रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज सियासी तापमान गरमाया हुआ है, वो भी तब जब देश के गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हुए है। सूबे के पूर्व गृहमंत्री और सीनियर आदिवासी नेता ननकीराम कंवर को रायपुर में पुलिस ने नजर बंद कर दिया है। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग को लेकर ननकीराम कंवर आज सीएम हाउस के सामने धरना देने जाने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही पुलिस के अधिकारियों ने उन्हे एम्स के पास रोक लिया।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बीच राजनीतिक उबाल देखी जा रही है। एक तरफ आज जहां देश के गृहमंत्री अमित शाह रायपुर से बस्तर दौरे पर पहुंचे हुए है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देने रायपुर पहुंचे हुए है। आपको बता दे ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के खिलाफ 14 बिंदुओं पर गंभीर शिकायत करते हुए जिले से हटाने की मांग की थी। साथ ही कलेक्टर को नही हटाये जाने पर आज 4 अक्टूबर से सीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठने की धमकी भी दी थी।
कंवर की इस धमकी के बाद जहां मुख्यमंत्री साय ने उनकी शिकायतों की जांच का आश्वासन दिया था। वहीं दूसरी तरफ कलेक्टर को नही हटाये जाने से क्षुब्द्ध होकर ननकीराम कंवर शुक्रवार शाम ही रायपुर के लिए रवाना हो गये थे। बताया जा रहा है कि आज सुबह जब वह सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गहोई भवन में नजरबंद कर दिया गया है। इसके बावजूद ननकीराम कंवर गेट कूदकर बाहर निकलने की कोशिश में लगे रहे। ननकीराम कंवर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि…..अगर यही रवैया रहा तो अगली बार भाजपा की सरकार नहीं बनेगी।
संभागायुक्त ने कहा….जांच के लिखित आदेश नही मिले
ननकीराम कंवर के इस धरने से ठीक पहले राज्य शासन ने शिकायत पत्र पर बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच कराकर प्रतिवेदन मांगने की बात कही थी। लेकिन मीडिया से चर्चा में सुनील जैन ने कहा कि शासन की ओर से उन्हें अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही वे जांच कर रिपोर्ट सौंप देंगे। वहीं दूसरी तरफ यह भी बताया जा रहा है कि इस मामले में शासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कोरबा जिले के कलेक्टर अजीत वसंत को जिले से हटाने की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व गृहमंत्री कंवर लगातार कलेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं और इसी मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने की बात भी उन्होंने कही थी। वहीं ननकीराम कंवर सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने के लिए रायपुर भी पहुंच चुके हैं, लेकिन उनके रायपुर पहुँचते ही हलचल शुरू हो गई।
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर जैसे ही रायपुर पहुंचे पुलिस ने उन्हें रोककर घेराबंदी कर ली। इस दौरान पुलिस के बड़े अधिकारी, SDM और कई जवान मौजूद है। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर को एम्स अस्पताल के पास एक भवन में घेराबंदी कर के रखा गया है।
भाजपा के कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता ननकीराम कंवर को मनाने के लिए पहुंचे हुए हैं। इतना ही पूर्व गृहमंत्री के बेटे संदीप कंवर भी अपने पिता को मानाने के लिए पहुंचे हैं और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत अन्य कई जिलों में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई है। शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश के चलते कई नदी नाले उफान पर आ गए।
इतना ही नहीं लगातर हो रही बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में अब-अब धीरे धीरे ठंड ने भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। इसी बीच मौसम विभाग ने बारिश को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। मौसम विभाग ने एक बार फिर प्रदेश में जमकर बारिश होने की बात कही है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में एक बार फिर से बारिश के आसार बनने की बात कही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के की जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने रायपुर, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद में भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कबीरधाम, खैरागढ़-छुई खदान-गंडई, मोहला-मानपुर चौकी और राजनांदगांव जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सरंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली और बिलासपुर में भी बारिश के आसार है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी स्थित अखिल भारतीय वनवासी आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ रायपुर द्वारा आयोजित करमा पूजा परब 2025 महोत्सव में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान करमा राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने भारत माता के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करमा परब हमारी संस्कृति और हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। करमा परब हमारे प्रकृति-प्रेम और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने सभी को करमा परब की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी तथा उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ से जुड़े परिवार और सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” ने छत्तीसगढ़ में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बीते पखवाड़े भर में प्रदेशभर में 31 हजार से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 22 लाख लोगों ने जांच और उपचार की सेवाएं प्राप्त कीं। विशेष बात यह रही कि इन शिविरों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। यह इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि अब ग्रामीण अंचलों में भी महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रही हैं। यह सहभागिता अभियान के उस मूल विचार को सशक्त करती है, जिसके अनुसार जब महिला स्वस्थ होती है, तभी पूरा परिवार और समाज सशक्त बनता है।
इन शिविरों में महिला स्वास्थ्य, पोषण और अनीमिया जांच को विशेष प्राथमिकता दी गई। इस दौरान पाँच लाख से अधिक लोगों की अनीमिया जांच की गई। यह न केवल जांच की व्यापकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार महिलाओं में खून की कमी जैसी पुरानी समस्या के समाधान हेतु ठोस कदम उठा रही है। शिविरों में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, बच्चों का टीकाकरण, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, टीबी, कैंसर और सिकल सेल जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग को भी शामिल किया गया। परिणामस्वरूप 1.91 लाख गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, 2.72 लाख लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग हुई, 3.72 लाख लोगों की टीबी जांच की गई और 67 हजार से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए।
अभियान अंतर्गत महिला स्वास्थ्यकर्मियों और विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की महत्ता, स्वच्छता और जीवनशैली में सुधार जैसे विषयों पर परामर्श दिया। यह पहल उपचार से आगे बढ़कर समय रहते रोगों की पहचान और रोकथाम की दिशा में भी कारगर सिद्ध हो रही है। लगभग 13 लाख लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जागरूक किया गया, जिससे यह स्पष्ट है कि यह अभियान केवल बीमारियों का उपचार नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सोच बदलने का प्रयास भी है।
अभियान की व्यापकता का अनुमान इस तथ्य से भी लगाया जा सकता है कि इसे नवरात्रि महोत्सव से जोड़कर महिला स्वास्थ्य और परिवार सशक्तिकरण की अभिनव पहल की गई। राज्य के विभिन्न जिलों में नवरात्रि के दौरान माता पंडालों और गरबा स्थलों पर हजारों महिलाओं ने ‘स्वस्थ नारी–सुरक्षित परिवार’ का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने महिलाओं को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा है। इस दौरान 36,186 हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड वितरित किए गए, जिससे अब उन्हें उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक निःशुल्क पहुंच मिल सकेगी। छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का एक मॉडल बनकर उभर रहा है। गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक पहुँचते हुए यह पहल दर्शाती है कि जब नीतियां ज़मीन पर उतरती हैं, तो बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन के हर स्तर पर दिखाई देता है।
टीबी उन्मूलन की दिशा में केंद्र और राज्य की साझा प्रतिबद्धता
भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी दिशा में लगातार निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहे हैं।‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के दौरान ही 3,72,985 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिनमें लक्षण पाए जाने पर तुरंत इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई। टीबी रोगियों के पोषण और सहयोग के लिए 7,000 से अधिक ‘निक्षय मित्रों’ को पंजीकृत किया गया है, जो उन्हें पोषण आहार और मानसिक संबल प्रदान कर रहे हैं।
"स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और समाज की नींव है और इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने व्यापक सफलता हासिल की है। बीते पखवाड़े में आयोजित हजारों शिविरों में लाखों लोगों ने जांच व उपचार कराए, जिनमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि अब ग्रामीण अंचलों में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इस अभियान में महिला स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और गंभीर बीमारियों की जांच के साथ-साथ परामर्श और जागरूकता पर भी जोर दिया गया है, जिससे यह पहल सिर्फ इलाज तक सीमित न रहकर सामाजिक सशक्तिकरण का मॉडल बन गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत 2025 संकल्प की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
"स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लाखों महिलाओं को अनीमिया, सिकल सेल और टीबी जैसी बीमारियों की जांच एवं परामर्श की सुविधा मिली है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे और यह अभियान इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है।"
-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
विमानतल पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री राम विचार नेताम ,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे, सांसद रूपकुमारी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, आईजी अमरेश मिश्रा, संभागायुक्त महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ जगदलपुर प्रवास पर रहेंगे, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर जिले के आरंग तहसील अंतर्गत भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें नवीन सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मेला स्थल पर डोम निर्माण, तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा कुटेसर प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि समाज से पाँच युवा पायलट बनना चाहें तो उनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और उन्हें पायलट बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सर्वप्रथम गुरु गद्दी का दर्शन कर प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चलकर हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उनके आदर्शों में मानवता और समानता की सीख निहित है। गुरु बाबा ने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप सतनामी समाज आज प्रगति और सौहार्द की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष भी मुझे मुख्यमंत्री के रूप में इस मेले में शामिल होने का अवसर मिला। लेकिन इस वर्ष और पिछले वर्ष में बड़ा अंतर आया है। पिछले वर्ष जब मैं यहां आया था तब आपके समाज के गुरु खुशवंत साहेब विधायक थे, अब वे मंत्री बने हैं। उन्हें अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। आपके समाज के गौरव से हमें अपार उम्मीदें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास तेजी से हो रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता से जो भी वादे किए थे, उन्हें हम ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में पूरा कर रहे हैं। अब तक नौ हजार से अधिक सरकारी भर्तियाँ पूरी हो चुकी हैं और हाल ही में शिक्षा विभाग में पाँच हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है।
उन्होंने कहा कि शासन के प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अनुसूचित जाति समाज के विकास हेतु प्राधिकरण का गठन किया गया था। वर्तमान सरकार ने उसके बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ कर दिया है।
धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब ने कहा कि यह मेला सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने समाज के गुरु खुशवंत साहेब को कैबिनेट मंत्री बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि सतनामी समाज ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश आज विकास की राह पर अग्रसर है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में है। यह किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं बल्कि गुरु बाबा घासीदास की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरीबों के उत्थान और प्रदेश को आगे बढ़ाने का जो संकल्प लिया है, वह साकार हो रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के हित में योजनाएँ बन रही हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आज 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है, जो आरंग विधानसभा के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में अनेक संत-महात्मा और तपस्वी जन्मे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’ का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश की सड़कों के विकास के लिए 700 से अधिक टेंडर जारी किए गए हैं और बरसात के बाद प्रदेश की सड़कें नए स्वरूप में नजर आएँगी।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह मेला गुरु घासीदास बाबा के पुत्र गुरु बालकदास साहेब के गद्दीनशीन होने की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होता है। यह सतनाम धर्म के आदर्शों का प्रतीक है। आज ही के दिन गुरु श्री बालकदास ने राजगद्दी स्वीकार कर भंडारपुरी की पावन भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया था।
इस अवसर पर राजागुरु, धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, बाबा गुरु ढालदास साहेब, गुरु मकसूदन साहेब, गुरु सोमेश बाबा, गुरु सौरभ साहेब, सांसद कमलेश जांगड़े, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदार गुप्ता, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, मोना सेन, अमित चिमनानी, श्याम नारंग, नवीन मार्कण्डेय सहित समाज के संतजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के नजदीक आते ही छत्तीसगढ़ से बाहर काम करने और पढ़ने वाले हजारों लोग अपने घर लौटने की तैयारी करते हैं। लेकिन इस बार भी सफर आसान नहीं होगा। रेलवे की नियमित गाड़ियां लगभग पूरी तरह भर चुकी हैं और जिन यात्रियों ने समय रहते टिकट नहीं कराया, उनके पास अब केवल पूजा स्पेशल ट्रेनों का ही विकल्प बचा है।
मुंबई रूट की प्रमुख ट्रेनें फुल
छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोग मुंबई, पुणे, ठाणे, कल्याण और वसई-विरार जैसे शहरों में काम करते हैं। त्योहारों पर घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे यात्रियों के लिए स्थिति निराशाजनक है।
हावड़ा मेल (12809): 11 से 30 अक्टूबर तक नो रूम
एलटीटी-शालीमार (18029): 15 से 30 अक्टूबर तक नो रूम
गीतांजलि एक्सप्रेस (12859): 15 से 30 अक्टूबर तक नो रूम
समरसता सुपरफास्ट (12151): 15 से 30 अक्टूबर तक सभी तारीखों में वेटिंग/नो रूम
हावड़ा रूट पर भी परेशानी
पश्चिम बंगाल के प्रवासी यात्रियों को भी घर लौटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
हावड़ा-मुंबई मेल (12810): 3 से 15 अक्टूबर तक नो रूम
गीतांजलि (12860): 3 से 13 अक्टूबर तक फुल
शालीमार-एलटीटी (18030): 3 से 13 अक्टूबर तक नो रूम
हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस: लगातार फुल
बिहार और यूपी जाने वालों के लिए भी मुश्किल
छत्तीसगढ़ से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश लौटने वाले हजारों यात्रियों के लिए दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस (15160) प्रमुख सहारा है। लेकिन अक्टूबर महीने भर इस ट्रेन में भी वेटिंग और नो रूम की स्थिति बनी हुई है।
पूजा स्पेशल ट्रेनें बनीं सहारा
त्योहारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। इनमें अभी भी सीटें उपलब्ध हैं
बिलासपुर-हडपसर (पुणे) पूजा स्पेशल (08265/08266)
तारीख: 22 और 23 अक्टूबर
क्लास: एसी सेकंड, एसी थ्री, इकोनॉमी
स्टॉपेज: बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया
बिलासपुर-यलहंका (बेंगलुरु) पूजा स्पेशल (08261/08262)
रायपुर। महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। तकनीक ने पूरी दुनिया के उत्पादों को फिंगरटिप्स पर ला दिया है और अब डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँचना संभव हो गया है। इसी उद्देश्य से बिहान की दीदियों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के उत्पाद देश और दुनिया के बाजारों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पॉलिसी वॉच द्वारा आयोजित बिहान दीदियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमारी संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान और पूजन का प्रतीक है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं इतिहास रच रही हैं। बिहान की बहनों की कामयाबी हमें गर्व से भर देती है। छत्तीसगढ़ की दीदियां अब आत्मनिर्भरता की ब्रांड एम्बेसडर बन रही हैं। लखपति दीदियां सपनों को नए पंख दे रही हैं और आज उन्हें डिजिटली सक्षम बनाकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि हम संकल्प लेकर आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वर्ष 2027 तक देशभर में 3 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर जैसे जिलों में महुआ आधारित उत्पाद तैयार हो रहे हैं, जिन्हें ‘जशप्योर’ ब्रांड के रूप में राष्ट्रीय पहचान मिली है। कोरोना काल में महुआ से सैनिटाइज़र बनाकर महिलाओं ने अपनी क्षमता और नवाचार का परिचय दिया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिली है। आत्मनिर्भरता का मार्ग संकल्प और प्रयास से ही संभव है। महिला स्व-सहायता समूहों के नवाचार और परिश्रम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
महिलाओं ने साझा किया लखपति बनने का शानदार सफर
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी बनने की प्रेरक कहानियाँ सुनीं। बलरामपुर जिले के तारकेश्वरपुर की पूनम गुप्ता ने बताया कि सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। प्रशासन के सहयोग से किराना दुकान खोली, आटा चक्की स्थापित की और अब पिकअप व ट्रैक्टर खरीदकर व्यवसाय को विस्तार दिया है।
गरियाबंद की हेमिन साहू ने बताया कि एक समय सब्जी खरीदने तक में कठिनाई होती थी। बिहान से लोन लेकर आचार-पापड़ का व्यवसाय शुरू किया, जो अब राजिम में दुकान तक पहुँच चुका है। आज उन्हें प्रतिदिन लगभग 4 हजार रुपए की आय हो रही है। हाल ही दिल्ली के सरस मेले में उन्होंने 2 लाख 31 हजार रुपए की बिक्री की।
गीता वैष्णव ने भावुक होकर कहा कि पहले उन्हें 10 रुपए के लिए हाथ फैलाना पड़ता था। लेकिन बिहान के माध्यम से मां वैभवलक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आचार-पापड़ व्यवसाय शुरू किया। अब वे अपनी कमाई से बेटे को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाने का सपना पूरा कर रही हैं।
रायपुर की गीता वर्मा ने बताया कि वैभव स्व-सहायता समूह से जुड़कर हल्दी-मसाले का व्यवसाय शुरू किया और आज हर महीने 15 से 20 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लखपति दीदी बनाने के संकल्प ने उनकी और लाखों बहनों की जिंदगी बदल दी है।
मुख्यमंत्री ने बिहान दीदियों के स्टॉलों का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद स्मारक भवन परिसर में पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन द्वारा लगाए गए बिहान दीदियों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा कर उनके उत्पादों और आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने भारत माता संकुल, डोंगरगांव की महिलाओं से साहीवाल और गिर गाय के A2 मिल्क से निर्मित घी की खरीदारी की। समूह की दिनेश्वरी साहू ने बताया कि उनके पास 25 से 30 गाएं हैं, जिनसे डेयरी उत्पाद तैयार कर महिलाएं अच्छी आय कमा रही हैं।
जालाग्राम संगठन, सेरीखेड़ी की खिलेश्वरी मधुकर ने बताया कि उनके समूह की महिलाएं फिनायल, धूपबत्ती, मोमबत्ती, कुकीज़ और ग्लिसरीन सोप बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
वहीं जय माँ भवानी स्व-सहायता समूह, मुंदगांव (डोंगरगढ़) की लक्ष्मी गंधर्व ने मुख्यमंत्री को अगरवुड का पौधा भेंट किया और बताया कि अगरवुड से बनने वाले तेल की कीमत लाखों रुपए होती है। इसका उपयोग अगरबत्ती, परफ्यूम और एसेंशियल ऑयल निर्माण में किया जाता है।
राष्ट्रीय पहचान की ओर बिहान की दीदियां
उल्लेखनीय है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और पॉलिसी वॉच के संयुक्त तत्वाधान में बिहान की दीदियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर बेच सकेंगी। उन्हें प्रोडक्ट की ब्रांडिंग, कास्टिंग और पैकेजिंग जैसी बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह तथा फ्लिपकार्ट के मुख्य कॉरपोरेट अधिकारी रजनीश कुमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। उच्च शिक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने देशभर की 54 प्राइवेट यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। इनमें छत्तीसगढ़ की 3 यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं। इन संस्थानों पर जून 2024 से लागू पारदर्शिता संबंधी ‘सेल्फ पब्लिक डिसक्लोजर’ गाइडलाइंस का पालन न करने का आरोप है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने UGC का कदम
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में आयोग ने 18 राज्यों की कुल 54 प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को नोटिस भेजा है। इन पर आरोप है कि जून 2024 से लागू किए गए “सेल्फ पब्लिक डिसक्लोजर” दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया है।
आयोग का कहना है कि सभी मान्यता प्राप्त प्राइवेट यूनिवर्सिटी को अपनी वेबसाइट पर संस्थान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक करनी होती हैं, ताकि छात्र, अभिभावक और अन्य हितधारक बिना किसी कठिनाई के सूचनाओं तक पहुंच सकें।
किन जानकारियों को साझा करना है अनिवार्य?
UGC के नियमों के अनुसार, सभी यूनिवर्सिटी को अपनी वेबसाइट पर निम्नलिखित जानकारी सार्वजनिक करनी होगी:
उपलब्ध कोर्स और प्रोग्राम्स
फैकल्टी और उनकी योग्यता
इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं
रिसर्च गतिविधियां और प्रकाशन
छात्र संख्या और प्रवेश से जुड़ी जानकारी
वित्तीय स्थिति और फंडिंग स्रोत
यह जानकारी संस्थान की वेबसाइट के होमपेज से आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। किसी भी यूजर को इसके लिए लॉगिन या रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ की 3 यूनिवर्सिटी पर भी नोटिस
इस सूची में छत्तीसगढ़ की तीन यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं—
रायपुर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी
दुर्ग की देव संस्कृति यूनिवर्सिटी
बिलासपुर की महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी
इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने न तो आयोग को निर्धारित जानकारी उपलब्ध कराई और न ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसे सार्वजनिक किया।
UGC की चेतावनी और संभावित कार्रवाई
UGC ने साफ कहा है कि संबंधित विश्वविद्यालयों को कई बार पत्र, ईमेल और ऑनलाइन मीटिंग्स के जरिए चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। आयोग ने धारा 13 के तहत निर्धारित प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा है कि यदि आगे भी गैर-अनुपालन जारी रहा, तो इन संस्थानों के खिलाफ नियामकीय जांच, जुर्माना और मान्यता से संबंधित प्रतिबंध जैसे कठोर कदम उठाए जाएंगे।
पारदर्शिता क्यों है जरूरी?
आयोग का मानना है कि विश्वविद्यालयों की पारदर्शिता छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद जरूरी है। जब संस्थानों की पूरी जानकारी सार्वजनिक होगी, तब छात्र और पेरेंट्स बेहतर तरीके से यह निर्णय ले पाएंगे कि किस विश्वविद्यालय में दाखिला लेना है। यह कदम शिक्षा संस्थानों को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
गरियाबंद। जिले में मानसूनी गतिविधि का असर देखने को मिला है. लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. बेलाट नाले का जल स्तर बढ़ गया है. इसके कारण देवभोग के झाखरपारा क्षेत्र के 36 गांव का सम्पर्क ब्लॉक मुख्यालय से टूट गया है.
इसके अलावा तहसील मुख्यालय अमलीपदर का सुख तेल नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. वहीं देर रात बिजली के पोल टूटने से 100 गांव में ब्लेक आउट की स्थिति निर्मित हो गई. तहसीलदार देवभोग अजय चंद्रवंशी ने बताया कि जिले में गुरुवार को 7 तहसीलों में 471 मिमी बारिश हो गई.
आज दूसरे दिन भी बारिश जारी है. सबसे ज्यादा अमलीपदर तहसील में 101 मिमी बारिश दर्ज हुई है. बारिश के बार नदी नाला में निर्मित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन एलर्ट मोड पर है. देवभोग के बेलाट नाला पर तहसीलदार अमले के साथ पहुंच रस्सी से बेरिकेटिंग कर दिया है, ताकि कोई आवाजाही न कर सके.
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज रात 2 दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे है। रात 8 बजें वे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद शनिवार को अमित शाह बस्तर दशहरा में शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रदेश बीजेपी के नेताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं शाह के दौरे से ठीक पहले बीजापुर जिले 103 नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर बीजेपी प्रदेश संगठन व्यापत तैयारी में जुटी हुई है। आपको बता दे छत्तीसगढ़ के मशहूर बस्तर दशहरा में शाह शनिवार को शामिल होंगे। लिहाजा आज शुक्रवार की रात अमित शाह रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे नवा रायपुर में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद शनिवार को दोपहर 12 बजे वे विशेष विमान से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। जगदलपुर पहुंचने के बाद अमित शाह यहां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद गृहमंत्री शाह बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा मुरिया दरबार में शामिल होंगे।
जो आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख आयोजन माना जाता है। आपको बता दे बस्तर दशहरा में शामिल होने पहुंच रहे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के स्वागत को लेकर बीजेपी प्रदेश संगठन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। उधर गृहमंत्री के इस दौरे से ठीक पहले पहले बीजापुर जिले में 103 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें 49 नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपए का इनाम घोषित है। नक्सलियों के हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने के फैसले से पुलिस अधिकारियों ने इसका स्वागत किया है। वहीं लगातार नक्सलियों के सरेंडर से नक्सली संगठन लगातार कमजोर हो रहा है।
रायपुर। राजधानी रायपुर समेत अन्य कई जिलों में गुरूवार रात से ही जमकर बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में शुक्रवार सुबह से लगातार बारिश जारी है। लगातार हो रही बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं गुरूवार रात से हो रही बारिश के चलते मौसम खुशनुमा बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने बारिश को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। मौसम विभाग ने एक बार फिर प्रदेश में जमकर बारिश होने की बात कही है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में एक बार फिर से बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के की जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने रायपुर, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद में भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।
इतना ही नहीं मौसम विभाग ने बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कबीरधाम, खैरागढ़-छुई खदान-गंडई, मोहला-मानपुर चौकी और राजनांदगांव जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सरंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली और बिलासपुर में भी बारिश के आसार है।
रायपुर। राजधानी के डब्लू आर एस कॉलोनी मैदान में विजयादशमी उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विशाल जनसमूह ने रावण दहन और आतिशबाजी का रोमांचक दृश्य देखा और देर तक उत्सव का आनंद लिया।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विजयादशमी का यह पर्व आत्ममंथन का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि आज हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि अपने भीतर के अहंकार और बुराई का त्याग कर समाज और राष्ट्र की प्रगति में सकारात्मक भूमिका निभाएँ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दशहरा का पर्व अधर्म पर धर्म की, असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। यह पर्व हमें अपने भीतर के नकारात्मक विचारों और प्रवृत्तियों को त्यागकर सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए। श्री साय ने कहा विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता है। सत्य की अंततः जीत होती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का अवसर बहुत ही खास है। प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। इस लिए हम प्रभु राम को भांचा राम कहते है। इसी के कारण छत्तीसगढ़ में भांजे का पैर छूकर प्रणाम करने की परंपरा है। वनवास के दौरान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने यहां लंबा समय बिताया। छत्तीसगढ़ में अलग अलग स्थानों में इसके प्रमाण मिलते है। वनवास काल में प्रभु श्रीराम के सामने अनेक कठिनाइयां थीं। रावण से युद्ध के समय श्रीराम वनवासी थे जबकि रावण के पास अस्त्र-शस्त्र के साथ ही विशाल असुरों की सेना थी। प्रभु श्रीराम ने वानर सेना के साथ मिलकर रावण को परास्त कर यह सिद्ध किया कि अधर्म और अहंकार का नाश निश्चित है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने अंदर रावण रूपी काम, क्रोध,अहंकार,लोभ,मोह एवं माया रूपी बुराइयों को समाप्त करने का आव्हान किया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा यहां दहशरा मनाने की परंपरा लगभग 150 साल पुराना इतिहास है। प्रभु बालाजी महाराज का विशेष आशीर्वाद इस प्रांगण को मिलता है। आज विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की,अधर्म पर धर्म की जीत का का प्रतीक है। विधायक सुनील सोनी, महापौर मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि गण श्री दूधाधारी मठ से जुड़े पदाधिकारी,खम्हारडीह सार्वजिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति के सदस्य एवं नागरिक गण उपस्थित थे।
रायपुर। धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व इस बार छत्तीसगढ़ में हिंसा और भ्रम पर विकास और सुशासन की ऐतिहासिक विजय का भी प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में 103 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि यह कदम प्रदेश के शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” ने लाल आतंक के भ्रम से भटके लोगों के दिलों में विश्वास और आशा का दीप प्रज्वलित किया है। “पूना मारगेम अभियान” से प्रेरित होकर बीजापुर में कुल 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से 49 नक्सली वे भी हैं, जिन पर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपए तक का इनाम घोषित था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को नई शुरुआत के लिए 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। साथ ही, नक्सल उन्मूलन नीति के अंतर्गत उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है। अब तक 1890 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता और जनता के विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा और आत्मसमर्पित लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं उज्ज्वल भविष्य दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल बस्तर की धरती तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण, समृद्ध और विकसित भविष्य की ओर एक सशक्त कदम है।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा छत्तीसगढ़ को कर अंशदान के अंतर्गत ₹3,462 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय पर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, केंद्र सरकार सभी राज्यों के साथ न्याय करती है। केंद्र ने जो ₹3,462 करोड़ की राशि स्वीकृत की है वो छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों को नई गति देगी, वित्तीय संसाधनों को और मजबूत बनाएगी तथा प्रदेश में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को सशक्त करेगी। उन्होंने कहा कि यह आवंटन त्यौहार के अवसर पर मोदी सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक विशेष उपहार है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और "डबल इंजन सरकार" की नीतियों के कारण प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार निरंतर बढ़ रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे ले जाने के लिए कटिबद्ध हैं।
रायपुर। केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की राशि जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़ को 3,462 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सबसे ज्यादा 10,219 करोड़ रुपये बिहार को दिए गए, जबकि सबसे कम राशि 392 करोड़ रुपये गोवा को मिली है। मध्य प्रदेश को 7,976 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया है। इसपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है।
सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार। इस पावन अवसर पर, यह आवंटन वास्तव में मोदी सरकार की ओर से राज्य की जनता के लिए एक उल्लेखनीय उपहार है। यह महत्वपूर्ण राशि वित्तीय संसाधनों को और सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी और कल्याणकारी पहलों को बढ़ावा देगी। हमारी दोहरी इंजन वाली सरकार छत्तीसगढ़ में निरंतर प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य के विकास में इस पैसे का होगा अहम योगदान : तोखन साहू
वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है, जो हमने कहा था वही किया। राज्य के विकास में इस पैसे का अहम योगदान होगा। पहले GST कम किया गया, अब GST राशि वापस की गई है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार किया है और हम विकास कर रहे हैं।
यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा : ओपी चौधरी
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्यों को अग्रिम कर अंशदान के रूप में ₹1,01,603 करोड़ जारी किये हैं। इसमें से छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा, जनकल्याणकारी योजनाओं को सशक्त बनाएगा और पावन पर्व-त्योहारों के इस समय में नवआशा और समृद्धि का संचार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार एंव अभिनंदन।