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मोदी के करीबी चंद्र आर्य हो सकते है कनाडा के पहले हिंदू प्रधानमंत्री
टोरंटो/दिल्ली। कनाडा में भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने गुरुवार को प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के कुछ दिनों बाद की। चंद्र आर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह कनाडा के अगले प्रधानमंत्री बनकर देश के पुनर्निर्माण और समृद्धि की दिशा में काम करना चाहते हैं।
चंद्र आर्य ने लिखा, "मैं कनाडा के अगले प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ रहा हूं, ताकि अपने देश का पुनर्निर्माण कर सकूं और भावी पीढ़ियों के लिए समृद्धि सुनिश्चित कर सकूं।" उन्होंने कहा कि कनाडा को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो बड़े और साहसिक निर्णय लेने से डरता न हो। आर्य ने यह भी कहा कि कनाडा को आज कठिन फैसलों की आवश्यकता है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित किया जा सके और सभी कनाडाई नागरिकों के लिए समान अवसर मिल सकें।
चंद्र आर्य का जन्म कर्नाटक के तुमकुर जिले के द्वारलू गांव में हुआ था और उन्होंने धारवाड़ के कर्नाटक विश्वविद्यालय से एमबीए किया। 2006 में कनाडा जाने के बाद, उन्होंने पहले इंडो-कनाडा ओटावा बिजनेस चैंबर के अध्यक्ष के रूप में काम किया और बाद में 2015 के कनाडाई संघीय चुनाव में नेपियन राइडिंग से सांसद बने। उन्हें 2019 और 2021 में भी दोबारा चुना गया।
चंद्र आर्य की राजनीति में सक्रियता विशेष रूप से भारतीय समुदाय और कनाडा के समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर रही है। उन्होंने 2022 में कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स में अपनी मातृभाषा कन्नड़ में भाषण दिया और टोरंटो में हिंदू मंदिरों की तोड़फोड़ के मामलों में भी मुखर रूप से अपनी आवाज उठाई। इस हमले के लिए उन्होंने खालिस्तानी चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया।
अपने प्रधानमंत्री बनने के इरादे के बारे में आर्य ने कहा कि कनाडा को एक ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो बड़े और साहसिक फैसले ले सके, जैसे कि अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण, देश में समृद्धि की बहाली और सभी कनाडाई नागरिकों के लिए समान अवसर पैदा करना। उन्होंने कहा, "साहसिक राजनीतिक निर्णय अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि आवश्यक हैं।"
आर्य ने यह भी कहा कि यदि वह लिबरल पार्टी के नेता बनते हैं, तो वह कठिन और साहसिक निर्णय लेंगे, जो कनाडा के भविष्य के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कनाडा को एक संप्रभु गणराज्य बनाने का वादा किया और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए खास कदम उठाने की बात की।
कनाडा में आज कई लोग विशेष रूप से युवा पीढ़ी गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मध्यम वर्ग के लोग संघर्ष कर रहे हैं और कई कामकाजी परिवार गरीबी में जा रहे हैं। इन मुद्दों को हल करने के लिए आर्य ने कहा कि उन्हें ऐसे फैसले लेने होंगे जो अगले कुछ दशकों तक देश की समृद्धि सुनिश्चित करें।
आर्य ने यह भी प्रस्तावित किया कि कनाडा का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद अगले 25 वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने सेवानिवृत्ति की आयु को दो वर्ष बढ़ाने और वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अन्य पेशेवरों को जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास की दिशा में प्रमुख भूमिका निभाने का अवसर देने की बात की।
कनाडा की राजनीति में यह कदम एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है क्योंकि चंद्र आर्य लिबरल पार्टी के पहले सदस्य हैं जिन्होंने पार्टी के नेतृत्व के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है। फिलहाल, लिबरल पार्टी के अन्य नेता जैसे फ्रैंक बेलिस, स्टीव मैककिनन, मेलानी जोली और जोनाथन विल्किंसन ने भी पार्टी नेतृत्व के लिए अपनी उम्मीदवारी पर विचार किया है।
जस्टिन ट्रूडो ने पहले ही घोषणा की है कि वह पार्टी के नए नेता के चयन के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। हालांकि, लिबरल पार्टी ने अभी तक आगामी नेतृत्व चुनाव के नियमों का ऐलान नहीं किया है।
वी नारायणन बने ISRO के नये चेयरमैन, एस सोमनाथ की लेंगे जगह, रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट ऑपरेशन के हैं एक्सपर्ट
नई दिल्ली। वी नारायणन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नये चेयरमैन होंगे। केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पेस साइंटिस्ट वी. नारायणन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। उन्हें स्पेस डिपार्टमेंट का सचिव भी बनाया गया है। रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट ऑपरेशन के एक्सपर्ट नारायणन 14 जनवरी को एस सोमनाथ की जगह लेंगे। सोमनाथ 14 जनवरी को दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
नारायणन का कार्यकाल 2 साल का रहेगा। फिलहाल वे वलियामाला स्थित लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (LPSC) के डायरेक्टर हैं। नारायणन के पास 40 साल का अनुभव है। नारायणन जीएसएलवी एमके-III एम1/चंद्रयान-2 और एलवीएम3/चंद्रयान-3 जैसे प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाई है।
डॉ. नारायणन ISRO में एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने GSLV Mk III के C25 क्रायोजेनिक प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में काम किया है। उनकी अगुवाई में टीम ने C25 स्टेज को सफलतापूर्वक विकसित किया। यह GSLV Mk III का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉ. नारायणन के नेतृत्व में LPSC ने विभिन्न ISRO मिशनों के लिए 183 लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम और कंट्रोल पावर प्लांट दिए हैं। उन्होंने PSLV के दूसरे और चौथे चरण के निर्माण पर भी काम किया है। PSLV C57 के लिए कंट्रोल पावर प्लांट भी उनके निर्देशन में बने। आदित्य अंतरिक्ष यान और GSLV Mk-III मिशन, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 के प्रणोदन प्रणालियों में भी उनका योगदान रहा है।
शुरुआती समय में उन्होंने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में साउंडिंग रॉकेट और संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान (एएसएलवी) और ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के ठोस प्रणोदन क्षेत्र में काम किया। वी नारायणन ने प्रक्रिया नियोजन, प्रक्रिया नियंत्रण और एब्लेटिव नोजल सिस्टम, कम्पोजिट मोटर केस और कम्पोजिट इग्नाइटर केस को बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। मौजूदा समय में नारायणन एलपीएससी के निदेशक हैं। ये इसरो के प्रमुख केंद्र में से एक है। इसका मुख्यालय तिरुवनंतपुरम के वलियमाला में स्थित है। इसकी एक यूनिट बेंगलुरु में अवस्थि है।
बीटेक, एमटेक और पीएचडी पूरी की
डॉ. नारायणन ने अपनी स्कूली शिक्षा और डीएमई प्रथम रैंक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एएमआईई के साथ पूरी की है। उन्होंने क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग में पहली रैंक के साथ एम.टेक और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी पूरी की। डीएमई पूरा करने के तुरंत बाद, टीआई डायमंड चेन लिमिटेड, मद्रास रबर फैक्ट्री, बीएचईएल, त्रिची और बीएचईएल, रानीपेट में डेढ़ साल तक काम किया। वह 1984 में इसरो में शामिल हुए और जनवरी 2018 को एलपीएससी के निदेशक बनने से पहले विभिन्न क्षमताओं में कार्य किया।

एस. सोमनाथ का रिटायरमेंट 14 जनवरी को
ISRO के मौजूदा चेयरमैन एस. सोमनाथ ने 14 जनवरी 2022 को ISRO चेयरमैन का पद संभाला था। वे 3 साल के कार्यकाल के बाद रिटायर हो रहे हैं। उनके कार्यकाल में ISRO ने इतिहास रचा। ISRO ने न केवल चांद के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग कराई, बल्कि धरती से 15 लाख किमी ऊपर लैगरेंज पॉइंट पर सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य-L1 भी भेजा। एस सोमनाथ (60) ने 4 मार्च 2024 को एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें कैंसर है। चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग (23 अगस्त 2023) के समय से मेरी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। हालांकि तब कुछ भी क्लियर नहीं था।
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान, 5 फरवरी को वोटिंग, 8 को नतीजे होंगे घोषित
नई दिल्ली। नए साल का पहला चुनाव राजधानी दिल्ली में है, जहां से पूरा देश रिप्रजेंट होता है और हर क्षेत्र से लोग मिलते हैं. दिल्ली इस बार भी अपने दिल से वोट देगी. चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि दिल्ली में 1 करोड़ 55 लाख कुल वोटर्स हैं. 83 लाख से ज्यादा पुरुष मतदाता है. 13 हजार 33 पोलिंग बूथ है. दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 5 फरवरी को वोटिंग होगी और नतीजे 8 फरवरी को आएंगे.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शेड्यूल की घोषणा करते हुए कहा कि मैं सभी वोटर्स से अपील करता हूँ कि वे लोकतंत्र के महापर्व में भाग लेते रहें. 2024 में 8 राज्यों विधानसभा और लोकसभा चुनाव हुए. हम 99 करोड़ वोटर्स होने वाले हैं. ये खुशी की बात है.

चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का दिया जवाब
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनावों की तारीखों को घोषित करने से पहले, वोटर लिस्ट में गलत नाम जोड़ने, हटाने के आरोपों, ईवीएम पर उठाए जा रहे सवालों और वोटिंग पर्सेंटेज में इजाफे जैसे दावों का एक-एक करके जवाब दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष हो रहे हैं. 2020 से 2004 के बीच 21 राज्यों में चुनाव हुए, इनमें से 15 में अलग-अलग दलों की सरकारें बनी, जैसा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया.
13 हजार से अधिक बूथ बनाए जाएंगे
13033 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे, सभी की वेबकास्टिंग होगी, इनमें से 70 महिला मतदान कर्मी संचालित करेंगी, और 85 वर्ष से अधिक आयु के लोग घर से वोट डाल सकेंगे.

दिल्ली में वोटर्स का गणित
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि दिल्ली में अब एक करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 पुरुष (83 लाख 49 हजार 645 पुरुष) और 71 लाख 73 हजार 952 महिला (71 लाख 73 हजार 952 महिला) मतदाता हैं, साथ ही थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1261 है.
इस तारीख को खत्म होगा विधानसभा का कार्यकाल
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है. पिछले विधानसभा चुनावों की बात करें तो 2020 में भी फरवरी महीने में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें आम आदमी पार्टी जीत हासिल की थी. कांग्रेस ने दिल्ली में पिछले दो विधानसभा चुनावों में भारी हार भोगी है और एक भी सीट नहीं जीती है. 2020 के चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा ने आठ सीटें जीतीं.

अंतिम मतदाता सूची जारी हुई
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच बहस के बीच अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है. भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी की, जिसमें 1 करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 लोग पंजीकृत हैं, इसमें 84 लाख 49 हजार 645 पुरुष और 71 लाख 73 हजार 952 महिला.
क्या था पिछले चुनाव का नतीजा
2020 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत हासिल किया, जिसमें “आप” ने 70 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की, भाजपा ने 8 सीटें जीती, जबकि कांग्रेस लगातार दूसरी बार शून्य पर सिमट गई, जिसमें “आप” लगभग 54 प्रतिशत, भाजपा लगभग 39 प्रतिशत और कांग्रेस लगभग 5 प्रतिशत वोट मिला था.
किसानों के लिए खुशखबरी: मोदी सरकार ने ‘फसल बीमा योजना’ का बढ़ाया बजट, 69,515 करोड़ रुपये को दी मंजूरी, DAP पर भी बढ़ाई सब्सिडी
नई दिल्ली। नए साल के पहले दिन मोदी कैबिनेट ने बैठक में किसानों को नई सौगात दी है. केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कई अहम फैसले लिए है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती कीमत का असर किसानों पर न पड़ने देने कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है. किसानों को 50 किलो DAP (Diammonium phosphate) का एक बैग 1350 रुपए में ही दिया जाएगा. सरकार ने DAP पर 3850 करोड़ रुपए अतिरिक्त सब्सिडी (Additional Subsidy) देने का निर्णय लिया है. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट (Union Cabinet) की पहली बैठक पूरी तरह किसानों को सर्मपित रही है. बैठक में कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है. सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आवंटन बजट बढ़ाकर 69,515 करोड़ रुपये किया गया है.
PM मोदी नए साल पर देंगे तोहफा: 3 जनवरी को झुग्गी वालों को मिलेगा बड़ा गिफ्ट, प्रधानमंत्री सौपेंगे उनके सपनाे के महल की चाबी
नईदिल्ली। दिल्ली के झुग्गीवालों के लिए नए साल पर नया आशियाना मिलने जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी 3 जनवरी को 1645 लोगों को ‘जहां झुग्गी -वहीं मकान स्कीम’ के तहत फ्लैट की चाबी सौंपेगे. दिल्ली में स्वाभिमान फ्लैट के नाम से 1645 नए मकान बनाए गए हैं. 3 जनवरी को PM मोदी इन घरों की चाबियां झुग्गियों में रहने वाले लोगों को देंगे.
बता दे कि एक दिन पहले ही दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने गरीबों के लिए आवास योजनाओं की घोषणा की थी. यह ऐलान दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले किया गया है. दिल्ली में एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी (AAP) विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीब वर्ग को लुभाने का प्रयास कर रही है तो वहीं अब बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भी ऐसी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है.
दरअसल दिल्ली में फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव होने है ऐसे में दिल्ली की तमाम राजनीतिक दले गरीबों को लुभाने में जुटी हुई एक ओर जहां केन्द्र सरकार दिल्ली के लोगों के नए-नए घोषणाए कर रही है. वहीं सत्ता पे काबिज आम आदमी पार्टी भी दिल्ली में तीसरी बार सत्ता में आने जोर आजमाईश करते नजर आ रही है. आम आदमी पार्टी भी दिल्ली के लोगों कें हाल ही में विभिन्न योजनाओं की घोषणा की है. जिनमें महिला सम्मान योजना-पुजारी ग्रथी सम्मान योजनाएं सहित अन्य योजनाएं शामिल है.
DDA की बैठक में एलजी हुए शामिल
उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की अध्यक्षता में सोमवार को हुई DDA की बैठक में दिल्ली के निवासियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और सबसे गरीब लोगों की आवास की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कई निर्णय लिए गए. प्राधिकरण ने तीन आवासीय योजनाओं को लॉन्च करने की मंजूरी दी है. इनमें नरेला, सिरसपुर और लोकनायकपुरम में निर्माण श्रमिकों और अन्य वंचित वर्गों के लिए 25 प्रतिशत की छूट शामिल है. ये वंचित वर्ग ऑटो-रिक्शा ड्राइवर, कैब ड्राइवर, महिलाएं, SC/ST वर्ग, युद्ध विधवाएं, दिव्यांग, पूर्व-सैनिक और पदक प्राप्तकर्ता शामिल हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन, दिल्ली AIIMS में ली अंतिम सांसे
नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का आज दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। 92 वर्षीय डॉ. सिंह को शाम के समय सांस लेने में दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें इमरजेंसी विभाग (आईसीयू) में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनका निधन हो गया।
2004 में प्रधानमंत्री बने थे मनमोहन सिंह
डॉ मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। इससे पहले वह भारत के वित्त मंत्री और वित्त सचिव भी रह चुके हैं। नरसिम्हा राव की सरकार के दौरान अर्थव्यवस्था के उदारीकरण में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। बतौर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देश में एक दशक से अधिक समय तक अभूतपूर्व वृद्धि और विकास का नेतृत्व किया था। डॉ. सिंह के नेतृत्व में, भारत ने अपने इतिहास में सबसे अधिक वृद्धि दर देखी, जो औसतन 7.7% रही और लगभग दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गई थी। डॉ. सिंह के सत्ता में आने के बाद भारत दसवें स्थान से उछलकर 2014 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था, जिससे लाखों लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठा।
डॉ. सिंह के भारत के विचार के मूल में सिर्फ़ उच्च विकास ही नहीं बल्कि समावेशी विकास और ऐसी लहरों का विश्वास था जो सभी नावों को ऊपर उठा सकें। यह विश्वास उन विधेयकों के पारित होने में निहित था, जिन्होंने नागरिकों को भोजन का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, काम का अधिकार और सूचना का अधिकार सुनिश्चित किया। डॉ. सिंह की अधिकार-आधारित क्रांति ने भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुआत की।
कल 27 दिसंबर को स्वावलंबन की राह दिखाते स्वदेशी मेले का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय!
@27 दिसंबर की संध्या 7:00 बजे रंगारंग कार्यक्रमों के साथ होगा 8 दिवसीय स्वदेशी मेला का शुभारंभ!
रायपुर/26/12/2024/ राजधानी रायपुर में बीते 22 वर्षों प्रतिवर्ष होने वाला भव्य स्वदेशी मेला इस वर्ष कल 27 दिसंबर से 3 जनवरी तक साइंस कॉलेज मैदान में होगा। रंगारंग समारोह के साथ कल संध्या 7 बजे मेला का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप करेंगे तथा विशेष अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत एवं स्वदेशी जागरण मंच मध्य क्षेत्र के संयोजक सुधीर दाते विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष 8 दिवसीय भव्य स्वदेशी मेला विगत 22 वर्षों से होता आ रहा है। इस संबंध में स्वदेशी मेला के संयोजक प्रवीण मैशेरी बताया कि इस मेला में छत्तीसगढ़ सहित गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र,पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, बंगाल, तमिलनाडु, बिहार,जम्मू कश्मीर, आंध्रप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के 300 से ज्यादा स्टॉल धारकों की सहभागिता होगी। मेले में हैंडीक्राफ्ट, लघु एवं कुटीर उद्योग के उत्पाद ,एजुकेशन, रियल स्टेट, ऑटो इंडस्ट्रीज, टेक्सटाइल, हैंडलूम, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सामाजिक, हेल्थ सेक्टर, सर्विस सेक्टर, फर्नीचर, टेलीकॉम आदि के स्टॉल्स देखने को मिलेंगे। स्वागत समिति के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल स्वागत समिति के सचिव रविन्द्र सिंह, मेला सह संयोजक अमरजीत सिंह छाबड़ा व मनीषा सिंह ने बताया कि मेले में शहरवासियों के लिए आकर्षक फूड स्टॉल एवं बच्चों के लिए झूले भी लगेंगे।स्वावलंबी भारत की राह दिखाता यह मेला अपने आप में अनूठा रहता है! ऐसा प्रतीत होता है मानों पूरा भारत यहां समा गया हो!
बृजमोहन अग्रवाल परिवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट...
दिल्ली/रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के परिवार ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की. इस अवसर पर मोदी जी ने परिवारजनों से परिचय प्राप्त किया और सभी का कुशलक्षेम जाना. इस भेंट पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहां कि परिवार के लिए यह क्षण अत्यंत प्रेरणादायक और अविस्मरणीय रहा. प्रधानमंत्री जी की सादगी और दूरदर्शिता से भरे व्यक्तित्व से नई ऊर्जा और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है.
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का निधन
दिल्ली। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला का निधन हो गया है। वे गुरुग्राम में अपने आवास पर थे। उनको गुरुग्राम के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वे 89 साल के थे। उनके निधन से हरियाणा की राजनीति को गहरा धक्का लगा है।
मणिपुर,नागालैंड,मिजोरम में नहीं प्रवेश कर पाएंगे विदेशी, लागू कर दिया गया 13 साल पुराना नियम
दिल्ली/ गृह मंत्रालय ने मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में संरक्षित क्षेत्र परमिट व्यवस्था फिर लागू कर दी है।इसके मुताबिक यहां विदेशियों का प्रवेश वर्जित होगा। मणिपुर में विदेशी दखल की रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पड़ोसी देशों से आने वाले लोगों के कारण उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर मणिपुर में 'संरक्षित क्षेत्र परमिट' व्यवस्था फिर से लागू कर दी है। गृह मंत्रालय से जारी बयान में कहा गया, 'इस परमिट को पुनः लागू करने के बाद, मणिपुर आने वाले विदेशियों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और उन्हें विदेशी (संरक्षित क्षेत्र) आदेश 1958 के अनुरूप आवश्यक संरक्षित क्षेत्र परमिट (पीएपी) प्राप्त करना होगा।"
इसमें कहा गया है कि केंद्र ने मणिपुर, नागालैंड और मिजोरम में संरक्षित क्षेत्र परमिट की व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया है। बयान में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने एक संगठन द्वारा जारी की गई चेतावनी पर संज्ञान लिया है जिसमें मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से कहा गया है कि वह सेनापति जिले में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सड़क मार्ग से कांगपोकपी जिले से होकर न गुजरें।
बयान में कहा गया, 'जांच के बाद पाया गया है कि मणिपुर में ऐसा क अगला संगठन (कुकी ज़ो काउंसिल) मौजूद नहीं है। इस समूह की उत्पत्ति अ लेख प्रामाणिकता अत्यधिक संदिग्ध है।' बताया गया है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस तरह की भ्रामक गतिविधियों के पीछे की वास्तविक प्रकृति और मंशा का पता लगाने के लिए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सरकार ने लोगों को 'सावधानी बरतने और ऐसे संदिग्ध संगठनों के बयानों या दावों पर ध्यान न देने की सलाह दी है जो भ्रम और अशांति पैदा करने के स्पष्ट इरादे से हाल ही में सामने आए हैं।
US राजदूत एरिक गार्सेटी बोले-भारतीय निवेश से अमेरिका में पैदा होता है रोजगार
दिल्ली/अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने भारत पर ट्रंप के उच्च टैरिफ के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह भारत के साथ निष्पक्ष और समान व्यापार स्थापित करे, इस पर ध्यान देते हुए कि भारतीय निवेश से अमेरिका में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं.
भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने एक अहम टिप्पणी की है. होने वाले अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारतीय प्रोडक्ट्स पर हाई टैरिफ लगाने बात कही थी. उनके इसी बयान के सिलसिले में अमेरिका राजदूत ने अगले ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन से अपील की कि भारत के साथ कम टैरिफ, निष्पक्ष और समान रूप से व्यापार होना चाहिए. खास बात ये कि उन्होंने अमेरिका में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया.
भारत में अमेरिका के राजदूत हैं एरिक गार्सेटी, जिन्होंने कहा कि "भारतीय निवेश से अमेरिका में नौकरियां भी पैदा हो रही हैं." बीते दिनों डोनाल्ड ट्रंप मीडिया से बात कर रहे थे, जब भारत के संबंध में उच्च टैरिफ की बात की थी. उनका कहना था कि भारत अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता है और इसके जवाब में उनकी सरकार भी भारतीय प्रोडक्ट्स पर हाई टैरिफ लगाएगी.
राहुल ने मारा धक्का...दो बीजेपी सांसद हुए घायल, केस दर्ज करवाने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे बांसुरी स्वराज और अनुराग ठाकुर
कोचिंग संस्थानों पर मोदी सरकार की सख्ती; भ्रामक विज्ञापन की शिकायत पर 45 सेंटर को नोटिस, 1.5 करोड़ की वसूली
केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में कहा कि उपभोक्ता मामलों का विभाग उपभोक्ताओं की सुरक्षा करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है, इसके लिए नए कानून भी बनाए जा रहे हैं. 2019 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बनाया गया, जो 1986 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को हटाकर आधुनिक बनाया गया था. इस अधिनियम के तहत केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) बनाया गया, जो कोचिंग सेंटर्स के भ्रामक विज्ञापनों पर ऐक्शन लेता है और छात्रों को फीस वापस दिलाने में मदद करता है.
केंद्रीय उपभोक्ता मामले के राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने राज्यसभा में बताया कि कुछ कोचिंग संस्थान भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को झूठे दावे करते हुए आकर्षित कर रहे थे, जो असफल होने पर भी सफल उम्मीदवार बनने का दावा करते थे. सरकार ने इन गलत प्रथाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने ऐसे संस्थानों को भ्रामक विज्ञापन करने से बचने और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करने की चेतावनी दी है. इन संस्थानों पर जुर्माना लगाया गया है: खान स्टडी ग्रुप, इकरा, चहल अकादमी, नारायण मेडिकल, एलन कैरियर इंस्टीट्यूट, IAS बाबा, बायजूस आईएएस, मलूका, अनएकेडमी और राव IAS शामिल हैं.
ऐक्शन में CCPA
2019 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के तहत CCPA बनाया गया है. उपभोक्ताओं के अधिकारों के उल्लंघन, अनुचित व्यापार और भ्रामक विज्ञापनों को रोकना इसका लक्ष्य है. ये विज्ञापन उपभोक्ताओं और आम लोगों के हितों के खिलाफ हैं. CCPA का लक्ष्य उपभोक्ताओं के अधिकारों को प्रोत्साहित करना, बचाना और लागू करना है.
13 नवंबर, 2024 को CCPA ने “कोचिंग सेक्टर में भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश, 2024” जारी किए, जिसका उद्देश्य कोचिंग सेंटर्स को झूठे या भ्रामक दावे या विज्ञापन करने और भ्रामक या अनुचित व्यवहार करने से रोकना था.
CCPA ने उपभोक्ताओं के हितों को बचाने के लिए विभिन्न कोचिंग सेंटर्स को 45 नोटिस भेजे हैं. 19 कोचिंग संस्थानों को CCPA ने 61,60,000 रुपये का जुर्माना लगाया है. उन्हें गलत व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापन रोकने का आदेश दिया गया है.
देश भर के उपभोक्ताओं के लिए मुकदमेबाजी से पहले, उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से संचालित राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) उनकी शिकायतों के निवारण के लिए एकमात्र संपर्क बिंदु बन गया है. उपभोक्ता 1915 टोल फ्री नंबर पर 17 भाषाओं में अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं. INGRAM, या एकीकृत शिकायत निवारण तंत्र, ये शिकायतें दर्ज कर सकता है.
क्या है INGRAM?
INGRAM एक ऑम्नी-चैनल आईटी सक्षम केंद्रीय पोर्टल है. उपभोक्ता अपनी रुचि के अनुसार शिकायतों को WhatsApp, SMS, मेल, NCH ऐप, वेब पोर्टल और उमंग ऐप से दर्ज कर सकते हैं. 1004 कंपनियां, जो स्वेच्छा से NCH के साथ “कन्वर्जेंस” कार्यक्रम में शामिल हैं, इन शिकायतों का सीधे अपनी निवारण प्रक्रिया के अनुसार उत्तर देती हैं. शिकायतकर्ता को पोर्टल पर प्रतिक्रिया देकर वापस लौटती हैं और उन कंपनियों के खिलाफ शिकायतों को हल करने के लिए कंपनी के ईमेल ID पर भेजती हैं.
मुकदमेबाजी से पहले, उपभोक्ता मामलों का विभाग राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के माध्यम से UPSC सिविल सेवा, IIT और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में नामांकित विद्यार्थियों और उम्मीदवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में सफल रहा है. NCH ने कोचिंग सेंटर्स के अनुचित व्यवहार, खासकर नामांकन शुल्क वापस न करने के संबंध में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में दर्ज कई शिकायतों के बाद मिशन मोड पर इन शिकायतों को हल करने के लिए एक अभियान शुरू किया.
‘हम जो कुछ भी हैं, बाबासाहेब की वजह से…,’ आंबेडकर पर मचे घमासान के बीच पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, शाह का किया बचाव
नई दिल्ली। बाबासाहेब आंबेडकर के अपमान पर मचे घमासान के बीच पीएम नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर करारा पलटवार किया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट करके एक तरफ जहां कांग्रेस समेत विपक्ष पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया. वहीं दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह का बचाव किया।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि- हम जो कुछ भी हैं, वह डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की वजह से ही है! हमारी सरकार ने पिछले एक दशक में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के सपने को पूरा करने के लिए अथक काम किया है। कोई भी क्षेत्र लें – चाहे वह 25 करोड़ लोगों को गरीबी से निकालना हो, एससी/एसटी एक्ट को मजबूत करना हो, हमारी सरकार के प्रमुख कार्यक्रम जैसे स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और बहुत कुछ, इनमें से प्रत्येक ने गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के जीवन को छुआ है।
उन्होंने आगे लिखा कि अगर कांग्रेस और उसका सड़ा हुआ पारिस्थितिकी तंत्र सोचता है कि उनके दुर्भावनापूर्ण झूठ उनके कई वर्षों के कुकर्मों, खासकर डॉ. अंबेडकर के प्रति उनके अपमान को छिपा सकते हैं, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं!
कांग्रेस पर आंबेडकर के विरासत मिटाने का लगाया आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर आंबेडकर के विरासत मिटाने का आरोप लगाते हुए लिखा कि भारत के लोगों ने बार-बार देखा है कि कैसे एक वंश के नेतृत्व वाली एक पार्टी ने डॉ. अंबेडकर की विरासत को मिटाने और एससी/एसटी समुदायों को अपमानित करने के लिए हर संभव गंदी चाल चली है।
अमित शाह ने कांग्रेस की डार्क हिस्ट्री को उजागर किया
पीएम मोदी ने कहा, संसद में अमित शाह ने डॉ. आंबेडकर का अपमान करने और एससी/ एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास को उजागर किया है. अमित शाह ने जो तथ्य स्पष्ट किए हैं, उससे कांग्रेस भौचक्की रह गई. यही कारण है कि वे अब नाटकीयता में लिप्त हो गए हैं. कांग्रेस के लिए दुख की बात ये है कि लोग सच्चाई जानते हैं.
जानिए क्या है पूरा मामला
बता दे कि मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पे चर्चा के दौरान अमित शाह ने संविधान पर सदन को संबोधित किया इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए संसद में कहा- अभी एक फैशन हो गया है – अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता.
गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा विपक्ष
गृह मंत्री के बयान पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केन्द्रीय मंत्री अमित शाह से उनके इस्तीफे की मांग कर दी है. राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘जब अमित शाह अंबेडकर के बारे में बात कर रहे थे, तो उन्होंने कहा ‘आप लोग 100 बार अंबेडकर का नाम लेते हैं, अगर आपने इतनी बार भगवान का नाम लिया होता, तो आप 7 बार स्वर्ग गए होते।’ इसका मतलब है कि बाबा साहेब अंबेडकर का नाम लेना अपराध है और उनका इरादा बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का विरोध करना था। मैं उनके इस्तीफे की मांग करता हूं।
‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर जानें राजनीतिक दलों की राय, किसने किया समर्थन और किसने किया विरोध
विधेयक संविधान की मूल संरचना पर आघात- कांग्रेस
वन नेशन, वन इलेक्शन का प्रावधान करने के लिए लाए गए संविधान संशोधन का कांग्रेस ने विराेध किया कांग्रेस की ओर से मनीष तिवारी ने कहा कि संविधान (129वां संशोधन) बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक संविधान की सातवीं अनुसूची और उसके बेसिक संरचना के खिलाफ है. संविधान की कुछ विशेषताएं हैं जो संसद के संशोधन के अधिकार से भी परे हैं. उन्होंने संघवाद का जिक्र करते हुए विधेयक को संविधान की मूल संरचना पर आघात पहुंचाने वाला बिल बताया है.
मनीष तिवारी के बाद कांग्रेस की ओर से लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने बिल का असंवैधानिक बताते हुए कहा कि पहली बार ये ऐसा कानून लाया गया हैं जिसमें राष्ट्रपति चुनाव आयोग से भी परामर्श लेंगे. इसका हम विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इतने ही अधिकार दिए गए हैं कि कैसे सुपरवाइज करना है, कैसे मतदाता सूची बनानी है. राष्ट्रपति कभी भी परामर्श लेते हैं तो वे कैबिनेट से परामर्श लेते हैं और कभी कभी गवर्नर से. इस बिल में चुनाव आयोग से परामर्श की बात है जो असंवैधानिक है.
सपा ने बीजेपी पर कसा तंज
बिल को लेकर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है. दो दिन पहले लोकसभा में हुए संविधान पे चर्चा का जिक्र कर बीजेपी तंज कसा है. समाजवादी पार्टी की ओर से यूपी के आजमगढ़ से सासंद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अभी दो दिन पहले इसी सदन में संविधान को बचाने की कसमें खाने में कोई कसर नहीं रखी गई लेकिन दो ही दिन में संविधान बदला जा रहा है.
यह फेडरलिज्म पर आघात – शिवसेना, एमआईएमआईएम
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि भारत गणराज्य राज्यों का यूनियन है. यह बिल फेडरलिज्म पर आघात है. एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को संविधान का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी का उल्लंघन है, फेडरलिज्म का भी उल्लंघन है. यह बिल सीधे प्रेसीडेंशियल स्टाइल डेमोक्रेसी के लिए लाया गया है. यह सबसे बड़े नेता के ईगो के तहत आया है. हम इसका विरोध करते हैं.
तानाशाही लागू करने वाला कानून- लेफ्ट
वहीं लेफ्ट ने इस बिल को तानाशाही लागू करने वाला काननू बताया है. राजस्थान के सीकर से लेफ्ट के सांसद अमराराम ने कहा कि यह बिल संविधान और लोकतंत्र को खत्म करके तानाशाही की ओर बढ़ने का प्रयास है. लोकल बॉडी स्टेट गवर्नमेंट का है, इसको भी आप लेना चाहते हैं. इसलिए क्योंकि एक आपका ही चलेगा.
डीएमके और टीएमसी ने भी किया विरोध
डीएमके सांसद टीआर बालू ने इस बिल को संविधान विरोधी बताते हुए इसे संसद में लाए जाने पर ही सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास दो तिहाई बहुमत नहीं है, तब उसे किस तरह से ये बिल लाने की अनुमति दी गई. इसके अलावा टीएमसी ने भी इस बिल का विरोध किया है. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बिल को संविधान के लिए अल्ट्रा वायरस कहा है.
शिवसेना-टीडीपी सहित एनडीए घटक दलों ने बिल का किया समर्थन
एनडीए घटक दलों ने इस बिल का समर्थन किया है. शिवसेना (शिंदे) और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने बिल के समर्थन में उतरे. शिवसेना (शिंदे) के श्रीकांत शिंदे ने वन नेशन, वन इलेक्शन बिल का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस को रिफॉर्म शब्द से ही नफरत है. इस पर विपक्ष की ओर से जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया. वहीं, टीडीपी की ओर से केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने बिना किसी शर्त के बिल का समर्थन करने की बात कही.
पीएम ने भी किया जेपीसी में भेजने का समर्थन
सदन में चर्चा के दौरान अमित शाह ने यह जानकारी दी की पीएम मोदी भी इस बिल को जेपीसी में भेजने के समर्थन में है. उन्होंने कहा कि जब ये बिल कैबिनेट में आया था, तब खुद प्रधानमंत्री ने कहा था कि इसे जेपीसी को दे देना चाहिए और विस्तृत स्क्रूटनी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ज्यादा समय जाया किए बगैर मंत्री जी जेपीसी को भेजने के लिए तैयार हो जाते हैं तो यहीं ये चर्चा समाप्त हो जाएगी.
32 दल बिल के समर्थन में 15 ने जताया विरोध
एक देश-एक चुनाव पर 32 राजनीतिक दलों ने बिल को समर्थन दिया है. इनमें जगन मोहन रेड्डी की YSRCP, के चंद्रशेखर राव की (BRS) और पलानीसामी की AIADMK जैसी पार्टियां शामिल हैं. वहीं कांग्रेस सहित 15 पार्टियों ने इसका विरोध किया है।
18 साल के गुकेश बनें शतरंज के नए किंग: चीनी खिलाड़ी को हराकर बने सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन, विश्वनाथन आनंद के क्लब में हुए शामिल

मैच में एक ऐसा वक्त भी आया जब लग रहा था कि मैच टाईब्रेक की ओर बढ़ रहा है, लेकिन गुकेश ने अपनी कोशिश जारी रखी और डिंग लिरेन को हराने में सफल रहे। विश्व शतरंज चैंपियनशिप 2024 में डिंग लिरेन अधिकांश समय पर पीछे चल रहे थे। डी गुकेश को 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि का बड़ा हिस्सा मिलेगा।
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद गुकेश ने कही ये बात
खिताब जीतने के बाद गुकेश ने कहा, ‘मैं पिछले 10 वर्षों से इस पल का सपना देख रहा था। मुझे खुशी है कि मेरा यह सपना पूरा हुआ। मैं थोड़ा भावुक हो गया था, क्योंकि मुझे जीत की उम्मीद नहीं थी, लेकिन फिर मुझे आगे बढ़ने का मौका मिला। मेरे लिए डिंग असली विश्व चैंपियन हैं। मुझे डिंग और उनकी टीम के लिए खेद है। मैं अपने प्रतिद्वंद्वी को धन्यवाद देना चाहूंगा।’
विश्वनाथन आनंद के क्लब में हुए शामिल
डी गुकेश यानी डोमराजू गुकेश पहले रूस के दिग्गज गैरी कास्पारोव सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन थे। गैरी कास्पारोव ने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर 22 साल की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश इस साल की शुरुआत में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने के बाद विश्व खिताब के लिए चुनौती पेश करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। वह दिग्गज विश्वनाथन आनंद के बाद विश्व चैंपियन बनने वाले दूसरे भारतीय हैं। पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद ने अपना आखिरी खिताब 2013 में जीता था।
UGC ने जारी की गाइडलाइन: कॉलेजों में साल में 2 बार एडमिशन, विद्यार्थियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
UG और PG के लिए योग्यता को बदल दिया गया है. छात्र अपनी पिछली योग्यता से इतर किसी भी कार्यक्रम का चयन कर सकते हैं और वर्ष में दो बार नामांकन कर सकते हैं. UGC ने “ग्रेजुएट डिग्री और पोस्टग्रेजुएट डिग्री रेगुलेशन, 2024” के तहत एक ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी की है, जो छात्रों के योग्यता मापदंडों और न्यूनतम क्रेडिट आवश्यकताओं को आसान बनाने के लिए बनाई गई है. 23 दिसंबर तक आयोग से प्रतिक्रिया मांगी गई है.
स्नातक 3 से 4 साल में
स्नातक डिग्री की अवधि 3 या 4 साल की होगी, जबकि स्नातकोत्तर डिग्री आम तौर पर 1 या 2 साल की होती है, लेकिन स्नातक की डिग्री कम या अधिक हो सकती है. यूजी छात्र निर्धारित समय से पहले या बाद में डिग्री प्राप्त कर सकते हैं.
यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि नियमों में बदलाव का उद्देश्य छात्रों के लिए ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया को लचीला बनाना, अनुशासनात्मक कठोरता को कम करना और कई विषयों की पढ़ाई का अवसर देना है. उन्होंने कहा कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की राह आसान करेंगे. जिन छात्रों को अधिक समय चाहिए, वे अपनी डिग्री की अवधि बढ़ा सकते हैं. उन्होंने कहा कि विषयों की बाध्यता खत्म होने से छात्र अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं. मल्टीपल एंट्री और एग्जिट से समय बर्बाद नहीं होगा. हर छात्र अपनी जरूरत के हिसाब से शिक्षा की अवधि तय कर सकता है.
किसी भी वर्ष में प्रवेश
राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क में दिए गए प्रवेश और निकास प्रावधानों के अनुसार, विश्वविद्यालय स्नातक कार्यक्रम के दूसरे, तीसरे या चौथे वर्ष में कुछ छात्रों को सीधे प्रवेश दे सकता है. स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स के दूसरे वर्ष में भी यही होगा.
मनपसंद विषय का विकल्प
UGC की गाइडलाइन के अनुसार, स्नातक या स्नातकोत्तर करने के लिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय या विश्वविद्यालय स्तर की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी. इसके बाद, विद्यार्थियों को पूर्व की कक्षा या बारहवीं में किसी विशेष विषय की जरूरत नहीं होगी; इसके बजाय, विद्यार्थियों को प्रमुख विषय में 50 क्रेडिट लेने का विकल्प मिलेगा.