प्रदेश
पेंशनर्स को मिलेगा छठवें-सातवें वेतनमान का बकाया एरियर, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने पेंशनरों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को 120 दिनों के भीतर छठवें-सातवें वेतनमान का बकाया एरियर देने का आदेश दिया है. यह आदेश मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49 के तहत दिया गया है.
छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती ने 12 अगस्त 2021 को याचिका दायर की थी. उन्होंने लंबे समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पेंशनरों की समस्याओं से अवगत कराया था. शासन स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया.
कोर्ट ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49(6) की व्याख्या करते हुए कहा कि वित्तीय भुगतान को लेकर राज्यों के बीच सहमति की अनिवार्यता पेंशनरों के अधिकारों में बाधा नहीं बन सकती. हाईकोर्ट ने डॉ. सुरेंद्र नारायण गुप्ता के मामले का हवाला देते हुए छठे और सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का मार्ग प्रशस्त किया.
कोर्ट के फैसले के मुताबिक, एक जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 माह का एरियर दिया जाएगा. यह एरियर 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि का होगा. वहीं, 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 माह का एरियर मिलेगा, जो 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है.
रायपुर IPL मैचों की तैयारियां तेज, कलेक्टर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने 10 एवं 13 मई को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले आईपीएल मैच की तैयारियों का जायजा लिया।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने निर्देश दिए कि स्टेडियम में आने वाले दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाले दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त वॉलिंटियर तैनात किए जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
उन्होंने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (सीएससीएस) को निर्देशित किया कि शासन के सभी विभागों द्वारा तय एसओपी का पालन करते हुए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें।
10 मई 2026 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम मुंबई इंडियंस और 13 मई 2026 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स के मध्य मैच खेला जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, प्रभारी रायपुर ग्रामीण एसपी मनीषा ठाकुर, एडीएम उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, अभिलाषा पैंकरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
10 साल बाद रायपुर में IPL की वापसी, RCB-MI मैच के लिए हाई अलर्ट पर पुलिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर को 10 साल बाद आईपीएल मैचों की मेजबानी मिली है. शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में मैचों को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. राजधानी सेलिब्रिटीज से लेकर क्रिकेट फैंस के तैयार है. रविवार यानी 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा. इस मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली के फैंस देखने पहुंचेंगे. वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और रोहित शर्मा की पत्नी रितिका पहुंच सकती हैं. इसके अलावा मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी को स्पोर्ट करने के लिए अंबानी परिवार के पहुंचने के आसार हैं. बॉलीवुड हस्तियां भी मैच देखने आ सकती हैं. वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं.
राजधानी में एक ओर जहां क्रिकेट फैंस 10 और 13 मई को होने वाले मैच के लिए उत्साहित हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कड़े इंतजाम किए हैं. मुख्य सचिव विकासशील ने हाईलेवल मीटिंग ली थी, जिसके बाद से सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई है. आईजी-डीआईजी और एसपी स्तर के 8 आईपीएस अफसरों के साथ 20 राजपत्रित अधिकारी और करीब 1500 जवान तैनात रहेंगे.
1500 पुलिसकर्मी की रहेगी तैनाती
डीआईजी गिरजाशंकर जायसवाल को सुरक्षा प्रभारी नियुक्त किया गया है, वह आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा के मार्गदर्शन में सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे. 1200 पुलिस जवानों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है. साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए अलग से 300 से ज्यादा जवान मौजूद रहेंगे.
5 रास्तों से पहुंच सकेंगे स्टेडियम, VIP रूट आरक्षित
स्टेडियम पहुंचने के लिए 5 रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकेगा. स्टेडियम में 12 गेट से प्रवेश दिया जाएगा। पैवेलियन के लिए तीन गेट बनाए गए हैं. रायपुर से आने वाले सेरीखेड़ी ओवरब्रिज, बलौदाबाजार और बिलासपुर वाले दर्शक धनेली बाईपास होकर नवागांव मंदिरहसौद की ओर, धमतरी-जगदलपुर से आने वालों को जंगल सफारी मार्ग और नवापारा राजिम से भी नवा रायपुर होते हुए स्टेडियम पहुंच सकते हैं.
रायपुर शहर से आने वाले वाहन तेलीबांधा, सेरीखेड़ी ओवरब्रिज और नवा रायपुर होते हुए स्टेडियम तिराहा पहुंचेंगे. इनके लिए पार्किंग व्यवस्था साई अस्पताल के पास और सेंध तालाब में की गई है. बिलासपुर, बलौदाबाजार और खरोरा की ओर से आने वाले वाहन रिंग रोड-3, विधानसभा चौक, मंदिरहसौद और नवागांव होते हुए स्टेडियम टर्निंग पहुंचेंगे. इन वाहनों की पार्किंग परसदा और कोसा पार्किंग में रहेगी.दुर्ग-भिलाई से आने वाले वाहन टाटीबंध, पचपेढ़ी नाका, तेलीबांधा और सेरीखेड़ी मार्ग से होकर सत्य साई अस्पताल या सेंध तालाब पार्किंग तक पहुंचेंगे.
धमतरी और जगदलपुर की ओर से आने वाले वाहन अभनपुर, केंद्री और मंत्रालय चौक से कोटराभाठा होते हुए साई अस्पताल के पास निर्धारित पार्किंग स्थल का उपयोग करेंगे.महासमुंद और सरायपाली से आने वाले वाहन आरंग मार्ग से सीधे स्टेडियम टर्निंग पहुंचकर परसदा और कोसा पार्किंग में वाहन खड़े करेंगे. वहीं ए से जी श्रेणी तक के वाहन पास धारक सेरीखेड़ी, डॉ. खूबचंद बघेल चौक और कयाबांधा चौक होते हुए सीधे अपने आवंटित पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे.
डिप्टी CM विजय शर्मा बोले- ताड़मेटला केस में अभी कानूनी विकल्प बाकी
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने ताड़मेटला नक्सली हमले के मामले में सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इस मामले में डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण प्रस्तुत हुआ था लोअर कोर्ट में कन्विक्शन नहीं हो पाया था। विभिन्न कारणों से पुलिस, प्रशासन की ओर से हाई कोर्ट में अपील की गई थी उसमें भी कन्विक्शन नहीं हो पाया था। अभी न्यायालय का दरवाजा बाकी है।
जानिए पूरा मामला
सीआरपीएफ की 62वीं बटालियन के उप कमांडर सत्यवान सिंह, कंपनी और पुलिस बल के साथ 82वीं फोर्स के साथ 04 अप्रैल 2010 से 07 अप्रैल 2010 तक एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग पर थे, जब 06 अप्रैल 2010 की सुबह ताडमेटला गांव के जंगल में नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। पुलिस बल को देखते ही नक्सलियों ने उन्हें जान से मारने की मंशा से भारी गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की। उक्त गोलीबारी में 76 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इस घटना की रिपोर्ट चिन्तागुफा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।
सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने रखा पक्ष
राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने कहा, निचली अदालत द्वारा पारित बरी करने का फैसला अवैध और अस्थिर है। निचली अदालत महत्वपूर्ण साक्ष्यों को समझने में विफल रही है, जिसमें आरोपी बरसे लखमा का मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिया गया इकबालिया बयान भी शामिल है, जिसमें उसने अन्य आरोपियों के साथ इस अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा, निचली अदालत बम निरोधक दस्ते द्वारा जब्त किए गए पाइप बमों और विस्फोटकों तथा अन्य सहायक सामग्री को भी समझने में विफल रही है। धारा 311 सीआरपीसी के तहत सात घायल सीआरपीएफ जवान, जो चश्मदीद गवाह थे, की जांच के लिए अभियोजन पक्ष के आवेदन को खारिज करना एक गंभीर त्रुटि है, जो मामले को कमजोर करती है।
कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या प्रत्यक्षदर्शी गवाही नहीं
अभियुक्तों को हत्या के कृत्यों के वास्तविक क्रियान्वयन से जोड़ने वाला कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या प्रत्यक्षदर्शी गवाही नहीं है। किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने अभियुक्तों की पहचान अपराधियों के रूप में नहीं की है। धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता किसी स्वतंत्र साक्ष्य द्वारा समर्थित नहीं है। अभियुक्त का कथित इकबालिया बयान, जिसके अंतर्गत जब्त की गई विस्फोटक सामग्री, जिसमें पाइप बम, ग्रेनेड और राइफलें शामिल हैं, घटना स्थल से बरामद की गई थी, न कि आरोपी के कब्जे से। महत्वपूर्ण बात यह है कि सामग्री को विस्फोटक प्रमाणित करने वाली एफएसएल रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है, जिससे जब्ती का सबूत अप्रभावी हो जाता है। जांच त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती है क्योंकि शस्त्र अधिनियम के तहत आवश्यक अभियोजन स्वीकृति का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दी हिदायत
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा है, निचली अदालत द्वारा पारित दोषमुक्ति के फैसले के विरुद्ध राज्य द्वारा दायर की गई अपील को खारिज किया जाता है। अभियुक्तों, प्रतिवादियों की दोषमुक्ति को बरकरार रखा जाता है, क्योंकि अभियोजन पक्ष उचित संदेह से परे अपराध साबित करने में विफल रहा है। डिवीजन बेंच ने कहा, जांच में कई खामियां थीं, जैसे महत्वपूर्ण गवाहों की पहचान और जांच न होना, फोरेंसिक और तकनीकी प्रमाणों का अभाव, आरोपी को कथित अपराधों से जोड़ने वाले प्राथमिक साक्ष्यों का संग्रह न होना। मात्र संदेह, चाहे वह कितना भी प्रबल क्यों न हो, अपने आप में संदेह से परे प्रमाण की आवश्यकता का विकल्प नहीं हो सकता।
पुलिस ने इन लोगों को बनाया था आरोपी, अब कोर्ट से हुए बरी
ओयामी गंगा, पुत्र लखमा उम्र लगभग 35 वर्ष निवासी मिनपा पटेलपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा .
माडवी दुला पुत्र मुक्का उम्र लगभग 45 वर्ष निवासी मिनपा पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा.
पोदियामी हिड़मा पत्नी माया उम्र लगभग 25 वर्ष निवासी पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
ओयामी हिड़मा पुत्र गंगा उम्र लगभग 25 वर्ष निवासी पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
कवासी बुथरा पुत्र हड़मा उम्र लगभग 28 वर्ष निवासी पटेलपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा
हुर्रा जोगा पुत्र हड़मा उम्र लगभग 30 वर्ष निवासी मिनपा पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा.
बरसे लखमा पुत्र भीमा उम्र लगभग 19 वर्ष निवासी कावासीरस मारेपल्ली थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
मड़कम गंगा पुत्र मड़कम हड़मा उम्र लगभग 32 वर्ष निवासी गोरगुंडा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
राजेश नायक, पिता चिकन राम, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी गोरगुंडा, थाना चिन्तागुफा, जिला सुकमा
करतम जोगा पुत्र बंदी उम्र लगभग 49 वर्ष निवासी मिस्मा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
अर्बन नक्सलियों पर कार्रवाई को लेकर क्या कहा ?
अर्बन नक्सलियों पर लगातार हो रही कार्रवाई पर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद एटीएस में पहला एफआईआर हुआ। ऐसी कवायद चलती रहती है। नजर रखना आवश्यक होता है। दोबारा कोई ऐसी घटना ना हो, उसके लिए मुश्तैदी से काम कर रहे हैं
कांग्रेस के आरोपों पर बोले डिप्टी CM
वहीं सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस की हवा निकल रही है। सुशासन तिहार इस वर्ष भी आगे बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। अपने विषयों को रख रहे हैं और उसका निराकरण भी हो रहा है। विधायक, सांसद, मंत्री सभी प्रवास कर रहे। सारे विषयों पर चर्चा हो रही है और परिणाम भी जमीन पर दिख रहा है। जनता के काम होने पर भी किसी के पेट में पीड़ा है, तो उनका अपना प्रॉब्लम है। उसको कोई क्या करेगा।
विष्णु देव साय की सरकार है सुशासन है, तो सुदर्शन भी है..
सुशासन तिहार में मंत्री अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं, जिसकी कई तस्वीरें मंच से सामने आ रही है। इस मामले में डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय की सरकार है सुशासन है, तो सुदर्शन भी है। सीएम विष्णु देव साय ने कहा है कि वैधानिक काम समय पर पूरे नहीं करेंगे तो कठोर कार्रवाई होगी।
बंगाल में शपथ ग्रहण को लेकर क्या कहा ?
बंगाल में कल भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण होने वाला है, जिसमें डिप्टी CM विजय शर्मा भी शामिल होंगे। इस शपथ ग्रहण को लेकर उन्होंने कहा कि बंगाल के चुनाव में ममता बनाम जनता थी। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अथक प्रयास किया है। कल शपथ ग्रहण होगा, जनता के मनोनुकूल काम करेंगे।
आरटीई एडमिशन पर हाईकोर्ट सख्त, 387 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं आने पर जताई नाराजगी, सरकार से मांगा पूरा ब्यौरा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शपथ पत्र में पूरी जानकारी विस्तृत तौर पर तलब की है। सरकार को बताना होगा कि किस स्कूल में कितनी सीटों पर और किस बच्चे का एडमिशन हुआ है।
हाईकोर्ट राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए शपथ पत्र से नाराज भी हुआ। इसमें सरकार ने बताया है कि राज्य के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। वहीं 366 ऐसे स्कूल हैं, जिसमें कुल सीटों के मुकाबले आवेदन काफी कम रहे हैं। इसमें प्रदेश के सभी बड़े स्कूल शामिल है।
10 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने सरकार के जवाब पर नाराजगी जताई है। साथ ही आश्चर्य भी जताया है कि क्या बड़े स्कूलों में गरीब बच्चे पढ़ना ही नहीं चाहते या फिर राज्य सरकार कुछ छिपा रही है। कोर्ट ने आबंटित सीटों को ऑनलाइन भी करने कहा है। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई तय की गई है।
पानी की तलाश में पहुंचा तेंदुआ कुंए में गिरा, पाइप के सहारे लटका, रेस्क्यू की तैयारी
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भीषण गर्मी के कारण वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे हैं. भोजन-पानी की तलाश में पहुंचा तेंदुआ कुएं में गिर गया. उसकी उम्र करीब 4 साल बताई जा रही है. तेंदुआ कुंए के अंदर मोटर पाइप के सहारे लटका हुआ है. घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.
जानकारी के मुताबिक, भोजन-पानी की तलाश में जगतरा गांव पहुंचा तेंदुआ रात के समय कुंए में जा गिरा. आज सुबह जब लोग कुंए से पानी भरने के लिए पहुंचे तो उन्हें अंदर मोटर पाइस से लटका हुआ तेंदुआ नजर आया. मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया, उन्होंने तत्काल वन विभाग को घटना की सूचना दी.
बालोद वन विभाग की टीम और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची हुई है. तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू की तैयारी कर रही है. मौके पर ग्रामीणों की संख्या बढ़ने लगी है.
अब घर बैठे मिलेगा नया बिजली कनेक्शन, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग की नई पहल
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की ओर से विद्युत उपभोक्ताओं के लिए नई सौगात दी गई है। बिजली विभाग ने नया कनेक्शन लेने के लिए बार-बार दफ्तर जाने से मुक्ति दिलाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से सुगम बना दिया है। अब घर बैठे ही कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा सरलता लाना है।
नया बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने उपभोक्ताओं की सेवा में विस्तार करते हुए 1 अप्रैल 2026 से नवीन विद्युत कनेक्शनों की आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने की सुविधा प्रारंभ की है। अब लोगों को नवीन कनेक्शन के लिए विद्युत कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नवीन कनेक्शनों के लिए ऑनलाइन आवेदन ‘मोर बिजली’ ऐप एवं सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से भी किया जा सकता है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की वेबसाइट पर पंजीकृत ऑनलाइन नवीन कनेक्शनों के आवेदनों पर विद्युत कंपनी द्वारा आगामी कार्यवाही संपादित की जाएगी।
ऐसे आवेदक जो आवेदन ऑनलाइन न कर भौतिक रूप से वितरण केंद्र, जोन या उपसंभाग कार्यालय में प्रस्तुत करते हैं, उनके आवेदनों को ऑनलाइन कनेक्शन के लिए वितरण केंद्र/उपसंभाग/जोन कार्यालयों के हेल्प डेस्क में जिम्मेदार ऑफिस स्टाफ, कनिष्ठ अभियंता अथवा सहायक अभियंता द्वारा कार्यालय के कंप्यूटर सिस्टम में ऑनलाइन पंजीबद्ध किया जाएगा। आवेदन आवेदक के मोबाइल नंबर से ही ऑनलाइन पंजीकृत किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2026 से सभी नवीन विद्युत कनेक्शनों के आवेदन पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण रूप से ऑनलाइन ही की जाएगी। विभाग के अधिकारियों ने अपील करते हुए कहा है कि नवीन कनेक्शन के लिए विद्युत कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन ‘मोर बिजली’ ऐप एवं सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से अपना पंजीयन कराएं।
छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज, 20 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में झुलसाने वाली गर्मी से फिलहाल राहत बनी हुई है. पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव को छोड़कर सभी स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से कम रहा. गुरुवार को एक दो जगहों पर बारिश भी हुई, लेकिन इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई. मौसम विभाग का पूर्वानूमान है कि अगले 5 दिनों में तेज हवा चलने, बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना बन रही है. इस दौरान तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में क्रमिक वृद्धि हो सकती है. वहीं आज सुबह 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है.
प्रदेश में गुरुवार को एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. चरमा में 3 सेमी और गरियाबंद में 1 सेमी पानी गिरा. इस दौरान सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया.
मौसम विभाग ने आज सुबह 10 बजे तक 20 से अधिक स्थानों पर बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, में बादल गरजने, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30-40 प्रति घंटे रफ्तार) और वर्षा की संभावना जताई गई है.
एक्टिव सिस्टम
मौमस विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण मध्य प्रदेश के मध्य भाग में 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. दूसरा ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण अंदरुनी उड़ीसा और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. तीसरा ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी बिहार के ऊपर 1.5 किलोमीटर से 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. एक द्रोणिका दक्षिण मध्य प्रदेश से झारखंड तक छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है.
इन प्रणालियों के प्रभाव से 8 मई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं. वहीं कुछ जगहों पर गरज चमक के साथ अंधड़ और बिजली गिरने के आसार हैं. वहीं अधिकतम तापमान में हल्की उतार चढ़ाव के साथ कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है.
माध्यमिक शिक्षा मंडल का बड़ा एक्शन, उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में लापरवाही करने वाले 30 शिक्षक 3 साल के लिए हुए ब्लैकलिस्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले 30 शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंडल द्वारा जारी आदेश में संबंधित शिक्षकों को अगले तीन वर्षों के लिए मंडल के विभिन्न कार्यों से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के दौरान कई छात्रों के अंकों में 20 से 40 तक की बढ़ोतरी सामने आई। इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए मंडल ने जांच के बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की है। मंडल ने संबंधित शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की भी अनुशंसा की है। बताया जा रहा है कि मूल्यांकन कार्य में लापरवाही और अंक देने में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं इस निर्णय के बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
इन शिक्षकों पर कार्रवाई –




अब कॉर्पोरेट कल्चर में काम करे PWD, सड़क सुरक्षा के हर मानक पर सख्त हुए डिप्टी सीएम अरुण साव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तेज गति, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ काम करने के निर्देश दिए। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति मिलते ही तकनीकी स्वीकृति, टेंडर और कार्यारंभ की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने मुख्य अभियंता कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सभी कार्यालय कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता, दक्षता और प्रोफेशनल कार्यसंस्कृति के साथ काम करें। फील्ड से लेकर कार्यालय स्तर तक तेज निर्णय, नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी खराबी मिले वहां संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने साफ कहा कि परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में सड़क खराब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई भी की जाएगी। श्री साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी हर सप्ताह फील्ड में जाकर सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें। नई सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु कलेक्टरों के साथ समन्वय बढ़ाने को भी कहा गया।
बैठक में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशा सूचक साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, ट्रैफिक सिग्नल, क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टर और अन्य रोड फर्नीचर से जुड़े सभी कार्य तत्परता के साथ अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता दुर्घटनाओं और असुविधा से सुरक्षित रह सके। उन्होंने ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर वहां त्वरित सुधारात्मक कार्य करने पर भी जोर दिया।उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा के पालन को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्षों तक लंबित रहने वाले कार्य विभाग की छवि खराब करते हैं। इसलिए हर हाल में तय समय के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किए जाएं। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सेतु संभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
हाई कोर्ट के 11 अधिवक्ता बने सीनियर एडवोकेट: रजिस्ट्रार जनरल ने जारी की अधिसूचना
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने अधिसूचना जारी कर 11 अधिवक्ताओं को सीनियर एडवोकेट के रूप में नियुक्त किया है। जारी अधिसूचना में लिखा है कि अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16 और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति) नियम, 2025 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और सर्वोच्च न्यायालय के 13 मई 2025 के आपराधिक अपील संख्या 865/2025 (जितेंद्र उर्फ कल्ला बनाम राज्य (दिल्ली सरकार)) के निर्णय एवं आदेश के अनुसरण में, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 28 अप्रैल 2026 को पूर्ण न्यायालय की स्वीकृति द्वारा निम्नलिखित अधिवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नियुक्त करने का संकल्प लिया है।
सीनियर एडवोकेट के रूप में ये हुए नियुक्त

“एक पुल बनते ही तीन राज्यों की कनेक्टविटी हो जायेगी मजबूत” मुख्यमंत्री ने दी सौगात, 9.45 करोड़की लागत से बनेगा श्री नदी पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को एक और महत्वपूर्ण विकास परियोजना की सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट अंतर्गत कुनकुरी-तपकरा-लवाकेरा मार्ग पर श्री नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 45 लाख 85 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
यह मार्ग छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। उच्च स्तरीय पुल के निर्माण से तीनों राज्यों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम और निर्बाध हो सकेगा। साथ ही व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
वर्तमान में इस मार्ग पर स्थित सकरा पुल बरसात के मौसम में बड़ी समस्या बन जाता था। जलस्तर बढ़ने पर आवागमन बाधित हो जाता था और ग्रामीणों एवं राहगीरों को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ती थी। लंबे समय से क्षेत्रवासी उच्च स्तरीय पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी कार्य कर रही है। पुल निर्माण से हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि श्री नदी पर बनने वाला यह उच्च स्तरीय पुल जशपुर जिले के लिए विकास का नया द्वार साबित होगा तथा राज्य के दूरस्थ अंचलों को बेहतर संपर्क सुविधा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ताड़मेटला नक्सली हमला : CRPF के 76 जवान हुए थे शहीद, सभी आरोपी दोषमुक्त, हाईकोर्ट ने कही ये बात
बिलासपुर। ताड़मेटला नक्सली हमला मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया। डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि हमें यह देखकर अत्यंत दुख हुआ है, इतने गंभीर मामले, जिसमें बड़े पैमाने पर जवान शहीद हुए हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े, का अंततः इस तरह से निपटारा किया गया है, कोई भी कानूनी रूप से मान्य और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। परिणामस्वरूप, निचली अदालत को उन्हें बरी करने के लिए विवश होना पड़ा।
सीआरपीएफ कर्मियों पर हुए सामूहिक हमले के आरोपियों को प्रत्यक्ष साक्ष्यों की कमी, अपूर्ण परिस्थितिजन्य साक्ष्य, जांच में प्रक्रियात्मक खामियों और अपराध की गंभीरता के बावजूद उचित संदेह से परे दोष सिद्ध करने में विफलता के कारण बरी कर दिया गया।
बता दें कि राज्य सरकार ने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 378 (1) के तहत हत्याकांड के आरोपियों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, दक्षिण बस्तर द्वारा सत्र परीक्षण में 07 जनवरी 2013 को पारित निर्णय की वैधता और औचित्य को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने अभियुक्तों को आईपीसी की धारा 148, 120बी, 396 (76 गिनती) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 27 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 5 के तहत दंडनीय अपराध से बरी कर दिया था, यह मानते हुए कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है।
जानिए पूरा मामला
सीआरपीएफ की 62वीं बटालियन के उप कमांडर सत्यवान सिंह, कंपनी और पुलिस बल के साथ 82वीं फोर्स के साथ 04 अप्रैल 2010 से 07 अप्रैल 2010 तक एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग पर थे, जब 06 अप्रैल 2010 की सुबह ताडमेटला गांव के जंगल में नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। पुलिस बल को देखते ही नक्सलियों ने उन्हें जान से मारने की मंशा से भारी गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की। उक्त गोलीबारी में 76 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इस घटना की रिपोर्ट चिन्तागुफा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।
सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने रखा पक्ष
राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने कहा, निचली अदालत द्वारा पारित बरी करने का फैसला अवैध और अस्थिर है। निचली अदालत महत्वपूर्ण साक्ष्यों को समझने में विफल रही है, जिसमें आरोपी बरसे लखमा का मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिया गया इकबालिया बयान भी शामिल है, जिसमें उसने अन्य आरोपियों के साथ इस अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा, निचली अदालत बम निरोधक दस्ते द्वारा जब्त किए गए पाइप बमों और विस्फोटकों तथा अन्य सहायक सामग्री को भी समझने में विफल रही है। धारा 311 सीआरपीसी के तहत सात घायल सीआरपीएफ जवान, जो चश्मदीद गवाह थे, की जांच के लिए अभियोजन पक्ष के आवेदन को खारिज करना एक गंभीर त्रुटि है, जो मामले को कमजोर करती है।
कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या प्रत्यक्षदर्शी गवाही नहीं
अभियुक्तों को हत्या के कृत्यों के वास्तविक क्रियान्वयन से जोड़ने वाला कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या प्रत्यक्षदर्शी गवाही नहीं है। किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने अभियुक्तों की पहचान अपराधियों के रूप में नहीं की है। धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता किसी स्वतंत्र साक्ष्य द्वारा समर्थित नहीं है। अभियुक्त का कथित इकबालिया बयान, जिसके अंतर्गत जब्त की गई विस्फोटक सामग्री, जिसमें पाइप बम, ग्रेनेड और राइफलें शामिल हैं, घटना स्थल से बरामद की गई थी, न कि आरोपी के कब्जे से। महत्वपूर्ण बात यह है कि सामग्री को विस्फोटक प्रमाणित करने वाली एफएसएल रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है, जिससे जब्ती का सबूत अप्रभावी हो जाता है। जांच त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती है क्योंकि शस्त्र अधिनियम के तहत आवश्यक अभियोजन स्वीकृति का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दी हिदायत
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा है, निचली अदालत द्वारा पारित दोषमुक्ति के फैसले के विरुद्ध राज्य द्वारा दायर की गई अपील को खारिज किया जाता है। अभियुक्तों, प्रतिवादियों की दोषमुक्ति को बरकरार रखा जाता है, क्योंकि अभियोजन पक्ष उचित संदेह से परे अपराध साबित करने में विफल रहा है। डिवीजन बेंच ने कहा, जांच में कई खामियां थीं, जैसे महत्वपूर्ण गवाहों की पहचान और जांच न होना, फोरेंसिक और तकनीकी प्रमाणों का अभाव, आरोपी को कथित अपराधों से जोड़ने वाले प्राथमिक साक्ष्यों का संग्रह न होना। मात्र संदेह, चाहे वह कितना भी प्रबल क्यों न हो, अपने आप में संदेह से परे प्रमाण की आवश्यकता का विकल्प नहीं हो सकता।
पुलिस ने इन लोगों को बनाया था आरोपी, अब कोर्ट से हुए बरी
ओयामी गंगा, पुत्र लखमा उम्र लगभग 35 वर्ष निवासी मिनपा पटेलपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा .
माडवी दुला पुत्र मुक्का उम्र लगभग 45 वर्ष निवासी मिनपा पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा.
पोदियामी हिड़मा पत्नी माया उम्र लगभग 25 वर्ष निवासी पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
ओयामी हिड़मा पुत्र गंगा उम्र लगभग 25 वर्ष निवासी पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
कवासी बुथरा पुत्र हड़मा उम्र लगभग 28 वर्ष निवासी पटेलपारा थाना चिंतागुफा जिला सुकमा
हुर्रा जोगा पुत्र हड़मा उम्र लगभग 30 वर्ष निवासी मिनपा पटेलपारा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा.
बरसे लखमा पुत्र भीमा उम्र लगभग 19 वर्ष निवासी कावासीरस मारेपल्ली थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
मड़कम गंगा पुत्र मड़कम हड़मा उम्र लगभग 32 वर्ष निवासी गोरगुंडा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
राजेश नायक, पिता चिकन राम, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी गोरगुंडा, थाना चिन्तागुफा, जिला सुकमा
करतम जोगा पुत्र बंदी उम्र लगभग 49 वर्ष निवासी मिस्मा थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा।
कलेक्टर ने नहीं उठाया फोन, तो बीजेपी नेता ने सुशासन तिहार में उतारा गुस्सा
गरियाबंद। जिले के अमलीपदर तहसील मुख्यालय में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब पूर्व भाजपा संसदीय सचिव और क्षेत्र के वरिष्ठ नेता गोवर्धन मांझी मंच से ही प्रशासन पर भड़क उठे। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर भगवान सिंह उइके की मौजूदगी में मांझी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते, जिससे छोटी-छोटी समस्याएं भी लंबे समय तक बनी रहती हैं।
उन्होंने कहा कि पानी, बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर जनता लगातार जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचती है, लेकिन प्रशासन तक बात पहुंचाने के बाद भी समाधान नहीं हो पाता।
गोवर्धन मांझी ने मंच से कहा कि “कलेक्टर साहब, आप फोन तो उठा लिया करें। छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान ऐसे ही हो जाता है। लोग आवेदन देकर थक चुके हैं, लेकिन अधिकारियों तक सुनवाई नहीं होती।”
शिविर कोई जादू की छड़ी नहीं- गोवर्धन मांझी
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ शिविर लगाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। “शिविर कोई जादू की छड़ी नहीं है कि एकाएक सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन सिस्टम में सुधार जरूरी है।”
शिविर में बड़ी संख्या में खाली कुर्सियां देख मांझी ने प्रचार-प्रसार की कमी और प्रशासन की तैयारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खाली पंडाल इस बात का संकेत है कि प्रशासन सरकार की मंशा के अनुरूप गंभीरता से काम नहीं कर रहा।
मंच से दिए गए इस बयान के बाद कार्यक्रम में कुछ देर के लिए माहौल राजनीतिक हो गया और अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कैट छत्तीसगढ़ को मिला नया नेतृत्व, प्रदेशभर में संगठन विस्तार और व्यापारी हितों के लिए बनेगी मजबूत रणनीति
रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन (CAIT) ने छत्तीसगढ़ में संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश नेतृत्व की नई टीम की घोषणा की है। राष्ट्रीय नेतृत्व की अनुशंसा एवं प्रदेश कोर कमेटी की सर्वसम्मति से हुई बैठक में वरिष्ठ व्यापारी नेता परमानंद जैन को प्रदेश अध्यक्ष, युवा व्यापारी नेता अवनीत सिंह को प्रदेश महामंत्री तथा विजय पटेल को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही राजेंद्र खटवानी को प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस संबंध में कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के तत्कालीन चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, तत्कालीन अध्यक्ष परमानंद जैन, तत्कालीन महामंत्री सुरिंदर सिंह, तत्कालीन कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंथन, वासु माखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया, राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल, राष्ट्रीय चेयरमेन बृजमोहन अग्रवाल एवं राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी की अनुशंसा पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि कैट छत्तीसगढ़ अब प्रदेश के प्रत्येक जिले, तहसील एवं स्थानीय व्यापारिक संगठनों तक मजबूत संगठनात्मक संरचना तैयार करने की दिशा में कार्य करेगा। नई टीम व्यापारियों के हितों की रक्षा, व्यापार के अनुकूल नीतियों के निर्माण, ई-कॉमर्स एवं विदेशी कंपनियों की अनुचित व्यापारिक गतिविधियों के खिलाफ संघर्ष तथा छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को सशक्त बनाने, वोकल फॉर लोकल के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारिक जगत अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में एक मजबूत, संगठित एवं सक्रिय व्यापारी संगठन की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। नई टीम अनुभव एवं युवा नेतृत्व के संयोजन के साथ प्रदेशभर के 12 लाख व्यापारियों के उत्थान एवं प्रगति के लिए जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने का कार्य करेगी।
राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कैंट लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में संगठन प्रदेश के प्रत्येक व्यापारी की आवाज बनकर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि नई टीम व्यापारियों के मुद्दों को स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय मंच तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल ने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं व्यापारी केंद्रित बनाया जाएगा। प्रदेशभर में संगठन विस्तार, व्यापारिक जागरूकता अभियान एवं स्थानीय व्यापारिक इकाइयों के सशक्तिकरण पर विशेष कार्य किया जाएगा, कैट छत्तीसगढ़ आधुनिक कार्यप्रणाली, युवा सहभागिता एवं डिजिटल समन्वय के माध्यम से संगठन को नई दिशा देगा। प्रदेश के प्रत्येक व्यापारी तक संगठन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सदस्यता एवं संवाद अभियान चलाया जाएगा, संगठन की पारदर्शी एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों एवं संगठनात्मक अभियानों को प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा।
कैट पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी अपने अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं संगठनात्मक कौशल के बल पर छत्तीसगढ़ के व्यापारिक समुदाय को नई ऊर्जा प्रदान करेगी और व्यापारियों के हितों की लड़ाई को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगी।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल ने राष्ट्रीय नेतृत्व, कैट छत्तीसगढ़ के समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं व्यापारी साथियों का आभार व्यक्त किया।
टीएस सिंहदेव PCC चीफ बनने तैयार, कहा – सबको साथ लेकर चलना मेरी प्राथमिकता
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनने तैयार हैं। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि यदि पार्टी हाईकमान उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपता है तो वे इस पद को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सिंहदेव ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है। मैं सबको साथ लेकर चलूंगा, भेदभाव कम से कम रहे, मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कांग्रेस को फिर से मजबूत करने के लिए संगठन के हर स्तर पर संवाद और समन्वय बढ़ाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने और सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आने वाले समय में संगठनात्मक फेरबदल की संभावना को देखते हुए सिंहदेव का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। उनके इस संकेत के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई है।
संगीता सिन्हा बनी है महिला कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष
बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस (AIMC) की अध्यक्ष अलका लांबा ने संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा को छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। जारी आदेश के अनुसार, संगीता सिन्हा आगामी स्थायी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगी। संगठन में यह बदलाव आगामी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
संगीता सिन्हा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनने से महिला कांग्रेस में नए सिरे से सक्रियता आने की उम्मीद जताई जा रही है।पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा। बता दें कि राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम के इस्तीफे के बाद से प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद रिक्त था।
सुशासन तिहार : बाइक से दुर्गम पहाड़ों तक पहुंचे कलेक्टर-एसपी, चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का किया समाधान
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत अब विकास की किरण केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे सुदूर वनांचलों तक पहुँच रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ के सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। बुधवार को कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए, खुद मोटरसाइकिल चलाकर 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को पार किया और पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास व नीलावाया पहुँचे।
जिला प्रशासन सुशासन तिहार के माध्यम से 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा रहा है। कलेक्टर और एसपी का यह दौरा साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ दूरी मिटाता है, तो जनता के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास और बदलाव की नई उम्मीद जागती है।
ग्राम गोंडेरास में इमली की छाँव में समस्याओं का तत्काल समाधान
गोंडेरास गांव में कलेक्टर और एसपी ने किसी आलीशान मंच के बजाय इमली के पेड़ के नीचे बिछी खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों द्वारा सोलर प्लेट्स के खराब होने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गाँव में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को ही सौंपी गई है। शिविर में 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र और 11 पीएम-किसान प्रकरणों का निराकरण, 2 किसान किताब, 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए।
स्वास्थ्य सुरक्षा और पुलिया की सौगात
ग्राम नीलावाया पहुँचकर अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली 15 किमी की अतिरिक्त दूरी को खत्म करने के लिए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए सचिव को कड़े निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल बनाकर सौंपे गए।
कागजी नहीं, धरातली सुशासन हमारा लक्ष्य
कलेक्टर अमित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि शासन का लक्ष्य नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गाँव) योजना के जरिए हर घर को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के सैचुरेशन (पूर्णता) से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाना कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने का एक बड़ा कदम है। यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर हमारे गाँव तक मोटरसाइकिल से पहुँचा है। अब हमें भरोसा है कि हमारी समस्याएँ अनसुनी नहीं रहेंगी। गांव के सरपंच जोगा वंजामी ने अधिकारियों के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर उनके गांव तक पहुंचा है।
