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सरकार का विकास सड़क से ही दिखता है, बारिश के पहले कोई भी रोड ऐसी न हो जिससे लोगों को दिक्कत हो: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।” इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें।
बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
10वीं-12वीं मेरिट स्टूडेंट्स के लिए खास तोहफा: 10 मई को शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में दिखाया जाएगा IPL मैच
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को एक खास तोहफा दिया है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाले छात्र-छात्राओं को 10 मई को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जाने वाला IPL मैच निःशुल्क दिखाया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रदेशभर के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मेरिट छात्रों को एक शिक्षक की देखरेख में 10 मई की सुबह 10 बजे तक SCERT रायपुर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। SCERT से सभी विद्यार्थियों को एक साथ स्टेडियम ले जाने की व्यवस्था की जाएगी।
देखें आदेश

टिकट विंडो खुली, सस्ती सीटें पलक झपकते बिकीं
10 मई के RCB vs MI मैच के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू होते ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सबसे सस्ती ₹2500 की टिकट विंडो खुलते ही महज कुछ मिनटों में पूरी तरह सोल्ड आउट हो गई। फिलहाल ₹3300 से लेकर ₹8000 तक की टिकटें उपलब्ध हैं। टिकट बुकिंग के लिए दर्शक https://shop.royalchallengers.com/ticket वेबसाइट पर जाकर अपनी सीट बुक कर सकते हैं। इस बार सभी टिकटें केवल ऑनलाइन माध्यम से ही बेची जा रही हैं, काउंटर पर कोई बिक्री नहीं होगी।
13 मई को RCB vs KKR, टिकट 4 मई से
रायपुर में 10 मई के बाद 13 मई को एक और बड़ा मुकाबला होगा। इस दिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच मैच खेला जाएगा। इस मैच की टिकट बिक्री 4 मई से शुरू होगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक और मौका होगा कि वे रायपुर में ही दो बड़े IPL मुकाबलों का लुत्फ उठा सकें।
8 मई को रायपुर पहुंचेगी RCB टीम
जानकारी के अनुसार RCB की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां करीब 6 दिन तक रुकेगी। इस दौरान टीम स्टेडियम में अभ्यास भी करेगी। मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद रायपुर पहुंच सकती है।
डिजिटल M-टिकट और QR कोड से होगी एंट्री
इस बार मैच के लिए डिजिटल M-टिकट जारी किए जाएंगे। दर्शकों को फिजिकल टिकट लेने की कोई जरूरत नहीं होगी। स्टेडियम में प्रवेश के लिए QR कोड की व्यवस्था की गई है, जो मैच वाले दिन गेट खुलने से कुछ समय पहले ही एक्टिव होगा। इससे पहले QR कोड एक्सेस नहीं किया जा सकेगा। आयोजकों का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था फर्जी एंट्री और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए लागू की गई है।
टिकट ट्रांसफर: सिर्फ एक बार, सख्त नियम
हर M-टिकट को केवल एक बार ही किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सकेगा। ट्रांसफर के दौरान रिसीवर का मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और कंफर्म होते ही पुराने यूजर की एक्सेस स्वतः समाप्त हो जाएगी। नया यूजर वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन कर टिकट एक्सेस कर सकेगा।
गेट, एंट्री और जरूरी नियम
स्टेडियम के गेट दोपहर 3:30 बजे खुलेंगे। दर्शकों को अपने टिकट में दर्ज गेट नंबर के अनुसार ही प्रवेश करना होगा। Re-entry की अनुमति नहीं होगी। 2 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए अलग टिकट अनिवार्य है। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम 4 टिकट ही बुक की जा सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने दर्शकों से अपील की है कि वे केवल जरूरी सामान लेकर पहुंचें और सुरक्षा जांच में पूरा सहयोग करें।
निर्माणाधीन नालंदा परिसर का मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण: गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर जिला मुख्यालय में 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, क्योंकि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने परिसर में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री, कार्य की प्रगति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नालंदा परिसर में आधुनिक ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, समृद्ध अध्ययन सामग्री एवं पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे युवाओं को एक समग्र और अनुकूल अध्ययन वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाते हुए परिसर को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि जिले के विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान परिसर में प्रस्तावित अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और कहा कि नालंदा परिसर राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत युवाओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अवसर का एक सशक्त केंद्र बनेगा तथा उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान 'ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान' (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु सखियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन करते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और प्रशिक्षणार्थियों से ‘जय बिहान’ कहकर आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रूप से पशुपालन का प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे गांव में पशुओं का सर्वे कर पशु चिकित्सकों को सहयोग प्रदान करती हैं तथा ग्रामीणों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य को और अधिक दक्षता के साथ करने में सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान न केवल प्रशिक्षण के केंद्र हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में कुल 510 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
जब मुख्यमंत्री उतरे मैदान में: सुशासन तिहार में बच्चों संग खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी।
बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके।
मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।
सरगुजा जिले के ग्राम सिलमा में अचानक उतरा मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर, खाट में बैठकर ग्रामीणों से किया संवाद: सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश
रायपुर। प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए।

जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है।
जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, महापौर मंजूषा भगत, कलेक्टर अजीत वसंत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
शराब घोटाला मामला : ED ने रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में 13 ठिकानों पर एक साथ की छापेमारी, 5.39 करोड़ नगद और 3 किलो से अधिक सोना जब्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस टीम ने बीते 30 अप्रैल 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत राज्य के रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जिलों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कुल 13 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
ईडी की टीम ने जिन ठिकानों पर कार्रवाई की, वे शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़े थे। इन पर शराब घोटाले से अर्जित अवैध धनराशि (Proceeds of Crime) को प्राप्त करने, संभालने, छिपाने या खपाने का संदेह है।
5.39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
छापेमारी के दौरान ईडी ने 53 लाख रुपये नगद और करीब 3.234 किलोग्राम सोना एवं बुलियन जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये बताई गई है। कुल मिलाकर लगभग 5.39 करोड़ रुपये की नगदी और कीमती सामान जब्त किया गया है। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और डेटा भी बरामद किए गए हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है।
2019 से 2022 के बीच चला संगठित नेटवर्क
ईडी ने बताया कि वह आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रायपुर द्वारा दर्ज मूल एफआईआर के आधार पर PMLA, 2002 के तहत छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही है। जांच में एक सुनियोजित और संगठित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब डिस्टिलर, FL-10A लाइसेंसधारी और उनके सहयोगी शामिल थे। यह नेटवर्क वर्ष 2019 से 2022 के दौरान छत्तीसगढ़ में शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री के बदले अवैध कमीशन वसूलने में सक्रिय था। EOW/ACB द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, इस घोटाले से अब तक लगभग 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई होने का अनुमान लगाया गया है।
अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान ED अब तक मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, तत्कालीन CSMCL के प्रबंध निदेशक (MD), तत्कालीन आबकारी आयुक्त, पूर्व आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है, जिसमें शराब निर्माता, नगदी का लेन-देन संभालने वाले, हवाला नेटवर्क के जरिए धन पहुंचाने वाले, FL-10A लाइसेंसधारी और राजनीतिक सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
380 करोड़ की संपत्तियां अटैच
जांच एजेंसी ने अब तक PMLA के तहत छह प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAOs) जारी किए हैं, जिनके माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी लगभग 380 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्तियां अटैच की गई हैं। अटैच की गई संपत्तियों में रिहायशी और व्यावसायिक अचल संपत्तियां, बैंक बैलेंस, वाहन, जेवरात और शेयर शामिल हैं। ये संपत्तियां विभिन्न आरोपियों और उनकी बेनामी संस्थाओं से संबंधित बताई गई हैं। नई दिल्ली स्थित PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने कई मामलों में इन अटैचमेंट आदेशों की पुष्टि भी की है।
ईडी ने इस मामले में अब तक 81 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ छह अभियोजन शिकायतें भी विशेष अदालत में दाखिल की हैं। मामले की सुनवाई फिलहाल विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जारी है।
जांच अभी जारी
ईडी का कहना है कि हालिया छापेमारी में कई नए सबूत मिले हैं और जांच के आधार पर आगे भी अटैचमेंट, अभियोजन और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया… मुख्यमंत्री का दिखा आत्मीय अंदाज, नन्हीं मानविका के सपनों को मिला नया हौसला
रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।

सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है। मुख्यमंत्री श्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - "मुझे डॉक्टर बनना है", तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।
मानविका की माता दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है।
यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।
सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री पहुंचे चंदागढ़ : बरगद की छांव में सजी जनचौपाल
रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने “लखपति दीदी” सुमिला कोरवा और पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले।
इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री साय पहुंचे ‘लखपति दीदी’ सुमिला की किराना दुकान : लौंग-इलायची से हुआ आत्मीय स्वागत
रायपुर। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री श्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि “यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।” उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है।
सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।
सुमिला ने आगे बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि “आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।”
मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने पीएम आवास निर्माण का किया औचक निरीक्षण, श्रमदान कर जीता ग्रामीणों का दिल
रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम भैंसामुड़ा में देखने को मिला, जिसने ग्रामीणों के मन में गहरी छाप छोड़ी।
विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण किया। गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है।
इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे। यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया।
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री श्री मोहन चक्रेश से भी चर्चा की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल केवल एक औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गई। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।
इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक गोमती साय और अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर रोहित व्यास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
बोरे-बासी दिवस पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, गजेंद्र यादव का भूपेश पर हमला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बोरे बासी दिवस को लेकर सियासत तेज हो गई है। 1 मई को श्रमिक दिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाकर बोरे बासी दिवस मनाया था, जिसको लेकर अब स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उनपर हमला बोला है। उन्होंने इसे प्रोपेगेंडा बताया है।
मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाने पर क्या सवाल उठाए ?
दरअसल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रवाना होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला। दुर्ग में भूपेश बघेल की ओर से मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाकर भूपेश बघेल ने प्रोपेगेंडा किया। पिंडदान और पितृ भोज में मिट्टी के बर्तन का उपयोग किया जाता है। भूपेश बघेल क्या कांग्रेस पार्टी का पिंडदान करने गए थे। आगे कहा कि कांग्रेस त्योहार मनाकर क्या साबित करना चाहती है। क्या छत्तीसगढ़ के लोग बासी ही खाएं ?
5 राज्यों के परिणाम को लेकर क्या कहा ?
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बंगाल समेत 5 राज्यों के परिणाम को लेकर कहा कि रिजल्ट बहुत बेहतरीन होगा और बंगाल में सुनामी के रूप में भाजपा की सरकार आएगी। वहीं उन्होंने आगे कहा कि पांच राज्यों में से तीन राज्यों में स्पष्ट भाजपा की सरकार बनेगी।
मेधावी छात्रों को क्या सौगात दी ?
इसी के साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मेधावी छात्रों को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि मेरिट लिस्ट में आने वाले 10वीं और 12वीं के बच्चों को सरकार एक साथ 1 लाख 50 हजार रुपए देगी, जिससे बच्चों को पढ़ाई में सुविधा होगी।
बच्चों को हेलीकॉप्टर यात्रा के सवाल क्या बोले ?
वहीं मंत्री गजेंद्र यादव ने बच्चों को हेलीकॉप्टर यात्रा के सवाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को 1 लाख 50 हजार देंगे। हम किसी की नकल नहीं करते हैं। पिछले सरकार में बच्चे एक बार ही हेलीकॉप्टर यात्रा पर घूमते थे, लेकिन 1 लाख 50 हजार रुपए में बच्चे अपने पूरे परिवार के साथ पैकेज घूमकर आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय के प्रदेशव्यापी दौरे का आगाज, जनता से लेंगे योजनाओं का फीडबैक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 मई से सुशासन तिहार की शुरुआत हो चुकी है. आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए जन समस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रदेशव्यापी दौरे का आज से आगाज हो रहा है. अभियान में वह लोगों से रूबरू होकर सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति का फीडबैक लेंगे.
मुख्यमंत्री साय रविवार सुबह पुलिस लाइन हेलीपेड पहुंचे और हेलिकॉपर से दौरे के लिए रवाना हुए. अभियान के तहत वह आम जनता के बीच पहुंचेंगे और उनसे योजनाओं का फीडबैक लेंगे. मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और विशेष सचिव रजत कुमार बंसल भी मौजूद हैं.
1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार
सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी. पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी. शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.
रफ्तार का कहर… सड़क किनारे पलटी यात्री बस, हादसे में 50 लोग घायल
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में रविवार को भीषण सड़क हादसा हुआ है. कोरबा के जमनीपाल से यात्रियों को लेकर रायगढ़ के सरिया जा रही बस हादसे का शिकार हो गया है. बस में सवार 50 लोगों घायल हो गए हैं. वहीं 4 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, घटना बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के करनाेद में हुई है. यात्री बस कोरबा जिला के जमनीपाली से रायगढ़ जिला के सरिया जा रही थीं. इस दौरान जांजगीर-चांपा जिले के करनाेद के पास बस पलट गई. बस में करीब 60 लोग सवार थे. बताया जा रहा है कि 50 लोगों को चोटें आई है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है. घायलों को बम्हनीडीह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया है. जहां उनका इलाज जारी है.
हादसे की सूचना के बाद बम्हनीडीह पुलिस मौके पर पहुंची. घटना के बाद सड़क पर लगे जाम की स्थिति को क्लियर कराया जा रहा है. वहीं हादसे के कारणों की जांच जारी है.
IED ब्लास्ट में शहीद 4 जवानों को दी गई आखिरी सलामी, परिजनों और ग्रामीणों की आंखों से छलके आंसू
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। DRG की टीम जब छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी, तभी यह हादसा हुआ। आज उन चार शहीद जवानों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नारायणपुर पुलिस लाइन में किया गया। वीर सपूतों को जब अंतिम विदाई दी गई, तो माहौल गमगीन हो उठा।
कैसे हुआ था हादसा ?
बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब
आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से बस्तर में नक्सल चुनौती को उजागर किया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन वीर सपूतों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और परमानंद कोर्रम की शहादत ने हर दिल में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को दी जन्मदिन की बधाई राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहने का दिया आशीर्वाद
रायपुर। देश की प्रथम नागरिक, महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को जन्मदिवस पर बधाई दी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विशेष बधाई पत्र भेजकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। राष्ट्रपति द्वारा व्यक्तिगत रूप से भेजा गया यह पत्र श्री अग्रवाल के लंबे सार्वजनिक जीवन और उनकी सेवा यात्रा के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में बृजमोहन अग्रवाल के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए लिखा "मैं आपके जन्मदिवस 01 मई, 2026 पर आपको हार्दिक बधाई देती हूँ। ईश्वर आपको स्वस्थ और प्रसन्न रखे तथा आने वाले कई वर्षों तक आप राष्ट्र की अनवरत एवं निष्ठापूर्वक सेवा करते रहें।"
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र के माध्यम से बधाई संदेश देते हुए श्री अग्रवाल के सार्वजनिक जीवन, उनकी कार्यकुशलता और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण की जमकर प्रशंसा की है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि आपके जन्मदिन के अवसर पर मैं आपके सुख, उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना करता हूँ। "आपके व्यक्तित्व में कर्मठता, अनुशासन और समाज सेवा की भावना प्रशंसनीय है। आपके विचार और कार्य न केवल वर्तमान को दिशा दे रहे हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी अहम है। "
विकसित भारत के संकल्प में सहभागिता:
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि 'अमृत काल' में एक भव्य और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में राष्ट्र जो कदम बढ़ा रहा है, उसमें बृजमोहन अग्रवाल का अनुभव और योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
प्रधानमंत्री से मिले इस आत्मीय संदेश पर हर्ष व्यक्त करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्नेह और मार्गदर्शन उनके लिए ऊर्जा का स्रोत है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे जनता की सेवा और विकसित भारत के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं और वर्तमान में रायपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया।
गौरतलब है कि 1 मई को उनके 67वें जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर केक काटने, मिठाई वितरण, पूजा-अर्चना सहित अनेक सामाजिक आयोजनों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में जनसामान्य की सक्रिय भागीदारी ने उनके प्रति अपार स्नेह और सम्मान को उजागर किया।
चार दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में भी बृजमोहन अग्रवाल के प्रति जनता का विश्वास और प्रेम निरंतर बढ़ता जा रहा है। वे भी उसी आत्मीयता और ऊर्जा के साथ जन-जन से जुड़ते हुए उनके सुख-दुख में सहभागी बनते रहे हैं। जनप्रतिनिधि और आम जनता के बीच इस प्रकार का आत्मीय संबंध वास्तव में अत्यंत दुर्लभ और प्रेरणादायक है।
रायपुर में NEET UG 2026 की तैयारियां पूरी, 3 मई को 26 केंद्रों पर सख्त सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन 03 मई 2026, रविवार को देशभर के साथ रायपुर जिले में भी किया जाएगा। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जिला नोडल अधिकारी (NTA) ने जानकारी दी कि रायपुर जिले में कुल 26 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। परीक्षार्थियों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए सभी केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही बायोमेट्रिक पहचान और नकल रोकने के लिए तकनीकी व्यवस्थाएं भी की गई हैं, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे और प्रवेश पत्र में दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस संबंध में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर नवीन ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक नंदनी ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी लक्ष्मी सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती, रोजगार अधिकारी केदार पटेल और एनआईसी के पी.सी. वर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।