राजनीति
केंद्र सरकार अपना विरोध क्यों सुनना नहीं चाहती है : सुरेंद्र राजपूत
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं। कांग्रेस ने उनके इस दौरे को लेकर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक दबाव बताया। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि सवाल यह उठता है कि इससे जनता को क्या मिलेगा? कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "प्रधानमंत्री वाराणसी दौरे पर आ रहे हैं, यह एक अच्छी बात है। लेकिन, सवाल यह उठता है कि बनारस को क्या मिलेगा?"
उन्होंने कहा कि बनारस की जनता के मन में भी 'वोट चोरी' को लेकर सवाल हैं। जनता पूछ रही है कि जब लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना के दौरान छह राउंड तक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय आगे थे, तो अचानक से ऐसा क्या हुआ कि लाइट गायब हो गई और डेटा भी गायब हो गया। सब गायब हो गया और उसके बाद नतीजे घोषित कर दिए गए।
उन्होंने आगे कहा, "अजय राय अगर सवाल पूछना चाहते हैं तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है। मैं पूछता हूं कि सरकार अपना विरोध क्यों सुनना नहीं चाहती है। लोकतंत्र में विरोध सत्ता का एक आवश्यक अंग है। उसे सरकार क्यों नहीं जानना चाहती है। ये सारे सवाल पूछे जाएंगे।"
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "बुधवार को रायबरेली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिस तरह विरोध किया गया, उसी तरह आज काशी में विरोध करने की योजना थी। आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इसका ऐलान किया था, लेकिन विरोध करने वालों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। हम तो खुद से कहते हैं कि भाजपा राहुल गांधी का विरोध करे, क्योंकि वे लोकतंत्र के लिए विरोध सहते हैं। मैं उन्हें यह भी बताना चाहता हूं कि अगर केंद्र सरकार का विरोध होना होगा तो इसे नहीं रोका जा सकता है।"
बिलासपुर में सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और PM पर बोला हमला, कहा…वोट चोरों को माफ नहीं करेगी जनता
बिलासपुर। कांग्रेस के शीर्ष नेता देशभर में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को घेर रहे है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कांग्रेस की वोट चोर-गद्दी छोड़ सभा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वोट चोरों को जनता माफ नहीं करेगी। वोट चोरी में दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है। भाजपा की डबल इंजन सरकार केवल धुआं फेक रही है। वहीं पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि…आने वाले दिनों में हाइड्रोजन बम फूटेगा।
गौरतलब है कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस एक्शन मोड पर है। वोट चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेता देशभर में रैलिया कर केंद्र सरकार को घेरने में जुटी हुई है। छत्तीसगढ़ में भी विपक्ष में बैठी कांग्रेस अब अपनी हार का कारण वोट चोरी बताने में जुट गयी है। बिलासपुर में आयोजित कांग्रेस की रैली में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होने मंच से कहा कि लोकतंत्र की इमारत पर बहुत से लोग नेता बने, लेकिन लोकतंत्र की व्यवस्था को आज जानबूझकर बिगाड़ा जा रहा है।
पहले निर्वाचन आयोग का अध्यक्ष चीफ जस्टिस, पीएम और नेता प्रतिपक्ष तय करते थे। लेकिन आज पीएम, गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो एक के बहुमत पर आज निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष का चयन हो रहा है। भाजपा चाहती है एक ही विचारधारा देश में रहे। पायलट ने आरोप लगाया कि हम सवाल निर्वाचन विभाग से पूछते हैं, लेकिन जवाब बीजेपी के नेता देते हैं। उन्होने कहा कि बीजेपी को चुनाव जीतना है, तो लड़ के जीते। वोट चोरी कर राज करने वालों को अब जनता बर्दाश्त करने वाली नहीं है। जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
पूर्व CM बघेल ने कहा….वोट चोरी के खिलाफ फूटेगा हाइड्रोजन बम
कांग्रेस की इस रैली में मौजूद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे नेताओं से निवेदन है कि अब ये न कहें कि हमारी सरकार ने काम नहीं किया और हम हार गए। ये कहें कि बीजेपी ने वोट चोरी की, जिसकी वजह से हार गए। भूपेश बघेल ने अपने भाषण में कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली का बिल अब झटका मार रहा है। हमारी सरकार ने किसानों को कोरोना काल में भी खाद उपलब्ध कराया, लेकिन आज सभी किसान परेशान हैं। न बोनस का पता, ना 15 लाख का पता, ना नौकरी का पता। उन्होने कहा कि सविधान के रक्षक राहुल गांधी हैं। आने वाले दिनों वोट चोरी के खिलाफ में हाइड्रोजन बम फूटेगा।
सर्किट हाउस की घटना पर कांग्रेस ने मनगढ़ंत कहानी गढ़ी : मंत्री केदार कश्यप
जगदलपुर। शनिवार देर शाम सर्किट हाउस से निकले विवाद ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है. वन मंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारी से अभद्र भाषा में बात करने के साथ मारपीट के लगे आरोप को कांग्रेस भुनाने में लगी है. इस पर वन मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा है कि मुद्दा विहीन हो चुकी कांग्रेस तरह-तरह के भ्रामक प्रचार कर रही है.
दरअसल, सर्किट हाउस के कर्मचारी से अभद्र व्यवहार और मारपीट का मामला थाने तक पहुंच गया, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है. हालात ऐसे बने कि पूरे प्रदेश में पुतला दहन जैसी स्थिति बन गई.
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सर्किट हाउस की घटना को लेकर कांग्रेस ने मनगढ़ंत कहानी गढ़ी और सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाने का काम किया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कोई घटना घटी ही नहीं है. कांग्रेस केवल अनर्गल आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेना चाह रही है.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ‘चमचा राजनीति’ पर सियासी घमासान तेज, नेताओं के तंज से गरमाया माहौल
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर हाल ही में सामने आए “चरणदास महंत के चमचे वाला बयान” अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस बयान पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) चीफ दीपक बैज और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने महंत के बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देकर यह साफ कर दिया है कि पार्टी में अंदरूनी मतभेद को भाजपा भुनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर भी तंज कसे हैं।चरणदास महंत के ‘चमचे’ वाले बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सियासी हलचल बढ़ गई है। PCC चीफ दीपक बैज ने इसे “पार्टी के अंदरूनी मामले” बताते हुए बंद कमरे तक सीमित रखने की बात कही, वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए भाजपा पर पलटवार किया।
PCC चीफ दीपक बैज का बयान
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साफ किया कि कांग्रेस की बैठकें पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए होती हैं। उन्होंने कहा –
“कांग्रेस की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। हमारा मकसद संगठन सृजन अभियान को आगे बढ़ाना और कांग्रेस को मजबूत करना है। बैठक में जो बातें हुईं, वह पार्टी के अंदर की बातें हैं और इन्हें बाहर लाने की बजाय बंद कमरों तक ही सीमित रहना चाहिए।”
बैज ने यह भी बताया कि उनकी पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात हुई और इस दौरान कलेक्टिव लीडरशिप (सामूहिक नेतृत्व) में आगे चुनावी लड़ाई लड़ने का निर्णय हुआ है। साथ ही भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा –
“BJP को अपने भवन का नाम ‘नमक हराम भवन’ कर लेना चाहिए।”
अमरजीत भगत का शायराना जवाब
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने महंत के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने की बजाय शायराना अंदाज में अपनी बात कही। उन्होंने संत कबीर की वाणी का हवाला देते हुए कहा –
“शब्द संभाले बोलिए, शब्द के हाथ ना पाओ, एक शब्द औषधि करे, एक करे घाव।”
उन्होंने कहा कि सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शब्दों का चयन सोच-समझकर किया जाए, क्योंकि अच्छे शब्द कहने और सुनने दोनों में अच्छे लगते हैं।
भाजपा पर भी साधा निशाना
अमरजीत भगत ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के भीतर मतभेद की खाई चौड़ी करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा –
“भाजपा कांग्रेस को लड़ाने का काम कर रही है। जबकि खुद भाजपा में भी ‘चमचागिरी’ की परंपरा गहरी है। भाजपा में जिसने ज्यादा चमचागिरी की, उसे ही अच्छा स्थान मिला।”
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर तंज कसते हुए कहा –
“भाजपा के कई सीनियर नेता आज खुद परेशान हैं। बृजमोहन अग्रवाल समेत अन्य नेताओं से कहूंगा कि अच्छे से चमचागिरी करें, वरना शीर्ष नेता रिझेंगे ही नहीं।”
बढ़ सकता है विवाद
महंत के बयान से उपजा यह विवाद अब लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस के भीतर जहां कुछ नेता इसे पार्टी का आंतरिक मामला बता रहे हैं, वहीं भाजपा इस विवाद को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमलावर है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस बयानबाजी से कैसे निपटती है और क्या पार्टी नेतृत्व अपने नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर ऐसी टिप्पणियों से रोक पाता है।
अनुशासनहीनता प्रस्ताव के बाद रविंद्र चौबे ने राजीव भवन पहुंचकर दीपक बैज से की मुलाकात
रायपुर। “छत्तीसगढ़ की जनता आज भी भूपेश बघेल का नेतृत्व चाहती है’ वाले बयान पर मचे बवाल के बीच पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात की. बैठक के बाद दोनों नेताओं ने तमाम असहमतियों को दरकिनार करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. आगामी चुनाव कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ी जाएगी.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात के बाद पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि दीपक बैज कांग्रेस के अध्यक्ष है, हमारा समर्थन उनके साथ है. दीपक बैज के नेतृत्व में मजबूती से कांग्रेस लड़ाई लड़ रही है. भूपेश बघेल के जन्मदिन पर भ्रमपूर्वक बातें कही गई. अगर कुछ बातें कही गई तो वह बात नहीं थी, जो प्रेस में आई. दीपक बैज बहुत ही मैच्योर अध्यक्ष हैं.
वहीं दीपक बैज ने महंत के चमचे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की बैठक में बहुत सारे मुद्दे थे. बैठक में संगठन सृजन अभियान पर चर्चा की गई. कांग्रेस को मजबूत करना हमारा मकसद है. बैठक में जो बातें हुई, वह घर की बात है, पार्टी की बात है. पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे से मुलाकात का जिक्र पर कहा कि कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ने का निर्णय हुआ है. आगे भी कलेक्टिव लीडरशिप से कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी.
वहीं प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन को चमचा भवन बताते हुए भाजपा के पोस्टर जारी किए जाने पर दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को अपने भवन का नाम नमक हराम भवन रखना चाहिए.
कांग्रेस कार्यसमिति में रविंद्र चौबे पर कार्रवाई का प्रस्ताव पारित, डिप्टी सीएम अरुण साव बोले– “कांग्रेस आपस में लड़कर खुद को खत्म कर रही है”
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में कांग्रेस का अंदरूनी घमासान और तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने दोनों हाथ उठाकर इसका समर्थन किया। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने प्रवीण चौबे पर भी कार्रवाई की मांग की।
डिप्टी सीएम अरुण साव का तंज
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा – “कांग्रेस का यह अंदरूनी मामला है। 5 साल तक इन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को तरसाया और अब आपस में लड़कर खुद को खत्म कर रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं पर अनुशासन का डंडा चलाकर कांग्रेस यह साफ कर रही है कि उसकी संस्कृति में वरिष्ठों का सम्मान नहीं है।”
बैठक में उठे सवाल
बैठक में कई कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि कार्रवाई केवल छोटे कार्यकर्ताओं पर होती है, जबकि बड़े नेताओं की अनुशासनहीनता पर चुप्पी साध ली जाती है। इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जिलाध्यक्षों और नेताओं को समझाते हुए कहा कि वे अपने-अपने “चमचों” को संभालकर रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन को कमजोर करने वाले बयानों के लिए शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार नहीं, बल्कि ऐसे बयान फैलाने वाले कार्यकर्ता जिम्मेदार हैं।
चौबे का विवादित बयान
गौरतलब है कि हाल ही में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने बयान दिया था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बाद में चौबे ने सफाई देते हुए यू-टर्न ले लिया, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद यह साफ हो गया है कि कांग्रेस संगठन इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेना चाहता। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि आने वाले दिनों में रविंद्र चौबे पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जनता भाजपा को बिहार से भगाने का काम करेगी : तेजस्वी यादव
पटना। इंडिया गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' का समापन पटना में एक विशाल पैदल मार्च के साथ होने जा रहा है। इसमें गठबंधन के बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। इस मार्च में शामिल होने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पटना पहुंच गए हैं। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी इस समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आवास से गांधी मैदान रवाना हो गए।
इस क्रम में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा का असली चेहरा बिहार और देशभर में उजागर हो चुका है। जिस प्रकार से इन लोगों ने वोट की चोरी कराई है, उसे लोग जान गए हैं। इस बार बिहार की जनता खूंटा ठोंककर इन्हें बिहार से भगाने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार से पूरे देश में यह संदेश जाएगा। लोकतंत्र और संविधान को जो समाप्त करना चाहते हैं, उन्हें देशभर में करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि जिस भी जिले में यह यात्रा गई, वहां जनसैलाब देखने को मिला। लोगों का पूरा समर्थन मिला, बिहार के लोगों का आशीर्वाद मिला। उन्होंने इस समर्थन के लिए लोगों का आभार जताया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाली गई 'वोटर अधिकार यात्रा' ने करीब 1,300 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान 25 जिलों और 110 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया गया। इस यात्रा के दौरान विपक्ष के नेता भी शामिल होते रहे।
इस यात्रा का समापन पटना में होना है, जिसमें शामिल होने के लिए इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता पटना पहुंच गए हैं। उल्लेखनीय है कि 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई यह यात्रा एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के कथित प्रयासों के खिलाफ थी। दूसरी तरफ, भाजपा इस यात्रा को 'घुसपैठिया बचाओ यात्रा' बता रही है।
संस्कृति को शर्मसार करने का काम कर रही कांग्रेस : किरण सिंहदेव
रायपुर। मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहे गए अपशब्द मामले को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है. भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के नेता कांग्रेस पर हमलावर है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी बिलो द बेल्ट है. उन्हें समझना चाहिए कि राजनीति की एक मर्यादा है.
छत्तीसगढ़ भाजपा किरण सिंह देव ने शुक्रवार को एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया. इसकी जितनी निंदा की जाए उतना कम है. भारतीय राजनीति में विरोधी दल के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. 15 साल से सत्ता में नहीं आने के कारण कांग्रेस ही ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर सकती है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि बिलो द बेल्ट जाकर पहले भी जातिगत टिप्पणी की गई, पीएम मोदी के लिए तू तड़ाक शब्द का इस्तेमाल भी किया गया. राहुल गांधी को समझना चाहिए कि राजनीति की एक मर्यादा है. संस्कृति को शर्मशार करने का काम कांग्रेस कर रही है, इसका जवाब जनता देगी. समय समय कांग्रेस बिलो द बेल्ट जाकर आने वाले पीढ़ी को क्या संदेश दे रही है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री को वोट चोर भी कहा गया. कांग्रेस ने ये परंपरा बना रखी है. बिना साक्ष्य के गलत नरेटिव सेट किया जा रहा है. चुनाव जीतने के लिए कुछ भी झूठ बोल रहे हैं.
ओबीसी समाज से आते हैं नरेंद्र मोदी, इसलिए अपमान करती है कांग्रेस : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, कांग्रेस हमेशा से समाज के पिछड़े और आदिवासियों का अपमान करती रही है। नरेंद्र मोदी को भी बार-बार इसलिए ही गालियाँ देते रहते हैं ये क्योंकि वे ओबीसी समाज से आते हैं।
दिन-रात बिना थके, बिना रुके कार्य करने वाले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस/राजद के राजनीतिक मंच से नरेंद्र मोदी को गाली देने की जितनी भर्त्सना की जाय वह कम है। बिहार की जनता निश्चित ही कांग्रेस-राजद को इस हरकत पर मुंहतोड़ जवाब देगी।
देर रात जेपी नड्डा जारी ने जारी किया था वीडियो
कांग्रेस की तथाकथित वोट अधिकार यात्रा में जिस तरह से कांग्रेस-आरजेडी के मंच से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत माता को गाली दी गई, वह घोर निंदनीय और भर्त्सनीय है। यह अभद्रता की सारी सीमा लांघ चुके दो शहजादों का बिहार की धरती पर बिहार की संस्कृति का तिरस्कार भी है। राहुल गांधीऔर तेजस्वी यादव को अविलंब इस कुकृत्य के लिए अविलंब माफी मांगनी चाहिए।
अमरजीत भगत ने किया मंत्रिमंडल विस्तार पर कटाक्ष, कहा- कांग्रेस देगी “ग़म मिटाओ पार्टी”, भाजपा नेताओं को मिलेगा आमंत्रण
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक अमरजीत भगत ने वरिष्ठ नेताओं को नज़रअंदाज किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दिग्गज विधायकों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के लिए “ग़म मिटाओ पार्टी” आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर सभी को आमंत्रित करने की घोषणा भी की।
अमरजीत भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। विधायक कॉलोनी स्थित निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर दिया गया, जिससे स्वाभाविक रूप से उनके बीच नाराजगी है।
अमरजीत भगत ने कहा, “जहां चार यार मिलते हैं, वहां चर्चा तो होती ही है। हमारे कई पुराने मित्रों को अवसर नहीं दिया गया है, जिससे वे दुखी हैं। हम सब उनके साथ खड़े हैं और उनकी नाराजगी को समझते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सभी दिग्गज नेताओं के लिए कांग्रेस एक “ग़म मिटाओ पार्टी” आयोजित करेगी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अजय चंद्राकर जैसे नेताओं की उपेक्षा करना सही नहीं है। “जो सीनियर है, वह चुप कैसे रह सकता है? अजय चंद्राकर के साथ गलत हुआ है। हमारी सहानुभूति उनके साथ है। अगर वे आगे बढ़ते हैं, तो हम सब भी उनके साथ हैं।”
भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सुनामी आई हुई है। कई वरिष्ठ नेताओं को महत्व नहीं दिया गया है और यह आने वाले समय में भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने सरगुजा और बस्तर क्षेत्र के संतुलन पर भी सवाल उठाए और कहा कि जो भी इन दोनों क्षेत्रों की उपेक्षा करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन पर सभी को आमंत्रित करने की घोषणा की और कहा कि उस अवसर पर चर्चा कर सभी लोग अपना ग़म बांटेंगे।
बिहार चुनाव को लेकर भी अमरजीत भगत ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में कांग्रेस की सरकार बनेगी क्योंकि राज्य में परिवर्तन का माहौल है। भगत ने आरोप लगाया कि बिहार में 65 लाख लोगों का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है और वहां के लोगों के साथ गंभीर भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा “इस भेदभाव का परिणाम सत्तारूढ़ दल को भुगतना पड़ेगा।”
अमरजीत भगत के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां भाजपा के भीतर असंतोष की चर्चा तेज है, वहीं कांग्रेस अब इसे अपने लिए सियासी अवसर मान रही है।
दीपक बैज के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने किया पलटवार, कहा-
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद प्रदेश में सियासी पारा हाई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर बस्तर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने दीपक बैज को अपने संगठन की चिंता करने की बात कही है.
दीपक बैज ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर बस्तर के नेताओं को ही जिम्मेदारी दी गई. दो-दो मंत्री बस्तर से हुआ करते थे, लेकिन भाजपा में अब वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक हत्या करने का प्रयास सरकार कर रही है.
पीसीसी चीफ दीपक बैज के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, दीपक बैज अनुचित टिप्पणी कर रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए. किरण देव ने कहा, मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार है कि वह किसे मंत्री बनाना चाहते हैं. पहले से ही केदार कश्यप बस्तर से मंत्री हैं. इसके अलावा कोंडागांव विधायक लता उसेंडी बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और मैं स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में हूं.
मंत्रिमंडल विस्तार पर गरमाई सियासत: कांग्रेस का तंज, कहा-सीनियर विधायकों की घोर उपेक्षा, दिखेगी नाराजगी व गुटबाजी, भाजपा ने किया पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने जहां इस विस्तार को भाजपा के भीतर अंतर्कलह की शुरुआत बताया, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही निशाना साधा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किए गए मंत्रीमंडल विस्तार के बाद भाजपा में असंतोष बढ़ना तय है। उन्होंने कहा कि तीन नए मंत्रियों को शपथ तो दिला दी गई, लेकिन ये मुख्यमंत्री की पसंद के मंत्री नहीं हैं। इनमें से एक तो विधानसभा चुनाव के समय हुई राजनीतिक सौदेबाजी का नतीजा हैं।
“परंपरा तोड़कर किया गया विस्तार”
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि अब तक छत्तीसगढ़ में 13 मंत्रियों की परंपरा रही है, लेकिन इस बार 14वां मंत्री बनाकर परंपरा को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि अभी भी आधा दर्जन से अधिक विधायक मंत्री पद की दौड़ में पीछे छूट गए। वरिष्ठता, अनुभव और सक्रियता जैसे मापदंडों की अनदेखी कर नए चेहरों को शामिल किया गया। बैज ने कहा कि इससे साफ है कि भाजपा अपने ही वरिष्ठ विधायकों की घोर उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने सालों तक भाजपा को खड़ा करने में योगदान दिया, उन्हें किनारे कर दिया गया है। इससे पार्टी के भीतर नाराजगी और गुटबाजी बढ़ेगी।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने इस विस्तार को भाजपा की “राजनीतिक मजबूरी” करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव के समय जो वादे किए गए थे, उसी सौदेबाजी के तहत आज मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। कांग्रेस का तंज है कि भाजपा अपने ही नेताओं को संतुलित नहीं कर पा रही, ऐसे में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना मुश्किल होगा।
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी कड़ा पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया उसकी हार की कुंठा है। उन्होंने कहा— “कांग्रेस का जिस तरह से पांच साल में सपना टूटा, शायद वही गूंज अब भी उनके कानों में सुनाई दे रही है।” केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा का मंत्रिमंडल पूरी तरह से संतुलित है और इसमें सभी वर्गों और क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है। कांग्रेस सिर्फ भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह करना चाहती है।
राजनीतिक हलचल तेज
मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर जहां भाजपा इसे जनता के हित में संतुलित कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अंतर्कलह का बीज मान रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भाजपा के भीतर असंतोष की आवाजें तेज हो सकती हैं।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रीमंडल विस्तार ने नया मोड़ ला दिया है। एक ओर नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण से सरकार को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे भाजपा की कमजोरी साबित करने में जुटा है।
भाजपा के सीनियर विधायकों का वीडियो जारी कर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा-भाजपा को मिला नया मार्गदर्शक मंडल…बधाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिर प्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार हो गया। दुर्ग संभाग से गजेंद्र यादव, रायपुर संभाग से गुरु खुशवंत साहब और सरगुजा संभाग से राजेश अग्रवाल ने मंत्री पद की शपथ ली है। कुछ देर में सभी को विभागों का भी बंटवारा कर दियाजायेगा। इधर विष्णुदेव साय कैबिनेट के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कांग्रेस ने वीडियो जारी किया है।
भाजपा के सीनियर विधायकों को मंत्री पद नहीं दिये जाने पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने “ छन से टूटे कोई सपना” गाने के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इस वीडियो में अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर जैसे नेता नजर आ रहे हैं।
बाकी के सभी मंत्रियों में अधिकांश पहली बार या दूसरी बार चुनाव जीतकर मंत्री बने हैं। लिहाजा अब मंत्री पद से अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, राजेश मूणत जैसे नेता को दूर रखने को लेकर कांग्रेस तंज कस रही है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तर ओलंपिक में हुआ घोटाले का लगाया आरोप
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर ओलंपिक को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिस बस्तर ओलंपिक को लेकर प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे, उसी बस्तर ओलंपिक में ट्रैक सूट खरीदी में साय सरकार ने भ्रष्टाचार किया है।
बैज ने कहा कि 4500 ट्रैक सूट खरीदी के लिए निविदा बुलाया गया, जिसमें क्वालीफाई करने वाली 5 कंपनियां एक ही ब्रांड शिव-नरेश स्पोर्ट्स प्रा. लि. से जुड़ी थीं। सभी पांचों कंपनियां एक ही ट्रैक सूट मॉडल (आर्टिकल कोड 459) के लिए बोली लगाईं। इसमें शिव-नरेश स्पोर्ट्स प्रा. लि. को एल-1 घोषित किया गया तथा उससे 2499 रुपये की दर पर ट्रैक सूट खरीदा गया, जबकि कंपनी की वेबसाइट पर उसी ट्रैक सूट की कीमत 1539 रुपये में उपलब्ध है। मामला एक ट्रैक सूट खरीदी का है, पूरे आयोजन में कितना घोटाला हुआ होगा कल्पना की जा सकती है। इसके साथ ही पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कई अन्य मुद्दों पर भी सवाल उठाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया।
उपमुख्यमंत्री के 717 सड़कों के दावे पर उठाए सवाल
दीपक बैज ने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत खुलासा हुआ था कि डेढ़ सालों में भाजपा सरकार ने मात्र 2 सड़कों को स्वीकृत किया है। वह भी मुंगेली में डेढ़ किलोमीटर और मैनपाट में मात्र 0.45 किलोमीटर की। इस खुलासे के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 717 सड़कें बनाई है। उन्होंने कहा कि हमने 2 अगस्त को उपमुख्यमंत्री को चुनौती दिया था कि जिन 717 सड़कों के बनाने का वे दावा कर रहे उसके कार्य को सार्वजनिक करें। आज 17 दिन हो गए, अभी तक अरुण साव जी इन सड़कों का कार्यादेश सार्वजनिक नहीं किया। इससे साफ होता है कि वे झूठ बोले थे। भाजपा की सरकार ने पौने दो साल में मात्र 2 सड़कें बनाई हैं, वह भी 1 किलोमीटर से कम की।
मुख्यमंत्री जापान और कोरिया प्रवास के एजेंडे को सार्वजनिक करें
दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शासकीय दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया जा रहे हैं। यह उनका शासकीय दौरा है, अतः प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि उनके इस दौरे का एजेंडा क्या है? उनके दौरे से प्रदेश को क्या फायदा होगा? मुख्यमंत्री इसे बताएं।
सवन्नी के घूसखोरी मामले में मुख्यमंत्री चुप क्यों है?
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के 3 प्रतिशत कमीशन पर मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? क्रेडा के ही एक अधिकारी से जांच करवा कर सवन्नी को क्लीन चिट दे दिया गया। जिस अधिकारी से जांच करवाई गई वह तो सवन्नी के मातहत ही काम करेगा। वह कैसे निष्पक्ष जांच किए होंगे? मुख्यमंत्री बताएं, इस मामले की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई? सवन्नी को दिल्ली भी बुलाया गया, वहां से आने के बाद क्लीन चिट मिला। वहां पर किसको चढ़ावा दिया गया, जो बरी हो गए? सवन्नी तो एक उदाहरण हैं, पूरी सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चल रही है।
गुटबाजी के कारण मंत्रिमंडल का विस्तार टल रहा है – बैज
दीपक बैज ने कहा कि तीन दिनों से हल्ला मचा है कि साय मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है, लेकिन अभी तक हुआ नहीं। भाजपा में फैली गुटबाजी के कारण मंत्रिमंडल का विस्तार बार-बार टल रहा है। जैसे ही मंत्रियों का शपथ होगा, सरकार की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ में वोट चोरी का आरोप : कांग्रेस नेताओं ने कहा –
रायपुर। वोट चोरी को लेकर कांग्रेस पूरे देश में “वोट चोर गद्दी छोड़” आंदोलन चला रही है. छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगाया है. रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेस कांफ्रेंस कर रायपुर शहर के विधानसभा सीटों में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए बीजेपी विधायकों के एक से ज्यादा वोटर आईडी होने की बात कही. कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए विधायक राजेश मूणत और संपत अग्रवाल का निर्वाचन शून्य करने की मांग की है।
रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा, भाजपा विधायक सम्पत अग्रवाल और उनके पूरे परिवार का रायपुर दक्षिण और बसना की मतदाता सूची में नाम दर्ज है. रायपुर और बसना में सम्पत अग्रवाल और उनके पूरे परिवार का वोटर लिस्ट में एपिक नंबर अलग-अलग है. पश्चिम के विधायक राजेश मूणत का उत्तर और पश्चिम दोनों विधानसभा के वोटर लिस्ट में नाम है और दोनों विधानसभाओं में उनका अलग-अलग एपिक नंबर है. मूणत की धर्मपत्नी का भी अलग-अलग विधानसभा में अलग-अलग एपिक नंबर से वोटर लिस्ट में नाम दर्ज है. शपथ पत्र में राजेश मूणत ने सिर्फ पश्चिम में नाम होने की बात लिखी है.
विकास उपाध्याय ने कहा, प्रदेश में वोट चोरी कर परिणाम बदलने की कोशिश की गई. 2023 विधानसभा चुनाव में सभी कहते थे कि कांग्रेस की सरकार आएगी, लेकिन भाजपा और निर्वाचन आयोग की गठजोड़ की वजह से परिणाम कांग्रेस के पक्ष में नहीं आया. छत्तीसगढ़ में भी वोटों की चोरी हुई है.
दो जगह वोट डालने वालाें के खिलाफ दर्ज हो अपराधिक मामला : गिरीश दुबे
विकास उपाध्याय ने प्रजेंटेशन के माध्यम से दिखाया कि कई व्यक्तियों का दो-दो एपिक नम्बर से कई वार्डों में नाम दर्ज है. एक ही महिला संध्या लहरे का 4 जगह रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में नाम दर्ज है. उपाध्याय ने रायपुर ग्रामीण, उत्तर, दक्षिण, धरसीवां सहित प्रदेश के कई सीटों पर वोट चोरी का आरोप लगाया है. शहर जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा, पहले निर्वाचन आयोग के पास यह विषय लाया गया था. ओडिशा, बिहार के लोग छत्तीसगढ़ और अपने राज्य दोनों जगह वोट डालते हैं. नेताओं के दो-दो जगह नाम है. इस मामले में अपराधित प्रकरण दर्ज होनी चाहिए.
इलेक्शन कमीशन की साइट से संपत का शपथ पत्र हटाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा, कांग्रेस की प्रेसवार्ता के बीच इलेक्शन कमीशन की साइट से सम्पत अग्रवाल का शपथ पत्र हटा दिया गया. कुछ ही देर पहले सम्पत अग्रवाल और राजेश मूणत का शपथ पत्र प्रोजेक्टर में दिखाया गया था. प्रेस कांफ्रेंस में शहर जिलाध्यक्ष गिरीश दुबे, ग्रामीण अध्यक्ष उधो वर्मा, रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, रायपुर ग्रामीण से विधायक प्रत्याशी पंकज शर्मा, पूर्व निगम सभापति प्रमोद दुबे समेत अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे.
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग से की शिकायत
प्रेस कांफ्रेंस के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग पहुंचा. कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर रायपुर के विधानसभाओं में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए गड़बड़ी की शिकायत की. विधायक राजेश मूणत और संपत अग्रवाल का निर्वाचन शून्य करने की मांग भी की. दोनों विधायकों पर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को भ्रमित करने का आरोप लगाया है.
सभी आरोप निराधार : संपत अग्रवाल
वहीं इस मामले में बसना विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं. चुनाव आयोग ने उन्हें हलफनामा देने को कहा है, इस पर कांग्रेसी क्या कर रहे हैं पहले ये बताएं.
कमिश्नर प्रणाली की घोषणा पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर हमला बोला, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नर प्रणाली की घोषणा पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस के दिन सीएम कमिश्नरी की घोषणा कर रहे थे, पीछे डीजीपी हंस रहे थे. मुख्यमंत्री के ऐलान को पुलिस विभाग कितने गंभीरता से लेता है, स्पष्ट है. कमिश्नर प्रणाली से छत्तीसगढ़ को कोई फायदा नहीं होगा. बेहतर है गृह मंत्री ही बदल देना चाहिए.
पीएम के भाषण में बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे का जिक्र होने पर दीपक बैज ने कहा, नक्सली संगठन अंदर-अंदर खद को मजबूत कर रहे हैं. बस्तर में परिस्थितियां इतनी आसान नहीं है जो 2026 तक सब खत्म कर दे. सरकार को ओवर कॉन्फिडेंस नहीं होना चाहिए. मोदी जी के 103 मिन का भाषण झूठ का पुलिंदा था. सिर्फ माहौल बनाया जा रहा.
भाजपा अध्यक्ष को अध्ययन करने की दी सलाह
देश में राहुल गांधी द्वारा गलत नैरेटिव सेट करने वाले किरण सिंहदेव के बयान पर पीसीसी चीफ बैज ने पलटवार करते हुए बीजेपी अध्यक्ष को अध्ययन करने की सलाह दी है. बैज ने कहा, किरणदेव जी को अध्ययन करना चाहिए. गडकरी ने ही कहा है कि उनके लोकसभा के साढ़े तीन लाख वोट काट दिए. अनुराग ठाकुर को कहां से छह लोकसभा का डिजिटल डेटा मिला? राहुल गांधी ने बीजेपी को पूरे देश के सामने बेनकाब कर दिया है.
सरकार पर आदिवासियों के रिकॉर्ड गायब करने का लगाया आरोप
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर आदिवासियों के रिकॉर्ड और जमीन कागजों को गायब करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, आदिवासियों को उनको अधिकारों से सरकार बेदखल कर रही है. बीजेपी वनाधिकार पट्टों को निरस्त करने का कम कर रही. 2788 वनाधिकार बस्तर में कम हुए हैं. सरकार आदिवासियों को बेदलखल कर रही है. उनके कागजात गायब कर रही है.
बीजेपी की नई कार्यकारिणी पर सियासत शुरू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- अडानी पर सवाल उठाने की कीमत रवि भगत को भुगतना पड़ा, भाजपा ने किया पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ बीजेपी की बहुप्रतिक्षित प्रदेश कार्यकारिणी सूची आखिरकार जारी कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के दोबारा अध्यक्ष बनने के करीब डेढ़ साल बाद यह घोषणा हुई है। नई कार्यकारिणी में युवाओं, अनुभवी नेताओं और विभिन्न वर्गों को शामिल किया गया है।
कांग्रेस का हमला: “गुटबाजी चरम पर”
पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने नई कार्यकारिणी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुराने सभी पदाधिकारियों को बदलना पार्टी में बढ़ते अविश्वास और गुटबाजी का संकेत है। उनका कहना है कि बीजेपी में गुटबाजी इस समय चरम पर है और कार्यकारिणी की देर से घोषणा भी इसका सबूत है।
बीजेपी का पलटवार: “कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके”
कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व बीजेपी महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा—
“बीजेपी की अपनी व्यवस्था होती है। पहले सदस्यता होती है, उसके बाद कार्यकारिणी की घोषणा की जाती है। 11 महीनों में सदस्यता, सक्रिय सदस्यता और संगठनात्मक तैयारी पूरी करने के बाद यह टीम बनाई गई है।”
उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस में कार्यकारिणी घोषणा के समय जूते-चप्पल चल जाते हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि हर दल में गुटबाजी होती होगी। श्रीवास्तव ने दावा किया कि बीजेपी की टीम सर्वसम्मति से बनी है और आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
भूपेश बघेल का बड़ा आरोप: “अडानी पर सवाल उठाने की कीमत”
इधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को पद से हटाने के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा। उन्होंने लिखा—
“रवि भगत को कीमत चुकानी पड़ी! उन्होंने ‘अडानी संचार विभाग’ के प्रवक्ता और वर्तमान मंत्री से DMF व CSR में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल किए थे। न तो जवाब मिला, न जांच हुई, उल्टा पहले नोटिस दिया गया और अब उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया।”
भूपेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी आदिवासियों का जल-जंगल-जमीन छीनने के बाद अब उनका नेतृत्व भी छीन रही है। उनके अनुसार, यह संदेश स्पष्ट है कि अडानी की टीम के खिलाफ बोलने वालों को सज़ा दी जाएगी।