खुशी-वाटिका की ओर मार्ग निर्माण की समस्याओं का समाधान नगर निगम, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कॉलोनी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर निराकरण किया जाए।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अमलीडीह फ्लाईओवर के पास सर्विस रोड बनने से देवेंद्रनगर, शंकरनगर, फाफाडीह, उरला, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक आवागमन सुगम होगा। साथ ही वीआईपी रोड और अमलीडीह मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी।
डॉ. रमन सिंह ने जनहित को ध्यान में रखते हुए अमलीडीह फ्लाईओवर में चारों दिशाओं में सर्विस रोड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव को निर्देशित करने का आग्रह किया है।
