प्रदेश
पुलिस की सराहनीय पहल, मवेशियों के गले में लगाए गए रेडियम कॉलर टैग
रायगढ़। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन पर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाईवे पर आवारा मवेशियों की वजह से आए हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए थाना प्रभारियों को सुरक्षा के मद्देनजर मवेशियों के गले में रेडियम लगे कॉलर टैग लगाने का निर्देश दिया गया है। इसी कड़ी में कल घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में घरघोड़ा पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया।
इस दौरान रायगढ़-घरघोड़ा, घरघोड़ा-लैलूंगा मुख्य मार्ग एवं तमनार बायपास मार्ग पर घूम रहे मवेशियों के गले में रेडियम कॉलर टैग लगाए गए ताकि रात के समय सड़क पर आने वाले वाहन चालक दूर से ही मवेशियों को देख सकें और किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। पुलिस की इस पहल को ग्रामीणों ने सराहते हुए इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया। घरघोड़ा पुलिस का यह अभियान न केवल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक होगा बल्कि ग्रामीणों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
रायपुर निगम ऑफसेट प्रेस और फिल्टरप्लांट की मशीनों की विजयादशमी पर की गई पूजा
रायपुर। आज विजयादशमी पर्व के पावन अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने नगर निगम मुख्यालय भवन के भूतल पर स्थित नगर निगम प्रेस और जनसम्पर्क विभाग में नगर निगम की मिनी ऑफसेट मशीन की परम्परागत पूजा की.
इसके साथ नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी,जल कार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू, जोन 4 अध्यक्ष मुरली शर्मा, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, जोन 4 जोन कमिश्नर अरुण ध्रुव ने प्रेस और जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित निगम की मिनी ऑफसेट मशीन मशीन की पूजा की और प्रेस और जनसम्पर्क विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दशहरा पर्व के पावन अवसर की हार्दिक शुभकामनायें दीं.
महापौर मीनल चौबे और सभापति राठौड़ ने रावणभाठा फिल्टरप्लान्ट में विजयादशमी पर्व पर परम्परागत रूप से मशीनों की पूजा रावणभाठा फिल्टरप्लांट के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ करते हुए उन्हें दशहरा पर्व पर हार्दिक शुभकामनायें दीं.
महापौर मीनल चौबे और सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने रावणभाठा फिल्टरप्लान्ट के समीप स्थित सुप्रसिद्ध दक्षिणमुखी श्री हनुमान मन्दिर में रामदूत हनुमानजी की पूजा करते हुए विजयादशमी पर्व की सभी नगरवासियों को हार्दिक शुभकामनायें देते हुए प्रत्येक नगरवासी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, शान्ति प्रदान करने और रायपुर शहर को स्मार्ट राजधानी शहर के रूप में स्वच्छ, सुन्दर बनाकर, सुव्यवस्थित तौर पर विकसित करने सकारात्मक प्रेरणा ऊर्जा शक्ति प्रदान करने रामदूत हनुमानजी के दिव्य श्रीचरणों में विनम्र प्रार्थना की.
SC से जमानत लेने वाले आबकारी अफसरों से ED की पूछताछ जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है. बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है.
सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है. आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.
थानों और पुलिस चौकियों में शस्त्र पूजा कर निभाई गई विजयादशमी पर परम्परा
धमतरी। विजयदशमी सत्य पर असत्य एवं धर्म पर अधर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन परंपरा के अनुसार विजयदशमी पर देवी अपराजिता एवं मां रणचंडी की विशेष पूजा-अर्चना के साथ अस्त्र-शस्त्र की पूजा करने की परंपरा रही है। धमतरी पुलिस भी इस परंपरा को वर्षों से निभाती आ रही है।
इसी कड़ी में आज पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने रक्षित केंद्र धमतरी में पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के साथ विधि-विधान से अस्त्र-शस्त्र एवं शासकीय वाहनों की पूजा-अर्चना की। पूजा के पश्चात उन्होंने उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों सहित जिले के समस्त नागरिकों को विजयदशमी की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।
एसपी धमतरी सहित पुलिस अधिकारियों ने विजयदशमी के अवसर पर हर्ष फायर किये। इसके साथ ही जिले के सभी थाना एवं चौकियों में भी परंपरागत रूप से अस्त्र-शस्त्र एवं शासकीय वाहनों की पूजा-अर्चना संपन्न की गई। उल्लेखनीय है कि परंपरागत विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर भी पुलिस लाइन धमतरी में यंत्रों, उपकरणों और वाहनों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा, सीएसपी.अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक मोनिका मरावी, मीना साहू,यशकरण दीप ध्रुव,रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा, मुख्य लिपिक निरी.(एम) लक्ष्मी ध्रुव स्टेनो निरी.(एम) अखिलेश शुक्ला,उनि. चन्द्रशेखर देवांंगन एटीओ सुलतान हुसैन,सउनि. रामावतार राजपूत, शस्त्रागार प्रभारी मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी- कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के हृदय स्थल आजाद चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और शास्त्री चौक स्थित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों और उनके आदर्शों को याद करते हुए स्वच्छता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि शास्त्री जी का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्र भारत के निर्माण में योगदान अविस्मरणीय है। सत्य, सादगी और अनुशासन से भरे उनके व्यक्तित्व ने पूरे राष्ट्र को दिशा दिखाई। शास्त्री जी ने किसानों और जवानों की शक्ति को राष्ट्र की असली ताकत बताया और “जय जवान – जय किसान” का नारा देकर पूरे देश को आत्मनिर्भरता और परिश्रम के मार्ग पर अग्रसर किया।
इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मिलावट रोकने खाद्य विभाग की कार्रवाई, कई दुकानों में दी दबिश
सरगुजा। नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को ध्यान में रखते हुए सरगुजा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सघन कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत मिठाई दुकानों, किराना एवं फल दुकानों सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने संकलित किए गए हैं।
इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर.आर. देवांगन, प्रशांत कुमार तिवारी एवं विभागीय टीम द्वारा बीते दिनों कई दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इनमें मेसर्स सोमेश किराना एण्ड जनरल स्टोर सरगावा से सरसों तेल, मेसर्स गीता ट्रेडर्स गोधनपुर से साबूदाना एवं पतंजली दलिया, मेसर्स राज फ्लोर मिल अंबिकापुर से सिंघाड़ा आटा एवं बेसन, मेसर्स ललन बेवरेजेस सीतापुर से पैकेज्ड ड्रिकिंग वाटर, मेसर्स रमेश बेवरेजेस सीतापुर से पैकेज्ड ड्रिकिंग वाटर तथा मेसर्स पवन एजेंसी अंबिकापुर से पैकेज्ड ड्रिकिंग वाटर के नमूने शामिल हैं।
सभी संकलित नमूनों को परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा नियम- विनियम 2011 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त विभागीय चलित खाद्य प्रयोगशाला वाहन (मोबाइल वैन) के माध्यम से विगत दो दिनों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के खाद्य प्रतिष्ठानों का मौके पर परीक्षण किया गया। विभाग का यह निरीक्षण एवं जांच अभियान त्योहारों के दौरान निरंतर जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से देश की आज़ादी के आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि दृढ़ निष्ठा और सत्याग्रह के मार्ग से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी गांधी जी के विचार समाज को एक बेहतर दिशा देने में उपयोगी हैं और हम सबको उनसे प्रेरणा मिलती है।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी और सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने जय जवान जय किसान का का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शास्त्री जी की निष्ठा और ईमानदारी हमेशा नागरिकों को प्रेरित करती रहेगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव उपस्थित थे।
कोरबा कलेक्टर के खिलाफ हो सकती है बड़ी कार्रवाई, सरकार ने संज्ञान में लिया
कोरबा। कोरबा कलेक्टर के खिलाफ पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत पर बिलासपुर कमिश्नर से जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। बताया गया कि कमिश्नर संभवतः शुक्रवार को प्रतिवेदन दे सकते हैं।
पूर्व मंत्री कंवर कोरबा कलेक्टर अजीत बंसत के खिलाफ 14 बिन्दुओं पर आरोप लगाए हैं। वो उन्हें हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने 4 अक्टूबर को सीएम हाऊस के सामने धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है।
सीएम विष्णु देव साय ने कंवर के आरोपों की जांच कराने की बात कह चुके हैं। उन्होंने इस पर कमिश्नर सुनील सोनी से जांच प्रतिवेदन मांगा है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक साय खुद कंवर से चर्चा करने वाले हैं।
मुख्यमंत्री की विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ मैराथन बैठक, की ई-ऑफिस प्रणाली की तारीफ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें।
जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी
मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।
मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस
मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।
मुख्य सचिव विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, ऊर्जा सचिव रोहित यादव सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रोजेक्ट दिव्य धुन के बच्चों को दी 11 हजार की प्रोत्साहन राशि
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि मंडपम रायपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट दिव्य धुन के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों ने तबला, गायन एवं अन्य विधाओं में मनमोहक प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 11 हजार की राशि प्रदान की।
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया प्रोजेक्ट दिव्य धुन के अंतर्गत दृष्टिबाधित बच्चों को कलाकेंद्र रायपुर में संगीत व वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इन बच्चों ने पूर्व में चक्रधर समारोह 2025, रायगढ़ में भी अपनी प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध किया था।
ग्राम सुंगेरा में जनसुरक्षा संतृप्ति शिविर का हुआ आयोजन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, शाखा तरपोंगी द्वारा आज ग्राम सुंगेरा में जनसुरक्षा संतृप्ति शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में लगभग 120 ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के उपमहाप्रबंधक अमरेंद्र गुप्ता, अग्रणी बैंक अधिकारी जिला रायपुर मो. मोफिज, वरिष्ठ प्रबंधक (परिचालन) क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर प्रभु बेदी, वित्तीय समावेशन अधिकारी तुषार वर्मा एवं कल्पना अहिरवार उपस्थित रहे शिविर के दौरान ग्रामीणों को बैंकिंग सुरक्षा और सेवाओं से जुड़ी जानकारी दी गई।
उपमहाप्रबंधक अमरेंद्र गुप्ता ने ई केवाईसी डिजिटल धोखाधड़ी (डिजिटल अरेस्ट), मनी म्यूल खाते और बैंक के विभिन्न शासकीय उत्पादों के बारे में बताया । अग्रणी बैंक अधिकारी मो. मोफिज ने सुरक्षित वित्तीय लेन-देन के लिए ज़रूरी सावधानियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ले रहे हैं मैराथन बैठक: बजट और विकास कार्यों की हाईलेवल समीक्षा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण मैराथन बैठक कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट में प्रावधानित कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करना और सभी विभागों को समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभागवार कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विशेष रूप से पूंजीगत व्यय से जुड़े कार्यों की गति बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं और अफसरों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि निर्धारित समयसीमा में सभी परियोजनाओं को पूरा किया जाए।
इस बैठक में नए मुख्य सचिव विकास शील और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह समेत सभी विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित हैं। यह बैठक नए मुख्य सचिव के नेतृत्व में होने वाली पहली हाईलेवल समीक्षा बैठक है। इसके मद्देनजर अफसरों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मौका है कि वे अपने विभागों की प्रगति और आने वाली योजनाओं के बारे में सीधे मुख्यमंत्री को जानकारी दें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है, बल्कि इससे सीधे जनता को लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विभागों ने कार्यों में गति नहीं दिखाई, उनके खिलाफ कड़ा निर्देश और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की मैराथन बैठकें राज्य प्रशासन में कसावट और जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। केवल समय पर कार्य पूरा करना ही नहीं, बल्कि सभी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है।
बैठक में यह भी चर्चा की जा रही है कि किस विभाग ने कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किए हैं और किन विभागों को अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे बजट के तहत आने वाले सभी कार्यों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया को मजबूत करें और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए हर संभव कदम उठाएं।
राज्य प्रशासन के जानकार मानते हैं कि यह बैठक केवल एक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह अफसरों की जवाबदेही, कार्यकुशलता और विकास प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने का भी अवसर है। बैठक का समापन मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए अंतिम दिशा-निर्देशों और कार्रवाई योजनाओं के साथ होगा, जिससे सभी विभागों को स्पष्ट रोडमैप मिले और आगामी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों में गति लाई जा सके।
मंत्रालय में 1 दिसंबर से अफसरों के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस, मुख्यमंत्री सचिवों और विभागाध्यक्षों की ले रहे हैं बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण मैराथन बैठक कर रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट में प्रावधानित सभी कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करना और सभी विभागों को समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए निर्देश देना है। अफसरों की मंत्रालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो इसे लेकर भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।
बैठक में प्रत्येक विभागवार कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विशेष रूप से पूंजीगत व्यय से जुड़े कार्यों की गति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को विशेष निर्देश दे रहे हैं कि वे निर्माण और विकास परियोजनाओं में तेजी लाएँ। बैठक में नए मुख्य सचिव विकास शील और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह के साथ-साथ सभी विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित हैं। यह बैठक नए मुख्य सचिव के नेतृत्व में होने वाली पहली हाईलेवल समीक्षा बैठक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह संदेश दिया कि बजट में स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करना अनिवार्य है और विलंब स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही अफसरों को यह निर्देश भी दिए गए कि सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्टिंग प्रक्रिया को मजबूत करें और प्रत्येक परियोजना पर नियमित निगरानी बनाए रखें।
बैठक में यह भी तय किया गया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में सभी अधिकारियों के लिए बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे अधिकारियों की उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित होगी और विभागीय कार्यों में गति आने की संभावना बढ़ जाएगी।
वृद्धजनों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। वृद्धजनों की देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए समर्पित योजनाओं को लगातार मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वृद्धजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी, प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाने और दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के रिपेयरिंग के लिए राजधानी रायपुर में सर्विस सेंटर बनाने की घोषणा की। श्री साय ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता हेतु 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई और स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृद्धजन दिवस हमें अपने दायित्वों को याद दिलाने का अवसर है। मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। मैंने अपने गुरु के संस्कार और आदर्शों का हमेशा पालन किया है। श्री साय ने कहा कि हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज हमारे बुजुर्ग जिस अवस्था में है, कल हम सभी उसी अवस्था में होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय और अतिथियों ने जनता से अपील की कि वे वृद्धजनों का सम्मान करें और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं में 14 लाख से बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और श्री रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जा रही है तथा 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित हैं। विभागीय हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 54 हजार से अधिक वरिष्ठजनों की समस्याओं का समाधान किया गया है।
इस अवसर पर मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन साथी पहल : जिला प्रशासन रायपुर और इज माय ट्रिप के बीच एमओयू
कार्यक्रम में पर्यटन साथी पहल के लिए ईज़ माई ट्रिप और जिला प्रशासन के मध्य एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार नए अवसर खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन साथी पहल के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रति बैच 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण तीन महीने में पूरा होगा।




सीएम साय की अध्यक्षता में होगा कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस, सभी सचिवों से मांगा गया एजेंडा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आने वाले महीनों में सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से राज्य सरकार ने तीन दिवसीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिला वन अधिकारी (डीएफओ) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा करेंगे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की योजनाओं, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और आम जनता से जुड़े मुद्दों की बारीकी से समीक्षा करना है। 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाली पहली बैठक में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विकास कार्यों की प्रगति, विभिन्न विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जिले स्तर पर आ रही चुनौतियों की जानकारी लेंगे।
13 अक्टूबर को होने वाली बैठक में कलेक्टरों के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक और जिला वन अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। इस दिन कानून-व्यवस्था, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे अभियान, पर्यावरण संरक्षण और वनाधिकार से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। बैठक का तीसरा दिन 14 अक्टूबर को होगा, जिसमें अब तक हुई बैठकों से निकले बिंदुओं का समेकित मूल्यांकन और आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस बैठक को लेकर कहा कि यह बैठक नियमित है और समय-समय पर इस तरह की समीक्षा बेहद आवश्यक होती है। उनके अनुसार, “यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे आने वाले सभी कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। प्रशासनिक कसावट और पारदर्शिता लाने में इस प्रकार की बैठकों की अहम भूमिका होती है।”
जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देंगे कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करें। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल, रोजगार और किसानों से जुड़े विषयों पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जाएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कदम न केवल प्रशासनिक कसावट लाने की दिशा में अहम साबित होगा, बल्कि इससे जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की गति भी तेज होगी। इसके अलावा, नक्सल प्रभावित जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी मुख्यमंत्री अधिकारियों से ठोस रिपोर्ट लेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
तीन दिवसीय इस कांफ्रेंस से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में और अधिक मजबूती आएगी। इससे राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने में तेजी आएगी और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
बाल-बाल बचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, ट्रक की ठोकर से कार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त
रायपुर। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। बताया जा रहा है कि मंत्री की तेज रफ्तार कार ट्रक से टकरा गई। हादसे में जहां कार के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गये। वहीं इस हादसे में मंत्री जायसवाल पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के मुताबिक ये हादसा मंत्री श्याम बिहार जायसवाल के जन्मदिन के दिन घटित हुई। बताया जा रहा है कि मंत्री जायसवाल अपने जन्मदिन के अवसर पर मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। उन्होंने अपने दिन की शुरुआत महामाया मंदिर में के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ की थी। जब वह मंदिर से लौट रहे थे, तभी उनकी कार ट्रक से टकरा गई।
इस हादसे में गनीमत रही कि कार में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री और अन्य लोगों को किसी तरह की कोई चोंट नहीं आई। वहीं गाड़ी के सामने का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं हादसे की जानकारी के बाद शुभचिंतको मंत्री का हाल जानने उनके निवास पर पहुंचने लगे। जहां मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सकुशल होने की जानकारी सभी को दी।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की फाइल आगे बढ़ी, DGP को मिला प्रारूप
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के लिए एक प्रारूप तैयार किया गया है। यह प्रारूप उच्च स्तरीय समिति द्वारा तैयार किया गया है और इसे राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम को सौंपा गया है। समिति ने भुवनेश्वर कमिश्नरी मॉडल को बेहतर मानते हुए लगभग 60 प्रतिशत नियमों को रायपुर में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, शेष 40 प्रतिशत कमिश्नरी प्रणाली के नियम अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, ओडिशा, राजस्थान और मध्यप्रदेश में लागू मॉडल से लिए जाएंगे।
इस प्रारूप को तैयार करने के लिए समिति ने विभिन्न राज्यों में लागू कमिश्नरी मॉडलों का गहन अध्ययन किया। समिति के अध्यक्ष, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता ने इस प्रारूप को DGP को सौंपा है। अब इस रिपोर्ट का विधि विभाग के अधिकारियों के साथ अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद इसे राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू करने की कवायद के बीच अब पहले कमिश्नर और पुलिस को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस दौड़ में फ़िलहाल आधा दर्जन आईपीएस अफसरों के नाम सामने आये है। इनमें सभी आईजी लेवल के अफसर शामिल है। जिन नामों पर चर्चा है उनमें अजय यादव, अमरेश मिश्रा, बद्रीनारायण मीणा और संजीव शुक्ला जैसे आईपीएस के नाम शामिल है।