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केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
रायपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले आज छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में श्री अठावले ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने तथा समाज के वंचित वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति योजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव तारण प्रकाश सिन्हा एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, समाज कल्याण संचालक रोक्तिमा यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
केन्द्रीय मंत्री श्री अठावले ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी है। राज्यों के साथ बेहतर तालमेल से योजनाओं की पहुंच और परिणाम दोनों बेहतर होंगे।
अफ्रीका में व्यापार की संभावनाओं पर अहम बैठक, इथोपिया में भारत के राजदूत अनिल राय ने स्थानीय उद्योगपतियों से की चर्चा
रायपुर। अफ्रीका महाद्वीप के इथोपिया में व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर बिलासपुर के उद्योगपतियों, माइनिंग व्यवसाईयों, राइस मिलर्स, पर्यटन सेवा प्रदाताओं और इन विभागों के अधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई. इथोपिया में भारत के राजदूत अनिल राय ने बिलासपुर कलेक्टोरेट में कलेक्टर संजय अग्रवाल की मौजूदगी में बैठक लेकर छत्तीसगढ़ लद्यु उद्योग संघ, प्रमुख उद्योगपतियों, माइनिंग से जुड़े व्यवसाईयों, राइस मिलर्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर अफ्रीका के विभिन्न देशों में उपलब्ध व्यापारिक अवसरों, निवेश की संभावनाओं और साझेदारी के मॉडलों पर विस्तार से चर्चा की. स्वसहायता समूहों की महिलाएं भी बैठक में शामिल हुईं. उन्होंने समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों और उनकी खासियतों की जानकारी दी.
राजदूत अनिल राय ने बैठक में बताया कि अफ्रीका में कई ऐसे क्षेत्र है जहां भारतीय उद्योगपतियों, व्यापारियों व राइस मिलर्स के लिए अपार अवसर हैं. उन्होंने खनन, राइस मिलिंग और उद्योगों की स्थापना पर जोर देते हुए कहा कि अफ्रीका के कई देशों में खनिज संसाधनों के भंडार हैं, लेकिन तकनीकी सहायता की कमी है. इस क्षेत्र में भारत की अहम भूमिका हो सकती है. उन्होंने पर्यटन, औद्योगिक इकाईयों की स्थापना, कृषि उपकरणों के निर्यात और कौशल विकास पर भी सुझाव दिए. राय ने स्थानीय उद्यमियों को बताया कि अफ्रीका के जीडीपी का 12 प्रतिशत माइनिंग से आता है.
बैठक में शामिल बिलासपुर के उद्योगपतियों और व्यवसाईयों ने इथोपिया में भारत के राजदूत अनिल राय के साथ बैठक के आयोजन के लिए जिला प्रशासन के पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि यदि उचित मार्गदर्शन मिले तो वे अफ्रीका में अपने व्यवसाय का विस्तार करने को तैयार हैं. बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार, जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल और छत्तीसगढ़ लद्यु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया सहित शहर के प्रमुख उद्योगपति, माइनिंग व्यवसायी, राइस मिलर्स, पर्यटन से जुड़े लोग और इनसे संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे.
छत्तीसगढ़ में पाकिस्तानी ड्रग्स सप्लाई पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर किया प्रहार, कहा-
रायपुर। पाकिस्तानी ड्रग्स की छत्तीसगढ़ में सप्लाई को लेकर भाजपा ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है. इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर ने भी कहा कि कीसी भी ढेबर का बेटा हो, कांग्रेस में एक से एक नगीने हैं. अभी देखते जाइए एक से एक नाम सामने आएंगे. देखते हैं कि कि कितने लोग नशे में है, और कितने होश में हैं. दीपक बैज बेचारे अध्यक्ष सिर्फ स्पष्टीकरण देने के लिए हैं. नीति विषयक बातें दीपक बैज करते नहीं.
बस्तर में बाढ़ प्रभावितों की मदद करने कांग्रेस की सहायता राशि की मांग पर तंज:
बस्तर में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ के हालात बने हुए हैं. ऐसे में बाढ़ प्रभावितों की मदद करने के लिए कांग्रेस ने राज्य सरकार से सहायता राशि की मांग की है. उनकी इस मांग को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि दीपक बैज के पत्र लिखने से क्या होगा? कितनी सहायता राशि मिलेगी, उसे बैज को सार्वजनिक करना चाहिए. कांग्रेस के लापता सांसद ज्यादा पैसे दे सकते हैं. लापता सांसद कितना पैसा देते हैं, उसे सार्वजनिक करना चाहिए.
कांग्रेस की बैक-टू-बैक बैठकों पर टिप्पणी:
आज कांग्रेस की बैक टू बैक 2 बैठकें हैं. इसे लेकर भी विधायक चंद्राकर ने कांग्रेस की चुटकी ली है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बैठकें आपस में लड़ाई के लिए होती हैं. अनुशासात्मक कार्रवाई की बैठक कांग्रेस में नहीं हो रही है. कहीं कांग्रेस अनुशासात्मक बैठक तो नहीं कर रही है? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस जनहित के विषय नहीं उठाती. पवन खेड़ा को नोटिस मिला है, कहीं बैठकें उसके समाधान के लिए तो नहीं हैं.
राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम वाले बयान का किया पलटवार:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि एटम बम के बाद हाइड्रोजन बम आएगा. उनके इस बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि हमारा लॉन्च हुआ नया सेमीकंडक्टर हम कांग्रेस हाइड्रोजन बम में लगा देंगे. कांग्रेस को जनहित की बात करनी चाहिए. कांग्रेस ने सेमीकंडक्टर लॉन्च नहीं किया, तो भारत पीछे हो गया. उन्होंने आगे कहा कि सेमीकंडक्टर की प्रशंसा करनी चाहिए. कांग्रेस को वोट चोरी का मुद्दा छोड़ना चाहिए राहुल गांधी का गोपनीय बम भी सामने आ चुका है लेकिन आज तक हुआ कुछ नहीं.
ईडी की कार्रवाई का समर्थन:
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में ED की लगातार कार्रवाई चल रही है. इसे लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि करप्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
श्रीगणेश प्रतिमाओं के विसर्जन में NGT के निर्देशों का होगा पालन… नगर निगम ने शुरू की तैयारी
रायपुर। गणेश चतुर्थी पर्व के उपरांत 6 सितंबर अनंत चतुर्दशी को शहरभर से लाई गईं श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेव घाट पर निर्मित विसर्जन कुंड में किया जाएगा. नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसके लिए विस्तृत आदेश जारी किए हैं.
आयुक्त ने बताया कि विसर्जन शोभायात्रा शारदा चौक से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती, लाखे नगर, सुन्दर नगर होते हुए महादेव घाट पहुंचेगी. लाखे नगर चौक से महादेव घाट तक वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप इस बार भी प्रतिमाओं का नदी में विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा. प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्मित कुंड में ही होगा ताकि नदी का जल प्रदूषित न हो. पूजन सामग्री को अलग कर उपयुक्त स्थान पर रखा जाएगा. साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी.
नगर निगम ने गणेश विसर्जन की संपूर्ण व्यवस्था के लिए समिति गठित की है, जिसके नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पांडेय होंगे. समिति के सदस्य विद्युत, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे. विसर्जन स्थल पर गोताखोर, मोटरबोट, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, अग्निशमन वाहन और पंडितों की व्यवस्था की जाएगी.
आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और संबंधित अधिकारियों को 6 से 12 सितंबर तक ड्यूटी पर रहने निर्देशित किया है. शहर के अन्य तालाबों में विसर्जन न हो, इसके लिए अस्थायी कुंड बनाए जाएंगे. विसर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, साफ-सफाई और पेयजल टैंकरों की भी व्यवस्था की जा रही है.
आयुक्त ने नगर निगम रायपुर की ओर से गणेश विसर्जन स्थल महादेव घाट खारून नदी के तट पर सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था करने निगम अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है। इस समिति के नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय मो. नं. 9424264100 को बनाया गया है. समिति में प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर मो.नं. 9425502640, प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश नायडू मो. नं. 9644000770, प्रभारी नगर निवेशक आभास मिश्रा मो. नं. 9907992294, जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470, जोन 6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव मो.नं. 8253087778, उपायुक्त स्वास्थ्य प्रीति सिंह मो. नं. 8319517473 को सम्मिलित किया गया है. यह प्रशासनिक समिति गणेश विसर्जन के लिए, शामियाना, लाईट, माईक, गोताखोर, चिकित्सा सुविधा आदि की व्यवस्था करेगी। इस समिति को आवश्यक सहयोग देने जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470 को निर्देशित किया गया है.
राज्य सरकार ने छुट्टी की तारीखों में किया बदलाव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक और छुट्टी में बदलाव किया गया है। 6 सितंबर की छुट्टी में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने इस छुट्टी को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। दरअसल 15 अक्टूबर 2024 को अवकाश की सूची जारी की गयी थी। जिसमें 6 सितंबर को शनिवार को अवकाश घोषित कियागया था।
अब राज्य सरकार ने शनिवार को घोषित सार्वजनिक अवकाश को निरस्त करते हुए शुक्रवार यानि 5 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर ऐच्छिक अवकाश यथावत रहेगा।

रविंद्र चौबे पर होगी कार्रवाई : प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने दोनों हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया।इसी के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने भी प्रवीण चौबे पर कार्रवाई करने की मांग की।
बैठक में उठा अनुशासन का सवाल
इससे पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि कार्रवाई केवल छोटे कार्यकर्ताओं पर होती है, जबकि बड़े नेताओं की अनुशासनहीनता पर चुप्पी साध ली जाती है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जिलाध्यक्षों और नेताओं को समझाते हुए कहा कि वे अपने-अपने “चमचों” पर नियंत्रण रखें। उन्होंने साफ किया कि संगठन को कमजोर करने वाले बयानों के लिए शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार नहीं है, बल्कि ऐसे बयान फैलाने वाले कार्यकर्ताओं की गलती होती है।
चौबे के बयान से मचा था बवाल
दरअसल, कुछ दिन पहले पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने बयान दिया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व की जरूरत है। इस बयान ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी थी। विवाद बढ़ने पर चौबे ने यू-टर्न ले लिया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
अब कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद यह साफ हो गया है कि कांग्रेस संगठन इस मामले को हल्के में नहीं लेना चाहता। आने वाले दिनों में चौबे पर कड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा ने सेवा पखवाड़ा के आयोजन का लिया निर्णय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भाजपा सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाएगी. इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रेसवार्ता हुई, जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास ने 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, 17 सितंबर को पूरे देश के हर एक जिले में रक्तदान शिविर का आयोजन होगा. 18 से 2 अक्टूबर तक हर मंडलों में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा. इस मौके पर पूरे देश में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा.
राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास ने कहा, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक भाजपा सेवा पखवाड़ा मनाएगी. प्रधानमंत्री के जन्मदिन से गांधी जयंती तक कई कार्यक्रम होंगे. सेवा पखवाड़ा के तहत देशभर में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा. हर स्थानीय निकाय के क्षेत्र में नमो पार्क को विकसित करेंगे. 7 दिनों का निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी होगा, जिसमें अलग-अलग संस्थाओं की मदद ली जाएगी.
उन्होंने बताया, 17 सितंबर को सभी जिलों में संगोष्ठी का आयोजन होगा. प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी. अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं में प्रधानमंत्री मोदी की जीवनी दिखाएंगे. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा. देश के एक हजार 33 जगहों पर नागरिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान स्व. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को जनता के बीच लेकर जाएंगे. स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी कार्यक्रमों का आयोजन होगा.
TET की अनिवार्यता पर शालेय शिक्षक संघ का बड़ा सुझाव
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितंबर 2025 को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता पर दिए गए निर्णय के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में सेवा सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्याप्त हो गई है। इस बीच छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने सबसे पहले आगे आकर सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग के सामने ठोस एवं व्यावहारिक सुझाव रखे हैं। संघ का कहना है कि यदि सरकार विभागीय TET आयोजित करे तो सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन भी होगा और कार्यरत शिक्षकों की नौकरी पर भी आंच नहीं आएगी।
न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग
संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सरकार को गहराई से विश्लेषण करना चाहिए और अविलंब पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में कार्यरत शिक्षकों की सेवा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
विभागीय TET से मिलेगा समाधान
प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने सुझाव दिया कि यदि दो वर्षों में कार्यरत शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य हो, तो सरकार को इस अवधि में कम से कम 6 बार विभागीय TET का आयोजन करना चाहिए। इससे सभी शिक्षक परीक्षा पास कर सकेंगे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन भी हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि SCERT TET के पाठ्यक्रम की समीक्षा कर कार्यरत शिक्षकों के अनुरूप विभागीय पाठ्यक्रम और मॉड्यूल तैयार करे। ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की तैयारी कराई जाए और इस प्रक्रिया में शिक्षक संगठन भी सहयोग करेगा।

अफवाहों से बचें, सरकार उठाए त्वरित कदम
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को गंभीरता और परिपक्वता से लिया जाना चाहिए। अपुष्ट खबरें और अफवाहें फैलाने से बचना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से निवेदन किया कि वे मामले का संज्ञान लेकर अधिकारियों को शीघ्र समाधान हेतु निर्देशित करें।
व्यापक समर्थन और पदाधिकारियों की मांग
संघ द्वारा दिए गए सुझाव की शिक्षाविदों और शिक्षकों ने प्रशंसा की है। सभी ने कहा कि यह सुझाव सरकार, विभाग और शिक्षकों — तीनों को चिंता से मुक्त करने वाला है।
सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग करने वाले संघ के पदाधिकारी हैं:सुनील सिंह, विष्णु शर्मा, डॉ. सांत्वना ठाकुर, सत्येंद्र सिंह, विवेक शर्मा, गजराज सिंह, राजेश शर्मा, शैलेश सिंह, प्रह्लाद जैन, संतोष मिश्रा, संतोष शुक्ला, शिवेंद्र चंद्रवंशी, दीपक वेंताल, यादवेंद्र दुबे, सर्वजीत पाठक, मंटू खैरवार, पवन दुबे, नंदकुमार अठभैया, भोजराम पटेल, विनय सिंह, आशुतोष सिंह, भानु डहरिया, रवि मिश्रा, बिजेंद्रनाथ यादव, जितेंद्र गजेंद्र, अजय वर्मा, कृष्णराज पांडेय, घनश्याम पटेल, बुद्धेश्वर शर्मा, प्रदीप पांडेय, उपेंद्र सिंह, पवन साहू, मनोज पवार, देवव्रत शर्मा, कैलाश रामटेके, अब्दुल आसिफ खान, सरवर हुसैन, कुलदीप सिंह चौहान, नेमीचंद भास्कर, राजेश यादव, अमित सिन्हा, विक्रम राजपूत, सुशील शर्मा, विजय जाटवर, शशि कठोलिया, विजय बेलचंदन, अशोक देशमुख, तिलक सेन, द्वारिका भारद्वाज सहित अनेक पदाधिकारी।
मुख्यमंत्री साय ने लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर जताया दुःख
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु, 3 लोगों के घायल होने तथा 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायी घटना है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण उत्पन्न इस प्राकृतिक आपदा से जनहानि के साथ-साथ भवनों को क्षति पहुँची है, फसलों का नुकसान हुआ है और पशुहानि भी हुई है। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई है तथा लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में हुई जनहानि के लिए शासकीय नियमों के अनुरूप अनुग्रह सहायता स्वीकृति का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मकान, फसल और पशुहानि का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।
इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है।
यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी।
सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में संयुक्त पावर कंपनीज मुख्यालय भवन की रखी आधारशिला, एक पेड़ माँ के नाम अभियान में किया वृक्षारोपण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष और गणेशोत्सव जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊँचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री पौधरोपण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने।






मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पाँच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा।
नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।
गार्ड के बाद अब ड्राइवर बन गया डॉक्टर, घायल मरीज को टांका लगाते वीडियो हुआ वायरल, मचा हड़कंप
महासमुंद। गार्ड के इंजेक्शन लगाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि ड्राइवर के सर्जरी करने का वीडियो वायरल हो गया। नया मामला महासमुंद जिले के बागबाहरा स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस फोटो में एम्बुलेंस चालक को अस्पताल के अंदर एक घायल मरीज के सिर पर टांका लगाते हुए देखा जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, घायल मरीज सड़क हादसे का शिकार हुआ था और उसे इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। लेकिन यहां एम्बुलेंस ड्राइवर ने खुद ही इलाज शुरू कर दिया और टांका लगाने लगा। यह तस्वीर सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
CMHO का बयान – बड़ी लापरवाही
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) आई. नागेश्वर राव ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा – “एम्बुलेंस चालक किसी भी तरह से अधिकृत स्वास्थ्यकर्मी नहीं है। उसका इलाज करना नियमों के खिलाफ है। मामले में ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित डॉक्टर को नोटिस जारी कर जांच की जाएगी।”
डॉक्टर और स्टाफ की भूमिका पर सवाल
यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहने के बावजूद मरीज का इलाज एम्बुलेंस चालक से क्यों कराया गया? क्या उस वक्त स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं थे, या फिर यह गंभीर लापरवाही का मामला है?
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है और अब देखना होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन लोगों की गयी जान, कई लोग घायल, मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुःख
रायपुर। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के जुरुडांड में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मृत्यु एवं कई अन्य लोगों के घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना से मैं व्यथित हूं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों एवं घायलों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन को घायलों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था एवं आवश्यक मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी घायल को इलाज में कोई कमी न हो और सभी को तुरंत उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।
राज्य सरकार ने इस हादसे में दिवंगत तीनों व्यक्तियों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए की आर्थिक सहायता एवं घायलों को पचास-पचास हजार रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखे और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करे।
कलेक्टर ऑफिस से घूसखोर पटवारी गिरफ्तार, 9000 रुपये रिश्वत मामले में ACB ने रंगे हाथों दबोचा
खैरागढ़। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और पटवारी धर्मेंद्र कांडे को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
9 हज़ार में तय हुआ था सौदा
ग्राम डोकरा भाटा निवासी भागचंद कुर्रे कई दिनों से अपनी ज़मीन संबंधी कार्य के लिए पटवारी धर्मेंद्र कांडे के संपर्क में था। काम कराने के एवज में पटवारी ने पहले 10 हज़ार रुपए की मांग की, लेकिन बाद में सौदा 9 हज़ार रुपए में तय हुआ।
शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना ACB को दी। योजना के तहत बुधवार को भागचंद कुर्रे ने पटवारी कार्यालय (बाज़ार के ऊपर स्थित) में आरोपी को 9 हज़ार रुपए दिए।
कलेक्टर कार्यालय से हुई गिरफ्तारी
रिश्वत की राशि लेने के बाद धर्मेंद्र कांडे कलेक्टर कार्यालय की एक बैठक में पहुंच गया। इसी दौरान ACB की टीम ने दबिश दी और आरोपी पटवारी को रिश्वत की रकम सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इलाके में हड़कंप
जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद खैरागढ़ क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह मामला न सिर्फ भ्रष्टाचार पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाता है।
सुकमा में 20 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
सुकमा। सुकमा में 33 लाख के ईनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें 1 एसीएम, 4 पार्टी सदस्य और 15 अग्र संगठन सदस्य हैं इनमें से एक PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रीय हार्डकोर महिला नक्सली थी. इन सभी ने आज सुकमा पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण किया है.
बता दें, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन के चलते नक्सलियों पर भारी दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा आत्मसमर्पिण करने वाले नक्सलियों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित हो कर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को चुना है.
आत्मसमर्पित में से 2 नक्सलियों पर ₹08-08 लाख के ईनाम घोषित थे. 1 नक्सली पर ₹05 लाख घोषित थे. 4 नक्सलियों पर ₹02-02 लाख और अन्य 4 नक्सलियों पर ₹01-01 लाख घोषित थे. इस तरह आज कुल ₹33 लाख ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.
छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक पार्क का निर्माण, मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को अक्टूबर तक कार्य पूरा करने के दिए निर्देश
रायपुर। मंत्री लखन लाल देवांगन ने मंत्रालय में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा की. मंत्री देवांगन ने सीएसआईडीसी के अंतर्गत औद्योगिक पार्कों की स्थापना जानकारी लेते हुए रायपुर के उरला में 39 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क निर्माण की जानकारी लेते हुए इसे 30 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए. बैठक में उन्होंने प्रदेश में चार नए स्मार्ट इंडस्ट्रीयल एरिया का कार्य जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए. इनमें जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सीलादेही बिर्रा, गतवा राजनांदगांव जिले के ग्राम बीजेतला नवा रायपुर में प्रस्तावित फार्मास्युटिकल पार्क एवं बस्तर जिले के ग्राम नियानार शामिल है.
मंत्री देवांगन ने रजिस्ट्रार एवं फर्म संस्थाएं के कार्यों के समीक्षा करते हुए विभाग से जुड़ी शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की तथा सभी कार्यों को समयसीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए. साथ ही उन्होंने पैसों के लेनदेन की शिकायते आने पर निलंबन की कारवाई की सख्त हिदायत दी . मंत्री देवांगन ने बॉयलर के नियमित व सघन निरीक्षण के निर्देश दिए. उन्होंने 92 निवेश पत्र जारी किए गए नए उद्योगों के काम शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए.
बैठक में उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के उप सचिव सु रेना जमीन, ओएसडी मती कमलेश नंदनी साहू, रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं की पंजीयक मती पदमनी भोई साहू, उद्योग विभाग के अपर संचालक आलोक त्रिवेदी प्रवीण शुक्ला एवं संतोष भगत सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे.
एल्युमिनियम पार्क के लिए जल्द जमीन हस्तांतरित प्रक्रिया को पूर्ण करें
उद्योग मंत्री देवांगन ने कोरबा में प्रस्तावित एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि उत्पादन कम्पनी ने अपने बोर्ड मिटिंग में बंद हो चुके पूर्व विद्युत संयंत्र के जमीन को उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने हेतु स्वीकृति मिल चुकी है, मंत्री ने जमीन हेंडओव्हर की प्रक्रिया जल्द पूरा कर एल्युमिनियम पार्क बनाने की दिशा में शीघ्र काम शुरू करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए. उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक पूंजी निवेश को बढ़ावा देने एवं निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हाल ही में जापान एवं दक्षिण कोरिया का दौरा किए है. इससे वैश्विक स्तर पर प्रदेश की औद्योगिक नीति को पहचान मिली है. निवेश हब की और प्रदेश बढ़ रहा है .
मंत्री ने कहा कि निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है. दिल्ली, मुबंई, बैंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा चुका है. इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिल चुके है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में नया औद्योगिक वातावरण बन रहा है. इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित होंगे. प्रदेश की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 लागू होने के पश्चात कम समय में ही प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हो रहा है. उद्योग विभाग द्वारा सिंगल विन्डो सिस्टम लागू कर सरलीकरण किया गया है.
उद्योग मंत्री देवांगन ने बैठक में भू-आबंटन के ऑनलाईन प्राप्त आवेदनों पत्रों के निराकरण की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित समयावधि में उद्योग स्थापित नही करने वाले प्रकरणों में नोटिस के पश्चात भू-निरस्तीकरण की कार्यवाही तथा फ्री-होल्ड के आवेदनों का व्यवसायिक उपयोग नही होने के संबंध में सूक्ष्मापूर्वक परीक्षण करने के निर्देश दिए गए. बैठक के दौरान औद्योगिक विकास नीति के अंतर्गत अनुदान, छूट, रियायतों के प्रकरणों की प्रगति, बकाया, भू-भाटक की वसूली, औद्योगिक पार्कों की स्थापना की प्रगति, औद्योगिक भू-आबंटन की प्रगति, जिलों में भू-आबंटन एवं लंबित संयुक्त स्थल निरीक्षण की समीक्षा की. इसके अलावा उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्य, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री फार्मलाईजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राईजेस, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना, विभिन्न अनुदान छूट एवं रियारतों की प्रकरणों की समीक्षा, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड, वाष्प्यंत्र निरीक्षकायल के कार्यों की समीक्षा की.
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में शामिल जाबांज जवानों को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया सम्मानित
रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और कोबरा के जवानों से नई दिल्ली में भेंट की और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर चले अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन ब्लैक फ़ॉरेस्ट’ में वीर जवानों द्वारा शौर्यपूर्ण प्रदर्शन कर अभियान को सफल बनाने के लिए सभी सुरक्षाबलों के जवानों को हृदय से बधाई दी। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध अभियान के इतिहास में ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के दौरान जवानों का शौर्य और पराक्रम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक सभी नक्सली या तो आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएँ या समाप्त न हो जाएँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम भारत को नक्सलमुक्त बनाकर ही रहेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि गर्मी, ऊँचाई और हर कदम पर आईईडी के खतरों के बावजूद सुरक्षाबलों ने बुलंद हौसले के साथ अभियान को सफल बनाकर नक्सलियों का बेस कैंप समाप्त किया। उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर बने नक्सलियों के मैटीरियल डंप और सप्लाई चेन को छत्तीसगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा के जवानों ने पराक्रम से नष्ट कर दिया।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों को बहुत नुकसान पहुँचाया है, स्कूल और अस्पताल बंद कर दिए और सरकारी योजनाओं को स्थानीय लोगों तक नहीं पहुँचने दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलविरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है। श्री शाह ने कहा कि नक्सलविरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षाबलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है कि हम 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे।




