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बालको अस्पताल को मिला प्रतिष्ठित NABH मान्यता, गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
कोरबा। बालको अस्पताल को प्रतिष्ठित एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) की मान्यता प्राप्त हुई। यह उपलब्धि रोगी-केंद्रित सेवा और गुणवत्ता युक्त डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और भी मजबूत बनाती है। एनएबीएच मान्यता देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक मानी जाती है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि बालको अस्पताल प्रयोगशाला परीक्षणों में सर्वोच्च राष्ट्रीय मानकों का पालन करता है और मरीजों को सटीक, सुरक्षित तथा रोगी-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एनएबीएच मान्यता प्राप्त करना अस्पताल की गुणवत्ता, दक्षता और निरंतर सुधार की सोच को दर्शाता है।
चिकित्सक दिवस के अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने अस्पताल के चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया। साथ ही एनएबीएच उपलब्धि के लिए सीईओ राजेश कुमार ने बालको अस्पताल की टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बालको अस्पताल के माध्यम से कोरबा जिले में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों की शुरुआत होने पर गर्व है। हम क्षेत्र में नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, उपकरण और सभी तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। राजेश कुमार ने कहा कि बालको अस्पताल के जरिए क्षेत्र के जरूरतमंदों को हरसंभव चिकित्सा सुविधाएं देने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।
बालको के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक सिन्हा ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी टीम के निरंतर प्रयास, सेवा भावना और गुणवत्ता के प्रति समर्पण का परिणाम है। हम अपने मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के अपने संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि हम चिकित्सा नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाने और बालको अस्पताल में अपने रोगियों की देखभाल में विश्वास करते हैं। हम अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण के माध्यम से मरीजों की देखभाल और उपचार को उत्कृष्ट तरीके से कर पाएंगे। 125 आधुनिक बेड से युक्त बालको अस्पताल कंपनी के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजन और विभिन्न जिलों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है।
विशेषज्ञ की टीम है जिसमें सामान्य चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, दंत चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आर्थोपेडिक सर्जन के साथ 09 विजिटिंग कंसल्टेंट शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल को 24 चिकित्सक विशेषज्ञ, 69 नर्स और 126 स्टाफ सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। नियमित जांच शिविर, जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ ही आयुष्मान भारत और सरकार द्वारा निर्धारित समस्त टीकाकरण कार्यक्रमों का अनुसरण बालको अस्पताल में किया जाता है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मुठभेड़ मामला : आम आदमी पार्टी ने आदिवासी को नक्सली बताकर फर्जी एनकाउंटर का लगाया आरोप, कहा – मामले की हो न्यायिक जांच
रायपुर। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नक्सल मुठभेड़ में ग्रामीण महेश कुंजाम के एनकाउंटर मामले में सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी ने जांच समिति की रिपोर्ट पेश करते हुए घटना की जानकारी दी. जांच समिति की अध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महेश कुंजाम एक आदिवासी किसान था, जिसे पुलिस वालों ने एक लाख का इनामी नक्सली घोषित कर फर्जी एनकाउंटर किया.
सुमित्रा में बताया कि दिनांक 06/06/2025 को जब महेश अपने भैसा को ढूंढने के लिए गांव में पास के जंगल तरफ गया था, लेकिन वापस नहीं आया, जिस पर गांव वालो ने सब जगह ढूंढा लेकिन नहीं मिला।
दिनांक 07/06/2025 को भी ढूंढा गया लेकिन नहीं मिला, उसी दिन पटनम से लौट रहे एक व्यक्ति मेटा शैलेष नामक युवक की गांव वालो से मुलाकात हुई, और शैलेष ने बताया कि किसी व्यक्ति को पुलिस वालो ने हाथ बांधकर रखे देखा था।
इसके बाद गांव वाले 08 जून को बीजापुर थाने आए, तब वहा पर पूछताछ करने से फोटो दिखाया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि महेश को मार दिया गया है, और उसको नक्सली बताया गया है। इसके बाद वही पर महेश की बॉडी परिजनों और गांव वालो को दे दी गई।
इस पूरे मामले गांव वालो से, परिवार वालों से, स्कूल वालो से बातचीत जांच में यह तथ्य सामने आया और सबने एक ही सुर में यह बात बार बार दोहराई कि महेश कुड़ियाम नक्सली न था, और न कभी पहल भी शामिल हुआ। महेश के बारे में सबका यही कहना है कि वो एक आम जीवन जीने वाला आदिवासी किसान था,और उस दिन भी वो अपने रोज का काम करते में भैसा ढूंढने गया था और फिर वापस नहीं आया। महेश 2023 से रसोइए का काम स्कूल में कर रहा था , लोगो में महेश को ईमानदार और अच्छा काम करने वाला बताया है।
इसके अलावा हमारे द्वारा महेश और उसके पत्नी के समस्त दस्तावेज जिसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक अकाउंट, आदि दस्तावेज देखने से भी प्राथमिकता से देखने से यह दर्शित हो रहा है कि वो एक आम जीवन गांव में व्यतीत कर रहा था, और उसके खाते में हर माह वेतन भी आया है। महेश के सात बच्चे में सबसे बड़ा बच्चा 12 वर्ष के आस पास का है और सबसे छोटा बच्चा 6 माह का है, प्रत्येक बच्चों में 2 साल, एक साल के आस पास का अंतर है, ऐसे में जिसके 07 बच्चे है, उसका एक लाख का इनामी माओवादी कहलाना समझ से परे है।
आम आदमी पार्टी की मांग:
1. ऐसे में सरकार को चाहिए कि मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाही करे, क्योंकि यही वो जिला है जहां सारकेगुडा और एड्समेटा गांव में हुआ फर्जी एनकाउंटर का घटना भी हम सबके सामने है, उस घटना का तो रिटायर्ड जस्टिस वी के अग्रवाल जी के नेतृत्व में हुई थी और वो जांच रिपोर्ट भी आज सबके सामने है, जिसमें यह बात निकलकर आई कि सारकेगुडा और एड्समेटा मुठभेड़ फर्जी थी, उसमें समस्त आम आदिवासी किसान नागरिक मारे गए थे, उसमें कोई भी नक्सली नहीं था।
2. उक्त सारकेगुडा एवं एड्समेटा की घटना से सबक लेकर और अपनी पूर्व की रमन सरकार से ही सीख लेकर , वर्तमान की विष्णुदेव साय की सरकार को चाहिए कि मामले में न्यायिक जांच आयोग का गठन करें।
3. ईरपागुट्टा मामले में भी एक न्यायिक जांच आयोग का गठन करा जाए, ताकि निष्पक्ष जांच कार्यवाही हो सके।
4. पीड़ित परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए
5. मृतक महेश के समस्त बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी सरकार ली जाये।
6. महेश की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।
7. सलवा जुडूम के बाद गांव वालो को उनके घर छोड़ने पड़े, ऐसे में उन गांव वालो को वापस बसाने की बात सरकार में कही थी, लेकिन हसदेव , रायगढ़ से लेकर बस्तर तक आदिवासी ही केंद्र में है, उनकी ही जमीन से उन्हें उजाड़ें जाने का अभियान चलाया जा रहा है, ठीक वैसे ही बस्तर में भी आदिवासी को बसाने की बात छोड़कर, यहां भी अदानी जैसे पूंजीपति को जल जंगल जमीन बेचा जा रहा है, इसको रुकना चाहिए.
9. इर्पागुट्टा मामले में जांच दल के तरफ से अध्यक्षता कर रही प्रियंका शुक्ला, मिथिलेश बघेल, अनिल दुर्गम, सतीश मंडावी ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से मिलने का प्रयास किया, और पुलिस अधीक्षक,बीजापुर एवं बस्तर आई जी के नाम से लिखित ज्ञापन भी दिया गया, ज्ञापन के दौरान मिथिलेश बघेल, तरुणा बेदरकर,विवेक शर्मा शामिल रहे।
उक्त जांच दल में जांच समिति की अध्यक्षा एवं अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला (प्रदेश उपाध्यक्ष), मिथिलेश बघेल (प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग) के. ज्योति (प्रदेश सचिव), विजय कुमार झा(प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी विंग), अज़ीम खान( रायपुर लोकसभा अध्यक्ष ),मिहिर कुर्मी (प्रदेश मीडिया प्रभारी ), नरेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन में ऐतिहासिक बढ़त: 18% वृद्धि दर के साथ देश में अव्वल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।
बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है।
बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर के आसमान में होगा भारतीय वायुसेना का प्रदर्शन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर रक्षा मंत्री ने दी सूर्य किरण एरोबेटिक डिस्प्ले की स्वीकृति
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस (1 नवंबर 2025) के अवसर पर इस वर्ष राजधानी रायपुर में एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम द्वारा राजधानी में एक भव्य एरोबेटिक डिस्प्ले किया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के युवाओं और नागरिकों में देशभक्ति, प्रेरणा और गर्व का भाव जगाने वाला होगा।
इस आयोजन की स्वीकृति रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा किए गए आग्रह पर भारतीय वायुसेना की 'सूर्य किरण' टीम को रायपुर में प्रदर्शन हेतु प्रस्तावित समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए भारतीय वायुसेना की टीम द्वारा निर्धारित अभ्यास एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, "छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस हमारे लिए गर्व और आत्मसम्मान का दिन है। इस दिन राजधानी में भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण टीम का प्रदर्शन प्रदेशवासियों के लिए एक अविस्मरणीय क्षण होगा। यह आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, अनुशासन और देशभक्ति को और मजबूत करेगा। मैं इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।"
राज्य के स्थापना दिवस पर राजधानी रायपुर में इस प्रकार की प्रेरणादायी और गौरवशाली सैन्य प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी राज्य प्रशासन, वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के समन्वय से की जाएगी।

पदों में कटौती स्वीकार नहीं, शिक्षक साझा मंच ने तहसील कार्यकाल में सौंपा ज्ञापन, क्रमोन्नति का जनरल आर्डर जारी करने, पूर्व सेवा अवधि पर पेंशन एवं 2008 के सेटअप पर युक्तियुक्तकरण की मांग
जांजगीर। शिक्षक साझा मंच ब्लॉक बम्हनीडीह द्वारा तहसील कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर एवं रैली निकालकर क्रमोन्नति, पेंशन, युक्तियुक्तकरण सहित शिक्षक एल.बी. संवर्ग की मांगों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के नाम तहसीलदार बम्हनीडीह के माध्यम से ज्ञापन सौंपा.
सौंपे गए ज्ञापन में मांग शामिल है जिसमें उच्च न्यायालय बिलासपुर, WA 261/2023 डबल बेंच के दिनांक 28/02/2024 को पारित निर्णय अनुसार सोना साहू, शिक्षक पंचायत/शिक्षक एल.बी. को पंचायत व शिक्षा विभाग की पूर्व सेवा अवधि की गणना कर एरियर्स सहित क्रमोन्नत वेतनमान भुगतान किया गया है, इसी तर्ज पर, प्रदेश के सभी पात्र शिक्षक एल.बी. संवर्ग के लिए एरियर्स सहित क्रमोन्नत वेतनमान भुगतान हेतु जनरल आर्डर जारी किया जाए।शिक्षक एल.बी. संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व सेवा की गणना कर पेंशन व अन्य लाभ प्रदान किए जाएं।
पदोन्नति में बीएड प्रशिक्षण की अनिवार्यता:
पदोन्नति में बीएड प्रशिक्षण की अनिवार्यता को शिथिल किया जाए। पूर्व की भांति शिक्षक से व्याख्याता एवं व्याख्याता से प्राचार्य पदोन्नति के लिए बीएड प्रशिक्षण की अनिवार्यता शिथिल कर, डी.एड. प्रशिक्षित शिक्षक संवर्ग को भी पदोन्नति हेतु अवसर प्रदान किया जाए। साथ ही, प्राचार्य के सीधी भर्ती के 10% पदों को विभागीय परीक्षा लेकर तत्काल भरा जाए।
वर्तमान में हुए युक्तियुक्तकरण में व्यापक विसंगतियां हैं, अतः दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। इन व्यापक विसंगतियों को देखते हुए, दिनांक 02/08/2024 को जारी नियम के तहत हुए विद्यालय एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को तत्काल निरस्त किया जाए। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया सेटअप 2008 के विपरीत है। विद्यालयों में 31/03/2008 में वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत पद के अनुरूप युक्तियुक्तकरण किया जाए।
धरना प्रदर्शन को शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धन्यकुमार पांडेय, जिला पदाधिकारी राजेंद्र जायसवाल, कुमार सिंह राज, प्रदीप श्रीवास, ने समर्थन दिया। आज धरना प्रदर्शन में शिक्षक साझा मंच ब्लॉक बम्हनीडीह से प्रदेश उपसंचालक बसंत चतुर्वेदी, छबि पटेल, जिला संचालक रविन्द्र राठौर, ब्लॉक संचालक उमेश तेम्बुलकर, ब्लॉक संचालक संजय चौहान, शैलेष दुबे, राजीव नयन शुक्ला, गोपाल जायसवाल, रामकृपाल डडसेना, विकेश केशरवानी, शिव पटेल, पूर्णिमा तिवारी, सरला प्रधान, हृदय राठौर, नवधा चंद्रा, उत्तम साहू, जगेंद्र वस्त्रकार, कौशल साहू, सनत सिदार, संतोष कुमार देवांगन, गायत्री वस्त्रकार, कुमारी बाई यादव, सरला फ्रैंकलिन, माधुरी देवांगन, ललिता डड़सेना जीवन लाल यादव, पूर्णेंद यादव दिलीप पांडे, सनत कुमार सिदार, दिलेश्वर आजाद, शिव नारायण जायसवाल, शरद चतुर्वेदी, कौशल साहू, फागुलाल राठौर, छोटे लाल श्रीवास, सरोज कुमार बंजारे, रवि कुंभकार, खिलेश कटकवार, शिव कुमार कंवर, श्याम सुंदर उराँव, अंब्रोस खलको, धनीराम पटेल, पुनाराम देवांगन, घनश्याम डडसेना, चंद्र कुमार चंद्रा, शहीदुल हक कादरी, गिरवर सिंह कवर, बुदेश कुमार पटेल,भुवन लाल बंजारे, सीमा पटेल, रामकुमार केवट, सत्यनारायण धीवर, जीपी सूर्यवंशी, जीवन लाल राठौर, भुवनेश्वर सिंह कवर, गंगाराम पटेल, गोपाल प्रसाद सूर्यवंशी, हेम प्रकाश तिवारी, योगेश कुमार सोनी, संजय यादव अनिल कुमार राठौर, पीतांबर साहू, रवीन्द्र कुमार दुबे, गोपाल जयसवाल, दुगेश चंद्रा, सम्मेसिंह कंवर, दीपक कुमार सिदार. संतोष कुमार साहू, विनोद कुमार राठौर, ललित राम मनहर, कन्हैया लाल देवांगन, शिला राम सांवरा, धनेश्वर प्रसाद देवांगन, पुष्पा शामिल थे।
बीईओ कार्यालय पहुंचकर किया स्वागत

सर्व शैक्षिक संगठन ब्लॉक बम्हनीडीह में शामिल छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, शालेय शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ लिपिक संघ, संयुक्त शिक्षक संघ, सीएसी संघ, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारीशामिल थे , जिसमें प्रमुख रूप से धन्यकुमार पांडेय, बसंत चतुर्वेदी, रविन्द्र राठौर, गोकुल जायसवाल, छबि पटेल, शैलेष दुबे, कैशलेश सिंह क्षत्रीय, उमेश तेम्बुलकर, संजय चौहान, विकेश केशरवानी, उत्तम साहू, नवधा चंद्रा, राजेश सिंह कंवर, लखन कश्यप, गुरु प्रसाद भतपरे, छोटे लाल श्रीवास, खमेलाल धीवर, विनय सिंह बैस, दीनदयाल देवांगन, डी पी राठौर, ने रत्ना थवाईत मेडम को बीईओ का प्रभार मिलने पर बीईओ कार्यालय पहुंचकर स्वागत करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
भाजपा सांसद-विधायकों का प्रशिक्षण शिविर, ओपी चौधरी के साथ पवन साय ने मैनपाट में तैयारियों का लिया जायजा
रायपुर। सरगुजा के मैनपाट में भाजपा के सांसदों और विधायकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम होने वाला है. यह कार्यक्रम 7 से 9 जुलाई तक चलेगा, जिसमें शामिल होने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह दिल्ली से पहुंचेंगे. कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं. मंगलवार को वित्तमंत्री ओपी चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने तैयारियों का जायजा लेने मैनपाट पहुंचे.

भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के लिए सभी सांसद और विधायक 6 जुलाई को मैनपाट पहुंचेंगे. कार्यक्रम का शुभारंभ 7 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे. वहीं समापन 9 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संबोधन के साथ होगा. प्रशिक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन देंगे.
मंत्री ओपी और संगठन महामंत्री पवन साय पहुंचे मैनपाट

कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर है, जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. सभी नेताओं के लिए व्यवस्था की जा रही है. निजी होटल और रिजॉर्ट तीन दिनों के लिए बुक हैं. अंतिम चरण की तैयारीयों का जायजा लेने के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय मैनपाट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण शिविर को लेकर तैयारियों में जुटे कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की.
महिला आरक्षक ने सरकारी आवास में फांसी लगाकर की आत्महत्या
कोण्डागांव। बस्तर फाइटर के रूप में केशकाल थाने में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह हृदयविदारक घटना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है, जहां वह अकेली रह रही थी।
जैसे ही घटना की सूचना पुलिस को मिली, केशकाल थाना स्टाफ मौके पर पहुंचा और दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। इसके बाद महिला आरक्षक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मरच्यूरी भेजा गया है।
फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और हर पहलू की बारीकी से छानबीन की जा रही है।महिला आरक्षक के पिता भी पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं, हालांकि वे किसी अन्य जिले में पदस्थ हैं।
यह दुखद घटना विभागीय और पारिवारिक दोनों ही स्तर पर गहरी पीड़ा छोड़ गई है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, परिवार और सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट हो सके।
पदोन्नति से बाधा हटी, 2813 व्याख्याता बनेंगे प्राचार्य
रायपुर। हाईकोर्ट द्वारा प्राचार्य पदोन्नति के विरूद्ध लगी समस्त याचिकाओं को खारिज करने के साथ ही अब प्राचार्य बनने की राह से बाधा हट गई है. 2813 व्याख्याता वर्षों के इंतजार के बाद प्राचार्य बनेंगे. स्टे हटने के बाद व्याख्याता एवं शिक्षक संगठनों ने खुशी जताई है.
शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल को प्राचार्य पदोन्नति की सूची जारी की थी. जिसे हाई कोर्ट ने 1 मई को स्थगित किया था. हाई कोर्ट में 9 जून से 17 जून तक लगातार सुनवाई हुई. जिसमें याचिकाकर्ताओं ने अपने अपने विषय में तथ्यों के साथ पक्ष रखा था. सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. आज कोर्ट ने समस्त याचिकाओं को खारिज कर दिया. इसी के साथ अब पदोन्नति की राह से बाधा दूर हो गई है. छत्तीसगढ़ प्राचार्य पदोन्नति फोरम के अनिल शुक्ला एवं राकेश शर्मा ने बताया कि न्यायालयीन फैसले के उपरांत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 30 अप्रैल 2025 को व्याख्याता एवं प्रधान पाठक माध्यमिक विद्यालय से प्राचार्य पदोन्नति के 2813 प्राचार्य की पदस्थापना आदेश शीघ्र जारी हो जाएंगे. स्कूल शिक्षा विभाग में प्राचार्य के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 4690 है.
जिसमें वर्तमान में 1430 प्राचार्य कार्यरत हैं. पदोन्नति के कुल 3224 पद विगत कई वर्षों से रिक्त है. स्कूल शिक्षा में वर्ष 2016 एवं आदिम जाति कल्याण विभाग जो कि अब स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन है उसमें वर्ष 2013 में अंतिम बार पदोन्नति हुई थी. विगत दस वर्षों से प्राचार्य की पदोन्नति नहीं होने के कारण चार संगठनों ने प्राचार्य पदोन्नति फोरम का गठन करते हुए 17 दिसंबर 2024 को इंद्रावती एवं महानदी भवन के समक्ष हजारों की तादात में प्रदर्शन कर शासन पर प्राचार्य पदोन्नति का दबाव बनाया. फोरम के अनिल शुक्ला, राकेश शर्मा, आर. के. झा, श्याम कुमार वर्मा एवं मलखम वर्मा ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे सत्य की जीत कहा है. साथ ही मांग की कि जिनका नाम 30 अप्रैल को जारी पदोन्नति आदेश में सम्मिलित है और वे सेवानिवृत हो गए हों तो भी उन्हें प्राचार्य पदोन्नति का लाभ देना चाहिए.
अभनपुर-राजिम के बीच जल्द दौड़ेगी पैसेंजर ट्रेन, रेल महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
रायपुर। अभनपुर-राजिम रेलखंड पर यात्री ट्रेन सेवा जुलाई महीने में शुरू होने की संभावना है. अभनपुर से धमतरी के बीच ब्रॉडगेज लाइन पर दिसंबर तक ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है. महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने आरएसडी यार्ड, अभनपुर स्टेशन और निर्माणाधीन राजिम स्टेशन पर सुरक्षा इंतजामों और अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए.
गौरतलब है कि रायपुर-अभनपुर के बीच पहले से ही मेमू ट्रेन सेवा संचालित है, जो फिलहाल घाटे में चल रही है. रेलवे को उम्मीद है कि राजिम तक ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे सेवा अधिक लाभकारी बन सकेगी.
नई ब्रॉडगेज का ट्रायल पूरा
अभनपुर-राजिम के बीच ब्रॉडगेज लाइन का ट्रायल पूरा कर लिया गया है, जबकि अभनपुर-धमतरी के बीच गेज कन्वर्जन का कार्य तेजी से चल रहा है. इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है. इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा. राजिम तक सीधी रेल कनेक्टिविटी होने से यात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा विकल्प के साथ क्षेत्रीय व्यापार, कृषि, तीर्थाटन और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी.
शराब घोटाला : ईओडब्ल्यू के दूसरे चालान में हुए चौंकाने वाले खुलासे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में बड़े अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. ईओडब्ल्यू के पूरक चालान के मुताबिक, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के अलावा एक अन्य बड़े कांग्रेसी नेता को महीने में दो बार 10-10 करोड़ रुपए मिलते थे. यही नहीं शराब घोटाले से मिली रकम में से 1500 करोड़ रुपए पार्टी फंड के नाम पर दिया गया है, हालांकि, डायरी में इस बात का उल्लेख नहीं है कि किस पार्टी को यह फंड दिया गया है, जिसकी पड़ताल में ईओडब्ल्यू जुटी हुई है.
जांच एजेंसी ने चार्जशीट में बताया कि फरवरी 2019 से आबकारी विभाग में भ्रष्टाचार शुरू हुआ. शुरुआती महीने में 800 पेटी शराब से भरी ट्रक डिस्टलरी से हर माह निकलती थी. एक पेटी को 2840 रुपए में बेचा जाता था. उसके बाद हर माह 400 ट्रक शराब की सप्लाई शुरू हो गई. अबकी बार प्रति पेटी शराब 3880 रुपए में बेचा जाने लगा. ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि साल में 60 लाख से ज्यादा पेटियां अवैध रूप से बेची गई.
15 जिलों में खपाई जाती थी अवैध शराब
दो नंबर की शराब बेचने के लिए राज्य को 8 जोन में बांटकर 15 जिलों को चुना गया था. यहाँ की दुकानों में फैक्ट्री से ही डुप्लीकेट होलोग्राम लगकर शराब आती थी. सिंडीकेट में शामिल अरविंद सिंह का भतीजा अमित सिंह, अनुराग ट्रेडर्स से जुड़े अनुराग द्विवेदी, सत्येंद्र प्रकाश गर्ग, नवनीत गुप्ता ने ओवर बिलिंग और बिना बिल के शराब की बोतल की सप्लाई की. अमित अपने साथी दीपक दुआरी और प्रकाश शर्मा के साथ मिलकर डुप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई करता था. कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया की सुमित फैसिलिटीज कंपनी के कर्मचारी ही डुप्लीकेट होलोग्राम लगाते थे. इसके एवज में 8 पैसा प्रति होलोग्राम कमीशन लिया जाता था.
वसूली के लिए बनी थी अलग टीम
शराब घोटाले का पैसा कलेक्ट करने के लिए एक अलग टीम काम करती थी, जिसमें विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू, सिद्धार्थ सिंघानिया अमित सिंह समेत कई लोग शामिल थे. एक साल बाद सिस्टम बदल दिया गया और प्लेसमेंट कंपनी के जरिए पैसों का कलेक्शन होने लगा. घोटाले का पैसा हवाला के जरिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता भेजा गया. इसमें कारोवारी सुमित मालू और रवि बजाज शामिल थे. दोनों ने पूछताछ में यह कबूल किया है. रकम बस, टैक्सी और मालवाहक से भेजा गया.
पत्नियों के नाम पर कंपनी बनाकर किया खेल
शराब घोटाले में दो अहम किरदारों ने इस काले कारोबार में अपनी पत्नियों के नाम का इस्तेमाल किया. घोटाले में शामिल आबकारी सचिव अरुणपति त्रिपाठी ने अपनी पत्नी मंजूलता त्रिपाठी के नाम पर रतनप्रिया मीडिया प्राइवेट कंपनी रजिस्टर कराई. इस कंपनी ने डुप्लीकेट होलोग्राम बनाने वाली कंपनी को 50 लाख में सॉफ्टवेयर बेचा था.
वहीं अरुणपति त्रिपाठी के करीबी निलंबित बीएसपी कर्मी अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी पिंकी सिंह के नाम पर अदीप एम्पायर और माउंटेन व्यू इंटरप्राइजेज कंपनी रजिस्टर कराई. फिर इस कंपनी के नाम से शराब का कारोबार करने लगे. पूरा काम अरविंद का भतीजा अमित सिंह देखता था. इसी तरह टुटेजा परिवार और ढेबर परिवार का नाम भी इसमें सामने आया है. उनके नाम से कारोबार निवेश की भी जांच एजेंसी को मिली है.
तूफानी बारिश की चेतावनी: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी! 18 जिलों में येलो, रायपुर-सरगुजा संभाग में ऑरेंज अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग (IMD Raipur) ने आगामी 5 जुलाई तक प्रदेशभर में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य के 18 जिलों में भारी बारिश और 15 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
कहां-कैसा अलर्ट?
प्रदेश के सभी 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजधानी रायपुर और सरगुजा संभाग में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
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बिलासपुर और कोरबा में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
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कांकेर, सुकमा, और आसपास के क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
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धमतरी, रायगढ़, जशपुर, कोरिया, समेत 15 जिलों में वज्रपात की चेतावनी है।
बारिश की वजह क्या है?
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की ‘ट्रफ लाइन’ समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर श्रीगंगानगर, रोहतक, कानपुर, वाराणसी, झारखंड होते हुए दीघा और बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही, पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम प्रदेश में भारी बारिश की वजह बन रहा है।बीते दिनों रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में पहले ही मूसलाधार बारिश हो चुकी है। अब IMD की चेतावनी से साफ है कि आने वाले दिनों में पूरे छत्तीसगढ़ में जलजमाव, नदियों में उफान और बिजली गिरने जैसी आपात स्थितियां बन सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि…
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खराब मौसम में बाहर निकलने से बचें,
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बिजली गिरने के दौरान खुले में मोबाइल इस्तेमाल न करें,
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ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न जाएं।
छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल में नहीं चल रहा विष्णु का सुशासन
आर्थिक अनियमितता सहित कई गंभीर आरोपों से घिरे है फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर। पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर मुख्यमंत्री साय से कर चुके है इन पर अपराध दर्ज करने की मांग।
रायपुर/ छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर की कारगुज़ारियों को लेकर फार्मासिस्टों में बेहद नाराजगी है। प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन पर कठोर कार्रवाई और अपराध दर्ज करने की मांग की जा चुकी है। इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने भी लंबे समय से उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है बावजूद प्रदेश की सरकार किसी तरह की कोई भी कार्रवाई करने से कतरा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से भी फार्मासिस्टों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात करके छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में मय दस्तावेज सबूत प्रस्तुत किए थे।
अश्वनी गुर्देकर पर आरोप है कि उनके रजिस्ट्रार रहते काउंसिल में फार्मासिस्टों से केवल वसूली चल रही है। रजिस्ट्रेशन और रिनिवल की आड़ में उगाही हो रही हैं। काउंसिल में जमा करोड़ों रुपयों का भरपूर दुरुपयोग हो रहा है। उन पर काउंसिल की राशि को निजी रूप से खर्च करने के आरोप भी लगाए गए है।
इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के राहुल वर्मा ने बताया कि बीते 1 साल में कई बार ऐसी शिकायतें प्रदेश के मुखिया, स्वास्थ्य मंत्री, सचिव सहित सभी जिम्मेदारों को दी जा चुकी है। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना कई तरह के संदेहों को जन्म देता है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री के ऊपर है या तो वे गुर्देकर की कुर्सी बचा ले या फिर इस मामले पर एक्शन लेकर वे अपनी प्रतिष्ठा बचा ले।
कई फार्मासिस्ट सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या स्वास्थ्य मंत्री भी फार्मेसी काउंसिल में हो रहे भ्रष्टाचार में हिस्सेदार हैं? अगर हिस्सेदारी नहीं है तो एक अपात्र कर्मचारी जो फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार बने बैठे है उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करते? इस मामले में पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने बाकायदा पत्र लिखकर अश्विनी गुर्देकर पर अपराध दर्ज करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। काउंसिल के निर्वाचित सदस्य भगतराम शर्मा और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से पदेन सदस्य डॉ.राकेश गुप्ता ने भी स्वास्थ्य मंत्री,स्वास्थ्य सचिव और संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को रजिस्ट्रार द्वारा लिए जा रहे अवैध भत्ते की लिखित शिकायत की है।
प्रदेश भर में 15 हजार के आसपास फार्मासिस्ट हैं। अगर उनसे जुड़ी संस्था में कहीं कोई गड़बड़ी नजर आ रही है तो शासन को तुरंत संज्ञान में लेकर जांच करानी चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। फार्मेसी काउंसिल में अनियमितताओं के बावजूद सरकार का उदासीन रवैया उचित नहीं है। अगर सरकार को लगता है कि प्रदेश में सुशासन है तो विष्णु का सुशासन फार्मेसी काउंसिल में भी दिखना चाहिए।
धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने पास्टर समेत 7 लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR, थाने के सामने दो पक्षों ने किया था हंगामा
बिलासपुर। धर्मांतरण के आरोपों को लेकर रविवार को बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में जमकर हंगामा हुआ। हिंदू संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव करते हुए पास्टर सहित कई लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कई घंटे तक चले तनावपूर्ण माहौल और दोनों पक्षों की गहमागहमी के बाद पुलिस ने पास्टर समेत सात लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, 29 जून की सुबह हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि तोरवा पावर हाउस क्षेत्र केंवटपारा में मसीही समाज के लोग हिंदू समुदाय के लोगों का धर्मांतरण करवा रहे हैं। इसके विरोध में संगठन के सदस्य मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। इस बीच बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग भी तोरवा थाने पहुंच गए और मारपीट का आरोप लगाते हुए हिंदू संगठन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करने लगे।

हालात तब और बिगड़ गए जब थोड़ी देर में सैकड़ों की संख्या में हिंदू संगठन के लोग भी थाने पहुंच गए और धर्मांतरण कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए थाने का घेराव कर दिया। स्थिति को देखते हुए थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया। तनाव के बीच दोनों पक्ष थाने में आमने-सामने हो गए और कई बार झड़प की स्थिति बन गई। घंटों के हंगामे और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों पक्ष शांत हुए और थाने से रवाना हुए।
इसके बाद पावर हाउस चौक निवासी प्रकाश सिंह ने थाने में लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मसीही समाज के लोगों ने उन्हें पैसों का प्रलोभन देकर प्रार्थना भवन में धर्मांतरण के लिए मजबूर किया। पुलिस ने प्रकाश सिंह की शिकायत पर पास्टर विनय सिंह परिहार, मालती धीवर, पवन श्रीवास, हर्ष रजक, बादल, मधु धीवर और पुलू सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्र अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
छत्तीसगढ़ में CBI की बड़ी कार्रवाई : 3 डॉक्टरों समेत 6 लोगों को किया गिरफ्तार, 40 से अधिक ठिकानों पर की छापेमारी, जानिए पूरा मामला…
रायपुर। सीबीआई ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली के कुल 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है. छत्तीसगढ़ में CBI ने 3 डॉक्टरों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. मेडिकल कॉलेजों में मान्यता दिलाने के एवज में मोटी वसूली करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है. जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कई रणनीतियों का उपयोग करते हुए रिश्वत ली है. सभी आरोपियों को कल सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा.
चिकित्सा महाविद्यालय के पक्ष में अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में डॉ. अशोक डी. शेल्के, डॉ. मंजप्पा और चित्रा मदनहल्ली समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च नवा रायपुर (छत्तीसगढ़) के पदाधिकारियों, निरीक्षण कर रहे डॉक्टरों और अन्य बिचौलियों के विरुद्ध सीबीआई ने मामला दर्ज किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय की मान्यता के लिए की जाने वाली वैधानिक निरीक्षण प्रक्रिया में रिश्वत लेकर अनियमितताएं की है.
आरोपियों को कल सीबीआई की विशेष कोर्ट में किया जाएगा पेश
सीबीआई को सूचना मिली थी कि संस्थान के अधिकारी निरीक्षण के लिए नियुक्त आकलनकर्ताओं को प्रभावित कर रहे हैं, ताकि वे उनके पक्ष में रिपोर्ट प्रस्तुत करें. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने जाल बिछाकर रिश्वत के लेन-देन के समय 6 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को सीबीआई की विशेष कोर्ट में 2 जून को पेश किया जाएगा.
चिकित्सकों की अटूट सेवा भावना का स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में है अटूट योगदान - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। चाहे कोरोना महामारी का संकट रहा हो या दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की चुनौती, हमारे डॉक्टरों ने हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। उन्होंने अपने जीवन की परवाह किए बिना, सेवा को धर्म मानकर कार्य किया है। हम उन महान लोगों को कभी नहीं भूल सकते जिन्होंने कोरोना जैसी बड़ी महामारी के दौरान अपना फर्ज निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। हमारी सरकार का उद्देश्य केवल सेवाओं की पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा राजधानी रायपुर स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम, मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।



मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन न केवल चिकित्सा समुदाय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि छत्तीसगढ़ राज्य निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सब जानते हैं कि डॉक्टरों का जीवन आसान नहीं होता। कठिन परिश्रम, लंबी ड्यूटी और मानसिक तनाव उनके दैनिक जीवन का हिस्सा हैं। फिर भी वे अपनी जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटते। उनके साहस और समर्पण के कारण हमारा समाज सुरक्षित और स्वस्थ रहता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपके परिश्रम से ही हम एक स्वस्थ, सक्षम और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण कर सकते हैं। आज मैं केवल आप सभी को धन्यवाद देने नहीं आया हूं, बल्कि यह आश्वस्त करने भी आया हूं कि हमारी सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने डॉक्टर्स डे के विशेष अवसर पर सभी चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल एक सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि जीवन रक्षक प्रणाली है। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि संकट के समय जब सभी लोग घरों में सुरक्षित रहने का प्रयास कर रहे थे, तब हमारे डॉक्टर अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा में जुटे रहे। यह अदम्य साहस और समर्पण ही उनकी असली पहचान है। मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हमारी सरकार की यह स्पष्ट नीति है कि हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें और हर डॉक्टर को पूरा सम्मान और सहयोग मिले। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ और संवेदनशील बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे इसी जज्बे और मानवीय संवेदना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहें। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर हमने 109 संविदा चिकित्सकों एवं 563 ब्रांडेड डॉक्टरों के पदस्थापना आदेश जारी किए हैं।
इस अवसर पर कोविड-19 के दौरान सेवा देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए 14 चिकित्सकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई एवं उनके परिजनों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। भावुक क्षणों से भरे इस समारोह में समूचा सभागार कृतज्ञता एवं सम्मान की भावना से अभिभूत रहा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 109 संविदा चिकित्सकों को नियुक्ति आदेश तथा एमबीबीएस बांड पोस्टिंग के प्रथम चरण में 563 अनुबंधित चिकित्सकों को नियुक्ति एवं पदस्थापना आदेश प्रदान किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कहा कि यह दिन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी न केवल अपने दायित्वों का निर्वहन किया, बल्कि कोविड जैसी महामारी के दौरान अपने परिवार से दूर रहकर लोगों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। आपके योगदान को शब्दों में बांधना कठिन है। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि शीघ्र ही शेष 92 एमबीबीएस बांड अनुबंधित चिकित्सकों एवं 157 विशेषज्ञ पीजी बांड चिकित्सकों के पोस्टिंग आदेश भी जारी किए जाएंगे।
कार्यक्रम में अंत में आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, गुरु खुशवंत साहेब के साथ ही महापौर मीनल चौबे, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के तथा राज्यभर से आए स्वास्थ्य अधिकारी, मेडिकल छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने खाद की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को सतत रूप से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही और किसानों को इसके लाभ से अवगत कराने को कहा। श्री साय ने कलेक्टरों के माध्यम से जिलेवार सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी और सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती-किसानी का यह समय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस समय खाद-बीज की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर फसलों की बुआई और उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर और उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि समितियों में एनपीके खाद की व्यवस्था भी की जा रही है, किसानों को इसे उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल कदम उठाएं। उन्होंने अमानक और नकली खाद की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे मामलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, संचालक कृषि राहुल देव सहित मार्कफेड के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी नहीं कर पाएंगे शेयर मार्केट में ट्रेडिंग, अधिसूचना जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी अब शेयर मार्केट में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे. Intraday, क्रिप्टोकरेंसी की खरीदी और Future and option (F&O) में ट्रेडिंग को सरकार ने अवचार के तौर पर माना है. इससे छत्तीसगढ़ के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए इनका लेन-देन प्रतिबंधित हो गया है. इसकी अधिसूचना राज्य सरकार ने जारी कर दी है.
छत्तीसगढ़ राजपत्र में किए गए प्रकाशन में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 नियम 19 में, उप-नियम (5) के खण्ड (1) के उप खण्ड जोड़ा गया है. इसके साथ शेयरों, प्रतिभूतियों या अन्य निवेशों की बार-बार खरीद एवं बिक्री (Intra day, BTST, Future and option (F&O) व cryptocurrency में ट्रेडिंग / निवेश) को अवचार (कदाचार) माना जाएगा.
हालाकि इसके साथ ही सरकार ने राहत देते हुए इन्वेस्टमेंट के लिहाज से शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और डिबेंचर्स में निवेश करने की अनुमति दी है.

