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संसद में गूंजा रायपुर एम्स में डॉक्टर और स्टाफ की कमी का मुद्दा, सांसद फूलोदेवी नेताम ने बयां किया अस्पताल का हाल…
रायपुर। रायपुर एम्स में डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी का मुद्दा राज्यसभा में गूंजा. कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने शून्यकाल के दौरान अस्पताल की माली हालत बयां करते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके.
सांसद फूलोदेवी नेताम ने राज्यसभा में शून्य काल के दौरान रायपुर एम्स में डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलता तो वह भी इलाज नहीं देने के समान ही माना जाता है. यही हाल रायपुर स्थित एम्स का है जहां गंभीर बीमारियों से पीडित मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है.
उन्होंने बताया कि एम्स, रायपुर में चिकित्सक के 305 पद स्वीकृत हैं, जिसकी तुलना में केवल 190 चिकित्सक ही कार्यरत हैं. 115 पद खाली पडे हैं. सबसे ज्यादा कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग चिकित्सक की कमी से जूझ रहे हैं. नर्स, तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में लगे स्टाफ के 3 हजार 884 पद स्वीकृत हैं, 2 हजार 387 स्टाफ कार्यरत है, 1 हजार 497 पद खाली पडे हैं.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि चिकित्सक और सहायक स्टाफ की कमी के कारण ओपीडी में तो लंबी लाइन लगती ही है, बल्कि ऑपरेशन और जांच में भी देरी हो रही है. जब भी किसी गंभीर बीमारी से पीडित को भर्ती कराने के लिए कहा जाता है तो वहां पर बैड नहीं है कहकर मना कर देते हैं. उन्होंने एम्स, रायपुर में चिकित्सक और अन्य स्टाफ के खाली पदों को शीघ्र भरने के साथ बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिससे मरीजों को समय से पूरा इलाज मिल सके.
1 अप्रैल से मैनुअल चालान व्यवस्था खत्म, अब सिर्फ ऑनलाइन जमा होंगे चालान
रायपुर। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार राज्य में 1 अप्रैल से मैनुअल सिस्टम से चालान जमा करने का काम पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. जिला कोषालयों में केवल ऑनलाइन ही चालान जमा होंगे.
नई व्यवस्था की अफसरों और कर्मचारियों को जानकारी देने के लिए सोमवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इसमें जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल ने आहरण संवितरण अधिकारियों, स्टांप वेंडर एवं बैंक प्रतिनिधियों को ओटीसी (ओवर द काउंटर ) ऑनलाइन चालान जमा करने की विस्तार से जानकारी दी.
शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक बैरनबाजार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में पटेल ने बताया कि मैनुअल सिस्टम से चालान जमा करने में जो गलती होने की संभावना होती थी, वह ओटीसी ऑनलाइन चालान से नहीं होगी. इसमें सही मद का चयन करना सुविधाजनक होगा, जिससे बैंक एवं कोषालय में पारदर्शिता बढ़ेगी.
कार्यशाला में बताया गया कि संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा नए वित्तीय साल में 1 अप्रैल से मैनुअल चालान सिस्टम को खत्म कर ऑनलाइन चालान जमा करने की सुविधा शुरू की जा रही है. ऑनलाइन चालान ई-कोष ऑनलाइन पोर्टल के अंतर्गत ई-चालान मॉड्यूल से जमा किया जा सकता है. इस प्रक्रिया में चालान का डाटा सीधे बैंक को ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगा.
"जातिवाद और भय की राजनीति को जनता ने किया खारिज, अब विकास ही चुनाव का मुद्दा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल"
रायपुर/ नई दिल्ली। देश की जनता को पूर्ण विश्वास है कि यदि कोई भारत को वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' बना सकता है, तो वह केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृढ़ नेतृत्व ही है। यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का आगामी विधानसभा चुनाव में विभिन्न राज्यों में भाजपा की स्थिति पर चर्चा करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, कि , "चाहे पश्चिम बंगाल हो, असम हो, तमिलनाडु हो या पुडुचेरी—हर जगह भाजपा का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। बंगाल और असम में हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी भाजपा की विकासपरक नीतियों के कारण जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।"
बृजमोहन अग्रवाल ने देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और आगामी चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अब जातिवाद और भय की राजनीति से बाहर निकल चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अब केवल और केवल 'विकासवाद' की राह पर चल पड़ा है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
श्री अग्रवाल ने कांग्रेस की पुरानी नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा, "एक समय था जब कांग्रेस पार्टी जातिवाद के आधार पर लोगों को बांटकर और समाज में डर पैदा कर चुनाव जीतती थी। लेकिन आज की जागरूक जनता यह समझ चुकी है कि राजनीतिक दुर्भावना के कारण वे विकास से महरूम नहीं रह सकते। जनता अब नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है।"
अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता विकास
भाजपा सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के सुदूर क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई हैं। उन्होंने कहा, "आज देश के हर नागरिक को शुद्ध पानी, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, कुकिंग गैस और बेहतरीन सड़कें चाहिए। मोदी सरकार ने इंटरनेट से लेकर रेल कनेक्टिविटी तक, हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। मिजोरम जैसे राज्य, जो दशकों तक रेल सेवा से कटे हुए थे, आज भारतीय रेलवे के मानचित्र पर गर्व से खड़े हैं।"
बदलती कनेक्टिविटी और वंदे भारत का युग
उन्होंने आगे कहा कि एक्सप्रेस हाईवे, फोर-लेन कॉरिडोर और 'वंदे भारत' जैसी आधुनिक ट्रेनों ने देश की दूरियों को कम कर दिया है। कनेक्टिविटी बढ़ने से न केवल व्यापार सुगम हुआ है, बल्कि आम आदमी का जीवन भी आसान हुआ है। जिसका परिणाम आने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र ध्येय 'अंत्योदय' और 'राष्ट्र निर्माण' है, जिसे जनता का अटूट आशीर्वाद प्राप्त है।
पापाराव के आत्मसमर्पण पर गृह मंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान, कहा-
कवर्धा। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि नक्सली पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म हुआ. अब छत्तीसगढ़ में एक भी नक्सली नहीं बचा है.
दरअसल, लाल आतंक का बड़ा चेहरा रहा पापा राव आज सरेंडर कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में उसके बीजापुर पहुंचने की संभावना है, जहां वह अपने 17 साथियों के साथ AK-47 समेत कई अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर करेगा. उसके बाद उसे जगदलपुर ले जाया जाएगा, जहां वह बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के सामने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेगा.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पापा राव को लेने के लिए पुलिस बल की टीम पहले ही इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र के एक गोपनीय ठिकाने के लिए रवाना हो चुकी है. लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद अब उसके सरेंडर की स्थिति बनी है.
करीब 25 लाख रुपये के इनामी पापा राव वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का सदस्य रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बस्तर में नक्सली गतिविधियों की कमान लंबे समय तक उसी के हाथ में रही है.
उसका नाम कई बड़े हमलों में सामने आ चुका है, जिनमें कुटरू-बेदरे रोड पर हुआ आईईडी ब्लास्ट भी शामिल है, जिसमें 8 जवान शहीद हुए थे. इस हमले का मास्टरमाइंड भी पापा राव को माना गया. इसके अलावा कई एंबुश और सुरक्षाबलों पर हमलों की रणनीति बनाने में उसकी अहम भूमिका रही है.
पापा राव पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) का एक प्रमुख चेहरा माना जाता रहा है और संगठन के ऑपरेशनल से लेकर रणनीतिक फैसलों में उसकी सीधी भागीदारी रही. उसकी पत्नी उर्मिला भी पीएलजीए बटालियन की सदस्य थी, जो एक मुठभेड़ में मारी जा चुकी है.
बड़े नक्सली पापा राव के सरेंडर की तैयारी, 12 साथियों संग पहुंचेगा पुनर्वास के लिए
बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से सक्रिय और डीकेएसजेडसी (DKSZC) रैंक का नक्सली पापा राव जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला है। बताया जा रहा है कि वह अपने 12 साथियों के साथ जगदलपुर पहुंचकर पुनर्वास प्रक्रिया में शामिल होगा।
भारी हथियारों के साथ सरेंडर की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, पापा राव और उसके साथियों के पास एके-47, एसएलआर जैसे आधुनिक हथियार मौजूद हैं। फिलहाल उसकी मौजूदगी आईटीआर क्षेत्र के घने जंगलों में बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बस्तर में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
यदि पापा राव का आत्मसमर्पण होता है, तो इसे बस्तर में नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, उसके सरेंडर के बाद क्षेत्र में सिर्फ केसा सोढ़ी जैसे कुछ गिने-चुने नक्सली ही सक्रिय रह जाएंगे।
मुख्यमंत्री का बयान
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की सख्त नीति का असर दिख रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण नक्सलवाद के खात्मे की समयसीमा अब काफी नजदीक आ गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पापा राव आत्मसमर्पण करता है, तो यह एक सकारात्मक कदम होगा और अन्य नक्सलियों के लिए भी एक संदेश साबित होगा।
पुनर्वास नीति का असर
सरकार की पुनर्वास नीति के चलते लगातार नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पापा राव जैसे बड़े नक्सली का सरेंडर इस नीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पापा राव कब और किस परिस्थिति में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करता है। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
20 साल पुराने रिश्वत मामले में हाईकोर्ट का फैसला: सबूतों के अभाव में आरोपी बरी
बिलासपुर। दो दशक पुराने रिश्वत मामले में आरोपी को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है. न्यायमूर्ति रजनी दुबे की एकलपीठ ने सीबीआई कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को निरस्त करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष रिश्वत मांग और स्वीकार को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाया.
मामला वर्ष 2004 का है, जिसमें कोरिया कोलियरी (एसईसीएल) में पदस्थ कर्मचारी माइकल मसीह ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन पर्सनल मैनेजर जितेन्द्र नाथ मुखर्जी ने उनके पीएफ से 2.5 लाख की अग्रिम राशि स्वीकृत कराने के लिए 5,000 रिश्वत की मांग की थी. मामले की शिकायत के बाद सीबीआई ने ट्रैप कार्रवाई की और 27 फरवरी 2004 को आरोपी को उसके आवास से कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. इसके बाद विशेष सीबीआई कोर्ट, रायपुर ने 2006 में आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक-एक वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी. मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनकी पत्नी ने कानूनी प्रतिनिधि के रूप में अपील को आगे बढ़ाया.
हाईकोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद कई गंभीर खामियां पाई. कोर्ट ने कहा कि, रिश्वत मांगना भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे जरूरी तत्व है, इस मामले में इसकी पुष्टि सिर्फ शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित थी. स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य से इसकी पुष्टि नहीं हुई. सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने दोहराया कि सिर्फ पैसे की बरामदगी से दोष सिद्ध नहीं होता. इसके अलावा जिस सीपीएफ आवेदन के आधार पर रिश्वत मांगी गई, उसका मूल दस्तावेज पेश नहीं किया गया, केवल फोटो कॉपी रिकॉर्ड में लाई गई. गवाहों ने भी यह पुष्टि नहीं की कि आवेदन कभी आरोपी के पास पहुंचा था, कोर्ट ने इसे अभियोजन की कहानी पर गंभीर संदेह पैदा करने वाला माना. साथ ही कई गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाए. ट्रैप गवाहों ने सिर्फ पैसे मिलने की बात कही, मांग की नहीं.
आरोपी ने अपने बयान में कहा था कि, उसने कभी रिश्वत नहीं मांगी. शिकायतकर्ता ने जबरदस्ती पैसे देने की कोशिश की. पैसे हाथ झटकने पर जमीन पर गिर गए, कोर्ट ने पाया कि यह बचाव गवाहों और परिस्थितियों से पूरी तरह खारिज नहीं होता. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि, रिश्वत मामलों में डिमांड और एक्सेप्टेंश दोनों साबित होना जरूरी है. केवल पैसे मिलना पर्याप्त नहीं है. बिना डिमांड के धारा 7 और 13 (पीसी एक्ट) के तहत दोष सिद्ध नहीं होता. इसके बाद हाईकोर्ट ने आरोपी की सजा और दोषसिद्धि पूरी तरह रद्द करते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया. आरोपी की मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए आगे कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं है.
MMU खरीद मामले में हाईकोर्ट सख्त: सबूतों के अभाव में जनहित याचिका खारिज
बिलासपुर। हाईकोर्ट में पीएम-जनमन योजना के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) खरीद में कथित गड़बड़ी को लेकर दायर जनहित याचिका खारिज कर दी गई है. मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही निरस्त कर दिया.
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका ठोस सबूतों के बजाय मीडिया रिपोर्ट और सामान्य आरोपों पर आधारित है, इसलिए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई योग्य नहीं है. साथ ही, याचिकाकर्ता की मंशा और पात्रता पर भी सवाल उठाते हुए कोर्ट ने इसे जनहित में वास्तविक नहीं माना.
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के पास अन्य वैकल्पिक उपाय उपलब्ध हैं. याचिका खारिज होने के साथ ही सुरक्षा राशि लौटाने से भी अदालत ने इंकार कर दिया. बता दें कि 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिए 108 करोड़ रुपये की खरीदी से जुड़ा यह मामला है.
रायगढ़ में अफीम की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई: 72 घंटे में तीन स्थानों पर छापे, ड्रोन सर्वे से खुलासा
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ प्रशासन ने सख्त अभियान छेड़ रखा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में बीते 72 घंटों के भीतर तमनार, लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव में अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ किया गया है। लगातार हो रही कार्रवाई से इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन ने इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता आयोजित कर जानकारी दी। कलेक्टर चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है। खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ सहित कई क्षेत्रों के कुल 74 गांवों में सर्वे किया गया है। ड्रोन तकनीक के जरिए दूरस्थ इलाकों में भी निगरानी संभव हुई है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह में सीमावर्ती क्षेत्रों के विश्लेषण के दौरान पहले दो मामले सामने आए थे, जबकि आज तीसरा मामला भी उजागर हुआ। सभी मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि 19 मार्च को मुखबिर की सूचना पर तमनार के आमाघाट में छापेमारी की गई, जहां सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। यहां से करीब 60,326 पौधे जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लिया गया है। पूरी फसल को नष्ट कर खेत समतल कर दिया गया।
इसके बाद 23 मार्च को लैलूंगा के नवीन घटगांव में ड्रोन और फिजिकल सर्वे के दौरान सादराम नाग के खेत में अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई। साथ ही अभिमन्यु नागवंशी के घर से सूखी अफीम भी बरामद हुई, जिसे जब्त कर लिया गया। मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ के दौरान भी संदिग्ध खेती की जानकारी मिली है, जहां से सूखे अवशेष बरामद कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के बाद नारकोटिक्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने लिया जायजा
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज देर रात तक खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने जिले के विभिन्न खेल मैदानों एवं अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल का निरीक्षण किया। उन्होंने बैठक व्यवस्था, कुर्सियां, शौचालय, पेयजल, एम्बुलेंस, निर्बाध विद्युत व्यवस्था तथा मच्छरों एवं कीट से बचाव हेतु फॉगिंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने मैदानों की स्थिति, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा, लाइट व्यवस्था, मेडिकल सुविधा और एम्बुलेंस की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूर्ण की जाएं।

कलेक्टर डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों और दर्शकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मैदानों को बेहतर तरीके से तैयार किया जाए और पर्याप्त रोशनी, प्राथमिक उपचार, डॉक्टर और एम्बुलेंस की व्यवस्था हर स्थल पर सुनिश्चित की जाए।
उल्लेखनीय है कि युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिता रायपुर सहित सरगुजा एवं जगदलपुर जिले में आयोजित की जाएगी, जिसमें देश भर से लगभग 3800 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे एवं अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में कुल 7 खेल आयोजित होंगे, जिसमें तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स एवं रेस्लिंग जैसी खेल विधाएँ शामिल रहेंगी।
खेल प्रतियोगिता के आयोजन में प्रतिभागियों एवं उनके साथ आने वाले सहयोगी स्टाफ की सुविधा के लिए विशेष टीम गठित की गई है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर स्टॉल स्थापित कर ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही आयोजन स्थलों पर स्वच्छता, स्वच्छताकर्मियों की ड्यूटी, पेयजल व्यवस्था तथा वेस्ट मैनेजमेंट की समुचित व्यवस्था रहेगी। सभी वेन्यू स्थल एवं खिलाड़ियों के ठहरने के स्थान पर मेडिकल टीम तैनात करने तथा खेल स्थलों एवं अन्य राज्यों से आये दलों के आवास स्थलों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा आवश्यकतानुसार डी.जी.सेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
आयोजन के तहत प्रतियोगिता के 5 खेल रायपुर में आयोजित हो रहे हैं, जिसमें तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन 30 मार्च से 3 अप्रैल तक ओपन ग्राउंड डायरेक्टरेट ऑफ यूथ एंड वेलफेयर, फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के फुटबॉल ग्राउंड एवं स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन 26 मार्च से 1 अप्रैल तक सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन 25 मार्च से 28 मार्च तक इंटरनेशनल स्विमिंग पूल, भारोत्तोलन प्रतियोगिता का आयोजन 26 मार्च से 29 मार्च तक ओपन ग्राउंड, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित की जाएगी एवं शेष 2 खेल जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा में 30 मार्च से 02 अप्रैल तक एथलेटिक्स एवं सरगुजा के गांधी स्टेडियम में रेस्लिंग 28 मार्च से 31 मार्च तक आयोजित होंगे।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, पुलिस उपायुक्त पश्चिम संदीप पटेल, एडीएम उमाशंकर बंदे, एडीसीपी दौलत राम पोर्ते, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, प्रोटोकॉल अधिकारी मुकेश कोठारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
केवई नदी में अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई: नियम उल्लंघन पर पट्टाधारी पर 1 लाख का जुर्माना
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। ग्राम पंचायत बिछियाटोला, तहसील केल्हारी अंतर्गत केवई नदी में अवैध रेत उत्खनन के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है. खसरा क्रमांक 684 रकबा 16.250 हेक्टेयर क्षेत्र में स्वीकृत गौण खनिज साधारण रेत खदान में रात के समय रेत लोडिंग की शिकायत मिलने पर कलेक्टर के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें शिकायत सही पाई गई. जांच में यह सामने आया कि उत्खनन पट्टाधारी द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए रात्रिकाल में वाहनों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा था, जो निर्धारित प्रावधानों के विरुद्ध है.
प्रशासन ने इस कृत्य को छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत के उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की. नियमों के तहत पर्यावरणीय शर्तों और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पट्टाधारी पर 1,00,000 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है, जिसे निर्धारित मद में जमा भी करा दिया गया है.
खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन और नियम विरुद्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. प्रशासन की इस सख्ती से अवैध रेत कारोबार में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है और नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश गया है.
असम में गरजे डिप्टी CM अरुण साव: नामांकन रैली में उमड़ा जनसैलाब, BJP की जीत का किया दावा
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज असम प्रवास पर रहे और धेमाजी में भाजपा प्रत्याशियों के भव्य नामांकन रैली में शामिल हुए. इस रैली में धेमाजी के हर सड़क, हर चौक-चौराहों में जनसैलाब देखने को मिला.
धेमाजी विधानसभा, सिसिबोरगांव विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी डॉ. रनोज पेगू एवं जीवन गोगोई ने नामांकन दाखिल किया है. नामांकन रैली में उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि भाजपा के लोकप्रिय प्रत्याशियों के समर्थन में उमड़ा यह अपार जनसमर्थन आगामी चुनाव परिणामों का स्पष्ट संकेत है. डबल इंजन सरकार के प्रभावी नेतृत्व में असम ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और जनता इस विकास यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाना चाहती है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में एक बार फिर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार का गठन होगा. रैली में लखीमपुर के सांसद प्रधान बरुआ, पार्टी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री साव ने असम विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों को लेकर पिछले तीन दिनों में धेमाजी, ढकुआखाना, लखीमपुर, रोंगोनदी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की. साथ ही नाओबोइचा विधानसभा में एनडीए के सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) के प्रत्याशी एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया. बैठक में स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और जनसंपर्क अभियान को तेज कर संगठन को सक्रिय बनाने पर विशेष जोर दिया.
बैठक में रोगोंनदी से भाजपा प्रत्याशी ऋषिराज हजारिका, नाओबोइचा से एजीपी प्रत्याशी बसंत दास सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने का संकल्प लिया. उप मुख्यमंत्री साव ने मेरा बूथ, सबसे मजबूत के संकल्प को दोहराते हुए हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन, समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर जनता तक पार्टी का विचार पहुंचाएंगे.
खेल प्रतिभा का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की धूम, खिलाड़ियों का गर्मजोशी से किया स्वागत
रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।
खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।

यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।
छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।
12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर निरस्त, अब अप्रैल में फिर से होगी परीक्षा, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर लीक होने के दावों के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हिंदी पेपर को निरस्त कर दिया है। बता दें कि कक्षा 12वीं का हिंदी पेपर 14 मार्च 2026 को हुआ था। अब फिर से 10 अप्रैल 2026 को हिंदी की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसका आदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी कर दिया है।
बता दें कि NSUI ने सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों में 12वीं की हिंदी परीक्षा से पहले कुछ सवाल वायरल होने का दावा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर कराई है, जिसके बाद साइबर सेल ने जांच शुरू करा दी है। इस मामले को लेकर छात्र संगठन NSUI ने भी विरोध जताया था। संगठन ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) का घेराव कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
सोशल मीडिया पर वायरल 12वीं का हिंदी पेपर।
छत्तीसगढ़ माशिमं का आदेश

ट्रांसफर पर हाईकोर्ट सख्त: पहले नहीं जताई आपत्ति तो अब चुनौती स्वीकार नहीं, याचिका खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में ट्रांसफर आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब कर्मचारी ने पहले ट्रांसफर पर कोई आपत्ति नहीं जताई, तो बाद में उसी आधार पर नए ट्रांसफर को चुनौती नहीं दी जा सकती.
क्या था मामला ?
याचिकाकर्ता अशोक कुमार सिंह नगर निगम चिरमिरी में सब-इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. वर्ष 2017 में उन्हें नगर निगम चिरमिरी से नगर पंचायत लखनपुर (जिला सरगुजा) में पदस्थ किया गया था. इसके बाद 21 फरवरी 2022 को राज्य सरकार ने उनका ट्रांसफर लखनपुर से नगर पंचायत कसडोल (जिला बलौदाबाजार-भाटापारा) कर दिया. इस आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
याचिकाकर्ता और राज्य ने रखा अपना पक्ष
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि, यह ट्रांसफर एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है. उनका बार-बार ट्रांसफर किया जा रहा है. कोर्ट ने 25 फरवरी 2022 को अंतरिम राहत (स्टे) दी थी, जिसके कारण वे लखनपुर में ही कार्यरत रहे. जबकि, राज्य की ओर से कहा गया कि, जब 2017 में चिरमिरी से लखनपुर ट्रांसफर हुआ था, तब याचिकाकर्ता ने कोई आपत्ति नहीं की. अब नए ट्रांसफर को उसी आधार पर चुनौती देना उचित नहीं है. इसलिए याचिका खारिज की जानी चाहिए.
कोर्ट ने कही ये बात
न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि, याचिकाकर्ता ने प्रारंभिक ट्रांसफर (2017) पर कोई आपत्ति नहीं की.लगभग 3 वर्षों तक स्टे का लाभ उठाया. ऐसे में बाद के ट्रांसफर को चुनौती देना स्वीकार नहीं किया जा सकता. इसके बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया. साथ ही 25 फरवरी 2022 का अंतरिम आदेश (स्टे) समाप्त (वैकेंट) कर दिया गया.
मनेंद्रगढ़ नगर पालिका में ACB की बड़ी कार्रवाई: अकाउंटेंट रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
मनेंद्रगढ़। रिश्वतखोरी के मामले में एसीबी ने आज बड़ी कार्रवाई की है। नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने दबिश देकर अकाउंटेंट को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वहीं सीएमओ को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, एक ठेकेदार से उसके काम का बिल पास कराने के एवज में सीएमओ ने 53,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसमें से ₹20,000 की पहली किश्त पहले ही नगद दी जा चुकी थी। शेष ₹33,000 की राशि देने के लिए आज दोपहर ठेकेदार CMO के घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि CMO इसहाक खान के निर्देश पर ठेकेदार ने यह रकम नगर पालिका के अकाउंटेंट सुशील भगत को दी। जैसे ही अकाउंटेंट ने नगद राशि ली, पहले से जाल बिछाकर बैठी ACB टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए अकाउंटेंट सुशील भगत और CMO इसहाक खान दोनों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जंगल सफारी में बस संचालन निजी हाथों में देने के प्रस्ताव का विरोध, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में बस संचालन कार्य को निजी एजेंसियों को सौंपने के प्रस्ताव को लेकर छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से भेंट कर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यदि बस संचालन का कार्य टेंडर के माध्यम से निजी एजेंसियों को दिया जाता है, तो पिछले 10-15 वर्षों से कार्यरत वाहन चालकों एवं गाइडों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही वे भविष्य में नियमितीकरण एवं अन्य शासकीय लाभों से भी वंचित हो जाएंगे।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विषय को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में श्रमिकों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों की आजीविका पर संकट उत्पन्न करना न्यायसंगत नहीं है।
सांसद श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि यदि बसों की मेंटेनेंस में समस्या है, तो उसका समाधान विभागीय स्तर पर प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। पुरानी बसों की मरम्मत कर उन्हें पुनः संचालन में लाना एक व्यावहारिक विकल्प है, जिससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होगा और कर्मचारियों का रोजगार भी सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले को राज्य शासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
सांसद श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार हमेशा से श्रमिकों, कर्मचारियों और आम जनमानस के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रही है, और किसी भी निर्णय में मानवीय पक्ष को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी अपील की कि वे इस विषय में संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसा समाधान निकालें, जिससे न तो व्यवस्था प्रभावित हो और न ही कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचे।
सूरजपुर में वन विभाग की लापरवाही: इलाज के अभाव में लकड़बग्घे की मौत, कार्रवाई की मांग तेज
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरु घासीदास नेशनल पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते एक लकड़बग्घे की इलाज के अभाव में मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी का है, जहां बीमार और घायल अवस्था में लकड़बग्घा जंगल में भटकता हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि जंगल में लगी आग के कारण वह अपने प्राकृतिक आवास से बाहर भटक रहा था और बीमार होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
स्थानीय स्तर पर मौजूद वन अमले ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि वन्यजीव चिकित्सक छुट्टी पर था, लेकिन इसके बावजूद पार्क प्रबंधन द्वारा किसी वैकल्पिक डॉक्टर या इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लकड़बग्घा तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक महीने पहले इसी नेशनल पार्क में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया था, जिसकी समय पर रेस्क्यू और इलाज नहीं होने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। लगातार वन्यजीवों की मौत के मामलों के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज और बचाव कार्य किया जाता तो इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी। मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।