प्रदेश
शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख, गड़बड़ी की पुलिस जांच कराने के दिये निर्देश
रायपुर। समग्र शिक्षा विभाग में व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुई गड़बड़ी को लेकर अब बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पूरे मामले की पुलिस जांच कराने के आदेश दिए। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
17 जुलाई को सूचना भेजी गई, 18 जुलाई को परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित कर लिए गए और मात्र दो दिन बाद 20 जुलाई को 1,300 लोगों का रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया। इतनी जल्दबाजी से हुई भर्ती प्रक्रिया ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। खबर सामने आने के बाद से ही विभाग में हड़कंप मचा हुआ था।
मंत्री यादव ने बैठक में कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, इसलिए भ्रष्टाचार, लापरवाही और लेन-देन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को बढ़ाने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
घटिया सामग्री सप्लाई करने वाले होंगे ब्लैकलिस्टेड
मंत्री यादव ने चेतावनी दी कि शिक्षा विभाग में जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाएगी। विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की सामग्री दी जानी चाहिए। यदि कहीं से घटिया या खराब सामग्री सप्लाई की जाती है तो संबंधित सप्लायर को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट का इस्तेमाल सही तरीके से हो और समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को भेजा जाए, ताकि अनुदान की अगली किस्त समय पर राज्य को मिल सके।
छात्रावासों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में मंत्री ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। हाल ही में छिंदगढ़ विकासखंड के पाकेला पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं शासन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। अतः सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की अंतरित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने किया बायंग एनीकट कम काजवे का भूमिपूजन
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र में जब भी मैं आता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच आया हूँ। आप सभी ने 20 वर्षों तक आशीर्वाद देकर मुझे सांसद बनाकर दिल्ली भेजा, अब मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपने परिवार से मिलने आप सबके बीच आया हूँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस तथा 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद जैसी योजनाएँ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रदेश के युवा देख रहे हैं कि जिन्होंने पीएससी परीक्षा में घोटालेबाजी की, वे जेल के अंदर हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार में श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना और बुजुर्गों के लिए तीर्थ स्थलों की यात्रा की योजना प्रारंभ की गई है।



उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एनीकट भूमिपूजन के अवसर को बायंग (कछार) गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। अब गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, महतारी वंदन योजना का पैसा समय पर हर महीने मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तथा डबल इंजन की सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र का संसद में पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे मुख्यमंत्री प्रत्येक गांव के लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं। रायगढ़ से सांसद रहते हुए शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो जहाँ मुख्यमंत्री श्री साय न गए हों। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने मात्र 20 महीने हुए हैं और इस अवधि में अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के एक-एकड़ पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, भूमिहीन मजदूरों के खाते में हर साल 10 हजार रुपये की राशि पहुँच रही है। हर गांव में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत मकान बनाए जा रहे हैं। राजमिस्त्री और सेंट्रिंग प्लेट कम पड़ गए हैं, फिर भी लगातार कार्य हो रहे हैं। केवल कछार गांव में ही 180 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमारी माताएँ-बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्राम पंचायत कछार के किसानों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एनीकट बनने से कृषि संबंधी सुविधाएँ बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी घोषणाएँ पूरी हो रही हैं और ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत सदस्य गंगाबाई पटेल, ग्राम बायंग के सरपंच गौरीशंकर सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
सरल और सहज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिखा अपनत्व, नन्हे इवान को गोद में लेकर किया दुलार
रायपुर। रायगढ़ के खरसिया पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सहजता, सरलता और अपनेपन ने आज सभी को गहरे तक प्रभावित किया। खरसिया हेलीपैड पर जब उनकी नज़र ढाई साल के इवान पर पड़ी तो वे बच्चे को दुलारे बिना नहीं रह सके। आत्मीय मुस्कान के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे इवान को अपनी गोद में उठाया और बड़े स्नेह से दुलार किया। नर्सरी में पढ़ने वाला इवान अपने पिता के साथ बड़े उत्साह से हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को देखने आया था। बच्चे को अचानक मुख्यमंत्री श्री साय की गोद में देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक और आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सहजता, आत्मीयता और संवेदनशील व्यवहार का सजीव उदाहरण बन गया। इसे देखकर लोगों के मन में यह भाव सहज ही उमड़ पड़ा कि मुख्यमंत्री के दिलो-दिमाग में केवल प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का ही संकल्प नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति उनका गहरा अनुराग भी है।
इवान के पिता अमन गर्ग ने कहा कि अपने बेटे को मुख्यमंत्री की गोद में देखना उनके परिवार के लिए भावुक, अनमोल और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्मृति जीवन भर उनके साथ रहेगी। श्री गर्ग ने बताया कि इवान बड़े उत्साह से मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर को देखने उनके साथ हेलीपैड आया था। मुख्यमंत्री की गोद में जाते ही उसकी खुशी दोगुनी हो गई। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनत्व और बच्चों के प्रति उनका अनुराग सबके सामने आया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल अमन गर्ग के परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों के हृदय में भी अमिट छाप छोड़ दी।
किसान, महिलाओं और युवाओं की प्रगति ही राज्य का भविष्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित कार्यक्रम में रेलवे ओवरब्रिज सहित 66.84 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने 20 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा भी की। इनमें खरसिया के कबीर चौक से डभरा रोड तक बाईपास सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्विमिंग पूल सहित अन्य सुविधाओं की मरम्मत के लिए 2 करोड़ तथा खरसिया नगर पालिका क्षेत्र में अन्य विकास कार्यों के लिए 8 करोड़ रुपये की घोषणा शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खरसिया में पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया तथा अटल परिसर का लोकार्पण भी किया। साथ ही उन्होंने रेलवे अंडरब्रिज निर्माण के लिए तकनीकी सर्वे कराए जाने की भी घोषणा की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायगढ़ से उनका 20 वर्षों का पारिवारिक संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में मिली जीत अटल विश्वास पत्र के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र के विकास के लिए सात से आठ हजार करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। अटल विश्वास पत्र में की गई एक-एक घोषणा को पूरा किया जा रहा है। मोदी जी की अधिकांश गारंटियाँ पूरी हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से खरीदी मूल्य 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया गया है। 5.62 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मज़दूरों को प्रति वर्ष 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर भी अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग और शासकीय सेवाएँ गांव-गांव तक पहुँच रही हैं। 1460 पंचायतों में यह सुविधा प्रारंभ हो चुकी है, जहाँ न केवल पैसों का लेन-देन संभव है, बल्कि आय, भूमि, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएँ भी अब गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि रजत जयंती वर्ष के दौरान 4000 पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पीएससी घोटाले की सीबीआई जाँच चल रही है। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन हमारा उद्देश्य है, सुशासन हमारा संकल्प है। भ्रष्टाचार के सभी रास्ते एक-एक कर बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की पहल उन्होंने सांसद रहते हुए की थी। सभी औपचारिकताएँ पूर्ण होने के बाद आज इसका भूमिपूजन संभव हुआ है। आने वाले दो से तीन वर्षों में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है। रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण खरसिया शहर के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता थी। 64.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस रेलवे ओवरब्रिज का भूमिपूजन हमारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके निर्माण से क्रॉसिंग पर ट्रेनों के गुजरने से लोगों को होने वाली आवाजाही की समस्या दूर होगी और समय की भी बचत होगी।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले 20 महीनों में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। उन्होंने कहा कि 13 लाख किसानों को 3716 करोड़ रुपये दो वर्षों के बोनस के रूप में दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जो 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित 18 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की पहली बैठक में मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि रेडी-टू-ईट का जिम्मा पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है और इसकी शुरुआत रायगढ़ जिले से हो चुकी है, जिसे शीघ्र ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अटल परिसर का लोकार्पण राज्य निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनवाया, जो 500 वर्षों के बाद संभव हो सका। छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना प्रारंभ की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री ने आईटी और जीएसटी में सुधार कर देशवासियों की क्रयशक्ति को बढ़ाया है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगरपालिका परिषद खरसिया के अध्यक्ष कमल गर्ग, उपाध्यक्ष अवधनारायण (बंटी) सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
अरुण कुमार पांडेय बने प्रधान मुख्य वनसंरक्षक
रायपुर। राज्य सरकार ने IFS अफसर की पोस्टिंग का आदेश जारी किया है। 1994 बैच के IFS अरूण कुमार पांडेय को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, छत्तीसगढ़ बनाया गया है। वहीं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास एवं योजना/बजट, लेखा एवं लेखा परीक्षा) का एडिश्नल चार्ज दिया गया है। अभी अरूण कुमार पांडेय प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (विकास/योजना) के पद पर पदस्थ थे।
“बैटरी स्वैपिंग से ई-रिक्शा चालकों को मिल रही है राहत” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल ल रही है बदलाव…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक नई पहल हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने ई-रिक्शा चालकों की सुविधा के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी और क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा की दूरदर्शिता से प्रारंभ की गई यह पहल प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में बदलाव ला रही है।
बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की खासियत
रायपुर स्थित ऊर्जा पार्क के पास स्थापित इस पहले बैटरी स्वैपिंग स्टेशन में ई-रिक्शा चालक केवल दो मिनट में डिस्चार्ज बैटरी बदलकर पूरी तरह चार्ज लिथियम आयन बैटरी ले सकते हैं। यह प्रणाली ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट से जुड़ी है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा-कुशल दोनों है। क्रेडा का मानना है कि इस तकनीकी नवाचार से चालकों को चार्जिंग की परेशानी से छुटकारा मिलेगा, उनका समय बचेगा और आय में भी वृद्धि होगी।
पायलट परीक्षण और लाभ
परियोजना के तहत पायलट परीक्षण में दो ई-रिक्शा चालकों को मुफ्त सुविधा दी गई है। इनमें से एक चालक तेजकुमार ने बताया कि बैटरी स्वैपिंग के बाद अब वे रोजाना 70 से 80 किलोमीटर तक सफर कर पाते हैं और उनकी आय 700 से 800 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। पारंपरिक बैटरी की चार्जिंग, देखरेख और खराबी की समस्याओं से भी उन्हें पूरी तरह राहत मिल गई है।
इसी तरह दूसरे हितग्राही प्रणव मराठे ने भी कहा कि लिथियम आयन बैटरी की सुविधा से उन्हें प्रतिदिन पारंपरिक बैटरी की तुलना में 60 से 100 रुपये तक अतिरिक्त आय हो रही है।
एनजीओ की रुचि और भविष्य की योजना
इन सकारात्मक अनुभवों से प्रेरित होकर Social Organisation for Transformation नामक एक एनजीओ ने अपने ई-रिक्शा के लिए इस सुविधा को अपनाने की इच्छा जाहिर की है। क्रेडा और एनजीओ के बीच इस संबंध में प्रारंभिक कार्यवाही जारी है।
क्रेडा की योजना है कि निकट भविष्य में इस सेवा को किफायती दरों पर अधिकाधिक चालकों तक पहुँचाया जाए। इससे प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और हरित परिवहन को नई गति मिलेगी।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि बैटरी स्वैपिंग स्टेशन परियोजना ई-रिक्शा चालकों के जीवन में बदलाव लाएगी और राज्य की एक पर्यावरण अनुकूल परियोजना के रूप में विकसित होगी।
वहीं क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा ने उम्मीद जताई कि यह पहल हरित ऊर्जा और नवाचार आधारित भविष्य की ओर छत्तीसगढ़ को ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
बैटरी स्वैपिंग परियोजना न केवल ई-रिक्शा चालकों के जीवन को आसान बना रही है, बल्कि राज्य में हरित परिवहन और सतत विकास को भी प्रोत्साहन दे रही है। आने वाले समय में इसके विस्तार से प्रदेश के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा और छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा।
राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में वर्ष 2024 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया।
समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के 64 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2025 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की भी घोषणा की।
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वप्रथम भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान दार्शानिक और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है। बेहतर शिक्षक एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महती भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के प्रेरणास्रोत होते है। उनके विकास में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। आज का जीवन सरल नहीं है। गिरकर खड़े होना और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए यह विद्यार्थियों को सीखाना चाहिए।
श्री डेका ने कहा कि शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिससे बच्चे स्कूलों की ओर आकर्षित हो। स्कूल भवन नहीं बल्कि उसके अंदर क्या पढ़ा रहे है ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन भारत की गुरूकुल परंपरा को श्रेष्ठ बताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक गेम चेन्जर है। इस नीति के अनुरूप बच्चों को शिक्षा मिले यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका मूल उद्देश्य यही है कि शिक्षा अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और सर्वांगीण बनाया जाए। इस नीति में विशेष बल मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया है। बालक को उसकी मातृभाषा में शिक्षा देने से वह अधिक रूचि तथा सहजता के साथ शिक्षा ग्रहण करता है।
श्री डेका ने कहा कि नवाचारी शिक्षा अपने आप में एक मिसाल है। यह गौरव का विषय है कि हमारे शिक्षक साथी अध्यापन के लिए नए-नए उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग कर रहें हैं, जिससे बच्चों को सिखाना, रुचिकर एवं सहज हो गया है। बदलते परिवेश के अनुसार बच्चों को शिक्षा दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हेतु सार्थक पहल एवं प्रयास की आवश्यकता है। पाठ्यक्रमों में भी उचित पाठों का समावेश किया जाना समय की मांग है।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। वे देश को ऐसे राष्ट्रभक्त नागरिक देते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी अनेक कठिनाइयों के बावजूद ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है और इसके बिना जीवन अधूरा है। पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में 20 से अधिक विश्वविद्यालय, 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स तथा लॉ विश्वविद्यालय स्थापित हैं।
श्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आसानी से शिक्षा उपलब्ध हो। इसी दृष्टि से प्रत्येक 1 किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय, 3 से 4 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, 6 से 7 किलोमीटर पर हाई स्कूल, 8 से 10 किलोमीटर पर हायर सेकेंडरी विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के नवाचारी पहल पर भी अपने विचार साझा किए।
समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होेने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर आने वाले समय में और बेहतर होगा। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की।
राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों सूरजपुर जिले के अजय कुमार चतुर्वेदी को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के रमेश कुमार चंद्रवंशी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सुनीता यादव को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरूस्कार और रायगढ़ जिले के भोजराम पटेल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 64 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी ने किया।
समारोह में राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक उपस्थित थे।



सरकारी जमीन को निजी बनाकर पटवारी ने कर दिया सौदा, कलेक्टर ने किया सस्पेंड
कोरबा। कोरबा में राजस्व विभाग के पटवारी ने सरकारी जमीन को निजी बनाकर दो लोगों को बेच दिया। हद तो तब हो गयी जब इन लोगों ने सरकारी जमीन को दुर्ग और बेमेतरा के बैंक में बंधक रखकर लोन भी ले लिया। मामले का खुलासा होने के बाद कलेक्टर ने इस फर्जीवाड़े के दोषी पटवारी को ततकाल प्रभाव से निलंबित कर मामले की जांच का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि सूबे में सरकार बदलने के बाद भी राजस्व विभाग में घूसख़ोरी और फर्जीवाड़े का खेल बंद होने का नाम नही ले रहा है। ताजा मामला कोरबा जिला के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड का है। पटवारी हल्का लाद में पदस्थ पटवारी जितेंद्र कुमार भावे ने अपने कार्यकाल में सरकारी जमीनों का निजी नामांतरण करते हुए पट्टा जारी किया गया।
सरकारी जमीन के दस्तावेज में कूटरचना कर निजी नामांतरण का खुलासा होने पर सरकारी जमीनों को वापस शासन के खाते में मर्ज करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई। अधिकारियों ने जब रिकॉर्ड का अवलोकन किया तो ज्ञात हुआ कि रिकार्ड में दर्ज दो सरकारी जमीन दुर्ग और बेमेतरा के बैंक में बंधक हैं। इन दोनों जमीनों के एवज में पट्टाधारक द्वारा केसीसी लोन ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जमीन खरीदी करने वाले दोनों व्यक्ति दूसरे जिले के है।
जिन्होने यहां आकर पटवारी के साथ मिलीभगत कर सरकारी जमीन को निजी बनाकर जमीन की खरीदी की। नायब तहसीलदार की जांच को आगे बढ़ाते हुए एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर अजीत वसंत के समक्ष प्रस्तुत किया। जिस पर कलेक्टर ने जमीन अफरा-तफरी के गंभीर मामले में पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। बताया जा रहा है सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े के इस मामले में जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में लिप्त अन्य लोगों के विरूद्ध भी कार्रवाई होने की उम्मींद है।

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार पर विवाद, कांग्रेस ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, भूपेश बघेल ने बताया, क्यों दी गयी है कोर्ट में चुनौती
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस ने इस मामले को सीधे बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पार्टी का आरोप है कि मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या संवैधानिक सीमा से अधिक कर दी गई है, जो नियमों का उल्लंघन है।
कांग्रेस की याचिका
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बिलासपुर हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दाखिल की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्रियों की संख्या का निर्धारण भारत सरकार के बनाए नियमों के आधार पर होना चाहिए। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि “हमने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। राज्य में मंत्रिमंडल की संख्या अब 14 हो गई है। नियमानुसार मंत्रियों की संख्या विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। अभी तक यह परंपरा रही थी कि मंत्रियों की संख्या 13 से अधिक नहीं होती। हमारी सरकार ने भी केंद्र से इस बाबत अनुमति मांगी थी, लेकिन उस समय मंजूरी नहीं मिली थी। अब बीजेपी सरकार ने नियमों की अनदेखी कर दी है, इसलिए हमें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।”
भूपेश बघेल का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने ही मंत्रिमंडल की संख्या को 15% तक सीमित करने की व्यवस्था की थी। बघेल ने कहा –
“भारत सरकार ने ही यह व्यवस्था की है कि मंत्रिमंडल का आकार 15% से अधिक नहीं होगा। 90 विधायकों वाली विधानसभा में यह सीमा 13.5 आती है, यानी 13 मंत्री हो सकते हैं। अब 14 मंत्री बनाए गए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। हम संविधान और केंद्र के बनाए प्रावधानों के अनुसार चलना चाहते हैं, इसलिए इस निर्णय को कोर्ट में चुनौती दी गई है।”
टीएस सिंहदेव का मत
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए समझाया – “आप 14 को 90 से भाग दीजिए तो आंकड़ा 15.55% आता है। संविधान साफ कहता है कि मंत्रिमंडल की संख्या 15% से अधिक नहीं हो सकती। इस लिहाज से 14 मंत्री बनाना गलत है। यह फैसला संविधान की मूल भावना और प्रावधानों के विपरीत है।”
संवैधानिक प्रावधान
संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। इस हिसाब से मंत्रिमंडल की संख्या अधिकतम 13 तक सीमित रहनी चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने शिक्षक दिवस के खास मौके पर मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर से स्कूली बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भारती के मध्य दो महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला को उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को नमन करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन की इस विशेष पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं उत्साह को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सोच है। विज्ञान प्रश्न पूछने और तर्क करने की शक्ति और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियाँ, प्रतियोगिताएँ और नवाचारी परियोजनाएँ विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे केवल ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है।





मुख्यमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपना तथा देश का नाम ऊँचा करें।
अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश ने जो अवसर उन्हें प्रदान किया है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मैं विशेष आभार व्यक्त करता हूँ कि उनकी पहल से ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। जब प्रदेश का मुखिया विज्ञान और शिक्षा से जुड़े आयोजनों को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश पर पड़ता है और बच्चों के भीतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।”
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह, प्रदेश भर से जुड़े स्कूली छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री से ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा।
प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे।
उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है।
प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।
PHQ में OSD बनाए गए दो रिटायर्ड आईजी
रायपुर। गृह विभाग ने दो रिटायर्ड आईजी को एक वर्ष की संविदा नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। इनमें बीएस ध्रुव और सुशील चंद्र द्विवेदी शामिल हैं। दोनों को पीएचक्यू में ओएसडी नियुक्त किया गया है।

खस्ताहाल सड़कों पर HC की सख्ती : पूछा – “आप नहीं तो क्या हम बनायेंगे सड़क?”, अगली सुनवाई अब 23 सितंबर को …
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की खस्ताहाल सड़कों को लेकर प्रदेशवासियों की नाराज़गी अब अदालत तक पहुंच चुकी है। हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को कठघरे में खड़ा किया है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश (CJ) की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने प्रदेशभर की टूटी-फूटी सड़कों पर बेहद सख्त टिप्पणी की।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान तल्ख अंदाज में पूछा – “क्या सड़क बनाने का जिम्मा अदालत को ही उठाना पड़ेगा? अगर आप नहीं तो क्या हम बनायेंगे सड़क?” कोर्ट ने सरकार और एनएचएआई की ओर से लगातार हो रही लापरवाही पर सवाल खड़े किए और कहा कि केवल औपचारिक मरम्मत (पेचिंग) से समस्या का समाधान नहीं होगा। “क्या आपको लगता है कि सिर्फ पेचिंग करने से सड़कें दुरुस्त हो जाएंगी और दोबारा दरारें नहीं पड़ेंगी?” – कोर्ट ने तीखे स्वर में सवाल दागे।
मामला विशेष रूप से एनएच-90 (National Highway 90) की खस्ताहाल स्थिति से जुड़ा है। इस मार्ग पर जगह-जगह दरारें और गड्ढे बने हुए हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। इस पर जवाब देते हुए शासन की ओर से कहा गया कि सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए स्टडी की जा रही है। इस पर अदालत ने चुटकी लेते हुए कहा – “क्या स्टडी पूरी करने में दो-तीन जन्म लगेंगे? यह मॉडर्न इंडिया है, लेकिन अभी भी कॉपी-किताब और पेन से ही काम चल रहा है।”
एनएचएआई ने कोर्ट को जानकारी दी कि रतनपुर से सेंदरी तक का काम पूरा हो चुका है, वहीं रायपुर रोड का लगभग 70% काम संपन्न हो गया है। बाकी काम अगले 10 से 15 दिनों में पूरा होने का दावा किया गया। हालांकि, कोर्ट ने इस दावे पर संतोष नहीं जताया और कहा कि केवल बयानबाज़ी से सड़कें नहीं सुधरेंगी।
शासन की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया ताकि विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दो सप्ताह के भीतर फोटो सहित पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अदालत ने कहा कि अब केवल कागज़ी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी, ज़मीनी हकीकत दिखाने वाले सबूत पेश करना होंगे।
इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 सितंबर को होगी। तब तक शासन और एनएचएआई को ठोस और पारदर्शी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखनी होगी।
हाईकोर्ट की इस सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश की टूटी-फूटी सड़कों की सुध ली जाएगी और लोगों को जल्द ही सुरक्षित व बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।
मंत्री टंकराम वर्मा ने ली कुलपतियों की बैठक, राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण बनाने के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित कर सकें। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मंत्री वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए, इसके लिए विश्वविद्यालयों को कड़ी निगरानी रखनी होगी और विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि परीक्षा का टाइम-टेबल पहले से तय करें, ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।
बैठक में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों पर चर्चा की गई। मंत्री टंकराम वर्मा ने विश्वविद्यालयों से अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के कोर्स और नई शैक्षणिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं नॉन-शैक्षणिक पदों की स्थिति, स्वीकृत पद, कार्यरत प्राध्यापकों की संख्या एवं पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अवगत कराया कि सभी पाठ्यक्रम यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निर्धारित होंगे। कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कॉलेजों की स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी दिया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। गुरूवार को भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीं राजधानी रायपुर में भी मौसम खुशनुमा बना हुआ है। राजधानी में गुरुवार दिन भर बदल छाए रहे। इसी बीच मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर,सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, और दुर्ग जिले आज भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कहीं-कहीं शाम के समय अचानक मौसम बदला और तेज़ बारिश हुई।
नगरीय निकायों में सार्वजनिक महत्व के कार्यों को प्राथमिकता देवें: मंत्री गजेंद्र यादव
दुर्ग। प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज लोक निर्माण विभाग कार्यालय दुर्ग के सभाकक्ष में समस्त विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काजों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे भी सम्मिलित हुए। साथ ही कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित समस्त विभाग के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों में सार्वजनिक महत्व के कार्यों को प्राथमिकता देवें। अधिकारी नवाचार के साथ त्वरित विभागीय कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की टेन्डर स्वीकृति के पश्चात् विभागीय समन्वय के साथ कार्यों में प्रगति लायें।
समीक्षा के दौरान मंत्री श्री यादव ने अवगत कराया कि गांवों में बने रीपा सेन्टरों में ग्रामोद्योग के माध्यम से लघु उद्योग स्थापित किए जायेंगे। इसी प्रकार गौठानों को गौधाम के रूप में विकसित किया जाएगा। मंत्री श्री यादव ने जिले के किसानों की धान खरीदी हेतु बनाए गए उर्पाजन केन्द्रों में सभी आवश्यक मरम्मत कार्य अभी से प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी कार्यक्रम आयोजित कर हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभान्वित हितग्राहियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सामग्री/राशि का चेक वितरण सुनिश्चित करें। मंत्री श्री यादव ने नगरीय निकायों में कचरा निष्पादन की जानकारी ली। मंत्री जी को अवगत कराया गया कि भिलाई नगर निगम में एजेंसी तय हो गयी है, साथ ही एग्रीमेंट भी कर लिया गया है। मंत्री श्री यादव ने नगर निगम भिलाई को अपशिष्ट प्रबंधन ईकाई में दुर्ग एवं अन्य नगरीय निकायों को भी शामिल करने कहा। दुर्ग नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रबंधन हेतु जेवरा सिरसा में निर्मित मुरूम खदान का चयन किया गया है। पानी सूखने पर अपशिष्ट पदार्थ उक्त खदान में डम्प कर समतल बनाया जाएगा। मंत्री श्री यादव ने यहां पर कचरा डम्प करने से पूर्व दीवार बनाने के निर्देश दिये है। उन्होंने दुर्ग के इंदिरा मार्केट में मल्टी लेवल पार्किंग, साइंस कॉलेज के बाजू से स्टेशन रोड तक केनाल रोड निर्माण, नालंदा परिसर आदि की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। साथ ही राशि स्वीकृति हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवगत कराया कि चण्डी मंदिर से नयापारा मार्ग, महाराजा चौक से बोरसी मार्ग और मिनीमाता चौक से जेल तिराहा मार्ग हेतु शासन से राशि स्वीकृत हो गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी विद्युत लाईन शिफ्टिंग, पानी पाईप लाईन एवं मुआवजा वितरण आदि के लिए संबंधित विभागों को पत्राचार कर समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। मंत्री श्री यादव ने ग्राम बघेरा से ब्रम्हकुमारी आनंद सरोवर होते हुए बायपास तक पहुंच मार्ग का उन्नयन एवं निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने आवश्यक पहल करने कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया। उन्होंने नगर निगम भिलाई, भिलाई-3 चरोदा एवं रिसाली के निगम आयुक्त को संबंधित निकायों में सार्वजनिक महत्व के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कार्य चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेजने तथा स्वीकृति पश्चात् जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक भूमिपूजन कराने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि सभी नगर निगम में जर्जर स्कूलों का आवश्यकता के अनुसार मरम्मत को प्राथमिकता देवें। उन्होंने अवगत कराया कि प्रत्येक नगर निगम में एक मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे। इसी प्रकार नगर निगम की ग्रंथालयों में आवश्यक व्यवस्था हेतु शासन द्वारा राशि का प्रावधान किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षा के प्रतिभागियों के लिए नालंदा परिसर आदि की व्यवस्था की जा रही है। मंत्री श्री यादव ने नेहरू नगर, अंजोरा बायपास रोड के धमधा-बोगदा-पुलिया से उरला तक सर्विस रोड निर्माण और दुर्ग नगर में स्वीमिंग पुल का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम दुर्ग में विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयावधि में पूर्ण कराएं। उन्होंने उमरपोटी में 400 केवी ट्रांसमिसन विद्युत लाईन के प्रभावितों को मुआवजा राशि और ग्राम कातरो में विद्युत करेंट से मृत महिला के परिजन को मुआवजा राशि दिलाने आवश्यक पहल करने अधीक्षण अभियंता सीएसपीडीसीएल को निर्देशित किया। उन्होंने जिला अस्पताल सहित जिले के सभी शासकीय चिकित्सालयों में आवश्यक जन औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने सीएमएचओ को निर्देशित किया। साथ ही जिला अस्पताल में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया कलेक्टर के अनुमोदन से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मंत्री श्री यादव ने जिला पंचायत के सीईओ को ग्रामवार रीपा केन्द्रों की सूची उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने अवगत कराया कि पूर्व में बने रीपा केन्द्रों में ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से ग्रामीणों के लिए लघु उद्योग धंधे स्थापित किए जाएंगे। इसी प्रकार पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व निर्मित गौठानों को गौधाम में परिवर्तित कर रात्रि में यहां पशुओं को रखने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी को गौठान अवलोकन कर प्रस्ताव कलेक्टर को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री यादव ने रूआबांधा एवं देवधर मानव निर्मित वन को बेहतर करने के संबंध में वन विभाग के प्रस्ताव पर बीएसपी द्वारा एनओसी नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री सिंह को बीएसपी द्वारा सीएसआर मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, ग्रामीण विकास, गरीबी उन्मूलन और राष्ट्रीय विरासत की सुरक्षा आदि का ब्यौरा मंगवाने कहा। उन्होंने जिले में किसानों की उपज की खरीदी हेतु बनाए गए उपार्जन केन्द्रों में चबूतरे एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्य चिन्हांकित कर कार्य प्रारंभ कराने सहकारिता विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। जिले के शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में एपीएल चावल की उपलब्धता के संबंध में शासन को पत्राचार करने और राशन दुकान संचालनकर्ता को बारदाने की राशि दिलाने आवश्यक पहल करने खाद्य नियंत्रक को निर्देशित किया। मंत्री श्री यादव ने स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट करते हुए बैंको को छात्रवृत्ति राशि से जीरो बैलेंस खाते पर बैंकों द्वारा पेनाल्टी राशि नहीं काटे जाने संबंधित नोटिस जारी करने कहा। मंत्री श्री यादव ने जलाशयों में जल-भराव की जानकारी ली तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारी को तांदुला नहर से बेमेतरा-बेरला क्षेत्र के टेल एरिया तक सिंचाई पानी पहुंचाने पहल करने के निर्देश दिए। उन्होेंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को जिले के सियान सदन में वृद्धजनों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं हेतु प्लानिंग के साथ कार्यवाही करने कहा है।
