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प्रोफेसर कॉलोनी समेत निचली बस्तियों में पहुंची महापौर, जोन कमिश्नरों को पंप से पानी खाली कराने के दिए निर्देश
रायपुर। राजधानी में रातभर बारिश से प्रोफेसर कॉलोनी समेत निचली बस्तियों में जलभराव से परेशान लोगों ने आज सुबह नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की. चक्काजाम के बाद रायपुर महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने पार्षदों और जोन अधिकारियों के साथ जोन 5 और जोन 6 क्षेत्र में कुकरीपारा, प्रोफेसर कॉलोनी, परशुराम नगर सहित अन्य निचले क्षेत्रों में पहुंचकर जलभराव की समस्या का जायजा लिया.
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने 5 और 6 जोन कमिश्नरों को तत्काल पंप लगाकर घर में भरे पानी को खींचकर बाहर फेंकवाना और लोगों को त्वरित राहत दिलवाने, जल का भराव वाले घरों में परिवारजनों को तत्काल लंच पैकेट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए.
महापौर और आयुक्त ने नगर निगम जोन 5 और जोन 6 के अधिकारियों को जलभराव क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए नाले का शीघ्र निर्माण करवाने का प्रस्ताव भेजने, संबंधित जलभराव क्षेत्रों में मानसून के दौरान विशेष सतर्कता और सजगता बनाए रखकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त् करने एवं सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए.
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों और जोनों में लगातार बारिश के दौरान हुए जलभराव की स्थिति की जानकारी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों से ली. इस दौरान महापौर ने शहर में लगातार अच्छी सफाई व्यवस्था कायम करने, सतत मॉनिटरिंग कर सफाई संबंधित जनशिकायतों का जोन स्तर पर वार्ड पार्षदों से समन्वय रखकर यथासम्भव त्वरित निदान प्राथमिकता से सुनिश्चित करने निर्देशित किया.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को "निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान" की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।
इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को "टीबी मुक्त" घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।
मुंबई-हावड़ा रूट पर चक्काजाम, जिला और निगम प्रशासन का सिस्टम फेल
रायपुर। मुंबई-हावड़ा हाईवे पर करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. ये जाम कोई ट्रैफिक समस्या के वजह से नहीं है, बल्कि जलभराव से परेशान कॉलोनीवासियों के परिवार के साथ धरने पर बैठने की वजह से लगा है. 
बता दें कि यहां काली माता मंदिर के पास लोग सड़क पर बैठ गए है और इस रूट के दोनो तरफ गाड़ियां खड़ी हो गई है. हालांकि वहां जाम की सस्या को देखते हुए कुछ ट्रैफिक पुलिस के जवान पहुंचे है और उन्होंने अपने आला अधिकारियों को चक्काजाम किए जाने की जानकारी दे दी है.
प्रोफेसर कॉलोनी में बारिश के वक्त समस्या कोई नई नहीं
राजधानी में आज वामनराव लाखे वार्ड के अंतर्गत आने वाले प्रोफेसर कॉलोनी सेक्टर-3, गली नंबर 4 में थोड़ा बारिश होते नाली जाम एवं गली में पानी भरना कोई नई बात नहीं है. मोहल्लेवासियों का कहना है कि बारिश में वे पानी की समस्या से बहुत परेशान है. उन्होंने बताया कि यहां पर एक नाला तकनीकी दृष्टिकोण से गलत बनाया गया है, जिसके कारण पानी का निकासी नहीं हो पाता है, जिसके कारण बरसात में हल्की वर्षा होने के कारण यहां पर पानी भर जाता है. बरसात के दिनों में घरों के अंदर पानी भर जाता है.
मौलाना अब्दुल रउफ वार्ड के अंतर्गत आने वाले निचले बस्तियों में भी पानी भरने की शिकायत मिली है. समता कॉलोनी में भी नाले का निर्माण किया गया है. लेकिन यहां पर पानी भर गया है. वर्षा के कारण यत्रतंत्र गंदगी फैल गई है.





मिशन हास्पिटल कैंपस में लंबे समय से रह रहे 17 परिवारों को हाईकोर्ट से राहत, खाली करने के लिए मिली 30 दिन की मोहलत
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने मिशन हास्पिटल कैंपस में लंबे समय से रह रहे 17 परिवारों को बड़ी राहत दी है. परिसर खाली करने तहसीलदार द्वारा 48 घंटे का समय दिए जाने के निर्देश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की एकलपीठ ने मानवीय आधार पर 30 दिनों की मोहलत दी है. कोर्ट ने साफ किया कि तय समय के बाद यदि परिसर खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा.
मिशन हॉस्पिटल के केम्पस में रहने वाले शांति दानी, अमिता मसीह, शाहिद हुसैन, विनीत मसीह, शांता ब्राउन, अरशद हुसैन समेत अन्य लोगों को तहसीलदार नजूल ने 23 जुलाई को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था. इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और नियमित रूप से बिजली बिल, हाउस टैक्स आदि का भुगतान करते आ रहे हैं. उनका आरोप था कि तहसीलदार ने बिना सुनवाई और छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 का पालन किए बिना मनमानी कार्रवाई की है. हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास एसडीएम के समक्ष अपील का विकल्प मौजूद है, इसलिए इस स्तर पर कोर्ट का हस्तक्षेप उचित नहीं है. हालांकि अदालत ने बरसात के मौसम और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए याचिकाकर्ताओं को 30 दिन की अंतरिम राहत दी है.
दरअसल, मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी. मिशन अस्पताल के लिए सेवा के नाम से 11 एकड़ जमीन लीज पर दी गई थी. इसके लिए क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन हॉस्पिटल बिलासपुर, तहसील व जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ को जमीन आवंटित की थी. यह मोहल्ला चांटापारा शीट नंबर 17, प्लाट नंबर 20/1 एवं रकबा 382711 एवं 40500 वर्गफीट है. 1966 में लीज का नवीनीकरण कर साल 1994 तक लीज बढ़ाई गई थी. जिसकी अवधि 31 अप्रैल 1994 तक के लिए थी. जिसमें मुख्य रूप से निर्माण में बदलाव एवं व्यवसायिक गतिविधियां बिना कलेक्टर की अनुमति के न किए जाने की शर्त थी.
30 वर्षों तक लीज का नहीं करवाया नवीनीकरण
लीज पर जमीन लेकर डायरेक्टर रमन जोगी ने इसे चौपाटी बनाकर किराए पर चढ़ा दिया था. एक रेस्टोरेंट का कैम्पस में संचालन किया जा रहा था. लीज की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक उपयोग करने पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण की नजर पड़ी. लीज की अवधि बढ़ाने के समय इसमें कई शर्तें भी लागू की गई थी. पर शर्तों का उल्लंघन कर न केवल इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था. साथ ही किराए पर अन्य प्रतिष्ठानों को देकर इसे कमाई का माध्यम बना लिया गया था. 1994 को लीज खत्म होने के बाद 30 वर्षों तक लीज का नवीनीकरण नहीं करवाया गया था.
दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने प्रधानमंत्री मोदी, 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ टॉप पर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं, बल्कि अब वे वैश्विक स्तर पर भी लोकप्रियता की नई ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नेतृत्व में भारत को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। उनका विजन ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ आज एक भारत श्रेष्ठ भारत की नींव बन चुका है।” उन्होंने कहा कि श्री मोदी के कार्यकाल में 140 करोड़ भारतीयों का मान-सम्मान विश्वभर में बढ़ा है।
मुख्यमंत्री साय की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा जारी ताजा ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ विश्व के शीर्ष नेता के रूप में स्थान मिला है।
बीजेपी के राष्ट्रीय आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस सर्वे को शेयर करते हुए कहा कि,“प्रधानमंत्री मोदी को भारत के 1 अरब से ज्यादा नागरिकों का प्यार और पूरी दुनिया में करोड़ों लोगों का सम्मान प्राप्त है। वे सबसे ज्यादा रेटिंग पाने वाले और सबसे भरोसेमंद वैश्विक नेता हैं। भारत सुरक्षित हाथों में है।”
अन्य वैश्विक नेताओं की रेटिंग:
दक्षिण कोरिया के ली जे-म्युंग – 59%
अर्जेंटीना के जेवियर मिलेई – 57%
कनाडा के मार्क कार्नी – 56%
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप – 44% (8वां स्थान)
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी – 40% (10वां स्थान)
यह सर्वे 4 से 10 जुलाई 2025 के बीच किया गया था और इसके नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक नेतृत्व के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं।
मोबाइल-घड़ी-पर्स बैन, चप्पल व हाफ शर्ट पहनकर ही मिलेगी एंट्री, 10:30 बजे बंद होगा गेट, व्यापम ने परीक्षा को लेकर लगायी सख्त पाबंदियां
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कल 27 जुलाई (रविपवार) को एक साथ आयोजित होने जा रही आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। परीक्षार्थियों को कई सख्त नियमों और पाबंदियों से गुजरना होगा। सबसे सख्त निर्देश है – परीक्षा केंद्र में सिर्फ चप्पल पहनकर ही प्रवेश मिलेगा, मोबाइल, घड़ी, बेल्ट, पर्स और गहनों की सख्त मनाही रहेगी। कदाचार रोकने के लिए कई पाबंदियां लगायी गयी है। छत्तीसगढ़ के 31 जिलों में एक साथ आयोजित हो रही इस परीक्षा में बिलासपुर जिले में सर्वाधिक 34,440 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इसके लिए 110 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा का समय और गेट क्लोजिंग:
परीक्षा दोपहर 1 बजे शुरू होगी, लेकिन मुख्य गेट सुबह 10:30 बजे ही बंद कर दिया जाएगा।अभ्यर्थियों को कम से कम दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि सभी सुरक्षा जांच समय पर पूरी हो सके।
सुरक्षा जांच और पाबंदियां:
- हर परीक्षा केंद्र पर मोबाइल जैमर लगाए जाएंगे ताकि कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम न करे।
- सभी परीक्षार्थियों की हैंड मेटल डिटेक्टर और शारीरिक तलाशी (फ्रिस्किंग) से जांच की जाएगी।
- महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला पुलिसकर्मी लेंगी।
क्या-क्या नहीं ले जा सकते:
- मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, पर्स, बेल्ट, टोपी, पाउच, गहने (बालियां, ईयररिंग्स)
- परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या धातु से बनी वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
ड्रेस कोड:
- हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनना अनिवार्य है।
- केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में एंट्री दी जाएगी।
धार्मिक/सांस्कृतिक पहनावा
यदि कोई अभ्यर्थी धार्मिक या सांस्कृतिक कारणों से विशेष पहनावा पहनता है, तो उसे जल्दी पहुंचने की सलाह दी गई है, क्योंकि अतिरिक्त जांच की जाएगी।परीक्षा के दौरान चिल्लाना, फुसफुसाना या इशारों में बात करना सख्त वर्जित रहेगा।नकल या किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग करने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी तत्काल रद्द कर दी जाएगा। प्रत्येक कक्ष में दीवार घड़ी लगी होगी ताकि परीक्षार्थी समय पर नजर रख सकें।
साय कैबिनेट की बैठक 30 जुलाई को, कर्मचारी हित, खाद-बीज संकट और धान खरीदी नीति पर हो सकती है बड़ी घोषणाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की अहम बैठक आगामी बुधवार, 30 जुलाई को सुबह 11 बजे मंत्रालय (महानदी भवन), अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित होगी। इस बैठक को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खासा मंथन जारी है, क्योंकि इसमें कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इस बैठक में राज्य कर्मचारियों के हित से जुड़े अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। वहीं, खाद और बीज की आपूर्ति में हो रही कमी को लेकर भी गंभीर चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा आगामी खरीफ सीजन के मद्देनज़र धान खरीदी नीति को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले 11 जुलाई को आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने युवाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। अब 30 जुलाई की बैठक को लेकर भी बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय क दो दिवसीय दिल्ली दौरा भी प्रस्तावित है, जिसमें वे केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास संबंधी विषयों पर चर्चा करेंगे।
अब सबकी निगाहें 30 जुलाई की इस अहम कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं, जहां किसान, कर्मचारी और आम जनता से जुड़े कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।
लगातार हो रही बारिश से कच्चा मकान ढहा, एक की मौत
बलरामपुर। लगातार बारिश से शनिवार रात रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र में एक कच्चा मकान अचानक ढह गया. इस दर्दनाक हादसे में एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि घर में मौजूद अन्य छह लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए.
जिले की लगातार बारिश से लगभग नदियां उफान पर हैं. कनहर नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, वहीं सिंदूर नदी गेउर नदी भी उफान पर है. लगातार बारिश की वजह से वार्ड क्रमांक 13 में एक कच्चा मकान ढह गया. घटना के समय प्रमोद रवि (35 वर्ष) पिता चंद्रदेव राम अपनी पत्नी सुनीता व चार बच्चे – दीपक, राधा, काजल और खुशबू के साथ अंदर था.
देर रात कच्चे मकान के भरभरा कर गिरने से पूरा परिवार मलबे में दब गया. मोहल्ले वालों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक मासूम खुशबू की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है.
घटना की जानकारी मिलते ही रामानुजगंज पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की. इधर घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि जर्जर और कच्चे मकानों की प्रशासनिक स्तर पर पहले से जांच कर उन्हें खाली कराना चाहिए था.
BRO ने नक्सलियों के इलाके में बेली ब्रिज का किया निर्माण
सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में तेज गति से विकास हो रहा है. कई दुर्गम स्थानों पर सड़क निर्माण जारी है. इस बीच सुकमा जिले में खूंखार नक्सली हिड़मा के पुवर्ती गांव से अच्छी खबर सामने आई है. भारी सुरक्षा जोखिमों और नक्सली गतिविधियों के बावजूद सीमा सड़क संगठन (BRO) ने पुवर्ती को जोड़ने वाली सिलगेर-पुवर्ती सड़क के मध्य बीआरओ ने बेली ब्रिज के निर्माण पूर्ण किया गया है.
सिलगेर-पुवर्ती मार्ग पर बेली ब्रिज बनने से बारिश के दिनों में लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी अब नहीं होगी. यह ब्रिज ग्राम तिम्मापुरम, टेकलगुड़ा, गोल्लाकोंडा, तुमलपाड़, जब्बागट्टा और पुवर्ती सहित कई गांवों को जोड़ेगा, जिससे करीब 5000 से अधिक की आबादी को इसका सीधा फायदा होगा. अब बिना जोखिम के ग्रामीण सड़क मार्ग से जिला मुख्यालय तक पहुंच सकेंगे.
ग्रामीणों में खुशी की लहर
बेली ब्रिज के निर्माण से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. काफी सालों में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था. खासकर बारिश के दिनों में चुनौती और भी बढ़ जाती थी. लेकिन अब यह समस्या दूर हो चुकी है.
इस ब्रिज के साथ 64 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना पर भी काम जारी है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 में 66 करोड़ 74 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं. इसमें अकेले एलमागुड़ा से पुवर्ती तक की 51.25 किमी सड़क के लिए लगभग 53 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने जेल में पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य से की मुलाकात
रायपुर। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. राजधानी पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि चैतन्य ने मजबूती से कहा है कि चाहे कुछ भी कर ले हमारा कांग्रेस परिवार एक कदम पीछे नहीं हटेगा. पूरी ताकत से लड़ाई करेंगे. साथ ही उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा का स्वास्थ्य खराब है. अधिकारियों से कहा है कि उनका ध्यान रखें. कवासी लखमा के हौसले बुलंद है.
बता दें, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने 18 जुलाई को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर छापेमार कार्रवाई करते हुए शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में उनके बेटे चैतन्य को भी गिरफ्तार किया है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ में राजनीति गरमाई हुई है.
विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश
वहीं केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि एजेंसियां कांग्रेस के नेताओं को संदेश दे रही हैं कि आप आवाज बुलंद करेंगे तो आपका भी यही हाल होगा. केंद्र और प्रदेश की एजेंसियों का उपयोग विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए किया जा रहा है. छवि धूमिल करने ये कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में ये साबित हो चुका है कि मुद्दों से भटकाने के लिए विपक्ष के नेताओं को टारगेट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी कोशिश कर रही है कि कोई उनके खिलाफ आवाज न उठाए. उन्हें दबाने के लिए ये सब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता के लिए खड़ी है. परिवार के एक-एक सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ेगी.
कांग्रेस की बैठक में नेताप्रतिपक्ष महंत नहीं रहे मौजूद
सेंट्रल जेल के बाद सचिन पायलट राजीव भवन पहुंचे. वहां उन्होंने पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर कई विषयों पर चर्चा की. इस दौरान सह- प्रभारी विजय जांगिड, जरीता लैतफलांग, ताम्रध्वज साहू, शिव डहरिया मौजूद रहे. हालांकि इस मुलाकात और चर्चा में नेताप्रतिपक्ष चरण दास महंत मौजूद नहीं रहे.
पीसीसी चीफ बैज की अनुपस्थिती बनी चर्चा का विषय
छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी के इस दौरे में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी. बीते कुछ दिनों से बैज बस्तर दौरे पर है. जानकारी के मुताबिक पायलट के दौरे की सूचना बैज को काफ़ी देर से मिली जिसके चलते वो नहीं पहुंच सके.
विधायक भावना बोहरा की कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी कठिन यात्रा के लिए शुभकामनाएं…
कवर्धा। पंडरिया विधायक भावना बोहरा की 7 दिवसीय कांवड़ पदयात्रा अपने अंतिम चरण में है. इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर उन्हें श्रीफल और शॉल भेंटकर कठिन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं.
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 21 जुलाई को मध्यप्रदेश के पवित्र नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. 300 से अधिक बम श्रद्धालु के साथ कठिन और टेढ़े-मेढ़े रास्तों से यह पदयात्रा रविवार को भोरमदेव बाबा के दरबार में जलाभिषेक के साथ पूर्ण होगी.
भावना बोहरा यात्रा के बीच डोंगरिया पहुँची, जहां रात्रि विश्राम की सुबह सुबह प्राचीन जालेश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पण कर भोरमेदव मंदिर के लिए प्रस्थान किया यहां का धार्मिक माहौल शिवभक्तों से सराबोर रहा.
इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर विधायक भावना बोहरा से भेंट की. उपमुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने लायक था. “हर हर नर्मदे” और “बोल बम” के जयघोषों से पूरा डोंगरिया क्षेत्र गूंज उठा.
उच्च न्यायालय ने SSP को अवमानना नोटिस किया जारी, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के अवकाश नगदीकरण भुगतान में देरी करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया है. जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की सिंगल बैंच ने आदेश की अवहेलना मानते हुए यह नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त सहायक उप निरीक्षक बैजनाथ राय, निरीक्षक रघुनंदन शर्मा, सहायक उप निरीक्षक हनुमान प्रसाद मिश्रा सहित कुल 33 पुलिसकर्मियों ने मध्य प्रदेश राज्य के समान 300 दिन के अवकाश नगदीकरण का लाभ देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्र पांडेय व विजय मिश्रा ने पैरवी करते हुए दलील दी थी कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की भांति छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों को भी 300 दिन के अवकाश नगदीकरण का लाभ मिलना चाहिए.
मामले में हाई कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को सुनवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को निर्देशित किया था कि वे सुप्रीम कोर्ट के फगुआ राम प्रकरण के आदेश के अनुरूप 90 दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण कर अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान करें. कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एसएसपी बिलासपुर द्वारा निर्धारित अवधि में न तो अभ्यावेदन का निराकरण किया गया और न ही अवकाश नगदीकरण की राशि का भुगतान किया गया. इससे क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की. अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की बेंच ने प्रथम दृष्टया आदेश की अवहेलना मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती: शारीरिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी, अब लिखित परीक्षा के लिए करें रजिस्ट्रेशन
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती वर्ष 2023-24 के अंतर्गत विलासपुर रेंज के भर्ती केंद्र क्रमांक-01, 2री वाहिनी, छसबल, सकरी में आयोजित दस्तावेज़ परीक्षण, शारीरिक मापजोख एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। यह परीक्षा 16 नवंबर 2024 से 19 जनवरी 2025 तक बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों के पात्र अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की गई थी।
लिखित परीक्षा के लिए 15 गुना अभ्यर्थी योग्य घोषित
शारीरिक दक्षता परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर लिखित परीक्षा हेतु 15 गुना अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिसे पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा आधिकारिक वेबसाइट cgpolice.gov.in पर अपलोड (प्रकाशित) कर दिया गया है।
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, तभी मिलेगा एडमिट कार्ड
लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को अब छत्तीसगढ़ व्यापम (CG Vyapam) की आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद व्यापम की वेबसाइट पर ही प्रवेश पत्र (Admit Card) अपलोड किया जाएगा।
पात्र अभ्यर्थियों से अपील
पुलिस विभाग और परीक्षा मंडल ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते व्यापम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि आगे की लिखित परीक्षा में कोई बाधा न आए।
???? महत्वपूर्ण लिंक:
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पात्र अभ्यर्थियों की सूची देखने के लिए: cgpolice.gov.in
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रजिस्ट्रेशन व एडमिट कार्ड डाउनलोड के लिए: vyapamcg.cgstate.gov.in
मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति को लेकर तय मापदंड को चुनौती, हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति को लेकर तय किए गए मापदंड को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई है। आज जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अपना जवाब प्रस्तुत करने कोर्ट से समय की मांग की। कोर्ट ने दो दिन का समय देकर 29 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है।
बता दें कि कोर्ट ने 29 मई 2025 को मुख्य सूचना आयुक्त व सूचना आयुक्त के पद पर की जाने वाली नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने स्थगन आदेश को हटाने की मांग की। इस पर याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने रिज्वाइंडर प्रस्तुत करने समय मांगा। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सुनवाई की तिथि पर वे बहस करेंगे।
रिटायर IAS बिपिन मांझी बने राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त, सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्ति करते हुए सेवानिवृत्त IAS अधिकारी बिपिन मांझी को राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश सहकारिता विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 के तहत जारी किया गया।
बिपिन मांझी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2009 बैच के अधिकारी रहे हैं और सेवा निवृत्त होने के बाद अब उन्हें राज्य में सहकारी चुनावों की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेगी।
राज्य सरकार द्वारा की गई यह नियुक्ति सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बिपिन मांझी के अनुभव और प्रशासनिक दक्षता से उम्मीद की जा रही है कि सहकारी संस्थाओं के चुनाव और उनकी प्रक्रियाएं पहले से अधिक व्यवस्थित होंगी।
???? नियुक्ति का कार्यकाल: पदभार ग्रहण की तिथि से 2 वर्ष
???? नियुक्ति प्राधिकारी: छत्तीसगढ़ शासन, सहकारिता विभाग
???? प्रावधान: छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960