प्रदेश
फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर स्कूल पहुंची महिला, प्राचार्य की सतर्कता से खुलासा
दुर्ग। जिले के 11 आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 11 संविदा शिक्षकों के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र जारी होने का खुलासा हुआ है। इसी नियुक्ति पत्र के जरिए जब एक महिला शिक्षिका जेपी नगर कैंप-2 स्थित स्कूल में ज्वाइनिंग करने पहुंची तब इसका भंडाफोड़ हुआ।
स्कूल प्राचार्य को नियुक्ति पत्र देखकर इसके फर्जी होने की शंका हुई। उन्होंने महिला को आदेश की फोटोकॉपी कराने भेज दिया। फिर तुरंत जिला शिक्षा विभाग से संपर्क कर जानकारी ली। पता चला कि डीईओ कार्यालय से किसी भी तरह का नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ है। इसके बाद प्राचार्य इंतजार करती रही, लेकिन शिक्षिका नहीं लौटी। इससे पत्र के फर्जी होने की पुष्टि हो गई।
इसके बाद प्राचार्य सुधा कुर्रे ने जिला शिक्षा अधिकारी को फर्जी नियुक्ति पत्र को लेकर लिखित शिकायत की है। इसी शिकायत पत्र के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने एसपी कार्यालय और कोतवाली थाने में शिकायत की है। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने का प्रतिवेदन दिया है। पत्र में शिक्षकों का पद और प्रारूप दोनों में खामियां थी। इस वजह से पत्र को फर्जी या एडिट पाया गया है।
इनको जारी किया गया है नियुक्ति पत्र
बता दें कि नियुक्ति पत्र के अनुसार तीन अलग-अलग विषयों के लिए शिक्षकों को 1 अप्रैल को स्कूलों में जाकर ज्वाइन करने आदेश दिया गया है। हिंदी विषय के लिए किसन सहारे को नेवई, रोहिणी साहू को दुर्ग, दीपिका धुरंधर को बोई, गणित विषय के लिए राजेश देवांगन को देवादा, भारती निर्मलकर को धमधा, रिचा शर्मा को अंजोय, नेहा राठौर को बासिन, श्वेता कौर को कैंप 2 छावनी, किरण पटेल को कुम्हारी, वाणिज्य विषय के लिए नमेश देवांगन को चरोदा, किरण चौधरी को उतई स्कूल जाकर ज्वाइन करने का उल्लेख किया गया है। शंका है कि पैसा लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया गया है।
जमीन विवाद में हुई मौत से आक्रोशित ग्रामीण ने किया थाना-तहसील का घेराव, बुलडोजर कार्रवाई की कर रहे हैं मांग
कांकेर। जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र के ग्राम पी.व्ही. 27 में जमीन विवाद में दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से नाराज ग्रामीणों ने पखांजूर थाना और तहसील कार्यालय का घेराव कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पी.व्ही. 27 में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद ने रविवार को उग्र रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि एक ही परिवार पर करीब 10 से 12 लोगों ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बृजेश मजूमदार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए।
घायलों में महिला और बुजुर्ग भी शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को पखांजूर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। महिलाओं के साथ मारपीट की खबर से गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने पखांजूर थाना और तहसील कार्यालय का घेराव कर दिया।
तहसील कार्यालय के सामने सैकड़ों ग्रामीण धरने पर बैठ गए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने आरोपियों की अवैध जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पखांजूर तहसीलदार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पखांजूर के एएसपी राकेश कुर्रे मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने में जुटे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल, गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है,वहीं पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन हालात को सामान्य करने की कोशिश में जुटा हुआ है।
यूरिया की ब्लैक मार्केटिंग पर प्रशासन सख्त, शिकायत पर कृषि केंद्रों में की छापेमारी
मुंगेली। जिले में यूरिया की निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बिक्री की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय के निर्देश पर एसडीएम अजय शतरंज, उप संचालक कृषि और नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम ने जिला मुख्यालय के विभिन्न निजी कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुपर एजेंसी, पंजाब एजेंसी, कैलाश ट्रेडर्स और शक्ति माई कृषि केंद्र सहित कई दुकानों में पहुंचकर अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की। यूरिया की वास्तविक बिक्री दर, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी ली गई, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने लाई जा सके।
टीम ने पीओएस मशीन, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रसीदों की गहन जांच की। प्रशासन का फोकस इस बात पर रहा कि कहीं किसानों से निर्धारित दर से ज्यादा कीमत तो नहीं वसूली जा रही या वितरण में कोई अनियमितता तो नहीं हो रही।
निरीक्षण के दौरान सभी विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए कि किसानों को केवल उनके पंजीकृत रकबे के आधार पर शासन द्वारा तय दर पर ही यूरिया दिया जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं अधिक कीमत वसूली जाती है तो तुरंत इसकी शिकायत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
राजधानी में गूंजेगी भक्ति की धारा: सात दिवसीय भागवत कथा 6 अप्रैल से शुरू
रायपुर। प्रदेश का सबसे बड़ा राम दरबार, राजधानी स्थित श्रीराम मंदिर में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का आयोजन आगामी 6 से 12 अप्रैल तक किया जाएगा। कथा वाचक हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी महाराज व्यास गद्दी से कथा का वाचन करेंगे। इस दौरान कथा के साथ-साथ हिंदू धर्म और संस्कृति का गौरव गान होगा, साथ ही हिंदू समाज को संगठित और मजबूत बनाने के लिए गौ सेवा, समाज सेवा और सामाजिक विसंगतियाँ पर जागरूकता संदेश भी दिया जाएगा। भागवत कथा के उपरांत भक्तों के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी रखी गई है।
आयोजित समिति के अध्यक्ष सुनील रामदास, प्रेरणास्रोत राजेन्द्र, संयोजक कैलाश मुरारका, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य मनुष्यों के हृदय में भगवान के प्रति भक्ति, जान और वैराग्य को जागृत कर उन्हें मोक्ष या परम पद की प्राप्ति कराना है। यह कथा सांसारिक मोह-माया से मुक्ति, मन की शुद्धि, दुष्ट प्रवृत्तियों का अंत और जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग दिखाती है।
प्रथम दिन यानि 06 अप्रैल को मातृ शक्ति द्वारा श्रीराम मंदिर से कलश यात्रा निकलेगी, जो वीआईपी चौक से फेरी लगाकर कथा स्थल व्यास पीठ पहुंचेगी। सात दिनों तक चलने वाली कथा में प्रथम दिन भागवत के महात्म्य, धुंधुकारी की कथा और ज्ञान-वैराग्य का प्रसंग, जो कथा सुनने की पात्रता जगाता है।
दूसरा दिन सृष्टि की रचना, भगवान के अवतारों का वर्णन और ध्रुव-प्रहलाद जैसी अटूट भक्ति की कथाएं सुनाई जाएंगी। तीसरा दिन भगवान के विशेष अवतार पर केंद्रित होगा। चौथा दिन श्रीकृष्ण का दिव्य जन्म, गोकुल की लीलाएं और बाल लीलाओं का वर्णन होगा। पांचवां दिन गोवर्धन पूजा और रासलीला पर केंद्रित होगा। छठा दिन कंस वध और रुक्मिणी विवाह पर होगा। सातवां दिन सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति पर कथा होगी।
आयोजित समिति के अध्यक्ष सुनील रामदास, प्रेरणा स्रोत श्री राजेन्द्, संयोजक कैलाश मुरारका तथा कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल जी ने बताया कि कथा के साथ-साथ हिंदु धर्म और संस्कृति का गौरव गान होगा, साथ ही हिंदु समाज को संगठित और मजबूत बनाने के लिए गौ सेवा, समाज सेवा और सामाजिक विसंगतियों पर जागरूकता संदेश भी दिया जाएगा अतः समस्त सनातनियों से आग्रह है कि कम से कम दो दिन तक भागवत कथा का श्रवण अवश्य करें।
पत्रकार मित्रों से आग्रह है कि वे सनातन धर्म की इस ध्वजा को अपने हाथों की कलम से थामकर इस कथा के शब्दों को अपनी सरल भाषा में आखिरी छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।
कथा आयोजन के मुख्य शिल्पियों में राम मंदिर के सचिव नंदन जैन, मनोज गोयल, सुनील अग्रवाल, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, गोविंद अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, शैलेष अग्रवाल, हर्षित सिंघानिया, पुष्पेंद्र उपाध्याय, पुरुषोतम सिंघानिया, श्रीराम शर्मा, विक्रम केवलानी, हेमंत करमेले रविंद्र सिंह, उमेश शुक्ला, डॉ. अनिल द्विवेदी, कलश यात्रा प्रभारी भारवी वैष्णव, अनामिका सिंह एवं निधिश्री शर्मा शामिल हैं।
कथा वाचक हिमांशु महाराज का संक्षिप्त परिचय
देश के सुप्रसिद्ध भागवत कथा वाचक हिमांशु महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंदपुर शहर के कस्बा खानपुर नामक स्थान में हुआ। परिवार में बचपन से ही भक्ति, पूजा पाठ और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन के संस्कार डाले गए अतः आप 09 वर्ष की आयु में ही घर त्यागकर गुरुकुल आ गए और कठोर तपस्वी जीवन में शुक्ल यजुर्वेद, श्रीमदभागवत महापुराण और अन्य शास्त्रों का अध्ययन किया।
मात्र 13 वर्ष की आयु में वेद स्वाध्याय प्रतिभा सम्मान में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किए गए। आप कथा के माध्यम से भक्ति, ज्ञान और वैरागय का संदेश देते हैं। समाज को नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। पूज्य महाराज जी समाज सुधारक भी हैं। धर्म और संस्कृति के संरक्षण में लगे हुए हैं। युवाओं को संस्कार और नैतिकता की शिक्षा देते हैं तथा नशा, गलत आदतों और पाप कर्मों से दूर रहने की प्रेरणा देते हैं।
CM साय का कुनकुरी दौरा रद्द, खराब मौसम के कारण उड़ान नहीं भर सका हेलीकॉप्टर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कुनकुरी दौरा मौसम की खराबी के चलते रद्द हो गया. निर्धारित कार्यक्रम के तहत वे हेलिकॉप्टर से रवाना होने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उड़ान संभव नहीं हो सकी. हेलीपेड पर उन्होंने करीब 1 घंटे 40 मिनट तक मौसम सामान्य होने का इंतजार भी किया, हालांकि रूट क्लियर नहीं हो पाने के कारण आखिरकार दौरा स्थगित करना पड़ा.
ममता सरकार ने लालू यादव के जंगल राज को भी पीछे छोड़ा : CM साय
मुख्यमंत्री साय ने आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की स्थिति मजबूत है. पार्टी के उम्मीदवारों की नामांकन रैलियों में भारी जनसैलाब देखने को मिल रहा है. जनता में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ गहरा आक्रोश है. पिछले 15 वर्षों में राज्य में विकास की गति सुस्त रही है. बहन-बेटियां असुरक्षित हैं, युवा बेरोजगार हैं और केंद्र की योजनाओं को राज्य सरकार ने जानबूझकर लागू नहीं किया. लालू यादव के जंगल राज को भी ममता सरकार ने पीछे छोड़ दिया है.
शिक्षकों के समर्थन में उतरे दिग्विजय सिंह, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर, TET की अनिवार्यता पर पुनर्विचार की मांग
भोपाल। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह अब शिक्षक के समर्थन में उतर आये हैं। TET की अनिवार्यता को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। दरअसल टीईटी की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम के आदेश के बाद देश भर के शिक्षकों में डर का माहौल है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर राज्य के लाखों शिक्षकों की चिंताओं को सामने रखा है। उन्होंने अपने पत्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर राज्य सरकार से पुनर्विचार करने की अपील की है।
दिग्विजय सिंह ने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कार्यरत दो लाख से अधिक शिक्षक इस समय असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं। इसका मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद टीईटी को अनिवार्य किए जाने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस निर्णय को वर्तमान शिक्षकों पर भूतलक्षी (retrospective) प्रभाव से लागू किया जाता है, तो इससे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन या क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टीईटी की अनिवार्यता को भविष्यलक्षी (prospective) प्रभाव से लागू किया जाए। इससे वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के हित सुरक्षित रहेंगे और उन्हें अनावश्यक तनाव से राहत मिलेगी।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कोई शिक्षक टीईटी परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है, तो उसकी सेवा समाप्ति या समयपूर्व सेवानिवृत्ति जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस आशंका के कारण शिक्षकों में व्यापक चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
दिग्विजय सिंह ने यह भी तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय सामने आया है, वह मूल रूप से महाराष्ट्र राज्य से संबंधित था, और मध्य प्रदेश इस मामले में प्रत्यक्ष पक्षकार नहीं था। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो कई सवाल खड़े करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में पहले से ही मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से टीईटी के समान एक परीक्षा प्रणाली लागू है, जिसके आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाती रही है। ऐसे में नई अनिवार्यता लागू करने से व्यवस्था में भ्रम और असंतोष बढ़ सकता है।
कलेक्टर के आदेश को हाईकोर्ट ने किया निरस्त, CEO बहाल
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कलेक्टर की शक्तियों पर स्पष्ट सीमा तय करते हुए कहा है कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का प्रभार बदलने का अधिकार कलेक्टर को नहीं है। अदालत ने इस मामले में कलेक्टर के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता शुभा दामोदर मिश्रा को पुनः उनके पद पर बहाल करने के निर्देश दिए। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश पार्थ प्रतिम साहू ने की।
मामला बिलासपुर के निवासी शुभा दामोदर मिश्रा से जुड़ा है। उन्हें 18 जून 2025 को सचिव, आदिम जाति विकास विभाग, रायपुर द्वारा जनपद पंचायत गौरेला (जिला जीपीएम) में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर पदस्थ किया गया था। वे जून 2025 से इस पद पर कार्यरत थीं। इसी दौरान 11 मार्च 2026 को कलेक्टर, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ने आदेश जारी कर उन्हें CEO के प्रभार से हटाते हुए सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, गौरेला के कार्यालय में पदस्थ कर दिया। इस आदेश के खिलाफ शुभा मिश्रा ने अधिवक्ता अभिषेक पांडेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर में रिट याचिका दायर की। याचिका में तर्क दिया गया कि 11 अप्रैल 2025 को प्रमुख सचिव, आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, शासन द्वारा नियुक्त किसी भी जनपद पंचायत CEO को हटाने का अधिकार कलेक्टर को नहीं है। ऐसे मामलों में राज्य शासन की अनुमति आवश्यक होती है।
मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए कलेक्टर द्वारा जारी आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही अदालत ने शुभा दामोदर मिश्रा को पुनः मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत गौरेला के पद पर पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का नया रोस्टर 8 अप्रैल से लागू, 3 डिवीजन बेंच और 13 सिंगल बेंच तय
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रोस्टर में 8 अप्रैल से बदलाव हो रहा है। अब तीन डिवीजन बेंच के अलावा तेरह सिंगल बेंचों में नियमित सुनवाई की जाएगी। पहली डीबी में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल सभी जनहित याचिकाओं, हेबियस कार्पस पिटीशन, 2020 तक की क्रिमिनल अपील, अवमानना याचिका क्रिमिनल, सेक्शन 482 के तहत आवेदन, 419, 378 पर सुनवाई करेंगे.
दूसरी डीबी में जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत सभी सिविल मामले , कंपनी अपील टेक्स मामले , अल्ट्रा वायरस मामले 2022 तक सुनेंगे। यह डिवीजन बेंच मामलों का कमर्शियल अपीलेट भी रहेगा।
जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एन के व्यास की तीसरी डीबी उन क्रिमिनल मामलों को देखेगी जो किसी डीबी को नहीं दिए गये हैं। 2016 तक की इक्विटल अपील और 2022 तक के अल्ट्रा वायरस मामलों पर भी यही बेंच सुनवाई करेगी। इसके अलावा चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की स्पेशल सिंगल बेंच समेत कुल 13 सिंगल बेंच निर्धारित की गईं हैं।
धरसीवा में खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 4 क्रेशर सील
रायपुर। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश एवं डिप्टी डायरेक्टर खनिज राजेश मालवे के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने शनिवार को धरसीवा विधानसभा क्षेत्र में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए चार क्रेशर सील किए. यह कार्रवाई धरसीवा विधानसभा के खरोरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम धनसुली और मुरा में की गई.

सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव के नेतृत्व में टीम ने अचानक छापा मारकर चूना पत्थर खदानों और क्रेशर इकाइयों की जांच की. जांच के दौरान ग्राम धनसुली स्थित श्री महालक्ष्मी लाइम स्टोन (प्रो. जितेन्द्र अग्रवाल), आशापुरा स्टोन क्वारी (प्रो. बाड़ीलाल पटेल), आशीष अग्रवाल की खदान और राजेश भवनानी का क्रेशर, वहीं ग्राम मुरा स्थित रीराम इंटरप्राइजेज (प्रो. प्रकाश आडवाणी) की इकाई का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में पाया गया कि कई खदानों में खनिज एवं पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए खनन कार्य किया जा रहा था. साथ ही क्रेशर इकाइयों में स्वीकृत क्षमता से अधिक भंडारण और अवैध भंडारण भी मिला.


गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 4 क्रेशर को सील कर बंद कर दिया है. संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किया गया है. गौरतलब है कि खनिज विभाग की टीम ने तीन दिन पूर्व मंदिरहसौद क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई करते हुए कई इकाइयों को सील किया था. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध खनन पर सख्ती का संकेत मिल रहा.
गृह निर्माण ऋण घोटाला: ACB ने भोपाल के पूर्व प्रबंधक को दबोचा, 7 अप्रैल तक रिमांड
रायपुर। 26 साल पुराने गृह निर्माण ऋण घोटाले में सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक को आज एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है. वर्ष 2000 में दर्ज अपराध में पूर्व में 18 मार्च को दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. आज तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को भी गिरफ्तार किया गया है. उन्हें सात अप्रैल तक के लिए पुलिस रिमांड में लिया गया है.
आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर के 186 सदस्यों के नाम पर एक– एक लाख रुपए,कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपए का गृह निर्माण ऋण स्वीकृत करवाया गया है. प्रकरण की जांच में पता चला कि भौतिक सत्यापन में ऋण अभिलेखों में दर्शाए गए स्थलों पर ना तो मकान निर्मित पाया गया और ना ही संबंधित ऋणधारी वहां मिले. जांच में कूटरचित दस्तावेजों,फर्जी प्रमाण पत्रों तथा आपराधिक षड्यंत्र के माध्यम से ऋण राशि के गबन किए जाने के तथ्य सामने आए. जिस पर ब्यूरो में विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज हुआ.
क्या है पूरा मामला ?
ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 19/2000, धारा 120बी, 406, 409, 420, 467, 468, 471 भादवि तथा धारा 13 (1) (सी), 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रकरण में जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि वर्ष 1995 से 1998 के बीच शासन की सरकारी आवासीय योजना के अंतर्गत जरूरतमंद व्यक्तियों को मकान निर्माण हेतु ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी.
जांच में पाया गया कि ‘आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर’ के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी, ‘सहकारी आवास संघ मर्यादित रायपुर’ के तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू एवं ‘सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल’ के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर आपस में मिलकर योजनाबद्ध तरीके से सहकारी आवास संघ के पैसे का बंटरबाट किया और प्रदीप कुमार निखरा द्वारा पद का दुरूपयोग कर कूटरचित दस्तावेजों से फर्जी लोन तैयार कर लाखों रूपये प्राप्त किया गया.
आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आवास संघ से गृह निर्माण के नाम पर धोखाधड़ी से ऋण स्वीकृत कराया. इसके बाद करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपये की राशि का बंदरबांट कर आपस में बांट लिया.
आज चार अप्रैल को प्रकरण में सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को गिरफ्तार किया गया. कोर्ट ने पेशी के बाद गिरफ्तार आरोपी को सात अप्रैल तक पुलिस रिमाण्ड भेज दिया है.
अवकाश के दिन खुला हाईकोर्ट, RTE एडमिशन में लापरवाही पर लिया स्वत: संज्ञान, स्कूल शिक्षा विभाग से मांगा जवाब
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट शनिवार को अवकाश होने के बावजूद खुला. आरटीई कोटे के तहत होने वाले एडमिशन पर लापरवाही हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने आज स्वतः संज्ञान लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के ढीले ढाले रवैये के कारण छत्तीसगढ़ राज्य के गरीब, वंचित, शोषित और आर्थिक रूप से अक्षम छात्रों के आरटीआई सीटों में भर्ती की धीमी गति और सुस्ती पर स्कूल शिक्षा विभाग को शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए है.
साथ ही मीडिया में प्रकाशित खबर में यह भी बताया गया है कि अधिकांश जिलों में लंबित आवेदनों का नोडल वेरीफिकेशन ही समय पर नहीं हो पा रहा है. इसके साथ ही कुछ जिलों में अधिक तो कुछ जिलों में सीटों के मुकाबले कम आवेदन आए हैं. इधर नोडल वेरीफिकेशन के बाद 13-17 अप्रैल के बीच लॉटरी से स्कूल आवंटन होना है लेकिन जांच और तैयारियां अधूरी रहीं तो एडमिशन शेड्यूल बढ़ सकता है. इसके कारण अभिभावकों को भटकना पड़ सकता है.
मीडिया में प्रकाशित खबर को हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया. आज हाई कोर्ट में छुट्टी का दिन था पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने गरीब छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा के लिए अवकाश के दिन भी कोर्ट खुलवाया. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने गरीब,वंचित, शोषित और आर्थिक रूप से अक्षम छात्रों के आरटीआई सीटों में भर्ती की धीमी गति और सुस्ती पर स्कूल शिक्षा विभाग को शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए है. मामले की अगली सुनवाई आठ अप्रैल को रखी गई है.
IIM Raipur के 15वें दीक्षांत समारोह में विदेश मंत्री एस जयशंकर हुए शामिल
रायपुर। विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे. वह नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अथिति के रूप में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच युवाओं की भूमिका और उनकी तैयारी पर विस्तार से चर्चा की.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने भाषण में कहा कि सीमा पार होने वाली घटनाएं सीधे हमारे जीवन और करियर को प्रभावित करती हैं. छात्रों को न केवल अपनी पढ़ाई या क्षेत्र तक सीमित न रहने बल्कि दुनिया में हो रहे राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन को भी समझने की जरूरत है. भारत ने बीते वर्षों में आर्थिक मोर्चे पर मजबूत पकड़ बनाई है और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और सशक्त किया है. कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भी भारत ने स्थिरता बनाए रखी, जो उसकी नीतियों और क्षमता को दर्शाता है.
बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास पर बात करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि देश में सड़कों, रेल नेटवर्क और बंदरगाहों के विस्तार के साथ-साथ डिजिटल क्रांति ने व्यापार और दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाया है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुले हैं. खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम करने की जरूरत है.
विदेश नीति को लेकर उन्होंने कहा कि यह केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार और उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे वैश्विक सोच के साथ अपने कौशल का उपयोग करें और भारत का नाम दुनिया में ऊंचा करें. वहीं सफलता मंत्र देते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा हर क्षेत्र में मौजूद है, इसलिए निरंतर मेहनत, नेतृत्व क्षमता और मजबूत संबंध बनाना बेहद जरूरी है.
हाईकोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित जोगी, दाखिल की विशेष अनुमति याचिका, जल्द हो सकती है सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद पूर्व विधायक अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को होने की संभावना है।
गुरुवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया था और तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा पेश की गई 11,000 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर यह अहम फैसला सुनाया।
खरीफ से पहले किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों पर जोर, रायपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
रायपुर। कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ की। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि “हरित खाद, नीली-हरी शैवाल एवं जैव उर्वरकों” पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी खरीफ सीजन से पहले किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों के प्रति जागरूक करना और सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना था।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए हरित खाद, नीली-हरी शैवाल और जैव उर्वरक जैसे विकल्प फसलों की पोषक आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले दो से तीन महीनों में इन तकनीकों के उत्पादन और उपयोग को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर उभरती अनिश्चितताओं के बीच छत्तीसगढ़ ने टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण-पूर्व एशिया और विशेषकर ईरान में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोलियम उत्पादों एवं उर्वरक निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल के आयात पर संभावित असर को देखते हुए राज्य सरकार ने वैकल्पिक पोषक स्रोतों को बढ़ावा देने की पहल तेज कर दी है।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य सुधार और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता के लिए जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने बताया कि नीली-हरी शैवाल नाइट्रोजन स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, विशेषकर धान की खेती में इसकी उपयोगिता अधिक है। वहीं, हरित खाद से मृदा की संरचना बेहतर होती है और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन को भविष्य की कृषि के लिए अनिवार्य बताया गया।
कार्यक्रम में कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें नीली-हरी शैवाल उत्पादन की तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा खरीफ सीजन के लिए इन विकल्पों के व्यापक उपयोग की रणनीति पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन वैकल्पिक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो न केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि किसानों की लागत में कमी और मृदा स्वास्थ्य में सुधार भी सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम के अंत में सतत, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।
सीएम विष्णु देव साय का TMC पर प्रहार, BJP के लिए मांगा जनसमर्थन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल की जनता को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर नल योजना और किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ गरीबों और किसानों तक नहीं पहुंच पाया। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसरों की भारी कमी है और महिलाओं से किए गए आर्थिक सहायता के वादे भी पूरे नहीं किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है और युवाओं के सामने रोजगार का संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसी सरकार को दोबारा सत्ता में आने से रोकें और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को समर्थन देकर पश्चिम बंगाल में सुशासन और विकास की नई दिशा सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान नयाग्राम, गोपीबल्लवपुर, झारग्राम एवं बिनपुर विधानसभा क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के नामांकन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया तथा जनसभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा के पक्ष में जनसमर्थन की अपील की। इस दौरान सड़कों पर उमड़े जनसैलाब और हर वर्ग के अपार समर्थन ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने झारग्राम की भूमि को वीर सपूतों और विद्वानों की धरती बताते हुए यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल देश ही नहीं, बल्कि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जहाँ एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपने परिश्रम के बल पर सर्वोच्च पदों तक पहुँच सकता है। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक किसान परिवार से आने के बावजूद पार्टी ने उन्हें सांसद, विधायक, प्रदेश अध्यक्ष और आज मुख्यमंत्री जैसे दायित्व सौंपे - जो भाजपा की आंतरिक लोकतांत्रिक परंपरा को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं एक साधारण परिवार से आए हैं और पिछले वर्षों में उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ देश के हर वर्ग के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में नियमित संगठनात्मक चुनाव होते हैं, जबकि अन्य दलों में परिवारवाद हावी है और नीतियों व नीयत दोनों की कमी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समाज के संदर्भ में कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा आदिवासी समाज के सम्मान और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कल्याण बोर्ड, पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना जैसी पहलों के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य किया गया है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बदलने के लिए भाजपा सरकार का गठन आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर राज्य में सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वां वेतनमान लागू किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर जनसंपर्क करने और भाजपा के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता का अभूतपूर्व समर्थन यह संकेत दे रहा है कि इस बार पश्चिम बंगाल में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा सरकार बनने जा रही है और टीएमसी का सफाया निश्चित है।
कांग्रेस भवन को अखाड़ा बनाने पर निपटे जिला उपाध्यक्ष, पार्टी ने छह साल के लिए किया निष्कासित…
महासमुंद। दो दिन पहले कांग्रेस भवन में पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद और कांग्रेस कार्यकर्ता निर्मल जैन के बीच मारपीट करना जिला उपाध्यक्ष विजय साव को भारी पड़ गया. महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने अनुशासनहीनता पर विजय साव को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव की ओर से जारी आदेश में 2 मार्च को पार्टी कार्यालय में हुई मारपीट की घटना को अनुशासनहीनता बताते हुए कहा कि यह न केवल पार्टी की विचारधारा के विपरित है, बल्कि इस हरकत से पार्टी की छवि को गंभीर क्षति पहुंची हैं. यही नहीं कारण बताओ सूचना का भी समयावधि में जवाब नहीं दिया गया. जिस पर पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है.

बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस भवन में दोपहर 2 बजे महंगाई को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने पत्रकार वार्ता आयोजित की थी. पत्रकार वार्ता के बाद सभी पत्रकार कांग्रेस भवन से चले गए. इसके बाद पत्रकार वार्ता की पार्टी पदाधिकारियों को सूचना सही से नहीं दिए जाने को लेकर कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष एवं पार्षद विजय साव की ढेलू निषाद और निर्मल जैन के बीच बहस होने लगी.
विवाद इतना बढ़ा कि वहां रखे प्लास्टिक की कुर्सी उठाकर एक-दूसरे पर वार करने लगे. इस मारपीट में विजय साव, ढेलू निषाद और निर्मल जैन के कपड़े फट गए. वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया. इस बीच लोगों ने पुलिस बुला लिया, जिसने बीच-बचाव करते हुए माहौल को शांत किया.
भाजपा और कांग्रेस ने जिला स्तर पर सोशल मीडिया टीम की गठित, इन्हें मिली कमान, देखें लिस्ट
जगदलपुर। बस्तर जिले में भाजपा और कांग्रेस में पदाधिकारियों की नियुक्ति के जरिए संगठन को मजबूत करने का दौरे जारी है. दोनों ही राजनीतिक पार्टियों ने जिले में सोशल मीडिया टीम पर मजबूत पकड़ के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया है.
भाजपा ने सोशल मीडिया टीम का गठन किया है. ब्रिजेश शर्मा को सोशल मीडिया टीम का जिला सह संयोजक बनाया गया है. वहीं कुल 11 सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
देखें भाजपा की सूची

दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी संगठन की मजबूत करने के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है. कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया की जिम्मेदारी शादाब अहमद को दी है. इसके साथ ही जगदलपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सभी ब्लॉक में प्रभारी और सहप्रभारीयों की नियुक्ति की गई है.
देखें कांग्रेस की सूची
