प्रदेश
SSP ने कांस्टेबल को किया बर्खास्त, ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत पर लिया एक्शन
दुर्ग। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने अवैध वसूली में लिप्त एक कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया है। आरोपी है कि आरक्षक माल वाहन वाहनों से से ओवरलोडिंग चालान के नाम पर अवैध वसूली करता था। जांच में शिकायत सही पाये जाने के बाद एसएसपी ने एक्शन लिया है। वहीं दूसरी तरफ फरियादियों से बदसलूकी के आरोप में स्मृति नगर चौकी में पदस्थ एएसआई प्रमोद सिंह और आरक्षक रवि ठाकुर को लाइन अटैच किया गया है।
जानकारी के मुताबिक रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ आरक्षक अर्जुन दुबे को एसएसपी विजय अग्रवाल ने बर्खास्त किया है। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ दो गंभीर आरोपों पर विभागीय जांच की गई थी। जांच में पाया गया कि दुबे सुपेला सब्जी मंडी क्षेत्र में छोटे माल वाहक वाहनों से ओवरलोडिंग चालान के बदले प्रति वाहन 200 से 800 रुपए तक की अवैध वसूली करता था। उसने ट्रांसपोर्टर दुर्गेश सिन्हा से 5600 रुपए अपने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में भी लिये थे।
इस शिकायत के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक झा ने जांच में सभी आरोपों को प्रमाणित पाया। जिसके बाद आरक्षक अर्जुन दुबे को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। लेकिन उसने कोई जवाब पेश नहीं किया। जांच में बैंक ट्रांजेक्शन सहित अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोप पूरी तरह प्रमाणित हुए। वहीं आरक्षक दुबे को पहले भी कर्तव्य में लापरवाही पर एक वेतनवृद्धि रोकने का दंड दिया जा चुका था।
इस जांच रिपोर्ट के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने आरक्षक ने भ्रष्ट आचरण और विभाग की छवि धूमिल करने के दोषी आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। एसएसपी विजय अग्रवाल ने एक अन्य कार्रवाई में स्मृति नगर पुलिस चौकी में पदस्थ एएसआई प्रमोद सिंह और आरक्षक रवि ठाकुर को लाइन अटैच किया है। आरोप है कि चौकी में आने वाले फरियादियों से चैकी में पदस्थ एएसआई और आरक्षक दुर्व्यवहार किया करते थे। दोनों के खिलाफ शिकायत एसएसपी तक पहुंची थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया है।
कोरबा में बढ़ते प्रदूषण पर हाईकोर्ट का सख्त रुख
कोरबा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर में उड़ती राख, कोयले की धूल और ट्रैफिक अव्यवस्था से नागरिकों का जीवन खतरे में है। अदालत ने बाल्को (BALCO) और राज्य सरकार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं और सभी पावर प्लांट्स को पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने का आदेश दिया है.
धूल और धुएं से भर गया कोरबा
कमिश्नर की रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरबा शहर में 24 घंटे धूल और धुएं का घेरा बना रहता है। पावर प्लांट्स और उद्योगों से निकलने वाली राख और कोयले की धूल ने शहर को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसके अलावा शहर में ट्रैफिक अव्यवस्था और सड़कों पर गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं में भी इजाफा हुआ है।रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि भारी वाहनों की वजह से सड़क हादसों की संख्या बढ़ रही है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है। अदालत ने कहा कि यह स्थिति अब असहनीय हो गई है और ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।
बाल्को को भी बनाया पक्षकार
कोर्ट ने बाल्को को प्रदूषण मामले में पक्षकार बनाया है। अदालत ने बाल्को से स्पष्ट रूप से पूछा कि उन्होंने पर्यावरणीय जिम्मेदारी के तहत किन कदमों को लागू किया है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि वह कमिश्नर की रिपोर्ट की कॉपी उद्योगों और संबंधित विभागों को उपलब्ध कराए और प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करे।
सख्त निर्देश और नोटिस जारी करने का आदेश
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो न्यायालय सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकता है। अदालत ने राज्य सरकार और उद्योगों को 24 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब देने का आदेश दिया है। इसके अलावा सभी पावर प्लांट्स को निर्देशित किया गया है कि वे पर्यावरणीय नियमों का पालन करें और प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस उपाय अपनाएं।
अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2025 के लिए निर्धारित की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुनवाई तक सभी पक्षों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।विशेषज्ञों का कहना है कि कोरबा जैसे औद्योगिक केंद्रों में अगर समय रहते प्रदूषण नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह न केवल स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है, बल्कि शहर की जीवन गुणवत्ता पर भी गंभीर असर डाल सकता है।हाईकोर्ट का यह कदम नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण संदेश है कि प्रदूषण नियंत्रण अब प्राथमिकता है और कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नहीं रही छत्तीसगढ़ की बाघिन बिजली
रायपुर। जंगल सफारी से इलाज के लिए गुजरात भेजी गई बीमार बाघिन बिजली की मौत हो गई है. 7 अक्टूबर को उसे ट्रेन से वनतारा जामनगर वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड केयर सेंटर भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
8 साल की थी ‘बिजली’, यूट्रस और ओरल में था इन्फेक्शन
बाघिन बिजली की उम्र 8 साल की थी. वह जंगल सफारी में पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी. यूट्रस और ओरल में इन्फेक्शन था. उसे बेहतर इलाज के लिए ट्रेन से वनतारा भेजा गया. जहां उसका एक महीने तक इलाज चलना था. लेकिन वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू रिहैबिलिटेशन सेंटर में बाघिन बिजली की मौत हो गई. वनतारा ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी पोस्ट जारी कर दी.
जानकारी के अनुसार, बिजली की तबीयत पिछले कुछ समय से लगातार बिगड़ रही थी. जिसके बाद उसे इलाज के लिए जामनगर के वन्तारा रेस्क्यू सेंटर भेजा गया था. वह लंबे समय से लोगों के बीच लोकप्रिय थी. बिजली की तबीयत में गिरावट आने के बाद रायपुर में प्राथमिक इलाज किया गया. लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर विशेषज्ञों की टीम ने उसे ट्रेन में स्पेशल कोच के जरिए जामनगर भेजा था.
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली की मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कल वन विभाग की टीम और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में की जाएगी. इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी. कुछ दिन पहले भी बाघिन की तबीयत को लेकर वन विभाग ने बयान जारी किया था. जिसमें यह बताया गया था कि बिजली को लगातार निगरानी में रखा गया है. उसे स्पेशल मेडिकल टीम की देखरेख में उपचार मिल रहा था.
ट्रेन से भेजी गई थी जामनगर
बाघिन ‘बिजली’ को उच्च स्तरीय देखभाल के लिए वनतारा जामनगर वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड केयर सेंटर भेजा गया. इसके लिए जंगल सफारी के अधिकारियों ने दक्षिण पूर्व मध्य रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी से संपर्क किया. मंडल रेल प्रबंधक दयानंद और हावड़ा मुख्यालय के अधिकारियों के बीच चर्चा के बाद हावड़ा-अहमदाबाद गाड़ी में रायपुर स्टेशन से बिजली बाघिन को गुजरात भेजने की सहमति दी गई थी.
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत रायपुर जिले में 1.19 लाख से अधिक लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच
रायपुर। महिलाओं एवं परिवारों को समग्र स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक रायपुर जिले में किया गया। यह अभियान भारत सरकार के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।
अभियान के दौरान जिले के चार ब्लॉकों एवं शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 2,426 स्वास्थ्य शिविर एवं 210 विशेषज्ञ शिविर आयोजित किए गए, जिनमें कुल 1,19,791 नागरिकों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान बीपी जांच में 21,679 पुरुष एवं 31,948 महिलाओं की जांच की गई, जबकि डायबिटीज स्क्रीनिंग में 18,301 पुरुष और 27,177 महिलाएँ शामिल रहीं। कैंसर स्क्रीनिंग के अंतर्गत 13,230 लोगों की ओरल कैंसर जांच, 6,425 महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर जांच और 5,186 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर जांच की गई।
इसके अलावा 14,833 गर्भवती महिलाओं की जांच, 9,178 एनीमिया जांच, तथा 7,391 बच्चों का टीकाकरण किया गया। 19,186 बच्चों को पोषण संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर 8,158 बालिकाओं को शिक्षित किया गया। टीबी जांच में 5,192 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 726 “निश्चय मित्र” पंजीकृत हुए जो टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएँगे। सिकल सेल स्क्रीनिंग के तहत 5,920 लोगों की जांच की गई और 740 लाभार्थियों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए।
अभियान के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत 47,453 लोगों को काउंसलिंग दी गई, जबकि 869 लोगों के पीएम-जय एवं वय वंदना कार्ड बनाए गए। इस अभियान में किशोरियों से लेकर वृद्ध महिलाओं तक ने सक्रिय भागीदारी की, वहीं पुरुषों ने भी बड़ी संख्या में स्वास्थ्य जांच कराई।





ग्रामीण खेल प्रतिभाओं का जलवा: सिमगा और भाटापारा में सांसद खेल महोत्सव 2025 का जोन स्तरीय आयोजन संपन्न
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव 2025 के तहत शुक्रवार को सिमगा विकासखंड के रोहरा जोन और भाटापारा विकासखंड के गुर्रा जोन में जोन स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का उत्साहपूर्ण आयोजन हुआ। दोनों ही स्थानों पर ग्रामीण अंचल के सैकड़ों युवा खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपने कौशल, ऊर्जा और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।










सिमगा विकासखंड के रोहरा जोन में हुए तीसरे दिवस के आयोजन में कबड्डी, खो-खो, शतरंज, रस्साकसी, रस्सीकूद, गेड़ी और फुगड़ी जैसे पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का आयोजन किया गया। बालक-बालिकाओं ने 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए खेल भावना और अनुशासन का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
परिणाम इस प्रकार रहे –
कबड्डी (19 वर्ष से कम, बालक) – प्रथम ढाबाडीह, द्वितीय दामाखेड़ा
कबड्डी (19 वर्ष से कम, बालिका) – प्रथम तुलसी, द्वितीय मर्राकोना
कबड्डी (19 वर्ष से अधिक, बालक) – प्रथम ढाबाडीह, द्वितीय कोलिहा
वॉलीबॉल (19 वर्ष से अधिक, पुरुष) – प्रथम निरंक
खो-खो (19 वर्ष से कम, बालक) – प्रथम कुलिपोटा, द्वितीय ढाबाडीह
खो-खो (19 वर्ष से कम, बालिका) – प्रथम ढाबाडीह, द्वितीय रोहरा
खो-खो (19 वर्ष से अधिक, पुरुष) – प्रथम दौरेंगा
गेड़ी दौड़ (19 वर्ष से कम) – प्रथम देवप्रकाश यदु (ढाबाडीह), द्वितीय खिलेश्वर (बुचिपार)
फुगड़ी (19 वर्ष से अधिक, पुरुष) – प्रथम निरंक
रस्साकसी (19 वर्ष से कम, बालिका) – प्रथम हाई स्कूल रोहरा
रस्साकसी (19 वर्ष से अधिक, बालिका) – प्रथम निरंक
रस्साकसी (19 वर्ष से कम, बालक) – प्रथम विश्रामपुर
शतरंज (19 वर्ष से कम, बालक) – प्रथम अमन यदु (रोहरा), द्वितीय खिलेश्वर निषाद (रोहरा)
शतरंज (19 वर्ष से अधिक, पुरुष) – प्रथम बिहारी लाल (ढाबाडीह), द्वितीय सेबेस्टियन पॉल (विश्रामपुर)
शतरंज (19 वर्ष से अधिक, महिला) – प्रथम निरंक
भाटापारा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुर्रा में आयोजित जोन स्तरीय प्रतियोगिताओं में रस्साकसी, खो-खो, कबड्डी, शतरंज, गेड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्सीकूद, भारोत्तोलन, कुश्ती और तैराकी जैसे विविध खेलों में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
परिणाम इस प्रकार रहे –
रस्साकसी (बालक 19) – हायर सेकंडरी गुर्रा
रस्साकसी (बालिका 19) – हायर सेकंडरी गुर्रा
फुगड़ी (बालिका 19) – प्रेरणा निषाद (प्राथमिक शाला गुर्रा)
गेड़ी दौड़ (बालिका 19) – अंशु साहू (हायर सेकंडरी मोपर)
गेड़ी दौड़ (बालक 19) – वेवेन्द्र ध्रुव (हायर सेकंडरी मल्दी)
गेड़ी दौड़ (बालक +19) – रविशंकर ध्रुव (हायर सेकंडरी खैरी आर)
भारोत्तोलन (बालिका 19) – गौरी ध्रुव (हायर सेकंडरी मल्दी देवरानी)
तैराकी (बालिका +19) – सुमन यादव (हायर सेकंडरी मल्दी देवरानी)
कुश्ती (बालिका +19) – महिमा ध्रुव (हायर सेकंडरी मल्दी देवरानी)
शतरंज (बालक 19) – पालन दास घोसलें (हायर सेकंडरी गुर्रा)
शतरंज (बालक +19) – लोकेश ध्रुव (हायर सेकंडरी मिरगी)
शतरंज (बालिका 19) – जितेश्वरी विश्वकर्मा
खो-खो (बालिका 19) – प्रथम हायर सेकंडरी गुर्रा, द्वितीय पू.मा.शाला मल्दी
खो-खो (बालक 19) – प्रथम हाई स्कूल मल्दी, द्वितीय पू.मा.शाला देवरानी
खो-खो (बालक +19) – खैरी आर
रस्सीकूद (बालिका 19) – सानिया (हाई स्कूल मल्दी), सोनम निषाद (हाई स्कूल मल्दी), पूनम वैष्णव (हाई स्कूल मोपर)
रस्सीकूद (बालक 19) – विमल ध्रुव, चेतन निषाद, दुर्गेया नेताम (पू.मा.शाला देवरानी)
कबड्डी (बालक 19) – मल्दी (ग्रामीण)
कबड्डी (बालिका 19) – गुर्रा
कबड्डी (बालक +19) – परसाडीह
कबड्डी (बालिका +19) – देवरानी
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दोनों जोनों में हुए खेल आयोजनों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को खेल के माध्यम से एकता, अनुशासन और आत्मविश्वास की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि ये प्रतियोगिताएं न केवल नई खेल प्रतिभाओं को मंच दे रही हैं, बल्कि गांव-गांव में स्वस्थ जीवनशैली और खेल संस्कृति को भी मजबूत बना रही हैं।
सांसद श्री अग्रवाल ने सभी विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में रायपुर संसदीय क्षेत्र के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे।
वेटलैंड अथॉरिटी ने कर्बला तालाब में नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ वेटलैंड अथॉरिटी ने कर्बला तालाब में चल रहे नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। अथॉरिटी ने कलेक्टर रायपुर को आदेशित किया है कि वह आयुक्त, नगर निगम रायपुर को पत्र जारी कर तालाब में हो रहे अवैध निर्माण कार्यों को रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस आदेश की प्रति आयुक्त नगर निगम रायपुर को भी भेजी गई है।
दरअसल, रायपुर शहर के प्रमुख जलाशयों — कर्बला तालाब, बूढ़ा तालाब, तेलीबांधा तालाब, महाराजबंध तालाब आदि में वेटलैंड नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माणों को लेकर बीते दो वर्षों से शिकायतें उठती रही हैं। मई 2023 में छत्तीसगढ़ वेटलैंड अथॉरिटी ने इन सभी तालाबों की जांच के निर्देश कलेक्टर रायपुर को दिए थे। कलेक्टर ने केवल कर्बला तालाब के लिए जांच समिति गठित की, जिसकी अध्यक्षता वन मंडल अधिकारी रायपुर को सौंपी गई थी।
जुलाई 2023 में वन मंडल अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी, लेकिन यह रिपोर्ट आज तक वेटलैंड अथॉरिटी को प्रेषित नहीं की गई।
इसी बीच रायपुर के ईएनटी विशेषज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राकेश गुप्ता ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत यह रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त की। रिपोर्ट में यह पाया गया कि कर्बला तालाब पर रु. 1.13 करोड़ की लागत से प्रस्तावित निर्माण कार्य वेटलैंड (एडेंटिफिकेशन, कंज़र्वेशन एंड मैनेजमेंट) रूल्स 2017 के विरुद्ध हैं।
डॉ. राकेश गुप्ता की शिकायत और कार्रवाई
सितंबर 2025 में डॉ. गुप्ता ने यह रिपोर्ट संलग्न कर अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को शिकायती पत्र भेजा। उन्होंने बताया कि जांच दल ने जिन कार्यों को “न करने योग्य” बताया था, वही कार्य फरवरी–मार्च 2024 में कराए गए — जैसे कि हाईएस्ट फ्लड लेवल (HFL) से 50 मीटर के भीतर पेवर ब्लॉक लगाना, रिटेनिंग वॉल निर्माण इत्यादि।
डॉ. गुप्ता ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि अब तालाब में डेढ़ करोड़ रुपए की नई रिटेनिंग वॉल और अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इसी शिकायत के आधार पर वेटलैंड अथॉरिटी ने कलेक्टर रायपुर को आदेशित किया है कि—
1. 2023 की जांच रिपोर्ट तत्काल वेटलैंड प्राधिकरण को भेजी जाए।
2. तालाब में चल रहे या प्रस्तावित सभी नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों को तत्काल रोका जाए।
क्या कहते हैं वेटलैंड के नियम
वेटलैंड रूल्स, 2017 के अनुसार,
“किसी भी जलाशय के 2007 से अब तक के औसत हाईएस्ट फ्लड लेवल (HFL) से 50 मीटर के अंदर कोई भी स्थाई निर्माण कार्य — जैसे रिटेनिंग वॉल, सड़क, भवन, पाथवे या पेवर — नहीं कराया जा सकता।”
डॉ. गुप्ता के अनुसार, रायपुर के बड़े तालाब — जैसे कर्बला, बूढ़ा तालाब, तेलीबांधा, महाराजबंध — सभी का क्षेत्रफल 2.25 हेक्टेयर से अधिक है, इसलिए इन पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार पुराने वेटलैंड नियम (2010 के नियम) लागू होते हैं।
इस स्थिति में HFL का औसत वर्ष 2000 से निकालना अनिवार्य है, न कि 2007 से।
2023 की जांच रिपोर्ट में क्या कहा गया था
वन मंडल अधिकारी रायपुर द्वारा प्रस्तुत जुलाई 2023 की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है —
“कर्बला जलाशय में सौंदर्यीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों जैसे पार्किंग, सीसी रोड, रेलिंग मरम्मत, रिटेनिंग वॉल, प्रसाधन भवन आदि से जलाशय की जलधारण क्षमता कम होगी, जल क्षेत्रफल घटेगा और जीव-जंतुओं के आवास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह ‘आर्द्रभूमि संरक्षण एवं प्रबंधन नियम 2017’ का उल्लंघन होगा।”
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इन कार्यों के परिणामस्वरूप जल क्षेत्र का कुछ हिस्सा गैर-आर्द्र भूमि उपयोग में परिवर्तित हो सकता है।

डॉ. गुप्ता की वेटलैंड अथॉरिटी को सलाह
डॉ. राकेश गुप्ता ने प्राधिकरण को सुझाव दिया कि —
कलेक्टर रायपुर ने अब तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है, जबकि अन्य व्यक्तियों को आरटीआई के तहत रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है।
ऐसे में वेटलैंड अथॉरिटी स्वयं सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन देकर यह रिपोर्ट प्राप्त करे।
साथ ही यह भी जांच कराई जाए कि मई 2023 के आदेश और बार-बार रिमाइंडर के बावजूद अन्य प्रमुख तालाबों — बूढ़ा तालाब, तेलीबांधा, महाराजबंध — की जांच रिपोर्ट क्यों नहीं तैयार की गई।
दुर्ग SSP ने यातायात पुलिस की समीक्षा बैठक ली
दुर्ग। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दुर्ग विजय अग्रवाल द्वारा 10 अक्टूबर 2025 को कंट्रोल रूम सभाकक्ष में यातायात पुलिस की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी दीपावली त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना, दुर्घटनाओं को कम करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। एसएसपी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रमुख बाजार क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही की जाए। सड़क किनारे अथवा “नो पार्किंग” क्षेत्रों में किसी भी स्थिति में वाहन नहीं खड़ा किया जाएगा। उन्होंने दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया। विशेष रूप से चौक-चौराहों पर ई-रिक्शा चालकों द्वारा जाम की स्थिति निर्मित होने की संभावना पर ध्यान देने और इसे रोकने के निर्देश दिए।
ओवर-स्पीडिंग पर नियंत्रण के लिए स्पीडगन का प्रयोग करने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा गया। इसके अलावा, हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। यातायात पुलिस ने बैठक में बताया कि विशेष प्रबंधों के तहत अक्षयगंगा मार्केट में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। दक्षिण गंगोत्री क्षेत्र में बाजार आने वाले नागरिकों के लिए सर्कस मैदान पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है। पावर हाउस एवं जवाहर मार्केट क्षेत्र के लिए लाल मैदान के समीप पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं। जिले के नो-एंट्री जोन में — दुर्ग शहर, सेंट्रल एवेन्यू रोड (भिलाई), कसारीदिह से बोगदा पुलिया (जमुल), लिंक रोड (सुपेला से छावनी चौक) तथा महाराजा चौक से बोरसी मार्ग निर्धारित समय में भारी वाहनों और चारपहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि मालवाहक वाहनों में सवारी परिवहन करने वालों के विरुद्ध सघन चालानी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष निगरानी दलों का गठन किया गया है जो निरंतर अभियान संचालित करेंगे। “ऑपरेशन सुरक्षा” अभियान का उद्देश्य दीपावली पर्व के दौरान नागरिकों की सुरक्षा, यातायात अनुशासन और जन-सुविधा सुनिश्चित करना है। इसके तहत सभी प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों और पार्किंग स्थलों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। यातायात पुलिस दुर्ग ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन न चलाएँ और ओवर-स्पीडिंग से बचें। एसएसपी ने कहा कि नागरिकों का सहयोग ही सुरक्षित और व्यवस्थित दीपावली की सफलता की कुंजी है।
पुल की जर्जर स्थिति पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी प्रगति रिपोर्ट
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर स्थित मनियारी पुल की जर्जर स्थिति को लेकर दायर स्वत: संज्ञान जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मरम्मत कार्य की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि लोक निर्माण विभाग ने पुल की मरम्मत और सड़क सुरक्षा कार्य के लिए 8 अक्टूबर 2025 को ठेकेदार को कार्यादेश जारी कर दिया है और यह कार्य दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर 2025 को तय की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता वाई.एस. ठाकुर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता धीरज वानखेड़े और केंद्र सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता रामकांत मिश्रा उपस्थित रहे। कोर्ट के 23 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में लोक निर्माण विभाग (सार्वजनिक निर्माण विभाग) के सचिव द्वारा एक हलफनामा प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि एनएच-130ए पर तखतपुर नगर के अंतर्गत मनियारी पुल और उसके दोनों ओर 100 मीटर सड़क खंड (किमी 73.662 से 74.734) की सतह सुधार और सड़क सुरक्षा कार्य के लिए निविदा जारी की गई थी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 64.07 लाख रुपये है, जिसके तहत कार्यादेश 8 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया है। विभाग ने कहा कि कार्यादेश जारी होने की तारीख से दो माह के भीतर मरम्मत कार्य पूरा किया जाएगा।
कोर्ट ने रिकार्ड में दर्ज हलफनामे का संज्ञान लेते हुए कहा कि अब यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो और गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए। कोर्ट ने विभागीय सचिव को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई से पहले नया शपथपत्र दाखिल करें, जिसमें पुल की मरम्मत कार्य की वास्तविक प्रगति और पूर्णता की स्थिति की जानकारी दी जाए।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने धरसीवां क्षेत्र में गिरदावरी एवं दावा-आपत्ति निराकरण कार्य का किया निरीक्षण
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज धरसींवा विकासखंड के ग्राम मांढर और ग्राम बरोदा की खेतों में चल रहे गिरदावरी सत्यापन और दावा-आपत्ति निराकरण कार्य का निरीक्षण किया।
ग्राम मांढर के पंचायत भवन में कलेक्टर ने गिरदावरी के बाद प्राप्त दावे एवं आपत्तियों के निराकरण की प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व अमले से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी दावों का निराकरण निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ तय समय सीमा में किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त से 30 सितंबर तक गिरदावरी का कार्य किया गया था। ग्राम सभा में गिरदावरी से संबंधित कार्यों का पठन और प्रकाशन किया गया था इसके बाद प्राप्त दावा आपत्तियों का अब निराकरण किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम रायपुर नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष संदीप शर्मा ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा
दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष, दुर्ग में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक से पूर्व अध्यक्ष श्री शर्मा ने आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान आयोग के सदस्य सचिव राजीव जायसवाल, सदस्य राजेन्द्र महिलांगे, खाद्य निज सचिव डॉ. सूरज दुबे उपस्थित थे। अध्यक्ष श्री शर्मा ने अरिहंत महिला मंडल और कुथरेल दुर्ग ग्रामीण की राशन दुकानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र कुथरेल में दर्ज बच्चों की संख्या देखकर संतोष व्यक्त किया। राशन दुकान के आकस्मिक निरीक्षण में अरिहंत महिला मंडल राशन दुकान में आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित नहीं होने पर नाराज़गी जाहिर की और संबंधित दुकान को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागवार योजना और क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी ने बताया कि दुर्ग जिले में संचालित 08 बाल विकास परियोजनाओं के 1550 आंगनबाड़ी केन्द्रों में खाद्य आयोग के काल सेंटर नम्बर का प्रदर्शन किया गया है। अध्यक्ष श्री शर्मा नेे निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की संख्या और पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों का मिलान किया जाए, ताकि वास्तविक उपस्थिति का आकलन हो सके। साथ ही उन्होंने बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बल दिया। लंबित शिकायतों के शीघ्र और संतोषजनक समाधान के निर्देश भी दिए गए।
खाद्य विभाग की समीक्षा में श्री शर्मा ने राशन दुकानों की स्थिति पर असंतोष जताया। उन्होंने खाद्य निरीक्षकों को नियमित मॉनिटरिंग करने और निरीक्षण पंजी में प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही निरीक्षण प्रतिवेदन को खाद्य अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। राज्य खाद्य आयोग के शिकायत कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 एवं 1967 का सभी उचित मूल्य दुकानों, आंनगबाड़ी केन्द्रों, छात्रावास, मध्यान्ह भोजन संचालित शासकीय विद्यालयों मं प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फोर्टीफाईड चावल के लाभ एवं उपयोग की जानकारी के व्यापक प्रचार प्रसार करने एवं जानकारी चस्पा करने, शासकीय उचित मूल्य दुकानों में एपीएल एवं बीपीएल हेतु भण्डारित चावल को पृथक-पृथक भण्डारित करने को कहा। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का निराकरण स्पष्ट एवं विस्तृत रूप से ऑनलाईन दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
भ्रमण के दौरान जिले के भिलाई सेक्टर 6 स्थित अक्षय पात्र फाउण्डेशन द्वारा मध्यान्ह भोजन बनाने का निरीक्षण किया गया एवं भोजन की गुणवत्ता का चख कर परीक्षण भी किया गया, इस संबंध में उक्त संस्था द्वारा भोजन निर्माण की प्रक्रिया, गुणवत्ता, स्वच्छता, वितरण व्यवस्था की प्रशंसा भी गई। इसके पश्चात दल द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान शिवपारा का निरीक्षण किया गया जिसमें आवश्यक जानकारियों का प्रदर्शन नहीं होने से नाराजगी व्यक्त की गई एवं संबंधित दुकान संचालन संस्था को नोटिस जारी करने निर्देशित किया गया। तत्पश्चात दुर्ग ग्रामीण अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान कुथरेल का निरीक्षण किया गया एवं निगरानी समिति की जानकारी अद्यतन करने, एपीएल एवं बीपीएल खाद्यान्न का पृथक-पृथक भण्डारण करने, पात्रतानुसार हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण करने के संबंध निर्देशित किया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिल्डाथॉन के सफल आयोजन हेतु सांसद बृजमोहन अग्रवाल को लिखा पत्र
रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर “विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025” को सफल बनाने का अनुरोध किया है।
रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने जिले के सभी विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से ‘विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025’ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है।
यह राष्ट्रव्यापी नवाचार अभियान शिक्षा मंत्रालय एवं नीति आयोग के एटल इनोवेशन मिशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन के सफल संचालन हेतु केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपेक्षा जताई है।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह बिल्डाथॉन छात्रों के नवाचार, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने का ऐतिहासिक अवसर है। नई पीढ़ी के पास भारत को विश्व गुरु बनाने की क्षमता है, और यह अभियान उसी दिशा में एक निर्णायक कदम है।
उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर 2025 को सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक देशभर में एक साथ यह आयोजन किया जाएगा, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी ‘आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल और समृद्ध भारत’ जैसे विषयों पर अपने नवाचार, विचार और प्रोटोटाइप प्रस्तुत करेंगे। यह कार्यक्रम विश्व के सबसे बड़े छात्र-नेतृत्व वाले नवाचार अभियानों में से एक बनने जा रहा है।
सांसद श्री अग्रवाल ने जिले के सभी सरकारी, निजी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों से समय पर पंजीकरण कर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही शिक्षकों एवं अभिभावकों से भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि, नवाचार केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि यह सोचने और समस्याओं को सुलझाने का एक नया तरीका है। हमें अपने युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि समाधान देने वाला नागरिक बनाना है।
इस आयोजन के अंतर्गत विजेता विद्यार्थियों को कुल 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पंजीकरण, दिशा-निर्देश और आवश्यक संसाधनों की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल [http://vbb.mic.gov.in](http://vbb.mic.gov.in) पर उपलब्ध है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल 13 अक्टूबर को अपने संसदीय क्षेत्र के एक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ बिल्डाथॉन गतिविधियों में शामिल होकर उन्हें प्रोत्साहित करेंगे।
उन्होंने कहा कि, यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला जन आंदोलन है। आइए, हम सब मिलकर अपने विद्यार्थियों की सृजनशीलता से भारत के विकास की नई कहानी लिखें।

कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और जनसंपर्क अधिकारी संघ का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय, नवा रायपुर में विभागीय अपर संचालक संजीव तिवारी के साथ हुई अभद्रता, झूमा-झटकी, गाली-गलौज और कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के विरोध में आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह घटना केवल एक शासकीय अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की संस्थागत गरिमा और अनुशासन पर सीधा प्रहार है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि पत्रकारिता की आड़ में भयादोहन और ब्लैकमेलिंग की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है, किंतु पत्रकारिता के नाम पर भय, भ्रम और दबाव का वातावरण बनाना न केवल वास्तविक पत्रकारिता का अपमान है, बल्कि समाज और शासन — दोनों के प्रति विश्वासघात है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह मांग की कि राज्य में शासकीय सेवकों की सुरक्षा हेतु एक सशक्त कानून बनाया जाए, ताकि अधिकारी और कर्मचारी भयमुक्त होकर जनहित के कार्य कर सकें तथा असामाजिक तत्वों को कठोर दंड मिल सके।
कमल वर्मा ने यह भी अनुरोध किया कि सभी शासकीय कार्यालयों, विशेषकर इंद्रावती भवन में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जाए तथा सभी प्रवेश द्वार में सुरक्षा जांच के लिए आवश्यक उपकरण स्थापित किए जाएँ। उन्होंने राज्य स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक सभी अधिकारी और कर्मचारी बिना भय के अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर सकें, इसके लिए ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया।
छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रवक्ता एवं छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा कि शासकीय कार्यालय में घुसकर हिंसक व्यवहार, झूमा-झटकी, गाली-गलौज और घर जाकर मारने की धमकी देना किसी भी सुसंस्कृत समाज में अस्वीकार्य है। ऐसी घटनाएँ पूरे विभाग में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करती हैं, जिससे अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है और शासन-प्रशासन की कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। जनसंपर्क विभाग के अधिकारी शासन की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने और मीडिया के साथ संवाद बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। शासकीय दायित्व निभा रहे जनसंपर्क अधिकारी पर पत्रकारिता की आड़ में कार्यालय में हमला करना और घर में घुसकर मारने की धमकी देना न केवल लोकतंत्र की मूल भावना के विरुद्ध है, बल्कि शासन की गरिमा पर भी आघात है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि अभद्रता करने वाले तत्वों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न मामलों में कार्रवाई की गई है और दंडात्मक प्रकरण दर्ज हुए हैं। ऐसे व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ लेकर अधिकारियों को खुलेआम धमका रहे हैं जिन पर कड़ी कारवाई आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया की निश्चिन्त रहे, कार्रवाई अवश्य होगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और राज्य सरकार इस प्रकार की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक जे. एल. दरियो, उमेश मिश्रा, संयुक्त संचालक पवन गुप्ता, उपसंचालक घनश्याम केशरवानी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
रावतपुरा फेज-2 में 2.35 करोड़ की से बनेगी सड़क, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया शिलान्यास
रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज शहीद चंद्रशेखर आजाद और श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड अंतर्गत रावतपुरा फेज-2, मठपुरैना में लगभग 2.35 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 2 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा, जिसमें 1.5 किलोमीटर डामर सड़क और 500 मीटर सीसी रोड शामिल है।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि, भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार (केंद्र, राज्य और नगर निगम) के सहयोग से रायपुर में विकास की गंगा बह रही है। हर वार्ड में सड़कों, नालियों, बिजली, पानी और स्वच्छता के काम तेजी से हो रहे हैं। लेकिन कुछ अराजक तत्व इस विकास में बाधा डालने का प्रयास करते हैं। वे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं नलों, बल्बों, ट्यूबलाइटों को तोड़ते हैं और सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह आचरण समाज और शहर, दोनों के हित में नहीं है।”
सांसद श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि, सरकारी संपत्ति हमारी सामूहिक संपत्ति है। इसकी सुरक्षा और देखभाल हम सबकी जिम्मेदारी है। यदि हम सब मिलकर इन संसाधनों की रक्षा करेंगे, तो विकास के कार्य और तेजी से होंगे और आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, महापौर मीना चौबे, जोन अध्यक्ष बद्री प्रसाद गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, पार्षद रवि सोनकर, रमेश सपहा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, भाजपा कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।




पत्रकारिता की आड़ में हिंसा — लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कलंक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के साथ एक कथित पत्रकार द्वारा की गई मारपीट की घटना ने पूरे मीडिया जगत को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पत्रकारिता की साख पर गहरा आघात है।
पत्रकारिता सदैव संवाद, विवेक और सत्य की खोज का माध्यम रही है — न कि दबाव, धमकी या हिंसा का। जिस पेशे की बुनियाद सवाल पूछने और जवाब खोजने पर टिकी है, वहाँ हिंसक व्यवहार का कोई स्थान नहीं हो सकता।
इस घटना ने एक गंभीर प्रश्न खड़ा किया है — क्या अब पत्रकारिता के नाम पर गुंडागर्दी और व्यक्तिगत स्वार्थ का खेल खुलेआम चलने लगा है?
अगर हाँ, तो यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए अत्यंत खतरनाक संकेत है।
जनसंपर्क विभाग के अधिकारी जनता और शासन के बीच संवाद का माध्यम हैं। उनके साथ हुई मारपीट, सिर्फ प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन नहीं, बल्कि सभ्यता की मर्यादाओं की भी हत्या है।
असहमति और आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार हैं, पर हिंसा कभी भी अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं हो सकती। ऐसी घटनाएँ न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अस्थिर करती हैं, बल्कि सच्चे और ईमानदार पत्रकारों की छवि को भी धूमिल करती हैं।
राज्य सरकार को चाहिए कि ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति (Zero Tolerance Policy) अपनाए।
पत्रकार संगठनों को भी आत्ममंथन करना होगा कि ऐसे “कथित पत्रकार” आखिर क्यों और कैसे इस पवित्र पेशे का मुखौटा पहनकर दबंगई पर उतर आते हैं।
सच्ची पत्रकारिता वह है जो जनहित में सवाल पूछे, व्यवस्था को आईना दिखाए, और समाज में संवाद की संस्कृति को मजबूत करे।
हिंसा, अहंकार और सत्ता-प्रदर्शन से पत्रकारिता नहीं, उसकी आत्मा मरती है।
मै इस घटना की कड़ी भर्त्सना करता है और उम्मीद करता हूं कि सरकार, पुलिस और मीडिया संगठन मिलकर ऐसी प्रवृत्तियों पर सख्त कार्रवाई करें — ताकि पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता बनी रहे।
देवेंद्र किशोर गुप्ता
मुख्यमंत्री ने 1.98 लाख विद्यार्थियों के खाते में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृति ऑनलाईन अंतरित की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान अब उनके बैंक खाते में ऑनलाईन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्गों के 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को ऑनलाईन भुगतान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिलेगी। छात्रवृत्ति पहले विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में लगातार हो रहे इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को पूर्व की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही एवं पारदर्शी बनाया गया है। श्री बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों आज आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को की गई थी। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावास एवं आश्रमों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। साथ ही इसके दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्र टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थे।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह वैज्ञानिक किसान सम्मेलन सम्पन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु विगत दिवस इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह वैज्ञानिक किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ में जूट की उन्नत खेती और उत्पादन विधियों पर आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जूट की खेती परियोजना के तहत आईबीआईटीएफ द्वारा वित्त पोषित और आईआईटी भिलाई के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण में राष्ट्रीय जूट बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. नीलेन्दु भौमिक और तकनीकी सहायक ने जूट से यांत्रिक फाइबर निष्कर्षण पर व्याख्यान दिया है। उन्होंने बारीक निष्कर्षण को आसान बनाने के लिए एक रिबनर मशीन का प्रदर्शन किया है। आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान संचालक डॉ. विवेक त्रिपाठी ने प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया। डॉ. राजीव प्रकाश ने रेशेदार फसलों के पारिस्थितिक महत्व के बारे में जानकारी देते हुए किसानों को संबोधित किया। उन्होंने रेशे की गुणवत्ता पर रेटिंग प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से छत्तीसगढ़ में पूर्व की तरह जूट की खेती फिर से शुरू करने का आह्वान किया। डॉ. विवेक त्रिपाठी ने किसानों से खरीफ के लिए चावल के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान खरीफ में चावल उगाने से पहले ग्रीष्मकालीन फसल के रूप में जूट की खेती कर सकते हैं। इससे किसानों को पारिश्रमिक मिलेगा और उनकी आजीविका में सुधार होगा।
जूट परियोजना की सह अन्वेषक डॉ. प्रज्ञा पांडे ने जूट की उन्नत खेती की पद्धतियों पर व्याख्यान दिया। डॉ. अरुण उपाध्याय ने एंजाइमेटिक रेटिंग तकनीक पर व्याख्यान दिया। इस सम्मेलन में धमतरी और रायपुर के 30 किसानों ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और व्याख्यान, मशीन प्रदर्शन और जूट के अवलोकन के माध्यम से जूट उत्पादन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस खरीफ मौसम में धमतरी जिले में 4 एकड़ भूमि पर जूट की खेती चल रही है। किसानों ने आगामी वर्ष में जूट का क्षेत्र विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की।
ACB की एक ही दिन में दूसरी बढ़ी कार्रवाई: संविदा नौकरी लगाने के नाम पर मांगी थी रिश्वत, 50 हजार रुपये लेते घूसखोर अफसर को किया गिरफ्तार
सूरजपुर/बिलासपुर। सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी का खेल एक बार फिर बेनकाब हो गया है। शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दो अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एक तरफ सूरजपुर जिले की महामाया शुगर फैक्ट्री के इंजीनियर को नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया, तो दूसरी तरफ बिलासपुर में आदिम जाति कल्याण विभाग के बाबू को अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की राशि जारी करने के नाम पर पैसे लेते हुए धर दबोचा गया।
सूरजपुर में इंजीनियर गिरफ्तार — संविदा नौकरी के नाम पर मांगी रिश्वत
सूरजपुर जिले की महामाया शुगर फैक्ट्री में पदस्थ इंजीनियर सी.आर. नायक को ACB ने शुक्रवार को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, इंजीनियर नायक ने एक युवक से संविदा पद पर नौकरी लगवाने के एवज में पैसे मांगे थे। युवक ने पहले ही एसीबी को शिकायत दी थी कि फैक्ट्री में भर्ती कराने के नाम पर इंजीनियर लगातार पैसे की डिमांड कर रहा है।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी की टीम ने सूरजपुर पहुंचकर ट्रैप की पूरी योजना तैयार की। तय समय पर शिकायतकर्ता ने इंजीनियर को पैसे सौंपे और जैसे ही नायक ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, टीम ने उसे उसके निजी आवास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इंजीनियर से एसीबी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
बिलासपुर में बाबू भी चढ़ा ACB के हत्थे
इधर, बिलासपुर जिले में भी ACB की टीम ने आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ बाबू मनोज टोंडेकर को गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता युवक ने अपनी शादी के बाद अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया था। लेकिन, जब आवेदन स्वीकृत हुआ और राशि जारी करने की बारी आई, तब बाबू ने ₹10,000 की रिश्वत की मांग की।
युवक ने तुरंत एसीबी को शिकायत की। एसीबी ने जांच के बाद ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया और तय योजना के अनुसार युवक ने बाबू को रिश्वत दी। जैसे ही बाबू ने पैसे लिए, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद की और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।