प्रदेश
साय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा, चीफ सेकरेट्री आखिरी कैबिनेट की बैठक में कर रहे शिरकत
रायपुर। कैबिनेट की बैठक शुरू हो गयी है। इस बैठक में कई अहम फैसले लिये जाने वाले हैं। खास बात ये भी है कि आज बतौर मुख्य सचिव अमिताभ जैन का आखिरी दिन है, लिहाजा आज कैबिनेट की बैठक में उन्हें विदाई भी दी जानी है। कैबिनेट की बैठक में नये चीफ सिकरेट्री के स्वागत की भी अटकलें थी, लेकिन फिलहाल अभी सस्पेंस बना हुआ है।
मानसून सत्र के दौरान पेश किये जाने वाले विधेयक पर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। इसके अलावे खाद बीच की उपलब्धता सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
आठ साल से अधूरे स्काईवॉक का निर्माण कार्य फिर शुरू
रायपुर। राजधानी रायपुर में शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक व अंबेडकर अस्पताल चौक के बीच 8 साल से अधूरे स्काईवॉक (फुट ओवरब्रिज) का निर्माण कार्य अब शुरू होने जा रहा है. अंबडेकर अस्पताल के पास अस्थाई कार्यालय बनाने के बाद रविवार को निर्माण एजेंसी के कुछ कर्मचारी व इंजीनियर सीढ़ियों के सहारे स्काईवॉक के ढांचे पर चढ़कर मुआयना करते दिखे. वहीं, भिलाई में भी स्काईवॉक के कुछ स्ट्रक्चर का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है. स्काईवॉक के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए रायपुर की एजेंसी पीएसएए कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया है. अनुबंध व कार्य आदेश जारी होने के बाद निर्माण का काम शुरू किया जा रहा है.
ढांचे का किया जा रहा परीक्षण
लंबे समय से निर्माण कार्य अधूरा होने तथा देखरेख के अभाव में स्काईवॉक का ढांचा जर्जर होने लगा है. आशंका जताई जा रही है कि लोहे के गर्डर सहित कुछ अन्य निर्माण सामग्रियां खराब हो रही हैं. इसे देखते हुए पहले स्काईवॉक के स्ट्रक्चर का परीक्षण किया जा रहा है. मुख्य अभियंता द्वारा गठित समिति द्वारा पिछले स्काईवॉक का स्थल निरीक्षण किया जा चुका है. प्रतिवेदन में स्ट्रक्चर के सभी भागों में निर्माणाधीन स्ट्रक्चर का स्टील/नट बोल्ट इत्यादि की स्थिति संतोषप्रद बताई गई है. वेल्डिंग वाले स्थानों पर खुले वातावरण में रहने के कारण जंग लगना प्रारंभ हो गया है.
50 करोड़ रुपए हो चुके खर्च
स्काईवॉक के स्ट्रक्चर का लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस पर अभी तक लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. अभी 40 प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है. स्काईवॉक पिछले 8 साल से अधूरा पड़ा हुआ है. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में काम पूरी तरह से ठप हो गया था.
अधूरे स्काईवॉक को पूरा करने में लगभग 37.75 करोड़ रुपए खर्च होंगे
लोक निर्माण विभाग के मुताबिक स्काईवॉक के उपयोगी हिस्से का निर्माण सबसे पहले होगा. इनमें प्रमुख रूप से शास्त्री चौक पर रोटरी का निर्माण शामिल हैं. ठेकेदार को अनुबंधित समय-सीमा में स्काईवॉक का निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा. ठेकेदार को प्राप्त पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के सीमा अंतर्गत पूर्व अनुमोदित ड्राइंग डिजाइन के अनुरूप ही स्काईवॉक निर्माण कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. निविदा में शामिल सभी नॉन एसओआर आयटमों का दर विश्लेषण और विभागीय नियमावली के अनुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन सुनिश्चित किया जा रहा है. अनुबंधित कार्य का संपादन, पर्यवेक्षण विभागीय मापदंड अनुसार होगा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. सबसे पहले शास्त्री चौक पर रोटरी निर्माण के साथ ही फिनिशिंग का पूरा कार्य किया जाना है. सीढ़ियां, एस्केलेटर व लिफ्ट तथा स्काईवॉक की छतों पर शीट, बिजली व केबल सहित अन्य कार्य किए जाएंगे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्य में कोयला खनन एवं उत्पादन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राज्य में कोयला उत्पादन, खनन कार्यों की प्रगति, श्रमिकों से जुड़ी सुविधाओं एवं विकास कार्यों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कोयला एवं ऊर्जा क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को साकार करने में सहायता मिलेगी। श्री साय ने इस दौरान सीएसआर मद की राशि का उपयोग अधिक से अधिक जनकल्याणकारी कार्यों में करने के संबंध में विशेष रूप से चर्चा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक हरीश दुहन सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन हुए सेवानिवृत्त: राज्यपाल रमेन डेका से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन आज सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका से राजभवन में सौजन्य मुलाकात की। राज्यपाल डेका ने अमिताभ जैन को राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य और सुखद जीवन की कामना की।
छत्तीसगढ़ को मिले अब तक 12 मुख्य सचिव
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद बीते 25 वर्षों में अब तक 12 मुख्य सचिव नियुक्त किए जा चुके हैं। सबसे पहले अरुण कुमार ने 30 अक्टूबर 2000 को पदभार संभाला था। उन्होंने 31 जनवरी 2003 तक यह जिम्मेदारी निभाई। अमिताभ जैन का कार्यकाल 1 दिसंबर 2020 से शुरू होकर 30 जून 2025 को समाप्त हुआ।
छत्तीसगढ़ के अब तक के मुख्य सचिवों की सूची
अरुण कुमार – 30 अक्टूबर 2000 से 31 जनवरी 2003
एस.के. मिश्रा – 31 जनवरी 2003 से 30 जून 2004
ए.के. विजयवर्गीय – 1 जुलाई 2004 से 7 नवंबर 2005
आर.पी. बागी – 7 नवंबर 2005 से 31 जनवरी 2007
शिवराज सिंह – 31 जनवरी 2007 से 31 जुलाई 2008
पी. जॉय उमेन – 31 जुलाई 2008 से 7 फरवरी 2012
सुनील कुमार – 7 फरवरी 2012 से 28 फरवरी 2014
विवेक ढांड – 28 फरवरी 2014 से 11 जनवरी 2018
अजय सिंह – 11 जनवरी 2018 से 2 जनवरी 2019
सुनील कुजूर – 2 जनवरी 2019 से 31 अक्टूबर 2019
आर.पी. मंडल – 31 अक्टूबर 2019 से 30 नवंबर 2020
अमिताभ जैन – 1 दिसंबर 2020 से 30 जून 2025
गौरतलब है कि आज साय कैबिनेट की एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद अमिताभ जैन को औपचारिक विदाई दी जाएगी और नए मुख्य सचिव के नाम की भी घोषणा संभव है।
इस बार नए मुख्य सचिव के चयन को लेकर सरकार बेहद सतर्कता और सावधानी बरत रही है। प्रशासनिक अनुभव, सरकार के साथ समन्वय और कार्यशैली जैसे तमाम पहलुओं पर गहन मंथन चल रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किस अफसर पर सरकार की अंतिम मुहर लगती है।
इन अफसरों के नाम हैं चर्चा में
छत्तीसगढ़ के नए मुख्य सचिव के पद को लेकर प्रशासनिक गलियारों में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। इन नामों में प्रदेश की सीनियर IAS रेणु जी पिल्ले, सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल और मनोज पिंगुआ हैं। इन सभी अधिकारियों का प्रशासनिक अनुभव और राज्य में लंबा कार्यकाल रहा है।
मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विकास एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने आज नागपुर, महाराष्ट्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। मंत्री नेताम ने इस दौरान बताया कि निर्माणाधीन अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग कमांक-343 में कॉरीडोर योजना के लिए 397.44 करोड़ रुपये एवं 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री गड़करी से आग्रह करते हुए कहा कि यह मार्ग अम्बिकापुर से रामानुजगंज होते हुए झारखंड को जोड़ने वाला अंतर्राज्यीय मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से यात्री बसें, व्यावसायिक वाहन एवं आमजनों के आवागमन अधिक होने के साथ-साथ अति विशिष्टजनों का आवागमन भी होता है। इसी मार्ग पर बलरामपुर शहरी भाग स्थित है, जो कि जिला मुख्यालय है, जिसके दोनों ओर व्यवसायिक एवं आवासीय बसाहट है। सभी छोटे अथवा भारी वाहनों का आवागमन वर्तमान में शहरी क्षेत्र से होने के कारण आये दिन माल वाहकों से जाम की स्थिति एवं दुर्घटनाएं होती रहती है।
मंत्री नेताम ने बताया कि बलरामपुर शहरी क्षेत्र में आवागमन में होने वाली असुविधा को देखते हुए फोरलेन बायपास मार्ग अनुमानित लम्बाई 10 किलोमीटर की अत्यधिक आवश्यकता है। इसके निर्माण से आम नागरिकों के सुचारू आवागमन के साथ-साथ अन्तर्राज्यीय व्यवसाय एवं राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी।
मंत्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री से बलरामपुर बायपास की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। इसके लिए जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के निवासी आपका हृदय से आभारी रहेंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि भारत सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग भारत माला परियोजना के तहत दक्षिण छत्तीसगढ़ रायपुर से विशाखापट्टनम मार्ग का कार्य पूर्णता पर है। इससे प्रदेश के नागरिकों को सीधे दक्षिण भारत एवं महाराष्ट्र मुंबई की बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तर्ज पर भारत माला परियोजना के तहत उत्तर छत्तीसगढ़ को जोड़ते हुए रायपुर-बिलासपुर-अम्बिकापुर से वाड्रफनगर होते हुए बनारस (वाराणसी) तक रोड के बन जाने से सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के नागरिकों को उत्तर दक्षिण एवं पूर्व पश्चिम के सभी महानगरों से बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त हो जाएगी। मंत्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री गडकारी से रायपुर-बनारस (वाराणसी) मार्ग को भारत माला परियोजना के तहत शामिल कर स्वीकृति प्रदान करने का अग्राह किया।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना : सौर ऊर्जा से संवरते सपने, बिजली बिल हुआ आधा
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पूरे देश की तरह बिलासपुर जिले के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि महंगाई के इस दौर में भारी-भरकम बिजली बिल से भी राहत मिल रही है। बिलासपुर की अशोक नगर निवासी अंजलि सिंह ने अपनी छत पर तीन किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट की कुल लागत एक लाख 85 हजार रुपए आई। इसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए की सब्सिडी भी मिली है।
अंजलि सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने से पहले उसके घर का मासिक बिजली बिल ढाई से तीन हजार रुपए तक आता था। लेकिन अब उसका बिजली बिल आधा हो गया है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच से अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में अब राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में 30 हजार रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है। बिलासपुर की अंजलि सिंह ने बताया कि पहले बिजली चले जाने पर दिक्कतें होती थीं, बार-बार शिकायत करनी पड़ती थी। अब इन समस्याओं से छुटकारा मिल गया है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने के दस दिनों के भीतर सेट-अप भी लग गया था। उन्होंने योजना के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि सोलर सिस्टम का रखरखाव बेहद सरल है और इसमें कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आता है। उन्होंने हर व्यक्ति के लिए इसे उपयोगी बताते हुए इस योजना से जुड़ने का सुझाव दिया है।
सरकार से मिल रही सब्सिडी, वेबसाइट या एप से कर सकते हैं पंजीयन
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सोलर रूफ-टॉप संयंत्र विद्युत ग्रिड से नेट मीटरिंग के माध्यम से जोड़ा जाता है। उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर ग्रिड को सप्लाई कर सकते हैं, जिससे उनका बिजली बिल शून्य होने के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। योजना के अंतर्गत एक किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 30 हजार रुपए और राज्य सरकार से 15 हजार रुपए यानि कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। दो किलो वॉट पर केंद्र सरकार से 60 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार से 30 हजार रुपए यानि कुल एक लाख आठ हजार रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप पर पंजीयन कराकर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लिया जा सकता है।
धर्मांतरण को लेकर गरमाया माहौल : दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप, जांच में जुटी पुलिस
बिलासपुर। बिलासपुर में आए दिन धर्मांतरण को लेकर विवाद होते रहता है। ऐसा ही ताजा मामला फिर से सामने आया है। इस बार तोरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत केवटपारा में रविवार को धर्मांतरण के आरोप को लेकर माहौल गरमा गया। एक ओर जहां हिंदू संगठनों ने प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप लगाया। वहीं ईसाई समुदाय ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर मारपीट और पथराव का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कर ली है और जांच में जुट गई है।

घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब हिंदू संगठनों से जुड़े लोग केवटपारा में प्रार्थना सभा स्थल पर पहुंचे और वहां चल रही गतिविधियों को धर्मांतरण से जोड़ते हुए विरोध जताया। इसके बाद करीब 500 की तादाद में हिंदू संगठन के लोग थाने पहुंचकर धर्मांतरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर ईसाई समुदाय के लोग भी तोरवा थाने पहुंचे और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जबरदस्ती घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने पथराव किए जाने की भी बात कही। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाने में प्रदर्शन के दौरान थाने के आस पास माहौल गरमाता रहा। वहीं मौके पर पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और बड़ी संख्या में बल की तैनाती भी करनी पड़ी।

एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि केवटपारा में एक समुदाय विशेष के लोग एक मकान में उपस्थित होकर अपना कार्यक्रम कर रहे थे। उसी दौरान दूसरे समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद हुआ। इस विवाद के बाद दोनों पक्ष के लोग तोरवा थाना आए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों से शिकायत प्राप्त कर जांच में जुट गई है। मामले की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
250 हितग्राहियों को मिला विभिन्न योजनाओं का लाभ, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किए चेक वितरित
रायपुर। आज राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा स्वेच्छा अनुदान मद से स्वीकृत 250 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लिए आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया ।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने गंभीर बीमारियों के इलाज, शिक्षा, उच्च शिक्षा , संस्थाओं , व पअपने घोषणानुसार खेल संघों को प्रतिवर्ष दिए जाने वाले सहयोग राशि एवं अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए पात्र लाभार्थियों को चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मूलमंत्र पर कार्य कर रही है और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा संकल्प है।




उन्होंने यह भी कहा कि यह सहायता सिर्फ एक आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान की भावना है जो इन लाभार्थियों को अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। श्री अग्रवाल ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करें और जरूरतमंदों को समय पर सहयोग उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम में रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ,बड़ी संख्या में लाभार्थी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। लाभार्थियों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मान में ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ किया
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग जिले के जामगांव में महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ किया गया। प्रदेश के 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहक भाइयों-बहनों के जीवन स्तर को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चरण पादुका योजना उन परिश्रमी हाथों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों में वनोपज संग्रहण का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था, वनोपज आधारित रोजगार और स्थानीय समृद्धि में अमूल्य योगदान है। उनकी मेहनत से ही छत्तीसगढ़ की वनोपज परंपरा जीवंत बनी हुई है और लाखों परिवारों को आजीविका का सहारा मिलता है। ‘चरण पादुका योजना’ हमारे संकल्प पत्र "मोदी की गारंटी" का महत्वपूर्ण वादा था, जिसे हमारी सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया है। यह योजना केवल चरण पादुका वितरण भर नहीं, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के श्रम और स्वाभिमान का सम्मान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हम तेंदूपत्ता संग्राहकों के उस परिश्रम को नमन कर रहे हैं, जो जंगलों की पगडंडियों से होकर प्रदेश की समृद्धि तक पहुँचता है। सरकार उनके हर सुख-दुख में सहभागी है और उनके जीवन में गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई और केन्द्रीय भंडार गृह परिसर का किया लोकार्पण, फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल को साकार करने की दिशा में सरकार की ऐतिहासिक पहल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के अंतर्गत ग्राम जामगांव (एम) में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई एवं केन्द्रीय भंडार गृह परिसर तथा स्प्रेयर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अंतर्गत निर्मित हर्बल एक्सट्रेक्शन इकाई का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। हमारी सरकार डेढ़ वर्षों से लगातार विकास की दिशा में अग्रसर है। तीन करोड़ जनता से किए गए वचनों को हम प्राथमिकता से पूरा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तीन नई हर्बल इकाइयों से लगभग दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। आयुर्वेदिक औषधियों की कच्ची सामग्रियां जंगलों से एकत्र कर संयंत्रों तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे वनवासियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेदिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सरकार ने संग्रहण दर 4,500 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी है, जिससे लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार में बंद की गई ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत आज पांच हितग्राही महिलाओं को चरण पादुका वितरित की गईं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही माँ के प्रति सम्मान भाव भी बना रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44.10 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र है, जिससे वनोपज की बहुलता है। यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है। इसके प्रारंभ से वनोपज का संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन सुगम होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का वनोपज अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 67 प्रकार की वनोपज का संग्रहण किया जाता है, जिससे 13 लाख 40 हजार वनवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। श्री कश्यप ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है।



महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशनंद गिरी महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुर्वेदिक औषधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण से पूर्व प्रसंस्करण इकाई परिसर में आंवला का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही वन मंत्री श्री कश्यप ने सीताफल का पौधा, सांसद विजय बघेल ने बेल तथा महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने भी सीताफल का पौधा रोपित किया।
उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर ‘फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल’ को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में 36.47 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह इकाई प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपए मूल्य के उत्पाद तैयार करेगी। यहां प्रदेश के वनों से प्राप्त औषधीय और लघु वनोपज – जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्मित होंगे। यह इकाई ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र बनेगी।
परियोजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे। इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे मौसमी वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय की दिखी संवेदनशीलता: अपने हाथों से पहनाई चरणपादुका
इस अवसर पर मानवीय संवेदनशीलता और सम्मान का अनूठा दृश्य भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम बढ़भुम (जिला बालोद) की हितग्राही शकुंतला कुरैटी को स्नेहपूर्वक अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से प्रेरित होकर वन मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने भी हितग्राहियों – वैजयंती कुरैटी, निर्मला उईके, ललिता उईके तथा अघनतीन उसेंडी को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, विधायकगण डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, सम्पत लाल अग्रवाल, ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव एवं रिकेश सेन, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक दया राम साहू, महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू एवं संघ के कार्यकारी अध्यक्ष एस. मणिकासगन उपस्थित थे।
युवा राष्ट्र की ऊर्जा हैं, जो सिर्फ सपना नहीं देखते, उसे साकार भी करते हैं: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। भारत के भविष्य को गढ़ने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, युवा वो होते हैं जिनके भीतर आग होती है कुछ कर दिखाने की, जो चुनौतियों से डरते नहीं, उनका सामना करते हैं। जो सिर्फ अपने लिए नहीं, देश के लिए भी सोचते हैं।
सांसद श्री अग्रवाल रविवार को ‘यंग इंडियंस पार्लियामेंट 2025’ के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह आयोजन यंग इंडियंस एवं कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के तत्वावधान में भारत राइजिंग द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से आए 100 से अधिक ऊर्जावान विद्यार्थियों ने संसद की कार्यप्रणाली को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि, “युवा सिर्फ अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी भागीदार बनते हैं। उनके इरादे मजबूत, सोच सकारात्मक और उद्देश्य समाज सेवा होता है।” उन्होंने आगे कहा कि, “पार्लियामेंट केवल एक इमारत नहीं, बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है जहाँ सत्ता और विपक्ष दोनों की भूमिका अहम होती है। विपक्ष का दायित्व केवल विरोध नहीं, बल्कि रचनात्मक सुझावों के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूती देना भी होता है।
इस आयोजन में रायपुर की महापौर मीनल चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा, “इस प्रकार के आयोजन बच्चों में जनभागीदारी और ज़िम्मेदारी का बोध कराते हैं, जिससे आने वाले समय में सशक्त नेतृत्व तैयार होता है।
कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि रही कोपलवाणी स्पेशल स्कूल के मूकबधिर छात्रों की भागीदारी। उनके शिक्षकों द्वारा संचार बाधाओं (Communication Barrier) पर विचार रखे गए, और एक समावेशी समाज की आवश्यकता पर सारगर्भित चर्चा हुई।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की तर्कशीलता, नियमबद्धता और नेतृत्व क्षमता ने मंचासीन अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया। यह आयोजन युवाओं में लोकतंत्र, जनप्रतिनिधित्व एवं सामाजिक चेतना के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
आयोजन के सफल संचालन में Young Indians (Yi) की प्रमुख भूमिका रही, जिसमें Gaurav Agrawal (Chair) और Pankaj Somani (Co-Chair) का योगदान उल्लेखनीय रहा।






कांग्रेस भवन में पीसीसी चीफ दीपक बैज के मोबाइल फोन की हुई चोरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस का मुख्यालय भी अब महफूज नहीं है. यहां चोरों ने एंट्री करते हुए सीधा पीसीसी चीफ दीपक बैज को अपना टारगेट बनाया.
राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में इन दिनों कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का बड़ा जमावड़ा रहता है. दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के सात जुलाई को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. यहां वे रायपुर के साइंस कॉलेज में होेन वाले ‘किसान, जवान, संविधान’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
खड़गे के दौरे के मद्देनजर हाल-फिलहाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट छत्तीसगढ़ आकर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ले चुके हैं. उनके जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम की बारीकियां तय करने में जुटे हैं.
इस कड़ी में दीपक बैज आज एनएसयूआई के कार्यकारिणी की बैठक ले रहे थे. बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करने के लिए बाहर आए और जैसे ही अंदर पहुंचे, उनका फोन आईफोन 15 प्रो गायब हो चुका था. मोबाइल गुम होते ही राजीव भवन में हड़कंप मच गया है. दीपक बैज का आइफ़ोन बंद बता रहा है. सभी कार्यकर्ता मोबाइल फ़ोन खोजने में जुट गए.
मौके पर मौजूद रहे लोगों ने बताया कि बैठक के दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज के बगल में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व रायपुर महापौर एजाज ढेबर बैठे हुए थे.
जब्त हो सकती है SDM, तहसीलदार सहित छह अफसरों की संपत्ति, 43 करोड़ के भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में नोटिस जारी
रायपुर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘भारत माला प्रोजेक्ट’ में हुए 43 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर अब जांच और न्यायिक कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने इस घोटाले में शामिल राजस्व विभाग के 6 अधिकारियों के खिलाफ उद्घोषणा (Proclamation) नोटिस जारी किया है।
इन अधिकारियों में एक एसडीएम, एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और तीन पटवारी शामिल हैं, जिन पर रायपुर से विशाखापट्टनम तक प्रस्तावित 463 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में मुआवजा वितरण में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की रकम गबन करने का गंभीर आरोप है।
ये हैं आरोपी अधिकारी:
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निर्भय कुमार साहू – तत्कालीन एसडीएम
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शशिकांत कुर्रे – तहसीलदार
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लखेश्वर प्रसाद किरण – नायब तहसीलदार
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जितेन्द्र कुमार साहू – पटवारी
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बसंती घृतलहरे – पटवारी
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लेखराम देवांगन – पटवारी
