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प्राचार्य पदोन्नति: सिंगल बेंच में अब सोमवार को होगी सुनवाई
रायपुर। उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ सिंगल बेंच में जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल के कोर्ट में प्राचार्य पदोन्नति के संबंध में लगातार 28 जुलाई से आज चौथे दिन की सुनवाई हुई, याचिकाकर्ता की ओर से 28 व 29 जुलाई को पक्ष रखा गया वहीं शासकीय पक्ष से 30 व 31 जुलाई को पक्ष रखा गया, इंटर विन द्वारा भी पक्ष रखा गया।
आज चौथे दिवस 2813 पदोन्नति प्राप्त प्राचार्य एवं विभागीय नियम की चर्चा शासन पक्ष की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने रखा, उन्होंने याचिकाकर्ता के लिए बताया कि प्रधान पाठक मिडिल स्कूल के सेवा को 5 वर्ष के अनुभव हेतु पात्रता के लिए रखा है, प्रधान पाठक पद से व्याख्याता कोटे में सीनियरिटी देने का नियम नही है, डबल बैंच में यही डायरेक्शन है, इसी डायरेक्शन के आधार पर सूची बनाया गया, सेपरेट वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर दावा आपत्ति लिया गया था, याचिकाकर्ता ने पूरी लिस्ट रोक रखा है जबकि एल ही संवर्ग के व्याख्याता व प्रधान पाठक मिडिल स्कूल में इनका दावा नही हो सकता, व्याख्याता से रिटायर हुए है किंतु यहाँ भी जनियर है, जिसके कारण पदोन्नति नही होगी।
इन्टरविंनर अनूप मजूमदार ने कहा कि उनकी 5 वर्ष की सेवा व्याख्याता पर भी पूर्ण होता है, जहां पात्रता का प्रश्न भी अनावश्यक है, प्रधान पाठक से वरिष्ठता व्याख्याता पद में विधिसम्मत नही है, डबल बैंच के डायरेक्शन का पालन किया गया है। आगे इंटरविनर अधिवक्ता अनूप मजूमदार सहित अन्य हस्तक्षेपक के द्वारा रखा जा सकता है।
ज्ञात हो 2813 प्राचार्य की पदोन्नति सूची शिक्षा विभाग के द्वारा 30 अप्रैल 2025 को जारी किया गया है और यह पदोन्नत प्राचार्य लगातार अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं, शिक्षा सत्र का एक माह बीतने जा रहा है ऐसे में प्रदेश के शालाओं में संकुल प्रमुख व प्राचार्य की आवश्यकता महसूस की जा रही है याचिकाकर्ता नारायण प्रकाश तिवारी अब रिटायर हो चुके हैं उनकी ओर से सभी बातों व तथ्य को रखा जा चुका है, आज शासकीय पक्ष एवं एंटरविनर की ओर से दलील व तथ्य रखा गया, याचिकाकर्ता ने आवश्यक कार्य की बात पर सोमवार को सुनवाई हेतु प्रे किया, इस आधार पर अगली बहस सोमवार को होगी।
कोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता ने सुनवाई में कोर्ट को बताया है कि नियम सहित अभी के आपत्ति के सभी विषय पर माननीय डबल बैंच में इस प्रकृति के सभी केश को निराकृत करते हुए स्टे हटा दिया गया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि ट्रायबल विभाग में कोई विवाद व हस्तक्षेप नही है अतः ट्रायबल विभाग के पदोन्नत प्राचार्य को शीघ्र पदस्थापना दिया जावे। उन्होंने कहा कि अब जब लगातार सुनवाई जारी है तो शिक्षा विभाग के पदोन्नत प्राचार्य, शिक्षक समूह व शिक्षा विभाग की नजर कोर्ट के निर्णय पर टिक गई है, नया शिक्षा सत्र आरंभ हुआ है, स्कूल में प्राचार्य के अधिसंख्य पद रिक्त है, शालाओ में शिक्षण सत्र की तैयारियों में प्राचार्य की शीघ्र पदोन्नति जरूरी है, ऐसे में प्राचार्य पदोन्नति पर बड़ा फैसला शीघ्र हो जाएगा।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान संजय शर्मा, मनोज सनाढ्य, मुकेश पांडेय, रामगोपाल साहू, राजेश शर्मा, चिंताराम कश्यप, चंद्रशेखर गुप्ता, तोषण गुप्ता, अनामिका तिवारी, मोहन तिवारी लगातार सक्रिय थे।
माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 पारित, छत्तीसगढ़ में व्यापार और वाणिज्य को मिलेगी नई गति
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत, कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कर मामलों का शीघ्र निराकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है ताकि कारोबार, कर भुगतान और क्रेडिट के उपयोग में पारदर्शिता आ सके। विशेष श्रेणी के लेन-देन (जैसे सेज, निर्यात, वेयरहाउस परिसंचरण) को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। साथ ही वित्त अधिनियम, 2025 के केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप कई तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव किए गए हैं।
माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर नियम में संशोधन किया गया है। अब आईजीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के अंतर्गत प्राप्त इनपूट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपनी शाखाओं में करने की अनुमति मिलेगी। इससे जीएसटी अधिनियम की विसंगतियां दूर होंगी और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।
विधेयक में ऐसे पेनाल्टी की राशि जिसमें टैक्स डिमांड शामिल नहीं है ऐसे प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपोजिट 25 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार वाउचर टैक्स निर्धारण को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पहले जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर कर निर्धारण के संबंध स्थिति स्पष्ट नही थी इस पर जीएसटी कब लगेगा इन्हें जारी करने के समय या इन्हें रिडीम करते समय इस संबंध में विभिन्न एंडवास रूलिंग अथारिटी मत भिन्नता थी। संशोधन विधेयक के अनुसार अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लगेगा।
तंबाकू आदि उत्पादों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिससे उनकी आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी हो सकेगी। ऐसे उत्पादों के सभी यूनिट पैकेट में एक क्यूआर कोड अंकित करना होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता, उत्पाद, एमआरपी, विक्रेता, बिल आदेश, भुगतान के सभी रिकार्ड आदि जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही निर्माता और होलसेलर को इन यूनिट पैकेट के मूव्हमेंट का रिकार्ड रखना होगा। ताकि जांच एजेंसियों को किसी भी समय ऐसी सूचनाएं उपलब्ध हो सके।
विशेष आर्थिक क्षेत्र को प्रोत्साहन के तहत इन विशेष क्षेत्रों के वेयर हाउस में रखे गए वस्तुओं के निर्यात किए जाने से पूर्व वस्तुओं के फिजिकल मूवमेंट के बिना क्रय विक्रय किए जाने पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव सेज में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देगा तथा ये क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ शब्दों के स्थान पर ‘प्लांट और मशीनरी‘ शब्दो को प्रतिस्थापित किया गया है। प्लांट शब्द में ‘भवन‘ सम्मिलित नहीं होगा एवं इस पर इनपुट क्रेडिट की पात्रता नहीं होगी। डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या किसी प्रकार का अन्य चिन्हांकन सहित ‘विशिष्ट पहचान चिह्नांकन’ का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024-25 में राज्य को 16,299 करोड़ रूपए जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38 प्रतिशत है। इस वर्ष 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई और छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की सीमा 50,000 रूपए से बढ़ाकर 1,00,000 रूपए कर दी गई है, जिससे 26 प्रतिशत छोटे व्यापारियों को कागजी कार्यवाही से राहत मिली है।
नई सरकार के गठन के बाद से 43,612 नए पंजीकरण किए गए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को 13 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 2 दिन में पूर्ण किया जा रहा है। पूर्व में केवल 15 जिलों में जीएसटी कार्यालय थे, अब राज्य के 33 जिलों में कार्यालय स्थापित कर दिये गये हैं। कर अपवंचन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया गया है।
सरगुजा में दंतैल हाथियों का आतंक, पिछले 15 घंटे में चार ग्रामीणों को कुचलकर उतारा मौत के घाट
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में दंतैल हाथी ने 15 घंटे के भीतर 4 लोगों की जान ले ली है। दंतैल के आतंक से सरगुजा का लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र थर्राया हुआ है। यहां रहने वाले ग्रामीण हाथी के आतंक से काफी दहशत में है। बताया जा रहा है कि हाथी की निगरानी में तैनात दल की लापरवाही से ग्रामीणों की जान चली गयी। हाथी के ग्राम चिरगा पहुंचने के बाद भी विभाग की तरफ से ग्रामीणों को अलर्ट नहीं किया। 4 ग्रामीणों की मौत होने के बाद आनन फानन में वन विभाग ने आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों को अलर्ट किया गया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ सहित अन्य कई जिले गजराज के आतंक से हर साल थर्राया रहता है। सरगुजा में एक बार फिर दंतैल ने ग्रामीणों को कुलचकर क्षेत्र में दहशत फैला दी है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत चिरगा के बेवरा में दंतैल हाथी ने पिछले 15 घंटे के भीरत 4 लोगों की जान ले ली। पहली घटना बुधवार की शाम लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिरगा अंतर्गत ग्राम बेवरा में घटित हुई। यहां रहने वाला राम कोरवा अपनी बेटी के साथ खेत से रोपा लगाकर वापस घर लौट रहा था। तभी दोनों का सामना हाथी से हो गया। हाथी को देखने के बाद ग्रामीण अपनी बेटी के साथ भागने लगा।
लेकिन हाथी ने दोनों को दौड़ाकर पटकने के बाद कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद ग्राम बकिला में हाथी ने सनमेत बाई नामक महिला को कुचलकर मार दिया। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति नेहरू कंवर के साथ घर में थी। उसी समय हाथी वहां पहुंच गया। हाथी से बचने के लिए दोनों भागने लगे। तभी हाथी ने दौड़ाकर महिला को कुचल दिया। पति ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। तीसरी घटना लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र से 65 किलोमीटर दूर सीतापुर वन परिक्षेत्र की है। जहां ग्राम देवगढ़ में ग्रामीण मोहर साय सैराम आज सुबह 6 बजे अपने खेत गया था।
खेत में उसका सामना 2 हाथियों से हो गया। मोहर साय मौके से भागने की कोशिश करता, इतने में एक हाथी ने उसे कुचल कर मार दिया। बताया जा रहा है कि लुण्ड्रा में आतंक मचा रहा हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर सरगुजा की सीमा में प्रवेश कर गया है। हाथी धौरपुर से होते हुए लुण्ड्रा, चेंद्रा, उदारी, असकला होते हुए चिरगा पहुंचा था। 4 ग्रामीणों की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डीएफओं के निर्देश पर दंतैल हाथी पर वन विभाग की टीम द्वारा नजर रखने के साथ ही आसपास के गांव में अलर्ट जारी किया गया है।
टेरर फंडिंग रोकने रायपुर में हुई अहम बैठक
रायपुर। नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी शामिल होगी. टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बड़ी बैठक में “प्लान ऑफ एक्शन टू नक्सल” पर चर्चा के दौरान इस संबंध में फैसला लिया गया.
बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आईजी, और डीआईजी शामिल थे. इस दौरान ED और NIA के अफसर से हाल में टेरर फंडिंग को लेकर हुए खुलासे पर चर्चा हुई. इसके साथ ED और NIA के ज्वाइंट ऑपरेशन पर जोर दिया गया. पूरी बैठक IB के स्पेशल डायरेक्टर ऋत्विक रूद्र ने ली.
वित्तीय लेन-देने रोकने का काम करेगी ED
इस संबंध में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ED का काम अगर ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन है, तो उसे रोकना है. ये IB की भी सूचना हो सकती है कि लेनदेन की जानकारी निकाल लें. विभिन्न एजेंसियां ये काम करती हैं. ये दिखता है कि मामला ईडी को दिए जाने लायक है तो दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे नक्सलियों का अर्बन, लीगल, फाइनेंसियल या रूरल बेस हो, सब पर एजेंसियां काम कर रही हैं.
उच्च न्यायालय का अहम फैसला… वेतन निर्धारण शाखा की गलती से मिले अधिक वेतन की नहीं हो सकती वसूली
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शासकीय कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है, कि यदि किसी कर्मचारी को वेतन निर्धारण शाखा की गलती के कारण अधिक वेतन प्राप्त हुआ है, तो उस कर्मचारी से राशि की वसूली नहीं की जा सकती. इसके साथ ही कोर्ट ने दुर्ग जिले के बघेरा एसटीएफ में पदस्थ आरक्षक दिव्य कुमार साहू व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया है. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच में हुई.
दरअसल, आरक्षक दिव्य कुमार साहू और अन्य कर्मचारियों के वेतन में त्रुटिपूर्ण निर्धारण के चलते उन्हें अधिक भुगतान किया गया था. इसकी जानकारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक बघेरा द्वारा एक आदेश जारी किया गया, और उनके वेतन से उक्त राशि की वसूली शुरू कर दी गई. इस आदेश को चुनौती देते हुए आरक्षकों ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और स्वाती कुमारी के माध्यम से हाई कोर्ट बिलासपुर में रिट याचिका लगाई थी. मामले में हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने पहले ही वसूली आदेश को निरस्त कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की थी.
हाईकोर्ट की डीबी में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के स्टेट आफ पंजाब बनाम रफीक मसीह (2015) के ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है, कि यदि विभागीय गलती के कारण किसी तृतीय श्रेणी कर्मचारी को अधिक वेतन प्राप्त हुआ हो, तो उससे कोई वसूली नहीं की जा सकती. डिवीजन बेंच ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी.
कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि यदि इन कर्मचारियों के वेतन से कोई भी राशि पूर्व में वसूली गई है, तो उसे 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित तत्काल वापस लौटाया जाए. कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि अधिक वेतन विभागीय त्रुटि से प्राप्त हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी कर्मचारी की नहीं मानी जा सकती. सरकारी कर्मचारियों को बिना गलती के आर्थिक दंड देना संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है.
मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल, मनोरा कॉलेज भवन निर्माण के लिए 4.61 करोड़ रूपये की स्वीकृति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।
रंगाई-पुताई घोटाले में बड़ा एक्शन, एसडीओ और प्रभारी एसडीओ सस्पेंड
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) में हुए रंगाई-पुताई और भवन मरम्मत घोटाले में लिप्त पाए जाने पर एसडीओ शिखा पटेल और सब इंजीनियर अरविंद कुमार देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई उस वक्त शुरू हुई जब सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने इस मामले को विधानसभा में गंभीरता से उठाया। विधायक की मांग पर सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग परिक्षेत्र रायपुर द्वारा गठित जांच समिति ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शासकीय हाई स्कूल भवन सरायपाली और शासकीय हाई स्कूल भवन मंदिर में जो मरम्मत, प्लास्टर और पुट्टी कार्य दिखाया गया था, वह वास्तविक रूप से हुआ ही नहीं। इसके अलावा ब्लॉक कॉलोनी के एच टाइप क्वार्टरों में पुताई कार्य नहीं पाया गया और एसडीओ एग्रीकल्चर क्वार्टर भवन में भी कार्य नहीं हुआ था, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में इन सभी कार्यों को पूर्ण दिखाया गया था और राशि का भुगतान कर दिया गया था।
जांच समिति की रिपोर्ट को प्रमाण मानते हुए विभाग ने दोनों अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। शासन का कहना है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग और कागजों पर कार्य दिखाकर भुगतान किए जाने जैसे गंभीर कृत्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक चातुरी नंद ने क्या कहा?
विधायक चातुरी नंद ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरायपाली में विभागीय मिलीभगत से बड़े पैमाने पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा था। “मैंने विधानसभा में ये मुद्दा उठाया और आज जनता को न्याय मिला है,” उन्होंने कहा। शासन के सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आगे और भी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। यदि और लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें, 4 पैसेंजर ट्रेन 9 दिनों तक रहेगी रद्द
रायपुर। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के नाम पर रेलवे ने 4 पैसेंजर ट्रेनों को फिर रद्द कर दिया है। पूर्व तटीय रेलवे के संबलपुर स्टेशन में यार्ड रिमॉडलिंग का काम चलेगा, जिससे 6 से 15 अगस्त तक 4 ट्रेन कैंसिल रहेगी। रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर्व पर ट्रेनों को रद्द करने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाएगी।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है। पूर्व तटीय रेलवे में संबलपुर मंडल के संबलपुर स्टेशन का यार्ड रिमॉडलिंग के लिए नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली कुछ गाड़ियां प्रभावित रहेंगी।
ये गाड़ियां रहेंगी रद्द
- 6 अगस्त से 14 अगस्त तक बिलासपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 58214 बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर रद्द रहेगी।
- 7 अगस्त से 15 अगस्त तक टिटिलागढ़ से चलने वाली गाड़ी संख्या 58213 टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
- 6 अगस्त से 14 अगस्त तक टिटिलागढ़ से चलने वाली गाड़ी संख्या 58217 टिटलागढ़-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
- 7 अगस्त से 15 अगस्त तक रायपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 58218 रायपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर रद्द रहेगी।
अगस्त में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, जाने कब-कब रहेगी छुट्टी
रायपुर। अगस्त महीने में 10 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं. रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, कृष्ण जन्माष्टमी और हरतालिका तीज जैसे बड़े त्योहारों के चलते छत्तीसगढ़ में कुल 10 दिन बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा हर रविवार और महीने के दो शनिवार को भी बैंकिंग सेवाएं बंद रहेगी. आम लोगों से लेकर व्यापारियों सभी के लिए जरूरी है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग काम समय रहते निपटा लें, ताकि छुट्टियों में किसी तरह की असुविधा न हो.
छत्तीसगढ़ में अगस्त में कुल 10 दिन बैंकों में अवकाश रहेगा. ये छुट्टियां त्योहारों, सप्ताहांत और राष्ट्रीय अवकाशों के कारण रहेंगी. इस दौरान बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, जिससे नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और अन्य ऑफलाइन बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ेगा. हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप्स और ATM जैसी सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी.
छत्तीसगढ़ में इन तारीखों को बंद रहेंगे बैंक
- 3 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 9 अगस्त शनिवार रक्षाबंधन (राज्य अवकाश)
- 10 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 15 अगस्त शुक्रवार स्वतंत्रता दिवस
- 16 अगस्त शनिवार कृष्ण जन्माष्टमी (राज्य अवकाश)
- 17 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 23 अगस्त शनिवार चौथा शनिवार
- 24 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
- 26 अगस्त मंगलवार हरतालिका तीज (राज्य अवकाश)
- 31 अगस्त रविवार साप्ताहिक अवकाश
मोक्षित कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर करीब 12 घंटे चली ED की कार्रवाई
दुर्ग। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में हुए 650 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दुर्ग में बड़ी कार्रवाई बुधवार को देर शाम समाप्त हो गई। यह छापेमारी मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा के गंजपारा स्थित ऑफिस और निवास पर की गई थी, जो सुबह 8 बजे शुरू होकर करीब 12 घंटे तक चली। इस कार्रवाई में ईडी ने कई अहम दस्तावेज, रिकॉर्ड और मोबाइल जब्त किये हैं।
ED की टीम अपने साथ ले गई दस्तावेज और रिकॉर्ड
छापेमार कार्रवाई करने करीब 20 ईडी अधिकारी 7 गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे थे। छापे के दौरान CRPF का महिला बल भी तैनात था। जांच के दौरान अधिकारियों ने सिद्धार्थ चोपड़ा का मोबाइल फोन, सीजीएमएससी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोक्षित कॉर्पोरेशन के पिछले 10 वर्षों के ऑडिट रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए हैं। साथ ही कुछ फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही ईडी की टीम शशांक चोपड़ा के भाई सिद्धार्थ चोपड़ा और शरद चोपड़ा के बैंक लॉकरों की भी जांच की।
ईडी अधिकारी रायपुर रवाना
करीब 12 घंटे तक चली छानबीन के बाद ईडी की टीम रात 8.30 बजे रायपुर के लिए रवाना हो गई। इस कार्रवाई से माना जा रहा है कि ED आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासा कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने महिला बॉक्सर सना माचू को दी शुभकामनाएँ, विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने की छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मुलाकात, रात्रिभोज पर हुई प्रदेश के विकास पर चर्चा
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर आयोजित रात्रि भोज के दौरान मुख्यमंत्री ने सांसदों के साथ राज्य और राष्ट्र के समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों को छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता से राज्य के हित और ज़मीनी ज़रूरतें राष्ट्रीय फलक पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत हो पाती हैं।
इस सौहार्दपूर्ण मुलाक़ात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक परिवर्तनों की चर्चा भी हुई। सांसदों ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति को लेकर फीडबैक साझा किया और राज्य के जमीनी अनुभवों से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण, युवाओं को मिल रहे नए अवसर, किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनकारी विकास कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में नीली अर्थव्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर से लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को संसद में देश में नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को लेकर उठाए गए विधायी व नीतिगत प्रयासों पर पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से अतारांकित प्रश्न के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी मांगी।
श्री अग्रवाल ने प्रश्न किया कि जब तक नीली अर्थव्यवस्था के लिए कोई विशेष कानून मौजूद नहीं है, तब तक समुद्री आर्थिक गतिविधियों से संबंधित पर्यावरणीय सुरक्षा, नियामक खामियों और विभागीय ओवरलैप्स से निपटने के लिए सरकार के पास कौन-सा तंत्र है? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इस दिशा में कोई ठोस विधायी ढांचा प्रस्तावित या तैयार किया गया है?
जवाब में, राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि नीली अर्थव्यवस्था के लिए एक समग्र विधायी दृष्टिकोण मंत्रालय द्वारा अपनाया गया है, जिसे फरवरी 2021 में सार्वजनिक डोमेन में रखा गया था और जुलाई 2022 में संशोधित किया गया। इस दिशा में भारत सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, सीआरजेड अधिसूचना 2019, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 जैसे कानूनों को लागू किया है।
इसके अलावा, मत्स्य पालन, शिपिंग, बंदरगाह सुरक्षा, जहाज पुनर्चक्रण, इनलैंड वेसल्स, तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कन्वेंशन के तहत भी कई अधिनियम वर्तमान में प्रभावी हैं, जैसे:
- मरीन फिशिंग रेगुलेशन एक्ट्स (राज्य विशेष),
- नेशनल पॉलिसी ऑन मरीन फिशरीज 2017,
- मर्चेंट शिपिंग एक्ट 1958,
- मेजर पोर्ट अथॉरिटी एक्ट 2021,
- मैरिटाइम जोन्स एक्ट 1976,
- रीसाइक्लिंग ऑफ शिप्स एक्ट 2019,
- इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021।
डॉ. सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा तैयार किया गया नीली अर्थव्यवस्था नीति मसौदा देश के समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग, तटीय समुदायों के जीवन में सुधार, समुद्री जैव विविधता के संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
इस नीति का उद्देश्य भारत की जीडीपी में नीली अर्थव्यवस्था का योगदान बढ़ाना और समुद्र आधारित संसाधनों से आर्थिक विकास को गति देना है। यह नीति मसौदा 'विजन न्यू इंडिया 2030' के अनुरूप तैयार किया गया है और इसमें ब्लू इकोनॉमी अकाउंटिंग फ्रेमवर्क, ओशन गवर्नेंस, समुद्री पर्यटन, मछली पालन, और प्रसंस्करण इकाइयों को भी शामिल किया गया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत जैसे समुद्र तटीय देश के लिए नीली अर्थव्यवस्था भविष्य की जरूरतों की पूर्ति और आर्थिक मजबूती का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस नीति को विधायी रूप में ठोस स्वरूप देकर शीघ्र लागू किया जाए, ताकि भारत वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सके।
कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने व अन्य विकास कार्यों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर-दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने सहित सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए राजधानी रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बुधवार को मुलाकात कर विकास कार्यों को पूर्ण करने का आग्रह किया। सांसद श्री अग्रवाल के अनुसार कुम्हारी टोल प्लाजा की समय सीमा समाप्त हो चुकी है इसके बावजूद यह पिछले 10 से 12 वर्षों से संचालित है। अवधि पूर्ण हो जाने के बाद भी यह टोल प्लाजा अवैध रूप से संचालित हो रहा है। जिससे स्थानीय जनता को भारी असुविधा और जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, इस कारण क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लिहाजा मैंने श्री गडकरी से मुलाकात के दौरान टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने का आग्रह किया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर शहर की यातायात की समस्या और परिवहन के बुनियादी ढांचे की समस्याओं के समाधान के लिए माननीय गडकरी जी के सामने कुछ और आग्रह प्रस्ताव रखा, जिसमें
1. रिंग रोड नं. 01 (एनएच-53) के सर्विस रोड को 5 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर करना।
2. रायपुर रेलवे स्टेशन से नेशनल हाइवे 30 के जंक्शन तक बने एक्सप्रेस हाईवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपना, रायपुर शहर में तीन फ्लाईओवर का निर्माण करने के साथ तेलीबांधा से जोरा तक चौथे फ्लाईओवर का भी निर्माण शुरू करना।
3. एक्सप्रेस हाईवे पर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (शदाणी दरबार) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।
4. भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस वे में रायपुर विशाखापट्टनम छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमा तक 4 से 6 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य हेतु की गई भू अर्जन मुआवजा प्रकरण का जल्द से जल्द निराकरण करना, साथ ही इसमें व्याप्त भ्र्ष्टाचार की जाँच करना।
5. राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (कमल विहार चौक) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद से रायपुर को राजधानी की तर्ज पर विकसित करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। बढ़ती जनसंख्या और यातायात समस्याओं के चलते रायपुर में रोजाना तेलीबांधा रिंग रोड चौक जैसे स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। रिंग रोड के बाहर बन चुकी बड़ी कॉलोनियां, बाजार और व्यावसायिक परिसरों के कारण शहर की यातायात समस्या गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि विशाखापट्टनम और उड़ीसा की ओर जाने वाले मालवाहक और यात्री वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे का निर्माण शहर के बाहर प्रवेश और निकासी की सुविधाएं प्रदान करेगा। इससे न केवल जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को राहत भी मिलेगी। श्री अग्रवाल ने नितिन गडकरी से आग्रह किया कि रायपुर को एक आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए इन मांगों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।


प्रधान पाठक की याचिका पर क्रमोन्नति वेतनमान वसूली पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
बिलासपुर। शासकीय प्राथमिक शाला गिरधारीकापा, पंडरिया में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ संजय कुमार चंद्रवंशी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने क्रमोन्नति वेतनमान की वसूली पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या है मामला?
संजय कुमार चंद्रवंशी की पहली नियुक्ति वर्ष 1998 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर हुई थी। वर्ष 2018 में उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया और 2022 में वे प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नत हुए।राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 10 मार्च 2017 को जारी आदेश के अनुसार, सहायक शिक्षकों को पहली क्रमोन्नति 10 वर्षों के बाद और दूसरी 20 वर्षों के बाद दी जाती है। चंद्रवंशी को 10 वर्षों की सेवा के बाद भी क्रमोन्नति वेतनमान नहीं मिला, जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
जनवरी 2021 में कोर्ट ने उनके पक्ष में आदेश पारित किया और जनपद पंचायत पंडरिया ने 8 अक्टूबर 2020 को उन्हें क्रमोन्नति वेतनमान स्वीकृत किया। इसके तहत उन्हें जनवरी 2021 से अप्रैल 2025 तक नियमित रूप से उच्च वेतनमान प्राप्त होता रहा।
अचानक आया वसूली आदेश
हालांकि, 14 मई 2025 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पंडरिया ने आदेश जारी कर मई 2025 से न्यूनतम वेतन निर्धारण करते हुए वेतन अंतर की वसूली करने के निर्देश दिए। इस आदेश के खिलाफ संजय चंद्रवंशी ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाईकोर्ट में फिर से याचिका दाखिल की।
कोर्ट ने क्या कहा?
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि जनवरी 2021 से लगातार वेतनमान दिया गया, और अब बिना किसी पूर्व सूचना या वैध प्रक्रिया के वेतन कटौती और वसूली की कार्रवाई पूरी तरह कानून विरुद्ध है। इस पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने वेतन वसूली आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही जिला पंचायत कबीरधाम और जनपद पंचायत पंडरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी एवं सीईओ राजेश सिंह राणा ने क्रेडा में ली मासिक समीक्षा बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (क्रेडा) के सभाकक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में क्रेडा अध्यक्ष एवं सीईओ ने क्रेडा द्वारा क्रियान्वित की जा रही शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय सीमा में कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। क्रेडा की योजनाएं सीधे तौर पर ग्रामीणों के विकास से संबंधित योजनाएं हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीणों को कृषि हेतु सोलर पम्प के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराना, सोलर ड्यूल पम्प के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा सोलर हाई मास्ट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उपरोक्त योजनाओं के प्रभावी व ससमय क्रियान्वयन हेतु क्रेडा अध्यक्ष एवं सी.ई.ओ. द्वारा प्रति माह अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर पूर्व माह से वर्तमान माह में आयी प्रगति का आंकलन करते हैं। साथ ही मैदानी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों के निराकरण हेतु आवश्यक मार्गदर्शन अधिकारियों को देते हुए शासन स्तर पर समन्वय के आवश्यक प्रयास क्रेडा के मुखिया द्वारा किया जा रहा है।
बैठक में क्रेडा के समस्त जिला एवं जोनल कार्यालयों के अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यभर में क्रेडा द्वारा संचालित योजनाओं विशेषतः जल जीवन मिशन, सौर सुजला योजना, सोलर हाई मास्ट, सोलर पावर प्लांट तथा अन्य सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की प्रभावशीलता एवं निरंतरता सुनिश्चित करना एवं नवाचार के माध्यम से अधिक से अधिक सौर संयंत्रो की स्थापना सुनिश्चित करने का था।
सौर सुजला योजना फेस-9 हेतु निर्धारित लक्ष्य को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने हेतु गहन मंथन बैठक में सौर सुजला योजना अंतर्गत जिलावार निर्धारित किये गये लक्ष्य की शीघ्रातिशीघ्र पूर्ति हेतु प्रत्येक जिले के अधिकारी से पृथक-पृथक चर्चाकर संयंत्र स्थापना में आ रही समस्याओं की जानकारी प्राप्त करते हुए समस्या को दूर करने हेतु प्रधान कार्यालय स्तर से संयंत्र स्थापनाकर्ता इकाईयों आवश्यक निर्देश जारी करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शेष लक्ष्य को समय सीमा में पूर्ण करने के विशेष निर्देश जारी किये।
जल जीवन मिशन कार्यशीलता की समीक्षा और ठोस निर्देश
जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सोलर संयंत्रों की ग्राउंड रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। संयंत्रों की वास्तविक स्थिति, कार्यशीलता प्रतिशत, वारंटी की स्थिति, मरम्मत संबंधी प्रक्रियाओं एवं सामग्रियों की उपलब्धता पर बिंदुवार चर्चा की। अधिकारियों से कहा कि “जनता को निर्बाध पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संयंत्रों की कार्यशीलता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’
निर्देश दिए कि वारंटी अवधि में यदि स्थापना एजेंसी मरम्मत नहीं करती है तो सुरक्षा निधि से तुरंत मरम्मत कराई जाए। वारंटी के बाहर संयंत्रों की मरम्मत के लिए जिला प्रशासन से समन्वय कर आवश्यक फंडिंग सुनिश्चित की जाए।
सोलर पावर प्लांट स्थापना के संबंध में निर्देश
योजनांतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। साथ ही शासन के विभिन्न विभागों एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर उनकी मांग अनुसार संयंत्रों की स्थापना हेतु आवश्यक सर्वेक्षण उपरांत प्रस्ताव तैयार करते हुए हितग्राही संस्था से बजट की स्वीकृति हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिये गये।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशील सेवा की दिशा में मजबूत कदम –
क्रेडा सी.ई.ओ. श्री राणा ने कहा कि “क्रेडा न केवल संयंत्र स्थापित करने वाली संस्था है, बल्कि यह जिम्मेदारी से संचालन और रखरखाव के लिए भी प्रतिबद्ध है। हमारी सोच केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, सेवा की निरंतरता और जनविश्वास की स्थापना है।”
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ने न केवल राज्य में संचालित योजनाओं की मौजूदा स्थिति को उजागर किया, बल्कि प्रशासन की तत्परता और सजगता को भी दर्शाया। क्रेडा प्रदेश को ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में लगातार आगे ले जा रहा है, जहाँ हर गांव, हर घर तक साफ, सुलभ और सतत ऊर्जा पहुँचाना लक्ष्य है।
नवाचार के क्षेत्र में कार्य हेतु अधिकारियों को निर्देश –
क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी द्वारा अधिकारियों को अवगत कराया कि नवा रायपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने हेतु क्रेडा द्वारा विशेष प्रयास किये गये थे, जिसके तहत् अटल नगर नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अपनी सहमति जारी की गई है। साथ ही राज्य के स्वास्थ्य केन्द्रों, आदिवासी आश्रम-छात्रावासों इत्यादि भवनों को सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन एवं केन्द्र शासन को प्रेषित किया गया है, इस हेतु क्रेडा अध्यक्ष एवं सी.ई.ओ. द्वारा भारत सरकार स्तर पर भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। अध्यक्ष महोदय द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि इसी तर्ज पर सभी अधिकारी अपने स्तर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना हेतु विशेष प्रयास करें।
रायपुर में खुलेगा APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय, किसानों, उद्यमियों और निर्यातकों को अब मिलेगा वैश्विक बाजार का सीधा लाभ
रायपुर। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।
इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधा
राज्य में APEDA कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।
छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान
APEDA कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।
किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धि
निर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहन
APEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।
विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगा
APEDA द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।








