प्रदेश
मन की बात’ की 125वीं कड़ी का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित मंत्रियों और नागरिकों ने किया श्रवण
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 125वीं कड़ी का सीधा प्रसारण आज नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद उद्योग एवं व्यापार परिसर के कन्वेंशन सेंटर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखन देवांगन, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक इंद्र कुमार साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण और नागरिक उपस्थित थे।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की घड़ी में देशवासियों द्वारा एक-दूसरे की सहायता करना भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय जो सहयोग और एकजुटता दिखाई देती है, वही भारत की संस्कृति और सामूहिक चेतना को परिभाषित करती है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में खेलों को न केवल स्वास्थ्य बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी आधार बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेलकूद में सक्रिय भागीदारी कर अपने जीवन और देश दोनों को ऊर्जावान बनाएं.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘मन की बात’ हर माह प्रदेशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों में सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना को प्रबल करता है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े क्षेत्रों में हुए सहयोग और निवेश से राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ में कौशल विकास और रोजगार का नया अध्याय शुरू होगा।
राज्य की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के साझा प्रयासों से राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का संदेश हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें सामूहिक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ को विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर एक समृद्ध और स्वच्छ छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने की बस्तर बाढ़ में प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा
रायपुर। बस्तर में बाढ़ पर CM विष्णुदेव साय ने कहा है विदेश दौरे से स्थितियों की जानकारी ली थी। बस्तर में कई लोगों की जान गई और फसल बर्बाद हुआ। प्रभावितों को मुआवजा देने कहा गया है। राहत कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। सीएम साय ने इसके पहले भी विदेश दौरे के दौरान वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर में बाढ़ का जायजा लिए थे। अधिकारियों को इस राहत कार्य एवं राहत राशि हेतु निर्देशित किए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बांस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।
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राष्ट्रीय खेल दिवस पर बालको ने खिलाड़ियों के सपनों को दिया पंख, खेल अकादमी में 100 से अधिक बच्चों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
इस बदलाव के केंद्र में है ‘खेल अकादमी’, जिसकी शुरुआत अगस्त 2024 में 20 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों (10 बालक और 10 बालिकाएँ) के चयन के साथ हुई थी। आज यह अकादमी 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के 100 से अधिक रेज़िडेंशियल और डे-बोर्डिंग खिलाड़ियों का प्रशिक्षण केंद्र बन चुकी है। यहाँ फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और तैराकी जैसे खेलों में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ कोचिंग के साथ तैयार किया जा रहा है। अकादमी का ध्येय है के ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना, जहाँ से खिलाड़ी न केवल खेल में उत्कृष्ट हों बल्कि आत्मविश्वासी और सशक्त व्यक्तित्व के रूप में भी विकसित हों।
अकादमी की प्रशासक सुश्री नेहा पांडे ने कहा कि बालको का लक्ष्य हमेशा से खिलाड़ियों में अनुशासन, मेहनत और सर्वांगीण विकास की भावना को मजबूत करना रहा है। आज हमारे खिलाड़ी जिस तरह प्रगति कर रहे हैं, उससे यह सपना धीरे-धीरे हकीकत बनता नजर आ रहा है। अकादमी के खिलाड़ी पहले ही जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। फुटबॉल खिलाड़ी बिशाल साव और निखिल बरेठ ने छत्तीसगढ़ राज्य टीम में स्थान बनाया, वहीं वॉलीबॉल टीम ने जिला एवं संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी दिलीप यादव ने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना केवल सपना नहीं, बल्कि हर सुबह की मेहनत और समर्पण का फल है। खेल अकादमी की जर्सी पहनकर खेलने का गौरव मुझे अपने खेल सफर पर और विश्वास दिलाता है।
इसी तरह राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी श्रेयांश साहू बोले कि हर अभ्यास हमें बेहतर बनाता है। जिला चैम्पियनशिप जीतने से हमारे मन में यह विश्वास जगा कि हम राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। खेल अकादमी की बेटियों ने भी हर खेल में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। लड़कियों की फुटबॉल टीम ने जिला स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
खिलाड़ी निशिता ने डीएवी नेशनल्स में तैराकी में कांस्य पदक जीता, उन्होंने बताया कि खेल अकादमी में आने से पहले तैराकी केवल एक शौक थी। यहाँ सही कोचिंग, सुविधा और समर्थन मिला। अब हर दिन मैं और मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हूँ।अकादमी के पीछे एक मज़बूत सहयोग प्रणाली मौजूद है, जिसमें फिजियोथेरेपी, चिकित्सकीय देखभाल, संतुलित पोषण, विशेषज्ञ कोचिंग, आधुनिक खेल सुविधाएँ और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था शामिल हैं। अकादमी के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विकास नंदा ने कहा कि खेलों में शारीरिक थकान और चोटें होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी खिलाड़ी की असली प्रगति उसकी रिकवरी और मानसिक दृढ़ता पर निर्भर करती है। मेरा प्रयास रहता है कि हर युवा खिलाड़ी न केवल चोट से उभरे, बल्कि इतनी ताकत भी विकसित करे कि भविष्य में चोटों से बच सके।
खेल अकादमी में हम फिजियोथेरेपी, चिकित्सा सुविधा, संतुलित आहार, प्रोफेशनल कोचिंग, आधुनिक खेल अवसंरचना और सुरक्षित आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराते हैं। यह समग्र सहयोग प्रणाली खिलाड़ियों को निडर होकर अभ्यास करने, तेज़ी से उबरने और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद करती है। हम केवल खिलाड़ियों का इलाज नहीं कर रहे, बल्कि ऐसे चैंपियंस तैयार कर रहे हैं जो देश का नाम रोशन करेंगे। राष्ट्रीय खेल दिवस पर बालको द्वारा संचालित खेल अकादमी की ये कहानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि समर्पण, सहयोग और विश्वास से हर सपना साकार हो सकता है। बालको गर्व के साथ अपने प्रयासों से इन युवा खिलाड़ियों को सशक्त कर रहा है, जो आने वाले समय में राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।
मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश अलर्ट किया जारी
रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली है। रविवार सुबह से ही राजधानी समेत आस-पास के क्षेत्रों में बारिश हो रही है। अचानक बारिश होने की वजह से मौसम में ठंडक आ गई है पर मौसम खुशनुमा बना हुआ है। इतना ही नहीं बस्तर और सुकमा क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बस्तर और सुकमा क्षेत्र के कई इलाकों में बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। वहीं मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने 31 अगस्त रविवार को छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में भारी होने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर की बात करें तो राजधानी में बादल छाए रहने के साथ दिन भर बारिश होगी। दुर्ग और सुकमा जिलों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। वहीं मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का अलर्ट जारी करने के साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। इतना ही नहीं प्रदेश के कई जिलों में तेज-आंधी तूफ़ान भी चलेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के लोगों को खराब मौसम के दौरान घर से बाहर ना निकले और अगर आप सफर कर रहे हैं तो मौसम ख़राब होने पर खुली जगह या फिर पेड़ के नीचे ना रुके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को कंवर समाज प्रतिनिधिमंडल ने दी बधाई एवं करमा तिहार के लिए आमंत्रण
रायपुर। जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास से लौटने के उपरांत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरवंश मिरी एवं महासचिव नकुल चंद्रवंशी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशिल्या साय को बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी भादो एकादशी पर्व पर आयोजित होने वाले करमा तिहार के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। यह आयोजन दिनांक 03 सितम्बर 2025 को नवा रायपुर, अटल नगर स्थित नवीन मुख्यमंत्री निवास परिसर में संपन्न होगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के उपाध्यक्ष थानसिंह दीवान, कोषाध्यक्ष बसंत दीवान, कार्यकारिणी सदस्य शिवकुमार कंवर, महानगर इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष मनोहर पैंकरा, सचिव मनहरण चंद्रवंशी, सदस्य हेमलाल कंवर सहित युवा कंवर प्रभाग के युवा संरक्षक तीरमेंद्रू सिंह कंवर एवं टुकेश कंवर भी उपस्थित थे।
जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा से लौटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का रायपुर में व्यापारिक संगठनों ने किया भव्य स्वागत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 10 दिवसीय जापान और दक्षिण कोरिया की विदेश यात्रा पूर्ण कर शनिवार को रायपुर लौटे। मुख्यमंत्री के रायपुर लौटने पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उनका प्रदेशवासियों, व्यापारिक संगठनों और उद्योगपतियों ने भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, कार्यकारी अध्यक्ष लालित जयसिंघ सहित व्यापारिक प्रतिनिधियों की टीम ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सफल यात्रा के लिए उन्हें बधाई दी और शुभकामनाएं दीं।
चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विज़नरी नेतृत्व में राज्य की नई औद्योगिक नीति को वैश्विक पहचान मिली है। विदेश यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल छत्तीसगढ़ के निवेश अवसरों और औद्योगिक क्षमता को प्रस्तुत किया, बल्कि राज्य को वैश्विक मंच पर विकास और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। थौरानी ने बताया कि ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ पवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शकों ने पहुँचकर प्रदेश की संस्कृति, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखी। इस पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन संभावनाओं को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल विदेश यात्रा नहीं थी बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास की यात्रा थी, जिसने विश्वभर के निवेशकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री साय ने इस दौरे के दौरान जापान और दक्षिण कोरिया के उद्योगपतियों और संस्थाओं से मुलाकात की। जापानी कंपनी सरताज फूड्स ने छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। इस निवेश से प्रदेश में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। किसानों की समृद्धि से प्रदेश का व्यापार और उद्योग भी नई ऊँचाइयों पर पहुंचेगा। यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने ATCA (एशियन ट्रेड एंड कोऑपरेशन एसोसिएशन) और ICCK (इंडो-कोरिया चेम्बर ऑफ कॉमर्स) के साथ साझेदारी की दिशा में कदम बढ़ाया। ATCA ने छत्तीसगढ़ में B2B साझेदारी में रुचि दिखाई है, वहीं ICCK ने छत्तीसगढ़ को अपना नॉलेज पार्टनर बनाने की सहमति दी है। दक्षिण कोरिया की कई कंपनियों को ईवी चार्जिंग, रेलवे और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024-30 का विस्तार से प्रस्तुतिकरण किया, जिसके अंतर्गत निवेशकों को कर प्रोत्साहन, तकनीकी सहयोग और भूमि आवंटन जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं।
चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के सक्रिय प्रयासों और विज़नरी नेतृत्व से निवेशकों का विश्वास छत्तीसगढ़ पर लगातार मज़बूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति से ऊर्जा आत्मनिर्भरता, युवाओं की स्किलिंग, आधुनिक तकनीक का उपयोग और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश लौटने पर मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान व्यापारियों और नागरिकों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। एयरपोर्ट पर जगह-जगह फूल-मालाओं और बैनरों से स्वागत द्वार बनाए गए थे। मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगे और उन्हें एक विकासशील छत्तीसगढ़ के नायक के रूप में सम्मानित किया गया।
ये जानकारी राजेश वासवानी ने दी है कि यह विदेश यात्रा प्रदेश के लिए कई दृष्टिकोणों से ऐतिहासिक मानी जा रही है। छत्तीसगढ़ पहली बार वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर अपने औद्योगिक, सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य को इस स्तर पर प्रस्तुत कर पाया। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान केवल भारत के भीतर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में राज्य को उद्योग, निवेश और नवाचार का हब बनाया जाए। इसके लिए नीतिगत बदलाव, वैश्विक साझेदारी और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। व्यापारियों और उद्योगपतियों का मानना है कि इस यात्रा के सकारात्मक नतीजे आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक वृद्धि, किसानों की आय और युवाओं के रोजगार में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में हथियार बरामद, नक्सली कैंप खाली कर भागे
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगातार खुफिया इनपुट्स और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षाबलों ने जंगलों में दबिश देकर भारी मात्रा में हथियार और बारूद बरामद किया। जांच में यह पुष्टि हुई कि यह हथियार माओवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होते थे। इस कार्रवाई ने न केवल सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी माओवादी दहशत से राहत की उम्मीद जगा दी है।
महीनों की तैयारी के बाद चला ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक, यह अभियान कई महीनों की तैयारी और खुफिया सूचनाओं पर आधारित था। सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि नारायणपुर के गहरे जंगलों में माओवादी अपने ठिकानों पर हथियार जमा कर रहे हैं। इसके बाद विशेष टीम गठित की गई और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से अभियान को अंतिम रूप दिया गया। तय समय पर सुरक्षाबलों ने घने जंगलों में दबिश दी और माओवादी कैंपों को निशाना बनाया।
हथियार और बारूद का जखीरा बरामद
जांच के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को LMG (लाइट मशीन गन), SLR (सेल्फ लोडिंग राइफल), बंदूकें और बड़ी मात्रा में बारूद बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि यह सभी हथियार माओवादी अपने हमलों और घात लगाकर किए जाने वाले हमलों में इस्तेमाल करते थे। इतनी बड़ी मात्रा में हथियार बरामद होना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे माओवादियों की ताकत पर सीधा असर पड़ेगा।
माओवादी कैंप छोड़कर भागे
अभियान की भनक लगते ही कई माओवादी अपने कैंप खाली कर जंगलों से भाग निकले। पुलिस का कहना है कि अचानक दबिश दिए जाने की वजह से वे अपने हथियार पीछे छोड़ने को मजबूर हो गए। इससे साफ है कि माओवादी अब दबाव में आ गए हैं और उनका संगठन धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।
अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था
ऑपरेशन के बाद स्थानीय प्रशासन ने गांवों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। ताकि माओवादी दुबारा ग्रामीणों पर दबाव न बना सकें और गांवों में भय का माहौल खत्म हो। अधिकारियों का कहना है कि अब गांवों को माओवादी प्रभाव से मुक्त करने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
ग्रामीणों का आभार और विश्वास
कार्रवाई के बाद जब सुरक्षाबल गांवों में पहुंचे तो ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने खुलकर उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से वे माओवादियों के दबाव और भय में जी रहे थे। अब सुरक्षाबलों की मौजूदगी से उन्हें शांति और सुरक्षा का एहसास हो रहा है।
क्षेत्र में शांति की उम्मीद
नारायणपुर में हुए इस सफल अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि माओवादी गतिविधियों को जड़ से खत्म करने के लिए सुरक्षाबल पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। भारी मात्रा में हथियार बरामद होना न केवल माओवादियों की शक्ति को कमजोर करेगा, बल्कि ग्रामीणों के बीच विश्वास और शांति का माहौल भी बनाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से आने वाले समय में क्षेत्र पूरी तरह से माओवादी प्रभाव से मुक्त हो सकेगा।
मंत्रिमंडल विस्तार विवाद पर बोले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह- न्यायालय पर रखें भरोसा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उठ रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह विषय न्यायालय के विचाराधीन है। “न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए। हरियाणा में भी यही व्यवस्था लागू है। 13.5 को 13 भी किया जा सकता है और 14 भी। न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, वही सभी के लिए मान्य होगा।” डॉ. सिंह यहां स्वर्गीय काशीनाथ गोरे की स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यदि मंत्रियों की संख्या 14 रहती है तो यह और भी अच्छी बात होगी।
भूपेश बघेल पर कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयानों पर कटाक्ष करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बघेल के बयान पिछले कुछ दिनों से “अजीबोगरीब” हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “पता नहीं उन्हें इतनी हड़बड़ी क्यों है।” सिंह ने आगे कहा कि सरसंघचालक की बात को समझने के लिए गहन चिंतन और अधिक बुद्धि की आवश्यकता होती है।
पीएम पर अभद्र टिप्पणी की निंदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी के संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब नेता इस तरह की भाषा का उपयोग करते हैं तो स्वाभाविक है कि कार्यकर्ता भी उसी का अनुकरण करेंगे। इसे उन्होंने राजनीतिक चरित्र की “बड़ी गिरावट” बताया।
संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पूरे देश में 1000 से अधिक गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। बिलासपुर का आयोजन भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सरसंघचालक का बिलासपुर आना पूरे प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन समाज के अन्य वर्गों के लिए भी मार्गदर्शनकारी होगा।
काशीनाथ गोरे को दी श्रद्धांजलि
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय काशीनाथ गोरे को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने राजनीति की शुरुआत की थी, उस समय कवर्धा प्रवास के दौरान काशीनाथ जी से उनका सानिध्य मिला था। उन्होंने याद किया कि काशीनाथ जी के मार्गदर्शन में भारत माता चिकित्सालय जैसे सेवा प्रकल्प का विस्तार हुआ और आज यह एक बड़े प्रोजेक्ट का रूप ले चुका है, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को शामिल किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि काशीनाथ गोरे सहज और सरल स्वभाव के धनी थे। उनका घर हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए खुला रहता था। वे केवल भाजपा संगठन ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत थे। संघर्ष और सेवा उनके जीवन की पहचान रही और वे संघ कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श उदाहरण हैं।
राज्यपाल नियुक्ति की अटकलों पर सफाई
अपने राज्यपाल नियुक्त किए जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. सिंह ने हंसते हुए कहा, “ये केवल मीडिया की खबरें हैं। मुझे छत्तीसगढ़ में ही रहने दीजिए।” उन्होंने साफ किया कि उनका फोकस प्रदेश की राजनीति और विधानसभा की जिम्मेदारियों पर है। विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. रमन सिंह ने मंत्रिमंडल विस्तार विवाद पर दिए बयान के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा नेतृत्व न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखता है और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों से चिंतित नहीं है। वहीं, भूपेश बघेल के बयानों पर कटाक्ष और प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी की आलोचना कर उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ाने का काम किया है।
एसीबी की बड़ी कार्रवाई : 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते उप निरीक्षक रंगे हाथों पकड़ा
रायगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रायगढ़ जिले के खरसिया में पदस्थ आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक संतोष नारंग को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी उपनिरीक्षक 50 हजार रुपये की अवैध मांग कर रहा था।

झूठे केस की धमकी देकर रिश्वत की मांग
मामला धरमजयगढ़ निवासी सुनीत टोप्पो से जुड़ा है। सुनीत ने एसीबी कार्यालय बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उपनिरीक्षक संतोष नारंग ने उसके ग्राम पंडरी स्थित घर पर जबरिया दबिश दी और अवैध शराब बेचने का आरोप लगाते हुए उस पर दबाव बनाया। नारंग ने उससे 50 हजार रुपये की मांग की और साफ धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसे और उसकी मां को शराब बेचने के झूठे केस में फंसा दिया जाएगा।
एसीबी ने बिछाया जाल
शिकायत के बाद एसीबी टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत योजना बनाई। तय समय के मुताबिक शुक्रवार को सुनीत टोप्पो 50 हजार रुपये लेकर खरसिया स्थित आबकारी विभाग कार्यालय पहुंचा। जैसे ही उपनिरीक्षक ने रुपये लिए, एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी गिरफ्तार, जांच शुरू
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी संतोष नारंग को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, क्योंकि रिश्वतखोरी की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं, लेकिन इस तरह की सीधी कार्रवाई से लोगों का भरोसा एसीबी पर और मजबूत हुआ है।
लोगों में आक्रोश और राहत
गांव के लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि शराबबंदी कानून का दुरुपयोग कर अधिकारी अक्सर गरीब और निर्दोष लोगों को परेशान करते हैं। झूठे केस की धमकी देकर रिश्वत मांगना अब आम हो गया है। एसीबी की इस कार्रवाई से आम जनता को राहत और न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश
एसीबी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह छोटा अधिकारी हो या बड़ा, रिश्वत लेते ही कार्रवाई निश्चित है।
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल : ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का कल होगा शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ तभी पूर्ण होगा जब हमारी ग्रामीण महिलाएँ सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनें। इसी दूरदर्शी सोच के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करने के लिए एक नई ऐतिहासिक पहल की है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है।
इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा, बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।
दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी—कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मजबूती हासिल की, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि अन्य महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।
इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष पर ग्राम बेमचा में महतारी मेगा हेल्थ कैम्प का किया गया आयोजन
महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग शहरी परियोजना महासमुंद द्वारा ग्राम पंचायत बेमचा में महतारी मेगा हेल्थ कैम्प का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाओं से सीधे जोड़ना और कुपोषण उन्मूलन के प्रति जागरूक करना रहा। शिविर के दौरान कुल 60 किशोरी बालिकाओं का सिकलिंग एवं हीमोग्लोबिन टेस्ट किया गया, जिससे उनके स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
वहीं 29 गंभीर कुपोषित बच्चों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई। इसके अलावा गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं सहित 204 हितग्राही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हुए। इस अवसर पर जनपद सदस्य संगीता राहुल चंद्राकर सारेंच देवेंद्र चंद्राकर ,परियोजना अधिकारी शैल नाविक मौजूद थे। जनपद सदस्य संगीता राहुल चंद्राकर इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का रजत जयंती वर्ष हमारे लिए विशेष महत्व रखता है।इस अवसर पर हम यह प्रयास कर रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवाएँ हर जरूरतमंद तक पहुंचे। बेमचा में आयोजित महतारी मेगा हेल्थ कैम्प इसी संकल्प का हिस्सा है। हमारी प्राथमिकता है कि किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध हो।
कार्यक्रम में सुपरवाइजर शीला प्रधान एवं कुंती यादव, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं एएनएम मौजूद रहे। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया। शिविर का लाभ लेने पहुंचे हितग्राहियों ने कैंप की सराहना की। यहां आए किशोरियों और माताओं ने बताया कि ऐसे शिविरों से उन्हें न केवल स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलती है बल्कि सही समय पर परामर्श और उपचार भी प्राप्त होता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार की पहल से गाँव की महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य स्तर बेहतर होगा। ग्राम पंचायत बेमचा में आयोजित यह शिविर राज्य शासन की उस भावना को भी प्रकट करता है जिसके अंतर्गत स्वस्थ छत्तीसगढ़ – समृद्ध छत्तीसगढ़ का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है।
विदेश दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, कहा – छत्तीसगढ़ बनेगा निवेश का बड़ा केंद्र
रायपुर। मुख्यमंत्री विदेश दौरे से लौटने के बाद आज राजधानी रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 22 से 29 अगस्त तक वे जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा और लॉजिस्टिक जैसी कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे से छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में बड़ा फायदा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अगले 10 वर्षों में करीब 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश भारत में आने वाला है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति और राज्य की बौद्ध धरोहर को विदेशों में बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इस दौरान कई कंपनियों ने राज्य में निवेश की इच्छा जताई और कुछ कंपनियों ने तो औपचारिक रूप से निवेश के लिए MoU पर हस्ताक्षर भी किए हैं।
रोजगार सृजन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टरों में निवेश से राज्य के तकनीकी शिक्षित युवाओं को नई दिशा मिलेगी। वहीं फार्मा और लॉजिस्टिक क्षेत्र में आने वाले उद्योग प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में तेजी लाएंगे।
नई औद्योगिक नीति को मिली सराहना
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है। नीति में निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल माहौल देने की गारंटी है। इसके साथ ही राज्य की समृद्ध बौद्ध धरोहर को लेकर जापान और दक्षिण कोरिया में व्यापक रुचि दिखाई गई। पर्यटन के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं।
जनता का भरोसा ही ताकत
मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा –“छत्तीसगढ़ अब नई पहचान बना रहा है। यहां उद्योग और रोजगार के लिए बड़े मौके आने वाले हैं। जनता का भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम इसी विश्वास को आगे बढ़ाएंगे।”राजनीतिक और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दौरे के परिणामस्वरूप निवेश की योजनाएँ धरातल पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया से सतीश थौरानी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल ने की मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खेल और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया से उनके निवास स्थान पर जाकर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में खेल और औद्योगिक विकास के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर चर्चा की गई। साथ ही सिंधी समाज विभाजन और व्यापारी हितों को लेकर हाईकोर्ट में लड़ी गयी सच्ची कहानी पर चेम्बर के वरिष्ठ सदस्य शिव ग्वालानी द्वारा रचित किताब भेंट की। उक्त किताब का विमोचन कांस्टीट्यूशन क्लब आफ ईंडिया (संविधान क्लब) नयी दिल्ली में शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर संत युद्धिष्ठिर महाराज द्वारा किया गया। चेंबर उपाध्यक्ष राजेश वासवानी ने मंत्री श्री मंडावा से कहा की सिंधी समाज ने विभाजन की भीषण त्रासदी झेली है और इस किताब में इसका सरल और मार्मिक लेखन है।
पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ चेंबर संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी ने जानकारी देते बताएं की छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स संख्या की दृष्टि से भारतवर्ष का सबसे बड़ा चैंबर है चैंबर ने एक कमेटी बनाकर स्वदेशी अपनाओ का एक अभियान छेड़ा है गांव गांव शहर व्यक्तिगत संपर्क लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है छत्तीसगढ़ आज जीएसटी के मामले में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला राज्य बना है लगभग 18 से 20% का ग्रोथ प्रतिवर्ष जीएसटी में देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी उन्हें बताया कि पूरे प्रदेश के व्यापारियों से आगृह किया है और जन जागरूकता भी अभियान चलाया जा रहा है कि देश में निर्मित स्वदेशी वस्तुओं का ही इस्तेमाल करें जिसमें भारत के मजदूर का पसीना लगा है या जिस क्षेत्र में भारत में रोजगार की प्राप्ति होती है सिर्फ उन्हें सामानों का इस्तेमाल करें हमें हमारे देश को एक मजबूत आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में सहयोग करना है.
छत्तीसगढ़ ने हमेशा देश के निर्माण में अपना सबसे ज्यादा बढ़चर योगदान दिया है साथ ही देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी आंदोलन में हिस्सा बनकर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करेंगे। चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने मंत्री जी को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और व्यापारिक परिदृश्य से अवगत कराया। उन्होंने राज्य में युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधि मंडल ने विशेष रूप से खेल-संबंधी उद्योगों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विकास होगा।
इस अवसर पर चेंबर संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी, प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, कोषाध्यक्ष निकेश बरडिया, सलाहकार लाभचंद बाफना, वाइस चेयरमेन चेतन तारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, ललित जयसिंघ, जसप्रीत सिंह सलूजा, सीए रवि ग्वालानी, सीए विकास गोलश प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सर्पदंश से पति-पत्नी की मौत
सूरजपुर। अंधविश्वास एक बार फिर दो जिंदगियों को निगल गया। सूरजपुर जिले के भैयाथान थाना क्षेत्र के बसकर गांव में जहरीले सांप के डसने से पति-पत्नी की मौत हो गई। दुखद पहलू यह है कि दंपत्ति को समय पर अस्पताल ले जाने की बजाय परिजनों ने घंटों तक झाड़-फूंक कराई। जब उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात दंपत्ति अपने घर के आंगन में जमीन पर सो रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने दोनों को डस लिया। परिजनों ने तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय अंधविश्वास के चलते ओझा-गुनी का सहारा लिया। कई घंटों तक झाड़-फूंक का सिलसिला चलता रहा, लेकिन जब दंपत्ति की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया। भैयाथान अस्पताल पहुंचने पर पत्नी को मृत घोषित कर दिया गया, वहीं पति को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक हादसे ने दंपत्ति के चार छोटे बच्चों को अनाथ कर दिया है। बच्चों की मासूम निगाहें अब भी अपने माता-पिता को ढूंढ रही हैं। परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है।
कब्र से निकालकर हुआ बच्ची का दोबारा पोस्टमार्टम
सूरजपुर जिले में इससे पहले भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था। 14 अगस्त को रामानुजनगर ब्लॉक में तबीयत बिगड़ने पर चार साल की बच्ची को अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित करते हुए कहा कि मौत पीलिया की वजह से हुई है। लेकिन परिजनों ने डॉक्टरों की बात मानने से इनकार कर दिया और दावा किया कि बच्ची की मौत सर्पदंश से हुई है। परिजनों की मांग पर बच्ची का शव कब्र से बाहर निकाला गया और उसका दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।
हड़ताल पर बैठे NHM कर्मचारियों को नहीं मिलेगा वेतन
रायपुर। नियमितीकरण सहित अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग का कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, अब स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने फैसला किया है। साथ ही विभाग ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को नो वर्क नो पेमेंट का नोटिस जारी किया है। बता दें कि इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा था कि एनएचएम कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति दी जा चुकी है।
मिली जानकारी के अनुसार हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि संविदाकर्मी के काम नहीं करने पर पेमेंट नहीं मिलता है। एनएचएम कर्मचारी कई दिनों से लापता हैं, इसलिए विभाग ने नो वर्क नो पेमेंट का नोटिस जारी किया है।
बता दें कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगो को पूरा किए जाने के संबंध में हेल्थ मिनिस्टर जायसवाल ने कहा कि, एनएचएम कर्मियो के लिए 22% वेतन वृद्धि, ट्रांसफर नीति बनाने की सहमति और 30 दिनों के चिकित्सकीय अवकाश जैसी मांगों पर सहमति दी जा चुकी है। जहाँ तक एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण का सवाल है तो यह मांग भारत सरकार की सहमति से पूरी हो पाएगी। इस तरह स्वास्थ्य मंत्री ने रेग्यूलाइजेशन का गेंद केंद्र के पाले में डाल दिया है।
