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महिला डीएसपी के विरुद्ध जारी वेतन वसूली आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने दी राहत; 5 वर्ष से अधिक पुरानी वसूली को बताया अवैध
बिलासपुर। उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में महिला उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) एस.एस. टेकाम के विरुद्ध जारी वेतन वसूली आदेश को निरस्त कर दिया है। साथ ही आदेश दिया है कि उनके वेतन से की गई वसूली की पूरी राशि उनके बैंक खाते में वापस जमा की जाए। यह फैसला उन सरकारी कर्मचारियों के लिए भी मिसाल माना जा रहा है, जिन्हें सेवा अवधि के अंतिम दौर में वेतन वसूली के आदेश जारी किए जाते हैं।
क्वार्टर नंबर AG/1, आसमां कॉलोनी, बिलासपुर निवासी एवं पूर्व में कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक (IGP) बिलासपुर में पदस्थ रही डीएसपी एस.एस. टेकाम के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (एसपी) बिलासपुर द्वारा वसूली आदेश जारी किया गया था। आरोप था कि पदस्थापना अवधि के दौरान वेतन नियतन में हुई त्रुटि के कारण उन्हें अधिक वेतन दे दिया गया, जिसे वसूलना आवश्यक बताया गया था। इसके आधार पर उनके वेतन से कटौती प्रारंभ की गई थी।
वसूली आदेश के खिलाफ क्षुब्ध होकर डीएसपी टेकाम ने हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं वर्षा शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ता की ओर से यह प्रमुख तर्क रखे गए कि—
वसूली आदेश 5 वर्ष से अधिक पुराने भुगतान से संबंधित था, जो नियमों के विरुद्ध है।
आदेश सेवानिवृत्ति तिथि से मात्र 6 माह पूर्व जारी किया गया, जो पूरी तरह अवैध है, क्योंकि सेवा निवृत्ति से 1 वर्ष पूर्व ऐसी वसूली नहीं की जा सकती।
अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का हवाला दिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे—
स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीह (व्हाइट वॉशर)
थॉमस डेनियल बनाम स्टेट ऑफ केरल
भगवान शुक्ला बनाम यूनियन ऑफ इंडिया
इसी के साथ हाईकोर्ट बिलासपुर की डिवीजन बेंच के स्टेट ऑफ छत्तीसगढ़ बनाम लाभाराम ध्रुव मामले में दिए गए निर्णय का उल्लेख किया गया, जिनमें यह सिद्धांत स्पष्ट रूप से स्थापित है कि—
“किसी भी शासकीय कर्मचारी से सेवानिवृत्ति के एक वर्ष के भीतर अथवा 5 वर्ष से अधिक पुराने कथित अधिक वेतन भुगतान की वसूली नहीं की जा सकती।”
हाईकोर्ट ने argumentos से सहमत होते हुए कहा कि याचिकाकर्ता से वसूली पूर्णतः नियम विरुद्ध थी और इसे जारी रखना न्याय संगत नहीं है। कोर्ट ने वसूली आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) बिलासपुर तथा पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर को निर्देश दिया कि—
याचिकाकर्ता के वेतन से की गई संपूर्ण वसूली राशि उनके बैंक खाते में वापस जमा की जाए।
इस निर्णय को सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के हित में एक महत्वपूर्ण न्यायिक राहत माना जा रहा है। विशेष रूप से उन मामलों में, जहां वर्षों पुराने वेतन नियतन के आधार पर सेवानिवृत्ति के अंतिम चरण में वसूली आदेश जारी कर दिए जाते हैं।यह फैसला न केवल डीएसपी एस.एस. टेकाम के लिए राहत लेकर आया है बल्कि अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी भविष्य का महत्वपूर्ण संदर्भ निर्णय होगा।
मुख्यमंत्री से इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को डॉ. शर्मा ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाई पेंटिंग भेंट की और विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों के विषय में चर्चा की।
नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम : सुरक्षाबलों ने विस्फोटक के साथ दो इनामी नक्सली गिरफ्तार, इधर हथियारों का जखीरा बरामद
सुकमा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर दोहरी सफलता मिली है। एक ओर सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने 5 लाख के इनामी दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है, तो वहीं दूसरी ओर बीजापुर में जवानों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
सुकमा : विस्फोटक के साथ दो इनामी नक्सली गिरफ्तार
थाना चिंतलनार क्षेत्र में डीआरजी सुकमा, थाना चिंतलनार और 203 कोबरा की संयुक्त टीम ने माओवादी संगठन से जुड़े दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया। दोनों गोमगुड़ा इलाके में IED प्लांट करने की तैयारी में थे, इसी दौरान सुरक्षाबलों ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ा।

गिरफ्तार नक्सलियों में से एक पर 3 लाख रुपये और दूसरे पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मौके से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी थाना पामेड़, जिला बीजापुर के निवासी बताए जा रहे हैं।
बीजापुर : हथियारों का जखीरा बरामद
वहीं बीजापुर जिले में नक्सलियों की बड़ी साजिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम किया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत बीते कुछ दिनों में सुरक्षा बल के जवानों ने बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुजारी कांकेर में 196 बटालियन की एफओबी (फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस) में एक सुरक्षा कैंप स्थापित किया है।

सरकार और पुलिस अब उन क्षेत्रों से नक्सलियों को खदेड़कर वहां विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस कार्य में पुलिस और सरकार कई हद तक सफल भी होती दिख रही है।
शनिवार को नए कैंप में स्थापित 196 बटालियन और डीआरजी के जवान छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत सीआरपीएफ डीआईजी बी.एस. नेगी और बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव के निर्देशन में पुजारी कांकेर-03 के उत्तर-पश्चिम जंगलों में निकले हुए थे। इस दौरान नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को बड़ी क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से कई तरह के हथियार और गोला-बारूद — जैसे बीजीएल लांचर (01), बीजीएल सेल (09), प्राथमिक कारतूस (08) और कोबरा पैटर्न पाउच (01) — जमीन में गाड़कर छिपाए गए थे। जवानों ने मौके पर सूझबूझ और सतर्कता से इन सामग्रियों को बरामद कर लिया।
भाजपा नेताओं के बयान पर दीपक बैज का पलटवार, कहा – भाजपा की नैया डूब रही
जगदलपुर। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा और वन मंत्री केदार कश्यप के बयान पर दीपक बैज ने पलटवार किया है। बैज ने भाजपा को डूबती नैया बताया है। दरअसल भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने भी कांग्रेस के अंदर दीपक बैज की स्थिति बेहद दुखद होने की बात कही थी.
भाजपा नेताओं के बयानों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा, भाजपा नेताओं के बयान से लगता है कि भाजपा बेहद कमजोर हो चुकी है। भाजपा की नैया डूब रही है इसलिए भाजपा के लोग अब चाहते हैं कि उनकी नैया संभालने के लिए कोई आए, लेकिन डूबती नैया में कोई सवार नहीं होता।
SIR प्रक्रिया पर टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान, कहा – भाजपा को वोट देने वालों का ही रहेगा वोटर लिस्ट में नाम
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने सवाल उठाया है। जगदलपुर के दौरे में पहुंचे टीएस सिंहदेव ने SIR की प्रक्रिया को दूषित बताया। उन्होंने कहा, वोट चोरी की बात को जितना जल्दी हो सके चुनाव आयोग को स्वीकार कर लेना चाहिए।
टीएस सिंहदेव SIR प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा, आयोग ने SIR की प्रक्रिया को बेहद जटिल बना दिया है। लोगों को SIR के तहत दस्तावेजों के फोटोकॉपी का गैर जरूरी खर्च उठाना पड़ेगा। साथ ही लोगों को अपनी फोटो खिंचवाने के लिए भी परेशान होना पड़ेगा। सिंहदेव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, SIR के तहत सिर्फ उनका ही नाम अब वोटर लिस्ट में होगा, जो भाजपा को वोट देते हैं।
फरार हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर वीरेंद्र तोमर को पुलिस ने ग्वालियर से किया गिरफ्तार
रायपुर। राजधानी रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर तोमर बंधुओं पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। इनमें से एक वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी तोमर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुरानी बस्ती और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम तोमर बंधुओं की लगातार तलाश कर रही थी। इसी बीच टीम ने ग्वालियर में दबिश देकर वीरेंद्र को हिरासत में लिया और रायपुर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बता दें कि एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी 2 जून से फरार चल रहे थे। पुलिस की लगातार दबिश के बावजूद दोनों भाइयों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी दांव-पेच अपनाए, लेकिन राहत नहीं मिली। हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी। हालांकि, अदालत ने दोनों की पत्नियों और भतीजे की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
बार-बार बदल रहे लोकेशन
गौरतलब है कि दोनों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी लोकेशन बार-बार बदलनी शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि ये लोग मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर लगातार मूव कर रहे थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आएं। फिलहाल पुलिस ने वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जबकि रोहित तोमर की तलाश अभी जारी है। पुलिस टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। वीरेंद्र तोमर को सड़क के रास्ते रायपुर लाया जा रहा है।
रायपुर के तोमर बंधु लंबे समय से शहर में अवैध सूदखोरी और रंगदारी के मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इनके खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी, वसूली और अवैध लेनदेन से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने हाल के महीनों में इनके ठिकानों पर लगातार कार्रवाई की है। छापेमारी में पुलिस ने उनके ठिकानों से ब्लैंक चेकबुक, नगद राशि, हथियार और कारतूस बरामद किए थे।
जनजातीय गौरव दिवस पर समूचे प्रदेश में 15 नवम्बर तक मनाया जाएगा “जनजातीय गौरव पखवाड़ा”, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर होंगे विशेष आयोजन
रायपुर। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार इस वर्ष 15 नवम्बर 2025 को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में समूचे देश में “जनजातीय गौरव दिवस” भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक “जनजातीय गौरव पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं प्रभारी सचिवों की उपस्थिति में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय समारोह में जनजातीय संस्कृति, लोककला, व्यंजन, हस्तशिल्प और विकास प्रदर्शनी के साथ-साथ भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्यक्रमों में शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव एवं उत्तर छत्तीसगढ़ जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही आश्रम-छात्रावासों, शासकीय संस्थानों और जनजातीय ग्रामों में प्रभातफेरी, जन-जागरूकता यात्राएँ, वृक्षारोपण, निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। जनजातीय नायक-नायिकाओं के जीवन और योगदान पर संगोष्ठियाँ भी होंगी।
इस पखवाड़े के दौरान विशेष लाभार्थी संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, सिकल सेल जांच, स्वास्थ्य परीक्षण, जाति प्रमाणपत्र वितरण, पीएम किसान सम्मान निधि एवं किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।
जिले के “आदि सेवा केन्द्रों” में भी गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, जनजातीय समुदाय के प्रमुखों, प्रतिभावान बच्चों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही पी.एम. जनमन, आदि कर्मयोगी तथा धरतीआबा योजनाओं से संबंधित लघु फिल्में प्रदर्शित की जाएँगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश-पाठ (पाती वाचन) भी किया जाएगा।
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर यह आयोजन प्रदेश के आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, संघर्ष और गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर बनेगा।
"धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती हम सबके लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस, संघर्ष और त्याग से जनजातीय समाज को स्वाभिमान और स्वतंत्रता का संदेश दिया। जनजातीय गौरव पखवाड़ा न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत के उत्सव का प्रतीक है, बल्कि यह आदिवासी समाज के उत्थान, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। मैं सभी प्रदेशवासियों से आग्रह करता हूँ कि वे इस पखवाड़े में उत्साहपूर्वक भाग लें और हमारी जनजातीय संस्कृति, परंपरा एवं मूल्यों को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।"
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय*
IPS डॉ. संतोष के संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयास पर लिखित किताब का प्रकाशन, सीएम साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डीजीपी को भेंट की पुस्तक
रायपुर। पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी के रूप में पदस्थ आईपीएस डॉ. संतोष सिंह के संयुक्त राष्ट्र के शांति सुदृढ़ीकरण से जुड़े शोध विषय पर लिखित किताब का प्रकाशन दिल्ली के प्रतिष्ठित मानक पब्लिकेशन ने किया। आईपीएस डॉ. संतोष ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डीजीपी अरुण देव गौतम को किताब की प्रति भेंट की।

उल्लेखनीय है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने में संयुक्त राष्ट्र संघ की सहायता करने में दृढ़ता के साथ प्रतिबद्ध है और विभिन्न देशों में कार्यरत शांति सेनाओं में दुनिया में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से तीसरे नंबर पर है। 1950 से अब तक हमारे देश ने 49 शांति मिशनों में भाग लिया है और लगभग 2 लाख शांति सैनिकों का योगदान किया है। वरिष्ठ भारतीय पुलिस और सैन्य अधिकारी शांति मिशनों में भाग लेते हैं।

आईपीएस संतोष सिंह ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से डॉक्टरेट की डिग्री और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) नई दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय संबंध विषय में एमफिल और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) वाराणसी से राजनीतिशास्त्र में एमए किया है। एम फिल के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भागीदारी पर उन्होंने शोध-प्रबंध लिखा था। उनके विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शोध जर्नल में उनके अनेकों शोध-पत्र प्रकाशित हुए हैं।
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बन रही लोगों के लिए संजीवनी, शासकीय मदद से गणेशराम का किडनी प्रत्यारोपण सफल, सीएम से मिल कर परिवार ने जताया आभार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अब उन परिवारों के लिए संजीवनी बन चुकी है, जिनके लिए गंभीर बीमारियों का खर्च उठाना संभव नहीं होता। इस योजना ने एक बार फिर जशपुर जिले के बगीचा निवासी 48 वर्षीय किसान गणेशराम यादव को नई ज़िंदगी दी है।
गणेशराम की दोनों किडनियाँ खराब हो चुकी थीं। कई महीनों से डायलिसिस पर चल रहे गणेशराम की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टरों ने उन्हें किडनी प्रत्यारोपण की सलाह तो दी, लेकिन उपचार का खर्च सुनकर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। एक किसान परिवार के लिए इतना बड़ा खर्च उठाना असंभव था - परिवार असहाय खड़ा था, और हर दिन जीवन की आस धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही थी।
इसी कठिन समय में उन्हें कुनकुरी सदन के माध्यम से मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली। परिवार ने तत्परता से पहल की, आवश्यक दस्तावेज़ तैयार किए गए, और बिना किसी जटिल प्रक्रिया के योजना के अंतर्गत उनका पूरा उपचार निःशुल्क स्वीकृत हो गया।
गणेशराम को रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया गया। उनके उपचार के लिए उनकी 64 वर्षीय माता सरस्वती यादव ने अपने बेटे के लिए निःसंकोच किडनी दान कर दी — इस प्रकार एक माँ ने अपने बेटे को दूसरी बार जीवनदान दिया। किडनी प्रत्यारोपण सफल रहा, और गणेशराम अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। घर लौटने के बाद उनका परिवार पुनः खुशियों से भर उठा है।
स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के पश्चात् गणेशराम अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित निवास में मिले। उनकी आँखों में कृतज्ञता और भावनाओं की नमी थी। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए गणेशराम ने कहा कि“अगर यह योजना नहीं होती, तो शायद मैं आज ज़िंदा नहीं होता। सरकार ने हमारी जीवन की टूटी हुई आस को फिर से लौटा दिया।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गणेशराम और उनके परिवार से आत्मीय मुलाकात करते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि, “प्रदेश का प्रत्येक नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पाने का अधिकारी है। हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे — यही सच्चे अर्थों में जनसेवा है।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मानवीयता और करुणा को नया आयाम दे रही है।
अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल हुई शुरू
अंबिकापुर। जिला अधिवक्ता संघ, सरगुजा (अंबिकापुर) की संघर्ष समिति द्वारा लिए गए सर्वसम्मत निर्णय के अनुसार शुक्रवार से संघ से पंजीकृत सभी अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है. अधिवक्ताओं की यह मांग है कि जिला न्यायालय का नया भवन वर्तमान स्थल पर ही निर्मित किया जाए.
अधिवक्ताओं का कहना है कि यह न केवल न्यायिक दृष्टि से उचित होगा, बल्कि अंबिकापुर की जनता की सुविधा और भावना के भी अनुरूप है. संघ के आंदोलन को सरगुजा के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और शासकीय संगठनों से समर्थन मिला.
आंदोलन स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, गुरु सिंह सभा अंबिकापुर, सर्व ब्राह्मण सभा सरगुजा, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने मंच से अधिवक्ताओं की मांगों का पूर्ण समर्थन किया. उन्होंने कहा कि न्यायालय भवन को वर्तमान स्थल पर ही बनाना न्यायिक दृष्टि से उपयुक्त और जनभावना के अनुरूप निर्णय होगा.
नेताओं और संगठनों के प्रतिनिधियों ने अधिवक्ताओं की एकता और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज के बौद्धिक मार्गदर्शक हैं. जब न्याय के प्रहरी सड़क पर उतरते हैं, तो यह संकेत होता है कि शासन-प्रशासन को अपनी नीति और निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए. रैली के बाद अधिवक्ताओं ने कलेक्टर सरगुजा से मुलाकात की. कलेक्टर ने बताया कि रविवार तक अतिक्रमण करने वाले कर्मचारी यदि स्वयं स्थान खाली नहीं करेंगे तो सोमवार से उनके खिलाफ बलपूर्वक कब्जा खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी.
आंदोलन जनसुविधा के लिए कर रहे: अधिवक्ता
आंदोलन स्थल पर पूरे दिन एकता और अनुशासन का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला. बड़ी संख्या में अधिवक्ता और नागरिक न्यायालय भवन वर्तमान स्थल पर ही बनेगा के नारों के साथ एकजुट रहे. अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि जनसुविधा, पारदर्शिता और न्यायिक गरिमा की रक्षा के लिए है. संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी ने कहा कि जिला न्यायालय का वर्तमान स्थान वर्षों से इसके लिए उपयुक्त सिद्ध हुआ है.
ट्रांसजेंडर समुदाय के विधिक अधिकारों के संरक्षण हेतु जागरूकता सेमिनार आयोजित, समस्याओं और समाधान पर हुआ संवाद
रायपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की योजना “कमजोरों को न्याय मिलेगा” के तहत छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में ट्रांसजेंडर समुदाय हेतु विधिक जागरूकता एवं उत्थान सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में समिति की ओर से रीना बारिया द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय की ऐतिहासिक, सामाजिक परिस्थितियों, सम्मान तथा अधिकार प्राप्ति में आने वाली चुनौतियों के प्रमुख पहलुओं को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि समाज में पहचान स्थापित करना, रोजगार के अवसर प्राप्त करना एवं समान व्यवहार पाना आज भी इस समुदाय के लिए एक चुनौतीपूर्ण है, जिसके लिए संवेदनशीलता एवं विधिक संरक्षण आवश्यक है।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के सचिव अविनाश कुमार दुबे ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के प्रत्येक कमजोर वर्ग को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने एवं उनके मूल अधिकारों की रक्षा करने हेतु सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार समाज में समावेशी दृष्टिकोण एवं न्याय की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, परालीगल वॉलेंटियर तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
मृत लोको पायलट की बेटियों की पढ़ाई और शादी का खर्च उठाएगी क्लीन कोल एंटरप्राइजेज कंपनी
बिलासपुर। रेल हादसे के बाद अब पीड़ित परिवारों को राहत की किरण दिखाई दे रही है. क्लीन कोल एंटरप्राइजेज प्रा. लि. ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोको पायलट विद्या सागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा और विवाह का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है. कंपनी के निदेशक संजय अग्रवाल ने जिला कलेक्टर बिलासपुर को पत्र लिखकर इस संबंध में औपचारिक ऐलान किया है.
बता दें, 4 नवम्बर 2025 को बिलासपुर में भीषण रेल दुर्घटना हुई थी. कम्पनी प्रबंधन प्रभावित लोगों को उचित सहायता प्रदान करने का ऐलान किया है. इसी कड़ी में लोको पायलट के प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता करने का निर्णय लिया है. इसके तहत, स्वर्गीय विद्या सागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी कंपनी उठाएगी. साथ ही, जब इन बालिकाओं का विवाह होगा, तब कंपनी आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगी ताकि परिवार पर किसी तरह का बोझ न पड़े. कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि उसी रेल हादसे में जिन परिवार के सभी सदस्य असमय काल के गाल में समा गए, उस परिवार के एकमात्र बचे हुए बच्चे की पूरी शिक्षा की जिम्मेदारी भी कंपनी वहन करेगी.
कंपनी ने कहा कि वर्तमान में दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं, इसलिए जब स्थिति सामान्य होगी तब उनके परिजनों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि सहायता प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके. संजय अग्रवाल, निदेशक, क्लीन कोल एंटरप्राइजेज प्रा. लि. ने कहा कि कंपनी इस मुश्किल समय में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है और सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत हर संभव सहयोग किया जाएगा. पत्र की प्रति दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल रेल प्रबंधक को भी जानकारी के लिए भेजी गई है. यह पहल न केवल संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि किसी की जान भले चली जाए, पर इंसानियत को जिंदा है.
अवैध धान परिवहन पर जिला प्रशासन की कार्रवाई, दो ट्रैक्टर धान जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले धान का अवैध परिवहन शुरू हो गया है। इस पर लगाम लगाने प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आज तहसीलदार एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने सरिया क्षेत्र में अवैध रूप से धान परिवहन करते दो ट्रैक्टर धान जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान दोनों ट्रैक्टर चालक धान परिवहन के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इस पर टीम ने धान को जब्त कर सरिया थाना के सुपुर्द किया। तहसीलदार कोमल साहू की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मंडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति या खरीदी पंजीयन के धान की खरीदी व परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता या अवैध परिवहन में लिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री अरुण साव के पारिवारिक शोक में नहीं हुआ किसी तरह का सरकारी भुगतान, सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी को पीडब्ल्यूडी विभाग ने बताया तथ्यहीन एवं भ्रामक
रायपुर। कतिपय सोशल मीडिया में प्रसारित उप मुख्यमंत्री-सह-लोक निर्माण मंत्री के परिवार के निजी कार्यक्रम का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा किये जाने संबंधी समाचार तथ्यहीन एवं भ्रामक है। लोक निर्माण विभाग द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव या किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं किया गया है। आरटीआई के तहत विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी में सोशल मीडिया में प्रसारित किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं है। इन बिलों से विभाग का कोई संबंध नहीं है। लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता डी.के. चंदेल ने इस संबंध में वस्तुस्थिति की विस्तार से जानकारी दी है।
श्री चंदेल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के अंतर्गत व्ही.आई.पी. कार्यक्रमों में लगाए गए टेंट-पंडाल से संबंधित किये गये भुगतान की जानकारी अब्दुल वाहिद रवानी आत्मज अब्दुल मजीद रवानी, निवासी वार्ड नंबर 21, बाजार पारा बेमेतरा, जिला-बेमेतरा को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग भवन/सड़क, संभाग बेमेतरा के पत्र क्रमांक 4630/सू.अ.लि./25, दिनांक 28.08.2025 को जानकारी प्रदान किया गया है। श्री रवानी द्वारा सूचना का अधिकार के माध्यम से बेमेतरा संभाग में दिनांक 18.06.2025 को गुरूनानक टेंट हाऊस एवं केटरर्स, गुरूदेव टेंट हाउस एवं केटरर्स, खालसा टेंट केटरिंग एवं लाइट को किये गये भुगतान राशि रू. 3.97 करोड़ के बिल व्हाउचर सहित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के प्रोटोकॉल एवं कलेक्टर महोदय के आदेश की प्रति कार्यपालन अभियंता ने दिनांक 28.08.2025 को जानकारी प्रदान की है। विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी में ऐसे किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं है और विभाग का ऐसे किसी भी बिल से कोई संबंध नहीं है, जो सोशल मीडिया में भ्रामक रूप से प्रसारित हो रही है। जिन कार्यक्रमों का भुगतान किया गया है, उसका विवरण निम्नानुसार है -


1. दिनांक 19, 20 एवं 21 दिसंबर 2024 को बेमेतरा जिला के नवागढ़ में 3 दिवसीय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगाये गये टेंट पंडाल आदि की व्यवस्था का 1,76,30,694/- रूपये भुगतान हुआ है।
2. दिनांक 25.01.2024 को जिला बेमेतरा के जूनी सरोवर ग्राम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 71,16,646/- रूपये भुगतान हुआ है।
3. दिनांक 04.07.2024 को जिला बेमेतरा के अंधियारखोर ग्राम में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 17,99,088/- रूपये भुगतान हुआ है।
4. दिनांक 24.02.2024 को ग्राम बेमेतरा के मंडी परिसर में विकसित भारत कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 11,88,084/- रूपये भुगतान हुआ है।
5. दिनांक 14.01.2025 को ग्राम संबलपुर में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 10,11,450/- रूपये भुगतान हुआ है।
6. बेमेतरा संभाग अंतर्गत दिनांक 28.06.2024 को सिंधौरी में वर्चुअल कार्यक्रम, दिनांक 04.07.2024 को अंधियारखोर में शासकीय कार्यक्रम, दिनांक 12.08.2024 से 14.08. 2024 तक तिरंगा यात्रा कार्यक्रम, दिनांक 20.10.2024 को बेमेतरा में वाचनालय का लोकार्पण कार्यक्रम, दिनांक 14.01.2025 को ग्राम दाढ़ी में भूमिपूजन का कार्यक्रम, दिनांक 14.01.2025 को संबलपुर में भूमिपूजन का कार्यक्रम, दिनांक 07.10.2025 को प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक, दिनांक 12.10.2024 को बेमेतरा के मंडी प्रांगण में कार्यक्रम, दिनांक 15.11.2024 को टाउन हॉल में जनजाति गौरव दिवस का कार्यक्रम, दिनांक 19.12.24 से 21.12.24 तक नवागढ़ में पंथी प्रतियोगिता के कार्यक्रम हुए हैं। इन सभी कार्यक्रमों में लाइटिंग, साउंड एवं एल.ई.डी. व्यवस्था आदि कार्य हेतु 33,29,310/- रूपये भुगतान हुआ है।
7. दिनांक 24.02.2024 को ग्राम नवागढ़ के बस स्टैंड में विकसित भारत कार्यक्रम का 14,13,957/- रूपये भुगतान हुआ है।
8. दिनांक 28.06.2024 को बेमेतरा के न्यायालयीन परिसर के उद्घाटन समारोह के वर्चुअल कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 14,24,071/- रूपये भुगतान हुआ है।
9. दिनांक 14.01.2025 को ग्राम दाढ़ी में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 3,67,552/- रूपये भुगतान हुआ है।
10. दिनांक 26.01.2025 को बेमेतरा के बेसिक ग्राउंड में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 14,21,302/- रूपये भुगतान हुआ है।
11. दिनांक 05.11.2024 को ग्राम बेमेतरा के बेसिक स्कूल ग्राउंड में राज्योत्सव कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 13,39,689/- रूपये भुगतान हुआ है।
12. दिनांक 15.08.2024 को ग्राम बेमेतरा के बेसिक स्कूल ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 16,77,024/- रूपये भुगतान हुआ है।
इस प्रकार उपरोक्त भुगतान से स्पष्ट है कि किसी भी निजी कार्यक्रम का और विशेषकर दिनांक 09.08.2024 के किसी कार्यक्रम जिसे लेकर विभाग और उप मुख्यमंत्री के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाई गई है, का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं हुआ है।
समस्त कार्यक्रमों का विस्तृत माप पुस्तिका, देयक की कॉपी तथा कार्यक्रमों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कार्यालयीन अभिलेख में उपलब्ध है। भुगतान करने के पूर्व सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता निर्मल सिंह ठाकुर के द्वारा सिर्फ ऊपर उल्लेखित 12 कार्यक्रमों का भुगतान आदेश पारित किया गया है तथा समस्त भुगतान वर्तमान कार्यपालन अभियंता (डी.के. चंदेल) के द्वारा किया गया है तथा नियमानुसार समस्त शासकीय प्रयोजनार्थ किये गये टेंट आदि के भुगतान पूर्व माप का रिकार्ड उप अभियंताओं एवं अनुविभागीय अधिकारियों के द्वारा किया गया है। किसी भी निजी कार्यक्रम के लिए कोई भुगतान नहीं हुआ है।
लोक निर्माण विभाग ने बताया है कि उप मुख्यमंत्री के किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भी भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया है। विभाग द्वारा ऐसी कोई भी भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के ऊपर यथासमय विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
विधायक के फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बोले सिंहदेव- फर्जी सर्टिफिकेट पर चुनाव लड़ने वाले का निर्वाचन रद्द हो
सूरजपुर/अंबिकापुर। प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर विवाद गंभीर होता जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीट से जीत हासिल की। मामले में आदिवासी समाज लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस मुद्दे को लेकर पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई भी व्यक्ति फर्जी जाति के आधार पर चुनाव लड़ता है, फिर चाहे वह किसी भी पार्टी का हो, उसका निर्वाचन रद्द होना चाहिए।”
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई लंबित
आदिवासी समाज ने इस मामले को बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद 17 जून 2025 को अदालत ने जिला स्तरीय और उच्च स्तरीय जाति छानबीन समितियों को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन आरोप है कि चार माह गुजरने के बाद भी जाति प्रमाण पत्र निरस्त नहीं किया गया। इसके चलते समुदाय में नाराज़गी बढ़ गई है और प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
जिला स्तरीय समिति ने भेजे नोटिस, विधायक अनुपस्थित
जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की ओर से 28 अगस्त, 15 सितंबर और 29 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए थे। समिति ने विधायक शकुंतला पोर्ते को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बुलाया, लेकिन बताया जा रहा है कि वे सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं। समाज ने इसे जांच प्रक्रिया से बचने की कोशिश करार दिया है।
गोड़ समाज और आदिवासी समाज का आरोप
गोड़ समाज और आदिवासी संगठनों ने विधायक पर कूटरचित और गलत जानकारी के आधार पर जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि न तो विधायक और न ही उनके पति कोई मूल आदिवासी दस्तावेज प्रस्तुत कर पाए हैं। आरोप पत्र में दावा किया गया है कि उनके पिता के दस्तावेजों के आधार पर भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ, लेकिन फिर भी उन्हें ST वर्ग का प्रमाण पत्र दे दिया गया।
“आदिवासी अधिकारों का हनन”
आदिवासी समाज का कहना है कि यदि गैर-आदिवासी व्यक्ति गलत प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति वर्ग की सीट से चुनाव जीतता है, तो यह असली आदिवासी उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन है। समाज ने इसे राजनीतिक धोखाधड़ी करार दिया है और कहा है कि इससे पूरे आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
सड़क किनारे ठेले, गुमटी और फूड वैन के लिए अब लेना होगा लाइसेंस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय क्षेत्रों में अब बिना अनुमति कोई भी व्यापार नहीं किया जा सकेगा. राज्य सरकार ने इसके लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. नए नियमों के तहत नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में गुमटी, ठेले और वाहनों के माध्यम से व्यापार करने वालों को भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा.
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना
नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है. आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अनुज्ञप्ति प्रदान की जाएगी, 15 दिनों के भीतर निर्णय नहीं लिए जाने पर अनुज्ञप्ति प्रदान की गई समझी जाएगी. जिन व्यापारियों के पास पहले से अनुज्ञप्ति नहीं है, वे 60 दिनों के भीतर आवेदन कर सकेंगे. भवन और खुले स्थानों को नगरीय निकाय द्वारा उस सड़क की चौड़ाई या स्थान के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा, जहां व्यापारिक परिसर स्थित है. नगर निगम क्षेत्रों में 7.5 मीटर से कम सड़क चौड़ाई पर न्यूनतम वार्षिक शुल्क 4 रुपए प्रति वर्गफुट, नगरपालिका में 3 रुपए और नगर पंचायत में 2 रुपए प्रति वर्गफुट तय किया गया है. प्रत्येक अनुज्ञप्ति अधिकतम 10 वर्ष के लिए मान्य होगी, जिसकी अवधि आवेदक स्वयं चुन सकता है.
नवीनीकरण का भी प्रावधान
अनुज्ञप्ति की समाप्ति से कम से कम एक वर्ष पहले नवीनीकरण कराना होगा. निर्धारित अवधि में नवीनीकरण न होने पर अनुज्ञप्ति रद्द कर व्यापार परिसर को सील किया जा सकेगा.
प्रतिबंध और छूट
केंद्र व राज्य शासन, जिला प्रशासन और नगरपालिका द्वारा समय-समय पर जारी आदेश-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा. परिसर के सामने फुटपाथ या सार्वजनिक सड़क पर कोई अवरोध और अतिक्रमण नहीं किया जाएगा. परिसर के सामने किसी तरह की होर्डिंग, विज्ञापन और अवैध पार्किंग की अनुमति नहीं होगी.
व्यापार परिसर में अनुज्ञप्ति शुल्क
मोहल्ला-कॉलोनी के लिए व्यापार अनुज्ञप्ति शुल्क नगर निगम में 4, नगरपालिका में 3 और नगर पंचायत में 2 रुपए प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष निर्धारित है. इसी तरह छोटे और मध्यम बाजारों में क्रमशः 5, 4 और 3 रुपए तथा बड़े बाजारों में क्रमशः 6, 5 व 4 रुपए प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष निर्धारित है.
अन्य व्यावसायिक परिसरों के लिए अलग दरें
नगरीय निकाय में स्थित ऐसे सभी व्यावसायिक परिसर जो बाजारों में अवस्थित न हो, उसके लिए अनुज्ञप्ति शुल्क की अलग दरें होंगी. नगर निगम में 30 हजार, नगरपालिका परिषद में 20 हजार और नगर पंचायत में 10 हजार रुपए से अधिक नहीं होगी.
वाहनों के माध्यम से व्यापार के लिए भी लाइसेंस
वाहनों के माध्यम से व्यापार के लिए भी लाइसेंस जरूरी होगा. मिनी ट्रक, पिकअप वेन और जीप इत्यादि के लिए नगर निगम में 400, परिषद में 300 और नगर पंचायत में 200 रुपए प्रति वाहन-प्रतिवर्ष अनुज्ञप्ति शुल्क निर्धारित है. वहीं ऑटो रिक्शा और तिपहिया वाहन के लिए क्रमशः 250, 200 और 150 रुपए शुल्क देना होगा. वाहन यह सुनिश्चित करेगा कि यातायात को कोई अवरोध न हो. यातायात में अवरोध किए जाने पर अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी जाएगी.
बांग्लादेशी नागरिक को दुर्ग जीआरपी ने पकड़ा, मुंबई से हुआ था फरार
रायपुर/दुर्ग। मुंबई पुलिस की गोपनीय सूचना (Confidential Tip-Off) पर कार्रवाई करते हुए दुर्ग जीआरपी (GRP) ने शुक्रवार को शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस (Shalimar-Kurla Express) के एस-1 कोच से एक बांग्लादेशी नागरिक को बिना वैध दस्तावेज (Invalid Documents) के गिरफ्तार किया. आरोपी की पहचान अजमीर शेख (Ajmeer Sheikh) के रूप में हुई, जो मुंबई में दर्ज मामले का फरार आरोपी (Absconding Accused) था और कोलकाता होते हुए बांग्लादेश भागने की फिराक में था.
7 नवंबर को मिली सूचना के बाद जीआरपी ने दुर्ग स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर टीम तैनात कर दी. ट्रेन के पहुंचते ही एस-1 कोच में दबिश (Raid) दी गई. थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया, “आरोपी ने जनरल टिकट (General Ticket) खरीदा था, लेकिन टीटी से सेटिंग कर स्लीपर कोच में चढ़ गया. उसके पास पासपोर्ट, वीजा या कोई वैध पहचान पत्र (ID Proof) नहीं मिला.”
मुंबई पुलिस की टीम फ्लाइट से रायपुर पहुंच चुकी है और सड़क मार्ग से दुर्ग आ रही है. औपचारिकताएं पूरी कर अजमीर शेख को मुंबई ले जाया जाएगा (Handover to Mumbai Police). पुलिस को शक है कि उसका नेटवर्क (Network) भारत में सक्रिय हो सकता है, इसलिए खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) से समन्वय कर गहन जांच शुरू की गई है.