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रायपुर: ट्रेन पटरी से उतरी… हावड़ा-मुंबई मेन लाईन बाधित
रायपुर। रायपुर के उरकुरा में मालगाड़ी के पटरी से की खबर है. हादसे के बाद रायपुर रेल मंडल के अधिकारी मौके पर पहुंच रहे है. रेलवे के सूत्रों के मुताबिक हादसा हावड़ा-मुंबई मेन लाईन 823/25 (किलोमीटर क्रमांक) के पास होना बताया जा रहा है. रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने इस डिरेलमेंट की पुष्टि की है. हालांकि इस कारण से कौन-कौन से ट्रेनें प्रभावित होगी ये अधिकारी अभी स्पष्ट नहीं कर रहे है.


रायपुर रेल मंडल से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उरकुरा आरएसडी मेन लाइन पर मालगाड़ी के दो खाली वैगन बीएटीपी पटरी से उतरे. रायपुर रेल मंडल ने तत्परता से रेल लाइन चालू कर दी गई. अधिकारियों के मुताबिक ये डिरेलमेंट 15 .23 बजे हुई. आंशिक समय के लिए अपलाइन की गाड़ियों को बिलासपुर में नियंत्रित किया गया.
16.30 बजे मिडिल लाइन से ट्रेनों का परिचालन चालू कर दिया गया, रेलवे ने दावा किया है कि यात्री गाड़ियों की सुविधा प्रभावित नहीं हुई है यात्री गाड़ियों का आवागमन जारी है. वहीं तत्काल मौके पर अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधन अवधेश कुमार त्रिवेदी ने घटनास्थल का जायजा लिया.
वक्फ बोर्ड कानून पर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती का बयान, कहा- मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं, सोच-समझकर फैसले लेते हैं
रायपुर। पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती बीते दो दिनों से रायपुर प्रवास पर हैं. यहां पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं और सोच-समझकर फैसले लेते हैं. मुस्लिम समुदाय को धन और संपत्ति की कमी न हो, इसके लिए उन्हें वक्फ बोर्ड के माध्यम से सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को सबके लिए बराबर देखा जाए.
वहीं धर्मांतरण पर सख्त रुख अपनाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म को सही से समझ लिया जाता, तो धर्मांतरण जैसी समस्या कभी उत्पन्न नहीं होती. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण का सीधा अर्थ हिंदू धर्म को समाप्त करना है और यह हिंदुओं की दुर्बलता का परिणाम है.
शंकराचार्य ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में ऐसे मुख्यमंत्री भी हुए हैं, जिन्होंने हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की भावना से अन्य क्षेत्रों के मुसलमानों को बसाने का कार्य किया. उन्होंने राजनीति को सत्ता का लोभ बताते हुए कहा कि आज के कई राजनेताओं को राजनीति की सही परिभाषा तक नहीं मालूम. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को दूषित करार दिया और इसे सुधारने की आवश्यकता जताई.
रायपुर नगर निगम के 9 जोन में अध्यक्षों का चुनाव कल, दोपहर 12 बजे से शुरू होगी प्रक्रिया
रायपुर। नगर निगम रायपुर के 9 जोन में अध्यक्षों का कल यानी 3 अप्रैल को चुनाव होगा. निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में दोपहर 12 बजे से इसके लिए कार्रवाई शुरू होगी. निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन के लिए निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी को नियुक्त किया है. निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के बाद संविक्षा की जाएगी. संविक्षा सही पाए जाने पर अभ्यर्थियों के नाम का प्रकाशन किया जाएगा. इसके बाद अभ्यर्थियों के पास 12:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे. 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान होगा. तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा की जाएगी.
छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत्त नगर पालिक निगम रायपुर की 10 वार्ड समितियों में से जोन क्रमांक 2 को छोड़कर वार्ड समिति (जोन) अध्यक्ष का निर्वाचन 3 अप्रेल 2025 की समस्त कार्यवाही के लिए नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी अपर आयुक्त द्वय पंकज के. शर्मा और विनोद पांडेय के निर्देशन पर्यवेक्षण में निर्वाचन की कार्यवाही संपन्न करवाने का आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार वार्ड समिति जोन क्रमांक 01 के लिए जोन 01 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 03 के लिए जोन 03 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 04 के लिए जोन 04 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक के लिए जोन 05 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 06 के लिए जोन 06 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 07 के लिए जोन 07 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 08 के लिए जोन 08 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 09 के लिए जोन 09 आयुक्त एवं वार्ड समिति जोन क्रमांक 10 के लिए जोन 10 आयुक्त को निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है.
वार्ड समिति के अध्यक्ष के निर्वाचन की कार्यवाही नगर पालिक निगम रायपुर महात्मा गांधी सदन मुख्यालय के चतुर्थ तल स्थित सामान्य सभा सभागार में कराया जाना है. आदेशित किया गया है कि निर्वाचन की तारीख समय एवं स्थान की सूचना जोन अंतर्गत आने वाले वार्डो के निर्वाचित पार्षदों को दी जाए. साथ ही सर्वसाधारण की जानकारी के लिए सूचना पटल पर चस्पा किया जाए.
छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के विहित रीति से निर्वाचन के लिए अनुसूची अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 3 अप्रैल 2025 को दोपहर 12 बजे निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के लिए निर्वाचन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी. दोपहर 12 बजे से 12: 15 बजे तक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किया जाएगा. दोपहर 12:15 बजे से 12:45 बजे तक प्रस्तुत नाम निर्देशन पत्रों की संविक्षा और सही पाए गए नाम निर्देशन अभ्यर्थियों के नाम प्रकाशन होगा. दोपहर 12:45 बजे से 1:00 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ले सकेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान (यदि आवश्यक हो) तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा होगी. साथ ही कार्रवाई वृत्त का लेखन किया जाएगा.
शराब घोटाला: कोर्ट ने EOW का आवेदन किया मंजूर, 7 अप्रैल तक कस्टोडियल रिमांड पर रहेंगे पूर्व आबकारी मंत्री लखमा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम पूछताछ करेगी। बीते मंगलवार को EOW ने विशेष कोर्ट में लखमा के प्रोडक्शन वारंट की मांग करते हुए आवेदन दायर किया था, जिसे मंजूरी मिल गई। कोर्ट ने लखमा को 7 अप्रैल तक कस्टोडियल रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है।
बता दें कि कस्टोडियल रिमांड के दौरान लखमा से शराब घोटाले के विभिन्न पहलुओं पर गहन पूछताछ होगी। सूत्रों के मुताबिक, उनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों को भी जल्द तलब किया जा सकता है। EOW और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस घोटाले की परतें खोलने में जुटे हैं, जिससे कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना है। मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
इससे पहले कोर्ट ने EOW को 19 और 20 मार्च को पूछताछ करने के इजाजत दी थी, जिसके बाद आशंका जताई जा रही थी की ईओडब्ल्यू कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है।
सचिन पायलट ने की लखमा से मुलाकात
गौरतलब है कि बुधवार यानी 19 मार्च को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर कवासी लखमा से मुलाकात की। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक देवेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ में रेलवे भर्ती और प्रशिक्षण को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की प्राथमिकता
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे में रिक्त पदों पर भर्ती और नए नियुक्त कर्मचारियों के तकनीकी प्रशिक्षण हेतु विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का महत्वपूर्ण मुद्दा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेल मंत्री से भारतीय रेलवे, विशेषकर छत्तीसगढ़ में रिक्तियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी। साथ ही, उन्होंने इन रिक्तियों को भरने की समय-सीमा और नए भर्ती कर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे में भर्ती एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें परिचालनिक और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील देने के बाद रेलवे ने दो प्रमुख परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें 2.37 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया और 1,30,581 अभ्यर्थियों की भर्ती की गई।
रेल मंत्री ने बताया कि केंद्र में कांग्रेस के 10 वर्ष के कार्यकाल (2004-2014) में 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं, वहीं भाजपा के 10 वर्ष के शासनकाल (2014-2024) में 5.2 लाख भर्तियां हुई हैं।
रेल मंत्रालय ने 2024 से समूह 'ग' पदों की भर्ती के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य या क्षेत्र के उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता नहीं दी जाती और न ही भर्ती प्रक्रिया को किसी राज्य तक सीमित किया जाता है।
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में रेलवे कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान और रायपुर, मिलाई, बिलासपुर, उसलापुर में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र रेलवे कर्मचारियों की दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, तकनीकी कौशल को उन्नत करने के लिए पुनश्चर्या और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा, “छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रेलवे में रोजगार और उनके प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। रेलवे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता आवश्यक है ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिल सके। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत हूं कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रेलवे में रोजगार के अधिक अवसर मिलें और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण प्राप्त हो।”
छत्तीसगढ़ में रेलवे भर्ती और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधनों को सुदृढ़ करने के प्रयास जारी रहेंगे। इस दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेलवे मंत्रालय से विशेष ध्यान देने की अपील की है ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
नक्सलियों ने शांति वार्ता के लिए जारी किया पत्र, गृहमंत्री शर्मा बोले – सरकार बातचीत करने तैयार, लेकिन नहीं मानी जाएगी शर्तें
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से प्रयासरत है. उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कि इसके लिए कोई शर्त न हो. उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए इच्छुक हैं तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा.
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वार्ता का स्वरूप आईएसआईएस जैसी किसी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकता. यदि कोई चर्चा करना चाहता है तो उसे भारतीय संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी. अगर संविधान को नकारते हैं और समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं तो वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहता.
सरकार की नीति स्पष्ट – आत्मसमर्पण करें, पुनर्वास पाएं
उपमुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है. जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें इस नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. सरकार चाहती है कि जो लोग भटके हुए हैं, वे समाज में वापस आएं और एक व्यवस्थित जीवन जीएं.
संविधान का हर गांव में क्रियान्वयन
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते 1 से डेढ़ वर्षों में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले तक नक्सली कानून थोपने की कोशिश करते थे. उन्होंने कहा कि अब राज्य के सभी गांवों में तिरंगा लहराना और भारतीय संविधान का पालन करना अनिवार्य है. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यदि नक्सली वार्ता को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें अपनी ओर से वार्ता के लिए समिति बनानी चाहिए. अब यदि वे बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा. शर्मा ने कहा कि सरकार का रुख साफ है, बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खूनखराबे पर कोई समझौता नहीं होगा. नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान संभव है.
बता दें कि माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.
वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पेश, मुस्लिम समुदाय में उत्साह, पटाखे फोड़कर जताई खुशी…
रायपुर। वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने पर मुस्लिम समुदाय में काफी उत्साह देखा गया. समुदाय के लोगों ने घड़ी चौक पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. लोगों ने पटाखे फोड़कर एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि अल्पसंख्यकों के हित में यह एक बड़ा कदम है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने विरोध करने वालों को कांग्रेसी मानसिकता का बताया और मोदी जी के समर्थन में नारे लगाए.

बीजेपी प्रवक्ता तौकीर रजा ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी इस बिल के समर्थन में हैं, जबकि कांग्रेस इसका विरोध कर रही है. वे लोग नहीं चाहते कि ऐसा कठोर बिल बने, वे विपरीत माहौल बनाने के लिए इस बिल का विरोध कर रहे हैं. जब यह कानून बनेगा, तब उसकी स्थिति अलग होगी.
जो लोग पहले कानून का मजाक बनाते थे, उनके लिए मोदी जी ने इस बिल के जरिए एक सख्त कदम उठाया है. अतिक्रमण कर जमीनों पर कब्जा जमाने वालों को हटाने की कोशिश प्रधानमंत्री मोदी ने की है, और इसी उद्देश्य से वक्फ का यह बिल लाया गया है. राजस्व मामलों में कलेक्टर से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, इसलिए इस बिल में उनकी भूमिका अहम होगी.
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए दो महिलाओं को समिति में शामिल करने का निर्णय स्वागत योग्य है. इसके अलावा, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को भी इस बिल में शामिल किया गया है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, लेकिन उन्होंने इसे लागू करने की कोई कोशिश नहीं की. आज पीएम मोदी जो कहते हैं, वह कर के दिखाते हैं.
हमारा नारा “सबका साथ, सबका विश्वास” इसी भावना को चरितार्थ करता है, और विकास की गाथा लिखने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस ने कभी भी अल्पसंख्यकों की शिक्षा और विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए, लेकिन इस बिल का छत्तीसगढ़ में सभी ने स्वागत किया है.
डॉ. जाऊलकर अस्पताल का ये खेल आया सामने, मिला नोटिस
रायपुर। बड़े शॉपिंग कॉम्पलेक्स में पार्किंग की व्यवस्था पर सख्ती बरतते हुए नगर निगम अब जुर्माने के साथ ही व्यवस्था बहाल करने के लिए काम्पलेक्स मालिक व संचालकों को अल्टीमेटम दे रहा है. इसी अभियान के चलते चौबे कॉलोनी एरिया में स्थित डॉक्टर जाऊलकर द्वारा अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में स्प्राउट हॉउस कैफे खोल दिया है. इसे संज्ञान में लेते हुए जोन कमिश्नरी ने एक दिन का अल्टीमेटम देकर उन्हें पार्किंग सुनिश्चित करने कहा है. वहीं समता कालोनी मुख्य मार्ग में 5 दुकानों बीकानेर स्वीट्स, गोली फास्ट फूड, अपना मार्ट, जूसी फैक्ट्री और पोहे वाला को पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सीलबंद कर दिया गया.
अभी शहर के चारों विधानसभा क्षेत्र में से केवल पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विधायक राजेश मूणत की फटकार के बाद निगम का अमला हरकत में आया. इसी के चलते जोन 7 कमिश्नरी ने समता-चौबे कॉलोनी मेन रोड में सघन अभियान शुरू किया है. इसी प्रकार सुलभ दुग्ध भण्डार को पार्किंग की व्यवस्था अल्टीमेटम दिया और रोड की दूसरी ओर की दुकानों को भी पर्किंग व्यवस्था करने जोन 7 ने नोटिस दिया है. इसी प्रकार सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए कटोरा तालाब में पोहा पॉइंट दुकान को गन्दगी फैलाने पर तत्संबंधित दुकान के संचालक पर 5 हजार रुपए का जुर्माना किया और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी गई.
भू-माफियाओं ने श्मशान की जमीन पर किया कब्जा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की बुलडोजर कार्रवाई की मांग
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे श्मशान और चारागाह भूमि पर भी कब्जा करने से नहीं हिचक रहे. मामला भाटापारा विकासखंड के पाटन गांव का है, जहां अतिक्रमणकारियों ने श्मशान भूमि और चारागाह पर अवैध निर्माण कर लिया है. इससे ग्रामीणों को मृतकों के अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है, साथ ही मवेशियों के लिए भी चारागाह की जमीन नहीं बची है.
इस अतिक्रमण को हटाने के लिए 20 मार्च 2025 को ग्राम पंचायत में मुनादी कर आमसभा बुलाई गई थी, जिसमें 10 दिनों के भीतर कब्जा हटाने का निर्णय लिया गया. लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया. जब ग्रामीणों ने खुद कब्जा हटाने की कोशिश की, तो अतिक्रमणकारियों ने गाली-गलौच कर विवाद खड़ा कर दिया.
ग्राम सरपंच टिकेश्वर वर्मा ने बताया कि गांव के ही 7-8 लोगों ने श्मशान और चारागाह की जमीन पर कब्जा कर रखा है. जब इसे हटाने की बात हुई, तो कब्जाधारियों ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया. इसके बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की.
देखें आवेदन की कॉपी:

गांव के बुजुर्ग टेकराम वर्मा ने चिंता जताते हुए कहा कि श्मशान घाट पर कब्जे के कारण अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है, यहां तक कि मवेशियों को दफनाने की भी जगह खत्म हो गई है. वहीं, युवा योगेश वर्मा ने बताया कि अतिक्रमण के कारण गायों और अन्य मवेशियों के लिए चारागाह खत्म हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस अवैध कब्जे को हटाकर सार्वजनिक भूमि को संरक्षित करे. अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक ग्राम पाटन पहुंचकर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करता है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही प्रशासनिक हस्तक्षेप से इस समस्या का समाधान होगा.
बलौदाबाजार आगजनी कांड : विधायक समेत सात अन्य आरोपी कोर्ट में हुए पेश
बलौदाबाजार। कलेक्ट्रेट आगजनी हिंसा मामले में आज अदालत में सुनवाई हुई. भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत 7 अन्य पर दशहरा मैदान में उपस्थित होकर आगजनी कांड में उपस्थित लोगों को भड़काने का आरोप लगा है. इस आरोप को कोर्ट में आरोपियों ने अस्वीकार कर दिया. अब अभियोजन साक्ष्य की अगली पेशी होगी.
बता दें कि 10 जून को जैतखाम में तोड़फोड़ मामले को लेकर सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान बलौदाबाजार में हिंसा भड़की थी. इस दौरान संयुक्त जिला कार्यालय भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तहसील कार्यालय सहित अन्य जगहों पर तोड़फोड़, आगजनी की घटनाएं हुई थी. इस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत 13 एफआईआर दर्ज की है. इनमें से अपराध क्रमांक 386/2024 के मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है, जिस पर आज सुनवाई के दौरान अभियोग की कार्रवाई की गई.
पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित : देवेंद्र यादव
जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायालय में पेश होने के बाद बाहर निकले विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है. न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है. प्रदेश में आगे कांग्रेस की सरकार बन रही है, हमारी सरकार बनने पर इस केस को खत्म कर दिया जाएगा. वहीं शासन की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मुकुंद देशपांडे ने बताया कि अभियोग के बाद अब गवाही की कार्यवाही होगी. वहीं आरोपियों के अधिवक्ता अनादि शंकर मिश्रा ने बताया कि कलेक्ट्रेट जलाने के मामले में अदालत ने अभियोग पत्र जारी किया है, जिस पर आगामी सुनवाई में अब गवाही होगी.
नक्सली शांति वार्ता के लिए तैयार हैं तो इस पर विचार करे सरकार – दीपक बैज
रायपुर। नक्सलियों के शांति वार्ता के पत्र पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को विचार करने की बात कही है. बैज ने कहा, शांति वार्ता के लिए नक्सलियों की ओर से ठोस निर्णय आया है तो इस पर विचार करनी चाहिए. किस स्थिति पर शांति वार्ता करना चाहते हैं, शांति वार्ता का मकसद क्या है, बस्तर की शांति के लिए क्या बेहतर हो सकता है, इस पर सरकार क्या सोचती है, यह निर्णय सरकार को करनी चाहिए. कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार अपनी वाहवाही लूटने के लिए प्रोपेगेंडा कर रही.
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के ठीक पहले माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.
राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय वृहद कला प्रदर्शनी, प्रदेश के 45 कलाकार करेंगे चित्र और शिल्प कला का प्रदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12 से 14 अप्रैल तक महंत घासीदास संग्रहालय में छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा वृहद कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कला आयोजन में प्रदेश के 45 कलाकार चित्र और शिल्प कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।
यह प्रदर्शनी सिर्फ एक कला आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कला संसार में एक दस्तक है. समकालीन कलाकारों की बेचैनी का आगाज है. जो कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के ढाई दशक बाद भी राज्य में कोई कला अकादमी नहीं है.
प्रदेशभर के 45 कलाकार की भागीदारी
प्रदर्शनी में शामिल 45 कलाकार राज्य के विभिन्न अंचलों और सांस्कृतिक परिवेश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस कला शिविर के माध्यम से कलाकार अपनी विशिष्ट कला शैली और सृजनशीलता को प्रस्तुत करेंगे.
डॉ. ध्रुव तिवारी और CGPAG के संयोजक जितेन साहू का कहना है कि राज्य में इस तरह की कला प्रदर्शनियों और शिविरों का आयोजन लगातार होते रहना चाहिए. इससे छत्तीसगढ़ अपनी कला संस्कृति में एक विशिष्ट पहचान बना सकेगा और स्थानीय कलाकारों को उचित मंच मिल सकेगा.
गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले नक्सलियों ने जारी किया पत्र, संघर्ष विराम और शांति वार्ता की अपील
जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों द्वारा यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया गया है.
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 और 5 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में रहेंगे। उससे ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष और शांतिवार्ता के लिए यह पत्र लिखा है. यह पत्र सीपीआई केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने जारी किया है.
पत्र में लिखी गई ये बातें :
संघर्ष विराम और शांति वार्ता के लिए अपील
• सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति ने मध्य भारत में युद्ध को तत्काल रोकने की मांग की है।
• वे शांति वार्ता को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत सरकार और भाकपा (माओवादी) दोनों से बिना शर्त संघर्ष विराम की मांग करते हैं।
सरकार का माओवाद विरोधी आक्रामक (‘कागर’ ऑपरेशन)
• भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर ‘कागर’ शुरू किया – माओवादी प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित करने वाला एक गहन उग्रवाद विरोधी अभियान।
• ऑपरेशन के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर हिंसा, हत्याएं और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं।
हताहत और मानवाधिकारों का उल्लंघन
• 400 से अधिक माओवादी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आदिवासी नागरिकों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है।
• महिला माओवादियों को कथित तौर पर सामूहिक यौन हिंसा और फांसी के अधीन किया गया है।
• कई नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है और अवैध हिरासत और यातना के अधीन किया गया है।
शांति वार्ता के लिए माओवादी शर्तें
• प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों से सुरक्षा बलों की तत्काल वापसी।
• नए सैनिकों की तैनाती के लिए अंत।
• उग्रवाद विरोधी अभियानों का निलंबन।
सरकार के ख़िलाफ़ आरोप
• सरकार पर क्रांतिकारी आंदोलनों को दबाने के लिए आदिवासी समुदायों के ख़िलाफ़ “नरसंहार युद्ध” छेड़ने का आरोप है।
• नागरिक क्षेत्रों में सैन्य बलों का उपयोग असंवैधानिक होने का दावा किया जाता है।
सीपीआई (माओवादी) सार्वजनिक समर्थन के लिए कॉल
• माओवादी बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार संगठनों, पत्रकारों, छात्रों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं से शांति वार्ता के लिए सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह करते हैं।
• बातचीत के लिए गति बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियानों का अनुरोध किया जाता है।
शांति वार्ता के लिए माओवादी तत्परता
• यदि सरकार उनकी पूर्वापेक्षाओं से सहमत होती है तो वे बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करते हैं।
• सीपीआई (माओवादी) का कहना है कि जैसे ही सरकार सैन्य अभियान बंद कर देगी, वे युद्धविराम की घोषणा करेंगे।


तेज आवाज में बज रहे डीजे से गिरी छत, बच्चे की हुई मौत, घटना पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर। बिलासपुर के मल्हार में शोभायात्रा के दौरान डीजे की तेज आवाज से बड़ा हादसा हो गया। जबरदस्त शोर के कारण एक मकान का छज्जा गिर गया, जिसमें चार बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए। इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए खुद संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस ने इसे जनहित याचिका मानकर बुधवार को सुनवाई तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
पहले भी दिए जा चुके हैं सख्त आदेश
गौरतलब है कि हाईकोर्ट पहले भी ध्वनि प्रदूषण और डीजे पर सख्त पाबंदी के आदेश जारी कर चुका है। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं, जिससे कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी फरार
इस मामले में पुलिस ने डीजे संचालक, ड्राइवर और शोभायात्रा के आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। डीजे संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन आयोजन समिति के चार नामजद आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अब देखने वाली बात होगी कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है और क्या शासन-प्रशासन डीजे की मनमानी पर लगाम लगाने में सफल होगा या नहीं।
आय से अधिक संपत्ति का मामला : पंचायत विभाग के निलंबित ज्वॉइंट डायरेक्टर को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
बिलासपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित ज्वॉइंट डायरेक्टर अशोक चतुर्वेदी की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। उन्होंने एसीबी की ओर से दर्ज आय से अधिक संपत्ति के केस को निरस्त करने के लिए याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई के दौरान एसीबी ने बताया कि सेवाकाल के दौरान अफसर की कुल आय 68 लाख रुपए थी, जबकि उनसे 31 करोड़ की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज और सबूत मिले हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। इससे पहले एसीबी ने उनकी संपत्ति की जांच की थी, जिसके बाद उनके ठिकानों में छापेमारी भी की थी। जांच के बाद 28 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अंतिम रिपोर्ट दाखिल की। यह मामला विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट), रायपुर की अदालत में ट्रायल पर है। आरोपी अफसर के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर राज्य शासन ने उसे सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एसीबी की टीम उसकी तलाश भी कर रही थी। इस बीच आरोपी अफसर ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को निरस्त करने की मांग की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
बदले की भावना से दर्ज किया केस : याचिकाकर्ता
याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि उनका रिकॉर्ड साफ है। वह जांच का सामना करने को तैयार है। आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के चलते कार्रवाई की थी। पत्नी को एफआईआर में आरोपी नहीं बनाया गया था, लेकिन अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया कि बिना वैध पूर्व स्वीकृति के रिपोर्ट दाखिल की गई, जो कानून के खिलाफ है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप गंभीर है। आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना जरूरी है। इस आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
पेयजल की समस्या दूर करने बनाई गई कंट्रोल रूम, इन नंबरों पर कर सकते हैं शिकायत…
रायपुर। गर्मी के दिनों मैदानी स्तर पर पेयजल की समस्याओं के त्वरित निराकरण और जिले में पेयजल की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने जिला स्तर और उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है. आमजनों के लिए विभागीय टोल फ्री नं. 1800-233-0008 एवं कार्यालय के कंट्रोल रूम का फोन नं. 07771-2582223 जारी किया गया है। इन नंबरों में पेयजल की समस्या, हैंडपंप बिगड़ने की सूचना दर्ज करा सकते हैं।
जिला स्तर और उपखंड स्तर पर दल का गठन किया गया है, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड रायपुर के कंट्रोल रूम कार्यालय के प्रभारी अधिकारी आलोक जाधव, मानचित्रकार (सिविल) हैं। इसी तरह विकासखंड धरसीवा/तिल्दा की प्रभारी सहायक अभियंता रूक्मिणी सिंह, विकासखंड तिल्दा के प्रभारी उप-अभियंता अविनाश एक्का एवं ज्योति गुप्ता, विकासखंड धरसीवा के प्रभारी उप-अभियंता मिलनदास घृतलहरे एवं ज्योति गुप्ता हैं.
इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी भू-जल संवर्धन उपखंड, रायपुर के अंतर्गत विकासखंड अभनपुर-आरंग के प्रभारी दीपक कोहली, सहायक अभियंता को बनाया गया है। विकासखंड अभनपुर की प्रभारी सरिता महेश कुमार, उप-अभियंता, भानुजा सिंह एवं उपासना सुखदेवे है. विकासखंड आरंग की प्रभारी रानू दिनकर, उप-अभियंता एवं शुभ्रा बघेल उप-अभियंता को बनाया गया है।
बोर खनन पर लगी रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
रायपुर। गर्मी के दिनों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में मंगलवार को कलेक्टर रायपुर, डॉ. गौरव सिंह ने बोर खनन पर पूर्णतः रोक लगाने का आदेश जारी किया है. जारी आदेश के अनुसार 15 जुलाई 2025 तक या मानसून के आगमन तक (दोनों तिथि में से जो बाद में आए) जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
कलेक्टर ने कहा, छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के अंतर्गत रायपुर जिले में इस अवधि के दौरान समक्ष अधिकारी की पूर्वानुमति की बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिये खनन नहीं किया जा सकेगा. केंद्रीय भूजल बोर्ड के रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के विकासखंड (धरसींवा) भूजल के उपयोग के विषय पर क्रिटिकल जोन में आ चुका है.
