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DMF घोटाले में गिरफ्तार दोनों अफसरों को कोर्ट से लगा झटका, जमानत याचिका खारिज
दंतेवाड़ा। जिले में चर्चित डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) निविदा घोटाले मामले में गिरफ्तार दो अफसरों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले निविदा घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। आदिवासी विकास विभाग में पदस्थ रहे दो पूर्व सहायक आयुक्त डॉ. आनंद जी सिंह और के.एस. मसराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
दोनों अधिकारियों की जमानत याचिका को सीजीएम कोर्ट ने खारिज कर दिया और उन्हें 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।इस घोटाले में शामिल क्लर्क संजय कोडोपी अब भी फरार है। पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही है और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
मामला क्या है?
सूत्रों के अनुसार, आदिवासी विकास विभाग से जुड़े इन अधिकारियों ने डीएमएफ फंड से स्वीकृत कार्यों की निविदाओं में गड़बड़ी की थी। आरोप है कि इन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर निविदाएं पूरी कीं और करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य अपने चहेते ठेकेदारों को आवंटित किए।जांच में यह सामने आया है कि करीब 10 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों में अनियमितता की गई है। इस घोटाले की शिकायत मिलने के बाद दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पूरे मामले की जांच कराई थी।
जांच रिपोर्ट और एफआईआर
जांच रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई। इसके बाद वर्तमान सहायक आयुक्त राजीव नाग ने कलेक्टर के निर्देश पर सिटी कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 337, 340 और धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने डॉ. सिंह और मसराम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, लेकिन क्लर्क संजय कोडोपी गिरफ्तारी से बच निकला। पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही उसकी गिरफ्तारी करेगी।
कलेक्टर का सख्त रुख
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने सरकारी धन और जनता की योजनाओं से जुड़े फंड में गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
आगे की कार्यवाही
कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद दोनों पूर्व अधिकारियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की तहकीकात जारी है और जांच में और भी नए नाम सामने आ सकते हैं।
डीएमएफ फंड का उपयोग खनिज प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए किया जाता है। ऐसे में इस घोटाले ने न केवल प्रशासनिक स्तर पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में भी नाराज़गी बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि फरार क्लर्क की गिरफ्तारी कब होती है और जांच में और कितने बड़े खुलासे होते हैं।
IAS रानू साहू की बढ़ी मुश्किलें
रायपुर। निलंबित आईएएस रानू साहू की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। रानू साहू के रायपुर स्थित तुलसी गांव में बने मकान, फॉर्म हाउस और दुकान की अब पीडब्ल्यूडी जांच करेगा। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से इसकी रिपोर्ट मांगी है। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने रायपुर संभाग क्रमांक-2 को जांच करने का निर्देश दिया है।
जांच टीम पता लगाएगी कि फॉर्म हाउस, मकान कब बना और इस पर कितना खर्च हुआ है। भवन में लगे दरवाजे, खिड़की, फॉल सीलिंग, प्लाई वर्क, इंटीरियर डेकोरेशन, प्लंबर वर्क, बाउंड्री वाल फेन्सिंग और लॉन पर वर्तमान समय के आधार पर कितना खर्च हुआ है। मकान कृषि जमीन पर बना है तो गांव के सरपंच से इसकी अनुमति ली गई है या नहीं। पीडब्ल्यूडी के अफसर जांच की तैयारी में जुट गए हैं। टीम एक-दो दिन में संपत्ति की जांच शुरू करेगी।
बता दें कि तुलसी गांव में कृषि जमीन पर खसरा नंबर 398/1 रकबा 0.1410 हेक्टेयर और खसरा नंबर 407/1 रकबा 0.0710 हेक्टेयर, खसरा नंबर 407/2, 407/3 रकबा 0.4100 हेक्टेयर में मकान का निर्माण हुआ है।
यह मकान अरुण कुमार साहू और लक्ष्मी साहू निवासी पांडुका, छुरा, गरियाबंद के नाम पर है। पीडब्ल्यूडी को मूल्यांकन से पहले पंचनामा तैयार करना है। शेष|पेज 11 ईडी ने डीएमएफ और कोल स्कैम घोटाले में रानू साहू को 22 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, ईडी ने डीएमएफ फंड और इसके बाद उक्त दोनों ही प्रकरणों में ईओडब्ल्यू द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था, जिसमें निलंबित आईएएस रानू साहू को 3 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। जमानत शर्तों के अनुसार, इनको आगामी आदेश तक राज्य से बाहर रहना है। केवल प्रकरण की सुनवाई ट्रायल कोर्ट और जांच एजेंसी द्वारा बुलवाए जाने पर ही छत्तीसगढ़ आएंगी। वर्तमान में मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) कर रही है।
भवन निर्माण की लागत के साथ-साथ मॉड्यूलर किचन, फॉल सीलिंग, इलेक्ट्रिक इंस्टालेशन, नल, पाइप, शावर, बेसिन, बाथ टब, कपवर्ड, जुकोजी आदि की लागत और मजदूरी खर्च की जांच की जाएगी। ग्रिल्स, रेलिंग, वार्डरोब के साथ ही इलेक्ट्रिक सामग्री में फिटिंग, इंटीरियर डेकोरेशन सामग्री जैसे झूमर, पंखे, एसी, कूलर, लाइट्स, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी, होम थिएटर का फर्नीचर फिक्स्चर्स, सबमर्सिबल पंप (ड्रीलिंग एवं मशीन) आदि पर खर्च राशि की भी पड़ताल की जाएगी।
अरुण कुमार साहू और लक्ष्मी साहू के नाम पर गांव में जमीन है। इसके पहले राजस्व विभाग ने इसे सील किया था। वर्तमान में धूम कैलिफोर्निया नामक रेस्टोरेंट का संचालन हो रहा है। इन लोगों ने बिना पंचायत से बिना किसी एनओसी के ही निर्माण किया है, जबकि पंचायत से एनओसी लेना अनिवार्य है।
सुरेश कुमार धीवर, सरपंच, तुलसी बाराडेरा रानू साहू की आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच चल रही है। इसी कड़ी में उनकी प्रॉपर्टी की जानकारी जुटाई जा रही है।
-अमरेश मिश्रा, चीफ एमीमी, ईओडब्ल्यू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जापान यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-जापान संबंध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर कहा कि “हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।”
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।
मालगाड़ी का पहिया पटरी से उतरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां रायपुर और उरकुरा के बीच मालगाड़ी हादसे का शिकार हो गई है। इस हादसे के बाद ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई हैं। वहीं हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे की टीम और आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचते ही मेंटेनेंस का कार्य शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर और उरकुरा के बीच मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। इस हादसे के बाद अप और डाउन रुट की सभी ट्रेने प्रभावित हुई है। वहीं हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे की टीम और आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचते ही मेंटेनेंस का कार्य शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि, अमृतसर से चलकर बिलासपुर जानें वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और सालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस काफी देर से उरकुरा स्टेशन के पास खड़ी है। रेलवे की टीम जल्द से जल्द मेंटेनेंस कार्य को खत्म कर रुट को यथावत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे एक्सीडेंट पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे सड़क हादसों पर सख्त रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने बिलासपुर की पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक सड़क पर पड़े बड़े-बड़े क्रेक्स को तुरंत ठीक करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने साफ कहा कि सड़क की इस हालत में दुर्घटना का खतरा हर समय बना रहता है। कोर्ट ने 25 अगस्त की सुनवाई में कहा कि अब इस पर निरंतर मॉनिटरिंग होगी। अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या केवल कोर्ट की निगरानी में ही सड़कें बनेंगी? क्या सरकार खुद जिम्मेदारी नहीं ले सकती? अदालत ने याद दिलाया कि बिलासपुर की इस सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल में स्वीकृत हो चुका है लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई। इसी तरह रायपुर का धनेली एयरपोर्ट रोड और सेंदरी बाईपास का फुट ओवरब्रिज प्रोजेक्ट भी अधर में लटका है। सिर्फ बिलासपुर ही नहीं, हाईकोर्ट ने पूरे राज्य में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कवर्धा जिले में हाल ही में पिकअप वाहन दुर्घटना में 19 आदिवासियों की मौत और पिछले चार सालों में 107 मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया।
इस पर राज्य सरकार, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई, एसईसीएल और एनटीपीसी को कठोर आदेश जारी किए गए हैं। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर अगली सुनवाई तक सुधार नहीं दिखा तो जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि सुधार कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए। ब्लैक स्पॉट और जर्जर सड़कों पर तुरंत कार्ययोजना बनाई जाए। अदालत ने पीडब्ल्यूडी सचिव और एनएचएआई क्षेत्रीय अधिकारी से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा है।
सोमवार को ही हाईकोर्ट में एनटीपीसी ने राखड़ परिवहन पर दायर पीआईएल पर जवाब दाखिल किया। एनटीपीसी ने अपने हलफनामे में बताया कि उसने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। नए एसओपी के तहत अब बिना 200 जीएसएम तिरपाल से ढके कोई भी ट्रक बाहर नहीं जाएगा, वाहनों की तस्वीरें खींचकर रिकॉर्ड रखा जाएगा, एएनपीआर कैमरे और डिजिटल वजनी पुल लगाए गए हैं और ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगाई गई है।
BJP ने बी सुदर्शन रेड्डी को बताया नक्सलवादी विचारधारक, तो PCC चीफ ने किया पलटवार, कहा-
रायपुर। इंडी गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर सियासत जारी है. बी.सुदर्शन रेड्डी को नक्सलवादी विचारधारक बताने पर कांग्रेस ने बीजेपी पद निशाना साधा है. सलवा जुडूम पर रोक लगान के कोर्ट के तत्कालीन फैसले का विरोध न करने पर पीसीसी चीफ ने भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सलवा जुडुम के नाम पर बिना प्रशिक्षण बस्तरवासियों को AK47 थमा दिए गए. हम बस्तर के लोग जानते हैं, वहां क्या हो रहा था. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार ने सलवा जुडूम में बिना ट्रेनिंग लोगों को AK 47 थमा दिया. इसी के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुनाया था. बीजेपी इसे गलत रूप से प्रचारित कर रही है. बीजेपी का समीकरण गड़बड़ हो चुका है. इसी की बौखलाहट में ऐसे बयान दिए जा रहे हैं.
सरगुजा-बस्तर मंत्री संतुलन पर उठे सवाल
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरगुजा संभाग से पाँच मंत्री बनाने और बस्तर से केवल एक मंत्री शामिल करने पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार अब अपना क्षेत्र बचाने सरगुजा में सिमट चुकी है. बस्तर को नज़रअंदाज कर दिया गया है और बाकी हिस्से खाली हो गए हैं. बैज ने दावा किया कि सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और जनमत पूरी तरह खो चुकी है.
NHM कर्मचारियों की हड़ताल पर कांग्रेस का बयान
प्रदेश में NHM कर्मचारियों की हड़ताल छठवें दिन भी जारी है. स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं और आपातकालीन व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं. कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से हड़ताल समाप्त कराने की पहल करने की मांग की है. दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के झूठे वादों से कर्मचारी नाराज़ हैं और अब लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
तीजा-पोरा उत्सव पर कांग्रेस की अंदरूनी सियासत
तीजा-पोरा उत्सव में पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे के भाषण को लेकर कांग्रेस में चर्चा तेज है. चौबे ने कहा था कि जनता चाहती है भूपेश बघेल ही कांग्रेस का नेतृत्व करें. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने चौबे को “महाज्ञानी” बताते हुए कहा कि यह उनका निजी बयान और विचार है. बैज ने साफ किया कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व (Collective Leadership) के साथ जनता के मुद्दों पर लड़ाई लड़ेगी और सरकार बनाएगी.
शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए चयन समिति का किया गया गठन
रायपुर। शिक्षक सम्मान का आयोजन 5 सितंबर को किया जायेगा। राज्य शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए चयन समिति की गठन किया गया है। डीपीआई की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यीय कमेटी पुरुस्कार के लिए शिक्षक का चयन करेगी।
डीपीआआई ऋतुराज रघुवंशी चयन समिति के चेयरमैन होंगे। जबकि एससीईआरटी के डायरेक्टर , समग्र शिक्षा के एमडी और उप सचिव स्कूल शिक्षा सदस्य होंगे। डीपीआई के डिप्टी डायरेक्टर पदेन सचिव और सहायक संचालक डीपीआई सदस्य होंगे।

शराब दुकानों में जल्द शुरू होगी ये व्यवस्था, आबकारी मंत्री देवांगन ने दिए अधिकारियों को निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ की शराब दुकानों में अब जल्द ही 100 फीसदी कैशलैस सिस्टम लागू करने के निर्देश मंत्री लखनलाल देवांगन ने दिए गए। कैशलैस सुविधा शुरू होने के बाद शराब प्रेमियों को दुकानों में पेमेंट भुगतान और चिल्हर के लिए माथा-पच्ची नही करनी होगी। वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री लखन लाल देवांगन ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के काम-काज की समीक्षा की। बैठक में मंदिरा दुकानों की व्यवस्था सहित लायसेंस व्यवस्था, मार्केटिंग कार्पोरेशन, विभागीय संरचना प्रदेश में बार-क्लब की जानकारी, मंदिरा की गुणवत्ता सहित आबकारी राजस्व के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई।
वाणिज्य कर आबकारी विभाग की सचिव आर.शंगीता ने विभागीय गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी दी। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन सहित आबकारी विभाग के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। केबिनेट मंत्री देवांगन ने होटल एवं ढाबों, फॉर्म हाउस में मंदिरा की अवैध बिक्री, सेवन न हो इस पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके आलावा उन्होंने मुख्यमंत्री के मंशा के अनुरूप मदिरा दुकानों में सीसी टीवी कैमरा स्थापित कर मुख्यालय से 24 घंटे सतत निगरानी के निर्देश दिए।
मदिरा दुकानों में 100 फीसदी कैशलैस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आबकारी मंत्री देवांगन ने विभागीय गतिविधियों की समीक्षा एवं राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अवैध मदिरा एवं मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री गजेन्द्र यादव ने अधिकारियों को शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
रायपुर। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और शिक्षण को विभागीय कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु बनाएं। मंत्री श्री यादव आज मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होता है, इसलिए विद्यालयों में पढ़ाई की नियमित निगरानी करना शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।
सिद्धांत की स्थिति पर गहन जानकारी आवश्यक है
श्री यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र की प्रत्येक शाला की स्थिति की संपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी रखें। इसके लिए स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यशालाओं, प्रधान मंदिरों और इंजीनियरों से बातचीत जारी रखें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सक्रियता और जिम्मेदारी से ही छात्रावास में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।
शिक्षक प्रशिक्षण का वार्षिक कैलेंडर विवरण
मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शैक्षणिक प्रशिक्षण स्तर, वार्षिक कैलेंडर तैयार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में ही आयोजित किया जाता है, ताकि स्कूलीन शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के दौरान नई प्रौद्योगिकियों, नवाचारों एवं आधुनिक शिक्षण तकनीकों को सीखने की आवश्यकता है।
परियोजना में सहयोगात्मक सहयोग जोर
श्री यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा विभाग सभी अधिकारी, सहयोग और टीम भावना के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी, शिक्षक और स्कूल प्रबंधन मिलकर एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें, तो दस्तावेज़ीकरण और कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से बनाया जा सकता है।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल पारदेशी ने डिविजन संरचना, आख्यान और कार्यक्रम की जानकारी पावर पाइरेट पेज स्टेटमेंट के माध्यम से दी। इस दौरान विभाग में संचालित प्रमुख मनोनीतियों और उनकी प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष रेणू जी पिल्ले भी उपस्थित हुए। बैठक में समग्र शिक्षा, एससीई आरटीई, माध्यमिक शिक्षा मंडल, पाठ्य पुस्तक निगम, मदरसा बोर्ड, लोक शिक्षण संचालनालय, संस्कृत विद्या मंडलम, स्काउट-गाइड, एनसीसी और स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य दूरस्थ शिक्षा विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के शैक्षिक संस्थानों की जानकारी प्रस्तुत की।
आदिवासी विकास विभाग में करोड़ों का DMF घोटाला
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आदिवासी विकास विभाग के 2 पूर्व सहायक आयुक्तों डॉ. आनंदजी सिंह और के.एस. मसराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि दोनों ने क्लर्क संजय कोडोपी से साथ मिलकर फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार कर 45 फर्जी टेंडर निकलवाए और DMF फंड में कोरड़ों का घोटाला किया है. मामले की शिकायत मिलने पर दंतेवाड़ा पुलिस ने आज दोनों को रायपुर और जगदलपुर में दबिश देकर पकड़ा और दंतेवाड़ा कोर्ट में पेश किया है. साथ ही इस मामले में सस्पेंडेड क्लर्क की तलाश में जुट गई है.
जानकारी के मुताबिक, दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 5 सदस्यीय जांच बनाकर आदिम जाति विभाग में बीते 5 साल में DMF मद से कराए गए कार्यों की जांच कराई. जांच के दौरान मद से कराए गए करोड़ों के कार्यों के 45 टेंडर (निविदा प्रक्रिया) में बड़ी गड़बड़ी पाई गई. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद क्लर्क कोडोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया और दोनों पूर्व सहायक आयुक्तों समेत क्लर्क के खिलाफ पुलिस में लिखित आवेदन दने के निर्देश दिए थे. वहीं वर्तमान आयुक्त द्वारा बीते दिन लिखित शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की गैर जमानती 6 धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की है.
पुराने विवादों से घिरे आनंदजी सिंह
गौरतलब है कि पूर्व सहायक आयुक्त डॉ. आनंद सिंह का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है. उनके खिलाफ गीदम थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, हालांकि फिलहाल इस मामले में उन्हें अदालत से राहत मिली हुई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले का संबंध भी विभाग में ठेकेदारी से जुड़ा बताया जा रहा है.
टेंडर समिति पर भी उठे सवाल
इस घोटाले की आंच अब टेंडर समिति तक पहुंच गई है. सवाल उठ रहा है कि पांच सालों तक जारी रहे इस बड़े फर्जीवाड़े पर समिति ने कभी आपत्ति क्यों नहीं जताई. अब जांच एजेंसियां इस पहलू को भी खंगाल रही हैं.
राज्य सरकार ने डीए में बढोत्तरी का आदेश किया जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी हो गया है। मुख्यमंत्री विदेश यात्रा से पहले ही दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। महंगाई भत्ता एरियर्स नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री केआदेश के बाद अगले महीने यानि सितंबर महीने से कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिलेगा। कर्मचारियों को इसका भुगतान अक्टूबर महीने से किया जायेगा।
सातवें वेतनमान में जहां 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता की बढ़ोत्तरी होगी, वहीं छठवां वेतनमान में 6 प्रतिशत महंगाई भत्ता में बढोत्तरी होगी। सातवां वेतनमान के तहत कर्मचारियों को जहां 55 प्रतिशत डीए मिलेगा, तो वहीं छठवां वेतनमान के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों में 6 प्रतिशत की बढोत्तरी के साथ डीए अब कुल 252 प्रतिशत हो जायेगा।

छत्तीसगढ़ का निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम: जापानी कंपनियों ने दिखाई गहरी रुचि
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका में आयोजित प्रतिष्ठित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिभाशाली मानवबल और उद्योग-अनुकूल नीतियों का सशक्त संगम है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और जापान विश्वास एवं साझा मूल्यों की गहरी डोर से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने जापानी साझेदारों से आह्वान किया कि वे नवाचार, अवसर और साझा समृद्धि से आगे बढ़ रही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरताज फूड्स, ओसाका को छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 11.45 मिलियन डॉलर (₹100 करोड़) का निवेश प्रस्ताव दिया। यह परियोजना राज्य के फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को नई ऊँचाई देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगी और किसानों को नए अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री साय ने मोराबु हंशिन कंपनी के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर नाओयुकी शिमाडा से भी भेंट की। यह कंपनी कुशल इंजीनियरों, सिस्टम डेवलपमेंट और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी है। बैठक में कौशल प्रशिक्षण और वर्कफोर्स एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य का कौशल तंत्र और अधिक सशक्त बनेगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रचुर खनिज संपदा, सक्रिय सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम, विश्वस्तरीय औद्योगिक ढाँचा और वैश्विक निवेशकों को सहज वातावरण उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य में किए जा रहे सुधारों और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की जापानी प्रतिनिधियों ने सराहना की। विशेषकर फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी और उन्नत वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में निवेश की इच्छुक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ को उपयुक्त अवसरों का प्रदेश बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ वैश्विक साझेदारों को अवसर और सहयोग दोनों मिलते हैं। जापान के साथ हमारी साझेदारी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। ओसाका में हुई चर्चाएँ न केवल निवेश लेकर आएँगी, बल्कि हमारे किसानों को सशक्त बनाएँगी, युवाओं के लिए रोजगार उत्पन्न करेंगी और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और अधिक मजबूत करेंगी।”
फरार वीरेंद्र तोमर से करणी सेना का कोई संबंध नहीं – राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह का बड़ा बयान
रायपुर। राजधानी में सोमवार को एक बड़ी राजनीतिक-सामाजिक हलचल देखने को मिली, जब राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह राजपूत ने साफ कहा कि फरार वीरेंद्र तोमर और उनके संगठनों से राष्ट्रीय करणी सेना का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि रायपुर और छत्तीसगढ़ में फैली गलतफहमियों को दूर करना बेहद जरूरी है क्योंकि तोमर बंधुओं की कथित करणी सेना और उनकी करणी सेना बिल्कुल अलग संगठन हैं।
गौरतलब है कि वीरेंद्र तोमर पर सूदखोरी, मारपीट, हत्या की कोशिश और जबरन वसूली जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस उसे लंबे समय से फरार अपराधी की श्रेणी में गिनती है। हाल ही में कई घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर यह खबर तेजी से फैल रही थी कि तोमर बंधु करणी सेना से जुड़े हुए हैं और संगठन के नाम पर प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
रायपुर पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह ने मीडिया से बातचीत में इस पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा –“हमारा काम किसी का समर्थन या विरोध करना नहीं है। श्री राजपूत करणी सेना पूरी तरह वैधानिक और सामाजिक संगठन है। इसका उद्देश्य समाज के लिए काम करना है, न कि अपराधियों को पनाह देना।”
“वीरेंद्र तोमर जिस तथाकथित करणी सेना का संचालन कर रहा था, वह पूरी तरह फर्जी संगठन है। उसे राष्ट्रीय करणी सेना से जोड़ना पूरी तरह गलत है।”
“अगर कोई गलत काम करेगा तो श्री राजपूत करणी सेना उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। चाहे वह कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो।”
फर्जी संगठन चलाने का आरोप
महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि वीरेंद्र तोमर और उनके सहयोगी करणी सेना के नाम का दुरुपयोग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने संगठन का नाम इस्तेमाल कर गैरकानूनी कामों को ढाल बनाने की कोशिश की, जिससे असली करणी सेना की छवि खराब हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि करणी सेना और अपराधियों के बीच कोई रिश्ता नहीं हो सकता।
संगठन को बदनाम करने की कोशिश
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि लगातार सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर करणी सेना का नाम गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने जनता और प्रशासन से अपील की कि असली और फर्जी करणी सेना में अंतर किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका संगठन समाज सुधार, सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और युवाओं के उत्थान जैसे मुद्दों पर काम कर रहा है।
पुलिस और प्रशासन पर सवाल
महिपाल सिंह ने यह भी इशारा किया कि अगर कोई व्यक्ति अपराध करते हुए संगठन का नाम इस्तेमाल करता है तो पुलिस और प्रशासन को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ में करणी सेना को विवादित मुद्दों से जोड़ना गलत है और संगठन को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के लिए जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां मौसम को खुशनुमा बना दिया है, वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए प्रदेशवासियों को अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिक गायत्री वाणी कंचिभोटला ने बताया कि अगले 6 दिनों तक सरगुजा संभाग के जिलों में तेज बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हो सकती है। सरगुजा में होने वाली यह बारिश छत्तीसगढ़ के मध्य क्षेत्र पर भी सीधा असर डालेगी।
रायपुर सहित आसपास के जिलों में भी आने वाले दिनों में मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजधानी में अगले कुछ दिनों तक बारिश के कारण लोगों को ठंडक का एहसास होगा, लेकिन लगातार पानी गिरने से जनजीवन पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इस बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में तापमान में और गिरावट आएगी। फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इससे किसानों और आम जनता दोनों को राहत मिली है। खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को फायदा होगा और बोआई के लिए बेहतर हालात बनेंगे।
हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ जगहों पर जलभराव और निचली बस्तियों में दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले सप्ताह तक छत्तीसगढ़ का ज्यादातर इलाका मानसून की चपेट में रहेगा। उत्तर से लेकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक बारिश का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
प्रदेश के लोग मानसून की इस रफ्तार से फिलहाल राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन विभाग का मानना है कि सितंबर के पहले सप्ताह के बाद ही बारिश के असर में कमी आने लगेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे को हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने EOW की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित ही प्रार्थना हो।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जबकि एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य की ओर से पैरवी की। यह याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। पहली सुनवाई में राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी कानूनी टीम कल नई याचिका दाखिल करेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कार्यभार ग्रहण करते ही की विभागीय कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार संभालते ही विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा अभियान (MD), और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी शामिल हुए। यह उनकी पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बैठक थी, जिसमें उन्होंने विभाग की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
सीएसी को अध्यापन कार्य करने का निर्देश
बैठक में मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सीएसी (Cluster Academic Coordinator) को भी अध्यापन कार्य करना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पहले भी आदेश जारी किए गए थे, लेकिन वे अमल में नहीं आ पाए। उन्होंने निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए ताकि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक सुधार हो सके।
अतिरिक्त गतिविधियों पर भी जोर
बैठक में मंत्री यादव ने कहा कि रेड क्रॉस, स्काउट-गाइड और एनसीसी जैसी गतिविधियों का संचालन स्कूलों में निर्वाध रूप से होना चाहिए। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।
इसके अलावा, उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ में नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ाने के लिए पहल की जाए, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
ईमानदारी और दबाव रहित काम करने का निर्देश
मंत्री यादव ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी दबाव में आए बिना ईमानदारी के साथ कार्य करें। उनका कहना था कि शिक्षा गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी तभी संभव होगी जब अधिकारी और कर्मचारी निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से काम करेंगे।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप कार्ययोजना
बैठक में मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत अध्यापन व्यवस्था लागू की जाए और इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त कर प्रदेश में शिक्षा सुधार की दिशा में काम किया जाए। बैठक में समग्र शिक्षा अभियान की परियोजनाओं, माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा सुधार प्रक्रिया और SCERT द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
मंदिर में पूजा के बाद ग्रहण किया कार्यभार
कार्यभार ग्रहण करने से पहले मंत्री यादव ने रायपुर स्थित दूधाधारी मंदिर पहुंचकर भगवान की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर के महंत राम सुंदर दास से आशीर्वाद लिया। पदभार संभालने के बाद गजेन्द्र यादव ने कहा कि उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि अधिकारी और कर्मचारी मिलकर विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
वर्ल्ड एक्सपो 2025 में दिखी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और समृद्धि की अद्भुत झलक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे। यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ दुनिया के सामने उभर रहा है। “हमारी पहचान केवल धरोहर और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”
पवेलियन में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, बुनाई, हस्तनिर्मित उत्पाद, हर्बल आइटम्स और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
जापान और अन्य देशों से आए आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के पैवेलियन की सराहना करते हुए विशेष रूप से हस्तशिल्प और बांस उत्पादों, बस्तर आर्ट और लोकसंगीत पर आधारित प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच प्रदेश की एक सकारात्मक छवि बनी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पवेलियन में मौजूद मेहमानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रदेश के साथ जुड़कर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर हमारी भागीदारी यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का भी एक मजबूत केंद्र बन सकता है।”
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। औद्योगिक विकास, पर्यटन संवर्द्धन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित इन मुलाकातों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोले।
छत्तीसगढ़ पवेलियन की भव्यता और उसमें प्रदर्शित सामग्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश न केवल अतीत की सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, बल्कि आने वाले कल का भविष्य-रेडी हब भी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह प्रवास छत्तीसगढ़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।













