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CM विष्णुदेव साय विदेश दौरा पूरा कर लौटे दिल्ली
रायपुर/दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये है। राजधानी दिल्ली में उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री, मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा और युवा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
आज दोपहर ढाई बजे सीएम साय रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहाँ सरकार के सीनियर मंत्री, पार्टी के बड़े पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
सीएम साय ने प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, पीएम का यह विदेश दौरा दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा बनाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत और जापान की दोस्ती सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि का रास्ता खुलेगा।”
रायपुर में भी बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल
रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और सड़क सुरक्षा के नियमों को लागू करने अब शासन-प्रशासन के साथ पेट्रोल पम्प एसोसिएशन ने कमर कस ली है। बिना हेलमेट पहने बाइक में फर्राटे भरने वालों को शायद यह नया नियम रास ना आये, लेकिन इससे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले जनधन के नुकसान को कम किये जाने का दावा किया जा रहा है।
दरअसल सितम्बर महीने के पहले दिन से ही बिना हेलमेट पहने बाइक सवारों को पेट्रोल पम्पो में पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। पेट्रोल के लिए उन्हें हेलमेट अनिवार्य कर दिया जाएगा। यह फैसला पेट्रोल पम्प एसोसिएशन द्वारा लिया गया है। इसे सख्ती से लागू कराये जाने की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की होगी।
बताया जा रहा है कि, पेट्रोल पम्पो पर बोर्ड भी लगाए जायेंगे आम बाइक सवारों को इस नए नियम के प्रति आगाह किया जाएगा। वही अगर किसी भी मोटरसाइकिल सवार ने पम्प कर्मियों के साथ विवाद किया या बिना हेलमेट पेट्रोल की मांग तो ऐसे चालकों से पुलिस सख्ती से निबटेगी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा की एसोसिएशन का यह फैसला किस तरह से लागू हो पाता है और पेट्रोल पम्पो को आम वाहन चालकों का कितना सहयोग मिल पाता है।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा आयोजित कार्यशाला हुई संपन्न
रायपुर। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ की जैव विविधता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रख्यात विषय विशेषज्ञ,पूर्व महानिदेशक विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान एवं सदस्य राज्य जैव विविधता सरक्षण बोर्ड डॉ एम.एल.नायक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जैव विविधता मानव जीवन के लिए अमूल्य वरदान है। हमारा छत्तीसगढ़ जैव विविधता से समृद्ध है। आज इस समृद्ध जैव विविधता का सरंक्षण जरूरी है।
डॉ. नायक ने कहा कि जैव विविधतता से तात्पर्य पृथ्वी पर जीन,स्पिसिज व इकोसिस्टम स्तर की विभिन्न प्रकार की विविधताओं की उपलब्धतता से है। भारत सरकार द्वारा जैव विविधतता अधिनियम 2002 में पारित किया गया। केंद्र स्तर के जैव विविधतता नियम भारत सरकार ने वर्ष 2004 में बनाये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने जैव विविधता नियम वर्ष 2015 में जारी किया।
डॉ. नायक ने कहा कि भारत की भूमि सम्पूर्ण पृथ्वी का मात्र 2 प्रतिशत है जिसमें जैव विविधता की उपलब्धतता 7 प्रतिशत है। मानव जीवन का अस्तित्व इन्हीं जैव विविधतताओं की उपलब्धता से दृढ़ता से जुड़ा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के संदर्भ में बताया कि यहां 40 प्रतिशत भू-भाग पर वन हैं और राज्य विभिन्न प्रकार की समृद्ध जैव विविधताओं से परिपूर्ण है। उपलब्ध ऑकड़ों के अनुमान से राज्य में 3000 फूल वाले पौधे, 36 स्तनधारी जीव, 383 पक्षी, 73 सरीसृप प्राणी, 173 तितलियों की प्रजाति पायी जाती हैं। बहुत से जैव विविधतायें विलुप्त होने के कगार पर है एवं उनके संरक्षण के त्वरित व गंभीर प्रशासनिक प्रयास की आवश्यकता है।
डॉ नायक ने कहा अभी भी छत्तीसगढ़ में पेड़ पौधों की कई प्रजातियां ऐसी हैं जिनका खोज किया जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि उन्हें कांगेर वैली में लंबे समय तक जैव विविधता पर कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्हें कांगेर धारा के पास एक अनूठी प्रजाति के पीपल का वृक्ष मिला। डॉ नायक ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में खोजे गए इस नई प्रजाति के पीपल का नामकरण उनके नाम पर फाइकस नायकाई किया गया है। आईआईपीए छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष ने डॉ. सुयोग्य कुमार मिश्रा सहित सभी सदस्यों ने डॉ नायक को बधाई देते हुए इस खोज को छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के संबंध में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा अध्यक्ष सुयोग्य कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्य का लोक प्रशासन संस्थान माननीय उप राष्ट्रपति की अध्यक्षता एवं माननीय मंत्री कार्मिक मंत्रालय की सह अध्यक्षता में भारत सरकार कार्मिक मंत्रालय के तहत पजीकृत सोसायटी के रूप में कार्य कर रहे भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली की राज्य स्तरीय शाखा के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही संस्था अपने प्रारंभिक अवस्था में धीरे धीरे आगे बढ़ने व लोक प्रशासन संबंधित अपेक्षित उद्देश्य को पूर्ण करने की दिशा में प्रयत्नशील है। अब तक लोक प्रशासन से संबधित महत्वपूर्ण विषय चुनाव प्रबंधन की चुनौतियों-पूर्ण किये गये अद्यतन चुनावों के अनुभव, जीवन प्रबंधन, छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी जिलों का विकास, राज्य के छत्तीसगढ़ नामकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, आर्टिफिसियल इन्टेलिजेंस और डिजिटल लोक प्रशासन काल में प्रशासनिक नेतृत्व जैसे गंभीर विषयों पर राज्य के प्रशासनिक कार्यों से संबंधित राज्य के प्रबुद्ध जनों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का वर्कशॉप व विचार विमर्श आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष द्वय पूर्व अपर मुख्य सचिव इन्दिरा मिश्रा और अजय सिंह, सचिव अनुप श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।
NEET UG 2025 ( MBBS, BDS) काउंसलिंग में दिए गए एडिट ऑप्शन को हाईकोर्ट ने किया मान्य, खारिज की याचिका
रायपुर। नीट यू जी की काउंसलिंग में एक अभ्यर्थी द्वारा प्रथम चरण की काउंसलिंग में CGDME द्वारा दिए गए श्रेणी, संवर्ग इत्यादि में एडिट ऑप्शन को चुनौती देते हुए माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई थी। जिसमें अभ्यर्थी द्वारा एडिट ऑप्शन के उपरांत कैटिगरी, संवर्ग इत्यादि को बदलने की सुविधा को अमान्य करते हुए एवम् इसके आधार पर 12 अगस्त को जारी मेरिट लिस्ट को अमान्य करने की याचना की गई थी।
CGDME द्वारा न्यायालय में अपना पक्ष रखे जाने एवम् पूरी सुनवाई के उपरांत माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इस याचिका को खारिज कर दिया गया है । माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा CGDME द्वारा जारी मेरिट लिस्ट को वैद्य मानते हुए उसके आधार पर किए गए आवंटन प्रक्रिया को मान्य किया गया है ।
वर्तमान में दिनांक 23 अगस्त 2025 को काउंसलिंग का प्रथम चरण सम्पन्न हो गया है। केंद्रीय एजेंसी,चिकित्सा काउंसलिंग समिति ( MCC) द्वारा काउंसलिंग की द्वितीय चरण की तिथि आगे बढ़ाई गई है । अतः राज्य की काउंसलिंग के दूसरे राउंड जो कि पूर्व में 27 अगस्त से प्रारम्भ होने वाला था, को भी MCC द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार आगे बढ़ाया गया है ,जिसकी सूचना CGDME के वेबसाइट पर दिनांक 26 अगस्त को ही MCC द्वारा जारी सूचना के साथ प्रकाशित कर दी गई थी ।
MCC से नई तिथि के दिशा निर्देश प्राप्त होने पर द्वितीय चरण एवं आगामी चरणों की नई समय सारणी CGDME द्वारा तत्काल जारी की जाएगी । नई समय सारणी हेतु अभ्यर्थियों को CGDME के वेबसाइट को समय – समय पर अवलोकन करते रहने की सलाह दी जाती है।
CGDME द्वारा वर्तमान सत्र की संपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया राज्य शासन द्वारा 16 जुलाई 2025 को जारी अधिसूचना के “छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथैरेपी) स्नातक प्रवेश नियम-2025 ” के अनुसार संपूर्ण नियमों का पालन करते हुए ऑनलाइन माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराई जा रही है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया सांसद खेल महोत्सव के लोगो का विमोचन
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान सांसद खेल महोत्सव के लोगो का विमोचन किया और आयोजन की औपचारिक घोषणा की। यह महोत्सव आगामी 21 सितंबर से 25 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि, खेलों की असली खूबसूरती जीत या हार में नहीं, बल्कि उस सफ़र में है जहाँ प्रयास ही स्वयं पुरस्कार बन जाता है। जब पसीने की बूंदें मिट्टी से मिलती हैं, तो शरीर स्वस्थ, मन प्रफुल्लित और आत्मा संतुष्ट हो जाती है। खेल केवल खेल नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।







उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत रायपुर लोकसभा क्षेत्र की सभी 9 विधानसभाओं में ब्लॉक स्तर पर स्कूल एवं कॉलेजों की प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इनमें 12 खेल विधाओं के अंतर्गत लगभग 10 हजार खिलाड़ी भाग लेंगे। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को खेलों से जोड़ना और गाँव-गाँव, घर-घर में छुपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मंच उपलब्ध कराना है।
श्री अग्रवाल ने "फिट इंडिया" मुहिम का आह्वान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को स्वयं भी खेलों में सक्रिय भाग लेना चाहिए और दूसरों को भी खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास की पाठशाला से गुजरता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शशांक सिंह, छत्तीसगढ़ की पहली महिला एवं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी किरण पिस्दा, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्रेयांश जायसवाल, प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे, खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं युवा उपस्थित रहे।
प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, राज्य के लिए निर्धारित 14.62 लाख मीट्रिक टन के विरूद्ध 13.19 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था।
इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत में भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।
शराब घोटाला: ओम साई बेवरेज के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा EOW की रिमांड पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की संयुक्त टीम ने ओम साई बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 6 सितंबर तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर भेज दिया। अब एजेंसी दोनों से घोटाले में उनकी भूमिका और नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
झारखंड जेल से रायपुर लाए गए आरोपी
गौरतलब है कि अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस समय झारखंड की जेल में बंद थे। ईओडब्ल्यू ने दोनों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। इसी क्रम में गुरुवार को टीम झारखंड पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को रायपुर लेकर आई। शुक्रवार सुबह इन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को 6 सितंबर तक दोनों की रिमांड दे दी।
घोटाले के मुख्य आरोपियों से जुड़े पुराने संबंध
जांच एजेंसियों का दावा है कि ओम साई बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा के शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों से गहरे संबंध रहे हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा देने और वित्तीय लेन-देन में मदद की थी। यही कारण है कि एजेंसी अब इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घोटाले में इनकी प्रत्यक्ष भूमिका क्या रही और कितनी बड़ी रकम की हेराफेरी हुई।
शराब घोटाले का बड़ा दायरा
छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला पिछले कुछ वर्षों से लगातार चर्चा में है। ईओडब्ल्यू की जांच में यह सामने आया है कि कथित रूप से सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई। इसमें कई ठेकेदारों, अधिकारियों और कंपनियों की भूमिका सामने आ चुकी है। जांच एजेंसी ने इस मामले में पहले ही कई अहम लोगों को गिरफ्तार किया है और कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
रिमांड में होंगे कई अहम खुलासे
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, 6 सितंबर तक की रिमांड अवधि में ईओडब्ल्यू की टीम दोनों डायरेक्टर्स से पैसों के लेन-देन, घोटाले के सूत्रधारों से उनके संपर्क और नेटवर्क के संचालन से जुड़े सवाल पूछेगी। एजेंसी को उम्मीद है कि इस पूछताछ से शराब घोटाले के फंडिंग नेटवर्क, राजनीतिक संरक्षण और अन्य राज्यों से संभावित कनेक्शन की भी परतें खुल सकती हैं।
अदालत की सख्ती और अगला कदम
स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि यह मामला व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है, इसलिए आरोपियों से कड़ी पूछताछ जरूरी है। अब 6 सितंबर को दोनों को पुनः कोर्ट में पेश किया जाएगा। उस समय तक एजेंसी को जांच की प्रगति और पूछताछ के निष्कर्ष अदालत में पेश करने होंगे।
ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई
एसीबी-ईओडब्ल्यू अब तक शराब घोटाले के मामले में कई प्रमुख सप्लायर, ठेकेदार और बिचौलियों को पकड़ चुकी है। जांच एजेंसी का मानना है कि अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा जैसे डायरेक्टर्स की गिरफ्तारी और रिमांड से पूरे घोटाले की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी। एजेंसी अब तक करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा कर चुकी है और आगे भी कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
किसान समृद्ध होंगे तो देश खुशहाल होगा : मंत्री रामविचार नेताम
रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम आज भगवान बलराम जयंती (कृषक दिवस) के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषक सभागार में आयोजित कृषक सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने किसानों एवं प्रदेशवासियों को भगवान श्री बलराम जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री नेताम ने कहा कि भगवान श्री बलराम खेती किसानी के देवता है। किसान भाइयों के लिए यह अवसर ऐतिहासिक और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध, संपन्न और सक्षम हांेगे तो निश्चित ही देश और प्रदेश खुशहाल होगा। उन्होंने किसानों को जैविक खेती करने और देशी किस्मों को बचाने की अपील की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उन्नत किसानों को विभागीय योजनाओं के तहत अनुदान राशि का चेक एवं उपकरण प्रदान किए। सम्मेलन में प्राकृतिक खेती, गो कृषि वाणिज्यम एवं तिलहन उत्पादन पर भी विचार मंथन किया गया।
मंत्री नेताम ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्राकृतिक खेती और पशुपालन का समन्वय समय की मांग है। किसानों को धान की खेती के साथ ही कम खाद व पानी में अधिक उत्पादन वाले खेती की ओर आगे बढ़ने के जरूरत है, ताकि किसानों की आय दुगुनी हो और वे सक्षम व संपन्न कृषक बने। उन्होंने किसानों को फूलों, फलों, मसालों तथा औषधीय गुणों वाले खेती किसानी को अपनाने पर जोर दिया। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों के प्रति चिंता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को तकनीकी, प्रशिक्षण और विपणन सुविधा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री बलराम जी की कृपा से पूरे प्रदेश के अच्छी बारिश हुई है। फसल भी अच्छा होेगा। उन्होंने कहा कि कृषि तकनीक को अपनाते हुए कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से खेती किसानी को लाभकारी बनाएं।
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए किसानों से जैव विविधता के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान ऊर्जावान और ज्ञानवान है, फिर भी जहां जरूरत पड़े किसानों को कौशल विकास एवं तकनीक के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिश्रम से ही समृद्धि है धरती मां की सेवा करने की प्रेरणा भगवान बलराम से मिलती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों से वाजिब दाम पर धान की खरीदी कर किसानों को सम्मान दिया हैं।
कार्यक्रम को महात्मा गांधी वानिकी एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति रविरतन सक्सेना, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए किसान प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक खेती और जैविक विधियों से उत्पादन लागत घट रही है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ रही है। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने तिलहन उत्पादन को बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि तिलहन फसलों से देश की खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है। साथ ही गो-आधारित कृषि व्यवसाय को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त स्तंभ बताया।
शराब घोटाला, 28 अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत
रायपुर। आबकारी घोटाले मामले में आरोपी 28 आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है. ईडी की जांच में सामने आया है कि शराब घोटाले के जरिए न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया, बल्कि लाइसेंस और कमीशन की बंदरबांट कर कारोबारी हित साधे गए.
अधिकारियों और कारोबारी गठजोड़ के कारण विदेशी शराब कंपनियों पर दबाव बनाया गया कि वे अपना माल बेचने के लिए तय कमीशन दें. जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था और इससे मिली रकम को कई कंपनियों और फ्रंट फर्म्स के जरिए घुमाया जाता था. ईडी ने साफ किया है कि इस घोटाले की जांच अभी जारी है और इसमें और बड़े खुलासे हो सकते हैं.



IAS रीता शांडिल्य बनी CGPSC की स्थायी अध्यक्ष, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को नया स्थायी अध्यक्ष मिल गया है। राज्यपाल के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 2002 बैच की रिटायर्ड IAS अधिकारी रीता शांडिल्य को आयोग का स्थायी अध्यक्ष नियुक्त करने का आदेश जारी किया। वे इससे पहले आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में दायित्व संभाल रही थीं।
कार्यकारी अध्यक्ष से स्थायी अध्यक्ष तक का सफर
रीता शांडिल्य आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पहले से काम कर रही थीं। उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें स्थायी अध्यक्ष बनाया गया है। शांडिल्य ने अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, और राजस्व जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में पदभार संभाला है।
आयोग की साख पर सवाल
पिछले कुछ वर्षों में CGPSC बार-बार सुर्खियों में रहा है। परीक्षाओं में गड़बड़ी, चयन प्रक्रिया में अपारदर्शिता और पक्षपात के आरोपों ने आयोग की साख को गहरा धक्का पहुंचाया। अभ्यर्थियों ने कई बार विरोध प्रदर्शन कर निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग की। ऐसे माहौल में नई अध्यक्ष की नियुक्ति को पारदर्शिता बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रीता शांडिल्य की नियुक्ति राज्यपाल के आदेश के बाद की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इसकी अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया कि वे तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष का दायित्व संभालेंगी।

NHM कर्मचारियों के लिए चेतावनी जारी, काम पर नहीं लौटने पर होगी कार्रवाई
रायपुर। नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे NHM कर्मचारी अगर काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी. इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी सीएमएचओ को जारी कर दिया है.
आदेश में कहा गया है कि आदेश के बाद भी अधिकांश जिलों में NHM अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं, जो लोकहित के विरुद्ध है और अनुचित है. कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर कर्मचारी को नोटिस जारी करें, जिसमें लिखा हो कि उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उनकी सेवा समाप्त की जाएगी.
सभी सीएमएचओ को यह भी निर्देशित किया गया है कि अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों के कार्य नहीं वेतन नहीं के सिद्धांत पर इस माह का वेतन आहरित ना किया जाए. बता दें कि प्रदेश के 16,000 से ज्यादा NHM के कर्मचारी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इसके चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमा गई है. स्थिति को देखते हुए अब शासन ने सख्त निर्देश जारी किया हैं.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास में ModernTech Corp. और UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश व सहयोग के लिए किया आमंत्रित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. और रेल रखरखाव समाधानों की प्रमुख कोरियाई कंपनी UNECORAIL को छत्तीसगढ़ में निवेश और सहयोग के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, सतत परिवहन अधोसंरचना का निर्माण करना और रेलवे नेटवर्क को मज़बूत बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों कंपनियों के साथ साझेदारी से छत्तीसगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस की अग्रणी कंपनी ModernTech Corp. को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित कर कंपनी को प्रदेश में अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024–30, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने कहा—
“छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जनता को बेहतर और आधुनिक परिवहन अवसंरचना भी उपलब्ध होगी। यह पहल भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए व्यापक रोज़गार अवसर सृजित होंगे, राज्य में हरित तकनीकी कौशल का विकास होगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सतत परिवहन नेटवर्क को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ModernTech Corp. का अनुभव और विशेषज्ञता छत्तीसगढ़ की ऊर्जा संक्रमण यात्रा को तेज़ करेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर घटक निर्माण इकाइयों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक उभरते हुए राष्ट्रीय हब के रूप में स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ModernTech Corp. के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि “प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि निवेशक बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट को शीघ्रता से क्रियान्वित कर सकें।”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान UNECORAIL के सीईओ डोंग पिल पार्क से मुलाकात की। यह कंपनी कोरिया की अग्रणी रेल मेंटेनेंस समाधान प्रदाता है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे अधोसंरचना विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक समाधान बेहद अहम हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि UNECORAIL के अनुभव और विशेषज्ञता से राज्य में रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने, रखरखाव को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक्स बैकबोन को मजबूत करने में नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नीति का केंद्रीय तत्व बना रही है। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के विकास भागीदार बनें और इस परिवर्तनकारी यात्रा में शामिल होकर राज्य को नए शिखरों पर पहुँचाए।
ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को कौशल से जोड़ने हेतु रायपुर में नीति आयोग की राष्ट्रीय कार्यशाला हुई आयोजित
रायपुर। नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में Fostering Mentorship in Education: A Pathway to Equity विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना को मूर्त रूप देते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मेंटरशिप की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क बनाना है। विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों ने शिक्षा में समानता लाने, ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए अपने अनुभव साझा किए।




मेंटॉरशिप युवाओं को सशक्त करने की कुंजी है”: ओ. पी. चौधरी
विशेष अतिथि के रूप में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में मेंटरशिप की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित है। यह साझा राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने का अवसर है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनसांख्यिकीय ताकत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु मात्र 24 वर्ष है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, हमें युवाओं को अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने गांव के सरकारी स्कूल में 10वीं और 12वीं तक पढ़ाई की, जहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। 17 वर्षों की औपचारिक शिक्षा के बाद भी अनेक युवाओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि जीवन में आगे क्या करना है। कैरियर गाइडेंस और मेंटरशिप इस कमी को दूर कर सकती है। उन्होंने स्थानीय भाषा और संस्कृति आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र के बच्चों के जीवन का जुड़ाव जंगलों और झरनों से है। उन्हें इसी के अनुरूप अक्षर ज्ञान देना चाहिए। एनईपी 2020 का स्थानीय बोलियों पर फोकस सही दिशा है।
वित्त मंत्री ने सरकारी स्कूलों की चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि समुदाय की भागीदारी घट रही है, हमें नवोदय विद्यालय जैसे मॉडल अपनाने होंगे। नीति आयोग को देशभर की इनोवेटिव प्रैक्टिस को साझा प्लेटफॉर्म पर लाना चाहिए, ताकि शिक्षा में समानता सुनिश्चित की जा सके।
हर बच्चे को मेंटरशिप मिलना उसका अधिकार है: डॉ. वी. के. पॉल
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा कि शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का आधार है और हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रॉपआउट दरों को साझा करते हुए बताया कि प्राथमिक स्कूलों में 93 प्रतिशत नामांकन है, लेकिन अपर प्राइमरी में तीन प्रतिशत बच्चे छूट जाते हैं। सेकेंडरी स्तर पर केवल 56 प्रतिशत और 12वीं कक्षा तक मात्र 23 प्रतिशत छात्र ही पहुंचते हैं। 2019 से 2023 तक केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 15,000 ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी, जबकि आईआईटी और आईआईएम से 4,000 से अधिक छात्र बाहर हुए। यह व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्षति भी है।
डॉ. पॉल ने कहा कि मेंटरशिप से छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल मिलते हैं। हमें शिक्षकों का माइंडसेट बदलना होगा, छात्रों को सशक्त बनाना होगा और तकनीक के माध्यम से सीधी पहुँच सुनिश्चित करनी होगी। विषाक्त वातावरण और नशे जैसी समस्याएं ड्रॉपआउट को बढ़ाती हैं। हर बच्चे को ज्ञान और आत्मविश्वास से लैस होकर चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलना चाहिए, यह उसका मानवाधिकार है। उन्होंने कहा कि हमारा देश मानव-केंद्रित दर्शन से समृद्ध है। हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा, जिसमें हर बच्चे को मेंटरशिप मिले, हमें एनईपी 2020 यही रास्ता दिखाती है।
कार्यशाला में योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, नीति आयोग के संयुक्त सचिव के. एस. रेजिमोन, नीति आयोग के फेलो डॉ. आई. वी. सुब्बा राव, आईएएस (सेवानिवृत्त), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा तथा नीति आयोग के उप सचिव अरविंद कुमार, सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की समीक्षा बैठक, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभागीय योजनाओं की ली जानकारी
रायपुर। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज महानदी भवन मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभागीय मंत्री का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया और विभागीय संरचना की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक के दौरान मंत्री श्री जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों से पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले आयोग एवं बोर्ड की जानकारी ली। साथ ही विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सरगुजा, दुर्ग और बस्तर संभागों में एक-एक 500 सीटर छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण की योजना पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने वर्तमान में संचालित छात्रावासों की जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यकता पड़ने पर छात्रावासों की मरम्मत कराने को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में संचालित योजनाएं राज्य में बदलाव का प्रतीक बन रही हैं। इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग से संबंधित योजनाएं भी राज्य के पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों और युवाओं के लिए बेहद लाभकारी हैं। श्री जायसवाल ने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। बैठक में विभागीय अपर संचालक, उप संचालक और उपायुक्त स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में 14वें मंत्री पर सुनवाई: जनहित याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, याचिकाकर्ता से मांगा शपथपत्र, अब इस दिन होगी अगली सुनवाई…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाए जाने के बाद कैबिनेट की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है। कांग्रेस ने इसे संवैधानिक सीमा से अधिक बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता बसदेव चक्रवर्ती से शपथपत्र मांगा है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जनहित याचिका दायर करने के योग्य हैं या नहीं, यह जानने के लिए उनके समाजसेवा और बैकग्राउंड की जानकारी जरूरी है।
कोर्ट की कार्यवाही
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच में हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से शपथपत्र मांगा है, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने समाजसेवा में क्या योगदान दिया है और जनहित याचिका दायर करने का उनका उद्देश्य क्या है। इसके साथ ही राज्य सरकार से भी दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 2 सितंबर को होगी।
संवैधानिक प्रावधान और विवाद की जड़
संविधान के अनुच्छेद 164 (1क) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या विधानसभा की कुल सीटों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कुल सीटें 90 हैं। इस आधार पर मंत्रियों की अधिकतम संख्या 13.50 (यानी 13) हो सकती है।
20 अगस्त 2025 को तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाए जाने के बाद राज्य में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि यह संविधान का सीधा उल्लंघन है और इसी आधार पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
दोनों पक्षों की दलीलें
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने संवैधानिक सीमा का उल्लंघन करते हुए 14वें मंत्री की नियुक्ति की है। याचिकाकर्ता बसदेव चक्रवर्ती का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे संविधान की गरिमा को ठेस पहुँचती है।
दूसरी ओर, भाजपा का तर्क है कि छत्तीसगढ़ में अपनाए गए फार्मूले का समर्थन हरियाणा मॉडल से किया जा सकता है, जहाँ इसी तरह की व्यवस्था लागू है। भाजपा का कहना है कि मंत्रिमंडल की संख्या को लेकर कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से विवाद खड़ा कर रही है।
कोर्ट ने फिलहाल मामले में कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। लेकिन याचिकाकर्ता से शपथपत्र और राज्य सरकार से दिशा-निर्देश मांगे जाने के बाद यह साफ हो गया है कि अदालत इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। अब 2 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री
रायपुर। इंडिया टुडे और C Voter द्वारा संयुक्त रूप से जारी Mood of the Nation (MOTN) Survey के ताजा परिणाम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लिए उत्साहजनक माने जा रहे हैं। सर्वे के अनुसार, अगस्त 2025 में छत्तीसगढ़ के 41.9% उत्तरदाता उनके कामकाज से संतुष्ट बताए गए। यह आंकड़ा फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया है। यानी, लगभग 2.9 प्रतिशत अंकों की बढ़त मुख्यमंत्री के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
बड़े राज्यों में दूसरा स्थान
MOTN सर्वे को भारतीय राजनीति में सबसे विश्वसनीय जनमत परीक्षणों में माना जाता है। बड़े राज्यों की श्रेणी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दूसरे स्थान पर रहे। पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं। इसका सीधा अर्थ है कि छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ नेतृत्व को लेकर जनता का भरोसा अन्य कई बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तुलना में अधिक है।
संतुष्टि का यह स्तर क्यों महत्वपूर्ण है?
छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन–समृद्ध लेकिन सामाजिक–आर्थिक चुनौतियों से जूझते राज्य में किसी भी मुख्यमंत्री के लिए जनता का भरोसा पाना आसान नहीं होता। विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, किसानों और आदिवासी समुदायों से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही वजह है कि पिछले छह महीनों में उनकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
फरवरी से अगस्त तक का रुझान
फरवरी 2025: 39% उत्तरदाता साय के काम से संतुष्ट थे।
अगस्त 2025: यह आंकड़ा 41.9% हो गया।
अंतर: +2.9 प्रतिशत अंक।
यह वृद्धि दर्शाती है कि जनता में उनकी नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर सकारात्मक धारणा बनी है।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में स्थिति
जहां कई बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने गृह राज्यों में जनता से मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, वहीं विष्णु देव साय का प्रदर्शन उन्हें राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में भी मजबूती प्रदान करता है। गृह राज्य में बढ़ता समर्थन उन्हें राज्य राजनीति के साथ–साथ केंद्रीय राजनीति में भी अधिक प्रासंगिक बना सकता है।
हड़ताल में बैठे स्वास्थ्य कर्मी की हार्ट अटैक से हुई मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। बस्तर जिले में 12 दिनों से हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारी बीएस मरकाम की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना ने आंदोलन को और संवेदनशील बना दिया है।
हड़ताल के बीच कर्मचारी की मौत
जगदलपुर जिले में एनएचएम के अंतर्गत बीएएम (ब्लॉक अकाउंट मैनेजर) पद पर तैनात बीएस मरकाम हड़ताल में सक्रिय रूप से शामिल थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया। परिजन और साथी कर्मचारी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मरकाम की मौत की खबर से हड़ताल पर बैठे अन्य कर्मचारियों में आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है।
12 दिनों से जारी है हड़ताल
छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारी पिछले 12 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
-हड़ताल की शुरुआत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर की गई थी।
-इसमें नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, और सेवा शर्तों में सुधार प्रमुख मुद्दे हैं।
-केवल बस्तर जिले से ही करीब 190 स्वास्थ्यकर्मी इस आंदोलन में शामिल हैं।
हड़ताल के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों दोनों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। कई अस्पतालों में तालाबंदी जैसी स्थिति है और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप
एनएचएम कर्मचारी संघ ने भाजपा सरकार पर अपने चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है।
-कर्मचारियों का कहना है कि भाजपा ने चुनाव से पहले “मोदी की गारंटी” के तहत 100 दिन के भीतर नियमितीकरण पर कमेटी बनाने का वादा किया था।
-लेकिन अब 20 महीने बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
संघ का कहना है कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है और कर्मचारियों को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट
हड़ताल के कारण बस्तर समेत पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण अस्पतालों में दवाइयों और इलाज की सुविधा नदारद है।कई प्रसव मामलों और गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।आर्थिक रूप से कमजोर मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मरकाम की मौत के बाद कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।



