प्रदेश
कम्प्यूटर, फर्नीचर की खरीदी में मनमानी, रिटायर्ड तत्कालीन प्राचार्य के पेंशन से की जाएगी लाखों रुपए की वसूली
रायपुर। कॉलेज में कम्प्यूटर, फर्नीचर की खरीदी में नियमों का पालन नहीं करना रिटायर्ड तत्कालीन प्राचार्य को भारी पड़ गया. इस मामले में उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय ने सेवानिवृत्त तत्कालीन प्राचार्य डॉक्टर निशा शर्मा के पेंशन से 17 लाख से ज्यादा की राशि वसूलने का आदेश जारी किया है. पूरा मामला गजानन अग्रवाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा का है.
आदेश में कहा गया है कि गजानन अग्रवाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटापारा के निर्माण कार्य, कम्प्यूटर एवं फर्नीचर खरीदी में सेवानिवृत्त तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य एवं सहायक प्राध्यापक डॉक्टर निशा शर्मा ने नियमों का उल्लंघन किया है. उन्होंने भंडारण क्रय नियम का उल्लंघन करते हुए निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे शासन को वित्तीय हानि हुई है. इस मामले में अब सेवानिवृत्त तत्कालीन प्राचार्य डॉक्टर निशा शर्मा से 17,71,106 रुपए उनके पेंशन से वसूली की जाएगी.

नई बिजली दरें संतुलित, ग्रामीण-आदिवासी, सभी के लिए हितकारी तथा विकासपरक
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने आज नया टैरिफ जारी किया. नई बिजली दर को लेकर बिजली कंपनी ने बताया, विद्युत दर में विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 20 पैसा और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देना होगा. नई बिजली दरें सभी के लिए हितकारी और विकासपरक है.
वितरण कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर ने बताया कि समेकित रूप से विद्युत दर में विगत वर्ष की तुलना में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो नगण्य है. कृषि उपभोक्ताओं के लिए कुछ मदों में दर वृद्धि की गई है, जिसका भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है. इससे कृषि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा. इसके अलावा अस्थायी कनेक्शनों, आदिवासी अंचलों, मुरमुरा-पोहा उद्योगों, प्रिंटिंग प्रेस आदि के लिए रियायतें बढ़ाई गई है या यथावत रखी गई है.
बिजली कंपनी ने कहा, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी को विद्युत की लागत 7 रुपए 2 पैसे पड़ती है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 4 रुपए 10 पैसे की दर से विद्युत आपूर्ति की जाती है. नए टैरिफ में निम्न मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. गौशाला, शासन द्वारा अधिसूचित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-होम्स को घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में सम्मिलित किया गया है. घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अंतर्गत लिए गए अस्थायी कनेक्शन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है.
नक्सल प्रभावित जिलों में मोबाइल टॉवरों को 10 प्रतिशत की छूट
बिजली कंपनी ने बताया, नक्सल प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने मोबाइल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाइल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है. कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. कृषि पंपों के विद्युत देयकों का भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाता है, इसलिए यह भार राज्य शासन स्वयं वहन करेगा.
गैर सबसिडी वाले कृषि पंप के उपभोक्ताओं को अब 30 प्रतिशत तक छूट
दरें बढ़ने पर बिजली कंपनी ने कहा, गैर घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. इसी श्रेणी के अंतर्गत लिए गए अस्थायी कनेक्शन पर भी नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है. गैर सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है. किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली के प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पम्प के समीप 100 वॉट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है. किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग ने 100 वॉट तक लाइट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी है.
पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए निम्न दाब इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग इकाइयों के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात् 7.02 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है. उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात 6.32 रुपए प्रति केव्हीएएच निर्धारित किया गया है.
महिला समूहों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट रहेगी बरकरार
बिजली कंपनी ने बताया है कि नियामक आयोग ने महिला सशक्तिकरण के लिए पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योग संबंधी गतिविधियों और व्यवसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखा है. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 5 प्रतिशत की छूट को जारी रखा है. पोहा एवं मुरमुरा मिल को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है.
प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को औद्योगिक श्रेणी में किया शामिल
बिजली कंपनी ने बताया, अग्रिम भुगतान करने वाले सभी उपभोक्ताओं को दी जाने वाली 0.50 प्रतिशत छूट को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किया गया है. आफसेट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को गैर घरेलू से हटाकर औद्योगिक श्रेणी में सम्मिलित किया गया है, जो पहले की अपेक्षा कम है. इस तरह सम्यक रूप से यह नई दरें कृषि-ग्रामीण आदिवासी सहित सभी श्रेणी के प्राथमिकता श्रेणी वाले उपभोक्ताओं के लिए हितकारी और विकासपरक है.
छत्तीसगढ़ में वाहन मालिकों को बड़ी राहत, अब मनपसंद नंबर का दोबारा उपयोग संभव
रायपुर। राज्य सरकार ने आम नागरिकों को एक और महत्वपूर्ण सुविधा का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए यह सुविधा प्रदान की गई है कि अब वाहन मालिक अपने पुराने वाहन के मनपसंद या च्वाईस नंबर का उपयोग नए वाहन में भी कर सकेंगे।
परिवहन सचिव एस. प्रकाश एवं परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस नई व्यवस्था से आमजन को सुविधा मिलेगी और उनकी पसंद के नंबर को फिर से उपयोग में लाने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय न केवल जनता की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि परिवहन विभाग की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगा।
परिवहन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब वाहन स्वामी जिनके पुराने वाहनों का पंजीयन विधिपूर्वक निरस्त हो चुका है, वे उसी श्रेणी के नए या अन्य राज्य से एनओसी लेकर आए वाहनों में पुराने पंजीयन नंबर को पुनः प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को निर्धारित शुल्क का ऑनलाईन भुगतान करना होगा। यदि पुराना नंबर सामान्य (नॉन-फैंसी) हो, तब भी वाहन स्वामी शुल्क अदा कर संबंधित परिवहन कार्यालय से वही पंजीयन क्रमांक प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा केवल नए वाहनों या अन्य राज्यों से लाए गए वाहनों पर लागू होगी। पहले से छत्तीसगढ़ में पंजीकृत वाहनों के लिए यह सुविधा मान्य नहीं होगी।
पेट्रोल पंपों में बनेंगे प्रदूषण जांच केन्द्र, परिवहन विभाग और तेल कंपनियों की संयुक्त बैठक में बनी कार्ययोजना
रायपुर। राज्य में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। आगामी दिनों में 56 पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र की स्थापना की जाएगी। परिवहन विभाग के सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश (भाप्रसे) तथा अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (भापुसे) की उपस्थिति में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित करने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में एचपीसीएल ने बताया कि रायपुर स्थित सेंट्रल जेल के पास उनके पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर की शुरुआत हो चुकी है और आगामी दिनों में 50 आउटलेट्स में सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। वहीं जियो पेट्रोलियम ने धमतरी और रायपुर के पंपों में केंद्र प्रारंभ कर दिए हैं तथा इस तिमाही में 6 नए केंद्र खोलने की योजना है। इंडियन ऑयल कंपनी ने जानकारी दी कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग स्थित जय-जवान पेट्रोल पंप में पीयूसी सेंटर शुरू किया गया है।
परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए कि पीयूसी सेंटरों की उपलब्धता की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक प्रदूषण जांच करवा सकें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार धु्रव, एआरटीओ युगेश्वरी वर्मा तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधि इंडियन ऑयल से विशाल राणा, एचपीसीएल से राकेश जोशी एवं नितिन श्रीवास्तव, और जियो पेट्रोलियम से शिखर श्रीवास्तव उपस्थित थे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में खनिज संस्थान न्यास (DMF) शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक का हुआ आयोजन
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज रायपुर जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ मद की राशि का उपयोग जिले में व्यवस्थित, पारदर्शी और जनहितकारी योजनाओं के लिए सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में डीएमएफ फंड में लगभग 22 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं, तथा करीब 20 करोड़ रुपए और मिलने की संभावना है, ऐसे में इस राशि के उपयोग की सटीक कार्ययोजना बनाकर जनहित में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
प्रमुख घोषणाएं व निर्देश
????150 आंगनबाड़ियों के निर्माण और उन्नयन के लिए 11 करोड़ 59 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ियों का प्री-फैब तकनीकी से निर्माण करने के निर्देश। 6 माह में पूर्ण हो सकता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी के लिए 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता देने का भी निर्णय लिया गया।
???? PHC, CHC की मरम्मत एवं मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
???? सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थापना हेतु स्कूल शिक्षा विभाग से समन्वय कर विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
???? स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 250 हिंदी एवं 70 अंग्रेजी माध्यम के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की आवश्यकता जताई गई।
???? एक एकड़ से बड़े स्कूल परिसरों में बारबेड वायरिंग व जाली, प्रार्थना शेड, शौचालय निर्माण एवं पौधारोपण अनिवार्य किया जाए।
???? जन औषधि केंद्रों की स्थापना हर ब्लॉक, पीएचसी व हमर अस्पतालों में सुनिश्चित की जाए।
????शासकीय महाविद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाने हेतु अलग से फंड आबंटित करने पर चर्चा हुई।
????पेयजल समस्या निवारण, स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों का ऑडिट कर आवश्यक कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं।
???? महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के डेटा आधारित समन्वय के लिए एक कमांड सेंटर की स्थापना पर जोर दिया गया।
सीएसआर फंड का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
श्री अग्रवाल ने कहा कि कंपनियों द्वारा किए जा रहे CSR कार्यों का लेखा-जोखा तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कंपनियों को CSR की आधी राशि सरकारी मद में जमा कराने एवं शेष राशि का उपयोग अपने स्तर पर कार्यों में करने की अनुमति दी जाए। सभी कंपनियों को अपने कार्यों की विस्तृत सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जल संरक्षण एवं हरियाली पर विशेष बल
???? रायपुर जिले की सभी परित्यक्त खदानों को भरने के निर्देश दिए गए।
????मांढर में परित्यक्त खदानों में एकत्रित पानी को ट्रीटमेंट के माध्यम से पेयजल हेतु पायलट प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए।
????वाटर क्रिटिकल ज़ोन में कॉकपिट तकनीक के माध्यम से जल स्तर सुधारने की योजना पर कार्य हो।
????समोद गांव से पाइपलाइन द्वारा 16 गांवों को जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
???? रायपुर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में ‘ह्यूमन चेन’ बनाकर पौधारोपण अभियान चलाने की घोषणा भी की गई।
इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ फंड जनता की धरोहर है, इसका हर रुपया जनकल्याण और विकास में लगे, यह उनकी प्राथमिकता है।
बैठक में मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्यगण, कलेक्टर गौरव सिंह, एसपी डॉ लाल उमेद सिंह, CEO विश्वरंजन समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
शाला प्रवेश उत्सव 2025 में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत
रायपुर। शुक्रवार को राजधानी के टिकरापारा स्थित शहीद संजय यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में शाला प्रवेश उत्सव 2025 के अंतर्गत गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं उपस्थित होकर विद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर एवं मां सरस्वती का आशीर्वाद दिलाकर आत्मीय स्वागत किया।






इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने हेतु "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत एक पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही, मिनी साइंस सेंटर का लोकार्पण कर विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जाग्रत करने का प्रयास किया गया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विद्यार्थियों को गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकें भेंट कर उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल कूद और एक्स्ट्रा क्रिकुलर एक्टिविटीज में शामिल रहने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा जैसे पढ़ाई दिमाग को तंदरुस्त रखती है वैसे ही खेल कूद से शरीर स्वास्थ्य रहता है। उन्होंने शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप उन्हें करियर सिलेक्शन में मदद करने की सलाह दी।
विद्यालय की आवश्यकताओं को देखते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विद्यालय के विभिन्न विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख की घोषणा की। साथ ही, स्कूल के पास स्थित फायर ब्रिगेड की जमीन को खेल मैदान के रूप में विकसित करने की घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को खेलकूद की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
इस अवसर पर सुभाष तिवारी, जोन अध्यक्ष बद्री गुप्ता, जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, पार्षदगण रमेश सपहा, मनोज सपहा, स्वप्निल मिश्रा, प्रवक्ता अमित साहू, मंडल अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा एवं प्राचार्य शुभ्रा तिवारी समेत विद्यालय परिवार, अभिभावकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
राज्यपाल रमेन डेका ने किया अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का औचक निरीक्षण
रायपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने आज अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति एवं शैक्षणिक स्टाफ से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी के नाम के अनुरूप विश्वविद्यालय शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में आगे बढ़े। राज्यपाल ने कहा कि सहायक प्राध्यापकों को समय पर प्रमोशन देने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रोफेसर के पद पर दस साल का अनुभव होने के बाद छत्तीसगढ़ के प्रोफेसरों को कुलपति बनने का अवसर मिल सके।
उन्होंने विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और छात्रों के बीच बेहतर ताल-मेल पर बल दिया साथ ही शैक्षणिक वातावरण पर ध्यान देने कहा। राज्यपाल श्री डेका ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया एवं विभागों की कार्यप्रणाली तथा स्टाफ से संबंधित जानकारी ली। श्री डेका विद्यार्थियों से भी मिले और उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर कुलपति को निराकरण के निर्देश दिए। श्री डेका ने प्रशासनिक विभाग एवं विभागाध्यक्षों की बैठक भी ली तथा अध्ययन प्रभाग मे पाठ्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा करते हुए नए कोर्स प्रारंभ करने एवं छात्र संख्या में वृद्धि करने हेतु आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त किए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संरचना के अनुरूप अध्ययन, अध्यापन की सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रोफेसर अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी, राज्यपाल की अवर सचिव अर्चना पाण्डेय एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेेखनीय है कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश के पारिपालन में राज्यपाल श्री डेका छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों का औचक निरीक्षण कर रहे है। इसी कड़ी में श्री डेका ने आज अटल बिहारी बाजपेयी बिलासपुर का निरीक्षण किया।
छत्तीसगढ़ की खराब सड़कों पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर राज्य हाईकोर्ट ने गुरुवार को सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या सरकार तब तक कोई काम नहीं करेगी जब तक कोर्ट न कहे? क्या अब सड़कें भी कोर्ट की निगरानी में ही बनेंगी?”
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर, रायपुर समेत प्रदेशभर की प्रमुख सड़कों की बदहाली पर गंभीर चिंता जताई और राज्य शासन से शपथपत्र सहित विस्तृत जवाब तलब किया है।
अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्यों पर कोर्ट सख्त
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि—
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बिलासपुर की पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक की सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल में स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई।
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रायपुर के धनेली एयरपोर्ट रोड का काम अधूरा है।
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सेंदरी बाईपास में प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज (FOB) के लिए अब तक डीपीआर भी तैयार नहीं की गई है।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि “प्रदेशभर में सड़कें खस्ताहाल हैं और शासन अब भी उदासीन है। यह स्थिति बेहद पीड़ाजनक है।” कोर्ट ने पहले से ही आवारा मवेशियों और सड़कों की दुर्दशा के चलते हो रहे सड़क हादसों को लेकर स्वतः संज्ञान लिया हुआ है। इस संबंध में दाखिल कई जनहित याचिकाओं की गुरुवार को संयुक्त सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता को कोर्ट में तलब किया गया। कोर्ट ने दो टूक कहा, “सड़कों की हालत बेहद खराब है, फिर भी शासन की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।”राज्य शासन की ओर से कहा गया कि सभी निर्माण कार्यों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी। कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए अगली सुनवाई की तारीख 4 अगस्त तय की है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक 13 जुलाई को, मानसून सत्र को लेकर बनेगी रणनीति
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस पूरी तरह से रणनीति तैयार करने में जुट गई है। इसी सिलसिले में 13 जुलाई को शाम 4 बजे राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा होगा—14 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को सदन में घेरने की रणनीति तैयार करना।सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस सत्र में राज्य सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही है।
सदन में गरमा सकता है माहौल
राज्य की सियासत में हाल के दिनों में जो घटनाएं हुई हैं, उससे यह तय माना जा रहा है कि इस बार मानसून सत्र काफी गर्मागर्म रहने वाला है। कांग्रेस पूरी ताकत से सरकार को विपक्ष की भूमिका में आक्रामक ढंग से घेरेगी, वहीं भाजपा भी पलटवार की रणनीति में जुटी हुई है।
संगठन से समन्वय पर भी होगा फोकस
बैठक में केवल सदन की रणनीति ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक समन्वय, विधायकों की सक्रियता और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर भी चर्चा की जाएगी, ताकि जनता के सवालों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाया जा सके।
भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की गयी जान, मुख्यमंत्री ने जताया दुख
रायपुर। कवर्धा जिले के कुकदुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। घटना में 5 लोगों की जान चली गयी। हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने भी दुख जताया है। जानकारी के अनुसार, आगरपानी घाट पर एक बोरिंग मशीन लेकर जा रही ट्रक गहरी खाई में गिर गया, जिससे मौके पर ही 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 4 मजदूरों को गंभीर चोटें आईं हैं।
बताया जा रहा है कि ट्रक ड्राइवर को झपकी आने की वजह से हादसा हुआ। बता दें कि ट्रक मध्यप्रदेश के शहडोल से छत्तीसगढ़ के पंडरिया की ओर जा रहा था, और उसमें ट्यूबवेल बोरिंग का सामान और 9 मजदूर सवार थे। नींद की झपकी के चलते वाहन अनियंत्रित होकर सीधे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 4 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को तुरंत रेस्क्यू कर जिला अस्पताल कवर्धा ले जाया गया।
इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इस तरह अब तक हादसे में 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार मजदूरों का इलाज जारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कवर्धा जिले के आगरपानी के पास हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों के दुःखद निधन और चार अन्य के घायल होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने घायलों की समुचित चिकित्सा एवं आवश्यक मदद के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
जर्जर सड़क को लेकर कांग्रेसियों ने किया अनोखा प्रदर्शन
तखतपुर। क्षेत्र में बदहाल सड़क, बिजली और पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस ने आज धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान कांग्रेस नेता आशीष सिंह ने अनोखे तरीके से विरोध जताया. उन्होंने सड़क पर हुए गड्ढों की पूजा अर्चना कर राहगीरों की सलामती की प्रार्थना करते हुए जल्द गड्ढों के भर जाने की कामना की.
तखतपुर बरेला को जोड़ने वाले मनियारी पुल के पास कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार के विरुद्ध जमकर हल्ला बोला. आशीष सिंह ने कहा कि तखतपुर की जनता के साथ धोखा हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां के जनप्रतिनिधि का डर इतना है कि कोई भी इस अन्याय के विरोध में नहीं बोल पा रहे हैं. यदि कोई किसी वॉट्सएप ग्रुप में कुछ लिख दे तो उसके पास धमकी भरे फोन आ जाते हैं. इस प्रदर्शन को लेकर भी कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धमकी भरा फोन आया था, लेकिन कांग्रेसी डरने वाले नहीं हैं.


आशीष सिंह ने बताया कि तखतपुर में मनियारी पुल से बेलसरी तक सड़क की हालत बहुत खराब है. स्कूली बच्चे अपने जूते मोजे हाथ में रखकर स्कूल जा रहे हैं. दो महीने पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मनियारी पुल की जर्जर हालत पर संज्ञान लेकर मरम्मत के आदेश दिए थे, लेकिन उस काम में भी केवल लीपापोती की गई थी. तखतपुर की स्थिति यह है कि आप यहां के जनप्रतिनिधि से मिल नहीं सकते और न ही किसी बात का विरोध कर सकते हैं. धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनियारी पुल से गांधी पुतला तक शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकाला.
बिना मान्यता वाले स्कूलों में बच्चों के प्रवेश पर रोक: हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र प्रस्तुत करने को कहा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि बिना मान्यता प्राप्त शालाओं में नए सत्र में छात्रों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाए।
यह आदेश निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया। याचिका में हस्तक्षेपकर्ता विकास तिवारी की ओर से यह तर्क रखा गया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2013 में लागू विनियम के अनुसार, नर्सरी से केजी-2 तक की कक्षाएं संचालित करने वाले सभी गैर शासकीय स्कूलों को मान्यता लेना अनिवार्य है।
शपथपत्र से हुआ खुलासा
30 जून 2025 को हुई पिछली सुनवाई में न्यायालय ने लोक शिक्षण विभाग के संचालक को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके पालन में 11 जुलाई 2025 को प्रस्तुत शपथपत्र में विभाग ने कहा कि केवल कक्षा पहली से ऊपर की कक्षाओं के लिए मान्यता जरूरी है, जबकि नर्सरी से केजी-2 तक की शालाओं को मान्यता की आवश्यकता नहीं है।
इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी ने शपथपत्र का खंडन करते हुए कहा कि शासन द्वारा 7 जनवरी 2013 को लागू किए गए नियम में स्पष्ट है कि सभी कक्षाएं, चाहे नर्सरी हो या केजी-2, मान्यता के दायरे में आती हैं।
हाईकोर्ट का तीखा सवाल
खंडपीठ ने शिक्षा विभाग के सचिव को अगली सुनवाई से पहले व्यक्तिगत शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्ट करने का आदेश दिया है कि आखिर 2013 के नियमों के बावजूद बिना मान्यता के स्कूल कैसे संचालित हो रहे हैं? इससे बच्चों के भविष्य को तो नुकसान पहुंच रहा है, साथ ही अभिभावकों पर भी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
प्रदेश में हजारों स्कूल मान्यता विहीन
लोक शिक्षण विभाग की ओर से प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, पूरे छत्तीसगढ़ में—
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नर्सरी से केजी-2 तक की शालाएं: 72
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नर्सरी से प्राथमिक तक की शालाएं: 1391
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नर्सरी से पूर्व माध्यमिक शालाएं: 3114
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नर्सरी से उच्चतर माध्यमिक शालाएं: 2618
इनमें से कई स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं, जो कि कानूनन गलत है।
विष्णुदेव साय कैबिनेट की अहम बैठक में लिये गये ये बड़े फैसले, पढ़िये विस्तार से ..
रायपुर। विष्णुदेव साय कैबिनेट की अहम बैठक खत्म हो गयी है। करीब चार घंटे चली बैठक में कई अहम निर्णय लिये गये हैं। कैबिनेट ने इस बात का फैसला लिया हैकि राज्य पुलिस सेवा के 2005 से 2009 बैच तक के अधिकारियों को प्रमोशन दिया जायेगा। वहीं पुराने वाहनों से दुर्घटना और वायु प्रदूषण के लिए 1994 अधिनियम में हुए संशोधन को मंजूर किया गया है।
बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय -
1- राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के उचित प्रबंधन हेतु अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके वर्ष 2005, 2006, 2007, 2008 तथा 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किये जाने हेतु 30 सांख्येतर पद निर्मित कर वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
2- जनजातीय समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवा, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों के संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन (PanIIT) के मध्य एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी प्रदान की गई।
इस ज्वाइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों को संस्थागत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त एवं विकसित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी का ज्वाइंट वेंचर वंचित समुदायों के विकास के लिए आदिवासी उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना आदि के अप्रयुक्त फंड का अभिसरण कर आजीविका एवं सामाजिक आर्थिक बदलाव के लिए कार्य करेगा।
कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पैन आईआईटी द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षित युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कौशल के साथ फॉरेन लैग्वेज सिखाने का कार्य किया जाएगा।
पैन आईआईटी द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए जिला प्रशासन एवं विभागों द्वारा आवश्यक शासकीय भवनों का पहचान किया जाएगा एवं उसे ज्वाइंट वेेन्चर कंपनी को हस्तांतरित किया जाएगा।
पैनआईआईटी, आईआईटी के पूर्व छात्रों द्वारा बनाई गई सोसायटी है जो राज्य सरकारों के साथ गैर लाभकारी संयुक्त उपक्रम बनाकर, राष्ट्रनिर्माण मिशन, व्यवसायिक, आजीविका शिक्षा व्यवस्था एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वंचित समुदायों के आय में सुधार लाने का कार्य करती है।
3- पुराने वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
4- छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम-1994 के नियम, 55 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन के फैंसी या च्वाइस नंबर को नए या किसी अन्य राज्य से लाए गए उसी श्रेणी के वाहन में उपयोग कर सकेंगे, इसके लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा। यदि पुराना नंबर सामान्य नंबर था तो छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 55(2)(ग) के अनुसार आवश्यक शुल्क भरने के बाद इसका उपयोग संभव होगा।
यह सुविधा केवल नए वाहन के पंजीयन या अन्य राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आए वाहनों पर लागू होगी, पहले से राज्य में पंजीकृत वाहनों पर नहीं। शासकीय वाहनों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी, इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा।
5- छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
6- राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के जरिए सशक्त बनाने के लिए छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति लागू करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नीति का उद्देश्य छात्र-केंद्रित नवाचार और इन्क्यूबेशन सिस्टम बनाना, साथ ही बौद्धिक संपदा जागरूकता बढ़ाना है। जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र स्थापित करना और कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य व विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान देना भी इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं।
इस नीति का लक्ष्य है राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स का समर्थन करना, 500 बौद्धिक संपदा अधिकार फाइल करना और 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट करना। इससे युवाओं को नई सोच और तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी।
7- छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप पर अनुमोदन किया गया।
8- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) के विकास के लिए संबंधित प्राधिकरण की स्थापना हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए इस क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए यह प्राधिकरण कार्य करेगा। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाना, निवेश को बढ़ावा देना, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का काम करेगा।
2031 तक इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख लोग रहने की संभावना है, इसलिए भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते हुए शहरी विकास सुनिश्चित करना जरूरी है। इस तरह राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों को बेहतर, सतत और सुव्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।
9- छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और अधिक प्रभावी तथा केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम, 2025 के संशोधनों के अनुरूप यह होगा।
10- राज्य के छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायालयों में लंबित कर संबंधी मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है।
11- छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे नक्शा बंटवारे और अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सहूलियत होगी अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी, जियो-रेफरेंस मैप से भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे। नामांतरण की प्रक्रिया आसान होगी। भूमि धारक की मृत्यु पर संयुक्त खाताधारकों और वारिसों को नामांतरण में सहूलियत होगी। भवन या भूखंड का हस्तांतरण भूमि के अनुपात में हो सकेगा। औद्योगिक नीति, आवास योजना और नगरीय विकास की प्रक्रियाएं सरल होंगी।
12- मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध सीएम साय का सबसे बड़ा एक्शन : पहली बार एक साथ 22 अफसर सस्पेंड, IAS-IFS से लेकर राज्य सेवा के अफसरों पर भी हो रही कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लेकर आगे बढ़ रही है। साथ ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व शासनकाल के दौरान हुए 3200 करोड़ रूपए के बहुचर्चित शराब घोटाले में साय सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 में से 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई को किसी भी राज्य द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इन अधिकारियों पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच भ्रष्टाचार कर करीब 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई से चल-अचल संपत्तियां भी बनाने का आरोप है।
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित सिंडिकेट के जरिये संचालित हो रहा था, जिसमें आरोपी आबकारी अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इसका खुलासा होते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने बिना देर के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जिनमें आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविन्द कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा शामिल हैं। इसी प्रकार सहायक आयुक्त आबकारी प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजुश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष कोसम, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलख राम कसेर, सोनल नेताम और जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, नितिन कुमार खंडूजा शामिल हैं।
गौरतलब है कि पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कई बड़े घोटाले हुए हैं, जिनकी जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियां कर रही हैं और एक-एक कर सभी दोषी जेल भेजे जा रहे हैं। केवल शराब घोटाला ही नहीं, राज्य सरकार डीएमएफ घोटाला, महादेव सट्टा एप घोटाला और तेंदूपत्ता घोटाले जैसे मामलों की भी गहराई से जांच करवा रही है, जिनमें किसी भी तरह की संलिप्तता सामने आने पर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो रही है। बीते दो वर्षों में ACB ने 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है, जो राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ राज्य में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत जेम पोर्टल से खरीददारी को अनिवार्य किया गया है, ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत हुई है, 350 से अधिक सुधारों के जरिये निवेश की राह भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और आसान बनाई गई है, इसी क्रम में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से एनओसी की प्रक्रिया बेहद सरल कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आबकारी विभाग में FL-10 नीति को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है और देशी-विदेशी मदिरा की बोतलों पर अब नासिक मुद्रणालय से छपने वाले होलोग्राम अनिवार्य किए गए हैं ताकि नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। इसी तरह खनिज ट्रांजिट पास की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, लकड़ियों की ई-नीलामी प्रणाली लागू की गई है और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने PSC-2021 परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच CBI को सौंप दी है, जिसमें आयोग के तत्कालीन चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, भारतमाला योजना और सीजीएमएससी घोटालों की जांच भी EOW को सौंपी गई है, जिनमें दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस पारदर्शी कार्रवाई में आईएएस, आईएफएस से लेकर राज्य सेवा के विभिन्न स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि यह घोटाला पिछली सरकार के कार्यकाल में हुआ था, घोटाले में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है, हमारी सरकार का उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना है।
लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। नारायणपुर जिले में ₹37 लाख 50 हजार के इनामी कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के ऊपर ₹50 हजार रुपए से लेकर ₹8 लाख तक के इनाम घोषित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि “लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं।” हमारी सरकार में अब तक कुल 1476 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारी सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की सकारात्मकता का प्रमाण है। ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं ने विश्वास जगाया है, लोग हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनरुत्थान हेतु हम पूर्णतः संकल्पित हैं। डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संवेदीकरण विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न: खाद्य एवं नापतौल विभाग के अधिकारी हुए शामिल
रायपुर। भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर द्वारा संवेदीकरण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने की। कार्यशाला में विभाग से जुड़े खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा नापतौल विभाग के अधिकारियों ने सहभागिता दर्ज की।
भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक एवं प्रमुख एस. के. गुप्ता ने सचिव महोदया को प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात रायपुर शाखा कार्यालय के संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से भारतीय मानक ब्यूरो की विभिन्न गतिविधियों का परिचय दिया।
प्रस्तुतीकरण में विशेष रूप से मानक निर्धारण की प्रक्रिया, समितियों की संरचना, ड्राफ्ट मानकों पर सुझाव और टिप्पणियों का आमंत्रण, तथा सार्वजनिक भागीदारी हेतु वाइड सर्कुलेशन ड्राफ्ट की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में आईएसआई मार्क योजना, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए सीआरएस योजना जैसे विभिन्न प्रमाणन कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आईएसआई मार्क एवं सीआरएस मार्क वाले उत्पादों के लिए अनिवार्य प्रमाणन आदेशों तथा उनकी पहचान की विधियों पर प्रकाश डाला गया।
"Know Your Standards" फीचर के माध्यम से बीआईएस वेबसाइट पर मानक खोजने और डाउनलोड करने की प्रक्रिया को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही विभागीय क्रय प्रक्रियाओं में टेंडर तैयार करते समय क्यूसीओ (Quality Control Order) के अनुपालन एवं प्रमाणन निरीक्षण की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि टेंडर प्रक्रिया हेतु उत्पाद परीक्षण के लिए राज्य में किन-किन प्रमाणित प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध है।
सोने एवं चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क एवं एचयूआईडी (HUID) संख्या की सत्यता जांचने की प्रक्रिया, अनिवार्य हॉलमार्किंग आदेश, हॉलमार्किंग केंद्रों की उपलब्धता, हॉलमार्किंग की प्रक्रिया तथा उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन जांच सुविधा की जानकारी भी प्रदान की गई।
कार्यशाला में मानकों के संग्रह का प्रदर्शन किया गया और "Standards Watch" की उपयोगिता से अवगत कराया गया। साथ ही शैक्षिक क्षेत्र में स्टैंडर्ड्स क्लब एवं एमओयू पार्टनरशिप मॉडल के माध्यम से बीआईएस की शैक्षणिक सहभागिता पर भी जानकारी दी गई।
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें उपस्थित अधिकारियों के प्रश्नों का समाधान कर संतोषजनक उत्तर प्रदान किए गए।
सहायक संचालक की अचानक बिगड़ी तबीयत, रायपुर हुए रेफर, इलाज के दौरान चली गयी जान
रायपुर। खेल और युवा कल्याण विभाग को एक गहरा आघात पहुंचा है। सहायक संचालक राजेंद्र डेकाटे का आज सुबह रायपुर के मेडिशाइन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दुःखद निधन हो गया। वे कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया था।
राजेंद्र डेकाटे पिछले सात वर्षों से जगदलपुर में सहायक संचालक पद पर पदस्थ थे और इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के खेल विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में कई प्रमुख खेल प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया, जिससे बस्तर क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार को गति मिली।
उनकी कार्यशैली और समर्पण के कारण वे न केवल विभागीय अधिकारियों के बीच सम्मानित थे, बल्कि क्षेत्र के खिलाड़ियों और युवाओं के बीच भी प्रेरणास्रोत बने हुए थे।
खेलप्रेमियों में शोक की लहर
राजेंद्र डेकाटे के निधन की खबर फैलते ही जगदलपुर सहित पूरे बस्तर अंचल में शोक की लहर दौड़ गई। खेल से जुड़े अधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी स्तब्ध हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
व्यक्तित्व और कार्य की छाप