रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027श् के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं।
पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना
इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे।
प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई
प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है।
उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण
दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी
जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा।
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।
ग्वालियर। बरगी क्रूज हादसे के बाद ग्वालियर के मशहूर पिकनिक स्पॉट तिघरा जलाशय में अब पर्यटकों की सुरक्षा और भी पुख्ता होगी। गर्मी के मौसम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर एक संयुक्त टीम ने बोट क्लब का विस्तृत निरीक्षण किया। इस टीम में SDRF, पुलिस और तकनीकी विभाग के अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने सुरक्षा के हर पहलू को बारीकी से परखा।
मनोरंजन के साथ पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि
ग्वालियर की लाइफलाइन कहे जाने वाले तिघरा जलाशय में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ऐसे में जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे के बाद अचानक SDRF, सीएसपी और ई-एंड-एम विभाग की संयुक्त टीम तिघरा बोट क्लब पहुंची। कलेक्टर रुचिका चौहान के सख्त निर्देश हैं कि जलाशय में मनोरंजन के साथ-साथ पर्यटकों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, निरीक्षण के दौरान टीम ने एक-एक लाइफ जैकेट की गुणवत्ता और उनकी संख्या की जांच की।
बोट संचालन की व्यवस्था का लिया जायजा
अधिकारियों ने बोट संचालन की व्यवस्था का जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी बोट क्षमता से अधिक पर्यटकों को न ले जाए। साथ ही, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बोट क्लब के पास क्या इंतजाम हैं, इसकी भी समीक्षा की गई। टीम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह का सुधार तत्काल किया जाए। बोट्स के टेक्निकल मेंटेनेंस और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग में कोई ढिलाई न बरती जाए।
सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पर कार्रवाई
बता दें कि छुट्टियों के दिनों में तिघरा में बड़ी संख्या में लोग बोटिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। प्रशासन की इस सक्रियता का मकसद किसी भी अनहोनी को टालना और पर्यटन को सुरक्षित बनाना है। ग्वालियर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले बोट संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड कार्य के चलते 3 मई से 22 मई तक कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने इस दौरान 10 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है, जबकि कुछ ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा.
रेलवे के अनुसार, गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर 20 दिनों तक मेगा ट्रैक कार्य किया जाएगा। इस दौरान वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक बनाया जाएगा। कार्य के चलते प्लेटफॉर्म नंबर-4 (डाउन मेन लाइन) पूरी तरह बंद रहेगा। यह कार्य ट्रेनों की गति, सुरक्षा और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। हालांकि, इसके कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
ये 10 ट्रेनें रहेंगी रद्द
18109 टाटानगर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 18110 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–टाटानगर एक्सप्रेस 5 मई से 24 मई 2026 तक रद्द 68711 डोंगरगढ़–गोंदिया पैसेंजर 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 68712 गोंदिया–डोंगरगढ़ पैसेंजर 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 68713 गोंदिया–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी पैसेंजर 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–गोंदिया पैसेंजर 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–बालाघाट पैसेंजर 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 68715 बालाघाट–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी पैसेंजर 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 58205 रायपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी पैसेंजर 3 मई से 22 मई 2026 तक रद्द 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–रायपुर पैसेंजर 4 मई से 23 मई 2026 तक रद्द
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां (Trains Cancelled)
(1) गाड़ी संख्या 11754 रीवा–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस दिनांक 02, 04, 06, 09, 11, 13, 16 एवं 18 मई 2026 को अपने निर्धारित मार्ग जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट–गोंदिया–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी के स्थान पर जबलपुर–नैनपुर–छिंदवाड़ा–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी होते हुए चलेगी।
(2) गाड़ी संख्या 11753 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–रीवा एक्सप्रेस दिनांक 03, 05, 07, 10, 12, 14, 17 एवं 19 मई 2026 को अपने निर्धारित मार्ग नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–गोंदिया–बालाघाट–नैनपुर–जबलपुर के स्थान पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–छिंदवाड़ा–नैनपुर–जबलपुर होते हुए चलेगी।
गंतव्य से पहले समाप्त और नियंत्रित होने वाली गाड़ियां –
(1) गाड़ी संख्या 15231 बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस को दिनांक 02.05.2026 से 22.05.2026 तक दुर्ग में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं दुर्ग–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(2) गाड़ी संख्या 15232 गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस को दिनांक 03.05.2026 से 23.05.2026 तक दुर्ग में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–दुर्ग के मध्य रद्द रहेगी।
(3) गाड़ी संख्या 12105 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस–गोंदिया विदर्भ एक्सप्रेस को दिनांक 02.05.2026 से 22.05.2026 तक अजनी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं अजनी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(4) गाड़ी संख्या 12106 गोंदिया–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस विदर्भ एक्सप्रेस को दिनांक 03.05.2026 से 23.05.2026 तक अजनी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–अजनी के मध्य रद्द रहेगी।
(5) गाड़ी संख्या 51707 जबलपुर–गोंदिया पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं ब्रम्हपुरी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(6) गाड़ी संख्या 51708 गोंदिया–जबलपुर पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–ब्रम्हपुरी के मध्य रद्द रहेगी।
(7) गाड़ी संख्या 68813 गोंदिया–तिरोड़ी पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–ब्रम्हपुरी के मध्य रद्द रहेगी।
(8) गाड़ी संख्या 68814 तिरोड़ी–गोंदिया पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं ब्रम्हपुरी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(9) गाड़ी संख्या 68809 गोंदिया–तिरोड़ी पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–ब्रम्हपुरी के मध्य रद्द रहेगी।
(10) गाड़ी संख्या 68810 तिरोड़ी–गोंदिया पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं ब्रम्हपुरी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(11) गाड़ी संख्या 68811 गोंदिया–कटंगी पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–ब्रम्हपुरी के मध्य रद्द रहेगी।
(12) गाड़ी संख्या 68812 कटंगी–गोंदिया पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं ब्रम्हपुरी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(13) गाड़ी संख्या 78803 गोंदिया–कटंगी पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–ब्रम्हपुरी के मध्य रद्द रहेगी।
(14) गाड़ी संख्या 78804 कटंगी–गोंदिया पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं ब्रम्हपुरी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(15) गाड़ी संख्या 78805 गोंदिया–कटंगी पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–ब्रम्हपुरी के मध्य रद्द रहेगी।
(16) गाड़ी संख्या 78806 कटंगी–गोंदिया पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं ब्रम्हपुरी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
(17) गाड़ी संख्या 78809 गोंदिया–कटंगी पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं गोंदिया–ब्रम्हपुरी के मध्य रद्द रहेगी।
(18) गाड़ी संख्या 78810 कटंगी–गोंदिया पैसेंजर को दिनांक 03.05.2026 से 22.05.2026 तक ब्रम्हपुरी में नियंत्रित/प्रारंभ किया जाएगा एवं ब्रम्हपुरी–गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
रेल प्रशासन यात्रियों से होने वाली असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हुए यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व अपनी गाड़ी की अद्यतन स्थिति रेलवे हेल्पलाइन 139, NTES मोबाइल ऐप अथवा निकटतम रेलवे स्टेशन से प्राप्त कर लें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है - जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।
बिलासपुर। मध्यप्रदेश आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के जाति प्रमाण पत्र की जांच में हो रही देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने बिलासपुर जिला स्तरीय जाति सत्यापन समिति को निर्देश दिया है कि वह मामले का जल्द से जल्द निपटारा करे और कानून के अनुसार निर्णय ले।
यह मामला भोपाल निवासी प्रभात पांडे द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त राजेश हेनरी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है। इस संबंध में 22 जून 2024 को शिकायत भी की गई थी, लेकिन लंबे समय से यह मामला बिलासपुर की जिला स्तरीय जाति सत्यापन समिति के पास लंबित है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सत्यापन में हो रही देरी से जांच का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। साथ ही मांग की गई कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को आरक्षण का लाभ न दिया जाए और यदि प्रमाण पत्र गलत पाया जाता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने कहा कि जब कोई मामला सक्षम प्राधिकारी के पास लंबित हो, तो उसे उचित समय-सीमा में निपटाना आवश्यक है। कोर्ट ने इस देरी पर असंतोष जताते हुए समिति को निर्देश दिया कि वह सभी पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर देते हुए जल्द निर्णय सुनिश्चित करे।हाईकोर्ट ने कहा कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और विधि के अनुरूप होनी चाहिए। अंतिम आदेश पारित करने से पहले सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए।
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमा के आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद हो गए हैं. डीआरजी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी समेत तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि एक घायल जवान का इलाज जारी है. बस्तर आईजी पी. सुन्दराज ने की इसकी पुष्टि की है.
छोटेबेठिया थाना इलाके में कांकेर डीआरजी की टीम शनिवार को सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेड आईईडी बरामद हुआ, जिसे बाहर निकालने के बाद निष्क्रिय किया जा रहा था. इस दौरान दुखद घटना हुई, आकस्मिक रूप से विस्फोट होने के कारण डीआरजी के 4 जवान घायल हो गए.
इंस्पेक्टर समेत 3 जवान शहीद
इसमें 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए. वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर उपचार के लिए व्यवस्था की जा रही है.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम के अनुसार पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों द्वारा दी गई जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर, माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी बस्तर रेंज में पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने बरामद कर निष्क्रिय किए थे. लेकिन आज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी वह आकस्मिक रूप से विस्फोटित हो गया, जिसके कारण तीन पुलिस बल के सदस्यों की मृत्यु हो गई, जबकि एक पुलिस बल का सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया.
भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस 7 अप्रैल को नेशनल हाइवे जाम करेगी। बड़वानी से मुरैना तक जाम होगा। इस रोड के हर जिले में जाम होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उक्त बातें कही। उन्होंने मंडियों में बिक रहे गेहूं और धान पर भाव का अंतर देने की मांग की। कहा- मंडियों में कम दर में बिक रहे गेहूं और के धान में भाव का अंतर देने की मांग की।
गवर्नमेंट कोलेप्स हो गया
जीतू पटवारी ने कहा- किसी भी घटना में मंत्री की जवाबदेही तय नहीं हो रही है। हर घटना में ऐसा हो रहा है। गवर्नमेंट कोलेप्स हो गया है। इस मामले में केंद्र को हस्तक्षेप करना चाहिए। परिवहन में छोटी गाड़ियों में 50-50 आदिवासी जाते हैं, परिवहन मंत्री आखिर क्या कर रहे हैं। आज मप्र में एग्जिट पोल कराया जाए तो 10-90 से सरकार हार जाएगी।
कुछ जज बेईमान
असलम चमड़ा और यासीन मछली को जमानत मिलने के सवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू बोले- फैसले सरकार प्रभावित करती है। समाज में एक परसेप्शन है। ये मैं नहीं कह रहा। पहले का परसेप्शन ये था कि कुछ जज बेईमान हैं अब परसेप्शन है कि बहुत कम ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
दिग्विजय ने मेरी तारीफ की
दिग्विजय सिंह के बयान पर पटवारी बोले- प्रदेश अध्यक्ष की दिल्ली में पकड़ नहीं होना चाहिए क्या? दिग्विजय ने मेरी तारीफ की है। शिष्य जब अच्छा काम करता है तो गुरु गौरवान्वित महसूस करता है। उन्होंने कहा बहुत हार्ड वर्किंग कर रहे हैं, उन्होंने मेरी तारीफ की है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर में मांइस ठेकेदार अरविंद साहू के घर और दफ्तर पर जीएसटी टीम ने शुक्रवार देर रात दबीश दी. दिल्ली और रायपुर से अधिकारियों की संयुक्त टीम दो गाड़ियों में पहुंची. ठेकेदार के ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी में वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रोनिक डिवाइसेस की जांच की गई. यह कार्रवाई लगभग रात 11 बजे से 1 बजे तक यानी 2 घंटे चली.
जानकारी के मुताबिक, माइंस ठेकेदार अरविंद साहू के बाजारपार स्थित निवास और दल्लीरोड स्थित कार्यालय में एक साथ GST की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ठेकेदार अरविन्द साहू नीको जायसवाल ग्रुप की खदानों में ठेका लेता है. जांच के बाद कार्यालय से प्रिंटर सहित कुछ महत्वपूर्ण सामान अपने साथ ले जाने की खबर है. पूरी कार्रवाई इतनी गोपनिय थी कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं थी.
रायपुर कार्यालय में पहले भी पड़ा था छापा
हालांकि टीम द्वारा कौन-कौन से दस्तावेज या उपकरण जब्त किए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी अरविंद साहू के रायपुर स्थित कार्यालय में जीएसटी विभाग द्वारा दबिश दी गई थी. कार्रवाई के संबंध में जब ठेकेदार अरविंद साहू को संपर्क किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
रायपुर। राजधानी रायपुर में 10 और 13 मई को आईपीएल मैच होने जा रहा है। इसकी टिकट की बुकिंग कल यानि 3 मई से शुरू हो रही है। मैच के टिकट केवल आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट shop.royalchallengr s.com/ticket और ऐप पर ही उपलब्ध होंगे। किसी अन्य वेबसाइट/ऐप से नकली टिकट न खरीदें।
बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी। टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी। मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है।
2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट
टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे।
रायपुर। भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा फर्जीवाड़ा की जांच एक बार फिर अफसरों की टीम करेगी। इसके लिए संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने आला अफसरों को दो नई टीम बनाई है। इस बार यह टीम सभी खसरा नंबरों की बारीकी से जांच करेगी।
भारतमाला प्रोजेक्ट में जितने खसरा नंबरों पर मुआवजा दिया गया है उन सभी की जांच होगी। चाहे उन खसरा नंबरों की शिकायत भी न मिली हो। सभी तरह की जांच को हर हाल में एक महीने में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संभाग कमिश्नर महादेव कांवरे की ओर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में बनी टीम करेगी। इसी तरह धमतरी जिले के खसरा नंबरों की जांच अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी।
जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभी हाल में ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में आईएएस, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदारों की भी गंभीर भूमिका है। अभी तक इस मामले में केवल डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच में दावा किया गया है कि इस मामले में और अभी डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम दोषी हैं। इसके बाद ही तय किया गया कि अब एक-एक खसरा नंबर की जांच की जाएगी कि उसमें मुआवजा सही मिला है या नहीं। इस जांच टीम के पहले अफसरों की तीन टीम भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच कर चुकी है, लेकिन इस टीम ने केवल उन्हीं खसरा नंबरों की जांच की थी जिसकी शिकायत लोगों ने की थी।
रायपुर। राजधानी में प्रदेश कांग्रेस की बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में एक के बाद एक तीन बड़ी बैठकें ली। इस दौरान पायलट समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया।
कांग्रेस की बैठक पर सचिन पायलट ने कहा, आने वाले समय में सरकार को घेरने और राजनीतिक चुनौतियाें पर चर्चा हुई है। सरकार ने विशेष सत्र बुलाया था वह मात्र अपने पाखंड और झूठ को अमलीजामा पहनाने के लिए था, उसकी पोल खोलने की तैयारी कर रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में हम घर-घर जाएंगे और बीजेपी की नाकामियों को बताएंगे। पायलट ने कहा, छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार का ढाई साल बचा है। इसके बाद बीजेपी सरकार की विदाई तय है। कांग्रेस पार्टी मजबूती से आगे बढ़ रही है।
बूथ और ग्राम स्तर तक कमेटियों के गठन पर जोर
बैठकों में PCC चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सचिन पायलट की पहली बैठक प्रदेश के कांग्रेस विधायकों के साथ हुई। दूसरी बैठक में जिला अध्यक्षों के साथ चर्चा हुई और तीसरी अंतिम बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए गए। इस बैठक में विधायकों, जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ अलग-अलग चर्चा हुई, जिसमें संगठन विस्तार, बूथ और ग्राम स्तर तक कमेटियों के गठन और भाजपा के खिलाफ रणनीति पर फोकस किया गया।
महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रही भाजपा
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण रहा। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने साफ कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 में ही पास हो चुका है, लेकिन भाजपा इसे लागू करने में देरी कर रही है और भ्रम फैला रही है। कांग्रेस अब इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है। वार्ड से लेकर प्रदेश स्तर तक कार्यक्रम चलाकर भाजपा के “दुष्प्रचार” को बेनकाब करने की रणनीति बनाई गई है। कांग्रेस अब मिशन मोड में नजर आएगी। महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की पूरी तैयारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन और पारदर्शिता के अपने संकल्प के अनुरूप कार्य करते हुए खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व क्षति और अवैध गतिविधि से जुड़े किसी भी मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों को उचित दरों पर रेत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनिज विभाग लगातार सक्रिय है और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के सचिव सह खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने 30 अप्रैल 2026 को प्रदेश में रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलों—रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर, बलरामपुर और कांकेर—के कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर खदानों के संचालन की गहन समीक्षा की।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और आम जनता को रेत उचित दरों पर उपलब्ध हो। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसकी आड़ में अवैध खनन को बढ़ावा न मिले।
खनिज सचिव पी दयानंद ने रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए पाया कि गरियाबंद, कांकेर और जांजगीर-चांपा जिलों में 100 प्रतिशत से अधिक नीलामी की गई है, जबकि धमतरी, बिलासपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कलेक्टरों को तत्काल अधिक से अधिक खदानों की नीलामी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सचिव ने यह भी निर्देशित किया कि नीलाम किए गए घाटों की खनन योजना और पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए और इसकी साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही अवैध खनन वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन कर सतत कार्रवाई की जाए तथा शिकायतों और मीडिया में प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि खनिज विभाग के केंद्रीय उड़नदस्ता दल को किसी जिले में अवैध खनन पर कार्रवाई करनी पड़ रही है, तो यह संबंधित जिला प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है कि वे इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी इस तरह की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जता चुके हैं।
बैठक के अंत में खनिज सचिव पी. दयानंद ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। प्रदेश के किसी भी जिले में यदि अवैध खनन कार्य चल रहा हो और वहाँ ड्रोन सर्वे से अथवा केन्द्रीय उड़न दस्ता के दल द्वारा जाँच में अवैध उत्खनन का साक्ष्य पाया जाता है तो जिला कलेक्टर व खनिज अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं ज़िम्मेदार होंगे ।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के गृह ग्राम बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के अंतर्गत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि “हर बूंद से अधिक उत्पादन” की सोच का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर जिला देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल बनेगा और किसानों को समृद्धि की नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भूमिगत पाइपलाइन व्यवस्था से जल का अपव्यय रुकेगा, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और भूमि अधिग्रहण की समस्या भी नहीं आएगी। अब तक वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों को इस योजना से वर्षभर सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि कृषि को तकनीक आधारित, टिकाऊ और लाभकारी दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह परियोजना जशपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल एग्री-इरीगेशन डिस्ट्रिक्ट के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे अन्नदाताओं को समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
उल्लेखनीय है कि यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। इसके तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित परियोजना है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि परियोजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और किसानों को स्थायी आय का आधार प्रदान करेगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इसे किसानों के लिए “आने वाले समय का वरदान” बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर आलोक अग्रवाल ने बताया कि एम-कैड कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में किया गया था। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अगले 6 माह में पूर्ण की जाएगी और इसके संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी प्रारंभिक 5 वर्षों तक ठेकेदार द्वारा तथा उसके बाद जल उपभोक्ता समिति द्वारा संभाली जाएगी। इस समिति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।
परियोजना में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति, SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) और IoT (Internet of Things) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल का नियंत्रित और वैज्ञानिक उपयोग संभव होगा। डेटा आधारित प्रबंधन के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कब और कितनी मात्रा में पानी देना है। इस योजना का उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, प्रत्येक बूंद का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना, कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। साथ ही उन्नत कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति के चाणक्य और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का 67वां जन्मदिन इस वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक जन-उत्सव बन गया। सेवा, समर्पण और सक्रियता के संगम श्री अग्रवाल के जन्मदिन पर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल रहा।
अपने आवास पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में श्री अग्रवाल ने सपरिवार विधि-विधान से पूजन और हवन कर ईश्वर का आशीर्वाद लिया।
उन्होंने आहुतियां अर्पित करते हुए प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों ने उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर दीर्घायु का आशीर्वाद दिया। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रभु का आशीर्वाद और जनता का स्नेह ही उनकी असली ताकत है, जो उन्हें जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है।
24 घंटे लगा रहा प्रशंसकों का तांता
जन्मदिन की पूर्व संध्या यानी गुरुवार 30 अप्रैल की रात 11 बजे से ही उनके आवास पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। यह सिलसिला अगले 24 घंटों तक अनवरत चलता रहा। प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों प्रशंसकों ने अपने प्रिय नेता की लंबी आयु की कामना की।
श्री अग्रवाल के समर्थकों ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी:
गरियाबंद के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन ने बृजमोहन अग्रवाल की 40 वर्षों की ऐतिहासिक राजनीतिक यात्रा को दर्शाते हुए एक विशेष थीम आधारित केक कटवाया।
बृजमोहन अग्रवाल के समर्थकों ने कहीं 67 किलो का विशाल केक काटा गया, तो कहीं उनके जीवन के 67 वर्षों के प्रतीक स्वरूप 67 अलग-अलग केक काटकर जश्न मनाया गया।
शहर के विभिन्न वार्डों और चौक-चौराहों पर समर्थकों ने 200 से अधिक केक काटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
सेवा ही संकल्प: दान और पुण्य के कार्य
"सेवा को ही धर्म" मानने वाले बृजमोहन अग्रवाल के जन्मदिन पर शिक्षा और सहायता पर विशेष जोर दिया गया। उनके बच्चों के प्रति प्रेम और शिक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए कई कार्यक्रम आयोजित किए।
100 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस और शिक्षण किट प्रदान की गई।
जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल ने 5 भजन मंडलियों को स्पीकर सेट वितरित किए।
प्रदेश किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें धान से तौला, वहीं सुशील शर्मा और टिंगू गोस्वामी ने अपने प्रिय नेता को लड्डुओं से तौला। विनोद पाहवा, दीपक गुप्ता और हितेश अग्रवाल (खरोरा) द्वारा भव्य सुंदर कांड पाठ का आयोजन कर उनकी खुशहाली की प्रार्थना की गई।
दिग्गजों ने दी बधाई: दिल्ली से रायपुर तक गूंज
श्री अग्रवाल के जन्मदिन पर सत्ता और विपक्ष, दोनों पक्षों के दिग्गजों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने फोन कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल रामेन डेका, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, डॉ. वीरेंद्र कुमार, फग्गन सिंह कुलस्ते सहित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजे।
जन्मदिन के अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजिम विधायक रोहित साहू, पूर्व सांसद सुनील सोनी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक इंद्र कुमार साहू, महापौर मीनल चौबे, संजय श्रीवास्तव (अध्यक्ष न.न.), राजीव अग्रवाल (अध्यक्ष CSIDC), दीपक महास्के (चेयरमैन CGMSC), मोना सेन, केदार गुप्ता, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुशरण सिंह होरा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM), के कुलपति प्रोफेसर मनोज दयाल और उनकी पत्नी लीली सिन्हा दयाल सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, उद्योगपतियों और गणमान्य नागरिकों ने श्री बृजमोहन अग्रवाल को जन्मदिन की बधाई दी।
पूरे दिन शहर के विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा, जो श्री बृजमोहन अग्रवाल की लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी गहरी पैठ का प्रमाण है।
रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 3556 बीज उत्पादक किसानों को वित्तीय वर्ष 2024-25 का 8 करोड़ 01 लाख 97 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित किया। यह राशि मंडी निधि के तहत हितग्राहियों को प्रदाय किया गया। इस मौके पर प्रदेश के सैकड़ों किसान प्रक्रिया केंद्रों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। मंत्री श्री नेताम ने बीज उत्पादक किसानों से चर्चा कर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए उनका हौसला बढ़ाया साथ ही निगम के एक वर्ष के उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार विशेष रूप से उपस्थित थीं।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने अथक मेहनत एवं परिश्रम से बीज उत्पादन किया है। उनके इस मेहनत का फल उन्हें मिले इस उद्देश्य से प्रोत्साहन की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित किया गया। उन्होंने किसानों को धान के अलावा दलहन-तिलहन एवं मिलेट्स और सब्जी-भाजी व अन्य आय मूलक फसलें लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरमी के दिनों में धान की खेती से बचना चाहिए। क्योंकि इसमें पानी अधिक लगता है। हमें पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के प्रति भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धान की जगह किसानों को दलहन-तिलहन की खेती करनी चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। वहीं पानी की खपत भी कम होती है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि बीज की गुणवत्ता पर सरकार की साख जुड़ी होती है। उन्होंने बीज उत्पादक किसानों को ईमानदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन बीज उत्पादन करने की अपील की। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रदेश किसानों के लगन और मेहनत से बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सरकार की प्रतिबद्धता किसानों के लिए प्राथमिकता पर है। उन्होंने मिल-जुलकर छत्तीसगढ़ को कृषि उत्पादक राज्यों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बीज निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और मंत्री श्री नेताम के मार्गदर्शन में निगम द्वारा समय पर बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा रहा है। आगे भी प्रयास रहेगा कि समय पर किसानों के मेहनत का सम्मान हो। उन्होंनें कहा कि हमारी सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीद कर देश में किसानों का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस मौके पर किसानों की ओर से कुछ मांगे भी रखी, जिसका मंत्री श्री नेताम ने गंभीरता के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी।
मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कवर्धा, अंबिकापुर और रायपुर जिले के किसानों से चर्चा कर हालचाल जाना। किसानों ने वर्ष 2024-25 प्रोत्साहन राशि प्रदान करने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्री रामविचार नेताम और निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किया।
गरियाबंद। देवभोग क्षेत्र में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। आज दोपहर करीब 2:20 बजे धरती हल्की कांपी, जिससे इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। लगातार आ रहे झटकों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं गरियाबंद जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज आकाशीय बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, पिछले 36 घंटों के भीतर यह तीसरी बार है जब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले बीती रात 7:20 बजे भी धरती कांपी थी। वहीं एक दिन पहले आए झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 0.7 दर्ज की गई थी। हालांकि झटके हल्के बताए जा रहे हैं और अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बार-बार हो रही इस गतिविधि ने लोगों को डरा दिया है। कई ग्रामीण एहतियातन घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर समय बिताते नजर आए।
आकाशीय बिजली का कहर, घर के बाहर घूम रहे बच्चे की मौत
वहीं देवभोग थाना क्षेत्र के मुरगुडा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक 13 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान क्षीरसागर यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बालक घर के बाहर घूम रहा था, तभी अचानक मौसम खराब हुआ और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से उसे देवभोग अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में दोपहर के समय लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ गई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और सुरक्षित जगहों पर शरण लें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गोल्फ के विकास और प्रचार-प्रसार की संभावनाओं को लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुबोध कुमार सिंह और डीपी वर्ल्ड प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के सीईओ अमनदीप जोहल के बीच बैठक हुई।
बैठक में मुख्य रूप से नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स विकसित करने और भविष्य में डीपी वर्ल्ड टूर स्तर के विश्वस्तरीय टूर्नामेंट की मेजबानी की संभावनाओं पर चर्चा की गई, जिससे छत्तीसगढ़ को वैश्विक गोल्फ मानचित्र पर स्थापित किया जा सके।
इस बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के अध्यक्ष अंकित आनंद और छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं वाणिज्य सचिव रजत कुमार भी उपस्थित रहे।
चर्चा का केंद्र छत्तीसगढ़ में गोल्फ infrastructure के दीर्घकालिक विकास और खेल के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर रहा। बैठक में विश्वस्तरीय गोल्फ सुविधाओं के निर्माण, स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और राज्य को गोल्फ तथा इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन के सफल आयोजन ने नवा रायपुर को भारतीय प्रोफेशनल गोल्फ सर्किट के उभरते हुए केंद्र के रूप में स्थापित किया है। यह आयोजन इस बात का भी संकेत है कि गोल्फ अब अपने पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है। बैठक में राज्य में नए गोल्फ कोर्स और संबंधित अधोसंरचना के विकास पर भी चर्चा हुई, जिससे स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा, रोजगार सृजन, hospitality और अन्य संबंधित क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिल सकता है तथा छत्तीसगढ़ को भविष्य में प्रोफेशनल गोल्फ के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
अमनदीप जोहल ने अधिकारियों को भारत में प्रोफेशनल गोल्फ की बढ़ती प्रोफाइल, डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई कैलेंडर के विस्तार और गोल्फ से पर्यटन, आतिथ्य, रोजगार तथा अंतरराष्ट्रीय खेल सहभागिता के क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले अवसरों के बारे में जानकारी दी।
बैठक में छत्तीसगढ़ में गोल्फ विकास पहलों और भविष्य के आयोजनों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।