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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नई रोस्टर व्यवस्था लागू, चार डिवीजन और 14 सिंगल बेंच करेंगी सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में समर वेकेशन से पहले रोस्टर व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। गुरुवार से नई न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो गई है, जिसके तहत चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच नियमित रूप से विभिन्न मामलों की सुनवाई करेंगी। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी नई रोस्टर सूची के अनुसार न्यायाधीशों के बीच मामलों का विषयवार विभाजन किया गया है, ताकि न्यायिक कार्यों का निष्पादन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से हो सके।
नई व्यवस्था के तहत प्रथम डिवीजन बेंच में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल शामिल रहेंगे। यह बेंच जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपीलों तथा विशेष श्रेणी के महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेगी। माना जा रहा है कि संवैधानिक और सार्वजनिक महत्व के मामलों को इस बेंच में प्राथमिकता दी जाएगी।
दूसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बेंच मुख्य रूप से आपराधिक मामलों और अल्ट्रा वायर्स से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह बेंच कई महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों और संवैधानिक व्याख्याओं से जुड़े मामलों पर निर्णय दे सकती है।
तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एनके व्यास को कैदी अपीलों से जुड़े मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। इस बेंच में जेल अपील, सजा के खिलाफ याचिकाएं और बंदियों से संबंधित अन्य मामलों पर सुनवाई होगी।
वहीं चौथी डिवीजन बेंच में जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत शामिल होंगे। यह बेंच वैवाहिक अपील, कर संबंधी विवाद और सेवा मामलों की सुनवाई करेगी। सरकारी कर्मचारियों से जुड़े सेवा विवादों और टैक्स मामलों की बड़ी संख्या को देखते हुए इस बेंच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की विशेष सिंगल बेंच सहित कुल 14 सिंगल बेंच भी कार्यरत रहेंगी। इन सिंगल बेंचों में अलग-अलग प्रकार के दीवानी, फौजदारी, सेवा, कर, शिक्षा और प्रशासनिक मामलों की नियमित सुनवाई की जाएगी। नई रोस्टर व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी। समर वेकेशन से पहले लंबित मामलों की सुनवाई को गति देने और न्यायिक कार्यों में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीर सैनिकों को किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ पर भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि नए भारत की अटूट इच्छाशक्ति, निर्भीक संकल्प और निर्णायक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आज से एक वर्ष पूर्व पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों द्वारा किए गए घिनौने हमले ने पूरे राष्ट्र को झकझोर दिया था, लेकिन भारत ने उस चुनौती का ऐसा जवाब दिया, जिसने इतिहास में शौर्य और संकल्प का स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत अब आतंकवाद को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त करने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब भारत चुपचाप सहने वाला राष्ट्र नहीं रहा, बल्कि मातृभूमि की ओर उठने वाली हर बुरी नजर का निर्णायक और प्रभावशाली जवाब देने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, बेजोड़ रणनीति और राष्ट्र के प्रति असीम समर्पण को अमर कर दिया। जिस सटीकता, दृढ़ता और प्रभावशाली क्षमता के साथ आतंक के सरपरस्तों और उनके आकाओं को जवाब दिया गया, उसने वैश्विक मंच पर भारत की सैन्य शक्ति और मजबूत नेतृत्व की नई पहचान स्थापित की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे धरातल पर सिद्ध भी किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं की संयुक्त शक्ति, अत्याधुनिक युद्ध तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक और प्रभावी प्रतिकार भी करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ पर राष्ट्र के उन सभी वीर सपूतों को कोटिशः नमन किया, जिनके शौर्य और पराक्रम ने हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊँचा किया है। उन्होंने पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सेना का पराक्रम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण: राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक अस्मिता को मिला नया सम्मान - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करने संबंधी केंद्रीय मंत्रिमंडल के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश की सांस्कृतिक चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत और राष्ट्रभक्ति की भावना को सम्मान देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान किया जाना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और आत्मसम्मान का विषय है।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा, स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और करोड़ों देशवासियों की राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में नई ऊर्जा और आत्मबल का संचार किया था। यह गीत आज भी हर भारतीय के मन में मातृभूमि के प्रति समर्पण, सेवा और गौरव की भावना जागृत करता है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार निरंतर भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और जनभावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान एवं गरिमा को बनाए रखने का आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत जिले के सुदूर व पहाड़ी कोरवा बसाहटों में 113 हैंडपंप व बोरवेल की होगी खुदाई
अम्बिकापुर। जिले के सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन क्षेत्रों में कुल 113 हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले में पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि शासन की योजनाओं खासकर बुनियादी जरूरतों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना यह सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी क्रम में सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष अजीत वसंत ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को एक माह के भीतर सभी 113 हैंडपंप एवं बोरवेल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने बताया कि स्थलीय सर्वे पहले ही कर लिया गया है जिले के लुण्ड्रा में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में 04 इस तरह इन विकासखण्डों में डीएमएफ मद से 113 हैंडपंप एवं बोरवेल खनन की जाएगी। 24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सहित अन्य सदस्यों की सहमति से यह कार्य की स्वीकृति दी गई है।
कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया है कि हैंडपंप खनन, बोरवेल खनन कर दीर्घकालिक समाधान के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से एक माह में पूर्ण किए जाएं, ताकि सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्थायी पेयजल सुविधा सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय के इस संवेदनशील पहल से जिले के दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या से सैकड़ो गांवों के हजारों निवासियों को निश्चित ही राहत मिलेगी।
राजधानी रायपुर में घर से बम बनाने की सामग्री मिलने से हड़कंप, पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरा
रायपुर। राजधानी के रावाभाठा इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब वार्ड नंबर 13 स्थित एक घर से संदिग्ध बम बनाने की सामग्री मिलने की सूचना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यहां से तार, संदिग्ध केमिकल और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद होने की बात कही जा रही है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर नाकाबंदी कर पुलिस बल तैनात किया गया है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बम स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के लोगों की आवाजाही को भी रोक दिया गया है।
बता दें कि यह इलाका रायपुर कमिश्नरेट के नार्थ जोन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पुलिस ने मौके पर मिले संदिग्ध सामान की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह सामग्री किस उद्देश्य से रखी गई थी।
फिलहाल पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
रायपुर में IPL के मुकाबलो को लेकर जबरदस्त क्रेज: मिनटों में सोल्ड आउट हुई टिकट
रायपुर। आईपीएल 2026 के दो बड़े मुकाबलों को लेकर राजधानी रायपुर इस समय पूरी तरह क्रिकेट के जुनून में डूबी हुई है। 10 मई को मुंबई इंडियंस (MI) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा। इसके बाद 13 मई को RCB बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की भिड़ंत होगी। इस बीच जहां एक इन मुकाबलों के टिकट कुछ ही मिनटों में सोल्ड आउट हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।
टिकटों की जबरदस्त डिमांड, मिनटों में सोल्ड आउट
10 मई को मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होने वाले मुकाबले के लिए दूसरे चरण की टिकट बिक्री शुरू होते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 2600 से 8000 रुपये तक की कीमत वाले टिकट कुछ ही मिनटों में बिक गए। खासकर 2600 और 2700 रुपये वाले लगभग 3000 से अधिक टिकट तुरंत खत्म हो गए।
पहले चरण में ही स्टेडियम की आगे की सीटें भर चुकी थीं, जिसके कारण दूसरे चरण में उपलब्ध अधिकतर टिकट पीछे की सीटों के ही थे। इसी वजह से महंगे टिकट (लगभग 8000 रुपये) भी देर शाम तक लगभग खत्म हो गए।
वहीं 13 मई को आरसीबी और कोलकाता नाइट राइडर्स के मुकाबले के प्रति दर्शकों की रुचि अपेक्षाकृत कम नजर आ रही है। अब तक इस मैच के लगभग 60 प्रतिशत टिकट ही बिक पाए हैं, जबकि करीब 40 प्रतिशत टिकट अभी भी उपलब्ध हैं।
कालाबाजारी का खुला नेटवर्क, दाम कई गुना बढ़े
मैच की लोकप्रियता के बीच टिकटों की कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ गई है। बाजार में एजेंट और दलाल सक्रिय होकर टिकटों को कई गुना कीमत पर बेच रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, लगभग 3000 रुपये वाला टिकट 6000 रुपये या उससे अधिक में बेचा जा रहा है। लोअर और अपर स्टैंड के टिकट 5500 से 8000 रुपये तक पहुंच गए हैं, जबकि प्रीमियम ए और बी स्टैंड के टिकट 16000 रुपये तक में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस तरह की गतिविधियों ने आम दर्शकों के लिए टिकट हासिल करना और मुश्किल कर दिया है, जिससे ऑनलाइन बुकिंग शुरू होते ही टिकट खत्म होने की स्थिति बन रही है।
मुंबई इंडियंस रायपुर पहुंची, हार्दिक पांड्या अनुपस्थित
10 मई के मुकाबले के लिए मुंबई इंडियंस की टीम रायपुर पहुंच चुकी है। रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, नमन धीर और अन्य खिलाड़ी भारी सुरक्षा के बीच एयरपोर्ट से सीधे होटल पहुंचे। फैंस ने एयरपोर्ट पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया।
हालांकि कप्तान हार्दिक पांड्या टीम के साथ नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में यदि वे समय पर नहीं जुड़ते हैं, तो सूर्यकुमार यादव के कप्तानी संभालने की संभावना जताई जा रही है। टीम फिलहाल नवा रायपुर के मेफेयर होटल में ठहरी हुई है।
9 मई को विराट कोहली के साथ रायपुर पहुंचेगी RCB
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम 9 मई को विराट कोहली के साथ रायपुर पहुंचेगी। टीम यहां 5 दिनों तक रुककर दोनों मुकाबलों की तैयारी करेगी। खिलाड़ियों का अभ्यास सत्र शाम के समय रखा गया है ताकि गर्मी से बचा जा सके।
सुरक्षा कारणों से अभ्यास सत्र में दर्शकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है और होटल में भी फैंस का प्रवेश रोक दिया गया है।
स्टेडियम में सख्त सुरक्षा और व्यवस्थाएं
प्रशासन ने दोनों टीमों की सुरक्षा और गोपनीयता को देखते हुए कड़े इंतजाम किए हैं। स्टेडियम और होटल परिसर में आम लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी में हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला : सैनिकों और पूर्व सैनिकों को संपत्ति रजिस्ट्री में स्टाम्प शुल्क पर 25% की छूट
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया। अधिसूचना जारी होने के पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिकों को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है।
25 लाख तक की सीमा तक मिलेगी छूट
अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों एवं दिवंगत होने पर उनके जीवनसाथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी। 25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी। यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा।
देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है। वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
बस्तर में मजबूत हो रहा बैंकिंग नेटवर्क : तर्रेम में BOB शाखा का शुभारंभ, CM साय बोले- शांति और विकास का प्रतीक बन रहा बस्तर
रायपुर। साय सरकार के गठन के बाद से बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम में शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तर्रेम में बैंक शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है—जहां पहले बैंकिंग सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं। यह नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के लगातार विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता से आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और अभाव की पहचान से निकलकर विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

जहां नक्सलियों ने किया था हमला, वहीं अब विकास की नई कहानी
इससे पूर्व भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तत्कालीन धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-सुकमा जिले के सीमावर्ती जगरगुंडा क्षेत्र में भी बैंक की नई शाखा का उद्घाटन किया था। उस दौरान वे रायपुर से सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचे थे।
उन्होंने अपने दंतेवाड़ा में कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस समय यह क्षेत्र अत्यधिक नक्सल प्रभावित था और अधिकारी अंदरूनी क्षेत्रों में जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि “जिस इमारत में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर पुनः बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी भाइयों एवं बहनों के आर्थिक संबल के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं।
ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुले 31 नई बैंक शाखाएं
पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर जिले में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा बादेककलूर में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा जगदलपुर में, इंडसइंड बैंक की शाखा धरमपुरा (जगदलपुर) में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का होम लोन सेंटर (RACPC) जगदलपुर में खोला गया है।
बीजापुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं बीजापुर और तर्रेम में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा पामेड़ में, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की शाखाएं बीजापुर में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मड्डेड में खोली गई हैं।
दंतेवाड़ा जिले में एचडीएफसी बैंक की शाखा चेरपाल में, आईसीआईसीआई बैंक की शाखा दंतेवाड़ा में, इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं दंतेवाड़ा और समलवार में, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा परचेली में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा काटेकल्याण में खोली गई है।
कांकेर जिले में एक्सिस बैंक की शाखाएं पनडोबिर और पाखांजूर में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा चरामा में तथा आईसीआईसीआई बैंक की शाखा भानुप्रतापपुर में खोली गई है। कोंडागांव जिले में एक्सिस बैंक की शाखा फरसगांव में तथा बंधन बैंक की शाखा कोंडागांव में शुरू की गई हैं। नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा सोनपुर में तथा एचडीएफसी बैंक की शाखा कोहकामेटा में खोली गई है। इसी प्रकार सुकमा जिले में एक्सिस बैंक की शाखा चिंतलनार में, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सुकमा में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा सुकमा में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा किस्टाराम में तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं सुकमा और जगरगुंडा में नई शाखाएं शुरू की गई हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए बड़ी सुविधा बताया। इस पहल से न केवल बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। बस्तर में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होंगे।
IPL 2026: नवा रायपुर में 10 और 13 मई को मैच, प्रशासन ने कसी कमर
रायपुर। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आगामी 10 और 13 मई को होने वाले टाटा आईपीएल टी-20 मैचों के सफल आयोजन के लिए राज्य प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के इन कड़े निर्देशों के बाद अब नवा रायपुर का प्रशासन क्रिकेट के इस महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, जिससे दर्शकों को एक सुरक्षित और आनंदमयी अनुभव मिल सके।
मैचों का शेड्यूल
10 मई 2026 केा रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु बनाम मुंबई इंडियंस और 13 मई 2026 को रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स के मध्य मैच खेला जाएगा।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर
मुख्य सचिव विकासशील ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम में आने वाले हजारों दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाली दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कमिश्नर रायपुर को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग एरिया और स्टेडियम के चारों ओर CCTV कैमरों का सघन जाल बिछाया जाएगा। बैरिकेडिंग और पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस, NRDA और BCCI की संयुक्त टीम संभालेगी।
आपातकालीन सेवाएं
फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए डेडिकेटेड रूट (Emergency Route) चिन्हांकित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। आयोजन के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), आयुक्त नगर निगम, संचालक (खेल एवं युवा कल्याण), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), और NRDA के CEO सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यद्यपि संपूर्ण आयोजन का उत्तरदायित्व BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ का है, लेकिन प्रशासन पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
नियादी सुविधाओं की उपलब्धता
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को स्टेडियम में पानी के सुचारू प्रवाह और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग को मैचों के दौरान छत्तीसग्ढ विद्युत वितरण कंपनी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, PHE सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, खेल सचिव यशवंत कुमार और कलेक्टर रायपुर गौरव सिंह सहित पुलिस विभाग, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन और CSPDCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी तैयारियों का ब्यौरा साझा किया।
छत्तीसगढ़ में महिलाओं को जमीन रजिस्ट्री पर 50% की छूट, राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी में महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। साय सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं के लिए संपत्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला लिया गया था। इसकी अधिसूचना अब राजपत्र में प्रकाशित हो गई है। अब महिलाओं के लिए संपत्ति खरीदना आसान और सस्ता होगा और परिवारों को भी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्य सरकार के अनुसार, इस फैसले से करीब 153 करोड़ रुपये के राजस्व का असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार इसे महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक दीर्घकालिक सामाजिक निवेश मान रही है। सरकार का यह कदम महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

रायपुर में IPL के मुकाबलों को लेकर प्रशासन अलर्ट: कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा, स्टेडियम में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर अधिकारियों दिए अहम निर्देश
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने 10 एवं 13 मई को राजधानी के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होने वाले आईपीएल मैच की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के साथ बैठक ली।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए तथा सामानों की ओवररेटिंग न हो। पुलिस प्रशासन से समन्वय कर सुरक्षा एवं ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मैदान के एंट्री प्वाइंट पर वालेंटियर की तैनाती करें तथा वाईफाई एवं इंटरनेट की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए ताकि दर्शकों को प्रवेश में किसी प्रकार की समस्या न हो।
उन्होंने कहा कि मैदान में खिलाड़ियों के साथ दर्शकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित रहें। प्रशासन की एसओपी का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। आपदा के समय क्या किया जाए, इसकी कार्ययोजना पहले से तैयार रखें।
डॉ. सिंह ने कहा कि आग से बचाव के लिए आवश्यक उपकरणों का अनिवार्य रूप से इंतजाम किया जाए तथा जिला सेनानी से समन्वय स्थापित कर उपकरणों का पूर्व परीक्षण कर लिया जाए। सभी गेट पर आयोजन समिति के वालेंटियर रहें और दर्शकों की सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करें। मेडिकल सुविधा का अनिवार्य रूप से इंतजाम किया जाए। सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए स्टेडियम और स्टेडियम परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए।
क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बार केवल ऑनलाइन माध्यम से टिकट की बिक्री की जा रही है।
बैठक में निगम आयुक्त विश्वदीप, रायपुर ग्रामीण की प्रभारी एसपी मनीषा ठाकुर, एडीएम उमाशंकर बंदे, एएसपी विवेक शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के सीईओ हरी गोंडापल्ली, बीसीसीआई के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कानून व्यवस्था पर भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा, बोले—“निर्णय कौन लेता है, पता नहीं”
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और AICC महासचिव भूपेश बघेल ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री सुशासन तिहार में भ्रमण कर रहे हैं. जिस दिन कवर्धा गए, उसी दिन महिला की हत्या हुई. नांदगाव गए तो फूलबासन का अपहरण हो गया. पद्मश्री फूलबासन के अपहरण के बारे में कोई कैसे सोच सकता है. आज भी रायपुर में दो मर्डर हुए. कानून व्यवस्था तार-तार हो गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में सुप्रीम कोर्ट के पूर्णकालिक डीजीपी बनाने के निर्देश पर कहा कि सरकार एक डीजीपी नियुक्त नहीं कर पा रही है, तो सोच सकते हैं कानून व्यवस्था की क्या स्थिति होगी. सरकार कोई निर्णय नहीं ले पा रही है. निर्णय कौन लेता है, यह भी नहीं पता है.
उन्होंने कहा कि संवाद से मुख्यमंत्री का पेज चल रहा है. व्यक्तिगत पेज कैसे चल सकता है, इसके लिए अलग टीम होती है. सीएमओ के पेज पर सरकार की उपलब्ध पर चर्चा होती है. सीएमओ के पेज पर आज राजनीति होती है. संवाद में बीजेपी पार्टी का बोर्ड लगा देना चाहिए. वहां काम कर रहे लोगों को हाफ पैंट और काली टोपी पहना देना चाहिए. छत्तीसगढ़ के लोगों को संवाद से निकाला जा रहा है, और गुजरात के लोगों को काम दिया जा रहा है.
भूपेश बघेल ने ‘घुसपैठिए बंगाल से रायपुर आते थे’ वाले बयान पर गृह मंत्री विजय शर्मा को आड़े हाथ लेते हुए उन्हे निकम्मा करार दिया. उन्होंने कहा कि गजब के गृहमंत्री हैं. रायपुर में अगर बांग्लादेशी हैं, तो ढाई साल में एक भी आईडेंटिफाई नहीं कर पाए. गृहमंत्री खुद अपने आप को प्रमाण पत्र दे रहे हैं कि निकम्मा हूं. प्रधानमंत्री, गृहमंत्री नाकाबिल हैं. बांग्लादेशी बाहर से आ रहे हैं, तो इसकी जवाबदारी केंद्र की है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल में इसके साथ बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में (वोटों की) चोरी नहीं, डकैती हुई है. यहां भाजपा की जीत नहीं, (मुख्य चुनाव आयुक्त) ज्ञानेश कुमार की जीत हुई है.
पद्मश्री फुलबासन से मिले विधायक देवेंद्र यादव, कहा – प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद, लॉ एंड ऑर्डर पर सरकार का नियंत्रण नहीं
राजनांदगांव। पद्मश्री फुलबासन यादव के हालिया अपहरण की घटना के बाद प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल गरमा गया है। विधायक देवेंद्र यादव आज राजनांदगांव पहुंचे और फुलबासन बाई यादव से मुलाकात कर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान विधायक यादव ने घटना को गंभीर बताते हुए प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े आरोप लगाए।
देवेंद्र यादव ने कहा कि राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में अपहरण, बलात्कार, चाकूबाजी और हत्या जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान यादव समाज के लोगों ने भी फुलबासन यादव से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी। साथ ही सभी ने एकजुट होकर सरकार से मांग की है कि फुलबासन यादव को जल्द से जल्द उचित सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सीएम ने जाना हालचाल, पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के दिए निर्देश
पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर फुलबासन बाई से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना और घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।
जानिए पूरा मामला
बता दें कि मंगलवार को पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी फुलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश की गई, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से बड़ी घटना टल गई। वहीं मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पूरा मामला सुकुल देहान क्षेत्र का है।
बताया जा रहा है कि दो महिलाएं कार से पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के घर पहुंचीं। दोनों महिलाओं ने उन्हें किसी काम के बहाने कार में बैठने के लिए कहा। इसके बाद फुलबासन बाई कार में दोनों महिलाओं के साथ बैठ गईं। आरोपी उनका मुंह बांधकर नेशनल हाईवे के रास्ते भाग रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। जैसे ही पुलिस ने कार को रोका, तभी फुलबासन बाई यादव ने हिम्मत दिखाते हुए इशारे के जरिए पुलिसकर्मियों को बताया कि उनका किडनैपिंग किया गया है। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को पकड़ा और उन्हें सुकुल देहान पुलिस के हवाले कर दिया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि खुशबू साहू नाम की युवती, जो बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र के भौरी गांव की रहने वाली है, कथित रूप से योजना बनाकर स्कॉर्पियो वाहन लेकर आई थी। उसके साथ दो अन्य सहयोगी भी मौजूद थे। सभी आरोपियों द्वारा फुलबासन यादव को जबरदस्ती वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें किस कारण से, कहां और क्यों ले जाया जा रहा था। एडिशनल एसपी ने बताया कि फिलहाल वाहन में मौजूद मुख्य आरोपी खुशबू साहू, वाहन चालक, एक अन्य युवक और एक अन्य युवती समेत कुल दो महिलाओं और दो पुरुषों से पूछताछ की जा रही है।
RCB के खिलाफ मुकाबले के लिए रायपुर पहुंची मुंबई इंडियंस की टीम
रायपुर। आईपीएल 2026 के तहत 10 मई को होने वाले बड़े मुकाबले से पहले मुंबई इंडियंस (MI) की टीम राजधानी रायपुर पहुंच गई है। टीम के रायपुर पहुंचते ही एयरपोर्ट पर क्रिकेट फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए काफी उत्साहित नजर आए।
टीम के साथ कप्तान हार्दिक पांड्या और स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा समेत सभी खिलाड़ी रायपुर पहुंचे। खिलाड़ियों के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर जबरदस्त माहौल देखने को मिला, जहां फैंस ने जमकर नारेबाजी की और खिलाड़ियों का स्वागत किया।
रायपुर बना RCB का दूसरा होम ग्राउंड
बता दें कि रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इस सीजन के लिए अपना दूसरा होम ग्राउंड बनाया है और यहां आईपीएल 2026 के दो अहम मुकाबले खेले जाएंगे। 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच भिड़ंत होगी, जबकि 13 मई को आरसीबी का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। खास बात यह है कि इस बार आरसीबी अपने घरेलू मुकाबले रायपुर में खेलेगी, जो पहली बार हो रहा है।
मुकाबले के लिए शुरू हो चुकी है टिकट बुकिंग
गौरतलब है कि मैच के टिकट RCB की आधिकारिक वेबसाइट shop.royalchallengers.com पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। टिकट की कीमत ₹2,500 से शुरू होकर ₹8,000 या उससे अधिक (VIP/कॉर्पोरेट) तक रखी गई है। 10 मई के मैच के टिकट तेजी से बिक रहे हैं, जबकि 13 मई के मुकाबले के लिए बुकिंग 4 मई से शुरू हो चुकी है।
10वीं और 12वीं बोर्ड के मेधावी छात्रों को दिखाया जाएगा मैच
इस आयोजन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी खास पहल की है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में आने वाले मेधावी छात्रों को 10 मई का मैच मुफ्त में दिखाने का फैसला लिया गया है।
स्टेडियम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्टेडियम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों और अन्य आधुनिक सुविधाओं के साथ मैदान को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि मैच के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो। आयोजकों और सुरक्षा एजेंसियों ने दर्शकों से अपील की है कि वे सिर्फ जरूरी सामान लेकर ही स्टेडियम पहुंचें और सुरक्षा जांच में सहयोग करें।
QR कोड से मिलेगी स्टेडियम में एंट्री
मैच के लिए इस बार डिजिटल M-टिकट जारी किए जाएंगे, जिन्हें फिजिकल टिकट में बदलने की जरूरत नहीं होगी। दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश के लिए QR कोड का उपयोग करना होगा, जो मैच वाले दिन गेट खुलने से कुछ समय पहले ही एक्टिव किया जाएगा। इससे पहले QR कोड एक्सेस नहीं किया जा सकेगा। आयोजकों के मुताबिक, यह नई व्यवस्था सुरक्षा को मजबूत करने और फर्जी एंट्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

केवल एक बार ही ट्रांसफर की जा सकेगी M-टिकट
जानकारी के अनुसार, हर M-टिकट को सिर्फ एक बार ही ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसके बाद उसे किसी अन्य व्यक्ति को आगे ट्रांसफर या फॉरवर्ड नहीं किया जा सकेगा। टिकट ट्रांसफर करते समय यूजर को रिसीवर का मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। जैसे ही ट्रांसफर कंफर्म होगा, पुराने यूजर की एक्सेस तुरंत समाप्त हो जाएगी। नया यूजर वेबसाइट या ऐप में लॉगिन कर टिकट को एक्सेस कर सकेगा। आयोजकों के मुताबिक, इस सिस्टम को विशेष रूप से ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
गेट खुलने का समय और एंट्री सिस्टम
स्टेडियम के गेट दोपहर 3:30 बजे खोल दिए जाएंगे। दर्शकों को अपने टिकट पर दिए गए गेट नंबर के अनुसार ही प्रवेश करना होगा। गेट से जुड़ी सभी जानकारी टिकट पर उपलब्ध रहेगी। मैच के दौरान दोबारा एंट्री (Re-entry) की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 2 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए अलग टिकट अनिवार्य रहेगा। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार टिकट ही खरीदे जा सकेंगे। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे मैच के दिन समय से पहले स्टेडियम पहुंचें और QR कोड एक्टिव होने के बाद ही एंट्री के लिए तैयार रहें।
रायपुर में होने वाले इन मुकाबलों को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और शहर पूरी तरह से क्रिकेट के रंग में रंग चुका है।
मोर गांव–मोर पानी महाअभियान से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी बना जल संरक्षण का मॉडल जिला
रायपुर। राज्य शासन के “मोर गांव – मोर पानी” महाअभियान अंतर्गत मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं।

जिले में बनीं 17 सौ से अधिक आजीविका डबरी
“जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

पीएम आवासों में बने 2541 सोखता गड्ढे, 87 तलाबों का नवीनीकरण
वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढे का निर्माण कराया गया। इसके अलावा श्रमदान एवं जनसहभागिता से 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत किया गया। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में रैली, कलश यात्रा, शपथ एवं दीपदान जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
जल स्तर में 2.19 मीटर की हुई वृद्धि
जलदूत ऐप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में जल स्तर में 1.81 मीटर तथा पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े अभियान की प्रभावशीलता और जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
जिले के तीन विकासखण्ड अब सेफ कैटेगरी में
अभियान के सकारात्मक परिणामों के फलस्वरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 23 सितम्बर 2025 के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पूर्व में सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में शामिल थे, अब “सेफ ब्लॉक” की श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।
विकास और जन-सेवा का बड़ा अभियान: 7 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।
प्रमुख उद्देश्य एवं समाधान
इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना।
विकास के तीन मुख्य स्तंभ
रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके।
तकनीक और सहभागिता से सुशासन
अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्टेट कैपिटल रीजन: छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा, राजधानी क्षेत्र बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र, महानगरों की तर्ज पर होगा तेज विकास
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित समेकित विकास
स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो।
मुख्यमंत्री की पहल से विकास को मिली नई गति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके।
2031 तक 50 लाख आबादी के लिए व्यापक तैयारी
अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण करेगा समन्वित संचालन
स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।
कानूनी आधार से विकास को मिली मजबूती
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है।
वित्तीय संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था
राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है।
पहली बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय एवं वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति तथा प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।
बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई।
समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल
राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।
स्टेट कैपिटल रीजन की पहल छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। योजनाबद्ध शहरीकरण, आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।