रायपुर। छत्तीसगढ़ खेल विभाग ने राज्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणा की है। इस वर्ष करीब 80 खिलाड़ियों को खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। खिलाड़ियों की यह सूची 31 अगस्त को आयोजित विभागीय बैठक में तय कर दी गई है।खेल अलंकरण राज्य के उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह सम्मान न केवल खिलाड़ियों के परिश्रम की सराहना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को खेलों के प्रति प्रेरित करने का भी माध्यम है।
खिलाड़ियों की सूची हुई तय
खेल विभाग की बैठक में विभिन्न खेल संघों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार करते हुए खिलाड़ियों का चयन किया गया। इनमें अलग-अलग खेल विधाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।खेल विभाग जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें चयनित खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार भी दिए जाने की संभावना है।
खेल विभाग की पहल
खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह सम्मान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने का प्रयास है। इसके जरिए प्रदेश में खेलों की संस्कृति को और अधिक मजबूती देने का लक्ष्य रखा गया है।सूची जारी होने के बाद खिलाड़ियों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है। सम्मानित होने वाले खिलाड़ी मानते हैं कि यह पहल उनके लिए गर्व का क्षण है और यह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगी।
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को राजधानी रायपुर में आतंकी फंडिंग से संबंधित एक अहम मामले में कार्रवाई की। एजेंसी ने राजू खान नामक आरोपी की 6.34 लाख रुपये की अचल संपत्ति को जब्त किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की गई है।
यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) और इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़ा हुआ है। ED की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन संगठनों की गतिविधियों को भारत में आर्थिक मदद पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी।
FIR और शुरुआती जांच
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में दर्ज एक FIR से हुई थी। स्थानीय पुलिस ने संदेह के आधार पर मामला दर्ज किया था, जिसके बाद जांच राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों तक पहुंची। FIR में बताया गया था कि पाकिस्तान निवासी खालिद नामक शख्स के इशारे पर भारत में कई बैंक खातों का संचालन किया जा रहा था। इन खातों के माध्यम से धनराशि का लेन-देन कर आतंकी संगठनों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
आतंकी फंडिंग का खुलासा
जांच एजेंसियों ने पाया कि राजू खान ने भारत में कुछ बैंक खातों का उपयोग हवाला नेटवर्क और अन्य गैरकानूनी चैनलों के जरिए धन स्थानांतरण के लिए किया। प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल SIMI और इंडियन मुजाहिदीन जैसे संगठनों की गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा रहा था। यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार बैठे खालिद और उसके सहयोगियों से जुड़े हुए हैं।
ED की भूमिका और आगे की कार्रवाई
ED ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और आरोपों के प्रमाण मिलने के बाद राजू खान की अचल संपत्ति को अटैच कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति की कीमत करीब 6.34 लाख रुपये आंकी गई है।
एजेंसी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई शुरुआती स्तर पर की गई है और आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं। ED अब उन लोगों की तलाश कर रही है, जिनके जरिए भारत में आतंकी फंडिंग नेटवर्क को चलाया जा रहा था।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को जान से मारने की धमकी देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
आरोप है कि रविंद्र यादव नामक व्यक्ति ने मंत्री और उनके पति को न केवल अशोभनीय गालियां दीं, बल्कि उन्हें किसी घोटाले में फंसाने की भी धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को भी अपशब्द कहे।घटना की शिकायत भाजपा कार्यकर्ताओं ने भटगांव थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रविंद्र यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का बयान
इस घटना पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जब मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?” भगत ने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में अपराधियों के मन से शासन-प्रशासन का भय समाप्त हो गया है। उन्होंने इसे राज्य की कानून व्यवस्था की नाकामी करार दिया और कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मंत्री और कार्यकर्ताओं को अपमानित करने की इस हरकत से साफ है कि आरोपी कानून और प्रशासन को चुनौती दे रहा था। भाजपा नेताओं ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन साथ ही मांग की कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की जुर्रत न करे।
पुलिस की कार्रवाई
भटगांव पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अगर आरोपी के खिलाफ और भी सबूत सामने आते हैं, तो IPC की अतिरिक्त धाराएं लगाई जा सकती हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि मंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।यह मामला अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। विपक्ष लगातार राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ दल का कहना है कि सरकार किसी भी तरह के अपराध और धमकी देने वाले तत्वों को बख्शेगी नहीं।
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रदेश सरकार के प्रत्यक्ष सहयोग से दोगुना लाभ मिल रहा है। डबल सब्सिडी और हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प अब साकार होने लगा है। इस योजना से न केवल बिजली का खर्च कम होगा, बल्कि आम नागरिकों के लिए अतिरिक्त आय का साधन भी उपलब्ध होगा।
आवासीय मकानों की छतों पर सौर पैनल स्थापित कर स्वच्छ, किफायती और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराना इस योजना का उद्देश्य है। वर्ष 2024 में घोषणा के बाद यह योजना देशभर में लागू की गई और अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसमें अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही थी। राज्य सरकार की भागीदारी से यह राहत और बढ़ गई है। उदाहरणस्वरूप, 3 किलोवाट क्षमता के सौर पैनल की कुल लागत लगभग 1.50 लाख रुपये होती है। डबल सब्सिडी के पश्चात उपभोक्ताओं को अब केवल 30 से 40 हजार रुपये का व्यय करना होगा।
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बैंकों से 6.5 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मासिक ईएमआई इतनी किफायती होगी कि यह मौजूदा बिजली बिल से भी कम साबित होगी। कुछ वर्षों पश्चात उपभोक्ता को जीवनभर मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। घर में आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली राज्य की वितरण कंपनियों को ग्रिड के माध्यम से बेची जा सकेगी। यह व्यवस्था विशेषकर ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त आय एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता का साधन बन रही है।
यह योजना केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी है। प्रत्येक घर “ग्रीन एनर्जी हब” के रूप में विकसित हो रहा है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से निर्बाध एवं स्वच्छ बिजली उपलब्ध होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, इंस्टॉलेशन एवं रखरखाव कार्यों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश सरकार का नारा है -हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की ओर छत्तीसगढ़। इसका आशय यह है कि पहले जितनी राशि बिजली बिल के रूप में चुकानी पड़ती थी, अब उसी राशि से सौर पैनल स्थापित कर जीवनभर मुफ्त बिजली प्राप्त की जा सकती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए नागरिक https://pmsuryaghar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निरीक्षण एवं इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी की कमी, डिजिटल आवेदन की जटिलता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु पंचायत स्तर पर सहायता केंद्र एवं फील्ड सपोर्ट टीम गठित करने की तैयारी की जा रही है।
डबल सब्सिडी, किफायती ऋण, अतिरिक्त आय और पर्यावरण संरक्षण जैसे बहुआयामी लाभों के साथ यह योजना छत्तीसगढ़ को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता और जनभागीदारी से ही हर घर सौर -हर घर रोशन का सपना पूर्ण रूप से साकार हो सकेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कर्मियों से काम पर लौटने की अपील की है और उनकी मांगों के समाधान के लिए छह सदस्यीय समिति गठित करने का आश्वासन दिया है।
हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर में NHM कर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को इलाज और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।NHM कर्मी नियमितिकरण, वेतनवृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार जैसी प्रमुख मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री की अपील
इस बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार NHM कर्मियों की मांगों पर गंभीर है। उन्होंने कहा “NHM कर्मियों से मेरा अनुरोध है कि वे काम पर लौट आएं। उनकी मांगों पर विचार करने के लिए छह सदस्यीय टीम बनाई जाएगी। यह टीम दूसरे राज्यों से भी जानकारी लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।”
छह सदस्यीय टीम का गठन
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि टीम में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और वित्त विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।रिपोर्ट तैयार होने के बाद सरकार मांगों पर अभिमत के आधार पर निर्णय लेगी। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि समिति की अनुशंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और कर्मियों के हित में सकारात्मक फैसला किया जाएगा।
मरीजों की बढ़ रही परेशानी
हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काम ठप है, वहीं शहरी अस्पतालों में मरीजों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन इलाज करने वाले स्टाफ की कमी महसूस हो रही है। खासकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित एम्स रायपुर में भर्ती सुरजपुर जिले के विशंभर यादव से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों से विशंभर यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने एम्स रायपुर में नीलू गुप्ता का भी हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री श्री साय को नीलू गुप्ता ने बताया कि वे और विशंभर यादव एक साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशंभर यादव और नीलू गुप्ता को इलाज के लिए 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने विशंभर यादव की धर्मपत्नी उषा यादव से भी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि इलाज के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित थे।
रायपुर। जिला पंचायत रायपुर की नवाचारी पहल के तहत बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दो दीदियां सुश्री हुलेश्वरी निषाद, ग्राम बनचरौदा, ब्लॉक आरंग एवं जागेश्वरी विश्वकर्मा ग्राम भरुआडीहकला, ब्लॉक तिल्दा आज ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के लिए रवाना हुईं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में पहल की गई है।
दोनों दीदियां हरियाणा राज्य के गुरुग्राम जिले स्थित ड्रोन डेस्टिनेशन प्राइवेट लिमिटेड, बहोरा कलां, तहसील पटौदी में आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में शामिल होंगी। इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों से कुल प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं – पंजाब से 1, गुजरात से 1, महाराष्ट्र से 3 एवं छत्तीसगढ़ से रायपुर जिले की 2 दीदियां शामिल है।
इस कार्यक्रम में इफको (IFFCO) रायपुर का विशेष सहयोग रहा है। प्रशिक्षण उपरांत संस्थान द्वारा प्रत्येक प्रतिभागी को ड्रोन एवं परिवहन हेतु ई-ऑटो उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशिक्षण पूर्ण कर लौटने के बाद दीदियां जिले के विभिन्न गांवों में किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से तरल उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव करेंगी। इस सेवा से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 300 रुपए की आमदनी होगी। यह पहल न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि कृषि के आधुनिकीकरण और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
जिला पंचायत के सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि “बिहान की दीदियों को ड्रोन संचालन जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ना, उन्हें उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का प्रयास है। यह पहल प्रधानमंत्री की ‘लखपति दीदी’ योजना को साकार बनाने की दिशा में कारगर साबित होगी।”
दीदी हुलेश्वरी ने रवाना होने से पूर्व कहा, “हमारे लिए यह बहुत बड़ा अवसर है। पहले तक ड्रोन केवल टीवी और वीडियो में देखा था, अब हम खुद इसे संचालित करना सीखेंगे और किसानों की मदद करेंगे।”
वहीं दीदी जागेश्वरी ने कहा, “इस प्रशिक्षण के बाद हम आत्मनिर्भर बनेंगे और गांव की अन्य बहनों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन पाएं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF घोटाला केस में ED ने 4 करोड़ रुपए नकद और 10 किलो चांदी की ईंटें बरामद की हैं। इसके साथ ही कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। ED को इन दस्तावेजों में भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं।
रायपुर जोनल ऑफिस की ED टीम ने 3 और 4 सितंबर को राज्यभर में 28 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। ED की अलग-अलग टीमें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत रायपुर, दुर्ग, भिलाई और गरियाबंद में दबिश दी थी। ED के मुताबिक 2 दिनों तक चली जांच में ठेकेदारों, वेंडर्स और लाइजनरों के दफ्तरों और आवासों को खंगाला गया। ये सभी आरोपी छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) से जुड़े हुए हैं। ED के मुताबिक DMF घोटाले की परतें इन्हीं नेटवर्क के जरिए खुल रही हैं।
ED के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई FIR के आधार पर शुरू की है, जिसे छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज की थी। इन FIR में ठेकेदारों, वेंडर्स और सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगाए गए थे। खनन प्रभावित इलाकों के लिए बनी DMF राशि का दुरुपयोग किया गया। साथ ही इसे घोटाले में बदल दिया गया।
जांच में सामने आया कि बीज निगम के जरिए DMF की करोड़ों की राशि खर्च दिखाकर हेरफेर किया गया। वेंडर्स और ठेकेदारों को कृषि उपकरण, पल्वराइज़र, मिनी दाल मिल और बीज सप्लाई करने के नाम पर ठेके दिए गए। इन ठेकों पर 40 से 60% तक कमीशन वसूला गया, जिसे लाइजनरों के जरिए अफसरों और नेताओं तक पहुंचाया जाता था। ED के मुताबिक सिर्फ इसी प्रक्रिया में करीब 350 करोड़ रुपए की DMF राशि के दुरुपयोग का अंदेशा है।
कवर्धा। कवर्धा में प्रदेश के पांचवे क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ हुआ। MLA भावना बोहरा ने ख़ुशी जाहिर की और कहा, साथ ही प्रयोगशाला परिसर, वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं जांच उपकरणों का अवलोकन व निरीक्षण किया.
इस प्रयोगशाला से कबीरधाम व आसपास के जिलों में अपराधों की त्वरित जाँच संभव होगी, कानून व्यवस्था मजबूत होगी, जनता का न्याय पर विश्वास बढ़ेगा और न्यायिक प्रक्रिया और तेज व पारदर्शी बनेगी।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक एवं सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है। इसी कड़ी में आज कवर्धा जनपद कॉम्प्लेक्स में प्रदेश की पाँचवीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ हुआ, जो न्याय व्यवस्था को नई गति और मजबूती प्रदान करेगी। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर। राजधानी रायपुर की विशेष प्रवर्तन निदेशालय (ED) अदालत में शनिवार को बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी न्यायिक रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ा दी।
15 सितंबर को पेश हो सकता है चालान
कानूनी जानकारों के मुताबिक, ED अब चैतन्य बघेल के खिलाफ चालान दाखिल करने की तैयारी में है। संभावना जताई जा रही है कि 15 सितंबर को न्यायालय में उनके खिलाफ चालान पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि चालान दाखिल होने के बाद आरोप तय करने और मुकदमे की दिशा तय करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
शराब घोटाला मामला
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ में हुए कथित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि राज्य में शराब की बिक्री और वितरण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिसके चलते हजारों करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। ED का दावा है कि इस घोटाले में कई प्रभावशाली लोग शामिल रहे हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध कमाई को छिपाने का प्रयास किया गया।
राजनीतिक हलकों में हलचल
चैतन्य बघेल की पेशी और न्यायिक रिमांड बढ़ाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले भी आरोप लगाया था कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और विपक्ष को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि ED की जांच तथ्यों पर आधारित है और इस घोटाले में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष अदालत में सुनवाई
इस मामले की सुनवाई रायपुर की विशेष ED कोर्ट में की जा रही है। अदालत ने पिछली तारीख पर भी चैतन्य की रिमांड को बढ़ाया था। सुरक्षा कारणों से उन्हें सीधे अदालत में पेश नहीं किया गया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। अदालत ने सभी पक्षों को 15 सितंबर की अगली तारीख के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कोरबा। कोरबा में आज दोपहर तीन बच्चों की तालाब में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि तीनों मृतक पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मियों के बच्चे है। इस घटना की जानकारी मिलते ही कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी घटनास्थल पहुंचे। तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिया गया है। उधर इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस लाइन में मातम व्याप्त है।
जानकारी के मुताबिक ये घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस परिवार के बच्चे आज स्कूल की छुट्टी होने के कारण रिसदी स्थित तालाब में नहाने गये थे। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान तीन बच्चे एकाएक तालाब की गहराई में चले गये और डूबने लगे। देखते ही देखते तीनों बच्चे तालाब में डूब गये।
मरने वाले बच्चोें में 9 वर्षीय युवराज ठाकुर, 12 वर्षीय प्रिंस जगत और 13 वर्षीय आकाश लकड़ा शामिल है। उधर इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोताखोरो की मदद से बच्चों के शव बाहर निकाले गये। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिद्धार्थ तिवारी भी मौके पर पहुंचे। बच्चों के शव मिलने के बाद पीड़ित पुलिस कर्मियों के साथ ही पूरे पुलिस लाइन में मातम व्याप्त है। पुलिस ने इस घटना पर शव का पंचनामा कर मर्ग कायम कर लिया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक शांताराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विधायक अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायगढ़ में कला और संस्कृति के प्रति अलग ही प्रेम है। इस प्रेम को स्थायी बनाए रखने की दिशा में यहाँ कला और संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा विगत वर्ष की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है और महाविद्यालय हेतु स्थान का चयन भी हो चुका है। कुछ माह के पश्चात यह महाविद्यालय अस्तित्व में आ जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 20 माह में अनेक योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें जन-जन तक पहुँचाकर लोगों को लाभान्वित किया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो गारंटी दी थी, उसे हमारी सरकार ने अल्प समय में ही पूरा किया है और 2047 तक के लिए छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को महतारी वंदन योजना से लाभान्वित करते हुए हर माह उनके खाते में एक एक हजार रुपये की राशि डाली जा रही है। इससे राज्य की लगभग 70 लाख महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति लागू कर राज्य में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियों को रोजगार देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में संस्कृति और आस्था की पहचान राजिम कुंभ को भी भव्य रूप देने की बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय सहित अन्य अतिथियों ने चक्रधर समारोह के समापन समारोह में आज के प्रमुख आकर्षण, प्रख्यात गायक पद्मश्री कैलाश खेर की प्रस्तुतियों का आम दर्शकों के साथ आनंद लिया।
महाराजा चक्रधर सिंह पर विशेष आवरण का किया विमोचन
मुख्यमंत्री श्री साय और अन्य अतिथियों ने मंच से डाक विभाग द्वारा महाराजा चक्रधर सिंह पर जारी विशेष आवरण का विमोचन किया। उन्होंने सुग्घर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर आधारित रायगढ़ नगर पालिक निगम के शुभंकर अप्पू राजा को भी लॉन्च किया। मंच पर कथक प्रस्तुत करने वाली विख्यात कलाकार पद्मश्री डॉ. नलिनी, डॉ. कमलिनी अस्ताना एवं उनकी टीम को सम्मानित भी किया गया।
छत्तीसगढ़ की पहचान है कला और संस्कृति : उपमुख्यमंत्री अरुण साव
समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्रारंभ से ही कला और संस्कृति की रही है। महाराजा चक्रधर सिंह ने यहाँ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। उन्होंने मंच से अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
कला और संस्कृति की नगरी है रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी
चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर उपस्थित हजारों की भीड़ को कला-प्रेमियों की पहचान बताते हुए स्थानीय विधायक एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ कला और संस्कृति की नगरी है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक विरासतों को आगे बढ़ाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। हम सभी रायगढ़ के विकास को लेकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रायगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ और उससे होने वाली जॉब गारंटी का भी उल्लेख किया। साथ ही नालंदा परिसर की स्थापना के साथ आईआईटी, नीट, लॉ यूनिवर्सिटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश हेतु अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विकास में अनेक प्रोजेक्ट संचालित होने की जानकारी दी।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह समारोह महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को समर्पित है। उन्होंने संगीत की खोती हुई विरासत को सहेजने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कार्य किया और संगीत के गौरव को पुनर्स्थापित किया। उन्होंने सभी कलाकारों का आभार भी जताया।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, सीसीएफ प्रभात मिश्रा, कलेक्टर एवं एसपी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व पहल की है। जिले के 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निशुल्क नीट और जेईई की तैयारी कराने हेतु दो वर्षीय निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत की गई है। इसका शुभारंभ कल गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
कलेक्टर राजनांदगांव डॉ सर्वेश्वर भुरे ने बताया कि इसके तहत 684 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश के लिए नीट और जेईई की कोचिंग दी जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान फ़िजिक्स वाला एवं भिलाई एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ करार किया है। दो वर्षीय कोचिंग विशेष रूप से 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए की गयी है।कोचिंग पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे सामान्य परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। विद्यार्थियों को फ़िजिक्स वाला की अध्ययन सामग्री हार्ड कॉपी में उपलब्ध कराई जाएगी।कक्षाएँ प्रत्येक शनिवार और रविवार को चार घंटे की अवधि के लिए संचालित होंगी। प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय शिक्षकों की क्षमता वृद्धि पर भी जोर दिया जाएगा। जिले को 10 क्लस्टरों में विभाजित किया गया है ताकि प्रशिक्षण ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से संचालित हो सके।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर उपलब्ध कराना है। गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन से विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ देश के प्रतिष्ठित मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पा सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले में नीट और जेईई की निशुल्क कोचिंग शुरू होने पर प्रसन्नता जताई है और कहा है कि राजनांदगांव जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। यह प्रयास हमारे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ का हर मेधावी बच्चा अपनी क्षमता को पहचान सके और उसे आगे बढ़ने का उचित अवसर मिले। राजनांदगांव की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव प्रेरणा और विद्यार्थियों के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के प्रवास के दौरान खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम गढ़ उमरिया में नवगुरुकुल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को लैपटॉप वितरित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नवगुरुकुल में स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बालिकाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा और मूल्य आधारित संस्कार प्रदान करें ताकि उनका भविष्य सुनहरा बने।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम गणेशोत्सव, शिक्षक दिवस और चक्रधर समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है, इसलिए समाज में उनका सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्मरण कराया कि पिछले वर्ष चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर रायगढ़ में प्रयास विद्यालय का उद्घाटन किया गया था और आज नवगुरुकुल की स्थापना इस कड़ी को आगे बढ़ाती है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुश्री निधि और उनकी टीम की प्रशंसा की तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी बालिकाओं को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार लगातार युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से नवगुरुकुल संस्था द्वारा जशपुर जिले की 150 बालिकाओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की सराहना की और इस प्रयास को और व्यापक बनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था में प्रवेश पाने वाली 120 बालिकाएँ अपनी योग्यता और मेहनत का प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास, ऊर्जा, जज्बा, जुनून और कठिन परिश्रम की पराकाष्ठा आवश्यक है। निराशा के लिए जीवन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए क्योंकि निराशा के साथ कोई भी व्यक्ति प्रगति नहीं कर सकता। उप मुख्यमंत्री ने सभी बालिकाओं को निरंतर आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बनने के बाद से प्रदेश में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने नवगुरुकुल की स्थापना को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया और कहा कि यह संस्था विशेष रूप से बहनों के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बदलती तकनीक और समय की जरूरतों के अनुरूप छात्राओं को शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
नवगुरुकुल की सह-संस्थापक निधि ने गुरुकुल की शिक्षा प्रक्रिया और प्रशिक्षण पद्धति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य छात्राओं को न केवल तकनीकी शिक्षा देना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने योग्य बनाना है। शुभारंभ समारोह में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थीं। सभी ने नवगुरुकुल की स्थापना को इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसे बालिकाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर करार दिया।
रायपुर। जशपुर में हुए हादसे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पीसीसी चीफ ने हादसे का शिकार हुए पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। आपको बता दें कि 3 सितंबर को जशपुर जिले के बगीचा में गणेश विसर्जन के दौरान भीषण हादसा हुआ था। इस घटना में हादसे में 4 लोगों की मौत और 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे।
दीपक बैज ने अपने पत्र में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए हादसे का भी जिक्र किया है। दीपक बैज ने कहा है कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तो जशपुर जिले के पत्थलगांव में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। जिसके बाद तत्कालीन सरकार ने हादसे में मृतकों के परिजनों को दिया गया था 50-50 लाख रुपए मुआवजा दिया था।
क्या हुआ था हादसा
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गणेश विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ था। यहां ग्रामीण गणेश विसर्जन के लिए जा रहे थे। तभी अचानक एक तेज रफ्तार बोलेरो भीड़ को कुचलती हुई निकल गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है, तो वहीं 20 से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हो गये थे। सभी घायलों को बगीचा अस्पताल ले जाया गया. हालांकि गंभीर रूप से घायलों को अम्बिकापुर रेफर किया गया था।