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छत्तीसगढ़ में 139.85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी : खाद्य मंत्री दयाल दास ने कहा – कम उत्पादन और अकाल जैसी स्थिति से इस बार कम हुई धान खरीदी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का समय समाप्त हो गया है। राज्य में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के तहत अब तक 139.85 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इस दौरान 25 लाख 11 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचा।
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि इस खरीदी सीजन में राज्य के किसानों ने करीब 31 लाख 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की थी। हालांकि बीते वर्षों की तुलना में इस बार धान खरीदी कम हुई है। इसके पीछे प्रमुख कारण फसल की पैदावार में कमी, कई इलाकों में अकाल जैसी स्थिति और कोचियों व दूसरे राज्यों से आने वाले धान पर सख्त कार्रवाई को बताया गया।
मंत्री बघेल ने कहा कि बाहर से धान की आवक रोकने के लिए इस बार कई स्तरों पर निगरानी व्यवस्था की गई थी। इसमें एआई आधारित निगरानी, CCTV कैमरे, GPS सिस्टम और सड़कों पर लगे कैमरे शामिल रहे। सख्ती के चलते अन्य राज्यों से आने वाला धान इस बार नहीं बिक पाया।
खाद्य मंत्री ने दावा किया कि सरकार ने किसानों के हित में काम करते हुए हर किसान का एक-एक दाना धान खरीदा है और यह सुनिश्चित किया गया कि किसी किसान को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे, आगे का फैसला मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा।
राजिम कुंभ मेला 2026 : श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने की विशेष व्यवस्था, रायपुर–राजिम के बीच चलेगी दो जोड़ी मेमू स्पेशल ट्रेनें
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राजिम कुंभ मेला 2026 के अवसर पर यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल ने विशेष पहल की है। 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक रायपुर–राजिम के बीच 02 जोड़ी राजिम कुंभ मेला मेमू स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, इन विशेष मेमू ट्रेनों का वाणिज्यिक ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर, मानिकचोरी और राजिम स्टेशनों पर दिया गया है। इससे राजिम कुंभ मेला में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सीधी, तेज और किफायती रेल यात्रा का लाभ मिलेगा। रेलवे प्रशासन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेल सेवाओं और अवसंरचना के उन्नयन के लिए भारतीय रेल निरंतर प्रतिबद्ध है। राजिम कुंभ मेला के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है।
जानिए रायपुर–राजिम–रायपुर मेमू कुंभ मेला स्पेशल का समय
08755 रायपुर–राजिम
रायपुर से 11:55 बजे प्रस्थान
मंदिर हसौद – 12:15
सीबीडी (पीएच) – 12:24
केंद्री – 12:34
अभनपुर – 12:49
मानिकचोरी – 12:57
राजिम – 13:20 आगमन
08756 राजिम–रायपुर
राजिम से 14:00 बजे प्रस्थान
मानिकचोरी – 14:07
अभनपुर – 14:14
केंद्री – 14:22
सीबीडी (पीएच) – 14:31
मंदिर हसौद – 14:43
रायपुर – 15:30 आगमन
रायपुर–राजिम–रायपुर मेमू कुंभ मेला स्पेशल का समय
08757 रायपुर–राजिम
रायपुर से 14:30 बजे प्रस्थान
मंदिर हसौद – 14:48
सीबीडी (पीएच) – 14:49
केंद्री – 15:09
अभनपुर – 15:23
मानिकचोरी – 15:31
राजिम – 16:00 आगमन
08758 राजिम–रायपुर
राजिम से 20:30 बजे प्रस्थान
मानिकचोरी – 20:37
अभनपुर – 20:44
केंद्री – 20:52
सीबीडी (पीएच) – 21:00
मंदिर हसौद – 21:12
रायपुर – 22:00 आगमन
रेलवे की इस व्यवस्था से राजिम कुंभ मेला में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और रायपुर–राजिम के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा।
भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष और महामंत्री घोषित, देखें कहां किसे मिली जिम्मेदारी…
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से महिला मोर्चा की जिलाध्यक्षों और महामंत्रियों की नई सूची जारी कर दी गई है. प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मारकण्डे द्वारा जारी इस आदेश के तहत कई जिलों में नई नियुक्तियां की गई हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.
घोषित सूची के अनुसार कांकेर, सुकमा, बीजापुर, बिलासपुर ग्रामीण, सक्ती, जांजगीर-चांपा, जशपुर सहित अन्य जिलों में महिला मोर्चा की जिम्मेदारी अनुभवी एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है. संगठन नेतृत्व का कहना है कि इन नियुक्तियों से महिला मोर्चा को नई ऊर्जा मिलेगी और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों के साथ-साथ चुनावी गतिविधियों में भी मजबूती आएगी.
पार्टी द्वारा जारी सूची के अनुसार जिला पदाधिकारियों की नियुक्तियां इस प्रकार हैं:

गरियाबंद: उरमाल ओपेरा मामले में निलंबित SDM तुलसीदास मरकाम को हाईकोर्ट से राहत, फिर संभाली कुर्सी
गरियाबंद। अश्लील डांस का मजा लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी भूचाल लाने वाले उरमाल ओपेरा मामले में निलंबित एसडीएम तुलसीदास मरकाम को हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत दी है। 16 जनवरी को कमिश्नर महादेव कावरे ने डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। इसी आदेश को गलत ठहराते हुए तुलसीदास ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 29 जनवरी को पारित आदेश में निलंबन के आदेश पर अंतरिम राहत दी है। साथ ही 10 दिन के भीतर राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद तय की गई है। तुलसीदास ने अपने याचिका में कहा था कि उसके पक्ष को जाने बगैर कमिश्नर ने कार्रवाई की है, जबकि वह राज्य सरकार के अधीन है। उन्होंने निलंबन के आदेश को गलत बताया।

पहले कुर्सी संभाली फिर कमिश्नर-कलेक्टर को लिखा पत्र
अंतरिम राहत मिलने के अगले ही दिन तुलसीदास मैनपुर अनुविभागीय कार्यालय पहुंचकर कुर्सी संभाली। फिर कमिश्नर और कलेक्टर को संबोधित करते हुए पत्र लिखा, जिसमें दायर याचिका क्रमांक का विवरण और अंतरिम राहत की जानकारी भेजी।यह पत्र दफ्तर के टेबल से बैठकर वायरल भी किया गया, जो कई लोगों के मोबाइल स्टेट्स में दिखा। इतना ही नहीं, एसडीएम की वापसी को लेकर कई शुभचिंतक अधिकारी का फोटो लगाकर ये तो ट्रेलर है पिक्चर अभी बाकी है जैसे गानों के साथ सोशल मीडिया में वायरल कर रहे।
छत्तीसगढ़ में खेती की नई राह: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे कमेटी का गठन, हाईटेक मंडी और शोध पर ज़ोर
रायपुर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में आधुनिक तरीके से की जा रही खेती की प्रशंसा करते हुए कहा कि किसानों ने उनसे मुलाकात के दौरान अपनी मांगें रखी हैं, जिन पर काम करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा. यह कमेटी प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम करेगी.
छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, लेकिन सब्जियों का आधुनिक तरीक़े से उत्पादन किया जा रहा है. आज मैं किसानों के बीच गया, देखा जमीन के अंदर एक और जमीन के ऊपर उसी पौधे में दूसरी सब्जी लगाई गई है.
किसानों से चर्चा के दौरान उनकी रखी गई मांगों की चर्चा करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों ने हाईटेक मंडी और शोध की मांग की है. हमारे साथ भारत सरकार के वरिष्ठ वैज्ञानिक थे. एक अच्छी किस्म के धान कैसे लाए? बीमारियां कब लगती हैं? बीमारी के पहले कैसे रोकथाम किया जाए? इस पर विमर्श किया गया.
कृषि मंत्री ने कहा कि धान के बाद खेत खाली होता है, उसमें अब दलहन लेने का फ़ैसला सरकार ने लिया है. सरकार उचित मूल्य में खरीदेगी. मूंगफली पर अच्छा काम हो रहा है. उन्होंने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर अगले सप्ताह टीम गठित होगी. प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कमेटी काम करेगी. किसानों की जितने भी मांगें हैं, जितनी भी समस्या है, और अच्छा क्या हो सकता है, इस पर काम किया जाएगा.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग़रीबों को आवास से पिछले सरकार ने वंचित कर दिया गया था. अब सभी को आवास दे रहे हैं. हमारा संकल्प है प्रदेश में सभी ग़रीब का अपना छत होगा. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत काम दिया गया है. पीएम जनमन के तहत लगातार काम जारी है.
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्थानांतरण के 6 माह बाद भी रिलीव न करने पर कलेक्टर और संचालक को फटकार, अधिकारी को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश
बिलासपुर। कोरिया जिला में सहायक संचालक उद्यान के पद पर पदस्थ विनय कुमार त्रिपाठी का 30 जून 2025 को कबीरधाम जिला में स्थानांतरण कर दिया गया था, लेकिन संचालक, उद्यान विभाग एवं कोरिया कलेक्टर के द्वारा आवेदक को 6 माह तक रिलीव नहीं किया गया. क्षुब्ध होकर सहायक संचालक ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की. याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तत्काल स्थानांतरित स्थल के लिए रिलीव करने का आदेश दिया.
याचिकाकर्ता की ओर से दलील रखते हुए अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं वर्षा शर्मा ने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क प्रस्तुत किया गया कि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अनेक न्यायदृष्टांत इसके साथ ही उच्च न्यायालय द्वारा मिस मनीषा अग्रवाल विरूद्ध छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य 2015 (4) सी. जी. एल. जे. 182, में यह सिद्वान्त प्रतिपादित किया गया है कि यदि किसी शासकीय अधिकारी / कर्मचारी का एक स्थान से दूसरे स्थान के लिये स्थानांतरण किया गया है और रिट याचिका दायर करने के पूर्व उक्त स्थानांतरण आदेश निरस्त, संशोधित नहीं किया गया है, तो ऐसी स्थिति में उक्त शासकीय अधिकारी / कर्मचारी स्थानांतरित स्थल पर ज्वाईनिंग का पात्र है.
सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता के विरूद्ध जारी स्थानांतरण आदेश आज तक निरस्त या संशोधित नहीं किया गया है. उच्च न्यायालय द्वारा उक्त रिट याचिका की अंतिम सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्याय दृष्टांत एवं उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा मिस मनीषा अग्रवाल में पारित न्यायदृष्टांत के आधार पर याचिकाकर्ता को तत्काल स्थानांतरित स्थल के लिए रिलीव करने का आदेश दिया.
रायपुर मरीन ड्राइव पर पार्किंग शुल्क लागू: सुबह की सैर फ्री, लेकिन दोपहर 12 बजे से देने होंगे पैसे; विपक्ष और जनता में नाराजगी
रायपुर। राजधानी के लोगों के शाम का पसंदीदा ठिकाना तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) में अब पार्किंग शुल्क लेने का फैसला लिया गया है. बढ़ते ट्रैफिक दबाव का हवाला देते हुए निगम ने पाथवे को पार्किंग जोन घोषित किया है. इस फैसले के तहत बैनर लगाए जाने के बाद से ही स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. शनिवार को महापौर मीनल चौबे तेलीबांधा तालाब पहुंची. इस दौरान उन्होंने बातचीत करते हुए नए निर्णय पर स्थिति स्पष्ट की. महापौर ने बताया कि पार्किंग शुल्क दोपहर 12 बजे से लागू होगा, जबकि मॉर्निंग वॉक के लिए आने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.
निगम कर्मचारी करेंगे मॉनिटरिंग, जनता से मांगा गया सुझाव
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य पार्किंग से पैसा कमाना नहीं है, बल्कि लोगों को व्यवस्थित और सुरक्षित सुविधा देना है. इसके साथ ही नगर निगम के कर्मचारी मौके पर रहकर मॉनिटरिंग करेंगे. वह फूड जोन में आने वाले वाहनों के मुख्य समय का आंकलन करेंगे. महापौर ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि व्यवस्था सुधारने के लिए आमजन अपने सुझाव दे सकते हैं, ताकि सभी के हित में बेहतर समाधान निकाला जा सके.
विरोध की तैयारी में कांग्रेस
तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) में पार्किंग शुल्क के फैसले को लेकर कांग्रेस भी विरोध के मूड में है. रायपुर कांग्रेस शहर के जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन और पूर्व महापौर प्रमोद दुबे का कहना है कि कांग्रेस जल्द इसका विरोध करेगी.
चार पहिया के लिए 20 रुपये और दोपहिया के लिए 10 रुपये
बता दें कि नगर निगम द्वारा तेलीबांधा तालाब के पाथवे क्षेत्र में पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है. इसके तहत चार पहिया वाहनों के लिए 4 घंटे का शुल्क 20 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 12 घंटे का 10 रुपये तय किया गया है. इस निर्णय के बाद फुटपाथ को पार्किंग में तब्दील किए जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है. इसको लेकर तेलीबांधा तालाब में बैनर भी लगाए गए हैं.
नारायणपुर अंचल में अमन शांति, आजीविका और स्थानीय सहभागिता बढ़ाने पर फोकस: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास पर पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ क्षेत्र में आयोजित पीस हाफ मैराथन के शुभारंभ के साथ-साथ अनेक सामाजिक, खेल और पर्यटन गतिविधियों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन और स्थानीय सहभागिता को बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया, उन्हें प्रोत्साहित किया तथा लोगों से संवाद कर सहभागिता और विश्वास को और मजबूत किया।
बाइकर्स को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री श्री साय ने शांत सरोवर के समीप रायपुर के छत्तीसगढ़ राइडिंग क्लब के 40 बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बाइकर्स समूह नारायणपुर के सुदूर पर्यटन स्थल कच्चापाल तक की यात्रा करेगा। इस पहल के माध्यम से अबूझमाड़ को जानने, समझने और शांति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
शांत सरोवर में नौका विहार
बिजली गाँव के समीप स्थित शांत सरोवर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर महेश कश्यप एवं लघु वनोपज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम के साथ नौका विहार का आनंद लिया। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह विशेष पहल स्थानीय प्रशासन के द्वारा की गई है।
तीर-धनुष से साधा लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने बिंजली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीरंदाजी के स्थानीय युवा खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और स्वयं तीर-धनुष उठाकर लक्ष्य साधते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आदिवासी समाज की पारंपरिक दक्षताओं को आधुनिक प्रशिक्षण से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। शांति, आजीविका और खेलों के विकास में प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयास किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन, खेल प्रतिभाओं को मंच देने और विश्वास का वातावरण बनाने के लिए सतत कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नारायणपुर: दिव्यांग बच्चों के बीच अचानक पहुंचे CM साय, हनुमान चालीसा सुन हुए मंत्रमुग्ध; स्कूल को बस की सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नारायणपुर जिले के गरांजी स्थित परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय में अचानक छात्रों के बीच पहुंचे। विद्यालय पहुंचने पर संस्था में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र रंजीत बड्डे सहित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, हनुमान चालीसा एवं बस्तर अंचल के पारंपरिक गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय को एक बस उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाएं अच्छी हैं, उनका पूरा लाभ लेकर सभी अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। उन्होंने बच्चों को आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया और कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी से निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद होता है। बच्चों ने जब उनसे पूछा गया कि उन्हें विद्यालय आकर कैसा लगा, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। एक बच्ची के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि बचपन में उन्हें पिट्ठू, फुटबॉल जैसे खेल खेलना बहुत पसंद था।
मुख्यमंत्री ने संस्था के सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर आशीर्वाद दिया। दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की मुख्यमंत्री श्री साय सहित राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह एवं आईजी सुंदरराज पी. ने सराहना की।
उल्लेखनीय है कि परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का शुभारंभ 11 सितंबर 2023 को किया गया था। इसका संचालन जिला खनिज न्यास निधि से किया जा रहा है। विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिससे उनका आत्मविश्वास सुदृढ़ हो और वे समाज में अपनी भूमिका प्रभावी रूप से निभा सकें। यह विद्यालय सामान्य और दिव्यांग बच्चों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। वर्तमान में विद्यालय में कुल 60 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय में आडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षा संगीत शिक्षा, खेलकूद, योग एवं व्यायाम, तथा कंप्यूटर शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया निरीक्षण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति
डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा
नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।
प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा
रायपुर। रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।
इस दौरान श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।
केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित रहें।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।
इस बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 : सीएम साय ने दिखाई हरी झंडी, कहा- अबूझमाड़ की धरती से दिया जा रहा है अमन और शांति का संदेश …
रायपुर। अबूझमाड़ की पावन धरती से शांति, सद्भाव और विकास का सशक्त संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अलसुबह नारायणपुर के हाईस्कूल परिसर के समीप आयोजित हाफ मैराथन सहभागिता की और धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सांकेतिक रूप से स्वयं भी दौड़ लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजयी प्रतिभागियों को प्रदान किए जाने वाले मैडल का अनावरण भी किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुँचना भी कठिन था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का जोश और उत्साह यह संकेत दे रहा है कि जल्द ही यह क्षेत्र खुशियों से आबाद होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान और समर्पण से आज बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है तथा नए विकास कार्यों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी। उन्होंने सम्पूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकार के संकल्प को दोहराया।
उल्लेखनीय है कि यह 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित बस्तर संभाग, प्रदेश एवं अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया। मैराथन से पूर्व हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्मअप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
आत्मसर्पित माओवादी बने मैराथन का हिस्सा
इस आयोजन की सबसे विशेष और ऐतिहासिक बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने भी हथियार छोड़कर शांति और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में हिस्सा लिया। नारायणपुर की अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी बनाया।
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक केदार कश्यप, जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी. सुंदरराज, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक राबिनसन गुरिया, जिला सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
जेल में कवासी लखमा से मिले दीपक बैज: बोले- "आदिवासी नेताओं को बनाया जा रहा निशाना, फरवरी में जमानत की उम्मीद"
रायपुर। PCC चीफ दीपक बैज आज जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात करने पहुंचे. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि लखमा के साथ उनकी लंबी और सार्थक चर्चा हुई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उन्हें को फरवरी महीने में जमानत मिल जाएगी. बैज ने कहा, “हमें न्यायालयीन प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है. लखमा के बाहर आते ही बस्तर और प्रदेश को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाएंगे.
आदिवासी नेताओं को बनाया जा रहा निशाना : दीपक बैज
पीसीसी चीफ ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि “प्रदेश में आदिवासी नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. बदले की भावना से उन्हें जेल भेजा गया है. लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता एकजुट है और हम इस मुद्दे पर कार्यकर्ताओं से भी निरंतर चर्चा करेंगे.”
बजट सत्र में शामिल होना चाहते हैं लखमा
दीपक बैज ने जोर देकर कहा कि कवासी लखमा एक जनप्रतिनिधि हैं और वे विधानसभा के आगामी बजट सत्र में शामिल होना चाहते हैं. लखमा पिछले एक साल से विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाए हैं. बैज के अनुसार, लखमा के पास बस्तर और आदिवासियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन्हें वे सदन में उठाना चाहते हैं. ऐसे में उन्होंने मांग की है कि उन्हें सत्र में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए.
15 जनवरी 2025 को हुई थी गिरफ्तारी
बता दें, बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले की जांच कर रही ईडी ने 15 जनवरी 2025 को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. तब से वे न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं. ED के आरोप हैं कि पूर्व मंत्री लखमा ‘सिंडिकेट’ के मददगार थे.
ED ने कोर्ट में पेश दस्तावेजों में लखमा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
सिंडिकेट के अहम हिस्सा: ED का दावा है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा शराब घोटाले को अंजाम देने वाले सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे. आरोप है कि पूरा सिंडिकेट लखमा के निर्देशों और उनके संरक्षण में ही काम कर रहा था.
शराब नीति में बदलाव: जांच एजेंसी के अनुसार, प्रदेश की शराब नीति में जो भी बदलाव किए गए, उनमें लखमा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी. इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सिंडिकेट को अवैध लाभ पहुँचाना था.
FL-10 लाइसेंस का विवाद: ED का सबसे बड़ा दावा यह है कि कवासी लखमा के इशारे पर ही छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत की गई थी, जिसके जरिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया.
गड़बड़ी की जानकारी होने का दावा: जांच एजेंसी का कहना है कि आबकारी विभाग में हो रही हर एक अवैध गतिविधि और भ्रष्टाचार की जानकारी तत्कालीन मंत्री लखमा को थी, लेकिन उन्होंने इसे रोकने के बजाय इसे बढ़ावा दिया.
फिलहाल, मामला अदालत के अधीन है और कांग्रेस को उम्मीद है कि फरवरी में उन्हें राहत मिल सकती है.
धान खरीदी केंद्र में लापरवाही पर प्रशासन सख्त: खरीदी प्रभारी और ऑपरेटर हटाए गए, तहसीलदार ने दिए FIR के निर्देश
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही और धांधली का मामला सामने आया है. कलेक्टर संबित मिश्रा के कड़े रुख के बाद, पापनपाल उपार्जन केंद्र में मिली गंभीर अनियमितताओं के चलते खरीदी प्रभारी और ऑपरेटर को धान खरीदी कार्य और समिती से हटा दिया गया है.
384 क्विंटल धान गायब
शुक्रवार को तहसीलदार पंचराम सलामे और जिला विपणन अधिकारी तामेश सिंह नागवंशी की संयुक्त टीम ने पापनपाल केंद्र का औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए जब भौतिक सत्यापन में 384 क्विंटल धान कम पाया गया. जांच टीम ने पाया कि:
स्टॉक में भारी अंतर: कागजों और मौके पर मौजूद धान की मात्रा में बड़ा अंतर मिला.
स्टेकिंग में गड़बड़ी: धान के बोरों का स्टॉक व्यवस्थित तरीके से नहीं लगाया गया था, जिससे गणना करना मुश्किल हो रहा था.
लेखा-जोखा में लापरवाही: भंडारण और रिकॉर्ड संधारण में भारी चूक पाई गई.
कलेक्टर के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति की प्रबंध कार्यकारिणी ने खरीदी प्रभारी और ऑपरेटर को दोषी मानते हुए उन्हें पद से हटा दिया है. तहसीलदार बीजापुर ने इस मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं. सहायक आयुक्त सहकारिता को विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धान खरीदी में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों पर भी इसी तरह की आकस्मिक जांच जारी रहेगी.
देखें आदेश की कॉपी:



वीबी-जी राम जी के विरोध पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर कसा तंज, कहा- कांग्रेस का काम सिर्फ विरोध करना
रायपुर। एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीबी-जी राम जी को लेकर विरोध कर रही कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम सिर्फ विरोध करना है, गरीब-मजदूर और किसानों के लिए ये योजनाएं वरदान है. पहले काका-बाबा लड़ते थे, अब अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लड़ रहे हैं और कार्यकर्ता पिस रहा है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हमने 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन रोजगार देने की व्यवस्था की. हर पैसे का उपयोग गांव के विकास में किया जाएगा विकसित भारत ग्राम योजना (जी राम जी) के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर प्लान बनेगा. गांव को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने पर फोकस.
किसानों और युवाओं से केंद्रीय मंत्री करेंगे सीधा संवाद
रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान दुर्ग के लिए रवाना हो गए हैं. जहां वे किसान मेला में शामिल होंगे. केंद्रीय मंत्री ग्राम गिरहोला और खपरी में कृषि फार्म भ्रमण व पौधरोपण करेंगे. राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय में 31 जनवरी को CM विष्णु देव साय और कृषि मंत्री राम विचार नेताम के साथ हाई लेवल बैठक करेंगे.
छत्तीसगढ़ पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि वह आज किसानों से संवाद के लिए पहुंचे हैं. किसानों के बीच जाकर प्रगतिशील खेती के प्रयोग देखेंगे. दुर्ग जिले में किसानों के बीच खेतों में जाकर संवाद करेंगे. किसान मेले में हिस्सा लेंगे. ‘यंग लीडर’ कार्यक्रम के तहत दिल्ली गए युवाओं से भी संवाद करेंगे. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री से भी मुलाकात करके कृषि और ग्रामीण विकास की योजनाओं पर चर्चा करेंगे. भारत सरकार की योजनाओं को छत्तीसगढ़ में बेहतर तरीके से लागू करने पर मंथन होगा. छत्तीसगढ़ की कृषि कार्ययोजना केंद्र और राज्य मिलकर बनाएंगे. ग्रामीण विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में अद्भुत काम हुआ है. 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत, निर्माण कार्य जारी है.
केंद्रीय बजट पर मंत्री शिवराज सिंह की प्रतिक्रिया
इतिहास में पहली बार रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण, बजट इसे और गति देगा है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल से तेज हुई ISRO की आउटरीच, 24 से अधिक राज्यों तक पहुंचा ‘स्पेस ऑन व्हील्स’
रायपुर/नई दिल्ली। लोकसभा में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल द्वारा देश के प्रत्येक राज्य में इसरो की अंतरिक्ष प्रयोगशाला/संग्रहालय स्थापित करने की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से उठाए जाने का सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 01 दिसंबर 2025 को लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत यह महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए कहा था कि विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ी सुविधाएं केवल कुछ चुनिंदा राज्यों तक सीमित न रहकर देश के हर राज्य और क्षेत्र तक पहुंचनी चाहिए, ताकि युवाओं और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को बल मिले।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस सशक्त हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के माध्यम से अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) द्वारा इस विषय पर विस्तृत समीक्षा की गई। विभाग ने अवगत कराया कि अपनी आउटरीच गतिविधियों के तहत इसरो देश के 13 राज्यों में 19 अंतरिक्ष संग्रहालयों एवं प्रदर्शनियों का संचालन कर रहा है, जिनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, मेघालय, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और तमिलनाडु शामिल हैं।
इसके साथ ही इसरो द्वारा ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ नामक छह मोबाइल अंतरिक्ष संग्रहालयों का संचालन भी किया जा रहा है, जो अब तक देश के 24 से अधिक राज्यों में पहुंच चुके हैं। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विज्ञान को पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हुई है और छात्रों तथा आम नागरिकों द्वारा व्यापक रूप से सराही गई है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) द्वारा अंतरिक्ष प्रयोगशाला कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है, जिसके अंतर्गत देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में अत्याधुनिक अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि उनका सतत प्रयास है कि विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत का हर राज्य समान अवसरों का सहभागी बने और भारत वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त होकर उभरे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ के साथ ही पूरे देश के युवाओं, विद्यार्थियों और वैज्ञानिक सोच के सशक्तिकरण के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं।
रायपुर: मरीन ड्राइव के पाथवे पर पार्किंग का 'पहरा', निगम के फैसले पर भड़के सैर करने वाले
रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम के एक फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) के पाथवे को पार्किंग स्थल घोषित किए जाने के बाद मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वालों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
दरअसल, नगर निगम द्वारा तेलीबांधा तालाब के पाथवे क्षेत्र में पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके तहत चार पहिया वाहनों के लिए 4 घंटे का शुल्क 20 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 12 घंटे का 10 रुपये तय किया गया है। इस निर्णय के बाद फुटपाथ को पार्किंग में तब्दील किए जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। इसको लेकर तेलीबांधा तालाब में बैनर भी लगाए गए हैं।
पार्किंग शुल्क वसूलने के नए नियम को लेकर मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने वाले ने श्यामलाल साहू, विनीत एवं अन्य लोगों ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी क्या इतने मूर्ख हैं जो फुटपाथ का पार्किंग शुल्क वसूलेंगे। पूर्व में भी यही हरकत निगम द्वारा की गई थी, जिसे विरोध के बाद हटाया गया था। अब क्या मॉर्निंग वॉक करने वालों से पैसा वसूला जाएगा।
बता दें कि जुलाई 2021 में नगर निगम ने तेलीबांधा तालाब घूमने आने वाले लोगों से पार्किंग चार्ज वसूलने का आदेश जारी किया था, लेकिन आदेश जारी होने के बाद शुरू हुए विरोध के बीच तत्कालीन महापौर एजाज ढेबर ने आदेश वापस ले लिया था।