प्रदेश
केंद्रीय कैबिनेट सचिव की मुख्य सचिवों से वीडियो कॉन्फ्रेंस: छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं का बैठक में उल्लेख
रायपुर। भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.व्ही.सोमनाथन ने आज नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारें मिलकर राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करें।
कान्फ्रेंस में शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अपार आई डी, आंगनबाड़ियों के मैनेजमेंट, आरोग्य मंदिर, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी लाईवलीहुड मिशन, पीएम जनमन, पेंशन स्कीम सहित भारत सरकार की अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं कार्यक्रम का राज्यों में संचालन तथा क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी दिनों में होने वाली नीति आयोग की नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनटीए द्वारा ली जाने वाली रि-नीट परीक्षा में जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील नवा रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
सीएस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ में लाईवलीहुड मिशन, आकांक्षी जिला एवं नियद नेल्लानार योजना में किए गए कार्यों का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों और सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं राज्यों के विभिन्न विभागों के सचिव भी शामिल हुए।
साय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक 9 जून को
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक मंगलवार, 9 जून को सुबह 11 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
बता दें कि इससे पहले 26 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इनमें छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अधीन लाने तथा डामर (बिटुमिन) की कीमतों में वृद्धि के कारण अनुबंधित ठेकेदारों को क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने जैसे अहम फैसले शामिल थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भीखमपुरा में निर्माणाधीन पीएम आवासों का किया निरीक्षण
रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने सपेरा बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन आवासों का अवलोकन करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत आवासों और अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से कच्चे घरों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने की उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर उनकी सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
उल्लेखनीय है कि भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में 68 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, सीसी रोड तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कदम का पौधा तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा रोपित किया। परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा महतारी वंदन योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में सामने आई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी समाज और राज्य की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं हो सकती, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सम्मानित न किया जाए। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश की माताओं और बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बन रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण तथा छोटे-छोटे स्वरोजगार कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।
जून 2026 में जारी 28वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश की महिलाओं को कुल 18 हजार 165 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर में संचालित नियद नेल्लानार अभियान के माध्यम से 7 हजार 770 नई महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं को भी आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना आज केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार तथा समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश की हर महिला सशक्त, स्वावलंबी और सम्मानपूर्ण जीवन जी सके।
महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई धारा प्रवाहित हुई है और लाखों परिवारों के जीवन में खुशहाली तथा आर्थिक स्थिरता का नया अध्याय जुड़ा है।
सुशासन तिहार के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गौशाला परिसर में आयोजित जनचौपाल में मुख्यमंत्री पारंपरिक खाट पर बैठकर ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं, सुझावों तथा अपेक्षाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है जब सरकार स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करे। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनचौपालों और समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांगों पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सपेरा समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, बस्ती क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण, गांव की आंतरिक गलियों में सीसी रोड निर्माण तथा चंडी मंदिर के समीप स्थित डबरी तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम की प्राथमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयानंद पाणिग्राही के नाम पर किए जाने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा आजीविका के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री का सीधे गांव पहुंचकर लोगों से संवाद करना उनकी संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिली है तथा शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुंबई में ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक संपन्न
मुंबई/रायपुर। विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025′ पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को मुंबई में संपन्न हुई। बैठक में विशेष रूप से उपस्थित वरिष्ठ सांसद बृजमोहन ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के विभिन्न आयामों पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ विस्तृत चर्चा की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हमारे उच्च शिक्षण संस्थान केवल डिग्री प्रदान करने वाले केंद्र न रहकर नवाचार, अनुसंधान और उद्योगों की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने वाले उत्कृष्ट संस्थान बनें। प्रस्तावित विधेयक इसी दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पहल है, जो शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच एक मजबूत, अनिवार्य एवं संस्थागत सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

‘युवा संगम’ और इंटर्नशिप के जरिए राष्ट्रीय एकता व कौशल विकास
सांसद बृजमोहन ने बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और उद्योग का जुड़ाव जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। उन्होंने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वारा संचालित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह अनूठी पहल देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क (5 Pillars) के माध्यम से एक-दूसरे की संस्कृति और विकास मॉडल को समझने का अद्भुत अवसर दे रही है। अब तक 5 सत्रों (Seasons) में 5,200 से अधिक छात्र इस राष्ट्रीय एकता अभियान से लाभान्वित हो चुके हैं और छठे सीजन की प्रक्रिया जारी है।

इसके साथ ही उन्होंने छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए इंटर्नशिप की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आईआरसीटीसी जैसी नवरत्न कंपनियां वैधानिक प्रशिक्षुता अधिनियम और ‘प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना’ के तहत बड़े पैमाने पर युवाओं को जोड़ रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 (चरण-III) में आईआरसीटीसी द्वारा 75 और प्रशिक्षुओं की नियुक्ति की योजना है, जो युवाओं के रोजगारोन्मुखी कौशल को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

उद्योगों में क्षमता और एनईपी 2020 का दृष्टिकोण
अनिवार्य इंटर्नशिप के कारण उद्योगों में क्षमता के सवाल पर चर्चा करते हुए यह बात सामने आई कि कुछ क्षेत्रों में बाधाएं हो सकती हैं, जिसके समाधान के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, एमएसएमई (MSMEs), स्टार्टअप्स की भागीदारी, हाइब्रिड इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट-आधारित असाइनमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। यह विधेयक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में उल्लिखित कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण के उद्देश्यों को पूरा करने में बेहद सक्षम सिद्ध होगा।
बैठक में रही शीर्ष नेतृत्व और प्रतिष्ठित संस्थानों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की अध्यक्ष डॉ. डी. पुरंदेश्वरी की अगुवाई में समिति सदस्य सांसदगण अनुराग सिंह ठाकुर, बांसुरी स्वराज, डॉ. हेमांग जोशी, ई. टी. मोहम्मद बशीर, प्रो. सौगात राय, श्रीकांत एकनाथ शिंदे, डॉ. इंद्रा हंग सुब्बा, प्रदीप कुमार वर्मा, डॉ. मीनाक्षी जैन और सागरिका घोष उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, विधेयक के प्रावधानों पर व्यावहारिक फीडबैक देने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग), रेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी तथा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों मुंबई विश्वविद्यालय, एसएनडीटी विश्वविद्यालय पुणे, वीएनआईटी (VNIT) नागपुर, आईआईआईटी (IIIT) वडोदरा और आईआईएम (IIM) मुंबई के शीर्ष प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।
तीन नगर पंचायतों में भाजपा की जीत : सीएम साय ने कहा – सरकार की जनहितकारी नीतियों पर जनता ने जताया विश्वास
रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन नगर पंचायत चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि सहसपुर लोहारा, बम्हनीडीह और शिवनंदनपुर नगर पंचायतों में भाजपा प्रत्याशियों की विजय प्रदेशवासियों के सुशासन, विकास और जनकल्याण के प्रति विश्वास का प्रतीक है। तीनों जगह भाजपा को मिले शानदार जनादेश के लिए उन्होंने प्रदेश की जनता का आभार जताया है।
सीएम साय ने कहा, यह परिणाम स्पष्ट संकेत है कि छत्तीसगढ़ की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति पर अपना विश्वास लगातार मजबूत कर रही है। भाजपा प्रत्याशियों की विजय जनता के विश्वास और हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का प्रतिफल है।
उन्होंने कहा, यह जीत भाजपा के देवतुल्य कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, संगठन की शक्ति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनहितकारी नीतियों पर जनता की मुहर है। जनता का यह विश्वास हमें और अधिक समर्पण, जवाबदेही और सेवा भाव के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। सभी विजयी जनप्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी जनसेवा और विकास के नए मानक स्थापित करेंगे।
भारतमाला मुआवजा घोटाला : ED ने कारोबारी जयप्रकाश गांधी को किया गिरफ्तार, दो दिन की मिली रिमांड
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली गिरफ्तारी की है। ईडी ने अभनपुर निवासी कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।
इससे एक दिन पहले ईडी ने मामले के मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत चार लोगों के खिलाफ विशेष न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि हरमीत सिंह खनूजा ने जमीन दलालों के साथ मिलकर मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया और किसानों को मुआवजे की केवल आधी राशि दी, जबकि शेष रकम अपने पास रख ली।
अप्रैल में हुई थी छापेमारी
ईडी ने 27 अप्रैल को अभनपुर में जयप्रकाश गांधी के घर पर छापेमारी की थी। टीम सबसे पहले उसके भाई गोपाल गांधी के घर पहुंची, जिसके बाद जयप्रकाश गांधी और सत्यप्रकाश गांधी के निवास पर भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड मिले थे।
इस मामले में रायपुर, धमतरी और दुर्ग सहित कई स्थानों पर भी एक साथ छापेमारी की गई थी। जांच के बाद ईडी ने जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा गया। ईडी के अधिकारी नीरज कुमार ने 27 अप्रैल की रात अभनपुर थाने में इस मामले को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
हरमीत सिंह खनूजा मुख्य आरोपी
ईडी ने हरमीत सिंह खनूजा को मामले का मुख्य आरोपी बनाया है। हरमीत खनूजा प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने पटवारियों और जमीन दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया।
आरोपों के अनुसार किसानों की जमीन खरीदने के बाद दस्तावेजों में बैक डेट में नाम दर्ज कराए गए। नामांतरण से लेकर भुगतान संबंधी रसीदें भी कथित तौर पर बैक डेट में तैयार कराई गई।
चार लोगों को बनाया गया आरोपी
ईडी की जांच में हरमीत सिंह खनूजा के अलावा खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल के नाम भी सामने आए हैं। एजेंसी ने इन सभी को मामले में आरोपी बनाया है और उनकी भूमिका की जांच जारी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) : राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सम्पन्न
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने एसएलबीसी के बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से की राशि के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करें, जिससे हितग्राही आवास शीघ्रता से बना सकें। मुख्य सचिव ने नगरीय-प्रशासन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हुए हैं, उनके लिए एक विशेष शिविर लगाकर बैंकर्स से ऋण दिलवाये। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केन्द्रांश एवं राज्यांश की राशि हितग्राहियों को दी जाती है।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक भागीदारी में किफायती आवास निर्माण के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में भारत सरकार के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज हितग्राहियों की प्रविष्टी में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु भौतिक प्रगति अनुसार केन्द्रांश राशि एक लाख 50 हजार रूपए तथा अनिवार्य राज्यांश की राशि एक लाख रूपए दी जाती है। हितग्राही द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास पूर्ण करते हुए गृह प्रवेश करने पर राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति आवास 32 हजार 850 रूपए पृथक से हितग्राही के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। प्रति आवास डीपीआर और पीएमसी शुल्क की राशि 6 हजार 150 रूपए राज्य शासन द्वारा दिया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण घटक अंतर्गत 10 हजार 549 हितग्राही हेतु नवीन आवास निर्माण के लिए केन्द्रांश राशि 158 करोड़ 23 लाख 50 हजार रूपए तथा राज्यांश 146 करोड़ 63 लाख 11 हजार रूपए एवं हितग्राही अंशदान राशि 105 करोड़ 49 लाख शामिल करते हुए 144 नगरीय निकायों में 410 करोड़ 35 लाख 61 हजार रूपए की लागत की 114 परियोजनाओं को स्वीकृत करने हेतु प्रस्तावित किया गया है। जिस पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव आर.शंगीता, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश अवनीश कुमार शरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव ईफ्फत आरा सहित वित्त, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, गृह निर्माण मंडल, हुडको एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक शामिल हुए।
रायपुर नगर निगम सख्त: बड़े बकायादारों पर होगी कड़ी कार्रवाई, रोज 1 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य
रायपुर। रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने नगर निगम के सभी बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को नोटिस जारी कर बकाया राजस्व की वसूली तेज करने और जरूरत पड़ने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन में आयोजित साप्ताहिक टीएल समय-सीमा बैठक में आयुक्त ने शहर के 10 जोनों के लिए प्रतिदिन कुल 1 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया। बैठक में अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, पंकज के शर्मा, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
30 जून तक संपत्तिकर जमा करने पर 6.25% छूट
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2026-27 का संपत्तिकर 30 जून 2026 तक जमा करने वाले करदाताओं को 6.25 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का अधिकतम प्रचार-प्रसार कर राजस्व वसूली बढ़ाई जाए।
साथ ही सभी जोनों के राजस्व अमले को लगातार वसूली अभियान पर फोकस बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
मानसून से पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर
बैठक में आयुक्त श्री मिश्रा ने मानसून की पहली बारिश से पहले शहर के अधिक से अधिक स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां प्राथमिकता से वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित करने को कहा, ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके।
अवैध निर्माण पर भी सख्ती
आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को शहर में अवैध निर्माण के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026: 5 में से 3 नगर पंचायतों पर भाजपा का कब्जा, कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून को संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों के आम और उपचुनावों के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में जारी मतगणना के बीच कई सीटों के परिणाम सामने आ चुके हैं। प्रदेशभर में नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद, जनपद सदस्य, सरपंच और पंच समेत कुल 1310 रिक्त पदों के लिए मतदान कराया गया था।
नगरीय निकाय चुनाव के तहत पांच नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस ने दो नगर पंचायतों में जीत दर्ज की है।
इस चुनाव में नवगठित नगर पंचायतों घुमका, बम्हनीडीह, शिवानंदनपुर और पलारी के परिणामों पर विशेष नजर रही। इन क्षेत्रों में पहली बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
सहसपुर लोहारा में भाजपा की सरिता मिश्रा विजयी
कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में केवल अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया था। यहां भाजपा की महिला प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 754 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।
घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा की जीत
राजनांदगांव जिले की नवगठित घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने अध्यक्ष पद का चुनाव 85 मतों से जीत लिया। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
बम्हनीडीह नगर पंचायत में BJP का दबदबा
जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी रमेश डडसेना ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। वार्ड परिणामों में भी भाजपा का दबदबा देखने को मिला। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
शिवानंदनपुर में BJP समर्थित अध्यक्ष निर्वाचित
सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर नगर पंचायत में BJP के प्रत्याशी रितेश जायसवाल अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने में सफल रहे। वार्ड चुनावों में यहां भी मुकाबला कांटे का रहा। कुल 15 वार्डों में से 8 वार्डों में कांग्रेस और 7 वार्डों में भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए।
पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत
बालोद जिले की नवगठित पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने इस नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। वार्ड चुनाव परिणामों में भी कांग्रेस को बढ़त मिली है। यहां 9 वार्डों में कांग्रेस, 5 वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी विजयी हुए हैं, जबकि 1 वार्ड में दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिले हैं। इस वार्ड के विजेता का फैसला अब टॉस के जरिए किया जाएगा।
अन्य वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे
जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड में कांग्रेस की जीत
बस्तर जिले के जगदलपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-1 इंदिरा वार्ड में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने जीत हासिल कर नए पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए। यह सीट पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जिसके चलते उपचुनाव कराया गया था।
बिलासपुर के संजय गांधी नगर वार्ड में कांग्रेस का कब्जा
बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-29 संजय गांधी नगर (तारबाहर) में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी शेख आज़म ने भाजपा उम्मीदवार वी. मधुसूदन राव को पराजित कर पार्षद पद पर कब्जा जमाया।
जशपुर नगर पालिका के दो वार्डों में भाजपा की जीत
जशपुर नगर पालिका में हुए उपचुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड क्रमांक-8 से भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता साहू विजयी रहीं, जबकि वार्ड क्रमांक-14 से भाजपा उम्मीदवार प्रिया सिंह ने जीत हासिल की।
मई में जारी हुआ था चुनाव कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयोग ने मई में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 1 जून को मतदान कराया गया, जबकि आज यानी 4 जून को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार पूरे चुनावी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई थी।
पंचायतों में भी कई महत्वपूर्ण पदों का फैसला
पंचायत चुनाव में 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए मतदान कराया गया था। कई जगहों पर मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और ग्रामीण नेतृत्व को लेकर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जिसका परिणाम आज सामने आएगा।
रायगढ़ जिले में 57 लोग मिले HIV पॉजिटिव मरीज: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं, सरकार के पास पर्याप्त इंतजाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जांच के दौरान 57 HIV पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य हमला भी अलर्ट मोड पर आ गया है और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लोगों से न घबराने की अपील की है।
लोगों से न घबराने की अपील
श्याम बिहारी जायसवाल का कहना है कि हम केवल रायगढ़ ही नहीं पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर HIV पीड़ित लोगों की जांच कर रहे हैं, जो पॉजिटिव होकर निकलेंगे उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है।
समाज और परिवार को होना पड़ेगा जागरूक
वहीं उन्होंने आगे कहा कि सरकार के पास पर्याप्त इंतजाम है, जो युथ नशीली दवाईयों को नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं उनपर प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई भी जारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज और परिवार के लोगों को भी इस पर जागरूक होना पड़ेगा।
महादेव एप मामले में HC का बड़ा फैसला, फ्रीज शेयर बेचकर सुरक्षित निवेश की अनुमति
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने महादेव ऑनलाइन सट्टा एप और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी कंपनियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा फ्रीज किए गए करीब 423 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों और डीमैट खातों की वैल्यू सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। साथ ही कहा है कि शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है और यदि फ्रीज किए गए शेयरों की कीमत गिरती है तो इससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अपने दिए गए फैसले में कंपनियों को यह छूट दी है कि वे फ्रीज किए गए शेयरों को बेचकर प्राप्त रकम को ईडी की निगरानी में सुरक्षित म्यूचुअल फंड या सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूरी राशि ईडी के नियंत्रण में ही रहेगी और कंपनियां उसे निकाल नहीं सकेंगी।
बता दें कि ईडी ने वर्ष 2022 में महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा एप मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी को जानकारी मिली कि सट्टेबाजी से अर्जित कथित अवैध धन को कोलकाता के कारोबारी हरि शंकर टिबरेवाल और सूरज चोखानी के माध्यम से विभिन्न कंपनियों में निवेश किया गया।
ईडी के मुताबिक इस रकम का इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश के लिए किया गया था। इसके बाद 28 फरवरी 2024 को ईडी ने कार्रवाई करते हुए आठ कंपनियों के डीमैट और ट्रेडिंग खाते फ्रीज कर दिए थे। इन खातों में मौजूद शेयरों की कुल वैल्यू 29 फरवरी 2024 की स्थिति में करीब 423.60 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पीएमएलए कानून के तहत संपत्ति को फ्रीज या अटैच करने का उद्देश्य उसे सुरक्षित रखना होता है। केवल कागजी तौर पर अधिकार बनाए रखना पर्याप्त नहीं है। यदि शेयर बाजार में गिरावट के कारण संपत्ति की कीमत कम हो जाती है तो फ्रीज करने का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में यदि कंपनियां केस जीतती हैं या सरकार संपत्ति जब्त करती है, दोनों ही स्थितियों में संपत्ति की वास्तविक वैल्यू सुरक्षित रहना जरूरी है। अदालत ने यह भी माना कि ईडी कोई निवेश प्रबंधन एजेंसी नहीं है, लेकिन संपत्ति का मूल्य बचाने वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।
मध्य प्रदेश में जल्द लागू होगा UCC, सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान
भोपाल। मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि मध्य प्रदेश जल्द ही यूसीसी (UCC) लागू करने वाला देश का अगला राज्य बनने जा रहा है। सीएम ने साफ किया कि राज्य सरकार ‘एक निशान, एक विधान और एक कानून’ की राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ रही है लेकिन इसमें प्रदेश के जनजातीय समुदाय के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव न बताया कि मध्य प्रदेश में यूसीसी के ड्राफ्ट और इसके क्रियान्वयन को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। जिसके लिए उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है।
यह समिति फिलहाल जिला स्तर पर जाकर समाज के सभी वर्गों, धर्मों और समुदायों के लोगों से मुलाकात कर रही है और उनकी राय व सुझाव ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बहुत ही खुले विचार और खुले हृदय के साथ इस दिशा में काम कर रहे हैं।
जनजातीय समुदाय को UCC से रखा जाएगा बाहर
इस पूरे कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि मध्य प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों को यूसीसी (UCC) के दायरे से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि आदिवासी समाज को उनके पारंपरिक रीति-रिवाज, संस्कृति और सामाजिक नियमों को पहले की तरह ही मानने की पूरी स्वतंत्रता होगी। उनके अधिकारों और परंपराओं पर इस कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा।
एमपी को अव्वल बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मध्य प्रदेश को देश के सभी क्षेत्रों में अव्वल राज्य बनाने के संकल्प के साथ चौतरफा कार्य कर रहे हैं। यूसीसी लागू होना इसी दिशा में एक बड़ा और मजबूत कदम होगा।
नगरीय निकाय उप-चुनाव के शुरुआती रुझानों और नतीजों में भाजपा की बढ़त पर स्वास्थ्य मंत्री ने जाहिर की खुशी, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय उप-चुनाव के परिणाम आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। शुरुआती रुझानों और नतीजों में भाजपा की बढ़त पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खुशी जाहिर की है और प्रदेश की जनता के साथ ही बीजेपी कार्यकताओं को भी आभार जताया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के आरोप पर भी पलटवार किया है।
चुनाव परिणाम पर स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि ढाई सालों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जो सरकार रही, यह उसका ही परिणाम है। चाहे नगरीय क्षेत्र के चुनाव हों या ग्राम और जिला पंचायत के, अधिकांश जगहों पर भाजपा की ऐतिहासिक जीत हो रही है। रुझान पूरी तरह भाजपा के पक्ष में हैं, जो यह साबित करता है कि प्रदेश की जनता CM साय के नेतृत्व की सरकार से खुश है।
कांग्रेस के आरोप पर किया पलटवार
भाजपा की जीत को कांग्रेस की ओर से ‘पैसों की जीत’ बताए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर वो चुनाव जीतते हैं तो कहते हैं कि यह सरकार की नाकामी है और हम जीत रहे हैं तो उनकों पैसे की जीत लग रही है। हर जगह दूसरों पर दोष मढ़ने लगते हैं। कांग्रेस हर चुनाव में पिट रही है। रिजल्ट से पहले बोलते है सरकार बनाएंगे हारने पर दोष देते हैं।
2028 चुनाव की तैयारी को लेकर BJP की तैयारी तेज
आगामी चुनावों को लेकर मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में उत्तर से लेकर पूर्व तक जितने भी उप-चुनाव हुए हैं, उनके परिणाम साफ बता रहे हैं कि छत्तीसगढ़ का मूड क्या है। प्रदेशभर में नॉर्थ से ईस्ट में किसी न किसी रूप में चुनाव हुए है। प्रदेश का मूड बता रहा है बीजेपी पर जनता का भरोसा बढ़ा है। पीएम मोदी और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व जनता का भरोसा बढ़ा है और बढ़ेगा।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने ली इंडियन राईस एक्सपोर्ट फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक, पायलट प्रोजेक्ट पर बनी सहमति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में इस विषय पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। श्री नेताम ने कहा कि किसानों के हित सर्वाेपरि हैं और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करेगी। सामान्य धान की खेती के फसल विविधिकरण तथा राज्य में बासमती का रकबा बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि राज्य में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती एवं अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है तथा इनके बेहतर दाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां की जलवायु और तापमान बासमती उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। चयनित क्षेत्रों में बासमती धान का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने की योजना बनाई जाएगी।
बैठक में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राज्य में बासमती धान के उत्पादन और रकबे में वृद्धि के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। फेडरेशन ने किसानों के लिए बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुगंधित चावल के निर्यात को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में इस बात पर भी सहमति व्यक्त की गई कि उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक एक समन्वित व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।
पारिवारिक विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश, कहा – पहले जमा करें राशि फिर मिलेगी सुरक्षा
बिलासपुर। पारिवारिक विवाद के मामले में हाईकोर्ट ने पति व सास-ससुर की गिरफ्तारी पर रोक के लिए शर्त रखी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पति को मीडिएशन सेंटर में एक लाख रुपये जमा करने और रसीद लेकर एसपी को दिखाने का निर्देश दिया है। इसके बाद ही गिरफ्तारी पर रोक का आदेश प्रभावी होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पति व पत्नी को मीडिएशन सेंटर में आपसी विवाद को सुलझाने कहा है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में एक लाख रुपये जमा नहीं किए गए तो गिरफ्तारी पर दी गई अंतरिम सुरक्षा स्वतः समाप्त हो जाएगी। साथ ही आपराधिक याचिका भी बिना किसी अतिरिक्त आदेश के स्वतः खारिज मानी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि दोनों पक्षों के बीच अंतिम समझौता हो जाता है तो जमा कराई जाने वाली राशि को उसी में समायोजित किया जाएगा।
दरअसल, बिलासपुर के राजकिशोर नगर निवासी अंकुर गौरहा उनके पिता राकेश गौरहा और मां रेखा गौरहा के खिलाफ अंकुर की पत्नी भाव्या गौरहा ने सारंगढ़ थाने में दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर और आगे की दंडात्मक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि पत्नी भव्या द्वारा लगाए गए आरोप झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार शिकायत काफी विलंब से दर्ज कराई गई है तथा इसमें दहेज मांग या क्रूरता के कोई स्पष्ट और विश्वसनीय आरोप नहीं है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि मामला वैवाहिक विवाद से जुड़ा है, लिहाजा इसे मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को 8 जून 2026 को हाईकोर्ट के मीडिएशन सेंटर में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 29 जून 2026 तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से जांच में पूरा सहयोग देने की शर्त रख दी है।